खण्ड 1: बुद्धि (Intelligence) एवं भावनात्मक बुद्धि
Q1. चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के बुद्धि के द्वि-कारक सिद्धांत को स्पष्ट कीजिए।
5 अंक
स्पीयरमैन (1904) के अनुसार बुद्धि दो कारकों का समुच्चय है:
1. सामान्य कारक (g-factor): यह जन्मजात, मानसिक ऊर्जा का मूल स्रोत है जो सभी बौद्धिक क्रियाओं में साझा होता है।
2. विशिष्ट कारक (s-factor): यह विशिष्ट वातावरण से अर्जित क्षमता है (जैसे संगीत, गणित)।
प्रशासनिक महत्व: प्रशासनिक अधिकारियों में नीतिगत व तार्किक निर्णयों के संपादन हेतु उच्च 'g-factor' का होना अनिवार्य है।
Q2. लुई थर्स्टन के 'प्राथमिक मानसिक क्षमताओं' (Primary Mental Abilities) के सिद्धांत पर टिप्पणी कीजिए।
5 अंक
थर्स्टन ने स्पीयरमैन के एकल g-factor का विरोध करते हुए प्रतिपादित किया कि बुद्धि 7 स्वतंत्र प्राथमिक मानसिक क्षमताओं का समूह है। इनमें शाब्दिक बोध (V), शब्द प्रवाह (W), संख्यात्मक क्षमता (N), स्थानिक दृश्यावलोकन (S), आनुषंगिक स्मृति (M), प्रत्यक्षिक गति (P) तथा तार्किक चिंतन (R) शामिल हैं।
उपयोगिता: यह मॉडल बहु-कार्यप्रणाली वाले प्रशासनिक पदों (योजना, बजट, फील्ड विजिट) हेतु योग्यताओं का आधार बनता है।
Q3. हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के बहु-बुद्धि सिद्धांत की प्रशासनिक प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
5 अंक
गार्डनर (1983) के अनुसार बुद्धि कोई एकल तत्व नहीं, बल्कि 8 स्वतंत्र बुद्धियों का समूह है (भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतमय, शारीरिक-गतिक, अंतर्वैयक्तिक, अंतःव्यक्तिगत, प्रकृतिवादी)।
प्रशासनिक अनुप्रयोग: यह पारंपरिक IQ परीक्षणों की सीमाओं को तोड़ता है। इसके द्वारा एक प्रशासक मानव संसाधन प्रबंधन, विविध कार्य आवंटन तथा 'अंतर्वैयक्तिक बुद्धि' का उपयोग कर जन-संपर्क को सुदृढ़ कर सकता है।
Q4. रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के त्रिपक्षीय बुद्धि सिद्धांत की व्याख्या कीजिए।
5 अंक
स्टर्नबर्ग की 'Triarchic Theory' (1985) के अनुसार बुद्धि तीन प्रकारों में विभक्त है:
1. विश्लेषणात्मक (Componential): सूचनाओं का प्रसंस्करण और अमूर्त समस्या समाधान।
2. रचनात्मक (Experiential): नवीन परिस्थितियों में नवाचार करना।
3. व्यावहारिक (Contextual): दैनिक जीवन और परिवेश में सफलता ('स्ट्रीट स्मार्टनेस')।
महत्व: किताबी ज्ञान से परे, एक सिविल सेवक को फील्ड में जटिल समस्याओं को सुलझाने के लिए व्यावहारिक बुद्धि की सर्वाधिक आवश्यकता होती है।
Q5. डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) के अनुसार भावनात्मक बुद्धि (EI) की अवधारणा एवं इसके घटक लिखिए।
5 अंक / 68 शब्द
गोलमैन के अनुसार, कार्यस्थल पर सफलता हेतु पारंपरिक IQ की तुलना में भावनात्मक बुद्धि (EQ) अधिक निर्णायक है। इसके पाँच मूलभूत घटक हैं:
1. आत्म-जागरूकता (Self-awareness)
