RASA2Z | EO/RO Part-B · Ch 2 Quiz
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⭐ Interactive Quiz · Bilingual

EO/RO Part-B

अध्याय 2 MCQ

नगरपालिकाओं का गठन, संरचना एवं प्रशासनिक अधिकारी

📚 Chapter 2 📝 30 MCQs 🎯 RPSC Pattern ⚖️ +1.33 / -0.44
RASA2Z · 2026 · EO/RO Edition
📌 निर्देश: यह अध्याय 2 (नगरपालिकाओं का गठन, संरचना एवं प्रशासनिक अधिकारी) का MCQ Quiz है। धारा 5, 9, 12-13, 24, 26, 38, 42, 43, 45-47, 49 सहित पूरे अध्याय को कवर किया गया है। सही उत्तर पर +1.33, गलत पर -0.44 (RPSC EO/RO पैटर्न)। उत्तर देने के बाद ही सही/गलत दिखेगा।
📊 प्रगति 📊 Progress 0 / 30
Q1 Section 5
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 5 के अनुसार, संक्रमण क्षेत्र (Transitional Area) में किस प्रकार की नगरपालिका स्थापित की जाती है?
A. Municipal Board (नगर पालिका)
B. Municipal Council (नगर परिषद)
C. Municipal Corporation (नगर निगम)
D. इनमें से कोई नहीं

✅ सही उत्तर: (A) Municipal Board (नगर पालिका)

📖 व्याख्या

देखिए, अधिनियम में तीन प्रकार की नगरपालिकाओं का प्रावधान है। यह वर्गीकरण जनसंख्या और शहरीकरण के स्तर पर आधारित है। संक्रमण क्षेत्र — यानी जो क्षेत्र पूरी तरह शहरी नहीं है और न ही पूरी तरह ग्रामीण है — वहाँ Municipal Board स्थापित होती है। धारा 5(1) यही कहती है। छोटे शहरी क्षेत्र में Municipal Council और बड़े शहरी क्षेत्र में Municipal Corporation।

👨‍🏫 Teacher's Tip: "Board-Council-Corporation" — यह क्रम याद रखें। संक्रमण→Board, छोटा→Council, बड़ा→Corporation। परीक्षा में अक्सर इसी क्रम से प्रश्न बनते हैं।
⚠️ RPSC Trap: कई विद्यार्थी 'संक्रमण क्षेत्र' को 'छोटा शहरी क्षेत्र' समझ लेते हैं और Municipal Council मार्क कर देते हैं — यहाँ सावधानी चाहिए।
🔗 स्रोत: Section 5(1), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q2 Section 5
नगरपालिका के निगमन (Incorporation) का क्या अर्थ है?
A. केवल नामकरण
B. केवल वार्डों का गठन
C. केवल चुनाव कराना
D. Body Corporate बनना, स्थायी उत्तराधिकार एवं सामान्य मुहर

✅ सही उत्तर: (D) Body Corporate बनना, स्थायी उत्तराधिकार एवं सामान्य मुहर

📖 व्याख्या

मित्र, 'निगमन' का मतलब है कि नगरपालिका अब एक Body Corporate यानी एक कानूनी व्यक्ति बन जाती है। इसका मतलब है कि उसका अपना अलग कानूनी अस्तित्व होता है। स्थायी उत्तराधिकार (Perpetual Succession) — चाहे सदस्य बदलें, नगरपालिका रहेगी। सामान्य मुहर (Common Seal) — उसकी अपनी मुहर होती है जो उसके दस्तावेजों पर लगती है। और वह अपने नाम से वाद ला सकती है और उस पर वाद किया जा सकता है — यानी वह कोर्ट में केस कर सकती है और उस पर केस हो सकता है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: "Sue and be sued" — यही Body Corporate का सबसे बड़ा लक्षण है। याद रखिए — एक बार निगमित होने के बाद नगरपालिका एक 'व्यक्ति' बन जाती है (कानून की नज़र में)।
🔗 स्रोत: Section 5, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q3 Section 5
नगरपालिका के निगमन के लिए अनिवार्य शर्त क्या है?
A. जनसंख्या 50,000 से अधिक हो
B. राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना (Notification) जारी होना
C. न्यायालय का आदेश होना
D. सभी नागरिकों की सहमति

