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टॉपिक 05 – उद्योग MSME निवेश खनन निर्यात

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1. 'राइजिंग राजस्थान' वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: यह सम्मेलन 9 से 11 दिसंबर 2024 तक जयपुर में आयोजित हुआ और इसमें लगभग ₹35 लाख करोड़ के निवेश-MoU हस्ताक्षरित हुए। कथन II: इस सम्मेलन में हस्ताक्षरित सभी MoU की परियोजनाएँ एक वर्ष के भीतर पूर्णतः क्रियान्वित (उत्पादन आरंभ) हो गईं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: राइजिंग राजस्थान 2024: 9-11 दिसंबर 2024, जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (JECC), सीतापुरा; उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा; लगभग ₹35 लाख करोड़ के MoU (सबसे बड़ा हिस्सा ऊर्जा/नवीकरणीय ऊर्जा का)। सम्मेलन से पूर्व दिसंबर 2024 में अनेक नीतियाँ जारी हुईं – राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024, MSME नीति 2024, निर्यात प्रोत्साहन नीति 2024, एक जिला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024, एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024, खनिज नीति 2024, M-सैंड नीति 2024 आदि। कथन II गलत – MoU 'आशय-पत्र' हैं; सरकार के अनुसार दो वर्षों में ₹8 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ धरातल पर आईं/ग्राउंड-ब्रेकिंग हुई (नीति आयोग बैठक जून 2026 में ₹9 लाख करोड़+ ग्राउंड-ब्रेकिंग का उल्लेख)। प्रगति की निगरानी 'राज उन्नति' मंच से। दिसंबर 2025 में 'राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव' व प्रथम 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' (10 दिसंबर) आयोजित; खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में ही 2,524 MoU (₹43,794.84 करोड़)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राइजिंग राजस्थान 2024 का उद्घाटन किसने किया? – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी • प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस? – 10 दिसंबर 2025 • परियोजनाओं की निगरानी का मंच? – राज उन्नति
2. राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें पात्र इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन आरंभ होने से 10 वर्ष तक देय राज्य GST (SGST) के 75% तक पुनर्भरण का विकल्प है। 2. यह 31 मार्च 2029 तक स्वीकृत पात्र परियोजनाओं पर लागू है। 3. बजट 2026-27 में इसका दायरा सेवा क्षेत्र, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), भंडारण-लॉजिस्टिक्स व एकीकृत सौर विनिर्माण तक बढ़ाने की घोषणा की गई। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: RIPS 2024 (दिसंबर 2024, राइजिंग राजस्थान से पूर्व; RIPS-2019 और RIPS-2022 की उत्तराधिकारी): प्रमुख प्रोत्साहन-विकल्प – निवेश-अनुदान/परिसंपत्ति-सृजन प्रोत्साहन या SGST पुनर्भरण (75% तक, 10 वर्ष); ब्याज अनुदान; स्टाम्प ड्यूटी, भू-रूपांतरण शुल्क व मंडी शुल्क में 100% छूट/पुनर्भरण; कैप्टिव नवीकरणीय उत्पादन व स्वच्छ तकनीक पर 7 वर्ष विद्युत शुल्क छूट; प्रदूषण-नियंत्रण, ऊर्जा-ऑडिट, जल-संरक्षण पर 50% (अधिकतम ₹1 करोड़) पुनर्भरण; महिला, SC/ST उद्यमियों व TSP क्षेत्र हेतु अतिरिक्त 5% पूँजीगत अनुदान; बड़े निवेश हेतु 'कस्टमाइज़्ड पैकेज'। थ्रस्ट क्षेत्र – नवीकरणीय ऊर्जा व हरित विनिर्माण, कृषि-खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प-हथकरघा, फार्मा-चिकित्सा उपकरण, ई-मोबिलिटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, IT/ITeS-डेटा सेंटर, प्लास्टिक-विकल्प। आवेदन 'राजनिवेश' पोर्टल व सिंगल विंडो से; निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) नोडल। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • RIPS 2024 की वैधता? – 31 मार्च 2029 तक स्वीकृत परियोजनाएँ • RIPS के तहत आवेदन पोर्टल? – राजनिवेश • महिला/SC/ST उद्यमियों को अतिरिक्त पूँजीगत अनुदान? – 5%
3. राजस्थान MSME नीति 2024 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें ₹5 करोड़ तक के सावधि ऋण पर ब्याज अनुदान का आधार-दर 10% वार्षिक है। कथन II: इसमें सरकारी खरीद में SC/ST उद्यमियों हेतु 4% आरक्षण तथा लगभग 9,000 MSME के ZED प्रमाणीकरण का लक्ष्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है। 📘 विस्तार से समझें: MSME नीति 2024 में ब्याज अनुदान स्लैब: ₹5 करोड़ तक 6%, ₹5-10 करोड़ 4%, ₹10-50 करोड़ 3% – साथ में स्लैबवार अतिरिक्त अनुदान; अतः कथन I गलत। अन्य प्रावधान: CGTMSE-समर्थित ₹5 करोड़ तक संपार्श्विक-मुक्त ऋणों का 100% गारंटी-शुल्क पुनर्भरण (7 वर्ष); BIS/ISO/FSSAI/ZED/पेटेंट लागत का 50% (अधिकतम ₹3 लाख); अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों हेतु सहायता; 'मिशन निर्यातक बनो'; ई-बाज़ार पर ₹10 लाख वार्षिक तक के सीधे क्रय; 96 वस्तुएँ स्थानीय MSME हेतु आरक्षित; प्लास्टिक-विकल्प इकाइयों को 50% (अधिकतम ₹40 लाख) व कृषि-खाद्य प्रसंस्करण को 50% (अधिकतम ₹1.5 करोड़) पूँजीगत अनुदान; RIICO क्षेत्र से बाहर निजी औद्योगिक पार्क। संबद्ध कानून – राजस्थान MSME (स्थापना एवं संचालन सुविधा) अधिनियम 2019: नए उद्यम को 3 वर्ष तक राज्य विभागों की अनुमति/निरीक्षण से छूट, केवल 'आशय-पत्र' (Declaration of Intent) प्रस्तुत करना होता है। बजट 2026-27: संभाग स्तर पर MSME प्लग-एंड-प्ले सुविधा (₹350 करोड़)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • MSME अधिनियम 2019 में अनुमति-छूट की अवधि? – 3 वर्ष • CGTMSE गारंटी शुल्क पुनर्भरण की ऋण सीमा? – ₹5 करोड़ • गुणवत्ता प्रमाणन पुनर्भरण की अधिकतम सीमा? – ₹3 लाख
4. राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति 2024 में वर्ष 2029 तक राज्य के निर्यात का क्या लक्ष्य रखा गया है?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर ₹1.5 लाख करोड़ है। 📘 विस्तार से समझें: आधार: 2023-24 में राज्य का निर्यात ₹83,704 करोड़; लक्ष्य 2029 तक ₹1.5 लाख करोड़ (लगभग दोगुना)। आर्थिक समीक्षा 2025-26 में निर्यात लगभग ₹97,000 करोड़ का उल्लेख है। प्रमुख निर्यात-क्षेत्र: इंजीनियरिंग वस्तुएँ, रत्न-आभूषण (जयपुर), आयामी पत्थर व खनिज (संगमरमर, ग्रेनाइट, सैंडस्टोन), वस्त्र-परिधान, हस्तशिल्प (जोधपुर फर्नीचर, जयपुर), कृषि-खाद्य (ग्वार गम, मसाले)। प्रोत्साहन: ICD/एयर-कार्गो से भाड़े का 25% (अधिकतम ₹25 लाख प्रतिवर्ष); अंतरराष्ट्रीय मेलों हेतु 75% (अधिकतम ₹3 लाख प्रतिवर्ष); प्रमाणन-परीक्षण पर 50% (अधिकतम ₹5 लाख); MSME हेतु ECGC प्रीमियम का 50%; ई-कॉमर्स शुल्क पुनर्भरण। संस्थागत ढाँचा: राजस्थान निर्यात संवर्धन परिषद (REPC), जिला निर्यात संवर्धन समितियाँ। केंद्र की 'जिलों को निर्यात हब' पहल से संरेखित। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 2023-24 में राज्य का निर्यात? – ₹83,704 करोड़ • निर्यात नीति में भाड़ा पुनर्भरण? – 25% (अधिकतम ₹25 लाख/वर्ष) • राज्य की निर्यात संवर्धन शीर्ष संस्था? – राजस्थान निर्यात संवर्धन परिषद (REPC)
5. अभिकथन (A): राजस्थान जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश 2025 को 'व्यवसाय करने में सुगमता' व 'जीवन-सुगमता' का सुधार माना जाता है। कारण (R): इसके द्वारा 11 राज्य अधिनियमों में लघु व तकनीकी उल्लंघनों हेतु कारावास के प्रावधान हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: अपराधमुक्तिकरण (decriminalisation) से उद्यमियों व नागरिकों पर छोटी त्रुटियों के लिए जेल का भय समाप्त होता है, मुकदमेबाज़ी घटती है और अनुपालन-भार कम होता है – यही 'व्यवसाय-सुगमता' का मूल है; अतः R, A की व्याख्या करता है। अध्यादेश (दिसंबर 2025 में मंत्रिमंडल-स्वीकृत) केंद्र के जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2023 के अनुरूप है; इसमें राजस्थान वन अधिनियम 1953, राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम 1961, जयपुर जलप्रदाय एवं सीवरेज बोर्ड अधिनियम 2018 आदि शामिल – उदाहरणार्थ वन-भूमि पर पशु चराने पर कारावास के स्थान पर केवल जुर्माना/क्षतिपूर्ति। उसी बैठक में अप्रवासी राजस्थानी (NRR) नीति 2025, राजस्थान व्यापार संवर्धन नीति 2025 (10.5 लाख+ खुदरा व्यापारियों हेतु) और राजस्थान पर्यटन नीति 2025 भी स्वीकृत हुईं। बजट 2026-27 में 'डी-रेगुलेशन प्रकोष्ठ' और जोखिम-आधारित निरीक्षण की घोषणा इसी दिशा में। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • जन विश्वास अध्यादेश से कितने राज्य अधिनियम संशोधित? – 11 • केंद्र का जन विश्वास अधिनियम? – 2023 • व्यापार संवर्धन नीति 2025 के लक्षित खुदरा व्यापारी? – 10.5 लाख+
6. राजस्थान एक जिला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग हेतु दो वर्ष तक 75% (अधिकतम ₹1 लाख प्रति वर्ष) सहायता देय है। 2. उन्नत तकनीक/सॉफ्टवेयर हेतु 50% (अधिकतम ₹5 लाख) सहायता का प्रावधान है। 3. राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग लेने हेतु सहायता की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। 4. यह नीति केवल हस्तशिल्प उत्पादों पर लागू है; कृषि-आधारित व खनिज-आधारित उत्पाद इसमें सम्मिलित नहीं हैं। 5. बजट 2026-27 में ODOP सूक्ष्म-लघु इकाइयों हेतु ₹15 करोड़ तथा विस्तार हेतु 10% मार्जिन मनी का प्रावधान किया गया। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल तीन कथन (1, 2 और 5) सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – प्रदर्शनियों में स्टॉल-किराया/यात्रा सहायता की अधिकतम सीमा ₹2 लाख है। कथन 4 गलत – ODOP सूची में हस्तशिल्प के साथ कृषि-आधारित (जैसे बाराँ – लहसुन उत्पाद, श्रीगंगानगर – सरसों तेल, बीकानेर – नमकीन), खनिज/पत्थर-आधारित (मकराना संगमरमर, कोटा स्टोन, जालोर ग्रेनाइट), औद्योगिक (अलवर-खैरथल-कोटपूतली – ऑटो पार्ट्स; भीलवाड़ा – टेक्सटाइल) सभी प्रकार के उत्पाद हैं। अन्य प्रावधान: नई सूक्ष्म/लघु इकाइयों को मार्जिन मनी अनुदान (सूक्ष्म 25% अधिकतम ₹15 लाख; लघु 15% अधिकतम ₹20 लाख), IPR हेतु 75% सहायता, कैटलॉगिंग-वेबसाइट पर 60% (अधिकतम ₹75,000), क्लस्टरों हेतु कॉमन फैसिलिटी सेंटर। ODOP, 'पंच गौरव' कार्यक्रम का 'एक जिला एक उत्पाद' घटक भी है; उदाहरण – प्रतापगढ़ थेवा, कोटा डोरिया, बाड़मेर कशीदाकारी, फलौदी सोनामुखी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • ODOP में प्रदर्शनी सहायता की अधिकतम सीमा? – ₹2 लाख • ODOP में IPR सहायता? – 75% • भीलवाड़ा का ODOP उत्पाद? – टेक्सटाइल