2. आत्म-नियमन (Self-regulation)
3. आंतरिक अभिप्रेरणा (Motivation)
4. परानुभूति/सहानुभूति (Empathy)
5. सामाजिक कौशल (Social Skills)।
यह क्षमता प्रशासनिक अधिकारी को स्वयं के संवेगों को नियंत्रित करते हुए दूसरों के व्यवहार को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने की शक्ति देती है।
Q6. प्रशासनिक सेवा में भावनात्मक बुद्धि (Emotional Intelligence) की व्यावहारिक भूमिका स्पष्ट कीजिए।
5 अंक / 65 शब्द
सिविल सेवा में उच्च EQ वाला अधिकारी संकट व तनावपूर्ण स्थितियों (जैसे कानून-व्यवस्था की समस्या या आपदा) में आत्म-नियमन द्वारा संतुलित निर्णय लेता है। यह क्षमता राजनीतिक दबाव प्रबंधन, अंतर्वैयक्तिक संघर्ष समाधान, मातहतों को प्रेरित करने तथा आम जनता के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार स्थापित कर 'जन-केंद्रित शासन' (Citizen-Centric Governance) को चरितार्थ करने में अनिवार्य भूमिका निभाती है।
Q7. सांस्कृतिक बुद्धि (Cultural Intelligence - CQ) से आप क्या समझते हैं? प्रशासन में इसका महत्व बताइए।
5 अंक / 64 शब्द
अर्ली एवं अंग द्वारा प्रतिपादित, CQ किसी व्यक्ति की वह क्षमता है जो उसे सांस्कृतिक रूप से विविध परिवेशों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के अनुकूल बनाती है।
महत्व: राजस्थान जैसे अत्यधिक सांस्कृतिक व जनजातीय विविधता वाले राज्य में सिविल सेवकों हेतु CQ अपरिहार्य है। यह रूढ़िवादिता को कम करती है, स्थानीय लोक-व्यवहार के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाती है और विकास योजनाओं की स्वीकार्यता सुनिश्चित करती है।
Q8. प्रशंसात्मक बुद्धि (Appreciative Intelligence) की अवधारणा और इसके प्रशासनिक लाभ लिखिए।
5 अंक / 67 शब्द
टोजो थथनकली के अनुसार, प्रशंसात्मक बुद्धि किसी परिस्थिति, संगठन या व्यक्ति के भीतर छिपी हुई सकारात्मक क्षमता (Positive Potential) को देखने, उसे सराहने और उससे एक सफल भविष्य का खाका तैयार करने की मानसिक क्षमता है।
लाभ: इसके द्वारा एक RAS अधिकारी अपने प्रशासनिक संगठन के सीमित संसाधनों और कर्मचारियों की अप्रकट प्रतिभा को पहचानकर प्रशासनिक सुधारों व नवाचारों को गति दे सकता है।
Q9. पारंपरिक बुद्धि लब्धि (IQ) तथा भावनात्मक लब्धि (EQ) में मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
5 अंक / 65 शब्द
IQ (संज्ञानात्मक बुद्धि) व्यक्ति की तार्किक क्षमता, स्मृति, गणितीय विश्लेषण और अकादमिक सफलता से संबंधित है, जो मुख्यतः मस्तिष्क के नियोकॉर्टेक्स भाग द्वारा नियंत्रित होती है।
इसके विपरीत, EQ (भावनात्मक बुद्धि) संवेगों के प्रबंधन, आत्म-नियंत्रण और सहानुभूति से जुड़ी है। अकादमिक प्रवेश हेतु IQ आवश्यक है, परंतु फील्ड में वास्तविक प्रशासनिक नेतृत्व, लोक सेवा भावना और नीति कार्यान्वयन की सफलता के लिए उच्च EQ अपरिहार्य है।
Q10. बुद्धि परीक्षणों (Intelligence Tests) की प्रमुख उपयोगिताएँ एवं सीमाएँ क्या हैं?
