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टॉपिक 11 – महिला एवं बाल विकास

30 प्रश्न · विकल्प पर क्लिक करें, उत्तर व व्याख्या दिखेगी
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1. लाडो प्रोत्साहन योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह योजना 1 अगस्त 2024 से लागू है और इसमें बालिका को कुल ₹1.5 लाख की सहायता 7 किस्तों में दी जाती है। 2. प्रथम छह किस्तें अभिभावक को तथा अंतिम (सातवीं) किस्त सीधे बालिका के बैंक खाते में दी जाती है। 3. लाभ हेतु बालिका का जन्म राजकीय अथवा जननी सुरक्षा योजना में अधिस्वीकृत निजी चिकित्सा संस्थान में होना तथा माता का राजस्थान का मूल निवासी होना आवश्यक है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: लाडो प्रोत्साहन योजना (बजट 2024-25 में घोषित; पूर्व 'राजश्री योजना' – ₹50,000 – का स्थान): कुल ₹1.5 लाख का 'सेविंग बॉण्ड' – किस्तें: जन्म, 1 वर्ष (टीकाकरण), कक्षा 1, 6, 10, 12 में प्रवेश, तथा 21 वर्ष की आयु पर स्नातक/विवाह-पूर्व अंतिम ₹1 लाख (सातवीं किस्त बालिका को)। किस्त 3-6 का भुगतान स्कूल शिक्षा विभाग से, सातवीं उच्च शिक्षा/महिला एवं बाल विकास विभाग से। उद्देश्य – बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच, संस्थागत प्रसव, शिक्षा में निरंतरता और बाल विवाह की रोकथाम (अंतिम किस्त 21 वर्ष पर)। आर्थिक समीक्षा 2025-26: लगभग 3.27 लाख बालिकाएँ लाभान्वित। संबंधित केंद्रीय योजना – 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' (22 जनवरी 2015, पानीपत; राजस्थान का झुंझुनूं जिला शिशु लिंगानुपात सुधार हेतु चर्चित)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • लाडो प्रोत्साहन की कुल राशि? – ₹1.5 लाख (7 किस्त) • पूर्ववर्ती योजना? – राजश्री योजना • लाभान्वित बालिकाएँ (आर्थिक समीक्षा)? – लगभग 3.27 लाख
2. सूची-I (योजना/लाभार्थी वर्ग) को सूची-II (सहायता राशि) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) मुख्यमंत्री कन्यादान योजना – SC/ST/अल्पसंख्यक/BPL परिवार की 18+ आयु की कन्या (मूल राशि) (ब) मुख्यमंत्री कन्यादान योजना – उपर्युक्त वर्ग की स्नातक कन्या (कुल) (स) मुख्यमंत्री कन्यादान योजना – उपर्युक्त वर्ग की 10वीं उत्तीर्ण कन्या (कुल) (द) मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान – प्रति जोड़ा सूची-II: (1) ₹51,000 (2) ₹25,000 (3) ₹31,000 (4) ₹41,000
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: कन्यादान मूल – ₹31,000; स्नातक – ₹51,000; 10वीं उत्तीर्ण – ₹41,000; सामूहिक विवाह – ₹25,000। 📘 विस्तार से समझें: मुख्यमंत्री कन्यादान (हथलेवा) योजना: SC, ST, अल्पसंख्यक व BPL परिवारों की 18 वर्ष से अधिक कन्या के विवाह पर ₹31,000; 10वीं उत्तीर्ण पर +₹10,000 (कुल ₹41,000); स्नातक पर +₹20,000 (कुल ₹51,000)। अन्य श्रेणी – BPL, अंत्योदय, आस्था कार्डधारी, आर्थिक रूप से कमजोर विधवा, विशेष योग्यजन, पालनहार लाभार्थी व महिला खिलाड़ी – ₹21,000 मूल + समान अतिरिक्त राशि। विधवा पुनर्विवाह उपहार योजना – विधवा पेंशन प्राप्त महिला के पुनर्विवाह पर ₹51,000। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना – प्रति जोड़ा ₹25,000 (₹21,000 वधू को + ₹4,000 आयोजक संस्था को); न्यूनतम 25 जोड़े; अंतर-सामुदायिक जोड़ों के आयोजन पर संस्था को अधिकतम ₹10 लाख। नोडल – सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग; आवेदन जन आधार/SSO से। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • विधवा पुनर्विवाह उपहार राशि? – ₹51,000 • सामूहिक विवाह हेतु न्यूनतम जोड़े? – 25 • सामूहिक विवाह में वधू को राशि? – ₹21,000
3. मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें पात्र परिवारों को LPG सिलेंडर ₹450 में उपलब्ध कराया जाता है और इसका दायरा उज्ज्वला व BPL के साथ NFSA परिवारों तक बढ़ाया गया है। कथन II: इस योजना में प्रति परिवार प्रति माह असीमित सिलेंडर अनुदानित दर पर दिए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: योजना: PM उज्ज्वला योजना के लाभार्थी व BPL परिवार – बाद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के परिवारों तक विस्तार; प्रति सिलेंडर उपभोक्ता का प्रभावी मूल्य ₹450; अनुदान-राशि DBT से बैंक खाते में (उपभोक्ता पहले बाज़ार मूल्य देता है, अंतर खाते में लौटता है); सीमा – 1 सिलेंडर प्रति माह, अर्थात् अधिकतम 12 प्रति वर्ष – अतः कथन II गलत। पात्रता हेतु LPG कनेक्शन का जन आधार से सीडिंग आवश्यक। उद्देश्य – स्वच्छ ईंधन, महिलाओं को धुएँ से स्वास्थ्य-हानि से बचाना (SDG-7)। राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली – लगभग 27,366 राशन दुकानें; NFSA में लगभग 4.4 करोड़ लाभार्थियों को निःशुल्क मासिक राशन (PM गरीब कल्याण अन्न योजना)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • रसोई गैस योजना में वार्षिक सिलेंडर सीमा? – 12 • अनुदान भुगतान का माध्यम? – DBT • राज्य में राशन दुकानें? – लगभग 27,366