7. प्रवासी राजस्थानियों से जुड़ी पहलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: अप्रवासी राजस्थानी (NRR) नीति 2025 में NRR निवेश सुविधा प्रकोष्ठ, निवेश संपर्क अधिकारी और प्रवासी डेटाबेस का प्रावधान है। कथन II: प्रवासी राजस्थानियों से समन्वय हेतु 'घरेलू एवं प्रवासी राजस्थानी मामलात विभाग' (DORA) गठित किया गया और राजस्थान फाउंडेशन के 14 नए अध्याय (चैप्टर) घोषित हुए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: NRR नीति 2025 (दिसंबर 2025): प्रवासी राजस्थानियों से सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक संबंध; NRR निवेश सुविधा प्रकोष्ठ, निवेश संपर्क अधिकारी, राजस्थान फाउंडेशन चैप्टरों में निवेश समन्वयक, क्षेत्रवार निवेश रोडमैप हेतु NRR निवेश सलाहकार परिषदें; 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' और 'NRR सम्मान पुरस्कार'; कौशल-व्यवसाय-निवेश क्षमता का प्रवासी डेटाबेस; 'ग्लोबल यूथ कनेक्ट', 'सेलिब्रेट राजस्थान', 'डायस्पोरा फॉर डेवलपमेंट'; विदेश में बसे राजस्थानियों हेतु शिकायत-निवारण। प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस 10 दिसंबर 2025 को JECC, जयपुर में; इसी अवसर पर राजस्थान पर्यटन नीति 2025 जारी। राजस्थान फाउंडेशन के 14 नए चैप्टर (9 विदेश में) – बजट 2026-27 में भी उल्लेख। राजस्थान फाउंडेशन की स्थापना 2001 में प्रवासियों को जोड़ने हेतु हुई थी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस का स्थान? – JECC, जयपुर • राजस्थान फाउंडेशन के नए चैप्टरों में विदेश में? – 9 • प्रवासी मामलों हेतु नया विभाग? – DORA
8. सूची-I (राज्य नीति/कानून) को सूची-II (वर्ष) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) राजस्थान MSME (स्थापना एवं संचालन सुविधा) अधिनियम (ब) राजस्थान पर्यटन नीति (नवीनतम) (स) राजस्थान एंटरप्राइजेज सिंगल विंडो इनेबलिंग एंड क्लीयरेंस अधिनियम (द) राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (नवीनतम) सूची-II: (1) 2025 (2) 2019 (3) 2011 (4) 2024
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: MSME अधिनियम – 2019; पर्यटन नीति – 2025; सिंगल विंडो अधिनियम – 2011; RIPS – 2024। 📘 विस्तार से समझें: राज्य की औद्योगिक-निवेश नीतियों का कालक्रम: सिंगल विंडो अधिनियम 2011 (राजनिवेश पोर्टल; बजट 2026-27 में 'सिंगल विंडो 2.0'); RIPS 2014 → 2019 → 2022 → 2024; MSME अधिनियम 2019 (3 वर्ष अनुमति-छूट); कृषि प्रसंस्करण नीति 2019; MSME नीति 2024; निर्यात प्रोत्साहन नीति 2024; ODOP नीति 2024; एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024; खनिज नीति 2024; पर्यटन इकाई नीति 2024; पर्यटन नीति 2025 (10 दिसंबर 2025); फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025; लॉजिस्टिक्स नीति 2025; GCC नीति 2025; NRR नीति 2025; व्यापार संवर्धन नीति 2025। सरकार के अनुसार दो वर्षों में 24 से अधिक नई नीतियाँ जारी हुईं। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • सिंगल विंडो 2.0 की घोषणा? – बजट 2026-27 • RIPS के पूर्ववर्ती संस्करण? – 2014, 2019, 2022 • सरकार के अनुसार दो वर्षों में जारी नीतियाँ? – 24+
9. राजस्थान के खनन क्षेत्र के राजस्व के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: वर्ष 2024-25 में खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने लगभग ₹9,202.50 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष से लगभग 23% अधिक था। कथन II: 2024-25 में राशि की दृष्टि से सर्वाधिक खनन राजस्व भीलवाड़ा वृत्त से प्राप्त हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: 2024-25: राजस्व ₹9,202.50 करोड़ (वृद्धि 23.35%; ₹1,742.02 करोड़ अधिक) – विभाग के इतिहास में सर्वाधिक; भीलवाड़ा वृत्त (रामपुरा-आगूचा की सीसा-जस्ता खान के कारण) ₹2,257.74 करोड़ के साथ प्रथम। राज्य खनिज ब्लॉकों की नीलामी में देश में अग्रणी। खनन राजस्व के स्रोत – रॉयल्टी (प्रधान खनिज: सीसा-जस्ता, चूना पत्थर, ताँबा, जिप्सम, रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट), डेड रेंट, नीलामी प्रीमियम; अप्रधान खनिज (संगमरमर, ग्रेनाइट, सैंडस्टोन, बजरी) – राज्य के नियंत्रण में (MMDR अधिनियम 1957 की धारा 15)। पेट्रोलियम रॉयल्टी (बाड़मेर बेसिन) अलग से गैर-कर राजस्व का बड़ा स्रोत। नीतियाँ: राजस्थान खनिज नीति 2024 और M-सैंड नीति 2024 (दिसंबर 2024); बजट 2026-27 – 10 प्रमुख खनिज ब्लॉक व 100 अप्रधान प्लॉट नीलाम होंगे। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) – खनन-प्रभावित क्षेत्रों के विकास हेतु। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 2024-25 में खनन राजस्व? – ₹9,202.50 करोड़ • सर्वाधिक राजस्व वाला वृत्त? – भीलवाड़ा • अप्रधान खनिजों पर नियम बनाने का अधिकार? – राज्य (MMDR धारा 15)