5 अंक / 63 शब्द
उपयोगिता: ये परीक्षण व्यक्ति की तार्किक, भाषाई और संज्ञानात्मक क्षमताओं (IQ) का त्वरित व सांख्यिकीय मूल्यांकन करने तथा प्रशासनिक भर्ती में प्रारंभिक छंटनी हेतु उपयोगी हैं।
सीमाएँ: ये परीक्षण अक्सर सांस्कृतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित होते हैं। ये व्यक्ति की व्यावहारिक बुद्धि, रचनात्मकता, सामाजिक संवेदनशीलता और भावनात्मक बुद्धि (EQ) को मापने में पूरी तरह विफल रहते हैं।
खण्ड 2: नेतृत्व प्रोफाइल (Leadership Profile)
Q11. नेतृत्व (Leadership) और प्रबंधन (Management) में मूलभूत अंतर स्पष्ट कीजिए।
5 अंक / 66 शब्द
प्रबंधन संगठन में नियोजन, सुव्यवस्थित संरचना, बजट और नियंत्रण जैसी नियमित (Routine) प्रक्रियाओं को बनाए रखने से संबंधित है।
इसके विपरीत, नेतृत्व एक विजन (दृष्टि) प्रदान करना, अनुयायियों को प्रेरित करना और संगठन में गत्यात्मक परिवर्तन लाना है। पीटर ड्रकर के शब्दों में, "प्रबंधन चीजों को सही ढंग से करना है (Efficiency); नेतृत्व सही चीजों को चुनना और करना है (Effectiveness)।"
Q12. नेतृत्व के विशेषक सिद्धांत (Trait Theory) की मुख्य मान्यताएँ एवं सीमाएँ लिखिए।
5 अंक / 68 शब्द
मान्यता: यह शास्त्रीय सिद्धांत मानता है कि नेता जन्मजात होते हैं, बनाए नहीं जाते। सफल नेताओं में आत्मविश्वास, सत्यनिष्ठा, उच्च बौद्धिक क्षमता और निर्णय शक्ति जैसे विशिष्ट शारीरिक व मानसिक गुण होते हैं।
सीमाएँ: यह सिद्धांत परिस्थितियों और पर्यावरण के प्रभाव को पूरी तरह नजरअंदाज करता है। व्यावहारिक रूप से देखा गया है कि ये सभी गुण रखने वाले व्यक्ति भी सदैव सफल नेता नहीं बन पाते।
Q13. हर्सी-ब्लैंचर्ड (Hersey-Blanchard) के परिस्थितियों के अनुकूल नेतृत्व सिद्धांत (Situational Model) को समझाइए।
5 अंक / 70 शब्द
इस मॉडल के अनुसार, कोई भी एक नेतृत्व शैली सार्वभौमिक रूप से सर्वश्रेष्ठ नहीं होती। नेता को अपने अनुयायियों के परिपक्वता व विकास स्तर के अनुसार अपनी शैली बदलनी चाहिए। इसके तहत चार शैलियाँ प्रतिपादित हैं:
1. बताना (Telling - उच्च कार्य, निम्न संबंध)
2. बेचना (Selling - उच्च कार्य, उच्च संबंध)
3. सहभागिता (Participating - निम्न कार्य, उच्च संबंध)
4. प्रतिनिधायन (Delegating - निम्न कार्य, निम्न संबंध)। यह प्रशासन में लचीलापन लाता है।
Q14. परिवर्तनकारी नेतृत्व (Transformational Leadership) क्या है? इसके चार प्रमुख तत्व (4Is) बताइए।
5 अंक / 68 शब्द
यह वह नेतृत्व है जो केवल स्थापित ढर्रे पर काम नहीं करता, बल्कि अनुयायियों को प्रेरित कर संगठन में आमूलचूल और गत्यात्मक परिवर्तन लाता है। बर्नार्ड बास के अनुसार इसके चार तत्व हैं:
1. आदर्शित प्रभाव (Idealized Influence) - नेता स्वयं रोल मॉडल बनता है।
2. प्रेरणात्मक अभिप्रेरणा (Inspirational Motivation) - विजन देना।
3. बौद्धिक उत्तेजना (Intellectual Stimulation) - नवाचार को बढ़ावा।
4. व्यक्तिगत ध्यान (Individualized Consideration) - प्रत्येक सदस्य का व्यक्तिगत विकास।
Q15. लेन-देन नेतृत्व (Transactional Leadership) और परिवर्तनकारी नेतृत्व (Transformational Leadership) में अंतर लिखिए।