✅ सही उत्तर: (B) राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना (Notification) जारी होना

📖 व्याख्या

यह बहुत महत्वपूर्ण बात है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि धारा 5 के तहत अधिसूचना sine qua non है — यानी 'जिसके बिना कुछ नहीं'। अर्थात बिना अधिसूचना के नगरपालिका का कोई कानूनी अस्तित्व नहीं होता। राज्य सरकार राजपत्र (Gazette) में अधिसूचना जारी करती है और उसी दिन से नगरपालिका अस्तित्व में आती है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: 'Notification' शब्द को कभी मत भूलना। यह UPSC/RPSC का पसंदीदा शब्द है। बिना Gazette Notification के कोई नगरपालिका वैध नहीं।
🔗 स्रोत: Section 5, Rajasthan Municipalities Act, 2009; Sahlot Brothers vs. State of Rajasthan
Q4 Section 9
धारा 9 के अनुसार, नगरपालिका क्षेत्र को वार्डों (Wards) में विभाजित करने का उद्देश्य क्या है?
A. नगरपालिका के सदस्यों के चुनाव के लिए
B. कर वसूली के लिए
C. स्वच्छता व्यवस्था के लिए
D. जनसंख्या गणना के लिए

✅ सही उत्तर: (A) नगरपालिका के सदस्यों के चुनाव के लिए

📖 व्याख्या

धारा 9(1) बहुत स्पष्ट है — "For the purpose of election of members of a Municipality, the municipal area shall be divided into territorial constituencies to be known as wards." यानी वार्ड का गठन एक ही उद्देश्य से होता है — चुनाव। हर वार्ड से एक सदस्य (Councillor/Corporator) चुना जाता है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: वार्ड = निर्वाचन क्षेत्र (constituency)। जैसे लोकसभा में constituency, वैसे ही नगरपालिका में ward।
⚠️ RPSC Trap: कुछ विद्यार्थी सोचते हैं कि वार्ड प्रशासनिक सुविधा के लिए हैं — लेकिन law साफ़ कहता है कि वार्ड चुनाव के लिए हैं।
🔗 स्रोत: Section 9(1), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q5 Section 9
धारा 9(2) के अनुसार, वार्डों की संख्या और सीमा कौन निर्धारित करता है?
A. जिला कलेक्टर
B. राज्य सरकार (State Government)
C. राज्य निर्वाचन आयोग
D. नगरपालिका स्वयं

✅ सही उत्तर: (B) राज्य सरकार (State Government)

📖 व्याख्या

धारा 9(2) स्पष्ट करती है कि राज्य सरकारराज्य निर्वाचन आयोग से परामर्श करके — वार्डों की संख्या और सीमा निर्धारित करती है। यह परिसीमन (Delimitation) अधिसूचना के माध्यम से किया जाता है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: "State Government + State Election Commission" — यह combo याद रखें। State Government तो करती है, लेकिन State Election Commission से consultation ज़रूरी है।
⚠️ RPSC Trap: कई विद्यार्थी 'State Election Commission' को उत्तर दे देते हैं — लेकिन सही उत्तर 'State Government' है क्योंकि वह अधिसूचना जारी करता है।
🔗 स्रोत: Section 9(2), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q6 Section 12
धारा 12 के अनुसार, नगरपालिका के सदस्य किस आधार पर निर्वाचित होते हैं?
A. प्रत्यक्ष निर्वाचन (Direct Election) by ward
B. अप्रत्यक्ष निर्वाचन (Indirect Election)
C. राज्य सरकार द्वारा मनोनयन
D. इनमें से कोई नहीं

