1. राजस्थान की जल-स्थिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राजस्थान के पास देश के कुल जल संसाधनों का लगभग 1.16% है, जबकि उसका क्षेत्रफल देश का 10.41% है।
कथन II: राज्य जल योजना 2047 का अनावरण राजस्थान जल सम्मेलन (Water Conclave) में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: जल-विषमता: 10.41% क्षेत्र, ~5.7% जनसंख्या, ~10.6% पशुधन, किंतु ~1.16% जल संसाधन; अधिकांश भू-जल ब्लॉक अति-दोहित। राज्य जल योजना 2047 (जुलाई 2026) के घटक: रामजल सेतु लिंक परियोजना (17 जिलों को पेयजल, ~4.84 लाख हेक्टेयर सिंचाई); यमुना जल समझौता – 295 किमी पाइपलाइन से 1,917 क्यूसेक जल शेखावाटी (सीकर, झुंझुनूं, चूरू; ~75 लाख लोग); देवास III व IV (₹1,691 करोड़, उदयपुर); इंदिरा गांधी नहर सुदृढ़ीकरण; नर्मदा जल रानीवाड़ा-भीनमाल तक; ब्राह्मणी नदी जल बीसलपुर तक; AMRUT 2.0 में 178 नगरीय निकायों हेतु ₹5,100 करोड़; JJM में 15 लाख+ ग्रामीण नल कनेक्शन; अटल भूजल में ₹485 करोड़ के कार्य।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• यमुना जल समझौते से कितना जल? – 1,917 क्यूसेक
• देवास III-IV परियोजना किस नगर हेतु? – उदयपुर
• ब्राह्मणी नदी का जल किस बाँध तक? – बीसलपुर
2. राजस्थान के वन एवं हरित आवरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राज्य का अभिलेखित वन क्षेत्र 33,020.32 वर्ग किमी (भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 9.65%) है।
2. ISFR-2023 के अनुसार वास्तविक वन आवरण 16,548.21 वर्ग किमी (लगभग 4.84%) है।
3. राजस्थान वन नीति 2023 का लक्ष्य 20 वर्षों में हरित आवरण को भौगोलिक क्षेत्र का 33% करना है।
4. मिशन हरियालो राजस्थान में पाँच वर्षों में वृक्षारोपण हेतु ₹4,000 करोड़ का प्रावधान है।
5. राष्ट्रीय वन नीति में देश के भौगोलिक क्षेत्र के 25% भाग पर वन/वृक्ष आवरण का लक्ष्य है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: केवल तीन कथन (1, 2 और 4) सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – वन नीति 2023 का लक्ष्य 20 वर्षों में हरित आवरण 20% करना है। कथन 5 गलत – राष्ट्रीय वन नीति 1988 का लक्ष्य 33% (पहाड़ी क्षेत्रों में दो-तिहाई)। अभिलेखित वन क्षेत्र (वैधानिक, राजस्व अभिलेख) और वन आवरण (उपग्रह से ≥1 हेक्टेयर, ≥10% वितान घनत्व) में अंतर समझें। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में दिसंबर 2025 तक 8.21 करोड़ पौधे (आर्थिक समीक्षा)। खेजड़ी (राज्य वृक्ष, 'कल्पवृक्ष') संरक्षण हेतु कानून की घोषणा। मरुस्थलीकरण से निपटने हेतु चारागाह विकास, मृदा संरक्षण। SDG इंडिया इंडेक्स में राज्य का स्कोर 60 (2020-21) से 67 (2023-24)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राष्ट्रीय वन नीति का वर्ष? – 1988
• वन आवरण की न्यूनतम वितान घनत्व सीमा? – 10%
• राज्य का SDG स्कोर (2023-24)? – 67
3. राजस्थान की पर्यावरण एवं जलवायु पहलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजस्थान जलवायु परिवर्तन नीति 2023 जलवायु प्रभावों, पारितंत्र लचीलापन और SDG से संबंधित है।
2. राजस्थान ई-अपशिष्ट प्रबंधन नीति 2025 में जारी की गई।
3. 2025-26 में जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (EOC) हेतु ₹38.95 करोड़ आवंटित किए गए तथा हीट एक्शन प्लान प्रस्तावित हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – ई-अपशिष्ट प्रबंधन नीति 2023 की है (सर्कुलर अर्थव्यवस्था, पुनर्चक्रण)। 2025 की नीति – वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025। जलवायु जोखिम: बढ़ता तापमान, बार-बार सूखा, आँधियाँ, लू – कृषि, पशुपालन, पर्यटन, जन-स्वास्थ्य पर प्रभाव। अन्य: राजस्थान राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (SAPCC), EV नीति 2022, एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024। आपदा प्रबंधन – राजस्थान राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (अध्यक्ष मुख्यमंत्री), SDRF; आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राजस्थान ई-अपशिष्ट प्रबंधन नीति का वर्ष? – 2023
• आपदा प्रबंधन अधिनियम? – 2005
• राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष? – मुख्यमंत्री
4. राजस्थान संपर्क (181) शिकायत निवारण प्रणाली के संबंध में कैलेंडर वर्ष 2025 के आँकड़ों पर आधारित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: वर्ष 2025 में लगभग 34.43 लाख शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 98% से अधिक का निस्तारण किया गया।