10. राजस्थान M-सैंड नीति 2024 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें M-सैंड का उत्पादन लगभग 13 मिलियन टन से बढ़ाकर 2028-29 तक 30 मिलियन टन करने का लक्ष्य है। 2. इसके अनुसार राज्य-वित्तपोषित निर्माण कार्यों में M-सैंड का न्यूनतम उपयोग 25% से बढ़ाकर 2028-29 तक 50% करना है। 3. M-सैंड इकाइयों को विद्युत शुल्क में कोई छूट नहीं दी गई है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 2 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: M-सैंड (निर्मित रेत) – पत्थर/खनन-अपशिष्ट को क्रश कर बनाई गई रेत; उद्देश्य: नदी-तल से बजरी के अवैध व अनियंत्रित खनन को घटाना (सर्वोच्च न्यायालय के प्रतिबंधों के संदर्भ में), खनन-अपशिष्ट (ओवरबर्डन) का उपयोग, सस्ती निर्माण-सामग्री। राज्य की वार्षिक रेत-माँग लगभग 70 मिलियन टन। प्रोत्साहन: पहले 7 वर्ष विद्युत शुल्क में 100% छूट (अतः कथन 3 गलत), स्टाम्प ड्यूटी छूट, लघु-मध्यम उद्यमों को पूँजी जुटाने की लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख एकमुश्त)। बजट 2026-27 ने सरकारी कार्यों में M-सैंड उपयोग 25% से 50% करने की घोषणा दोहराई। पहली M-सैंड नीति 2020 में आई थी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य की वार्षिक रेत-माँग लगभग? – 70 मिलियन टन • M-सैंड इकाइयों को विद्युत शुल्क छूट? – पहले 7 वर्ष 100% • राज्य की पहली M-सैंड नीति? – 2020
11. अभिकथन (A): पचपदरा (बालोतरा) में स्थापित HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) 9 MMTPA क्षमता की एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परियोजना है। कारण (R): HRRL, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उद्यम है।
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है। 📘 विस्तार से समझें: दोनों तथ्य सही हैं, पर स्वामित्व-संरचना परियोजना की क्षमता/स्वरूप की व्याख्या नहीं करती। HRRL: स्थान – पचपदरा (नए बालोतरा जिले में; पूर्व बाड़मेर); क्षमता 9 मिलियन टन प्रति वर्ष; बाड़मेर बेसिन के कच्चे तेल (लगभग 1.5 MMTPA) व आयातित कच्चे तेल का प्रसंस्करण; BS-VI ईंधन के साथ पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीइथिलीन आदि पेट्रोरसायन – जिससे पश्चिमी राजस्थान में 'पेट्रोलियम, रसायन एवं पेट्रोरसायन निवेश क्षेत्र' (PCPIR-प्रकार) व अनुषंगी (ancillary) उद्योगों की संभावना। शिलान्यास 2013 (मूल) व 'कार्य-आरंभ' 2018 में प्रधानमंत्री द्वारा। राज्य में तेल: बाड़मेर-सांचौर बेसिन (मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या – केयर्न/वेदांता; मंगला की खोज 2004, उत्पादन 2009), जैसलमेर बेसिन (गैस – ONGC/ऑयल इंडिया), बीकानेर-नागौर बेसिन (भारी तेल)। बजट 2026-27 में बालोतरा सहित CETP हेतु ₹1,000 करोड़। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • HRRL की क्षमता? – 9 MMTPA • HRRL में राज्य सरकार की हिस्सेदारी? – 26% • मंगला तेल क्षेत्र की खोज? – 2004
12. राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राज्य का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आधार 2011-12) 2025-26 में (नवंबर तक) 2024-25 की तुलना में लगभग 5% बढ़ा। कथन II: 'विकसित राजस्थान @2047' में GSVA में विनिर्माण का हिस्सा 50% तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन गलत हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 1 गलत – IIP 154.38 (2024-25) से घटकर 153.29 (2025-26, नवंबर तक; अनंतिम) हुआ, अर्थात् लगभग 0.7% गिरावट। श्रृंखला: 2021-22 – 133.97; 2022-23 – 136.93; 2023-24 – 153.46 (बड़ी छलाँग); 2024-25 – 154.38। कथन 2 गलत – विकसित राजस्थान का लक्ष्य GSVA में विनिर्माण का हिस्सा 20% करना है (50% नहीं)। उद्योग क्षेत्र (खनन, विनिर्माण, निर्माण, विद्युत-गैस-जल) का GSVA में हिस्सा 2025-26 में स्थिर मूल्यों पर 28.21%, प्रचलित पर 26.55%; इसमें विनिर्माण का अंश अपेक्षाकृत कम और निर्माण (construction) व खनन का अधिक है – राजस्थान की औद्योगिक संरचना की विशेषता। नीतिगत प्रयास: RIPS 2024, MSME नीति, लॉजिस्टिक्स नीति 2025, औद्योगिक क्षेत्रों हेतु भूमि-एकत्रीकरण (बजट 2026-27), DMIC व पश्चिमी DFC से जुड़े नोड। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 2023-24 में राज्य IIP? – 153.46 • उद्योग का GSVA हिस्सा 2025-26 (स्थिर)? – 28.21% • विकसित राजस्थान में विनिर्माण-हिस्से का लक्ष्य? – 20%
13. आर्थिक समीक्षा 2025-26 (अग्रिम अनुमान, स्थिर मूल्य) के अनुसार उद्योग क्षेत्र की संरचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: उद्योग क्षेत्र के GVA में सर्वाधिक हिस्सा निर्माण (construction) उप-क्षेत्र का है। कथन II: 2025-26 में खनन उप-क्षेत्र ने उद्योग के सभी उप-क्षेत्रों में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: न तो I और न ही II सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – सर्वाधिक हिस्सा विनिर्माण (40.52%) का, फिर निर्माण (35.02%), खनन (12.42%), विद्युत-गैस-जल आपूर्ति आदि उपयोगिताएँ (12.04%)। कथन II गलत – खनन में ऋणात्मक वृद्धि (−1.41%); सर्वाधिक वृद्धि उपयोगिताओं (+9.37%), फिर निर्माण (+8.27%), विनिर्माण (+7.84%)। उद्योग GVA – ₹4.54 लाख करोड़ (प्रचलित), ₹2.48 लाख करोड़ (स्थिर); GSVA में हिस्सा 26.55% (प्रचलित); वृद्धि 7.02%। खनन IIP (आधार 2011-12) – 124.53 (2021-22) → 116.76 → 111.38 → 97.30 (2024-25) → 87.94 (2025-26, नवंबर तक, अनंतिम) – निरंतर गिरावट। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • उद्योग में सर्वाधिक वृद्धि वाला उप-क्षेत्र? – उपयोगिताएँ (+9.37%) • खनन IIP 2024-25? – 97.30 • उद्योग GVA (प्रचलित, 2025-26)? – ₹4.54 लाख करोड़
14. राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महिला, SC/ST उद्यमियों तथा जनजाति उप-योजना (TSP) क्षेत्र की इकाइयों को अतिरिक्त 5% पूँजी अनुदान का प्रावधान है। 2. प्रदूषण नियंत्रण/ऊर्जा ऑडिट हेतु व्यय का 100% (बिना किसी सीमा) पुनर्भरण किया जाता है। 3. कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा पर 7 वर्ष तक विद्युत शुल्क में छूट का प्रावधान है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – प्रदूषण नियंत्रण/ऊर्जा ऑडिट आदि हेतु 50% सहायता, अधिकतम ₹1 करोड़। RIPS 2024 (दिसंबर 2024; 31 मार्च 2029 तक) के अन्य प्रावधान – शुद्ध SGST का 75% तक 10 वर्ष हेतु निवेश अनुदान (या पूँजी अनुदान का विकल्प), स्टांप शुल्क व भूमि रूपांतरण शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान, सेवा क्षेत्र/GCC/डेटा सेंटर को सम्मिलित करना, थ्रस्ट सेक्टर, पर्यटन परियोजना हेतु न्यूनतम ₹10 करोड़ निवेश, हरित/सतत विकास हेतु प्रोत्साहन। राज्य निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो (BIP) – निवेश सुविधा; सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • RIPS 2024 की वैधता? – 31 मार्च 2029 • RIPS 2024 में SGST आधारित अनुदान अवधि? – 10 वर्ष • प्रदूषण नियंत्रण सहायता की अधिकतम सीमा? – ₹1 करोड़
15. राजस्थान MSME नीति 2024 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. CGTMSE गारंटी शुल्क का 100% पुनर्भरण 7 वर्षों तक किया जाता है। 2. गुणवत्ता प्रमाणन पर व्यय का 50%, अधिकतम ₹3 लाख तक सहायता है। 3. राज्य सरकार की ख़रीद में MSME हेतु 96 वस्तुएँ आरक्षित हैं। 4. SC/ST उद्यमियों से 4% सरकारी ख़रीद का प्रावधान है। 5. ₹50 करोड़ से अधिक के सभी ऋणों पर 6% ब्याज अनुदान दिया जाता है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल चार कथन (1 से 4) सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 5 गलत – ब्याज अनुदान स्लैब: ₹5 करोड़ तक ऋण पर 6%, ₹10 करोड़ तक 4%, ₹50 करोड़ तक 3% (अर्थात ऋण जितना बड़ा, अनुदान दर उतनी कम; ₹50 करोड़ से ऊपर यह स्लैब नहीं)। अन्य – ZED प्रमाणन (9,000 इकाइयाँ लक्ष्य), बाज़ार सहायता, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग। CGTMSE (2000) – बिना संपार्श्विक ऋण की गारंटी। MSME सुविधा – राजस्थान MSME (स्थापना व संचालन सुविधा) अधिनियम 2019 – 3 वर्ष तक राज्य अनुमतियों से छूट (स्व-घोषणा)। MSME परिभाषा (2020 संशोधन व 2025 बजट में सीमा वृद्धि) – निवेश व टर्नओवर आधारित संयुक्त मापदंड। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • MSME नीति 2024 में ₹10 करोड़ तक ऋण पर ब्याज अनुदान? – 4% • राजस्थान MSME सुविधा अधिनियम? – 2019 • CGTMSE की स्थापना? – 2000
16. खनिज क्षेत्रों (सूची-I) को उनके प्रमुख खनिज (सूची-II) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) जावर व रामपुरा-आगूचा (ब) खेतड़ी-सिंघाना (स) झामरकोटड़ा (द) मकराना सूची-II: (1) संगमरमर (2) सीसा-जस्ता (3) रॉक फ़ॉस्फ़ेट (4) ताँबा
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: जावर/रामपुरा-आगूचा – सीसा-जस्ता; खेतड़ी – ताँबा; झामरकोटड़ा – रॉक फ़ॉस्फ़ेट; मकराना – संगमरमर। 📘 विस्तार से समझें: रामपुरा-आगूचा (भीलवाड़ा) – विश्व की सबसे बड़ी भूमिगत जस्ता खानों में; हिंदुस्तान ज़िंक (वेदांता) – चाँदी भी; जावर (उदयपुर) – प्राचीन जस्ता गलन। खेतड़ी (झुंझुनूं) – हिंदुस्तान कॉपर लि.। झामरकोटड़ा (उदयपुर) – RSMML (राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लि.)। मकराना (डीडवाना-कुचामन) – सफ़ेद संगमरमर (ताजमहल)। राज्य का खनन राजस्व 2024-25 – ₹9,202.50 करोड़ (+23.35%), भीलवाड़ा वृत्त सर्वाधिक (₹2,257.74 करोड़)। राजस्थान खनिज नीति 2024, M-सैंड नीति 2024; केंद्र – राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (2025)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य का खनिज PSU? – RSMML • खनन राजस्व में शीर्ष वृत्त? – भीलवाड़ा • मकराना अब किस जिले में? – डीडवाना-कुचामन
17. अभिकथन (A): राजस्थान का खनन सूचकांक (IIP, आधार 2011-12) 2021-22 के 124.53 से घटकर 2024-25 में 97.30 रह गया। कारण (R): 2024-25 में खान विभाग का राजस्व पिछले वर्ष से 23.35% बढ़कर ₹9,202.50 करोड़ हो गया।
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है। 📘 विस्तार से समझें: दोनों तथ्य सही हैं, किंतु R सूचकांक में गिरावट की व्याख्या नहीं करता – बल्कि विपरीत दिशा का तथ्य है। IIP भौतिक उत्पादन की मात्रा मापता है, जबकि राजस्व रॉयल्टी दरों, नीलामी प्रीमियम, DMFT/NMET अंशदान व खनिजों के मूल्य पर निर्भर है; अतः उत्पादन मात्रा घटने पर भी राजस्व बढ़ सकता है। खनन उप-क्षेत्र की वृद्धि 2025-26 में −1.41%। खनन IIP 2025-26 (नवंबर तक, अनंतिम) – 87.94। DMFT – जिला खनिज फ़ाउंडेशन ट्रस्ट (खान प्रभावित क्षेत्रों का विकास, PMKKKY)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • IIP क्या मापता है? – भौतिक उत्पादन मात्रा • खान प्रभावित क्षेत्रों हेतु ट्रस्ट? – DMFT • खनन IIP 2025-26 (नवंबर तक)? – 87.94