✅ सही उत्तर: (A) प्रत्यक्ष निर्वाचन (Direct Election) by ward

📖 व्याख्या

धारा 12(1)(a) के अनुसार — "members elected by direct election from the wards" — अर्थात वार्डों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा। यह 74वें संविधान संशोधन की मूल भावना है — लोकतंत्र को नीचे से मज़बूत करना।

👨‍🏫 Teacher's Tip: "Direct election by ward" — यही मुख्य स्रोत है नगरपालिका के लोकतांत्रिक चरित्र का। बाकी सदस्य (MP/MLA/Nominated) तो कम संख्या में होते हैं।
🔗 स्रोत: Section 12(1)(a), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q7 Section 12
धारा 12 के अनुसार, राज्य सरकार अधिकतम कितने सदस्यों को नगरपालिका में मनोनीत (Nominate) कर सकती है?
A. 5
B. 10
C. निर्वाचित सदस्यों की संख्या का 5%
D. 10% या 3 (जो भी कम हो)

✅ सही उत्तर: (D) 10% या 3 (जो भी कम हो)

📖 व्याख्या

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रावधान है — "such number of persons, not exceeding three or ten percent of the total number of elected members, whichever is less, as the State Government may nominate". यानी अगर निर्वाचित सदस्य 30 हैं तो 10% = 3, और 3 भी 3 है — तो 3 मनोनीत। अगर निर्वाचित सदस्य 50 हैं तो 10% = 5, लेकिन अधिकतम 3 — तो 3 ही मनोनीत होंगे।

👨‍🏫 Teacher's Tip: 'Whichever is less' — यह दो शब्द इस प्रावधान की जान हैं। अधिकतम 3 से अधिक मनोनीत सदस्य नहीं हो सकते, चाहे निर्वाचित सदस्य 100 ही क्यों न हों।
⚠️ RPSC Trap: बहुत से विद्यार्थी '10%' याद रखते हैं और '3' का अपवाद भूल जाते हैं। RPSC इसी 'whichever is less' पर प्रश्न बनाता है।
🔗 स्रोत: Section 12(1)(d), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q8 Section 12
धारा 12 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन नगरपालिका के पदेन (Ex-officio) सदस्य होते हैं?
A. लोकसभा सदस्य (MP)
B. विधानसभा सदस्य (MLA)
C. राज्यसभा सदस्य (Rajya Sabha MPs) जो नगरपालिका क्षेत्र में मतदाता हैं
D. उपरोक्त सभी

✅ सही उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

📖 व्याख्या

धारा 12(1)(b) और (c) के अनुसार — लोकसभा सदस्य (जिनका क्षेत्र नगरपालिका का हिस्सा है), विधानसभा सदस्य (जिनका क्षेत्र नगरपालिका का हिस्सा है), और राज्यसभा सदस्य (जो नगरपालिका क्षेत्र में मतदाता हैं) — ये सभी पदेन (Ex-officio) सदस्य होते हैं।

👨‍🏫 Teacher's Tip: 'Ex-officio' का मतलब है 'पद के आधार पर' — यानी उन्हें सदस्यता इसलिए मिलती है क्योंकि वे MP/MLA हैं, किसी और चुनाव की ज़रूरत नहीं।
🔗 स्रोत: Section 12(1)(b), (c), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q9 Section 13
धारा 13 के अनुसार, किसी व्यक्ति का नाम कितने वार्डों की निर्वाचक नामावली में शामिल किया जा सकता है?
A. केवल एक (Only one)
B. दो (Two)
C. तीन (Three)
D. जितने चाहें (As many as wanted)

✅ सही उत्तर: (A) केवल एक (Only one)