4. महिलाओं के आर्थिक-सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की ऋण-सीमा ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ की गई। 2. बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना की ऋण-सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख की गई। 3. 'अमृता हाट' स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन का मंच है। 4. 'कालीबाई भील उड़ान योजना' में छात्राओं को स्कूटी दी जाती है। 5. 'मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम/जॉब वर्क योजना' में केवल सरकारी विभागों का कार्य महिलाओं को घर पर दिया जाता है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल तीन कथन (1, 2 और 3) सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 4 गलत – कालीबाई भील 'उड़ान' योजना में 10-45 वर्ष की महिलाओं/बालिकाओं को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन दिए जाते हैं (RMSCL व राजीविका द्वारा क्रय, आंगनबाड़ी/विद्यालयों से वितरण); स्कूटी 'कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना' में मिलती है। कथन 5 गलत – वर्क फ्रॉम होम योजना में निजी नियोक्ता भी पोर्टल पर पंजीकृत होते हैं; कार्य – सिलाई-वस्त्र, ऑनलाइन परामर्श, शिक्षण, वेब-डिज़ाइन, डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एंट्री, लेखा, GST फाइलिंग, आभूषण, पैकेजिंग आदि। लखपति दीदी (केंद्र का लक्ष्य 3 करोड़; राज्य में सरकार के अनुसार 12 लाख+ महिलाएँ लखपति) – SHG सदस्य की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक। नारी शक्ति उद्यम – व्यक्तिगत/SHG ₹50 लाख, क्लस्टर/फेडरेशन ₹1 करोड़ (2026-27 से बढ़ी सीमा)। नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना – RS-CIT, RS-CFA, स्पोकन इंग्लिश निःशुल्क। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • कालीबाई भील उड़ान योजना? – निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन • लखपति दीदी की परिभाषा? – SHG सदस्य की वार्षिक आय ₹1 लाख+ • नारी शक्ति प्रशिक्षण में निःशुल्क कोर्स? – RS-CIT, RS-CFA, स्पोकन इंग्लिश
5. अभिकथन (A): किशोरी बालिकाओं हेतु योजना (14-18 वर्ष) राज्य के सभी 41 जिलों में 1 अप्रैल 2022 से लागू है। कारण (R): बजट 2026-27 में किशोरी बालिका योजना का विस्तार 27 आकांक्षी ब्लॉकों तक करने की घोषणा की गई।
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: A गलत है, परंतु R सही है। 📘 विस्तार से समझें: किशोरी बालिका योजना (14-18 वर्ष) 1 अप्रैल 2022 से केवल पाँच आकांक्षी जिलों – बाराँ, करौली, जैसलमेर, धौलपुर, सिरोही – में लागू हुई; अतः A गलत। बजट 2026-27 में इसका विस्तार 27 आकांक्षी ब्लॉकों तक घोषित (R सही)। योजना के घटक – पूरक पोषण (आंगनबाड़ी से), स्वास्थ्य-जाँच, आयरन-फोलिक एसिड, पोषण-स्वास्थ्य शिक्षा, विद्यालय से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ना, जीवन-कौशल। संबंधित ढाँचा – 'मिशन शक्ति' (केंद्र) के अंतर्गत 'सामर्थ्य' व 'संबल' उप-योजनाएँ; मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0। बजट 2026-27 – 7,500 आंगनबाड़ियों का 'नंदघर' में उन्नयन, 11,000 अमृत पोषण वाटिकाएँ (₹500 करोड़)। ICDS से लगभग 30 लाख महिलाएँ व बच्चे आच्छादित। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • किशोरी बालिका योजना के मूल 5 जिले? – बाराँ, करौली, जैसलमेर, धौलपुर, सिरोही • आंगनबाड़ी उन्नयन का नाम (2026-27)? – नंदघर • अमृत पोषण वाटिकाएँ? – 11,000
6. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें प्रति जोड़ा ₹25,000 का अनुदान है, जिसमें ₹21,000 आयोजक संस्था को और ₹4,000 वधू को दिए जाते हैं। कथन II: अनुदान हेतु सामूहिक विवाह में कम से कम 25 जोड़ों का होना आवश्यक है; सर्वजातीय सामूहिक विवाह हेतु ₹10 लाख तक का अनुदान देय है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन I में राशि उलटी है – ₹25,000 में से ₹21,000 वधू (DBT) को और ₹4,000 आयोजक संस्था को। उद्देश्य – विवाह-व्यय में कमी, दहेज व फ़िज़ूलख़र्ची पर रोक, बाल विवाह की रोकथाम (वर 21, वधू 18 वर्ष)। संबद्ध योजनाएँ – मुख्यमंत्री कन्यादान (हथलेवा): SC/ST/अल्पसंख्यक/BPL की 18+ कन्याओं को ₹31,000; 10वीं उत्तीर्ण पर ₹41,000, स्नातक पर ₹51,000; अन्य पात्र श्रेणियों (अंत्योदय, आस्था कार्डधारी, आर्थिक रूप से कमज़ोर विधवा, विशेष योग्यजन, पालनहार लाभार्थी, महिला खिलाड़ी) को ₹21,000 + ₹10,000 (10वीं) / ₹20,000 (स्नातक); विधवा विवाह उपहार – पेंशनधारी विधवा के पुनर्विवाह पर ₹51,000। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • सामूहिक विवाह में न्यूनतम जोड़े? – 25 • विधवा पुनर्विवाह उपहार? – ₹51,000 • SC/ST कन्या 10वीं उत्तीर्ण पर कन्यादान राशि? – ₹41,000
