PART-2: कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र
2.1 कृषि का GSVA में योगदान - ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
| वित्तीय वर्ष |
कृषि क्षेत्र का योगदान % (स्थिर मूल्य) |
| 2020-21 | 30.45% |
| 2022-23 | 27.59% |
| 2023-24 | 27.40% |
| 2024-25 | 27.13% |
| 2025-26 (AE) | 25.74% ↓ |
📊 कृषि क्षेत्र के आंतरिक घटक: कृषि क्षेत्र के कुल मूल्य संवर्धन के भीतर पशुपालन का हिस्सा 48.58% है, जबकि फसलों (Crops) का हिस्सा 44.53% है।
2.2 प्रमुख फसल उत्पादन (2025-26 लक्ष्य, Budget से)
| फसल वर्ग |
क्षेत्रफल लक्ष्य |
उत्पादन लक्ष्य |
| खाद्यान्न (Foodgrains) | 162.25 लाख हेक्टेयर | 283.15 lakh metric ton |
| तिलहन (Oilseeds) | 67.02 लाख हेक्टेयर | 111.05 lakh metric ton |
| गन्ना (Sugarcane) | 0.05 लाख हेक्टेयर | 4.05 lakh metric ton |
| कपास (Cotton) | 7.50 लाख हेक्टेयर | 28.73 लाख गांठें |
| मत्स्य उत्पादन (Fisheries) | - | 1,17,000 metric ton |
2.3 राजस्थान की राष्ट्रीय कृषि में स्थिति एवं रैंकिंग (2022-23 के अनुसार)
- प्रथम स्थान (1st Position): रेपसीड एवं सरसों उत्पादन, बाजरा उत्पादन (राष्ट्रीय उत्पादन का 38.98% हिस्सा - 2024 पेपर में पूछा गया), ग्वार उत्पादन, और न्यूट्री-सीरियल्स (Nutri-Cereals) उत्पादन में राजस्थान देश में शीर्ष पर है।
- द्वितीय स्थान (2nd Position): मूंगफली उत्पादन और कुल तिलहन (Total Oilseeds) उत्पादन में।
- तृतीय स्थान (3rd Position): चना, कुल दालें, ज्वार, और सोयाबीन के उत्पादन में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।
2.4 कृषि जलवायु क्षेत्र (Agro-Climatic Zones)
• आधिकारिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार राजस्थान को कुल 10 कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। (नोट: यद्यपि कुछ पाठ्यपुस्तकों में 8 भी लिखा मिलता है, परंतु RPSC की official answer key में 10 ही प्रामाणिक माना गया है)।
2.5 कृषि बजट 2026-27 आवंटन एवं प्रमुख योजनाएं
कुल कृषि बजट: ₹1,19,40,811.48 लाख (लगभग ₹1,19,408.11 लाख)। यह कृषि बजट राज्य के कुल GSDP का 5.55% तथा राज्य के कुल बजट का 11.36% निरूपित करता है, जो पिछले वर्ष से 7.59% की वृद्धि को दर्शाता है।
| कृषि क्षेत्र के मद / घटक |
आवंटन (₹ लाख में) |
| कृषि सब्सिडी (विद्युत, ब्याज, गौशाला आदि) | 42,19,110.74 |
| कृषि साख (अल्पकालिक फसली ऋण) | 25,48,000.02 |
| बांध, नहरें, सिंचाई एवं कनेक्शन | 18,13,207.06 |
| कृषि बीमा (Crop Insurance) | 5,98,793.19 |
| सामाजिक सुरक्षा (MGNREGA सम्बद्ध) | 7,03,982.91 |
| कृषि उपज मंडी विकास | 9,00,170.51 |
| कुल कृषि बजट राशि | 1,19,40,811.48 |
प्रमुख कृषि योजनाएं एवं बजटीय प्रावधान (2026-27):
- PM Fasal Bima Yojana: ₹2,298.71 करोड़ (राज्य निधि से देय हिस्सा)।
- Mukhyamantri Kisan Samman Nidhi: ₹1,973.83 करोड़ (PM-KISAN योजना के अतिरिक्त ₹2,000 राज्य सरकार द्वारा देय)।
- गौशाला अनुदान प्रावधान: ₹1,400 करोड़।
- Mukhyamantri Dugdh Utpadak Sambal Yojana: ₹700 करोड़।