📖 व्याख्या

धारा 13 स्पष्ट कहती है कि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक वार्ड की निर्वाचक नामावली में शामिल नहीं किया जा सकता। यानी एक व्यक्ति = एक वार्ड में मतदान। यह सिद्धांत 'One Person One Vote' का ही विस्तार है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: याद रखिए — एक व्यक्ति, एक वार्ड, एक वोट। यह बहुत सरल है, लेकिन RPSC इसे 'एक से अधिक वार्ड' के रूप में पूछ सकता है।
🔗 स्रोत: Section 13, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q10 Section 24
धारा 24 के अनुसार, किस अपराध में विचाराधीन (Under Trial) व्यक्ति नगरपालिका का सदस्य बनने के लिए अयोग्य होता है?
A. 1 वर्ष या अधिक की सजा वाला अपराध
B. 3 वर्ष या अधिक की सजा वाला अपराध
C. 5 वर्ष या अधिक की सजा वाला अपराध
D. 7 वर्ष या अधिक की सजा वाला अपराध

✅ सही उत्तर: (C) 5 वर्ष या अधिक की सजा वाला अपराध

📖 व्याख्या

यह बहुत महत्वपूर्ण प्रावधान है। धारा 24 कहती है — "if he is under trial in the competent court which has taken cognizance of the offence and framed the charges against him of any offence punishable with imprisonment for five years or more." यानी 5 वर्ष या अधिक की सजा वाले अपराध में चार्ज फ्रेम होने के बाद व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता।

👨‍🏫 Teacher's Tip: यहाँ तीन बातें ध्यान दें — (1) विचाराधीन (Under Trial) — सिर्फ दोषसिद्धि नहीं, (2) 5 वर्ष या अधिक की सजा, (3) चार्ज फ्रेम होना चाहिए।
⚠️ RPSC Trap: कई विद्यार्थी 3 वर्ष या 7 वर्ष mark कर लेते हैं — लेकिन Section 24 में 5 वर्ष है।
🔗 स्रोत: Section 24, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q11 2026 Amendment
2026 के Rajasthan Municipalities (Amendment) Act के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1. यह विधेयक 10 मार्च 2026 को राजस्थान विधानसभा में पारित हुआ।
2. इस संशोधन ने दो-बच्चे की पात्रता मानदंड को हटा दिया।
3. इस संशोधन ने ठीक हुए कुष्ठ रोगियों पर लगी चुनाव लड़ने की रोक को हटा दिया।
4. इस संशोधन को राज्यपाल की स्वीकृति मिल चुकी है।

कितने कथन सत्य हैं?
A. केवल एक
B. केवल दो
C. केवल तीन
D. चारों

✅ सही उत्तर: (C) केवल तीन

📖 व्याख्या

बच्चों, यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। पहले तीन कथन सत्य हैं — (1) विधेयक 10 मार्च 2026 को voice vote से विधानसभा में पारित हुआ, (2) Section 24 का two-child norm हटा दिया गया, (3) Section 18(2) की leprosy disqualification हटा दी गई। लेकिन चौथा कथन असत्य है — राज्यपाल की स्वीकृति अभी पुष्ट नहीं है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: याद रखें — विधेयक पारित ≠ अधिनियम। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद ही यह अधिनियम बनता है। RPSC इसी अंतर पर प्रश्न बनाता है।
⚠️ RPSC Trap: बहुत से विद्यार्थी चौथा कथन भी सही मान लेते हैं। लेकिन तब तक गलत जब तक राज्यपाल की स्वीकृति की पुष्टि न हो जाए।
🔗 स्रोत: The Statesman, 10 March 2026; UNI, 10 March 2026
Q12 Section 26
धारा 26 के अनुसार, नगरपालिका चुनाव में मतदान किस माध्यम से होता है?
A. केवल ईवीएम (EVM)
B. केवल बैलेट पेपर (Ballot Paper)
C. बैलेट द्वारा, लेकिन EVM का भी विकल्प
D. ऑनलाइन मतदान