5 अंक / 67 शब्द
Transactional Leadership संगठन में स्थापित नियमों, पुरस्कार और दंड (Reward & Punishment) पर आधारित होता है तथा नियमित (Routine) कार्यों व संगठन की स्थिरता के लिए उपयुक्त है।
वहीं, Transformational Leadership प्रेरणा, दीर्घकालिक विजन और वैचारिक क्रांति पर केंद्रित होता है। प्रशासनिक सुशासन, डिजिटल बदलाव (E-Governance) और नौकरशाही की जड़ता को तोड़ने के लिए परिवर्तनकारी नेतृत्व की आवश्यकता होती है।
Q16. सेवक नेतृत्व (Servant Leadership) की अवधारणा स्पष्ट करते हुए लोक प्रशासन में इसका महत्व बताइए।
5 अंक / 65 शब्द
रॉबर्ट ग्रीनलीफ़ के अनुसार, सेवक नेतृत्व का मूल सिद्धांत है "नेता सबसे पहले एक सेवक है।" इस शैली में नेता अपनी सत्ता के बजाय अधीनस्थों और आम जनता के सशक्तिकरण, विकास और कल्याण को प्राथमिकता देता है।
महत्व: यह मॉडल कल्याणकारी राज्य की लोक सेवा भावना, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और नैतिक शासन को स्थापित करने के लिए पूर्णतः आदर्श है।
Q17. ब्लेक और माउटन (Blake & Mouton) के प्रबंधकीय ग्रिड (Managerial Grid) की 9,9 शैली क्यों सर्वोत्तम है?
5 अंक / 64 शब्द
प्रबंधकीय ग्रिड में नेतृत्व को 'Concern for People' (व्यक्तियों के प्रति चिंता) और 'Concern for Production' (उत्पादन के प्रति चिंता) के दो अक्षों पर मापा जाता है।
इसकी 9,9 शैली (Team Management) सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि यह कार्य की उच्च उत्पादकता और कर्मचारियों के उच्च संतोष व टीम भावना दोनों को एक साथ प्राप्त करती है, जिससे प्रशासनिक संगठन में संधारणीय उत्कृष्टता आती है।
Q18. फिडलर के आकस्मिकता सिद्धांत (Fiedler's Contingency Theory) का मूल संप्रत्यय क्या है?
5 अंक / 65 शब्द
फिडलर के अनुसार, किसी नेता की प्रभावशीलता उसकी अपनी विशिष्ट नेतृत्व शैली (कार्य-उन्मुख या संबंध-उन्मुख) और परिस्थिति की अनुकूलता के बीच सटीक सामंजस्य पर निर्भर करती है। परिस्थिति की अनुकूलता तीन कारकों से तय होती है: नेता-सदस्य संबंध (Leader-member relations), कार्य संरचना (Task structure), और पद शक्ति (Position power)। यह सिद्धांत मानता है कि परिस्थिति के अनुसार ही लीडर का चयन होना चाहिए।
Q19. समकालीन डिजिटल युग में प्रशासनिक नेतृत्व के समक्ष कौन-सी मुख्य चुनौतियाँ हैं?
5 अंक / 67 शब्द
आधुनिक सिविल सेवकों के समक्ष नेतृत्व की मुख्य चुनौतियाँ हैं: नौकरशाही की परंपरागत जड़ता को तोड़ना, तीव्र तकनीकी व्यवधानों (AI, साइबर सुरक्षा खतरों) के बीच डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना, सोशल मीडिया पर तुरंत जन-भावनाओं को नियंत्रित करना, और सीमित संसाधनों व राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच पूर्णतः तटस्थ एवं नैतिक निर्णय (Ethical Decision Making) सुनिश्चित करना।
Q20. नैतिक नेतृत्व (Ethical Leadership) सुशासन (Good Governance) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में कैसे सहायक है?