कथन II: बजट 2026-27 में राजस्थान संपर्क को समाप्त कर उसके स्थान पर केवल व्हाट्सऐप आधारित शिकायत प्रणाली लागू करने की घोषणा की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: 2025: 34.43 लाख शिकायतें, 33.88 लाख निस्तारित (~98.4%)। कथन II गलत – बजट 2026-27 में 'राजस्थान संपर्क 2.0' (उन्नयन) की घोषणा हुई, समाप्ति की नहीं; साथ ही 100 सेवाएँ व्हाट्सऐप से देने की घोषणा अलग पहल है। अन्य सुशासन घोषणाएँ (बजट 2026-27): 'वन्स-ओनली सिद्धांत' (दस्तावेज़ एक बार जमा, विभाग आपस में साझा करें), जन आधार डेटाबेस का विभागीय पात्रता-पोर्टलों से जुड़ाव, 'ई-मित्र मिनी' – 25,000 युवाओं/महिलाओं को मोबाइल-आधारित सेवा लाइसेंस, नगरीय निकायों में स्मार्ट सेवा केंद्र, CM-PRAN इकाई, RITI (नीति आयोग की तर्ज़ पर; ₹10 करोड़), संशोधित जन विश्वास अधिनियम 2.0। राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2011; सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• ई-मित्र मिनी में कितने लाइसेंस? – 25,000
• RITI किसकी तर्ज़ पर? – नीति आयोग
• राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम? – 2012
5. बजट 2026-27 में घोषित सुशासन पहलों (सूची-I) को उनके उद्देश्य (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) CM-PRAN (ब) RITI (स) वन्स-ओनली सिद्धांत (द) जन विश्वास अधिनियम 2.0
सूची-II: (1) परिणाम-केंद्रित कल्याण योजनाओं हेतु नीति, शोध व विश्लेषण इकाई (2) नागरिक दस्तावेज़ एक बार जमा करे, विभाग आपस में साझा करें (3) छोटे अपराधों का गैर-अपराधीकरण व सुशासन (4) नीति आयोग की तर्ज़ पर रूपांतरण व नवाचार संस्थान
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: CM-PRAN – नीति-शोध-विश्लेषण इकाई; RITI – नीति आयोग की तर्ज़ पर संस्थान; वन्स-ओनली – दस्तावेज़ एक बार; जन विश्वास 2.0 – गैर-अपराधीकरण।
📘 विस्तार से समझें: CM-PRAN – Policy, Research and Analytics for Measurable Action and Nexus; RITI – Rajasthan Institute of Transformation and Innovation (₹10 करोड़)। जन विश्वास – दिसंबर 2025 में राजस्थान जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश 2025 – 11 अधिनियमों के छोटे उल्लंघनों पर कारावास के स्थान पर अर्थदंड/चेतावनी (ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस व 'ईज़ ऑफ़ लिविंग'); केंद्र का जन विश्वास अधिनियम 2023 (42 अधिनियम)। बजट 2026-27 – नई IT नीति, डिजिटल अवसंरचना सुविधा नीति, जियो-स्पेशियल नीति।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• जन विश्वास अध्यादेश 2025 में संशोधित अधिनियम? – 11
• केंद्र का जन विश्वास अधिनियम? – 2023 (42 अधिनियम)
• RITI हेतु प्रावधान? – ₹10 करोड़
6. अभिकथन (A): राजस्थान में अभिलेखित वन क्षेत्र (≈9.65%) वास्तविक वन आवरण (≈4.84%) से लगभग दोगुना है।
कारण (R): अभिलेखित वन क्षेत्र राजस्व/वैधानिक अभिलेखों पर आधारित होता है, जबकि वन आवरण उपग्रह-चित्रों से मापा गया वह क्षेत्र है जिसमें वितान घनत्व 10% से अधिक हो; राज्य के अनेक अभिलेखित वन क्षेत्रों में विरल वनस्पति है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: दो मापों की परिभाषा का अंतर ही अंतराल का कारण है – मरुस्थलीय/अर्ध-शुष्क अभिलेखित वनों में झाड़ियाँ/विरल वृक्ष होने से वे उपग्रह मानक में 'वन आवरण' नहीं गिने जाते; अतः R, A को स्पष्ट करता है। ISFR (भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून; द्विवार्षिक) – वितान घनत्व श्रेणियाँ: अति सघन (≥70%), मध्यम सघन (40-70%), खुला वन (10-40%); झाड़ी (<10%) वन आवरण में नहीं। राजस्थान में खुला वन का अंश अधिक; सर्वाधिक वन आवरण – उदयपुर; न्यूनतम – चूरू (पारंपरिक तथ्य)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• ISFR प्रकाशित करने वाली संस्था? – भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून
• अति सघन वन का वितान घनत्व? – 70% या अधिक
• ISFR की आवृत्ति? – द्विवार्षिक
7. पेयजल व भू-जल से संबंधित योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राज्य के अनुरोध पर जल जीवन मिशन की अवधि 2028 तक बढ़ाई गई है।
कथन II: अटल भूजल योजना के अंतर्गत राज्य में भू-जल पुनर्भरण व संरक्षण हेतु लगभग ₹485 करोड़ के कार्य पूर्ण किए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: जल जीवन मिशन (15 अगस्त 2019; 'हर घर जल' – प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन नल से जल; केंद्र-राज्य 50:50) – केंद्रीय बजट 2025-26 में 2028 तक विस्तार; राज्य में वर्तमान सरकार के दौरान 14-15 लाख+ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन (मुख्यमंत्री/जल योजना 2047)। अटल भूजल योजना (25 दिसंबर 2019; विश्व बैंक सहायता; 7 राज्य – राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश) – समुदाय-आधारित भू-जल प्रबंधन, जल सुरक्षा योजनाएँ। राज्य पहलें – मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0, 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान (भू-जल पुनर्भरण, प्रवासी सहभागिता)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• JJM का मानक जल-आपूर्ति? – 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन
• अटल भूजल योजना का आरंभ? – 25 दिसंबर 2019
• भू-जल पुनर्भरण हेतु प्रवासी सहभागिता अभियान? – कर्मभूमि से मातृभूमि
8. जन आधार योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: जन आधार योजना 18 दिसंबर 2019 को आरंभ हुई और इसने 2014 में शुरू हुई भामाशाह योजना का स्थान लिया; इसमें परिवार की महिला मुखिया होती है।
कथन II: जन आधार केवल राशन वितरण हेतु प्रयुक्त होता है; अन्य किसी नकद या ग़ैर-नकद योजना से इसका संबंध नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – जन आधार 'एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान' के रूप में राज्य की लगभग सभी नकद (DBT – पेंशन, छात्रवृत्ति, पालनहार आदि) व ग़ैर-नकद (राशन, MAA स्वास्थ्य योजना, RGHS पंजीकरण आदि) योजनाओं का आधार है; परिवार व सदस्यों का जनसांख्यिकीय-सामाजिक-आर्थिक डेटाबेस, ई-मित्र/स्व-सेवा से अद्यतन। भामाशाह योजना – 15 अगस्त 2014 (पूर्व में 2008 में आरंभ, फिर पुनर्जीवित)। बजट 2026-27 – जन आधार डेटाबेस को विभागीय पात्रता मानदंडों व पोर्टलों से जोड़ना, ताकि पात्र नागरिकों को स्वतः समय पर लाभ (प्रोएक्टिव डिलीवरी); 'वन्स-ओनली सिद्धांत'।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• भामाशाह योजना पुनः कब आरंभ? – 15 अगस्त 2014
• जन आधार का नारा? – एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान
• जन आधार में परिवार का मुखिया? – महिला
9. राजस्थान के संरक्षित क्षेत्रों/आर्द्रभूमियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. धौलपुर-करौली बाघ अभयारण्य (2023) राज्य का पाँचवाँ बाघ अभयारण्य है।
2. 2025 में खींचन (फलौदी) और मेनार (उदयपुर) को रामसर स्थल घोषित किया गया।
3. केवलादेव (भरतपुर) और सांभर झील भी राजस्थान के रामसर स्थल हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: बाघ अभयारण्य: रणथंभौर (1973-74), सरिस्का (1978-79), मुकुंदरा हिल्स (2013), रामगढ़ विषधारी (2022), धौलपुर-करौली (2023)। रामसर स्थल (4): केवलादेव व सांभर (1990 के पूर्व/1990 – केवलादेव 1981, सांभर 1990), खींचन व मेनार (2025)। खींचन – डेमोइसेल क्रेन (कुरजाँ) का शीतकालीन पड़ाव; मेनार – 'पक्षी ग्राम', सामुदायिक संरक्षण। आर्थिक संदर्भ – इको-पर्यटन (पर्यटन नीति 2025 में बर्ड-वॉचिंग सर्किट), EV परिवहन रणथंभौर-सरिस्का में; मिशन हरियालो राजस्थान व 'एक पेड़ माँ के नाम'।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य का प्रथम बाघ अभयारण्य? – रणथंभौर
• खींचन किस पक्षी हेतु प्रसिद्ध? – डेमोइसेल क्रेन (कुरजाँ)
• राज्य में रामसर स्थल? – 4
10. जल संरक्षण अभियानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान का प्रथम चरण 27 जनवरी 2016 को आरंभ हुआ था; वर्तमान में इसका द्वितीय चरण (MJSA 2.0) संचालित है।
कथन II: 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान का उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों की सहभागिता से गाँवों में भू-जल पुनर्भरण संरचनाएँ बनाना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: MJSA – 'चार जल' (वर्षा जल का खेत, गाँव, जलग्रहण व भू-जल में संरक्षण) अवधारणा; जल संग्रहण संरचनाएँ – एनीकट, तालाब, टांका, खड़ीन, जोहड़, मेड़बंदी; पंचायती राज विभाग के अंतर्गत; अभिसरण – MGNREGA, वाटरशेड, कृषि। कर्मभूमि से मातृभूमि – भू-जल विभाग; प्रवासी भामाशाहों/उद्योगपतियों द्वारा अपने पैतृक गाँवों में रिचार्ज शाफ़्ट/कुएँ निर्माण। पारंपरिक जल-स्रोत – बावड़ी, टांका, कुंड, नाड़ी, खड़ीन (जैसलमेर, पालीवाल ब्राह्मण)। अटल भूजल (2019) व मिशन अमृत सरोवर (2022) पूरक।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• MJSA का प्रथम चरण? – 27 जनवरी 2016
• 'कर्मभूमि से मातृभूमि' किस विभाग का? – भू-जल विभाग
• खड़ीन पद्धति किनसे जुड़ी? – पालीवाल ब्राह्मण, जैसलमेर
11. राजस्थान की ई-गवर्नेंस/सुशासन पहलों (सूची-I) को उनके वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) ई-मित्र (ब) राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम (स) राजस्थान संपर्क पोर्टल (द) जन आधार योजना
सूची-II: (1) 2014 (2) 2019 (3) 2005 (4) 2012
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: ई-मित्र – 2005; सुनवाई का अधिकार – 2012; राजस्थान संपर्क – 2014; जन आधार – 2019।
