आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: विस्तृत विश्लेषण

नोट: यह दस्तावेज़ RASA2Z द्वारा तैयार किया गया है। यह एक वार्षिक सरकारी रिपोर्ट है जिसे वित्त मंत्रालय के आर्थिक प्रभाग द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार के अधीन तैयार किया जाता है। इसे 1950-51 में पहली बार प्रस्तुत किया गया था और 1964 में एक स्वतंत्र दस्तावेज़ बना।

1. अर्थव्यवस्था की स्थिति

वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत की आर्थिक दृढ़ता बनी हुई है। प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार:

2. राजकोषीय घटनाक्रम

विवेकपूर्ण प्रबंधन के कारण राजस्व प्राप्तियाँ GDP का 9.2% हो गई हैं।

3. GST 2.0 सुधार

4. मौद्रिक प्रबंधन और वित्तीय मध्यस्थता

5. बाह्य क्षेत्र (External Sector)

6. कृषि एवं खाद्य प्रबंधन

7. सेवा एवं उद्योग

8. बुनियादी ढाँचा (Infrastructure)

9. शिक्षा एवं स्वास्थ्य

10. मुख्य चुनौतियां एवं उपाय

चुनौतियां:

उपाय:

भारतीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिये क्या उपाय किये जा सकते हैं?

विनिर्माण को बढ़ावा

  • इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहनों और फार्मास्यूटिकल्स में मज़बूत गति के साथ PLI योजनाओं द्वारा समर्थित मध्यम और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण की ओर संक्रमण को तीव्र करना।
  • कृषि पुनर्रचना

  • सर्वेक्षण वैश्विक औसत की तुलना में उपज-अंतर को रेखांकित करता है तथा बेहतर बीज, फसल विविधीकरण, सुदृढ़ विस्तार सेवाओं, FPO–PACS–SHG एकीकरण और जलवायु-संवेदनशील (नम्य) कृषि पद्धतियों के माध्यम से उत्पादकता एवं स्थिरता बढ़ाने का आह्वान करता है।
  • अवसंरचना-आधारित निवेश:

    <1i>निजी निवेश को आकर्षित करने के लिये उच्च सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बनाए रखना, जिसे राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स दक्षता के तीव्र विस्तार द्वारा समर्थित करन। मानव पूंजी और कौशल विकास: PMKVY 4.0, स्किल इंपैक्ट बॉण्डस, शिक्षुता और NEP के नेतृत्व में अनुकूल, क्रेडिट-आधारित शिक्षण मार्गों के साथ व्यवसायीकरण के माध्यम से शिक्षा एवं कौशल को उद्योग की आवश्यकताओं के साथ संरेखित करना। ऊर्जा संक्रमण एवं धारणीयता: राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा मिशन को आगे बढ़ाना, बैटरी ऊर्जा भंडारण का विस्तार करना तथा EPR और अपशिष्ट कार्ययोजनाओं के माध्यम से चक्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना। शहरी परिवर्तन: शहरी उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिये FSI को बढ़ाना, ULB के वित्त को मज़बूत करना, जाम और शहरी विस्तार से निपटने के लिये सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो, ई-बस) का विस्तार करना। AI एवं डिजिटल रणनीति: एप्लीकेशन-विशिष्ट AI पर केंद्रित “फ्रूगल AI” दृष्टिकोण अपनाना, घरेलू मूल्य संरक्षण के साथ विश्वसनीय सीमा-पार डेटा प्रवाह से समर्थन देना, ताकि भारतीय डेटा स्थानीय नवाचार एवं अनुसंधान एवं विकास (R&D) को सुदृढ़ करे। जलवायु रणनीति: सर्वेक्षण विकास-संरेखित जलवायु रणनीति का समर्थन करता है, जिसमें निकट अवधि के शमन की तुलना में अनुकूलन को प्राथमिकता दी गई है तथा विकास को समुत्थानशीलता के एक मुख्य माध्यम के रूप में देखा गया है। यह तेज़, अवसंरचना-उपेक्षित ऊर्जा संक्रमण के विरुद्ध चेतावनी देता है, यूरोप में ग्रिड पर पड़े दबाव का उल्लेख करता है तथा नवाचार, संस्थागत क्षमता और परमाणु ऊर्जा जैसी विश्वसनीय गैर-जीवाश्म ऊर्जा की आवश्यकता पर ज़ोर देता है। मानसिक स्वास्थ्य: सर्वेक्षण में डिजिटल आदत और स्क्रीन से संबंधित मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों को उजागर किया गया है, विशेष रूप से बच्चों में एवं स्कूल-संबंधित उपायों तथा संकटकालीन देखभाल से परे टेली मानस (Tele MANAS) के विस्तार का आह्वान किया गया है।

    दृष्टि मेन्स प्रश्न:

    प्रश्न: विश्लेषण कीजिये कि रणनीतिक लचीलेपन से सामरिक अपरिहार्यता की ओर भारत का बदलाव वैश्विक मूल्य शृंखलाओं और औद्योगिक नीति के प्रति उसके दृष्टिकोण को किस प्रकार नया आकार देता है?