1. राजस्थान प्लेटफ़ॉर्म आधारित गिग कर्मकार (रजिस्ट्रीकरण और कल्याण) अधिनियम, 2023 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गिग कर्मकारों के पंजीकरण व कल्याण हेतु ऐसा कानून बनाने वाला राजस्थान देश का प्रथम राज्य है।
2. इसमें एग्रीगेटर कंपनियों से गिग कर्मकार से जुड़े प्रत्येक लेन-देन पर कल्याण शुल्क लेकर कल्याण कोष बनाने का प्रावधान है।
3. इसके अंतर्गत गठित कल्याण बोर्ड के मनोनीत सदस्यों में कम से कम एक-तिहाई महिलाएँ होंगी।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: अधिनियम (विधानसभा ने जुलाई 2023 में पारित): (i) सभी गिग कर्मकारों का राज्य स्तर पर पंजीकरण, विशिष्ट ID; (ii) 'प्लेटफ़ॉर्म आधारित गिग कर्मकार निधि और कल्याण शुल्क' – शुल्क की दर राज्य सरकार तय करेगी; (iii) कल्याण बोर्ड – राज्य अधिकारी, गिग कर्मकारों व एग्रीगेटरों के 5-5 प्रतिनिधि, नागरिक समाज का 1 सदस्य; मनोनीत में ≥1/3 महिलाएँ; (iv) शिकायत निवारण; (v) विलंबित शुल्क पर 12% वार्षिक ब्याज; पहले उल्लंघन पर ₹5 लाख तक, बाद के उल्लंघनों पर ₹50 लाख तक जुर्माना। केंद्रीय संदर्भ – सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 में पहली बार 'गिग' व 'प्लेटफ़ॉर्म' कर्मकार की परिभाषा; चारों श्रम संहिताएँ 21 नवंबर 2025 से प्रभावी। गिग कर्मकार – पारंपरिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंध के बाहर, प्रति कार्य भुगतान (स्विगी, ज़ोमैटो, ओला, उबर आदि)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• गिग कर्मकार की केंद्रीय परिभाषा किस संहिता में? – सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020
• पहले उल्लंघन पर अधिकतम जुर्माना? – ₹5 लाख
• विलंबित शुल्क पर ब्याज? – 12% वार्षिक
2. श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: जनवरी 2024 में इंदिरा रसोई योजना का नाम बदलकर श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना किया गया; लाभार्थी को थाली ₹8 में ही मिलती है।
कथन II: नाम परिवर्तन के साथ प्रति थाली राज्य अनुदान ₹22 से घटाकर ₹17 कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II उलटा है – राज्य अनुदान ₹17 से बढ़ाकर ₹22 प्रति थाली किया गया और थाली का वज़न बढ़ाकर 600 ग्राम किया गया; बाद में थाली में श्री अन्न (मोटे अनाज) भी जोड़े गए। मूल योजना – 'अन्नपूर्णा रसोई' (2016, ₹5 नाश्ता/₹8 भोजन) → 'इंदिरा रसोई' (20 अगस्त 2020, नगरीय क्षेत्रों में ₹8 में भोजन, 'कोई भूखा न सोए') → 'श्री अन्नपूर्णा रसोई' (2024)। संचालन – नगरीय निकाय, स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएँ/SHG; बैठकर सम्मानपूर्वक भोजन, CCTV व ऑनलाइन निगरानी।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• इंदिरा रसोई का आरंभ? – 20 अगस्त 2020
• श्री अन्नपूर्णा रसोई में थाली का वज़न? – 600 ग्राम
• नई थाली में क्या जोड़ा गया? – श्री अन्न (मिलेट्स)
3. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) 2013 तथा राजस्थान में उसके क्रियान्वयन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अधिनियम में ग्रामीण जनसंख्या के अधिकतम 75% और नगरीय जनसंख्या के अधिकतम 50% कवरेज का प्रावधान है।
2. अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों को प्रतिमाह 35 किग्रा अनाज प्रति परिवार मिलता है।
3. प्राथमिकता परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 10 किग्रा अनाज मिलता है।
4. PMGKAY के अंतर्गत 1 जनवरी 2024 से पाँच वर्ष तक NFSA अनाज निःशुल्क है।
5. राज्य में लगभग 27,366 उचित मूल्य दुकानें हैं।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: केवल चार कथन (1, 2, 4 और 5) सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – प्राथमिकता परिवारों को 5 किग्रा प्रति व्यक्ति प्रतिमाह (गेहूँ ₹2, चावल ₹3, मोटा अनाज ₹1/किग्रा – 31 दिसंबर 2022 तक; 1 जनवरी 2023 से निःशुल्क)। केंद्र ने PMGKAY को 1 जनवरी 2024 से 5 वर्ष हेतु बढ़ाया। अन्य प्रावधान: गर्भवती/धात्री महिलाओं को ₹6,000 मातृत्व लाभ (PMMVY के माध्यम से), 6 माह-14 वर्ष के बच्चों हेतु पोषण (ICDS/मध्याह्न भोजन), परिवार की सबसे बड़ी (18+) महिला राशन कार्ड की मुखिया, खाद्य सुरक्षा भत्ता, जिला शिकायत निवारण अधिकारी, राज्य खाद्य आयोग। राज्य: NFSA में लगभग 4.4 करोड़ लाभार्थी; नए पात्र परिवारों का समावेशन जारी; मुख्यमंत्री के अनुसार 73.46 लाख नए लाभार्थी जुड़े; 'वन नेशन वन राशन कार्ड' पोर्टेबिलिटी।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• NFSA में राशन कार्ड की मुखिया? – परिवार की सबसे बड़ी (18+) महिला
• NFSA में मातृत्व लाभ? – ₹6,000
• NFSA में प्राथमिकता परिवारों का अनाज? – 5 किग्रा प्रति व्यक्ति
4. असंगठित श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: ई-श्रम पोर्टल (26 अगस्त 2021) असंगठित श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस है, जिसमें पंजीकरण पर 12 अंकों का UAN (ई-श्रम कार्ड) मिलता है।