📘 विस्तार से समझें: ई-मित्र (2005, PPP मॉडल; ग्रामीण-नगरीय कियोस्क से बिल भुगतान, प्रमाण-पत्र, योजनाओं के आवेदन); बजट 2026-27 में 'ई-मित्र मिनी' (25,000 मोबाइल-आधारित लाइसेंस)। सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012 – निश्चित समय में शिकायत की सुनवाई का वैधानिक अधिकार। लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम 2011। राजस्थान संपर्क (2014; हेल्पलाइन 181) – एकीकृत शिकायत निवारण; 2025 में 34.43 लाख शिकायतें; बजट 2026-27 में संपर्क 2.0। जन आधार (18 दिसंबर 2019)। अन्य – राजकाज (ई-फ़ाइल), राजनेट, SSO ID (एकल साइन-ऑन), राज ई-वॉल्ट।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• ई-मित्र किस मॉडल पर? – PPP
• लोक सेवा गारंटी अधिनियम? – 2011
• राजस्थान संपर्क की हेल्पलाइन? – 181
12. अभिकथन (A): इंदिरा गांधी नहर परियोजना पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय जिलों में पेयजल व सिंचाई का प्रमुख आधार है।
कारण (R): यह नहर पंजाब में सतलुज-ब्यास संगम पर स्थित हरिके बैराज से निकलकर रावी-ब्यास के अतिरिक्त जल में राजस्थान के हिस्से को मरुस्थल तक पहुँचाती है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: मरुस्थल में स्थानीय सतही जल का अभाव है; अंतर-राज्यीय रावी-ब्यास जल को हरिके से लाने वाली नहर ही वहाँ के पेयजल-सिंचाई का आधार बनती है – अतः R, A का कारण है। तथ्य – शिलान्यास 31 मार्च 1958; पूर्व नाम राजस्थान नहर (1984 में इंदिरा गांधी नहर); फ़ीडर (पंजाब-हरियाणा) + मुख्य नहर; लाभान्वित जिले – श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, चूरू, नागौर आदि; लिफ़्ट नहरें – कँवरसेन, गंधेली-साहवा, बांगड़सर आदि। मुख्यमंत्री के अनुसार इंदिरा गांधी नहर विकास हेतु ₹4,731 करोड़ व गंगनहर आधुनिकीकरण ₹1,717 करोड़; राज्य जल योजना 2047 में नहर का सुदृढ़ीकरण।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• IGNP का शिलान्यास? – 31 मार्च 1958
• IGNP का पूर्व नाम? – राजस्थान नहर
• हरिके बैराज किन नदियों के संगम पर? – सतलुज-ब्यास
13. खेजड़ी वृक्षों की रक्षा हेतु अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 लोगों का बलिदान (खेजड़ली आंदोलन) किस वर्ष हुआ?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 1730 (भाद्रपद शुक्ल दशमी, विक्रम संवत 1787)।
📘 विस्तार से समझें: खेजड़ली (जोधपुर) – जोधपुर के महाराजा अभय सिंह के समय वृक्ष कटाई के विरोध में बलिदान; इसे विश्व के प्रारंभिक पर्यावरण आंदोलनों में गिना जाता है और 1973 के चिपको आंदोलन का प्रेरणा-स्रोत माना जाता है। खेजड़ी (प्रोसोपिस सिनेरेरिया) – राज्य वृक्ष (1983), 'मरुस्थल का कल्पवृक्ष'; पत्तियाँ (लूँग) पशु-चारा, फली (सांगरी) सब्ज़ी, नाइट्रोजन स्थिरीकरण। मुख्यमंत्री ने खेजड़ी संरक्षण हेतु कानून लाने की घोषणा की (फरवरी 2026)। राज्य का अमृता देवी बिश्नोई स्मृति पर्यावरण पुरस्कार व केंद्र का अमृता देवी बिश्नोई राष्ट्रीय पुरस्कार (वन्यजीव संरक्षण)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• खेजड़ी राज्य वृक्ष कब घोषित? – 1983
• खेजड़ी की फली को क्या कहते हैं? – सांगरी
• चिपको आंदोलन का वर्ष? – 1973
14. राजस्थान की सुशासन/जवाबदेही संस्थाओं (सूची-I) को उनके स्थापना वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) राजस्थान लोकायुक्त (ब) राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (स) राजस्थान राज्य सूचना आयोग (द) राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग
सूची-II: (1) 1994 (2) 1973 (3) 1999 (4) 2006
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: लोकायुक्त – 1973; मानवाधिकार आयोग – 1999; सूचना आयोग – 2006; राज्य निर्वाचन आयोग – 1994।
📘 विस्तार से समझें: राजस्थान लोकायुक्त एवं उपलोकायुक्त अधिनियम 1973 – देश में लोकायुक्त बनाने वाले प्रारंभिक राज्यों में (महाराष्ट्र 1971 के बाद)। राज्य मानवाधिकार आयोग – मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के अंतर्गत 18 जनवरी 1999 को गठित (कार्य 2000 से)। राज्य सूचना आयोग – RTI अधिनियम 2005 के अंतर्गत 2006। राज्य निर्वाचन आयोग – 73वें/74वें संशोधन (अनुच्छेद 243K, 243ZA) के अनुसार 1994; पंचायत व नगरीय निकाय चुनाव। अन्य – राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011, सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012, सामाजिक अंकेक्षण (MGNREGA)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य निर्वाचन आयोग का अनुच्छेद (पंचायत)? – 243K
• RTI अधिनियम? – 2005
• मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम? – 1993
15. राजस्थान में प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राजस्थान ने 1 अगस्त 2010 से पूरे राज्य में पॉलीथीन कैरी बैग के उत्पादन, भंडारण, विक्रय व उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था।