5 अंक / 66 शब्द
नैतिक नेतृत्व ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और उच्च मानवीय मूल्यों पर आधारित होता है। प्रशासन में जब परिवर्तनकारी नेतृत्व नैतिकता के साथ जुड़ता है, तो यह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाता है, प्रशासनिक जवाबदेही तय करता है और सरकार के प्रति जन-विश्वास को मजबूत करता है। यह सुशासन के मूल स्तंभ समावेशी एवं न्यायसंगत विकास को धरातल पर उतारने में सहायक है।
खण्ड 3: कार्यस्थल पर संचार (Communication at Workplace)
Q21. कार्यस्थल पर प्रभावी संचार प्रक्रिया के बुनियादी तत्वों को रेखांकित कीजिए।
5 अंक / 64 शब्द
संचार विचारों और निर्देशों का अर्थपूर्ण आदान-प्रदान है। इसकी गत्यात्मक प्रक्रिया में निम्नलिखित तत्व शामिल हैं:
प्रेषक (Sender) → कूटलेखन (Encoding) → संदेश (Message) → माध्यम/चैनल → कूटवाचन (Decoding) → प्राप्तकर्ता (Receiver) → प्रतिपुष्टि (Feedback)।
प्रशासन में 'प्रतिपुष्टि' (Feedback) सबसे अनिवार्य तत्व है, जिसके बिना संचार अधूरा और एकतरफा रह जाता है, जिससे प्रशासनिक भ्रांतियां जन्म लेती हैं।
Q22. प्रभावी संचार के 7 Cs के सिद्धांतों को सूचीबद्ध कीजिए।
5 अंक / 65 शब्द
प्रशासनिक पत्राचार और जन-संवाद को त्रुटिहीन बनाने हेतु 7 मुख्य सिद्धांतों (7 Cs) का पालन अनिवार्य है:
1. Clarity (स्पष्टता)
2. Conciseness (संक्षिप्तता)
3. Concreteness (ठोसता/तथ्यात्मकता)
4. Correctness (शुद्धता)
5. Coherence (तार्किकता)
6. Completeness (पूर्णता)
7. Courtesy (शिष्टता)।
इनका समावेशन फाइलों के त्वरित निस्तारण और पारदर्शी शासन का आधार बनता है।
Q23. संचार के 7 Cs के अंतर्गत 'स्पष्टता' (Clarity) और 'संक्षिप्तता' (Conciseness) के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
5 अंक / 66 शब्द
Clarity (स्पष्टता) यह सुनिश्चित करती है कि संदेश सरल भाषा में हो ताकि प्राप्तकर्ता को कोई दुविधा न रहे और नीति का गलत अर्थ न निकाला जा सके।
Conciseness (संक्षिप्तता) अनावश्यक शब्दों को हटाकर संदेश को सारगर्भित बनाती है। प्रशासन में फाइलों के विशाल ढेर के बीच संक्षिप्त नोट्स और स्पष्ट आदेश समय की बचत करते हैं और निर्णय प्रक्रिया को तीव्र करते हैं।
Q24. प्रशासनिक संगठनों में 'लिखित संचार' (Written Communication) क्यों सर्वाधिक महत्वपूर्ण है?
5 अंक / 64 शब्द
प्रशासन में लिखित संचार (जैसे नोटशीट, आधिकारिक पत्र, आदेश, रिपोर्ट) स्थायी रिकॉर्ड और कानूनी प्रमाण के रूप में कार्य करता है। यह मौखिक संचार की तुलना में अधिक औपचारिक, शुद्ध और पूर्ण होता है। यह पदानुक्रम में प्रत्येक स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय करता है, नियमों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करता है तथा भविष्य के लिए संदर्भ (Reference) प्रदान करता है।
Q25. अशाब्दिक संचार (Non-Verbal Communication) का कार्यस्थल पर क्या महत्व है?