18. दिसंबर 2025 में स्वीकृत/घोषित राज्य नीतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राजस्थान व्यापार संवर्धन नीति 2025 राज्य के लगभग 10.5 लाख खुदरा व्यापारियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। कथन II: राजस्थान लॉजिस्टिक्स नीति 2025 का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत घटाकर उद्योग व निर्यात की प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: दिसंबर 2025 मंत्रिमंडल निर्णय – जन विश्वास अध्यादेश 2025 (11 अधिनियम), अनिवासी राजस्थानी नीति 2025 (DORA विभाग; राजस्थान फ़ाउंडेशन के 14 नए चैप्टर, 9 विदेश में), व्यापार संवर्धन नीति 2025, पर्यटन नीति 2025। लॉजिस्टिक्स – पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (2021), राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (17 सितंबर 2022; लॉजिस्टिक्स लागत को GDP के एकल अंक तक लाना), LEADS रैंकिंग; राज्य में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, ड्राई पोर्ट, DFC के साथ औद्योगिक नोड। मुख्यमंत्री के अनुसार 2 वर्षों में 34 नई नीतियाँ। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति? – 17 सितंबर 2022 • राज्यों की लॉजिस्टिक्स रैंकिंग? – LEADS • अनिवासी राजस्थानियों हेतु नया विभाग? – DORA
19. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PM-FME) के संबंध में राजस्थान में नोडल एजेंसी कौन-सी है?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड (RSAMB)। 📘 विस्तार से समझें: PM-FME (2020-21, आत्मनिर्भर भारत; 2025-26 तक) – सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को परियोजना लागत का 35% क्रेडिट-लिंक्ड पूँजी अनुदान, अधिकतम ₹10 लाख; केंद्र-राज्य 60:40; 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) दृष्टिकोण; SHG सदस्यों को ₹40,000 तक सीड कैपिटल। राज्य – खाद्य पार्क विकास एवं भूमि आवंटन नीति 2024; राइज़िंग राजस्थान में खाद्य प्रसंस्करण के 2,524 MoU (₹43,794.84 करोड़); कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति 2019। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • PM-FME में अधिकतम पूँजी अनुदान? – ₹10 लाख (35%) • PM-FME में SHG सदस्य को सीड कैपिटल? – ₹40,000 तक • राज्य की खाद्य पार्क नीति? – 2024
20. राजस्थान के भौगोलिक संकेतक (GI) प्राप्त उत्पादों (सूची-I) को उनके क्षेत्र (सूची-II) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) थेवा कला (ब) मोलेला मृण्मूर्ति (टेराकोटा) (स) ब्लू पॉटरी (द) कोटा डोरिया सूची-II: (1) जयपुर (2) प्रतापगढ़ (3) कोटा (कैथून) (4) राजसमंद
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: थेवा – प्रतापगढ़; मोलेला – राजसमंद; ब्लू पॉटरी – जयपुर; कोटा डोरिया – कोटा (कैथून)। 📘 विस्तार से समझें: GI – भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण व संरक्षण) अधिनियम 1999 (2003 से प्रभावी); उत्पाद की गुणवत्ता/प्रतिष्ठा का स्थान-विशेष से संबंध; कारीगरों को ब्रांड-मूल्य व निर्यात लाभ। राजस्थान के अन्य GI – बगरू व सांगानेरी हस्त-छपाई, बीकानेरी भुजिया, पोकरण मृद्भांड आदि। आर्थिक नीति-संबंध – ODOP नीति 2024 (जिला-विशिष्ट उत्पादों का विपणन, ई-कॉमर्स, प्रदर्शनियाँ), निर्यात संवर्धन नीति 2024 (हस्तशिल्प निर्यात), पीएम विश्वकर्मा (पारंपरिक कारीगर)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • GI अधिनियम का वर्ष? – 1999 • थेवा कला किस धातु पर? – स्वर्ण (काँच पर सोने की नक़्क़ाशी) • कोटा डोरिया का केंद्र? – कैथून
21. अभिकथन (A): 2014 में राजस्थान ने औद्योगिक विवाद अधिनियम में संशोधन कर छँटनी/बंदी हेतु सरकारी पूर्व-अनुमति की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारी कर दी। कारण (R): इस संशोधन का उद्देश्य श्रम-बाज़ार में लचीलापन लाकर विनिर्माण निवेश व रोज़गार-सृजन को प्रोत्साहित करना था।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: राजस्थान ऐसे श्रम सुधार करने वाला अग्रणी राज्य था (औद्योगिक विवाद, ठेका श्रम, कारख़ाना अधिनियमों में संशोधन); बाद में केंद्र की औद्योगिक संबंध संहिता 2020 ने यही 300 की सीमा राष्ट्रीय स्तर पर अपनाई (21 नवंबर 2025 से)। उद्देश्य – 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस', बड़े पैमाने के कारख़ानों को प्रोत्साहन – R, A का कारण है। आलोचना – रोज़गार सुरक्षा में कमी। अन्य निवेश-सुविधा – राजस्थान उद्यम एकल खिड़की सक्षमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम 2011, MSME सुविधा अधिनियम 2019 (3 वर्ष तक निरीक्षण/अनुमति से छूट), जन विश्वास अध्यादेश 2025। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राजस्थान एकल खिड़की अधिनियम? – 2011 • 300 की सीमा को राष्ट्रीय रूप देने वाली संहिता? – औद्योगिक संबंध संहिता 2020 • MSME सुविधा अधिनियम में छूट अवधि? – 3 वर्ष