कथन II: राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल का गठन जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 के अंतर्गत 1975 में हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: RSPCB (7 फरवरी 1975) – जल अधिनियम 1974, वायु अधिनियम 1981, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधान लागू करता है; उद्योगों को 'स्थापना की सहमति' (CTE) व 'संचालन की सहमति' (CTO)। केंद्र – एकल-उपयोग प्लास्टिक की चिह्नित वस्तुओं पर 1 जुलाई 2022 से प्रतिबंध (प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम 2021)। राज्य नीतियाँ – ई-अपशिष्ट प्रबंधन नीति 2023, वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025, EV नीति 2022; नगरीय – SBM-U 2.0 'कचरा मुक्त शहर'। वायु गुणवत्ता – राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP, 2019) में राज्य के अप्राप्ति (non-attainment) नगर – जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अलवर।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• RSPCB की स्थापना? – 7 फरवरी 1975
• केंद्र का एकल-उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध? – 1 जुलाई 2022
• राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम? – 2019
16. मरुस्थलीकरण व शुष्क क्षेत्र अनुसंधान के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI) बीकानेर में स्थित है।
2. शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (AFRI) जोधपुर में स्थित है।
3. राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 61% भाग मरुस्थलीय (थार) है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 1 गलत – CAZRI (1959, ICAR) जोधपुर में है। AFRI (ICFRE) – जोधपुर। अन्य शुष्क-क्षेत्र संस्थान – राष्ट्रीय ऊँट अनुसंधान केंद्र (बीकानेर), केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (अविकानगर, टोंक), राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र (अजमेर)। मरुस्थलीकरण – ISRO के 'डेज़र्टिफ़िकेशन एंड लैंड डिग्रेडेशन एटलस' में राजस्थान सर्वाधिक भूमि-क्षरण क्षेत्र वाले राज्यों में; भारत का लक्ष्य – 2030 तक 2.6 करोड़ हेक्टेयर क्षरित भूमि की पुनर्स्थापना (UNCCD)। राज्य – वन नीति 2023 (चारागाह विकास, मृदा संरक्षण), मिशन हरियालो राजस्थान, 'ग्रेट ग्रीन वॉल' (अरावली ग्रीन वॉल परियोजना)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• CAZRI की स्थापना? – 1959
• केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान? – अविकानगर (टोंक)
• भारत का भूमि-पुनर्स्थापना लक्ष्य (2030)? – 2.6 करोड़ हेक्टेयर
17. अभिकथन (A): बजट 2026-27 में 'वन्स-ओनली सिद्धांत' लागू करने की घोषणा की गई, जिसमें नागरिक/उद्यमी कोई दस्तावेज़ केवल एक बार जमा करेंगे।
कारण (R): इस व्यवस्था में विभाग आपस में डेटा साझा करेंगे और जन आधार डेटाबेस को विभागीय पात्रता-पोर्टलों से जोड़ा जाएगा।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: दस्तावेज़ एक बार देना तभी संभव है जब विभाग आपस में डेटा साझा करें और एकीकृत डेटाबेस (जन आधार, SSO, राज ई-वॉल्ट) से पात्रता स्वतः जाँची जाए – अतः R, A को संभव बनाने वाला तंत्र है। उद्देश्य – 'ईज़ ऑफ़ लिविंग' व 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस', समय-लागत की बचत, दोहराव व भ्रष्टाचार में कमी, योजनाओं की 'प्रोएक्टिव डिलीवरी'। अन्य – 100 सेवाएँ व्हाट्सऐप पर, ई-मित्र मिनी (25,000), नगरीय निकायों में स्मार्ट सेवा केंद्र (जन्म-मृत्यु-विवाह प्रमाण-पत्र, फ़ायर NOC आदि), राजस्थान संपर्क 2.0।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• व्हाट्सऐप पर कितनी सेवाएँ? – 100
• नगरीय निकायों के नए सेवा केंद्र? – स्मार्ट सेवा केंद्र
• दस्तावेज़ों का डिजिटल लॉकर (राज्य)? – राज ई-वॉल्ट
18. अरावली हरित दीवार (Aravalli Green Wall) परियोजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: यह परियोजना केवल राजस्थान राज्य तक सीमित है।
कथन II: इसका उद्देश्य अरावली पर्वतमाला के चारों ओर हरित पट्टी विकसित कर मरुस्थल के पूर्व की ओर विस्तार व भूमि-क्षरण को रोकना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – परियोजना (मार्च 2025, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय) चार राज्यों – गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली – के अरावली क्षेत्र के 29 जिलों में; अरावली के चारों ओर 5 किमी बफ़र में वनीकरण, जल-निकायों का पुनर्जीवन; अफ़्रीका की 'ग्रेट ग्रीन वॉल' से प्रेरित। अरावली – विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमालाओं में; थार मरुस्थल के पूर्व की ओर प्रसार में प्राकृतिक अवरोध; सर्वोच्च शिखर गुरुशिखर (1,722 मी., सिरोही)। राज्य पहलें – मिशन हरियालो राजस्थान (₹4,000 करोड़, 5 वर्ष), 'एक पेड़ माँ के नाम'।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• अरावली का सर्वोच्च शिखर? – गुरुशिखर (1,722 मी.)