कथन II: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) में 18-40 वर्ष के ₹15,000 तक मासिक आय वाले असंगठित श्रमिकों को 60 वर्ष के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: ई-श्रम – श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय; आधार-आधारित स्व-पंजीकरण/CSC; PMSBY के अंतर्गत दुर्घटना बीमा (मृत्यु/पूर्ण विकलांगता पर ₹2 लाख)। PM-SYM (अंतरिम बजट 2019 में घोषणा; 5 मार्च 2019 से) – स्वैच्छिक व अंशदायी; श्रमिक का अंशदान आयु अनुसार ₹55-₹200 मासिक, केंद्र उतना ही मिलान-अंशदान (50:50); EPFO/ESIC/NPS सदस्य व आयकरदाता अपात्र; LIC पेंशन फ़ंड प्रबंधक। राज्य संदर्भ – BoCW (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार) कल्याण मंडल – निर्माण लागत पर 1% उपकर से कल्याण योजनाएँ; राजस्थान का गिग कर्मकार अधिनियम 2023।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• PM-SYM का आरंभ? – 2019
• BoCW उपकर की दर? – निर्माण लागत का 1%
• PM-SYM में केंद्र का अंशदान? – श्रमिक के बराबर (50:50)
5. चार श्रम संहिताओं (सूची-I) को उनके पारित होने के वर्ष/विषय (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I
सूची-II
(अ)मज़दूरी संहिता
(1)2020 – पहली बार गिग व प्लेटफ़ॉर्म कर्मकार की परिभाषा
(ब)औद्योगिक संबंध संहिता
(2)2020 – कार्यस्थल सुरक्षा व कल्याण
(स)सामाजिक सुरक्षा संहिता
(3)2020 – हड़ताल, छँटनी व ट्रेड यूनियन
(द)व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ (OSH) संहिता
(4)2019 – न्यूनतम मज़दूरी व 'फ़्लोर वेज'
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: मज़दूरी – 2019 (न्यूनतम मज़दूरी/फ़्लोर वेज); औद्योगिक संबंध – 2020 (हड़ताल, छँटनी, ट्रेड यूनियन); सामाजिक सुरक्षा – 2020 (गिग कर्मकार); OSH – 2020 (कार्यस्थल सुरक्षा)।
📘 विस्तार से समझें: 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को 4 संहिताओं में समेकित; सभी 21 नवंबर 2025 से प्रभावी। मज़दूरी संहिता 2019 – 4 कानून (न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम 1948, मज़दूरी भुगतान 1936, बोनस 1965, समान पारिश्रमिक 1976) समाहित; केंद्र द्वारा राष्ट्रीय 'फ़्लोर वेज'। औद्योगिक संबंध संहिता 2020 – 300 तक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में छँटनी/बंदी हेतु पूर्व-अनुमति नहीं; हड़ताल से पूर्व 14 दिन का नोटिस; 'पुनः कौशल कोष'। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 – 9 कानून; गिग/प्लेटफ़ॉर्म कर्मकार; एग्रीगेटर्स का कारोबार का 1-2% (भुगतान का अधिकतम 5%) अंशदान। OSH संहिता 2020 – 13 कानून; महिलाओं को सहमति से रात्रि पाली। राज्य स्तर पर नियम बनाना आवश्यक (श्रम समवर्ती सूची का विषय)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• श्रम संहिताएँ कब से प्रभावी? – 21 नवंबर 2025
• कितने कानून समेकित? – 29
• श्रम किस सूची का विषय? – समवर्ती सूची
6. अभिकथन (A): NFSA 2013 के अंतर्गत राशन कार्ड जारी करने हेतु परिवार की 18 वर्ष या अधिक आयु की सबसे बड़ी महिला को परिवार का मुखिया माना जाता है।
कारण (R): इस प्रावधान का उद्देश्य परिवार की खाद्य सुरक्षा के प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका व सशक्तीकरण को सुदृढ़ करना है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: NFSA की धारा 13 – 'महिला सशक्तीकरण' शीर्षक के अंतर्गत ही यह प्रावधान है; 18 वर्ष से अधिक की महिला न होने पर सबसे बड़ा पुरुष सदस्य मुखिया, और बाद में महिला के 18 वर्ष पूरे होने पर उसे मुखिया बनाया जाता है – अतः R, A का उद्देश्य/कारण स्पष्ट करता है। अधिनियम के अन्य महिला-केंद्रित प्रावधान – गर्भवती/धात्री महिलाओं को ₹6,000 मातृत्व लाभ व निःशुल्क भोजन (आंगनबाड़ी)। राजस्थान में जन आधार कार्ड में भी परिवार की महिला मुखिया – लाभ महिला के बैंक खाते में।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• NFSA की किस धारा में यह प्रावधान? – धारा 13
• 18+ महिला न हो तो मुखिया? – सबसे बड़ा पुरुष सदस्य
• राजस्थान का परिवार-पहचान दस्तावेज़ जिसमें महिला मुखिया? – जन आधार
7. पीएम पोषण (पूर्व मध्याह्न भोजन योजना) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: यह योजना केवल कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों हेतु है; कक्षा 6-8 के विद्यार्थी इसमें सम्मिलित नहीं हैं।
कथन II: इसमें केंद्र-राज्य वित्त-भागीदारी 90:10 है, जो राजस्थान जैसे सामान्य राज्यों पर भी लागू है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: न तो I और न ही II सही है।