✅ सही उत्तर: (C) बैलेट द्वारा, लेकिन EVM का भी विकल्प

📖 व्याख्या

धारा 26(1) कहती है — "votes shall be given by ballot" यानी बैलेट मुख्य माध्यम है। लेकिन धारा 26(3) कहती है — "voting machines may be adopted in such ward or wards of any Municipality as the State Election Commission may specify." यानी EVM का उपयोग राज्य निर्वाचन आयोग निर्दिष्ट कर सकता है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: दोनों का प्रावधान है — बैलेट भी और EVM भी। EVM का निर्णय State Election Commission लेता है।
🔗 स्रोत: Section 26(1), (3), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q13 Section 26
धारा 26 के अनुसार, नगरपालिका चुनाव में प्रॉक्सी (Proxy) द्वारा मतदान की अनुमति है?
A. नहीं, प्रॉक्सी द्वारा मत नहीं दिया जा सकता
B. हाँ, प्रॉक्सी की अनुमति है
C. केवल विकलांग व्यक्तियों के लिए
D. केवल अनुपस्थित मतदाताओं के लिए

✅ सही उत्तर: (A) नहीं, प्रॉक्सी द्वारा मत नहीं दिया जा सकता

📖 व्याख्या

धारा 26(1) बहुत स्पष्ट है — "and no votes shall be received by proxy." यानी प्रॉक्सी द्वारा मतदान बिल्कुल निषिद्ध है। हर मतदाता को स्वयं उपस्थित होकर मतदान करना होगा।

👨‍🏫 Teacher's Tip: 'No proxy' — यह सिद्धांत नगरपालिका चुनावों में पूरी तरह लागू है। संसदीय चुनावों में भी ऐसा ही है।
🔗 स्रोत: Section 26(1), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q14 Section 26
धारा 26(2) के अनुसार, प्रत्येक मतदाता को कितने मत देने का अधिकार है?
A. जितने चाहें उतने मत
B. केवल एक मत (Only one vote)
C. दो मत (Two votes)
D. तीन मत (Three votes)

✅ सही उत्तर: (B) केवल एक मत (Only one vote)

📖 व्याख्या

धारा 26(2) — "Every elector shall have one vote." यानी प्रत्येक मतदाता को केवल एक मत। यदि कोई एक से अधिक उम्मीदवारों को मत देता है तो उसके सभी मत अमान्य (void) कर दिए जाएंगे।

👨‍🏫 Teacher's Tip: 'One Person, One Vote' — यह लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है। एक से अधिक मत देने पर सभी मत void — यह बहुत महत्वपूर्ण है।
🔗 स्रोत: Section 26(2), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q15 Section 38
धारा 38 के अनुसार, नगरपालिका सदस्य का त्यागपत्र (Resignation) कब प्रभावी होता है?
A. त्यागपत्र देने के तुरंत बाद
B. Chairperson द्वारा स्वीकृति के 15 दिन बाद
C. 15 दिन या स्वीकृति में से जो भी पहले हो
D. स्वीकृति के तुरंत बाद

✅ सही उत्तर: (C) 15 दिन या स्वीकृति में से जो भी पहले हो

📖 व्याख्या

धारा 38 — "such resignation shall take effect after the expiry of fifteen days from the date of the notice or from the date of the acceptance of the resignation by the Chairperson, whichever is earlier." यानी अगर Chairperson जल्दी स्वीकार कर लेते हैं तो वही तारीख प्रभावी होगी, अन्यथा 15 दिन बाद।

👨‍🏫 Teacher's Tip: 'Whichever is earlier' — यहाँ ध्यान दें। अगर Chairperson पहले दिन ही स्वीकार कर लें तो वही प्रभावी, नहीं तो 15 दिन बाद।
⚠️ RPSC Trap: कई विद्यार्थी 15 दिन याद रखते हैं, 'whichever is earlier' भूल जाते हैं।
🔗 स्रोत: Section 38, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q16 Section 38
धारा 38 के अनुसार, त्यागपत्र (Resignation) को किसके द्वारा सत्यापित (Attested) कराना आवश्यक है?
A. कार्यपालक मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate)
B. जिला कलेक्टर (District Collector)
C. न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate)
D. पुलिस अधीक्षक (SP)

