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RASA2Zराजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 — अध्याय 1

अध्याय 1 — वृहद आर्थिक प्रवृत्तियों का परिदृश्य एवं सारांश

राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 — RASA2Z Study Material
GSDP | NSDP | GDDP | प्रति व्यक्ति आय | GSVA | GFCF | WPI | CPI

सारांश

भौगोलिक दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक संसाधनों के लिए प्रसिद्ध है। अर्थव्यवस्था में एक गतिशील योगदानकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है, और 2025-26 में इसका प्रचलित मूल्यों पर 5.25 प्रतिशत का योगदान दिया है।

2025-26 में राजस्थान का प्रचलित मूल्यों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹18.75 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के ₹17.01 लाख करोड़ से वृद्धि दर्शाता है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर ₹2.02 लाख अनुमानित है, जो 9.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

क्षेत्रवार योगदान — कृषि GSVA में 25.74%, औद्योगिक क्षेत्र GSVA में 26.55%, सेवा क्षेत्र (सबसे बड़ी हिस्सेदारी) GSVA में 47.71% योगदान देता है।

1सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP)

GSDP राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास को मापने के लिये प्रयुक्त किए जाने वाले महत्वपूर्ण सूचकों में से एक है। राज्य अर्थव्यवस्था के अंतर्गत एक वित्त वर्ष में निवासियों द्वारा उत्पादित अंतिम वस्तु तथा सेवा में मौद्रिक मूल्य को GSDP कहते हैं। GSDP में दोहरी गणना से बचने के लिए केवल अंतिम वस्तु तथा सेवाओं को शामिल किया जाता है — मध्यवर्ती वस्तु एवं सेवा शामिल नहीं की जाती। इसकी गणना 2 आधार पर होती है: 1. स्थिर कीमत (आधार वर्ष 2011-12) 2. प्रचलित कीमत पर।

Note: प्रचलित कीमतों पर GSDP वास्तविक आर्थिक विकास को प्रकट नहीं करता क्योंकि इसमें वस्तु व सेवाओं की (i) मात्रा में परिवर्तन और (ii) मूल्य में परिवर्तन — दोनों का सामूहिक प्रभाव शामिल होता है।
GSDP2024-252025-26
स्थिर कीमत पर903564 (9.04 लाख करोड़)981807 (9.82 लाख करोड़)
प्रचलित कीमत पर1701190 (17.01 लाख करोड़)1875413 (18.75 लाख करोड़)
राजस्थान GSDP की वृद्धि दर2024-252025-26
स्थिर कीमत पर8.77%8.66%
प्रचलित कीमत पर11.77%10.24%
नोट: राजस्थान की GSDP वृद्धि दर में स्थिर व प्रचलित दोनों कीमतों पर विगत वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। अखिल भारतीय GDP में राजस्थान की GSDP का अंश लगभग 5.25% है।

भारत के GDP के साथ राजस्थान के GSDP की तुलना (2025-26)

भारत (GDP)राजस्थान (GSDP)भारत की GDP में राजस्थान का योगदान
स्थिर कीमत पर20189919 (201.90 लाख करोड़)981807 (9.82 लाख करोड़)4.86%
प्रचलित कीमत पर35713886 (357.13 लाख करोड़)1875413 (18.75 लाख करोड़)5.25%

भारत तथा राजस्थान की आर्थिक वृद्धि दर का तुलनात्मक विवरण

वृद्धि दरभारत GDP (2025-26)राजस्थान GSDP (2025-26)
स्थिर कीमत पर (2011-12)7.4%8.66%
प्रचलित कीमत पर8%10.24%
वर्ष 2025-26 में स्थिर तथा प्रचलित दोनों कीमतों पर राजस्थान की आर्थिक वृद्धि दर अखिल भारतीय आर्थिक वृद्धि दर की तुलना में अधिक रही है। वित्त वर्ष 2020-21 में राजस्थान तथा अखिल भारतीय आर्थिक वृद्धि दर नकारात्मक रही थी।

2शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP)

सकल घरेलू उत्पाद समंकों में से स्थाई पूंजीगत उपभोग (मूल्यह्रास) को घटाकर शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद का अनुमान प्राप्त किया जाता है। स्थाई पूंजी उपभोग से तात्पर्य उत्पादन की प्रक्रिया में प्रयुक्त की जाने वाली परिसंपत्तियों (भवन, मशीन, औज़ार आदि) के मूल्य में गिरावट से है।

शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) = सकल राज्य घरेलू उत्पाद − मूल्यह्रास
NSDP2024-252025-26वृद्धि दर (2025-26)
स्थिर कीमत पर789133 (7.89 लाख करोड़)859333 (8.59 लाख करोड़)8.90%
प्रचलित कीमत पर1525291 (15.25 लाख करोड़)1685118 (16.85 लाख करोड़)10.48%

3सकल जिला घरेलू उत्पाद (GDDP)

शीर्ष 5 जिलों का GDDP — प्रचलित कीमतों पर (₹ करोड़)

जिला2023-242024-25
1. जयपुर212637237409
2. अलवर123607136559
3. जोधपुर8216192039
4. अजमेर6964076914
5. भीलवाड़ा6540172702

शीर्ष 5 जिलों का GDDP — स्थिर (2011-12) कीमतों पर (₹ करोड़)

जिला2023-242024-25
1. जयपुर121387131322
2. अलवर7410679600
3. जोधपुर4367647023
4. अजमेर3731339788
5. बीकानेर3508937854

न्यूनतम GDDP वाले जिले — प्रचलित कीमतों पर

क्रमजिला2023-242024-25
33.प्रतापगढ़ (सबसे कम)1344115128
32.धौलपुर1673618871
31.डूंगरपुर1751319563
30.जैसलमेर1852620992

न्यूनतम GDDP वाले जिले — स्थिर कीमतों पर

क्रमजिला2023-242024-25
33.प्रतापगढ़ (सबसे कम)69107430
32.डूंगरपुर936910108
31.धौलपुर934810121
30.जैसलमेर1090811685
जयपुर जिले ने 2024-25 में ₹2.37 लाख करोड़ का सबसे अधिक GDDP अर्जित किया (2023-24 में ₹2.12 लाख करोड़), जो 11.64% की वृद्धि दर्शाता है — यह जयपुर के प्रभुत्व को दर्शाता है, जबकि अलवर की तेज़ी से उन्नति तथा अजमेर व भीलवाड़ा की राज्य अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता को भी उजागर करती है। स्थिर कीमतों पर जयपुर 2024-25 में ₹1,31,322 करोड़ के GDDP के साथ 8.18% की स्थिर दर से बढ़ रहा है।

4प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)

प्रति व्यक्ति आय की गणना शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) को राज्य की कुल जनसंख्या से विभाजित कर प्राप्त की जाती है। यह लोगों के जीवन स्तर एवं कल्याण का सूचक है।

प्रति व्यक्ति आय = शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद ÷ राज्य की कुल जनसंख्या
राजस्थान PCI2024-252025-26वृद्धि दर
स्थिर कीमत पर957621031897.76%
प्रचलित कीमत पर1850952023499.32%

भारत तथा राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय का तुलनात्मक विवरण (2025-26)

भारतराजस्थान
प्रति व्यक्ति आयवृद्धि दरप्रति व्यक्ति आयवृद्धि दर
स्थिर कीमत पर1219686.3%1031897.76%
प्रचलित कीमत पर2195756.9%2023499.32%

जिलेवार प्रति व्यक्ति आय — शीर्ष 5 जिले (प्रचलित कीमतों पर)

जिला2023-242024-25
अलवर (सर्वाधिक)244849268321
जयपुर235599260991
जैसलमेर208250234051
राजसमंद203140225260
भीलवाड़ा201752222367

जिलेवार प्रति व्यक्ति आय — शीर्ष 5 जिले (स्थिर कीमतों पर)

जिला2023-242024-25
अलवर (सर्वाधिक)146411155929
जयपुर131908141490
राजसमंद123703131044
जैसलमेर118187125854
बीकानेर110456118143

न्यूनतम प्रति व्यक्ति आय वाले जिले (प्रचलित कीमतों पर)

जिला2023-242024-25
डूंगरपुर (न्यूनतम)96515106779
धौलपुर105703118061
करौली113391126341
प्रतापगढ़118395131971
सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय वाला जिला — अलवर। न्यूनतम प्रति व्यक्ति आय वाला जिला — डूंगरपुर

5सकल राज्य मूल्य संवर्धन (GSVA)

GSVA का उपयोग क्षेत्रवार उत्पादन तथा वृद्धि दर का पता लगाने के लिए किया जाता है — यह अर्थव्यवस्था के आपूर्ति पक्ष से होने वाली आर्थिक गतिविधियों को दर्शाता है।

GSDP = GSVA + उत्पादों पर कर − उत्पादों पर सब्सिडी
GSVA2024-252025-26वृद्धि दर
स्थिर कीमत पर8.21 लाख करोड़8.79 लाख करोड़7.03%
प्रचलित कीमत पर15.70 लाख करोड़17.12 लाख करोड़9.03%