5 अंक / 65 शब्द
मनोवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, किसी भी संवाद में 55% हिस्सा अशाब्दिक संकेतों (जैसे शारीरिक भाषा/Body Language, चेहरे के हाव-भाव, आँखों का संपर्क, मुद्रा) का होता है।
प्रशासन में एक अधिकारी की सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण बॉडी लैंग्वेज आम जनता और शिकायतकर्ताओं में सरकार के प्रति विश्वास जगाती है, जबकि उसकी थकी या रूखी मुद्रा जन-असंतोष का कारण बन सकती है।
Q26. अंगूरीलता संचार (Grapevine Communication) क्या है? इसके सकारात्मक व नकारात्मक पक्ष लिखिए।
5 अंक / 68 शब्द
यह संगठन में होने वाला एक अनौपचारिक संचार नेटवर्क है, जो अफवाहों की तरह तेजी से फैलता है।
सकारात्मक पक्ष: इसके माध्यम से सूचनाओं का तीव्र प्रसार होता है और अधिकारी कर्मचारियों के वास्तविक मनोबल व अनकही प्रतिक्रियाओं को भांप सकता है।
नकारात्मक पक्ष: यह गलत सूचनाओं, भ्रम और अनुशासनहीनता को जन्म देता है। प्रबुद्ध प्रशासक को इसे नियंत्रित कर औपचारिक संचार को सशक्त करना चाहिए।
Q27. प्रशासनिक पदानुक्रम में 'ऊर्ध्वगामी' (Upward) तथा 'अधोगामी' (Downward) संचार के महत्व को समझाइए।
5 अंक / 67 शब्द
Downward Communication उच्चाधिकारियों से अधीनस्थों की ओर नीतियों, आदेशों और निर्देशों का सुव्यवस्थित प्रवाह सुनिश्चित करता है।
वहीं, Upward Communication निचले स्तर से शिकायतों, प्रतिपुष्टि (Feedback) और ग्राउंड रियलिटी को ऊपर तक पहुँचाता है। एक प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था हेतु इन दोनों के बीच संतुलन अनिवार्य है ताकि नीतियाँ वास्तविक और जन-केंद्रित बनी रहें।
Q28. डिजिटल युग की विनाशकारी संचार प्रवृत्ति 'साइबरलोफिंग' (Cyberloafing) को स्पष्ट कीजिए।
5 अंक
कार्यस्थल पर निर्धारित ड्यूटी के घंटों के दौरान किसी कर्मचारी द्वारा संगठन के इंटरनेट संसाधनों का उपयोग अपने व्यक्तिगत और गैर-व्यावसायिक कार्यों (जैसे सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, पर्सनल चैटिंग या वीडियो देखना) के लिए करना साइबरलोफिंग कहलाता है। यह 'वर्चुअल समय की चोरी' है, जो प्रशासनिक संगठनों की कार्यक्षमता और उत्पादकता को गंभीर रूप से बाधित करती है।
Q29. 'मूनलाइटिंग' (Moonlighting) क्या है? इसके प्रशासनिक व नैतिक निहितार्थ लिखिए।
5 अंक /
अपनी नियमित full-time सरकारी या कॉर्पोरेट नौकरी के अतिरिक्त, नियोक्ता की जानकारी या पूर्व अनुमति के बिना, गुप्त रूप से किसी दूसरे संगठन के लिए काम करना या स्वतंत्र व्यवसाय करना मूनलाइटिंग कहलाता है।
प्रशासन में इसके गंभीर नकारात्मक प्रभाव होते हैं; यह हितों के टकराव (Conflict of Interest) को जन्म देता है, डेटा की गोपनीयता को खतरे में डालता है और अधिकारी की कार्यक्षमता को कम करता है।
खण्ड 4: कार्यस्थल पर उत्कृष्टता (Excellence at Workplace)
Q30. जॉन हॉलैंड के RAISEC मॉडल के मूल सिद्धांत 'सामंजस्य' (Congruence Theory) की व्याख्या कीजिए।
5 अंक
हॉलैंड का मॉडल यह स्थापित करता है कि कार्यस्थल पर उत्कृष्टता और संतोष तब प्राप्त होता है जब व्यक्ति के व्यक्तित्व प्रकार (Personality Type) और उसके कार्य वातावरण (Work Environment) के बीच पूर्ण सामंजस्य (Congruence) हो। यदि एक 'Social' व्यक्तित्व वाले व्यक्ति को लोक सेवा का पद मिले, तो उसका प्रदर्शन असाधारण होगा। यह मॉडल प्रशासनिक स्तर पर सही पद पर सही व्यक्ति की नियुक्ति (Right Fit) का आधार है।