7. महिला कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं के संबंध में आर्थिक समीक्षा 2025-26 के आधार पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महिला कल्याण कोष में राज्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेतु ₹376 और सहायिका/आशा सहयोगिनी हेतु ₹750 वार्षिक अंशदान देता है। 2. महिला कल्याण कोष के अंतर्गत प्रत्येक सदस्य को ₹10,000 का बीमा आवरण है। 3. महिला विकास कार्यक्रम में प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक – कुल 10,908 साथिन कार्यरत हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 2 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 1 में राशियाँ उलटी हैं – आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेतु ₹750 और सहायिका/आशा सहयोगिनी हेतु ₹376 वार्षिक राज्य अंशदान। साथिन – महिला विकास कार्यक्रम (1984) की ग्राम-स्तरीय कार्यकर्ता; महिला अधिकार, बाल विवाह-दहेज रोकथाम, योजनाओं की जानकारी। आशा सहयोगिनी – 54,022 (स्वास्थ्य व महिला-बाल विकास का संयुक्त कैडर)। कार्यस्थल – POSH अधिनियम 2013: 10+ कर्मचारी वाले नियोक्ता के यहाँ आंतरिक समिति, जिलों में स्थानीय समिति; असंगठित क्षेत्र की महिलाओं हेतु त्रि-स्तरीय महिला समाधान समिति (संभाग, जिला, उपखंड)। 181 महिला हेल्पलाइन 24×7। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य में आशा सहयोगिनी? – 54,022 • POSH अधिनियम में आंतरिक समिति की सीमा? – 10+ कर्मचारी • महिला विकास कार्यक्रम का आरंभ? – 1984
8. कालीबाई भील उड़ान योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें 10 से 45 वर्ष की महिलाओं व बालिकाओं को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते हैं। कथन II: आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार इससे प्रतिमाह लगभग 1.22 करोड़ लाभार्थी लाभान्वित होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: उद्देश्य – मासिक धर्म स्वच्छता, विद्यालय छोड़ने की दर में कमी, स्वास्थ्य जागरूकता; वितरण – राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से; व्यय ₹91.50 करोड़; राजीविका की उड़ान पहल में 63 लाख सैनिटरी पैड। नामकरण – कालीबाई भील (डूंगरपुर, रास्तापाल; 1947 में अपने शिक्षक को बचाते हुए बलिदान) – शिक्षा व साहस की प्रतीक; इन्हीं के नाम पर मेधावी छात्रा स्कूटी योजना व महिला संबल शिक्षा सेतु योजना भी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • कालीबाई भील का संबंध किस स्थान से? – रास्तापाल (डूंगरपुर) • उड़ान योजना पर व्यय? – ₹91.50 करोड़ • कालीबाई के नाम पर अन्य योजना? – मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
9. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार लाडो प्रोत्साहन योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बालिका की माता का राजस्थान का मूल निवासी होना आवश्यक है। 2. बालिका का जन्म राजकीय या जननी सुरक्षा योजना में अनुमोदित निजी संस्थान में होना आवश्यक है। 3. कुल ₹1.50 लाख की राशि 5 किस्तों में दी जाती है। 4. किस्त 3 से 6 का भुगतान विद्यालय शिक्षा विभाग तथा 7वीं किस्त का भुगतान उच्च शिक्षा विभाग करता है। 5. दिसंबर 2025 तक इससे 10 लाख से अधिक बालिकाएँ लाभान्वित हुईं। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल तीन कथन (1, 2 और 4) सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – ₹1.50 लाख 7 किस्तों में (6 किस्तें अभिभावक को, 7वीं – स्नातक/21 वर्ष पर – सीधे बालिका के खाते में)। कथन 5 गलत – लाभार्थी 3.27 लाख बालिकाएँ; ₹320 करोड़ में से ₹217.63 करोड़ उपयोग। योजना 1 अगस्त 2024 से (राजश्री योजना का स्थान)। किस्तों का क्रम – जन्म, टीकाकरण (1 वर्ष), कक्षा 1, 6, 10, 12 में प्रवेश और स्नातक/21 वर्ष – जन्म से उच्च शिक्षा तक बालिका की निरंतरता को प्रोत्साहन। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • लाडो प्रोत्साहन किस योजना के स्थान पर? – राजश्री योजना • लाडो प्रोत्साहन के लाभार्थी (दिसंबर 2025)? – 3.27 लाख • 7वीं किस्त किसके खाते में? – बालिका के
10. अभिकथन (A): मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री-किट योजना में गर्भावस्था के अंतिम 5 महीनों में गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण किट दी जाती है। कारण (R): गर्भावस्था के अंतिम महीनों में माता का पोषण शिशु के जन्म-वज़न और मातृ-एनीमिया पर सीधा प्रभाव डालता है।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: किट का समय (अंतिम 5 माह) इसी वैज्ञानिक आधार पर तय है कि तीसरी तिमाही में भ्रूण का वज़न सर्वाधिक बढ़ता है और माँ की आयरन/प्रोटीन आवश्यकता अधिक होती है – अतः R, A का कारण है। आँकड़े – 2.35 लाख गर्भवती महिलाएँ। NFHS-5 में गर्भवती महिलाओं में एनीमिया 46.3%। पूरक योजनाएँ – PMMVY (₹5,000/₹6,000), मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना (कैश प्लस मॉडल), सक्षम आंगनबाड़ी व पोषण 2.0, एनीमिया मुक्त भारत (IFA गोलियाँ), 'पहले 1,000 दिन' की अवधारणा। बजट 2026-27 – 11,000 अमृत पोषण वाटिका (₹500 करोड़)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • न्यूट्री-किट लाभार्थी? – 2.35 लाख • बजट 2026-27 में अमृत पोषण वाटिका? – 11,000 • पोषण की निर्णायक अवधि की अवधारणा? – पहले 1,000 दिन