स्थिर कीमतों पर सकल राज्य मूल्य संवर्धन 2025-26

क्षेत्रराशि (लाख करोड़)GSVA में योगदानवृद्धि दर
कृषि2.2325.33%0.22%
उद्योग2.4828.21%7.02%
सेवा4.0846.46%11.15%
कुल GSVA8.79100%7.03%

प्रचलित कीमतों पर सकल राज्य मूल्य संवर्धन 2025-26

क्षेत्रराशि (लाख करोड़)GSVA में योगदानवृद्धि दर
कृषि4.4125.74%3.47%
उद्योग4.5426.55%6.99%
सेवा8.1747.71%13.52%
कुल GSVA17.12100%9.03%

प्रचलित कीमत पर GSVA में उपक्षेत्रों का योगदान

कृषि क्षेत्र के उपक्षेत्रयोगदान
पशुधन12.70%
फसल10.97%
वानिकी1.93%
मत्स्य पालन0.14%
कुल योगदान25.74%
औद्योगिक क्षेत्र के उपक्षेत्रयोगदान
विनिर्माण10.76%
निर्माण9.30%
खनन एवं उत्खनन3.30%
विद्युत3.20%
कुल योगदान26.55%
सेवा क्षेत्र के उपक्षेत्रयोगदान
व्यापार, मरम्मत, होटल, रेस्टोरेंट13.33%
स्थावर संपदा, आवास एवं व्यावसायिक सेवाएँ11.20%
अन्य सेवाएँ9.72%
वित्तीय सेवाएँ5.07%
परिवहन5.04%
लोक प्रशासन3.34%
सेवा क्षेत्र का कुल योगदान47.71%

6सकल स्थाई पूँजी निर्माण (GFCF)

सकल स्थाई पूँजी निर्माण सरकारी एवं निजी क्षेत्र में स्थाई परिसम्पत्ति पर किए जाने वाले शुद्ध पूँजी व्यय का एक आकलन है।

स्थाई परिसम्पत्ति = सृजित परिसम्पत्ति − निस्तारित परिसम्पत्ति
प्रचलित कीमतों पर GFCF2023-242024-25
राशि (₹ करोड़)449352502412 (5.02 लाख करोड़)
  1. 2024-25 में सकल स्थाई पूँजी निर्माण 5.02 लाख करोड़ अनुमानित है जो GSDP का 29.53% है।
  2. विगत वर्ष की तुलना में सकल स्थाई पूंजी निर्माण में 11.81% की वृद्धि दर्ज की गई है।
  3. सकल स्थाई पूँजी निर्माण में निजी क्षेत्र की भागीदारी सार्वजनिक क्षेत्र से अधिक है — निजी क्षेत्र 77.97%, सार्वजनिक क्षेत्र 22.03%।

क्षेत्रवार सकल स्थाई पूँजी निर्माण (₹ करोड़)

क्षेत्रराशि
निर्माण207125
स्थावर संपदा, आवासीय गृहों का स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएं96745
विनिर्माण40479
विद्युत, गैस एवं जलापूर्ति37922
लोक प्रशासन23255
संचार19593
फसलें14871
व्यापार, होटल तथा जलपान गृह8136
रेलवे7459
खनन6991
अन्य परिवहन6030
पशुपालन3067
वित्तीय सेवाएं1619
वानिकी572
मत्स्य241
भण्डारण67
अन्य सेवाएं28240
कुल502412

7राज्य में मूल्य सांख्यिकी

किसी निश्चित समयावधि के दौरान किसी क्षेत्र में वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य स्तरों में होने वाले सापेक्ष परिवर्तन मूल्य सूचकांक के द्वारा मापा जाता है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और थोक मूल्य सूचकांक (WPI) दो महत्वपूर्ण संकेतक हैं, जो क्रमशः खुदरा एवं थोक स्तर के मूल्यों को मापते हैं। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा साप्ताहिक आधार पर वस्तुओं के थोक व खुदरा भावों का वर्ष 1957 से राज्य के चयनित केंद्रों से नियमित संग्रहण किया जा रहा है।

राजस्थान का थोक मूल्य सूचकांक (WPI)

आधार वर्ष: 1999-2000 | आवृत्ति: मासिक | केवल वस्तुएं शामिल की जाती हैं, सेवाएं नहीं। 3 प्रकार: A. प्राथमिक B. विनिर्मित उत्पाद C. ईंधनीय