• अरावली हरित दीवार में बफ़र क्षेत्र? – 5 किमी
• परियोजना में कितने राज्य? – 4
19. RTI अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत सूचनाओं के 'स्वतः प्रकटीकरण' (proactive disclosure) हेतु सितंबर 2019 में आरंभ राजस्थान का पोर्टल कौन-सा है?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – जन सूचना पोर्टल।
📘 विस्तार से समझें: जन सूचना पोर्टल (13 सितंबर 2019) – विभिन्न विभागों की योजनाओं, लाभार्थियों, राशन, पेंशन, MGNREGA भुगतान आदि की जानकारी बिना आवेदन के सार्वजनिक; ई-मित्र/मोबाइल से जाँच; RTI की धारा 4(2) – 'न्यूनतम आवेदन की आवश्यकता पड़े' इस हेतु स्वतः प्रकटीकरण। सामाजिक अंकेक्षण व पारदर्शिता का साधन – मज़दूर किसान शक्ति संगठन (MKSS, देवडूंगरी-राजसमंद) के RTI आंदोलन की पृष्ठभूमि। अन्य: राजस्थान संपर्क – शिकायत निवारण (181); शाला दर्पण – विद्यालय MIS; राज काज – ई-फ़ाइल।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• जन सूचना पोर्टल का आरंभ? – 13 सितंबर 2019
• RTI आंदोलन से जुड़ा संगठन? – मज़दूर किसान शक्ति संगठन (MKSS)
• स्वतः प्रकटीकरण की धारा? – RTI धारा 4
20. गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) संरक्षण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: गोडावण राजस्थान का राज्य पक्षी है और IUCN की 'गंभीर रूप से संकटग्रस्त' (Critically Endangered) श्रेणी में है।
कथन II: जैसलमेर जिले में सम व रामदेवरा में गोडावण का संरक्षण प्रजनन (captive breeding) केंद्र स्थापित किए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: गोडावण – राज्य पक्षी (1981); प्राकृतिक आवास – डेज़र्ट नेशनल पार्क (जैसलमेर-बाड़मेर), सोरसन (बाराँ), सोंकलिया (अजमेर)। ख़तरे – विद्युत लाइनों से टकराव, आवास-क्षति, शिकार। सर्वोच्च न्यायालय (2021, 2024) – गोडावण क्षेत्रों में ओवरहेड लाइनों संबंधी निर्देश; विशेषज्ञ समिति। 'प्रोजेक्ट GIB/गोडावण' (राज्य, 2013) व केंद्र-WII-राज्य का संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम; कृत्रिम गर्भाधान से चूज़े का जन्म (2024) – देश में प्रथम। आर्थिक संदर्भ – RE पारेषण व वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• गोडावण राज्य पक्षी कब घोषित? – 1981
• गोडावण का प्रमुख आवास? – डेज़र्ट नेशनल पार्क
• गोडावण संरक्षण में सहयोगी संस्था? – भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII)
21. राजस्थान के ई-गवर्नेंस उपकरणों (सूची-I) को उनके उद्देश्य (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) SSO ID (ब) राज ई-वॉल्ट (स) जन सूचना पोर्टल (द) शाला दर्पण
सूची-II: (1) अनेक सरकारी ऐप्स/सेवाओं हेतु एकल लॉगिन (2) विद्यालय-शिक्षक-विद्यार्थी MIS (3) नागरिकों के दस्तावेज़ों का डिजिटल भंडारण (4) योजनाओं की सूचनाओं का स्वतः प्रकटीकरण
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: SSO ID – एकल लॉगिन; राज ई-वॉल्ट – दस्तावेज़ भंडारण; जन सूचना – स्वतः प्रकटीकरण; शाला दर्पण – विद्यालय MIS।
📘 विस्तार से समझें: SSO (Single Sign-On) – एक ID से 100+ सरकारी पोर्टल/ऐप (भर्ती आवेदन, ई-मित्र, RGHS, राज काज आदि)। राज ई-वॉल्ट – प्रमाण-पत्रों का डिजिटल लॉकर (केंद्र के DigiLocker के समान); 'वन्स-ओनली सिद्धांत' (बजट 2026-27) का आधार। जन सूचना पोर्टल (2019) – RTI धारा 4। शाला दर्पण – विद्यालय शिक्षा का एकीकृत पोर्टल। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C) – नोडल; RajNET – राज्यव्यापी नेटवर्क; स्टेट डेटा सेंटर (भामाशाह स्टेट डेटा सेंटर, जयपुर)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य में IT का नोडल विभाग? – DoIT&C
• केंद्र का डिजिटल लॉकर? – DigiLocker
• राज्यव्यापी सरकारी नेटवर्क? – RajNET
22. जल प्रबंधन के संस्थागत ढाँचे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राजस्थान सिंचाई प्रणाली के प्रबंधन में कृषकों की सहभागिता अधिनियम 2000 के अंतर्गत जल उपभोक्ता संगम (WUA) गठित किए जाते हैं।
कथन II: राज्य जल नीति के अनुसार जल-आवंटन की प्राथमिकता में सिंचाई को पेयजल से ऊपर रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – राज्य जल नीति (2010) व राष्ट्रीय जल नीति (2012) – सर्वोच्च प्राथमिकता पेयजल (मनुष्य व पशु) को; फिर सिंचाई, जल-विद्युत, पारिस्थितिकी, उद्योग आदि। WUA – नहरों के संचालन-रख-रखाव, जल-वितरण व शुल्क-संग्रह में किसानों की भागीदारी (सहभागी सिंचाई प्रबंधन, PIM)। अन्य संस्थाएँ – राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण (2015), जल संसाधन विभाग, PHED (पेयजल), भू-जल विभाग। राज्य जल योजना 2047 (जुलाई 2026) – दीर्घकालिक जल-सुरक्षा रोडमैप।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य जल नीति का वर्ष? – 2010
• नदी बेसिन प्राधिकरण का वर्ष? – 2015
• PIM का पूर्ण रूप? – सहभागी सिंचाई प्रबंधन