✅ सही उत्तर: (A) कार्यपालक मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate)

📖 व्याख्या

धारा 38 — "duly attested by an Executive Magistrate"। यानी त्यागपत्र की सत्यता के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट का सत्यापन आवश्यक है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: Executive Magistrate — यह राजस्व/प्रशासनिक अधिकारी होता है, न्यायिक नहीं। इसे याद रखें।
🔗 स्रोत: Section 38, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q17 Section 42
धारा 42 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पहले से ही विधायक/सांसद है और नगरपालिका का सदस्य चुना जाता है, तो उसे कितने दिनों के भीतर अपने पिछले पद से इस्तीफा देना होगा?
A. 7 दिन
B. 14 दिन
C. 21 दिन
D. 30 दिन

✅ सही उत्तर: (B) 14 दिन

📖 व्याख्या

धारा 42 — "if any person who is already a Member of Parliament or State Legislature... is elected as member of a Municipality, he shall... resign his seat in Parliament or State Legislature within fourteen days."

👨‍🏫 Teacher's Tip: 14 दिन — यह समय सीमा याद रखें। 14 दिन के भीतर इस्तीफा नहीं दिया तो नगरपालिका की सदस्यता अपने आप समाप्त हो जाती है।
🔗 स्रोत: Section 42, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q18 Section 43
धारा 43 के अनुसार, Municipal Board के Chairperson को क्या कहा जाता है?
A. Mayor
B. President
C. Chairman
D. Commissioner

✅ सही उत्तर: (C) Chairman

📖 व्याख्या

धारा 43(1) — "There shall be a Mayor for every Municipal Corporation, a President for every Municipal Council and a Chairman for every Municipal Board". यह बिल्कुल स्पष्ट है — Board→Chairman, Council→President, Corporation→Mayor।

👨‍🏫 Teacher's Tip: "Board-Chairman, Council-President, Corporation-Mayor" — यह ट्रिपल फॉर्मूला याद रखें। RPSC अक्सर इसी पर मैचिंग प्रश्न बनाता है।
⚠️ RPSC Trap: तीनों के नाम अलग-अलग हैं — कभी भ्रमित न हों।
🔗 स्रोत: Section 43(1), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q19 Section 43
धारा 43 के अनुसार, Municipal Corporation के Chairperson को क्या कहा जाता है?
A. Mayor
B. President
C. Chairman
D. Commissioner

✅ सही उत्तर: (A) Mayor

📖 व्याख्या

धारा 43(1) — Municipal Corporation के Chairperson को Mayor कहा जाता है।

🔗 स्रोत: Section 43(1), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q20 Section 43
धारा 43 के अनुसार, Municipal Council के Chairperson को क्या कहा जाता है?
A. Mayor
B. President
C. Chairman
D. Commissioner

✅ सही उत्तर: (B) President

📖 व्याख्या

धारा 43(1) — Municipal Council के Chairperson को President कहा जाता है।

🔗 स्रोत: Section 43(1), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q21 Section 49
2017 के संशोधन (Act No. 31 of 2017) ने धारा 49 में CMO (Chief Municipal Officer) को किसके अधीन कर दिया?
A. राज्य सरकार के अधीन
B. Chairperson के अधीन
C. मुख्यमंत्री के अधीन
D. विधानसभा के अधीन

✅ सही उत्तर: (B) Chairperson के अधीन

📖 व्याख्या

2017 के Act No. 31 of 2017 ने धारा 49(9)(vii) में संशोधन किया। अब CMO की पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण की शक्तियाँ Chairperson की सामान्य अधीक्षण एवं नियंत्रण तथा राज्य सरकार के आदेशों के अधीन होंगी।