📘 विस्तार से समझें: PM पोषण (29 सितंबर 2021 को मध्याह्न भोजन का नया स्वरूप; 2021-22 से 2025-26) – राजकीय/सहायता प्राप्त विद्यालयों में बालवाटिका (पूर्व-प्राथमिक) तथा कक्षा 1-8 के सभी विद्यार्थियों हेतु गर्म पका भोजन; अतः कथन I गलत। वित्त-भागीदारी सामान्य राज्यों में 60:40, पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों में 90:10, विधानमंडल-रहित केंद्रशासित प्रदेशों में 100% केंद्र; अतः कथन II गलत। विशेषताएँ – 'तिथि भोजन' (समुदाय की भागीदारी), स्कूल पोषण वाटिका, सामाजिक अंकेक्षण, आकांक्षी जिलों व अधिक एनीमिया वाले जिलों में पूरक पोषण। बजट 2026-27 में मध्याह्न भोजन ₹2,092 करोड़; बजट में 11,000 अमृत पोषण वाटिका। मूल योजना – राष्ट्रीय प्राथमिक शिक्षा पोषण सहायता कार्यक्रम (15 अगस्त 1995)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• मध्याह्न भोजन की मूल योजना का आरंभ? – 15 अगस्त 1995
• PM पोषण में सामान्य राज्यों की भागीदारी? – 60:40
• समुदाय द्वारा विशेष भोजन की अवधारणा? – तिथि भोजन
8. अंत्योदय अन्न योजना (AAY) का आरंभ कब हुआ?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 25 दिसंबर 2000।
📘 विस्तार से समझें: AAY – निर्धनतम परिवारों हेतु; अब NFSA 2013 के अंतर्गत 35 किग्रा अनाज प्रति परिवार प्रतिमाह (1 जनवरी 2023 से PMGKAY में निःशुल्क)। पात्र – भूमिहीन कृषि मज़दूर, सीमांत किसान, ग्रामीण कारीगर, विधवा/असाध्य रोगी/दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, आदिम जनजाति परिवार आदि। भारत में PDS का विकास: 1997 – लक्षित PDS (TPDS); 2000 – AAY; 2013 – NFSA (अध्यादेश 5 जुलाई 2013, अधिनियम 10 सितंबर 2013); 2019 से 'वन नेशन वन राशन कार्ड'। अन्नपूर्णा योजना (2000-01) – पेंशन से वंचित वरिष्ठ नागरिकों को 10 किग्रा निःशुल्क अनाज। राजस्थान में लगभग 27,366 उचित मूल्य दुकानें; e-POS से आधार-आधारित वितरण।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• लक्षित PDS का आरंभ? – 1997
• NFSA अध्यादेश की तिथि? – 5 जुलाई 2013
• AAY परिवार को मासिक अनाज? – 35 किग्रा
9. सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राजस्थान ने बजट 2022-23 में राज्य कर्मचारियों हेतु पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की घोषणा की थी।
कथन II: केंद्र सरकार के कर्मचारियों हेतु एकीकृत पेंशन योजना (UPS) 1 अप्रैल 2025 से NPS के अंतर्गत एक विकल्प के रूप में लागू हुई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: OPS – अंतिम मूल वेतन का 50% सुनिश्चित पेंशन, कर्मचारी अंशदान नहीं, महँगाई भत्ता वृद्धि; पूरा भार राज्य बजट पर (प्रतिबद्ध व्यय)। NPS (1 जनवरी 2004 से केंद्र में; परिभाषित अंशदान – कर्मचारी 10%, सरकार 14%; PFRDA)। UPS (1 अप्रैल 2025) – 25 वर्ष की सेवा पर अंतिम 12 माह के औसत मूल वेतन का 50% सुनिश्चित पेंशन, न्यूनतम ₹10,000 (10 वर्ष सेवा), पारिवारिक पेंशन 60%, सरकार का अंशदान 18.5%। राजकोषीय संदर्भ – पेंशन व्यय वेतन व ब्याज के साथ राज्य का 'प्रतिबद्ध व्यय'; 16वें वित्त आयोग व RBI ने OPS को दीर्घकालिक राजकोषीय जोखिम बताया।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• NPS में सरकार का अंशदान? – 14%
• UPS में न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन? – ₹10,000
• NPS का नियामक? – PFRDA
10. केंद्रीय बजट 2025-26 में प्लेटफ़ॉर्म आधारित गिग कर्मकारों हेतु की गई घोषणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गिग कर्मकारों को पहचान पत्र दिए जाएँगे।
2. उनका पंजीकरण ई-श्रम पोर्टल पर किया जाएगा।
3. उन्हें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत स्वास्थ्य सुरक्षा दी जाएगी।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: केंद्रीय बजट 2025-26 – लगभग 1 करोड़ गिग/प्लेटफ़ॉर्म कर्मकारों हेतु पहचान पत्र, ई-श्रम पंजीकरण तथा PM-JAY (₹5 लाख/परिवार) स्वास्थ्य सुरक्षा। राजस्थान ने पहले ही 2023 में राज्य स्तर पर गिग कर्मकार अधिनियम बनाकर देश में पहल की (पंजीकरण, कल्याण बोर्ड, एग्रीगेटर शुल्क से कल्याण कोष)। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 – एग्रीगेटर्स का वार्षिक कारोबार के 1-2% (गिग कर्मियों को भुगतान का अधिकतम 5%) अंशदान। अन्य राज्य – कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड, बिहार ने भी गिग कर्मकार कानून/अध्यादेश बनाए।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• गिग कर्मकारों हेतु पहला राज्य-कानून? – राजस्थान (2023)
• PM-JAY में स्वास्थ्य कवर? – ₹5 लाख प्रति परिवार
• सामाजिक सुरक्षा संहिता में एग्रीगेटर अंशदान? – कारोबार का 1-2%
11. अभिकथन (A): 'वन नेशन वन राशन कार्ड' (ONORC) से प्रवासी श्रमिक देश में कहीं भी किसी उचित मूल्य दुकान से अपना NFSA राशन ले सकते हैं।