23. अभिकथन (A): राजस्थान के अधिकांश भू-जल ब्लॉक 'अति-दोहित' (over-exploited) श्रेणी में हैं।
कारण (R): राज्य में सिंचाई का बड़ा भाग कुओं/नलकूपों से भू-जल पर निर्भर है, जबकि अल्प वर्षा के कारण पुनर्भरण सीमित है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: दोहन > पुनर्भरण होने पर ही ब्लॉक 'अति-दोहित' (भू-जल निष्कर्षण स्तर 100% से अधिक) कहलाता है; सिंचाई की नलकूप-निर्भरता (बिजली अनुदान से प्रोत्साहन) व कम वर्षा इसके मूल कारण – R, A की व्याख्या है। केंद्रीय भू-जल बोर्ड (CGWB) के गतिशील भू-जल संसाधन आकलन में राजस्थान देश के सर्वाधिक दोहन स्तर वाले राज्यों में। उपाय – अटल भूजल (2019), MJSA 2.0, कर्मभूमि से मातृभूमि, सूक्ष्म सिंचाई (PMKSY), फ़सल विविधीकरण, सतही जल परियोजनाएँ (रामजल सेतु, यमुना जल, IGNP), जल-मीटरिंग।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• अति-दोहित ब्लॉक की कसौटी? – निष्कर्षण स्तर 100% से अधिक
• भू-जल आकलन करने वाली केंद्रीय संस्था? – CGWB
• समुदाय-आधारित भू-जल योजना? – अटल भूजल
24. जैव विविधता संरक्षण के संस्थागत ढाँचे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जैविक विविधता अधिनियम 2002 के अंतर्गत राज्य जैव विविधता बोर्ड गठित किए जाते हैं।
2. स्थानीय निकाय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ (BMC) गठित होती हैं, जो जन जैव विविधता रजिस्टर (PBR) तैयार करती हैं।
3. राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड का गठन 2010 में हुआ।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: त्रि-स्तरीय ढाँचा – राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA, चेन्नई), राज्य जैव विविधता बोर्ड, BMC (पंचायत/नगरीय निकाय)। 'पहुँच एवं लाभ-साझेदारी' (ABS) – जैव संसाधनों के वाणिज्यिक उपयोग से स्थानीय समुदाय को लाभ। जैविक विविधता (संशोधन) अधिनियम 2023 – आयुष चिकित्सकों को छूट, अपराधों का गैर-अपराधीकरण। राजस्थान – मरु पारितंत्र की विशिष्ट जैव विविधता (गोडावण, चिंकारा, काला हिरण, खेजड़ी, रोहिड़ा – राज्य पुष्प), ओरण-देववन (सामुदायिक संरक्षित वन)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण का मुख्यालय? – चेन्नई
• राज्य पुष्प? – रोहिड़ा
• सामुदायिक संरक्षित वन? – ओरण/देववन
25. पर्यावरण-वन संबंधी अधिनियमों (सूची-I) को उनके वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) राजस्थान वन अधिनियम (ब) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम (स) वन (संरक्षण) अधिनियम (द) पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम
सूची-II: (1) 1980 (2) 1972 (3) 1953 (4) 1986
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: राजस्थान वन अधिनियम – 1953; वन्यजीव संरक्षण – 1972; वन संरक्षण – 1980; पर्यावरण संरक्षण – 1986।
📘 विस्तार से समझें: राजस्थान वन अधिनियम 1953 – आरक्षित/संरक्षित वन, वनोपज व चराई का विनियमन। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 – अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान, 2002 संशोधन से 'संरक्षण आरक्षित' (conservation reserve) व 'सामुदायिक आरक्षित' की श्रेणियाँ। वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 – वन भूमि के ग़ैर-वानिकी उपयोग हेतु केंद्र की पूर्व-अनुमति; 2023 संशोधन से नाम 'वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम'। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 – भोपाल गैस त्रासदी के बाद 'अंब्रेला' कानून; EIA अधिसूचना (2006)। राज्य – वन नीति 2023, मिशन हरियालो राजस्थान, खेजड़ी संरक्षण कानून की घोषणा।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• वन संरक्षण अधिनियम का नया नाम (2023)? – वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम
• EIA अधिसूचना? – 2006
• संरक्षण आरक्षित की श्रेणी किस संशोधन से? – 2002
26. सांभर झील के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: सांभर देश की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है और 1990 में रामसर स्थल घोषित हुई।
कथन II: 2019 में यहाँ हज़ारों प्रवासी पक्षियों की मृत्यु का कारण 'एवियन बोटुलिज़्म' पाया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: सांभर (जयपुर-नागौर-अजमेर सीमा पर) – नमक उत्पादन का प्रमुख केंद्र (सांभर साल्ट्स लि. – हिंदुस्तान साल्ट्स की सहायक); फ़्लेमिंगो व प्रवासी पक्षियों का शीतकालीन आवास; मेंथा, रूपनगढ़, खारी, खंडेला नदियाँ। ख़तरे – अवैध नमक खनन/बोरवेल, भू-जल दोहन, अतिक्रमण, जल-स्तर में गिरावट। राज्य के 4 रामसर स्थल – केवलादेव (1981), सांभर (1990), खींचन व मेनार (2025)। पर्यटन नीति 2025 – बर्ड-वॉचिंग सर्किट व इको-टूरिज़्म।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• सांभर नमक कंपनी? – सांभर साल्ट्स लि.