- PM Krishi Sinchai Yojana (Micro Irrigation): ₹600 करोड़ (सूक्ष्म सिंचाई विस्तार हेतु)।
- PM KUSUM (Component-B): ₹400.13 करोड़ (कृषि सोलर पंप सिस्टम हेतु)।
- पाँच कृषि विश्वविद्यालय विकास: ₹390.08 करोड़।
- National Food Security Mission (NFSM): ₹252.14 करोड़।
- Rashtriya Krishi Vikas Yojana (RKVY): ₹210 करोड़।
- Natural Farming Mission (प्राकृतिक खेती): ₹72.23 करोड़।
- Raj-AIMS (AI/ML आधारित कृषि तकनीक): ₹77 करोड़ (यह इस बजट की सर्वथा नई अनूठी पहल है)।
2.6 सिंचाई (Irrigation)
- Indira Gandhi Nahar Project (IGNP): यह पश्चिमी राजस्थान की जीवन रेखा है, जो वर्तमान में 16.17 लाख हेक्टेयर कमान क्षेत्र (CCA) को सिंचाई की सुविधा प्रदान कर रही है।
- Parwan Project (परवन परियोजना): इसके लिए ₹544.12 करोड़ आवंटित हैं, जो बारां तथा झालावाड़ जिलों को लाभान्वित करती है।
- नई क्षमता: वर्ष 2025-26 के दौरान ₹2,765.05 करोड़ के व्यय से 23,320 हेक्टेयर नई सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया। आगामी लक्ष्य 74,040.31 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजन का है।
2.7 पशुपालन एवं डेयरी विभाग बजट
- कृषि क्षेत्र के भीतर अकेले पशुपालन का हिस्सा 48.58% है। इस वर्ष हेतु 38.66 लाख कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- Animal Husbandry Dept बजट: ₹1,308.62 करोड़।
- Gopalan Dept (गोपालन विभाग) बजट: ₹2,609.18 करोड़।
- Cooperative Dept (सहकारिता विभाग) बजट: ₹3,374.50 करोड़।
PART-3: उद्योग एवं खनन
3.1 उद्योग क्षेत्र का GSVA में योगदान (स्थिर मूल्य, 2025-26)
उद्योग क्षेत्र के अंतर्गत चारों प्रमुख उप-क्षेत्रों का आर्थिक योगदान इस प्रकार विभाजित है:
| औद्योगिक उप-क्षेत्र (Sub-Sectors) |
GSVA में योगदान प्रतिशत (%) |
| विनिर्माण (Manufacturing) | 14.53% |
| निर्माण (Construction) | 9.30% |
| विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य जनोपयोगी सेवाएं | 3.20% |
| खनन एवं उत्खनन (Mining & Quarrying) | 2.98% |
| कुल उद्योग क्षेत्र योगदान | 26.55% |
3.2 खनिज सम्पदा एवं राज्य का एकाधिकार
- खनिज विविधता: राजस्थान में कुल ज्ञात खनिज 79 प्रकार के हैं, जिनमें से वर्तमान में 58 खनिजों का व्यावसायिक खनन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
- पूर्ण एकाधिकार (Sole Producer): लेड-जिंक (शीशा-जस्ता), सेलेनाइट, और वोलास्टोनाइट के उत्पादन में राजस्थान का संपूर्ण भारत में एकमात्र एकाधिकार है।
- Limestone (चुना पत्थर) उत्पादन: वर्ष 2023-24 के दौरान 79,236 हजार टन उत्पादन दर्ज।
- राजस्व: खनिज क्षेत्र से नॉन-टैक्स राजस्व (Non-tax Revenue) का लक्ष्य वर्ष 2026-27 (BE) हेतु ₹13,725 करोड़ निर्धारित है।
प्रमुख खनिज एवं उनके विशिष्ट खनन स्थान (RPSC Favourite Mapping):
| खनिज का नाम |
प्रमुख खनन क्षेत्र / स्थान |
| लेड-जिंक (शीशा-जस्ता) | जावर (उदयपुर), रामपुरा-आगूचा (भीलवाड़ा) |
| लिग्नाइट (Lignite) | कापुर्डी, पलाना, मेड़ता, कासनाऊ, जगपुरा (2024 पेपर में पूछा गया) |
| एस्बेस्टस (Asbestos) | अर्जुनपुरा तथा पिपर्दा (2024 पेपर में पूछा गया) |