Q31. RAISEC मॉडल के अनुसार 'Enterprising' (उद्यमशील) और 'Social' (सामाजिक) प्रकार के प्रशासनिक महत्व को स्पष्ट कीजिए।
5 अंक
Enterprising (E) व्यक्ति महत्वाकांक्षी, प्रेरक, जोखिम लेने वाले और निर्णय लेने में सक्षम होते हैं, जो फील्ड पोस्टिंग और जिलाधिकारी की भूमिका हेतु आदर्श हैं।
Social (S) व्यक्ति सहानुभूतिपूर्ण, मददगार और टीम-उन्मुख होते हैं, जो कल्याणकारी योजनाओं के संपादन में उत्कृष्ट हैं। एक आदर्श RAS अधिकारी के भीतर नेतृत्व (E) और जन-सेवा भावना (S) का संतुलित मिश्रण होना अनिवार्य है।
Q32. RAISEC हेक्सागन मॉडल में 'Investigative' (विश्लेषणात्मक) और 'Conventional' (पारंपरिक) भूमिकाओं का प्रशासन में उपयोग बताइए।
5 अंक
Investigative (I) व्यक्तित्व विश्लेषणात्मक, जिज्ञासु और शोधपरक होते हैं, जो जटिल डेटा विश्लेषण, राज्य नीति निर्माण और योजनाओं के तार्किक मूल्यांकन में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं।
वहीं, Conventional (C) व्यक्तित्व नियम-कानून प्रिय, व्यवस्थित और सटीक होते हैं, जो सचिवालय फाइलिंग, राजस्व रिकॉर्ड प्रबंधन, बजट निर्माण और विधिक अनुपालन को सुचारू रूप से संचालित करते हैं।
खण्ड 5: कार्यस्थल पर बर्नआउट, तनाव और निपटना
Q33. तनाव (Stress) की परिभाषा हंस सेली (Hans Selye) और रिचर्ड लाज़ारस के अनुसार दीजिए।
5 अंक
हंस सेली ने तनाव को जैविक परिप्रेक्ष्य में "शरीर की किसी भी बाहरी मांग के प्रति अविशिष्ट अनुक्रिया" (GAS Model) माना है।
इसके विपरीत, रिचर्ड लाज़ारस ने संज्ञानात्मक मॉडल दिया, जिसके अनुसार तनाव तब उत्पन्न होता है जब व्यक्ति किसी स्थिति का मूल्यांकन अपनी क्षमता और उपलब्ध संसाधनों से अधिक (खतरे के रूप में) करता है। Selye शारीरिक अनुक्रिया पर और Lazarus मानसिक मूल्यांकन पर बल देते हैं।
Q34. सकारात्मक तनाव (Eustress) और नकारात्मक तनाव (Distress) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
5 अंक
Eustress एक सीमित और इष्टतम सकारात्मक तनाव है, जो व्यक्ति को प्रेरित करता है, फोकस बढ़ाता है और प्रदर्शन को ऊंचाइयों पर ले जाता है (जैसे परीक्षा या इंटरव्यू की तैयारी)।
इसके विपरीत, Distress अत्यधिक और दीर्घकालिक नकारात्मक तनाव है, जो मानसिक व शारीरिक क्षमताओं को तोड़ता है, चिंता पैदा करता है और अंततः कार्यस्थल पर बर्नआउट का कारण बनता है।
Q35. क्रिस्टीना मासलेक के अनुसार 'बर्नआउट' (Burnout) की परिभाषा एवं इसके तीन आयाम लिखिए।
5 अंक
मासलेक के अनुसार, बर्नआउट कार्यस्थल के अनियंत्रित दीर्घकालिक तनाव से उत्पन्न एक मनोवैज्ञानिक सिंड्रोम है। इसके मापन हेतु MBI (Maslach Burnout Inventory) का उपयोग होता है, जिसके तीन आयाम हैं:
1. भावनात्मक थकान (Emotional Exhaustion): ऊर्जा का पूर्ण ह्रास महसूस होना।
2. अवैयक्तिकरण (Depersonalization): जनता व सहकर्मियों के प्रति रूखा व संवेदनहीन दृष्टिकोण।
3. व्यक्तिगत उपलब्धि में कमी: स्वयं के कार्य के प्रति घोर निराशा का भाव आना।