👨‍🏫 Teacher's Tip: 2017 का यह संशोधन बहुत महत्वपूर्ण है — पहले CMO की शक्तियाँ सीधे राज्य सरकार के अधीन थीं, अब Chairperson के अधीन भी।
⚠️ RPSC Trap: पुरानी परिभाषा में CMO, Municipality की general superintendence के अधीन था। 2017 में बदलकर Chairperson के अधीन कर दिया गया।
🔗 स्रोत: Section 49(9)(vii) as amended by Act No. 31 of 2017
Q22 Section 24
धारा 24 के अनुसार, नगरपालिका सदस्य बनने के लिए निम्नलिखित में से कौन अयोग्य नहीं है?
A. विचाराधीन व्यक्ति (5+ years imprisonment offence, charges framed)
B. दोषसिद्ध व्यक्ति (5+ years imprisonment)
C. 2 से अधिक बच्चों वाला व्यक्ति (2026 से पूर्व)
D. दिवालिया व्यक्ति

✅ सही उत्तर: (C) 2 से अधिक बच्चों वाला व्यक्ति (2026 से पूर्व)

📖 व्याख्या

यह एक ट्रिकी सवाल है। 2026 से पूर्व धारा 24 में दो-बच्चे की पात्रता मानदंड था — 2 से अधिक बच्चों वाला व्यक्ति अयोग्य था। लेकिन 2026 के संशोधन ने इसे हटा दिया है। इसलिए अब 2 से अधिक बच्चों वाला व्यक्ति अयोग्य नहीं है।

👨‍🏫 Teacher's Tip: यहाँ 'NOT disqualified' पूछा गया है — 2026 के संशोधन के बाद दो-बच्चे वाला व्यक्ति अब अयोग्य नहीं है।
🔗 स्रोत: Section 24 (pre-2026) as amended by Rajasthan Municipalities (Amendment) Act, 2026
Q23 Section 12
धारा 12 के अनुसार, मनोनीत (Nominated) सदस्यों के पास विशेष रूप से क्या होना चाहिए?
A. नगर प्रशासन में विशेष ज्ञान या अनुभव
B. उच्च शिक्षा
C. राजनीतिक पृष्ठभूमि
D. उच्च आय

✅ सही उत्तर: (A) नगर प्रशासन में विशेष ज्ञान या अनुभव

📖 व्याख्या

धारा 12(1)(d) — "having special knowledge or experience in municipal administration"। मनोनीत सदस्यों का चयन इसलिए किया जाता है ताकि नगरपालिका को उनके विशेषज्ञ ज्ञान का लाभ मिल सके।

🔗 स्रोत: Section 12(1)(d), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q24 Section 5
Body Corporate की निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता नगरपालिका पर लागू नहीं होती है?
A. सदस्यों की व्यक्तिगत देनदारी (Personal liability of members)
B. स्थायी उत्तराधिकार (Perpetual Succession)
C. सामान्य मुहर (Common Seal)
D. अपने नाम से वाद लाने की क्षमता (Sue and be sued)

✅ सही उत्तर: (A) सदस्यों की व्यक्तिगत देनदारी (Personal liability of members)

📖 व्याख्या

Body Corporate की मुख्य विशेषता यह है कि सदस्यों की व्यक्तिगत देनदारी नहीं होती — नगरपालिका की देनदारी के लिए सदस्य व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी नहीं होते। B, C, D तीनों Body Corporate की विशेषताएँ हैं जो नगरपालिका पर लागू होती हैं।

👨‍🏫 Teacher's Tip: Body Corporate का सबसे बड़ा लाभ — सदस्यों की व्यक्तिगत देनदारी नहीं। यह कंपनियों और नगरपालिकाओं दोनों पर लागू होता है।
🔗 स्रोत: Section 5, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q25 Section 13
धारा 13 के अनुसार, किसी व्यक्ति का नाम एक वार्ड की निर्वाचक नामावली में कितनी बार शामिल किया जा सकता है?
A. कई बार (Multiple times)
B. केवल एक बार (Only once)
C. दो बार (Twice)
D. तीन बार (Thrice)