• सांभर में गिरने वाली एक नदी? – मेंथा/रूपनगढ़
• 2019 पक्षी मृत्यु का कारण? – एवियन बोटुलिज़्म
27. राजस्थान में सामुदायिक जल संरक्षण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: तरुण भारत संघ (राजेंद्र सिंह) ने अलवर क्षेत्र में जोहड़ों के पुनर्निर्माण से अरवरी जैसी नदियों को पुनर्जीवित किया।
कथन II: 'भारत के जलपुरुष' राजेंद्र सिंह को 2015 का स्टॉकहोम जल पुरस्कार तथा 2001 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार मिला।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: जोहड़ – वर्षा जल रोकने वाला मिट्टी का अर्धचंद्राकार बाँध; भू-जल पुनर्भरण, कुओं में जल-स्तर वृद्धि। अरवरी संसद – नदी-जल के सामुदायिक प्रबंधन का अनूठा मॉडल। यही विचार सरकारी अभियानों में – मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान ('चार जल' अवधारणा), अमृत सरोवर, अटल भूजल (समुदाय-आधारित)। पारंपरिक जल-संरचनाएँ – टांका, कुंड, बावड़ी, नाड़ी, खड़ीन, बेरी।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• अरवरी नदी किस जिले में? – अलवर
• राजेंद्र सिंह का उपनाम? – भारत के जलपुरुष
• जोहड़ का आकार? – अर्धचंद्राकार मिट्टी का बाँध
28. अभिकथन (A): इंदिरा गांधी नहर के कमांड क्षेत्र के कुछ भागों में जल-भराव (waterlogging) व मृदा-लवणता की समस्या उत्पन्न हुई है।
कारण (R): नहर से रिसाव, अत्यधिक सिंचाई तथा नीचे जिप्सम/कठोर परत होने से जल-निकास बाधित होता है, जिससे भू-जल स्तर ऊपर उठ आता है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: R में बताए गए कारण ही जल-भराव व लवणता की प्रक्रिया हैं – A की व्याख्या। प्रभावित क्षेत्र – हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर के कुछ भाग। उपाय – नहर लाइनिंग का पुनर्निर्माण, जल-निकास (sub-surface drainage), लवण-सहिष्णु फ़सलें, स्प्रिंकलर/ड्रिप, वनीकरण (नहर-किनारे हरित पट्टी)। मुख्यमंत्री के अनुसार इंदिरा गांधी नहर विकास हेतु ₹4,731 करोड़; राज्य जल योजना 2047 में नहर सुदृढ़ीकरण।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• जल-भराव प्रभावित एक जिला? – हनुमानगढ़
• जल-भराव का एक उपाय? – उप-सतही जल-निकास
• IGNP विकास हेतु राशि (दावा)? – ₹4,731 करोड़
29. वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: संरक्षण आरक्षित (conservation reserve) की श्रेणी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 में मूल रूप से ही थी।
कथन II: बीसलपुर (टोंक) राजस्थान का प्रथम संरक्षण आरक्षित क्षेत्र (2008) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – संरक्षण आरक्षित व सामुदायिक आरक्षित की श्रेणियाँ 2002 के संशोधन (धारा 36A-36D) से जोड़ी गईं; उद्देश्य – राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्यों के बीच गलियारे, सरकारी भूमि पर सामुदायिक सहभागिता से संरक्षण। राजस्थान के अन्य संरक्षण आरक्षित – जोड़बीड़ गढ़वाला (बीकानेर – गिद्ध), सुंधामाता (जालौर-सिरोही), गुढ़ा विश्नोईयान (जोधपुर), शाकंभरी (सीकर-झुंझुनूं) आदि। आर्थिक महत्त्व – इको-पर्यटन, सामुदायिक आजीविका, पारितंत्र सेवाएँ।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• संरक्षण आरक्षित किस संशोधन से? – 2002
• जोड़बीड़ किस पक्षी हेतु प्रसिद्ध? – गिद्ध
• संरक्षण आरक्षित संबंधी धारा? – 36A
30. राजस्थान में स्व-सेवा आधारित 'ई-मित्र प्लस' मशीनों/कियोस्क की मुख्य विशेषता क्या है?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – स्व-सेवा आधारित बहु-सेवाएँ।
📘 विस्तार से समझें: ई-मित्र प्लस – ग्राम पंचायत/सरकारी कार्यालयों में स्थापित स्व-सेवा कियोस्क: नक़द/डिजिटल भुगतान, जन आधार/प्रमाण-पत्रों का प्रिंट, योजनाओं की जानकारी (जन सूचना), शिकायत दर्ज करना व वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से अधिकारियों से संवाद। ई-मित्र (2005, PPP) – संचालक-आधारित केंद्र; बजट 2026-27 में 'ई-मित्र मिनी' (25,000 मोबाइल-आधारित लाइसेंस, युवाओं/महिलाओं को)। उद्देश्य – अंतिम छोर तक सेवा वितरण, समय-धन की बचत, पारदर्शिता।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• ई-मित्र का मॉडल? – PPP
• ई-मित्र मिनी लाइसेंस? – 25,000
• ई-मित्र प्लस किस प्रकार का कियोस्क? – स्व-सेवा