22. राजस्थान निर्यात संवर्धन नीति 2024 के प्रोत्साहनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: निर्यातकों को माल-भाड़े पर 25% (अधिकतम ₹25 लाख) तक सहायता का प्रावधान है। कथन II: अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी पर 75% (अधिकतम ₹3 लाख) तक सहायता दी जाती है; नीति में राजस्थान निर्यात संवर्धन परिषद (REPC) की भूमिका है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: नीति (दिसंबर 2024) – आधार 2023-24 का ₹83,704 करोड़ निर्यात; लक्ष्य 2029 तक ₹1.5 लाख करोड़; प्रावधान – माल-भाड़ा सहायता (भूमि-आबद्ध राज्य होने से बंदरगाह-दूरी की लागत की भरपाई), व्यापार मेले, प्रमाणन/गुणवत्ता, ई-कॉमर्स निर्यात, निर्यातकों का प्रशिक्षण-क्षमता विकास, जिला निर्यात हब (ODOP से तालमेल)। 2024-25 में निर्यात ₹97,171.66 करोड़ – इंजीनियरिंग, रत्न-आभूषण, वस्त्र शीर्ष। इनलैंड कंटेनर डिपो/ड्राई पोर्ट व पश्चिमी DFC से बंदरगाह संपर्क। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • निर्यात नीति में माल-भाड़ा सहायता की अधिकतम सीमा? – ₹25 लाख • निर्यात संवर्धन हेतु राज्य परिषद? – REPC • माल-भाड़ा सहायता क्यों? – भूमि-आबद्ध राज्य, बंदरगाह-दूरी
23. राजस्थान के औद्योगिक केंद्रों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भीलवाड़ा को 'वस्त्र नगरी' कहा जाता है; यह सिंथेटिक/पॉलिएस्टर-विस्कोस वस्त्र उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। 2. चित्तौड़गढ़ जिला सीमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र है, क्योंकि यहाँ चूना-पत्थर के विशाल भंडार हैं। 3. किशनगढ़ (अजमेर) देश में सीमेंट की सबसे बड़ी मंडी के रूप में प्रसिद्ध है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 2 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – किशनगढ़ एशिया की सबसे बड़ी मार्बल (संगमरमर) मंडियों में प्रसिद्ध है; हवाई अड्डा भी। अन्य केंद्र – भिवाड़ी (NCR, ऑटो-इलेक्ट्रॉनिक्स), नीमराणा (जापानी ज़ोन), जोधपुर (हस्तशिल्प-फ़र्नीचर, ग्वार गम), बीकानेर (भुजिया, ऊन, सिरेमिक), सांगानेर-बगरू (हस्त-छपाई), मकराना (संगमरमर)। राजस्थान सीमेंट उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में (चूना-पत्थर – चित्तौड़गढ़, निंबाहेड़ा, बूंदी, नागौर, जैसलमेर)। उद्योग GVA – विनिर्माण 40.52% हिस्सा। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • एशिया की बड़ी मार्बल मंडी? – किशनगढ़ • भीलवाड़ा का उपनाम? – वस्त्र नगरी (राजस्थान का मैनचेस्टर) • सीमेंट हेतु कच्चा माल? – चूना-पत्थर
24. राज्य में औद्योगिक निवेश सुविधा संस्थाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: RIICO औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, भूमि-आवंटन व औद्योगिक वित्त का प्रमुख राज्य उपक्रम है। कथन II: राजस्थान उद्यम एकल खिड़की सक्षमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम केवल विदेशी निवेशकों पर लागू होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – एकल खिड़की अधिनियम 2011 सभी (देशी-विदेशी) उद्यमों हेतु समयबद्ध स्वीकृतियों की व्यवस्था; ऑनलाइन सिंगल विंडो पोर्टल। संस्थाएँ – RIICO (1969 में स्थापित; औद्योगिक क्षेत्र व विशेष पार्क – कृषि-खाद्य, सिरेमिक, सौर, फ़िनटेक आदि), निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) – निवेश सुविधा व MoU-अनुवर्तन, जिला उद्योग केंद्र (DIC) – MSME। निगरानी – 'राज उन्नति' (₹2 लाख करोड़ से अधिक की 42 परियोजनाओं की समीक्षा)। राइज़िंग राजस्थान में लगभग ₹35 लाख करोड़ के MoU, ₹8 लाख करोड़+ धरातल पर (दावा)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • एकल खिड़की अधिनियम? – 2011 • MSME हेतु जिला संस्था? – जिला उद्योग केंद्र (DIC) • परियोजना निगरानी मंच? – राज उन्नति
25. निम्नलिखित में से किस खनिज के उत्पादन में राजस्थान का देश में लगभग एकाधिकार है?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – वोलेस्टोनाइट। 📘 विस्तार से समझें: राजस्थान – 'खनिजों का अजायबघर'; देश में लगभग एकाधिकार/प्रथम – वोलेस्टोनाइट (सिरोही, डूंगरपुर, उदयपुर), जैस्पर, सीसा-जस्ता (रामपुरा-आगूचा, जावर, राजपुरा-दरीबा), चाँदी (HZL), जिप्सम, कैल्साइट, रॉक फ़ॉस्फ़ेट (झामरकोटड़ा), संगमरमर, बलुआ पत्थर। लौह अयस्क-बॉक्साइट-मैंगनीज़ के प्रमुख उत्पादक – ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश आदि। खनन राजस्व 2024-25 – ₹9,202.50 करोड़; खनिज नीति 2024, M-सैंड नीति 2024; राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (2025) में राज्य की क्षमता (लिथियम/REE अन्वेषण)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • वोलेस्टोनाइट क्षेत्र? – सिरोही, डूंगरपुर, उदयपुर • राजपुरा-दरीबा का खनिज? – सीसा-जस्ता • राज्य का उपनाम (खनिज)? – खनिजों का अजायबघर
26. 1 अप्रैल 2025 से लागू संशोधित MSME वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूक्ष्म उद्यम – संयंत्र/मशीनरी में निवेश ₹2.5 करोड़ तक तथा टर्नओवर ₹10 करोड़ तक। 2. लघु उद्यम – निवेश ₹25 करोड़ तक तथा टर्नओवर ₹100 करोड़ तक। 3. मध्यम उद्यम – निवेश ₹125 करोड़ तक तथा टर्नओवर ₹500 करोड़ तक। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: केंद्रीय बजट 2025-26 में सीमाएँ ढाई गुना (निवेश) व दोगुनी (टर्नओवर) की गईं; पूर्व (2020) – सूक्ष्म ₹1 करोड़/₹5 करोड़, लघु ₹10 करोड़/₹50 करोड़, मध्यम ₹50 करोड़/₹250 करोड़। विनिर्माण व सेवा हेतु समान संयुक्त मानदंड; पंजीकरण – उद्यम पोर्टल (2020)। राजस्थान – MSME नीति 2024 (ब्याज अनुदान 6%/4%/3%, CGTMSE शुल्क पुनर्भरण, 96 आरक्षित वस्तुएँ), MSME सुविधा अधिनियम 2019; उद्योग GVA में विनिर्माण 40.52%। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • MSME पंजीकरण पोर्टल? – उद्यम पोर्टल • 2020 में सूक्ष्म उद्यम की निवेश सीमा? – ₹1 करोड़ • राजस्थान MSME नीति? – 2024
27. विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) के संबंध में राजस्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: SEZ अधिनियम 2005 के अंतर्गत SEZ इकाइयों को शुल्क-मुक्त आयात, एकल-खिड़की स्वीकृति जैसी सुविधाएँ मिलती हैं, क्योंकि SEZ को व्यापार-प्रयोजन हेतु 'विदेशी क्षेत्र' माना जाता है। कथन II: जयपुर में महिंद्रा वर्ल्ड सिटी (बहु-उत्पाद/IT SEZ) तथा सीतापुरा में रत्न-आभूषण SEZ स्थित हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: SEZ नीति 2000, अधिनियम 2005 (2006 से लागू); इकाइयों को निर्यात-उन्मुख प्रोत्साहन; 'विकास आयुक्त' प्रशासन। राजस्थान – जयपुर रत्न-आभूषण निर्यात का बड़ा केंद्र (2024-25 में राज्य का रत्न-आभूषण निर्यात ₹17,567.87 करोड़, दूसरा स्थान); महिंद्रा वर्ल्ड सिटी – IT/ITES, इंजीनियरिंग, हस्तशिल्प, घरेलू टैरिफ़ क्षेत्र भी। प्रस्तावित सुधार – SEZ के स्थान पर 'उद्यम एवं सेवा केंद्र' (DESH) विधेयक की अवधारणा। राज्य – निर्यात संवर्धन नीति 2024, RIPS 2024, लॉजिस्टिक्स नीति 2025। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • SEZ अधिनियम कब से लागू? – 2006 • 2024-25 में रत्न-आभूषण निर्यात? – ₹17,567.87 करोड़ • SEZ का प्रशासक? – विकास आयुक्त
28. अभिकथन (A): राजस्थान सरकार M-सैंड (विनिर्मित रेत) के उत्पादन व उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। कारण (R): नदी-तल से बजरी (रेत) के अनियंत्रित खनन से पर्यावरणीय क्षति होती है और इस पर न्यायिक/पर्यावरणीय प्रतिबंधों (जैसे 2017 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पर्यावरणीय स्वीकृति के बिना बजरी खनन पर रोक) से निर्माण क्षेत्र में रेत की कमी हुई।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: बजरी की कमी व पर्यावरण-संरक्षण की आवश्यकता ही M-सैंड प्रोत्साहन का कारण – R, A की व्याख्या है। M-सैंड नीति 2024 – उत्पादन 13 से बढ़ाकर 2028-29 तक 30 मिलियन टन; सरकारी निर्माण कार्यों में M-सैंड उपयोग 25% से बढ़ाकर 50%; M-सैंड इकाइयों को 7 वर्ष विद्युत शुल्क में 100% छूट; राज्य की वार्षिक रेत-माँग ~70 मिलियन टन। कच्चा माल – खदानों का ओवरबर्डन/अपशिष्ट पत्थर (पुनर्चक्रण से सर्कुलर अर्थव्यवस्था)। बजट 2026-27 में M-सैंड संबंधी कर रियायत। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • M-सैंड उत्पादन लक्ष्य (2028-29)? – 30 मिलियन टन • सरकारी कार्यों में M-सैंड उपयोग लक्ष्य? – 50% • राज्य की वार्षिक रेत-माँग (लगभग)? – 70 मिलियन टन
29. औद्योगिक प्रोत्साहन की केंद्रीय पहलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना में प्रोत्साहन उत्पादन क्षमता की स्थापना पर एकमुश्त दिया जाता है, बिक्री/उत्पादन वृद्धि से इसका कोई संबंध नहीं। कथन II: स्टार्टअप इंडिया पहल 16 जनवरी 2016 को आरंभ हुई; DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को कर व अनुपालन में रियायतें मिलती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – PLI में प्रोत्साहन आधार वर्ष की तुलना में वृद्धिशील बिक्री/उत्पादन पर (प्रायः 4-6%) दिया जाता है; 2020 से 14 क्षेत्र (मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो, फ़ार्मा, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, सौर मॉड्यूल, ड्रोन आदि)। मेक इन इंडिया – 25 सितंबर 2014। राजस्थान – iStart (राज्य स्टार्टअप कार्यक्रम), RIPS 2024 में स्टार्टअप/सेवा क्षेत्र प्रोत्साहन, डेटा सेंटर नीति 2025, GCC नीति 2025; सौर मॉड्यूल/हरित हाइड्रोजन से जुड़े PLI निवेश हेतु राज्य की RE क्षमता लाभकारी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • मेक इन इंडिया का आरंभ? – 25 सितंबर 2014 • PLI योजनाओं के क्षेत्र? – 14 • राज्य का स्टार्टअप कार्यक्रम? – iStart
30. राजस्थान 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) नीति 2024 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – जिले के विशिष्ट उत्पाद की पहचान कर उसके उत्पादन-ब्रांडिंग-विपणन-निर्यात को प्रोत्साहन। 📘 विस्तार से समझें: ODOP नीति 2024 (दिसंबर 2024) – मार्जिन मनी अनुदान, ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म शुल्क में सहायता, प्रदर्शनियों में भागीदारी, तकनीक उन्नयन, गुणवत्ता प्रमाणन; बजट 2026-27 में ODOP हेतु प्रावधान। जिला-विशिष्ट उत्पादों के उदाहरण (अवधारणा समझने हेतु; आधिकारिक सूची नीति में) – कोटा डोरिया, जयपुर रत्न/ब्लू पॉटरी, बीकानेर भुजिया, बाड़मेर अजरख/कसीदा, जोधपुर फ़र्नीचर, मकराना संगमरमर, भीलवाड़ा वस्त्र, झालावाड़ संतरा। केंद्र – ODOP (DPIIT) व PM-FME (खाद्य प्रसंस्करण में ODOP दृष्टिकोण); GI टैग से तालमेल। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • ODOP नीति जारी? – दिसंबर 2024 • PM-FME का दृष्टिकोण? – ODOP • ODOP से जुड़ा बौद्धिक संपदा साधन? – GI टैग