11. आर्थिक समीक्षा 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) के अनुसार मिशन वात्सल्य के संबंध में सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) दत्तक ग्रहण (40 एजेंसियों द्वारा) (ब) प्रायोजन (sponsorship) में बच्चे (स) व्यक्तिगत पालन-पोषण देखरेख (foster care) में बच्चे (द) पश्चात-देखरेख (after-care) में सूची-II: (1) 151 (2) 42 (3) 201 (4) 62
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: दत्तक – 151; प्रायोजन – 201; फ़ॉस्टर केयर – 62; पश्चात-देखरेख – 42। 📘 विस्तार से समझें: मिशन वात्सल्य (केंद्र प्रायोजित, 60:40; पूर्व एकीकृत बाल संरक्षण योजना ICPS) – किशोर न्याय अधिनियम 2015 का क्रियान्वयन: 40 राजकीय व 79 गैर-सरकारी बाल देखरेख संस्थान (CCI) – 3,268 बच्चे; दिसंबर 2025 तक ₹50.41 करोड़ व्यय। गैर-संस्थागत देखरेख – प्रायोजन (परिवार को मासिक सहायता ताकि बच्चा परिवार में रहे), फ़ॉस्टर केयर, दत्तक ग्रहण (CARA – केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण), पश्चात-देखरेख (18 वर्ष के बाद 21 वर्ष तक सहायता)। जिला स्तर – बाल कल्याण समिति (CWC), किशोर न्याय बोर्ड (JJB), जिला बाल संरक्षण इकाई; चाइल्ड हेल्पलाइन 1098। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • मिशन वात्सल्य की पूर्ववर्ती योजना? – ICPS • राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण? – CARA • चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर? – 1098
12. महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना में महिलाओं को RS-CIT, RS-CFA तथा RS-CSEP (स्पोकन इंग्लिश व व्यक्तित्व विकास) का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। कथन II: 'अमृता हाट' स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन का मंच है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: RS-CIT – राजस्थान स्टेट सर्टिफ़िकेट कोर्स इन IT (वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा व RKCL); RS-CFA – वित्तीय लेखांकन; RS-CSEP – स्पोकन इंग्लिश व पर्सनैलिटी डेवलपमेंट। अन्य: मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन – व्यक्तिगत/SHG को ₹50 लाख तक, क्लस्टर/फ़ेडरेशन को ₹1 करोड़ तक (बजट 2026-27 में व्यक्तिगत सीमा ₹1 करोड़ की घोषणा); मुख्यमंत्री वर्क फ़्रॉम होम/जॉब वर्क योजना – पोर्टल पर पंजीकरण से घर से कार्य; राजस्थान महिला निधि (2.5% पर ऋण); लखपति दीदी। अमृता हाट – महिला एवं बाल विकास विभाग का वार्षिक मेला, SHG उत्पादों की प्रदर्शनी-बिक्री। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • RS-CIT प्रमाणन किस विश्वविद्यालय से? – वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा • नारी शक्ति उद्यम में क्लस्टर/फ़ेडरेशन सीमा? – ₹1 करोड़ • अमृता हाट किस विभाग का? – महिला एवं बाल विकास
13. आर्थिक समीक्षा 2025-26 में सर्वोत्तम प्रथा के रूप में वर्णित 'कैश प्लस मॉडल' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: यह मॉडल प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर व बाराँ जिलों में PMMVY तथा मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के नकद हस्तांतरण को पोषण-परामर्श के साथ जोड़ता है। कथन II: इसके फलस्वरूप नकद राशि को भोजन पर ख़र्च करने वाली महिलाओं का अनुपात लगभग 30% से बढ़कर 89% हो गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: 'कैश' = प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण (DBT); 'प्लस' = व्यवहार-परिवर्तन संचार (BCC) – आंगनबाड़ी/आशा द्वारा परामर्श, गृह-भेंट, 'बाहुबली' जैसे जन-जागरूकता अभियान – ताकि नकद पैसा पौष्टिक आहार पर ख़र्च हो। लक्षित – जनजाति बहुल दक्षिणी जिले जहाँ कुपोषण-एनीमिया अधिक। परिणाम – भोजन पर व्यय 30% → 89%; मातृ-पोषण में सुधार। पूरक – मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री-किट (2.35 लाख गर्भवती), PMMVY (₹5,000/₹6,000), JSY। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • कैश प्लस में 'प्लस' क्या? – व्यवहार-परिवर्तन संचार/परामर्श • कैश प्लस का जन-जागरूकता अभियान? – बाहुबली • कैश प्लस किस प्रकार के जिलों में? – जनजाति बहुल दक्षिणी जिले
14. महिला-बाल संरक्षण से संबंधित अधिनियमों (सूची-I) को उनके वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (ब) बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (स) कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (POSH) अधिनियम (द) गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम सूची-II: (1) 2013 (2) 2005 (3) 2006 (4) 1994