✅ सही उत्तर: (B) केवल एक बार (Only once)

📖 व्याख्या

धारा 13 स्पष्ट कहती है — किसी व्यक्ति का नाम किसी वार्ड की निर्वाचक नामावली में एक से अधिक बार शामिल नहीं किया जा सकता

🔗 स्रोत: Section 13, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q26 Section 24
2026 से पूर्व धारा 24 के अनुसार, कितने से अधिक बच्चों वाला व्यक्ति नगरपालिका चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य था?
A. 1
B. 2
C. 3
D. 4

✅ सही उत्तर: (B) 2

📖 व्याख्या

2026 से पूर्व, 2 से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति नगरपालिका चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे। 2026 के संशोधन ने इस मानदंड को पूरी तरह हटा दिया।

🔗 स्रोत: Section 24 (pre-2026), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q27 Section 26
धारा 26(3) के अनुसार, नगरपालिका चुनावों में ईवीएम (EVM) का उपयोग कौन निर्दिष्ट कर सकता है?
A. राज्य सरकार
B. राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission)
C. जिला कलेक्टर
D. नगरपालिका स्वयं

✅ सही उत्तर: (B) राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission)

📖 व्याख्या

धारा 26(3) — "the giving and recording of votes by voting machines... may be adopted in such ward or wards of any Municipality as the State Election Commission may specify."

🔗 स्रोत: Section 26(3), Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q28 Section 38
धारा 38 के अनुसार, त्यागपत्र (Resignation) किसे दिया जाता है?
A. Chairperson
B. राज्य सरकार
C. जिला कलेक्टर
D. मुख्य निर्वाचन अधिकारी

✅ सही उत्तर: (A) Chairperson

📖 व्याख्या

धारा 38 — "by giving notice in writing to that effect duly attested by an Executive Magistrate to the Chairperson"। त्यागपत्र Chairperson को दिया जाता है।

🔗 स्रोत: Section 38, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q29 Section 42
धारा 42 के अनुसार, कौन सी बात निषिद्ध है?
A. नगरपालिका का सदस्य होना
B. विधानसभा का सदस्य होना
C. संसद का सदस्य होना
D. एक साथ नगरपालिका और विधानसभा/संसद का सदस्य होना

✅ सही उत्तर: (D) एक साथ नगरपालिका और विधानसभा/संसद का सदस्य होना

📖 व्याख्या

धारा 42 — "no person shall be a member of a Municipality and also a member of Parliament or State Legislature." यानी एक साथ दोनों पदों पर नहीं रह सकते

👨‍🏫 Teacher's Tip: अगर कोई MLA है और नगरपालिका का सदस्य चुना जाता है — तो उसे 14 दिनों के भीतर MLA पद से इस्तीफा देना होगा।
🔗 स्रोत: Section 42, Rajasthan Municipalities Act, 2009
Q30 Section 43
धारा 43 के अनुसार, Chairperson (Mayor/President/Chairman) का चुनाव कैसे होता है?
A. विहित रीति से निर्वाचित (Elected in prescribed manner)
B. राज्य सरकार द्वारा मनोनीत
C. वरिष्ठता के आधार पर
D. कार्यपालिका अधिकारी द्वारा

✅ सही उत्तर: (A) विहित रीति से निर्वाचित (Elected in prescribed manner)

📖 व्याख्या

धारा 43(1) — "who shall be elected in the prescribed manner" — अर्थात Chairperson का चुनाव नियमों द्वारा निर्धारित रीति से किया जाता है।

🔗 स्रोत: Section 43(1), Rajasthan Municipalities Act, 2009

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