कारण (R): ONORC राशन कार्डों के आधार-सीडिंग तथा उचित मूल्य दुकानों पर e-POS उपकरणों से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर आधारित है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी इसीलिए संभव है कि लाभार्थी की पहचान राशन कार्ड-आधार लिंक से किसी भी e-POS पर बायोमेट्रिक रूप से सत्यापित हो जाती है और केंद्रीय डेटा भंडार (IM-PDS) से हक़ का पता चलता है – अतः R, A को स्पष्ट करता है। ONORC (अगस्त 2019 से चरणबद्ध, 2022 तक सभी राज्य/केंद्रशासित प्रदेश) – 'मेरा राशन' ऐप; परिवार का एक भाग गृह-राज्य में और दूसरा अन्य राज्य में राशन ले सकता है (स्प्लिट)। राजस्थान – बड़े स्तर पर अंतर-राज्यीय प्रवास (गुजरात, महाराष्ट्र आदि को) करने वाले श्रमिक लाभार्थी।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• ONORC का मोबाइल ऐप? – मेरा राशन
• ONORC का तकनीकी मंच? – IM-PDS
• ONORC कब से? – अगस्त 2019
12. श्रम से जुड़े अधिनियमों (सूची-I) को उनके वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I
सूची-II
(अ)भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम
(1)2016
(ब)बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) संशोधन
(2)1996
(स)बंधुआ श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम
(3)1976
(द)अंतर-राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम
(4)1979
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: BoCW – 1996; बाल श्रम संशोधन – 2016; बंधुआ श्रम – 1976; अंतर-राज्यीय प्रवासी – 1979।
📘 विस्तार से समझें: BoCW अधिनियम 1996 व उपकर अधिनियम 1996 – निर्माण लागत पर 1-2% (सामान्यतः 1%) उपकर से राज्य कल्याण मंडल योजनाएँ (शिक्षा छात्रवृत्ति, विवाह सहायता, मातृत्व, औज़ार, दुर्घटना सहायता)। बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 – 2016 संशोधन से 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का सभी व्यवसायों में नियोजन निषिद्ध, 14-18 'किशोर' खतरनाक कार्यों में निषिद्ध। बंधुआ श्रम उत्सादन 1976 – अनुच्छेद 23। अंतर-राज्यीय प्रवासी कर्मकार 1979। ध्यान दें – BoCW व अंतर-राज्यीय प्रवासी अधिनियम अब OSH संहिता 2020 में समाहित (21 नवंबर 2025 से)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• बंधुआ श्रम का संवैधानिक निषेध? – अनुच्छेद 23
• BoCW अधिनियम अब किस संहिता में? – OSH संहिता 2020
• बाल श्रम संशोधन से किशोर की आयु? – 14-18 वर्ष
13. खाद्यान्न भंडारण अवसंरचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राजस्थान राज्य भंडार व्यवस्था निगम (RSWC) के 36 जिलों में 97 गोदाम हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 17.25 लाख मीट्रिक टन है।
कथन II: राज्य में केंद्रीय पूल हेतु गेहूँ की संपूर्ण ख़रीद राज्य सरकार की एजेंसियाँ करती हैं; भारतीय खाद्य निगम (FCI) की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – राजस्थान में गेहूँ की MSP पर ख़रीद में FCI के साथ राज्य एजेंसियाँ (RAJFED, तिलम संघ, राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम आदि) सम्मिलित; रबी 2025-26 में 21.37 लाख MT गेहूँ ख़रीद (MSP ₹2,425 + राज्य बोनस ₹150/क्विंटल)। RSWC (राज्य भंडारण निगम अधिनियम 1962 के अंतर्गत) – वैज्ञानिक भंडारण, गोदाम रसीद (WDRA पंजीकरण से गिरवी ऋण)। विकेंद्रीकृत ख़रीद (DCP) – इसमें राज्य स्वयं ख़रीद, भंडारण व वितरण करता है। केंद्रीय पहल – 'सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना' (2023) – PACS स्तर पर गोदाम।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• रबी 2025-26 में गेहूँ ख़रीद? – 21.37 लाख MT
• गोदाम रसीद नियामक? – WDRA
• सहकारी भंडारण योजना किस स्तर पर? – PACS
14. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 सामान्यतः 20 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होता है; कर्मचारी व नियोक्ता दोनों मूल वेतन+DA का 12% अंशदान करते हैं।
कथन II: नियोक्ता के 12% अंशदान का पूरा भाग कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – नियोक्ता के 12% में से 8.33% (₹15,000 वेतन-सीमा तक, अधिकतम ₹1,250/माह) EPS-1995 में और शेष 3.67% EPF खाते में जाता है; साथ में EDLI (कर्मचारी जमा-संबद्ध बीमा, 1976) हेतु नियोक्ता अंशदान। EPFO – केंद्रीय न्यासी बोर्ड; UAN; अब सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 में समाहित (21 नवंबर 2025 से)। रोज़गार-सृजन प्रोत्साहन – पीएम विकसित भारत रोज़गार योजना (1 अगस्त 2025 से; EPFO में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को ₹15,000 तक दो किस्तों में, नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी प्रोत्साहन)। राज्य – ESIS चिकित्सा सेवाएँ, BoCW कल्याण मंडल।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• EPS में नियोक्ता अंश? – 8.33%
• EDLI योजना का वर्ष? – 1976
• पीएम विकसित भारत रोज़गार योजना कब से? – 1 अगस्त 2025
15. राजस्थान में रोज़गार गारंटी से जुड़े विधानों/योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी अधिनियम 2023 जुलाई 2023 में विधानसभा द्वारा पारित किया गया था।
2. इस अधिनियम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में प्रति वर्ष 50% स्वतः वृद्धि का प्रावधान था।