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: घरेलू हिंसा – 2005; बाल विवाह प्रतिषेध – 2006; POSH – 2013; PCPNDT – 1994। 📘 विस्तार से समझें: घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 – संरक्षण अधिकारी, संरक्षण/निवास/आर्थिक राहत आदेश। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 – विवाह आयु लड़की 18, लड़का 21; बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी; राजस्थान में अक्षय तृतीया (आखा तीज) पर विशेष निगरानी। POSH 2013 – 10+ कर्मचारियों पर आंतरिक समिति; जिलों में स्थानीय समिति (विशाखा दिशानिर्देश 1997 पर आधारित)। PCPNDT 1994 (2003 संशोधन) – लिंग-चयन निषेध; राजस्थान में 'मुखबिर योजना' व डिकॉय ऑपरेशन। जनगणना 2011 – राजस्थान का लिंगानुपात 928, शिशु लिंगानुपात (0-6) 888; बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (22 जनवरी 2015, पानीपत)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राजस्थान का शिशु लिंगानुपात (2011)? – 888 • POSH अधिनियम का आधार? – विशाखा दिशानिर्देश (1997) • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का शुभारंभ? – 22 जनवरी 2015, पानीपत
15. केंद्र के 'मिशन शक्ति' (2022) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी दो उप-योजनाएँ हैं – 'संबल' (सुरक्षा व संरक्षा) और 'सामर्थ्य' (सशक्तीकरण)। 2. 'सामर्थ्य' उप-योजना में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सम्मिलित नहीं है। 3. 'संबल' में वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन (181), बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तथा नारी अदालत सम्मिलित हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – 'सामर्थ्य' में PMMVY, शक्ति सदन (पूर्व स्वाधार/उज्ज्वला गृह), सखी निवास (कामकाजी महिला छात्रावास), पालना (क्रेच) तथा महिला सशक्तीकरण हब (HEW) सम्मिलित। 'सामर्थ्य' हब में केंद्र-राज्य 60:40। राज्य – महिला सशक्तीकरण हेतु राज्य हब (मिशन शक्ति), महिला एवं बाल विकास संस्थान; 'पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना' – चार श्रेणियों में वार्षिक पुरस्कार। सखी वन स्टॉप सेंटर – हिंसा पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, पुलिस, विधिक, परामर्श, अस्थायी आश्रय। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • कामकाजी महिला छात्रावास का नया नाम? – सखी निवास • क्रेच योजना का नाम? – पालना • स्वाधार/उज्ज्वला गृह का नया रूप? – शक्ति सदन
16. राज्य बजट 2026-27 की महिला-बाल विकास संबंधी घोषणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: 7,500 आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर उनका निजी प्ले-स्कूलों में विलय करने की घोषणा की गई। कथन II: किशोरी बालिकाओं हेतु योजना का विस्तार 27 आकांक्षी ब्लॉकों तक करने की घोषणा की गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – घोषणा 7,500 आंगनबाड़ी केंद्रों को 'नंदघर' के रूप में विकसित (उन्नत) करने की है, बंद करने की नहीं; नंदघर – वेदांता के सहयोग से विकसित आधुनिक आंगनबाड़ी मॉडल (स्मार्ट कक्षा, स्वच्छ शौचालय, विद्युत, पेयजल, स्वास्थ्य जाँच, महिलाओं हेतु कौशल)। किशोरी बालिका योजना (14-18 वर्ष; 1 अप्रैल 2022 से 5 आकांक्षी जिले – बाराँ, करौली, जैसलमेर, धौलपुर, सिरोही) – अब 27 आकांक्षी ब्लॉक। अन्य – 11,000 अमृत पोषण वाटिका (₹500 करोड़); बजट 2026-27 में समाज कल्याण व पोषण क्षेत्र ₹26,495 करोड़। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • किशोरी बालिका योजना के प्रारंभिक जिले? – बाराँ, करौली, जैसलमेर, धौलपुर, सिरोही • नंदघर मॉडल किस कंपनी के सहयोग से? – वेदांता • बजट 2026-27 में समाज कल्याण व पोषण? – ₹26,495 करोड़
17. अभिकथन (A): लाडो प्रोत्साहन योजना की किस्तें बालिका के जन्म से लेकर स्नातक/21 वर्ष की आयु तक अलग-अलग पड़ावों पर दी जाती हैं। कारण (R): योजना का उद्देश्य केवल जन्म को प्रोत्साहन देना नहीं, बल्कि बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा की निरंतरता तथा बाल विवाह की रोकथाम को सुनिश्चित करना है।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: किस्तों का पड़ाव-आधारित ढाँचा (जन्म, टीकाकरण, कक्षा 1, 6, 10, 12 में प्रवेश, स्नातक/21 वर्ष) इसी उद्देश्य से बनाया गया कि परिवार बालिका को पढ़ाता रहे और जल्दी विवाह न करे – अतः R, A का कारण है। कुल ₹1.50 लाख, 7 किस्तें; 7वीं किस्त सीधे बालिका के बैंक खाते में; किस्त 3-6 विद्यालय शिक्षा विभाग, 7वीं उच्च शिक्षा विभाग से। शर्त – जन्म राजकीय/JSY-अनुमोदित संस्थान में (संस्थागत प्रसव को भी प्रोत्साहन)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • लाडो की कुल राशि? – ₹1.50 लाख • लाडो प्रोत्साहन का आरंभ? – 1 अगस्त 2024 • 7वीं किस्त कौन-सा विभाग देता है? – उच्च शिक्षा