| तांबा (Copper) | खेतड़ी (झुंझुनूं) |
| पेट्रोलियम / प्राकृतिक गैस | बाड़मेर-सांचोर बेसिन (Cairn India द्वारा संचालित) |
| फ्लोराइट (Fluorite) | माँडो की पाल (डूंगरपुर) |
| जिप्सम (Gypsum) | बीकानेर, नागौर, जैसलमेर |
| संगमरमर (Marble) | मकराना (नागौर) - विश्व प्रसिद्ध स्थल |
| सेंडस्टोन (Sandstone) | धौलपुर, करौली |
| Baryte | जैसलमेर, उदयपुर |
3.3 Rajasthan Mineral Policy 2024 के निर्धारित लक्ष्य
| संकेतक मापदंड |
नीतिगत लक्ष्य विवरण |
| रोजगार सृजन लक्ष्य | वर्ष 2029-30 तक 50 लाख तथा वर्ष 2046-47 तक 1 करोड़ प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना। |
| GSDP में खनिज का हिस्सा | वर्ष 2023-24 के 3.4% से बढ़ाकर वर्ष 2029-30 तक 5% तथा वर्ष 2046-47 तक 8% करना। |
| खनन क्षेत्र का विस्तार | वर्तमान में खनन हो रहे 58 खनिजों की संख्या को बढ़ाकर वर्ष 2047 तक 70 खनिजों तक ले जाना। |
3.4 औद्योगिक नीतियाँ, योजनाएं एवं बजटीय आवंटन
Rajasthan Investment Promotion Scheme (RIPS):
- RIPS 2019 के अंतर्गत आवंटन: ₹663 करोड़।
- RIPS 2022 के अंतर्गत आवंटन: ₹296.43 करोड़।
- RIPS 2024 (नवीनतम नीति): इसके तहत विनिर्माण (Manufacturing) तथा सेवा (Service) दोनों क्षेत्रों को व्यापक लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।
- Bureau of Investment Promotion (BIP): वर्ष 1991 में स्थापित, यह राज्य में निवेश संवर्द्धन की नोडल एजेंसी है।
Rising Rajasthan Global Investment Summit 2024:
- आयोजन तिथि व स्थान: 9-11 दिसम्बर 2024, JECC, सीतापुरा, जयपुर।
- उद्घाटन: माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इसके तहत MSME Conclave तथा प्रवासी राजस्थानी Conclave का विशेष आयोजन हुआ।
- आगामी समिट: अगला Rising Rajasthan Global Investment Summit 2026 (RRGIS 2026) दिनांक 9-11 दिसम्बर 2026 को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) की स्थिति:
- राजस्थान में वर्तमान में 27 लाख से अधिक MSME इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिससे राजस्थान देश के शीर्ष 5 राज्यों (Top-5 States) में शामिल है।
- यह क्षेत्र राज्य में लगभग 50 लाख व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करता है तथा राज्य की GSDP में इसका योगदान लगभग 25% है।
बजट 2026-27 औद्योगिक आवंटन मुख्य संख्याएँ:
- Industries Dept (उद्योग विभाग): ₹2,423.95 करोड़।
- HPCL Rajasthan Refinery Ltd (पचपदरा, बाड़मेर): ₹2,088.68 करोड़।
- Mukhyamantri Laghu Udyog Protsahan Yojana: ₹300 करोड़।
- Mines & Geology (खान एवं भूविज्ञान विभाग): ₹48.02 करोड़।
3.5 Medtech Medical Devices Park
• Location: बोरानाडा, जोधपुर (अविभाजित) - यह विशिष्ट स्थान 2024 के पेपर में पूछा गया है।
3.6 Gross Fixed Capital Formation (GFCF) - sectors का अवरोही क्रम
• सकल स्थाई पूंजी निर्माण में विभिन्न क्षेत्रों का सही अवरोही (घटता) क्रम इस प्रकार है: Construction (निर्माण) > Manufacturing (विनिर्माण) > Agriculture (कृषि) > Mining (खनन)। यह क्रम 2024 पेपर का मुख्य प्रश्न रहा है।