3. इंदिरा गांधी शहरी रोज़गार गारंटी योजना 9 सितंबर 2022 से नगरीय क्षेत्रों में परिवारों को प्रतिवर्ष 100 दिन के रोज़गार हेतु आरंभ की गई थी।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – अधिनियम में पेंशन में प्रतिवर्ष 15% वृद्धि (जुलाई में 5% व जनवरी में 10%) तथा न्यूनतम ₹1,000 पेंशन का प्रावधान था। अधिनियम के तीन भाग – ग्रामीण रोज़गार (MGNREGA के 100 दिन के बाद राज्य द्वारा अतिरिक्त, कुल 125 दिन), शहरी रोज़गार (125 दिन) और पेंशन गारंटी। इंदिरा गांधी शहरी रोज़गार गारंटी योजना – 18-60 वर्ष; आरंभ में 100 दिन (बाद में 125 दिन)। अब ग्रामीण क्षेत्र में केंद्र का VB-G RAM G अधिनियम 2025 (1 जुलाई 2026 से 125 दिन) प्रभावी। ध्यान दें – योजनाओं का वर्तमान स्वरूप सरकार की नीति पर निर्भर।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• न्यूनतम आय गारंटी अधिनियम में पेंशन वृद्धि? – 15% वार्षिक
• शहरी रोज़गार गारंटी योजना की आयु सीमा? – 18-60 वर्ष
• VB-G RAM G में कार्य-दिवस? – 125
16. खाद्य सुरक्षा के गुणात्मक पहलुओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: केंद्र सरकार ने PDS, ICDS व PM पोषण में फ़ोर्टिफ़ाइड (आयरन, फ़ोलिक एसिड व विटामिन B12 युक्त) चावल का वितरण चरणबद्ध रूप से मार्च 2024 तक सार्वभौमिक किया।
कथन II: NFSA 2013 की धारा 16 के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में राज्य खाद्य आयोग गठित करने का प्रावधान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: फ़ोर्टिफ़िकेशन – 'छिपी भुखमरी' (सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी) व एनीमिया से निपटने हेतु; NFHS-5 में राजस्थान की गर्भवती महिलाओं में एनीमिया 46.3%; अक्टूबर 2024 में केंद्र ने फ़ोर्टिफ़ाइड चावल वितरण को दिसंबर 2028 तक जारी रखने की स्वीकृति दी। राज्य खाद्य आयोग – NFSA क्रियान्वयन की निगरानी, शिकायत-अपीलें, सलाह; जिला शिकायत निवारण अधिकारी (धारा 15), सतर्कता समितियाँ (धारा 29), सामाजिक अंकेक्षण (धारा 28)। राजस्थान – e-POS, ONORC, 'गिव अप' द्वारा अपात्र नामों का स्वैच्छिक त्याग, नए पात्रों का समावेशन।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• छिपी भुखमरी का अर्थ? – सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी
• NFSA में सामाजिक अंकेक्षण की धारा? – धारा 28
• फ़ोर्टिफ़ाइड चावल वितरण कब तक बढ़ाया? – दिसंबर 2028
17. पेंशन योजनाओं (सूची-I) को उनके लक्ष्य-समूह (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I
सूची-II
(अ)प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)
(1)नाबालिग बच्चों हेतु माता-पिता द्वारा खाता
(ब)प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM)
(2)18-40 वर्ष के लघु व सीमांत किसान
(स)NPS वात्सल्य
(3)₹15,000 तक मासिक आय वाले असंगठित श्रमिक
(द)अटल पेंशन योजना (APY)
(4)18-40 वर्ष के ग़ैर-आयकरदाता नागरिक
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: PM-KMY – लघु-सीमांत किसान; PM-SYM – असंगठित श्रमिक; NPS वात्सल्य – नाबालिग; APY – ग़ैर-आयकरदाता नागरिक।
📘 विस्तार से समझें: PM-KMY (12 सितंबर 2019, रांची) – 18-40 वर्ष के लघु-सीमांत किसान; 60 वर्ष बाद ₹3,000 मासिक; अंशदान ₹55-200, केंद्र का समान अंशदान; PM-किसान लाभ से स्वतः कटौती का विकल्प। PM-SYM (2019) – ₹3,000 पेंशन। NPS वात्सल्य (18 सितंबर 2024) – नाबालिगों हेतु; 18 वर्ष होने पर सामान्य NPS में परिवर्तित; न्यूनतम ₹1,000 वार्षिक। APY (9 मई 2015) – ₹1,000-5,000 पेंशन; 1 अक्टूबर 2022 से आयकरदाता अपात्र। सभी PFRDA/LIC द्वारा प्रबंधित पेंशन ढाँचे।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• PM-KMY का शुभारंभ? – 12 सितंबर 2019, रांची
• NPS वात्सल्य का आरंभ? – 18 सितंबर 2024
• PM-KMY में मासिक पेंशन? – ₹3,000
18. अभिकथन (A): राजस्थान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन के लाभार्थी को केंद्र के ₹300 अंश के बावजूद कुल ₹1,250 (75 वर्ष से कम आयु) पेंशन मिलती है।
कारण (R): केंद्रीय योजनाओं (NSAP) में केंद्र का अंश कम होने पर राज्य अपने संसाधनों से 'टॉप-अप' कर राशि को राज्य की पेंशन दर के बराबर करता है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: राज्य का टॉप-अप ही कारण है कि केंद्र के ₹300 के बावजूद लाभार्थी को ₹1,250 मिलते हैं – R, A की व्याख्या है। IGNWPS – 40+ BPL विधवाएँ; 75+ आयु पर ₹1,500; केंद्र अंश 80 वर्ष से कम पर ₹300, 80+ पर ₹500; राज्य में 4.17 लाख लाभार्थी (₹229.54 करोड़)। राज्य की एकल नारी सम्मान पेंशन – 18+ विधवा/तलाकशुदा/परित्यक्ता, आय <₹48,000, 19.33 लाख लाभार्थी। राजकोषीय संदर्भ – सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यय 2023-24 में ₹9,500 करोड़ से 2024-25 में ₹12,816 करोड़ (मुख्यमंत्री)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• IGNWPS की न्यूनतम आयु? – 40 वर्ष
• सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यय 2024-25? – ₹12,816 करोड़