18. राजस्थान में बालिका शिक्षा फ़ाउंडेशन द्वारा दिया जाने वाला 'गार्गी पुरस्कार' किस अवसर पर प्रदान किया जाता है?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – बसंत पंचमी। 📘 विस्तार से समझें: गार्गी पुरस्कार – माध्यमिक परीक्षा (कक्षा 10) में 75% या अधिक अंक प्राप्त कर आगे पढ़ने वाली बालिकाओं को (राशि व प्रशस्ति-पत्र); बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार – उच्च माध्यमिक (कक्षा 12) में 75%+ अंक वाली बालिकाओं को; बसंत पंचमी (विद्या की देवी सरस्वती का पर्व) पर वितरण। बालिका शिक्षा फ़ाउंडेशन – विद्यालय शिक्षा विभाग। मंच – मीना-राजू (कक्षा 6-8), गार्गी मंच (कक्षा 9-12)। अन्य बालिका शिक्षा प्रोत्साहन – निःशुल्क साइकिल (कक्षा 9), कालीबाई भील/देवनारायण स्कूटी, लाडो प्रोत्साहन। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • गार्गी पुरस्कार की पात्रता? – कक्षा 10 में 75%+ अंक • गार्गी मंच किन कक्षाओं हेतु? – 9-12 • राष्ट्रीय बालिका दिवस? – 24 जनवरी
19. राजस्थान के महिला-संरक्षण संबंधी अधिनियमों (सूची-I) को उनके वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) राजस्थान डायन-प्रताड़ना निवारण अधिनियम (ब) राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम (स) राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम (द) सम्मान व परंपरा के नाम पर वैवाहिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप प्रतिषेध अधिनियम सूची-II: (1) 2009 (2) 2019 (3) 1999 (4) 2015
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: डायन-प्रताड़ना निवारण – 2015; विवाह पंजीकरण – 2009; महिला आयोग – 1999; सम्मान के नाम पर हस्तक्षेप निषेध – 2019। 📘 विस्तार से समझें: डायन-प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2015 – किसी महिला को 'डायन' कहकर प्रताड़ित करना दंडनीय (दक्षिणी जनजातीय जिलों में कुप्रथा)। विवाह अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 2009 – बाल विवाह रोकथाम व महिलाओं के अधिकार-संरक्षण में सहायक। राज्य महिला आयोग – अधिनियम 1999, गठन 15 मई 1999। 2019 अधिनियम – 'ऑनर किलिंग' व खाप-पंचायतों के हस्तक्षेप पर दंड (मृत्यु होने पर मृत्युदंड/आजीवन कारावास तक)। पंचायती राज संस्थाओं में राजस्थान ने महिलाओं हेतु 50% आरक्षण लागू किया (2008 संशोधन से)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य महिला आयोग का गठन? – 15 मई 1999 • PRI में महिला आरक्षण (राजस्थान)? – 50% • डायन कुप्रथा प्रभावित क्षेत्र? – दक्षिणी जनजातीय जिले
20. एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (ICDS)/आंगनबाड़ी सेवाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ICDS का आरंभ 2 अक्टूबर 1975 को हुआ था। 2. आंगनबाड़ी की 6 सेवाओं में पूरक पोषण, स्कूल-पूर्व अनौपचारिक शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जाँच और रेफ़रल सेवाएँ सम्मिलित हैं। 3. ICDS के लाभार्थी केवल 0-6 वर्ष के बच्चे हैं; गर्भवती व धात्री महिलाएँ इसमें सम्मिलित नहीं हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 2 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – लाभार्थी: 0-6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती व धात्री महिलाएँ तथा किशोरी बालिकाएँ (14-18 वर्ष – आकांक्षी जिलों/ब्लॉकों में)। ICDS अब 'सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0' (मिशन पोषण 2.0, 2021-22 से) के अंतर्गत – पोषण अभियान, किशोरी योजना व आंगनबाड़ी सेवाओं का एकीकरण; 'पोषण ट्रैकर' ऐप से वास्तविक-समय निगरानी; उन्नत 'सक्षम आंगनबाड़ी' (LED स्क्रीन, स्मार्ट शिक्षण, जल शोधन)। राज्य – 7,500 आंगनबाड़ियों को नंदघर (बजट 2026-27), आंगनबाड़ी-विद्यालय एकीकरण, न्यूट्री-किट, कैश प्लस मॉडल; ICDS कवरेज लगभग 30 लाख महिलाएँ व बच्चे (आर्थिक समीक्षा सारांश)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • ICDS का वर्तमान रूप? – सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 • आंगनबाड़ी निगरानी ऐप? – पोषण ट्रैकर • ICDS में किशोरी बालिकाओं की आयु? – 14-18 वर्ष
21. 8 मार्च 2018 को झुंझुनूं में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: प्रधानमंत्री ने यहाँ से राष्ट्रीय पोषण मिशन (पोषण अभियान) का शुभारंभ किया। कथन II: इसी अवसर पर 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना का देश के सभी (तत्कालीन 640) जिलों में विस्तार किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: झुंझुनूं का चयन – BBBP के अंतर्गत शिशु लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार के कारण (2015 में BBBP के प्रथम चरण के 100 जिलों में राजस्थान के 10 जिले)। पोषण अभियान – बौनापन, कुपोषण, एनीमिया व कम जन्म-वज़न में कमी के लक्ष्य; 'जन आंदोलन', सितंबर – पोषण माह, मार्च – पोषण पखवाड़ा। BBBP (22 जनवरी 2015, पानीपत) – महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्रालयों की संयुक्त पहल; अब 'मिशन शक्ति – संबल' का अंग। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • पोषण माह किस महीने? – सितंबर • झुंझुनूं को चुनने का कारण? – शिशु लिंगानुपात में सुधार • BBBP अब किस मिशन का अंग? – मिशन शक्ति (संबल)