Q36. तनाव प्रबंधन हेतु 'समस्या-केंद्रित' (Problem-focused) और 'संवेग-केंद्रित' (Emotion-focused) शैलियों में अंतर बताइए।
5 अंक
समस्या-केंद्रित शैली तनाव पैदा करने वाले मूल कारण (समस्या) को सीधे दूर करने पर केंद्रित होती है; जैसे - कार्य का प्रभावी प्रतिनिधायन (Delegation), समय प्रबंधन या कौशल विकास।
वहीं, संवेग-केंद्रित शैली तब अपनाई जाती है जब स्थिति को बदलना संभव न हो; इसके तहत उत्पन्न मानसिक अशांति व संवेगों को योग, ध्यान (Mindfulness), सकारात्मक सोच या सामाजिक समर्थन द्वारा प्रबंधित किया जाता है।
Q37. कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम, 2013 (POSH Act) के तहत 'आंतरिक शिकायत समिति' (ICC) की संरचना स्पष्ट कीजिए।
5 अंक
POSH Act, 2013 की धारा 4 के अनुसार, 10 या अधिक कर्मचारी वाले प्रत्येक संगठन में Internal Complaints Committee (ICC) का गठन अनिवार्य है। इसकी संरचना इस प्रकार है:
1. पीठासीन अधिकारी: संगठन की वरिष्ठ महिला कर्मचारी।
2. न्यूनतम दो सदस्य: कर्मचारियों में से जो महिलाओं के मुद्दों के प्रति समर्पित हों।
3. एक बाहरी सदस्य: किसी प्रतिष्ठित NGO या सामाजिक कार्यकर्ता से। समिति में 50% महिलाओं का होना अनिवार्य है।
खण्ड 6: व्यक्तित्व एवं तनाव (Personality and Stress)
Q38. व्यक्तित्व के बिग फाइव मॉडल (OCEAN Model) के घटकों को सूचीबद्ध कीजिए।
5 अंक
यह आधुनिक मॉडल व्यक्तित्व को पांच व्यापक आयामों में वर्गीकृत करता है:
1. O - Openness: अनुभवों के प्रति खुलापन व नवाचार।
2. C - Conscientiousness: कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन व जिम्मेदारी (प्रशासक हेतु सर्वाधिक अनिवार्य गुण)।
3. E - Extraversion: बहिर्मुखता व सामाजिकता।
4. A - Agreeableness: सौम्यता व सहयोगात्मक रवैया।
5. N - Neuroticism: भावनात्मक अस्थिरता व चिंता प्रवणता। उच्च प्रशासनिक दक्षता हेतु 'N' का न्यूनतम होना आवश्यक है।
Q39. सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के अनुसार व्यक्तित्व की संरचना के तत्वों का वर्णन कीजिए।
5 अंक
फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत के अनुसार व्यक्तित्व तीन घटकों के अंतर्संबंध से निर्मित होता है:
1. इदम (Id): पूर्णतः अचेतन, जो पाशविक इच्छाओं की तत्काल पूर्ति हेतु 'सुखवादी सिद्धांत' पर चलता है।
2. अहं (Ego): चेतन व तार्किक भाग, जो 'वास्तविकता के सिद्धांत' पर काम करता है।
3. परम-अहं (Superego): नैतिक शाखा, जो सामाजिक आदर्शों पर चलती है। एक मजबूत 'Ego' ही मानसिक संतुलन बनाए रखता है।
Q40. कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के मानवतावादी सिद्धांत के अनुसार 'Real Self' और 'Ideal Self' के अंतर्संबंध को स्पष्ट कीजिए।
5 अंक
रोजर्स के अनुसार, व्यक्तित्व का मूल आधार आत्म-अवधारणा (Self-Concept) है। इसके दो रूप हैं:
1. वास्तविक आत्म (Real Self): व्यक्ति वास्तव में वर्तमान में जो है।
2. आदर्श आत्म (Ideal Self): व्यक्ति भविष्य में जो बनने की तीव्र आकांक्षा रखता है।
इन दोनों के बीच जितना अधिक साम्य (Congruence) होगा, व्यक्ति उतना ही मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त रहेगा। विसंगति होने पर तीव्र मानसिक कुंठा जन्म लेती है।