• IGNWPS लाभार्थी (राज्य)? – 4.17 लाख
19. पीएम विकसित भारत रोज़गार योजना (पूर्व रोज़गार-संबद्ध प्रोत्साहन योजना) के अंतर्गत EPFO में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को अधिकतम कितनी प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में दी जाती है?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – ₹15,000 (एक माह के EPF वेतन तक)।
📘 विस्तार से समझें: योजना (1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक सृजित नौकरियों हेतु; लगभग ₹99,446 करोड़; लक्ष्य ~3.5 करोड़ रोज़गार): भाग-A – पहली बार नौकरी पाने वाले (₹1 लाख तक वेतन) को एक माह का EPF वेतन, अधिकतम ₹15,000, दो किस्तों में (6 माह व 12 माह बाद; दूसरी किस्त वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूर्ण करने पर); भाग-B – नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी ₹3,000 तक मासिक प्रोत्साहन 2 वर्ष (विनिर्माण में 4 वर्ष तक)। केंद्रीय बजट 2024-25 का 'रोज़गार व कौशल' पैकेज। राज्य – रोज़गार मेले, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, सरकारी भर्ती कैलेंडर (1 लाख पद)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• योजना की अवधि? – 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027
• नियोक्ता को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी मासिक प्रोत्साहन? – ₹3,000 तक
• योजना का रोज़गार लक्ष्य? – लगभग 3.5 करोड़
20. मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 (2017 संशोधन सहित) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: 2017 के संशोधन से पहली दो संतानों हेतु सवैतनिक मातृत्व अवकाश 12 से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया।
कथन II: 50 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में क्रेच (शिशु-गृह) सुविधा अनिवार्य की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: अन्य प्रावधान – तीसरी संतान हेतु 12 सप्ताह; 3 माह से कम आयु का शिशु गोद लेने वाली/कमीशनिंग माता को 12 सप्ताह; कार्य की प्रकृति अनुमति दे तो 'घर से कार्य' का विकल्प; क्रेच में माँ को दिन में 4 बार जाने की अनुमति। अब सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 में समाहित (21 नवंबर 2025 से)। असंगठित क्षेत्र हेतु – PMMVY (₹5,000/₹6,000), राज्य का मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण (कैश प्लस); ESIS में प्रसूति हितलाभ (26 सप्ताह तक वेतन)। महिला श्रम-बल भागीदारी बढ़ाने में क्रेच व सवैतनिक अवकाश महत्त्वपूर्ण।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• तीसरी संतान हेतु मातृत्व अवकाश? – 12 सप्ताह
• क्रेच अनिवार्यता की सीमा? – 50+ कर्मचारी
• मातृत्व लाभ अधिनियम अब किस संहिता में? – सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020
21. प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह 2008 में PMRY व REGP के विलय से बना; राष्ट्रीय नोडल एजेंसी KVIC है।
2. इसमें परियोजना लागत पर मार्जिन मनी अनुदान केवल 5% है।
3. विनिर्माण इकाइयों हेतु अधिकतम परियोजना लागत ₹50 लाख तथा सेवा इकाइयों हेतु ₹20 लाख है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – मार्जिन मनी अनुदान: सामान्य श्रेणी – शहरी 15%, ग्रामीण 25%; विशेष श्रेणी (SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक/महिला/दिव्यांग/भूतपूर्व सैनिक/पूर्वोत्तर-पहाड़ी-सीमावर्ती) – शहरी 25%, ग्रामीण 35%; लाभार्थी अंशदान 10% (विशेष श्रेणी 5%)। क्रियान्वयन – KVIC, राज्य KVIB व जिला उद्योग केंद्र (DIC)। राजस्थान में DIC व खादी बोर्ड से; राज्य पूरक – मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (बजट 2026-27: ₹10 लाख तक 100% ब्याज अनुदान), BRUPY, पीएम विश्वकर्मा (+2% राज्य ब्याज अनुदान)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• PMEGP में ग्रामीण विशेष श्रेणी अनुदान? – 35%
• PMEGP की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी? – KVIC
• PMEGP में विलीन योजनाएँ? – PMRY व REGP
22. सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 (21 नवंबर 2025 से प्रभावी) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: नियत-अवधि (fixed-term) कर्मचारियों को 1 वर्ष की निरंतर सेवा के बाद ही ग्रेच्युटी की पात्रता दी गई है।
कथन II: इसमें असंगठित क्षेत्र, गिग व प्लेटफ़ॉर्म कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे से पूर्णतः बाहर रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – संहिता पहली बार असंगठित, गिग व प्लेटफ़ॉर्म कर्मकारों हेतु सामाजिक सुरक्षा कोष, पंजीकरण (ई-श्रम) व राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का प्रावधान करती है; एग्रीगेटरों का 1-2% अंशदान। ग्रेच्युटी – सामान्य कर्मचारियों हेतु 5 वर्ष (पूर्व ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम 1972), नियत-अवधि हेतु 1 वर्ष। ESIC का विस्तार सभी जिलों तक व खतरनाक कार्यों में एक कर्मचारी वाले प्रतिष्ठानों पर भी; EPFO कवरेज की सीमा। समाहित 9 कानून – EPF 1952, ESI 1948, ग्रेच्युटी 1972, मातृत्व लाभ 1961, BoCW उपकर 1996, असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा 2008 आदि।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• सामान्य कर्मचारियों हेतु ग्रेच्युटी पात्रता? – 5 वर्ष
• ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम? – 1972
• असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम? – 2008
23. अभिकथन (A): 1 जनवरी 2023 से NFSA लाभार्थियों को अनाज निःशुल्क मिल रहा है।
कारण (R): राजस्थान सरकार ने अपनी ओर से गैस सिलेंडर ₹450 में उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना चलाई है।
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
📘 विस्तार से समझें: A का कारण केंद्र का निर्णय है – PMGKAY को NFSA में समाहित कर 1 जनवरी 2023 से निःशुल्क अनाज (केंद्र वहन; अब 1 जनवरी 2024 से 5 वर्ष हेतु); देश में लगभग 81 करोड़ लाभार्थी। R राज्य की अलग (LPG) योजना है, जो अनाज निःशुल्क होने की व्याख्या नहीं करती। राज्य की खाद्य-सुरक्षा भूमिका – लाभार्थी चयन, उचित मूल्य दुकानें (~27,366), परिवहन/डीलर मार्जिन, ONORC, e-POS; श्री अन्नपूर्णा रसोई (₹8 थाली), रसोई गैस सब्सिडी (₹450, 12 सिलेंडर)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• PMGKAY के राष्ट्रीय लाभार्थी लगभग? – 81 करोड़
• राज्य में उचित मूल्य दुकानें? – ~27,366
• रसोई गैस सब्सिडी में वार्षिक सिलेंडर? – 12
24. रोज़गार कार्यालयों को डिजिटल रूप से जोड़कर रोज़गार-खोज, परामर्श व कौशल-सूचना उपलब्ध कराने वाला केंद्र का राष्ट्रीय पोर्टल कौन-सा है?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल।
📘 विस्तार से समझें: NCS (20 जुलाई 2015, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय) – नियोक्ता-रोज़गार-इच्छुक मिलान, करियर परामर्श, मॉडल करियर केंद्र, रोज़गार मेले; राज्य के रोज़गार कार्यालय/कौशल-रोज़गार विभाग इससे जुड़े। अन्य विकल्प: ई-श्रम – असंगठित श्रमिक डेटाबेस (UAN); उमंग – सरकारी सेवाओं का एकीकृत मोबाइल ऐप; स्किल इंडिया डिजिटल हब (2023) – कौशल प्रशिक्षण/प्रमाणन मंच। राज्य – रोज़गार मेले, ITI/RSLDC प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री के अनुसार 2 वर्ष में निजी क्षेत्र में 2 लाख+ नौकरियाँ।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• NCS पोर्टल का आरंभ? – 20 जुलाई 2015
• उमंग क्या है? – सरकारी सेवाओं का एकीकृत ऐप
• स्किल इंडिया डिजिटल हब? – 2023
25. मज़दूरी संहिता 2019 में समाहित अधिनियमों (सूची-I) को उनके वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I
सूची-II
(अ)न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम
(1)1948
(ब)मज़दूरी भुगतान अधिनियम
(2)1976
(स)बोनस भुगतान अधिनियम
(3)1936
(द)समान पारिश्रमिक अधिनियम
(4)1965
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: न्यूनतम मज़दूरी – 1948; मज़दूरी भुगतान – 1936; बोनस – 1965; समान पारिश्रमिक – 1976।
📘 विस्तार से समझें: मज़दूरी संहिता 2019 – सभी कर्मचारियों (संगठित-असंगठित) पर न्यूनतम मज़दूरी का सार्वभौमिक अधिकार; केंद्र द्वारा 'फ़्लोर वेज' (राज्य इससे कम न्यूनतम मज़दूरी तय नहीं कर सकते); समय पर भुगतान; लिंग-आधारित भेदभाव निषेध (भर्ती व वेतन में); 'मज़दूरी' की एकीकृत परिभाषा (भत्ते कुल पारिश्रमिक के 50% से अधिक हों तो अतिरिक्त भाग मज़दूरी में जोड़ा जाए)। 21 नवंबर 2025 से प्रभावी। राजस्थान – अकुशल, अर्द्ध-कुशल, कुशल, उच्च-कुशल श्रेणियों हेतु न्यूनतम मज़दूरी का आवधिक पुनरीक्षण (महँगाई भत्ते सहित)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• फ़्लोर वेज कौन तय करता है? – केंद्र सरकार
• मज़दूरी परिभाषा में भत्तों की सीमा? – 50%
• मज़दूरी संहिता का वर्ष? – 2019
26. खाद्य प्रबंधन की संस्थाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: भारतीय खाद्य निगम (FCI) की स्थापना खाद्य निगम अधिनियम 1964 के अंतर्गत 1965 में हुई।
कथन II: कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) फ़सलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की अनुशंसा करता है; MSP की घोषणा केंद्र सरकार (आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति) करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: FCI – MSP पर ख़रीद, भंडारण, अंतर-राज्यीय परिवहन, PDS हेतु आवंटन, बफ़र स्टॉक। CACP (1965; पूर्व कृषि मूल्य आयोग) – 22 अधिदेशित फ़सलों (14 खरीफ़, 6 रबी, 2 वाणिज्यिक – जूट, खोपरा) हेतु MSP व गन्ने हेतु FRP की अनुशंसा; केंद्रीय बजट 2018-19 से MSP उत्पादन लागत (A2+FL) के कम से कम 1.5 गुना। राजस्थान – गेहूँ MSP ₹2,425 + राज्य बोनस ₹150 (रबी 2025-26), 21.37 लाख MT ख़रीद; सरसों-चना की PSS (मूल्य समर्थन योजना) के अंतर्गत NAFED-RAJFED ख़रीद।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• MSP हेतु लागत मानक? – A2+FL का 1.5 गुना