22. अभिकथन (A): राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं हेतु 50% सीटें आरक्षित हैं। कारण (R): 73वें संविधान संशोधन (1992) में पंचायतों में महिलाओं हेतु कम से कम एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया गया।
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है। 📘 विस्तार से समझें: R संवैधानिक न्यूनतम (1/3, अनुच्छेद 243D) बताता है; A में 50% आरक्षण राज्य द्वारा अपने कानून (राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 में 2008 का संशोधन) से न्यूनतम सीमा से आगे बढ़कर दिया गया – अतः R, A की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं (संविधान 50% अनिवार्य नहीं करता, केवल न्यूनतम तय करता है)। प्रभाव – स्थानीय शासन में महिला नेतृत्व; चुनौती – 'सरपंच-पति' प्रवृत्ति; समाधान – प्रशिक्षण, ग्राम सभा में महिला सभाएँ, जेंडर-अनुकूल स्थल (6वें SFC अनुदान का 2%)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • पंचायतों में महिला आरक्षण का अनुच्छेद? – 243D • 6वें SFC में जेंडर-अनुकूल स्थलों हेतु? – 2% • संविधान द्वारा न्यूनतम महिला आरक्षण? – एक-तिहाई
23. सुकन्या समृद्धि योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें बालिका के 10 वर्ष की आयु तक माता-पिता/अभिभावक खाता खोल सकते हैं; खाता खोलने से 21 वर्ष में परिपक्व होता है। कथन II: इसमें जमा राशि पर आयकर छूट नहीं मिलती तथा ब्याज कर-योग्य होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – यह EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी में – जमा पर धारा 80C (पुरानी कर व्यवस्था) में छूट, ब्याज व परिपक्वता राशि कर-मुक्त। योजना – 22 जनवरी 2015 (BBBP के साथ, पानीपत); न्यूनतम ₹250, अधिकतम ₹1.5 लाख वार्षिक; 15 वर्ष तक जमा; 18 वर्ष के बाद उच्च शिक्षा/विवाह हेतु आंशिक निकासी। राज्य की पूरक योजनाएँ – लाडो प्रोत्साहन (₹1.50 लाख, 7 किस्तें), कन्यादान, गार्गी पुरस्कार। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • सुकन्या समृद्धि में न्यूनतम वार्षिक जमा? – ₹250 • सुकन्या समृद्धि की कर श्रेणी? – EEE • जमा अवधि? – 15 वर्ष
24. महिलाओं को घर बैठे रोज़गार हेतु पोर्टल पर पंजीकरण के माध्यम से कार्य उपलब्ध कराने वाली राज्य योजना कौन-सी है?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – मुख्यमंत्री वर्क फ़्रॉम होम/जॉब वर्क योजना। 📘 विस्तार से समझें: वर्क फ़्रॉम होम/जॉब वर्क – पोर्टल पर महिलाओं व नियोक्ताओं/संस्थाओं का पंजीकरण; सिलाई, पैकेजिंग, डेटा-एंट्री, हस्तशिल्प जैसे कार्य घर से; विशेषकर विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग महिलाओं हेतु उपयोगी। अन्य विकल्प: नारी शक्ति उद्यम – उद्यम हेतु ऋण/अनुदान (₹50 लाख–₹1 करोड़); अमृता हाट – SHG उत्पाद विपणन मेला; महिला निधि – SHG महिलाओं को 2.5% ब्याज पर ऋण। संदर्भ – महिला श्रम-बल भागीदारी (LFPR) लगभग 42% (आर्थिक समीक्षा सारांश); मुख्यमंत्री के अनुसार दो वर्षों में 20 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण देकर डिजिटल स्व-रोज़गार से जोड़ा गया। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • महिला निधि में ब्याज दर? – 2.5% • राज्य में महिला LFPR (लगभग)? – 42% • नारी शक्ति उद्यम में क्लस्टर सीमा? – ₹1 करोड़
25. राजस्थान की महिला नीतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राजस्थान ने वर्ष 2000 में राज्य महिला नीति जारी की थी। कथन II: 2021 में जारी नई राज्य महिला नीति में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण, सुरक्षा व निर्णय-प्रक्रिया में भागीदारी पर बल दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: महिला नीति का क्रियान्वयन – महिला अधिकारिता निदेशालय (महिला एवं बाल विकास विभाग), राज्य महिला आयोग (1999), जेंडर बजटिंग (बजट में जेंडर बजट विवरण), महिला सुरक्षा हेतु 181 हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर। आर्थिक सशक्तीकरण – लखपति दीदी (12.98 लाख), नारी शक्ति उद्यम (₹1 करोड़ तक), राजस्थान महिला निधि; शिक्षा – लाडो प्रोत्साहन, स्कूटी योजनाएँ, गार्गी पुरस्कार; निर्णय-प्रक्रिया – PRI में 50% आरक्षण। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य महिला आयोग? – 1999 • PRI में महिला आरक्षण? – 50% • लखपति दीदी बनीं (दिसंबर 2025)? – 12.98 लाख
26. बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. NFHS-5 के अनुसार राजस्थान में 20-24 वर्ष की लगभग 25.4% महिलाओं का विवाह 18 वर्ष से पहले हुआ (भारत लगभग 23.3%)। 2. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 में बाल विवाह कराने या उसमें सहायता करने वालों के लिए दंड का प्रावधान है। 3. केंद्र ने नवंबर 2024 में 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान आरंभ किया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 – 2 वर्ष तक कारावास व ₹1 लाख तक जुर्माना; बाल विवाह 'शून्यकरणीय' (बालक/बालिका के विकल्प पर); बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी; न्यायालय द्वारा निषेधाज्ञा। राजस्थान – अक्षय तृतीया (आखा तीज) व पीपल पूर्णिमा पर विशेष निगरानी; विवाह अनिवार्य पंजीकरण अधिनियम 2009; साथिन व आंगनबाड़ी के माध्यम से जागरूकता; लाडो प्रोत्साहन (शिक्षा-निरंतरता से विलंबित विवाह को बल), सामूहिक विवाह अनुदान (आयु-सत्यापन)। बाल विवाह के आर्थिक प्रभाव – बालिका शिक्षा व श्रम-बल भागीदारी में कमी, मातृ-शिशु स्वास्थ्य जोखिम। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • बाल विवाह अधिनियम में अधिकतम कारावास? – 2 वर्ष • राजस्थान में बाल विवाह की विशेष निगरानी तिथि? – अक्षय तृतीया (आखा तीज) • बाल विवाह की विधिक स्थिति? – शून्यकरणीय
27. अभिकथन (A): राजस्थान में महिला श्रम-बल भागीदारी (लगभग 42%) पुरुषों की तुलना में काफ़ी कम है। कारण (R): घरेलू देखभाल का बोझ, शिक्षा-कौशल की कमी, सामाजिक मान्यताएँ तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा/क्रेच जैसी सुविधाओं का अभाव महिलाओं की भागीदारी को सीमित करते हैं।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: R में बताए गए आपूर्ति-पक्ष व माँग-पक्ष अवरोध ही कम LFPR के कारण – R, A की व्याख्या है। राज्य के उपाय – कौशल (नारी शक्ति प्रशिक्षण: RS-CIT, RS-CFA, RS-CSEP), स्व-रोज़गार (लखपति दीदी, नारी शक्ति उद्यम, महिला निधि), घर से कार्य (वर्क फ़्रॉम होम/जॉब वर्क), सुरक्षा (181, POSH समितियाँ), शिक्षा (लाडो, स्कूटी)। केंद्र – मातृत्व लाभ (26 सप्ताह, क्रेच), पालना (क्रेच योजना), सखी निवास (कामकाजी महिला छात्रावास), श्रम संहिताओं में महिलाओं को सहमति से रात्रि पाली। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • क्रेच की केंद्रीय योजना? – पालना • कामकाजी महिला छात्रावास? – सखी निवास • मातृत्व अवकाश (पहली दो संतान)? – 26 सप्ताह
28. बाल संरक्षण की संस्थाओं/कानूनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम केवल 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर लागू होता है। कथन II: राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 के अंतर्गत किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – POCSO (2012) 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों (बालक-बालिका दोनों) पर लागू; 2019 संशोधन से गंभीर अपराधों में मृत्युदंड तक; विशेष न्यायालय, बाल-अनुकूल प्रक्रिया। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (राजस्थान में 2010 में गठित) – बाल अधिकारों की निगरानी, RTE व POCSO के क्रियान्वयन की समीक्षा। अन्य – किशोर न्याय अधिनियम 2015, मिशन वात्सल्य (60:40), बाल कल्याण समितियाँ, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पालनहार। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • POCSO अधिनियम का वर्ष? – 2012 • राजस्थान बाल अधिकार आयोग का गठन? – 2010 • चाइल्ड हेल्पलाइन? – 1098
29. राज्य बजट में 'जेंडर बजट विवरण' (Gender Budget Statement) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – विभिन्न विभागों के व्यय में महिलाओं-बालिकाओं हेतु आवंटन का आकलन व प्रकटीकरण। 📘 विस्तार से समझें: जेंडर बजटिंग – 'जेंडर-तटस्थ' दिखने वाले बजट का लैंगिक प्रभाव-विश्लेषण; श्रेणियाँ: (A) 100% महिला-विशिष्ट योजनाएँ (लाडो प्रोत्साहन, कालीबाई उड़ान, PMMVY), (B) 30-99% महिला-लाभ वाली योजनाएँ (आवास, स्वास्थ्य, स्वरोज़गार आदि)। राजस्थान – जेंडर बजट विवरण बजट दस्तावेज़ों के साथ; साथ में बाल बजट व ग्रीन बजट (पर्यावरण-संबद्ध व्यय) की पहलें। केंद्र – जेंडर बजट विवरण 2005-06 से। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • केंद्र में जेंडर बजट विवरण कब से? – 2005-06 • 100% महिला-विशिष्ट योजना का उदाहरण? – लाडो प्रोत्साहन • पर्यावरण-संबद्ध व्यय का बजट? – ग्रीन बजट
30. आंगनबाड़ी सेवाओं में तकनीकी सुधारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: 'पोषण ट्रैकर' ऐप से आंगनबाड़ी लाभार्थियों की वृद्धि-निगरानी व सेवा-वितरण की वास्तविक-समय निगरानी होती है; टेक-होम राशन (THR) वितरण में चेहरा-प्रमाणीकरण (FRS) लागू किया गया है। कथन II: पोषण ट्रैकर केवल राजस्थान राज्य द्वारा विकसित राज्य-विशिष्ट ऐप है, जो अन्य राज्यों में लागू नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – पोषण ट्रैकर केंद्र के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का राष्ट्रीय ऐप (मिशन पोषण 2.0) है, जो सभी राज्यों में लागू है। उपयोग – बच्चों की ऊँचाई-वज़न माप से बौनापन/दुबलापन/कम वज़न की पहचान, THR व गर्म पका भोजन वितरण, आंगनबाड़ी उपस्थिति; FRS से वास्तविक लाभार्थी तक राशन (लीकेज में कमी)। राजस्थान – NFHS-5 में बौनापन 31.8%, दुबलापन 16.8%, कम वज़न 27.6%; कैश प्लस मॉडल, न्यूट्री-किट, 7,500 नंदघर (बजट 2026-27)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • पोषण ट्रैकर किस मिशन का अंग? – मिशन पोषण 2.0 • THR का पूर्ण रूप? – टेक-होम राशन • NFHS-5 में राज्य का दुबलापन? – 16.8%