• CACP की अधिदेशित फ़सलें? – 22
• तिलहन-दलहन की MSP ख़रीद योजना? – PSS (PM-AASHA)
27. वैश्विक भुखमरी सूचकांक (GHI) 2024 में भारत का स्थान 127 देशों में क्या था?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 105वाँ ('गंभीर' श्रेणी)।
📘 विस्तार से समझें: GHI (कंसर्न वर्ल्डवाइड व वेल्टहंगरहिल्फ़) के चार संकेतक – अल्पपोषण, बाल दुबलापन (wasting), बाल बौनापन (stunting), बाल मृत्यु दर। भारत ने पद्धति (विशेषकर अल्पपोषण अनुमान व बाल-संकेतकों पर अधिक भार) पर आपत्ति जताई है। अन्य विकल्प: 111वाँ – GHI 2023 (125 देश); 121वाँ – GHI 2022। राजस्थान के बाल-पोषण संकेतक (NFHS-5) – बौनापन 31.8%, दुबलापन 16.8%, कम वज़न 27.6% (तीनों राष्ट्रीय से बेहतर)। उपाय – NFSA, PM पोषण, सक्षम आंगनबाड़ी व पोषण 2.0, फ़ोर्टिफ़ाइड चावल, श्री अन्नपूर्णा रसोई, कैश प्लस मॉडल।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• GHI 2023 में भारत? – 111वाँ
• GHI के संकेतकों की संख्या? – 4
• GHI प्रकाशक? – कंसर्न वर्ल्डवाइड व वेल्टहंगरहिल्फ़
28. अभिकथन (A): केंद्र सरकार केंद्रीय पूल में गेहूँ-चावल का बफ़र स्टॉक निर्धारित मानकों के अनुसार रखती है और आवश्यकता पड़ने पर खुले बाज़ार बिक्री योजना (OMSS) से अनाज बेचती है।
कारण (R): बफ़र स्टॉक का उद्देश्य PDS/NFSA की आपूर्ति, सूखा-बाढ़ जैसी आपदाओं में खाद्य सुरक्षा तथा बाज़ार में क़ीमतों को स्थिर रखना है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: बफ़र मानक (त्रैमासिक, 1 अप्रैल/जुलाई/अक्टूबर/जनवरी) – परिचालन स्टॉक + रणनीतिक भंडार; OMSS – क़ीमतें बढ़ने पर आटा मिलों/व्यापारियों को अनाज बेचना, 'भारत आटा/चावल' जैसी रियायती बिक्री। अतः R, A का उद्देश्य/कारण है। राजस्थान – गेहूँ की बड़ी ख़रीद (21.37 लाख MT) से केंद्रीय पूल में योगदान; RSWC के 97 गोदाम (17.25 लाख MT); सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना (PACS गोदाम)। मूल्य स्थिरीकरण कोष (2014-15) – दाल-प्याज़ के बफ़र हेतु।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• OMSS का पूर्ण रूप? – खुली बाज़ार बिक्री योजना
• मूल्य स्थिरीकरण कोष? – 2014-15
• RSWC गोदाम क्षमता? – 17.25 लाख MT
29. व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ (OSH) संहिता 2020 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसमें कारख़ाना अधिनियम 1948 सहित 13 श्रम कानून समाहित हैं।
2. महिलाओं को उनकी सहमति व सुरक्षा उपायों के साथ रात्रि पाली में काम करने की अनुमति दी गई है।
3. इसमें अंतर-राज्यीय प्रवासी श्रमिकों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी गई है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – संहिता में अंतर-राज्यीय प्रवासी श्रमिकों हेतु वर्ष में एक बार गृह-राज्य आने-जाने का यात्रा भत्ता, PDS पोर्टेबिलिटी, राष्ट्रीय डेटाबेस, नियोक्ता द्वारा नियुक्ति-पत्र जैसे प्रावधान। अन्य – सामान्यतः 8 घंटे प्रतिदिन कार्य; 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों की वार्षिक निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच; 'कारख़ाना' की सीमा – बिजली सहित 20, बिजली रहित 40 श्रमिक। 21 नवंबर 2025 से प्रभावी; राज्य नियम बनाते हैं (श्रम – समवर्ती सूची)। राजस्थान – BoCW कल्याण मंडल, गिग अधिनियम 2023।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• OSH संहिता में समाहित कानून? – 13
• बिजली सहित 'कारख़ाना' की श्रमिक सीमा? – 20
• निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जाँच किस आयु से? – 40 वर्ष से अधिक
30. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के सामाजिक समावेशन अध्याय के सार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राज्य में NFSA लाभार्थियों की संख्या लगभग 1 करोड़ है।
कथन II: NFSA के अंतर्गत लगभग 18.7 लाख MT गेहूँ का वितरण दर्शाया गया है तथा ICDS से लगभग 30 लाख महिलाएँ व बच्चे आच्छादित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – NFSA लाभार्थी लगभग 4.38-4.44 करोड़ (स्रोत-भेद); '1 करोड़' का आँकड़ा रसोई गैस सब्सिडी से लाभान्वित परिवारों (मुख्यमंत्री) से संबंधित। NFSA – अंत्योदय (35 किग्रा/परिवार) व प्राथमिकता परिवार (5 किग्रा/व्यक्ति), PMGKAY से निःशुल्क; ~27,366 उचित मूल्य दुकानें; मुख्यमंत्री के अनुसार 73.46 लाख नए लाभार्थी जोड़े गए। बालिका प्रोत्साहन लाभार्थी (लाडो) ~3.27 लाख। खाद्य-पोषण सुरक्षा का अभिसरण – NFSA + ICDS + PM पोषण + रसोई योजनाएँ।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• NFSA में अंत्योदय परिवार को अनाज? – 35 किग्रा
• राज्य में उचित मूल्य दुकानें? – ~27,366
• नए NFSA लाभार्थी (दावा)? – 73.46 लाख