आधार वर्ष 1999-2000संख्याभारांशवृद्धि दर
प्राथमिक7533.89%1.71%
विनिर्मित उत्पाद6949.85%1.20%
ईंधनीय (ईंधन, शक्ति, प्रकाश, उपस्नेहक)1016.25%0.07%
कुल154100%1.13%
निष्कर्ष: सर्वाधिक संख्या — प्राथमिक वस्तु; सर्वाधिक भारांश — विनिर्मित वस्तु; सर्वाधिक वृद्धि दर — प्राथमिक वस्तु।
समूहWPI
प्राथमिक वस्तुएं445.65
विनिर्मित वस्तुएं311.42
ईंधनीय571.11
कुल WPI399.13

वर्ष 2024 में राजस्थान का WPI 394.68 था जो 1.13% की वृद्धि दर से बढ़कर 2025 में 399.13 हो गया। 2011-12 आधार वर्ष पर आधारित अखिल भारतीय WPI 2024 में 153.09 से बढ़कर 2025 में 154.09 हो गया (0.65% वृद्धि)।

खाद्य मुद्रास्फीति — थोक मूल्य खाद्य सूचकांक (भार 30.163)

पिछले दो वर्षों में खाद्य मुद्रास्फीति एक वैश्विक घटना रही है — जलवायु परिवर्तन, हीट वेव्स, अनियमित मानसून वितरण, बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि व सूखे के कारण खाद्य कीमतों की अस्थिरता बढ़ रही है। राज्य स्तरीय थोक मूल्य खाद्य सूचकांक वर्ष 2024 में 421.67 था, जो 2025 में बढ़कर 427.13 हो गया (1.29% वृद्धि)।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)

CPI एक समयावधि के अंतर्गत वस्तु तथा सेवाओं के खुदरा मूल्यों में आए परिवर्तनों को मापता है — प्रतिमाह जारी होता है। सरकार मुद्रास्फीति के लिए WPI की तुलना में CPI पर अधिक महत्व देती है।

CPI की श्रेणीपुराना आधार वर्षनया आधार वर्षनया आधार वर्ष लागूजारीकर्ता
1. औद्योगिक श्रमिकों हेतु (CPI-IW)20012016जून 2025श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़
2. कृषि श्रमिकों हेतु (CPI-AL)1986-872019जून 2025श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़
3. ग्रामीण श्रमिकों हेतु (CPI-RL)1986-872019सितम्बर 2020श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़
4. ग्रामीण, शहरी एवं संयुक्त हेतु20122024जनवरी 2026राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय

औद्योगिक श्रमिकों के लिए CPI (CPI-IW)

यह सूचकांक औसत औद्योगिक श्रमिक परिवार द्वारा उपभोग की जा रही वस्तुओं व सेवाओं की स्थाई बास्केट के खुदरा मूल्यों में सामयिक परिवर्तन मापता है — मुख्यतः सार्वजनिक व निजी दोनों क्षेत्रों में महंगाई भत्ते के निर्धारण हेतु उपयोग होता है। इसमें खाद्य-पेय, पान, सुपारी, तम्बाकू, वस्त्र, जूते, आवास ईंधन व प्रकाश शामिल हैं। देश भर के 88 औद्योगिक केंद्रों से आंकड़े लिए जाते हैं। नई श्रृंखला (सितम्बर 2020 से) में राजस्थान के केंद्र — जयपुर, अलवर (पहले अजमेर था), भीलवाड़ा।

केंद्रसूचकांकवृद्धि
1. भीलवाड़ा137.12.62%
2. अलवर136.32.02%
3. जयपुर1301.88%
अखिल भारत स्तर145.52.75%

कृषि श्रमिकों के लिए CPI

कृषि वर्ष की गणना जुलाई से जून तक होती है। नया आधार वर्ष 2019 (लागू — जून 2025)।

वर्ष 2024-25खाद्य समूहसामान्य सूचकांक
राजस्थान13981384
अखिल भारत12451308

जून से दिसम्बर 2025 की अवधि में राजस्थान के कृषि श्रमिकों का औसत सामान्य सूचकांक 137.23 रहा, अखिल भारत का 136.13

सामान्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (ग्रामीण, शहरी, संयुक्त)

NSO द्वारा आधार वर्ष 2012 पर आधारित यह सूचकांक जनवरी 2015 से जारी हो रहा है, प्रतिमाह जारी होता है। नोट: नवीन आधार वर्ष 2024 है, जो जनवरी 2026 से लागू हुआ है, लेकिन वित्त वर्ष 2025 की गणना पुराने आधार वर्ष पर ही की गई है।

वर्ष 2025ग्रामीणशहरीसंयुक्त
राजस्थान191.88190.38191.35
अखिल भारत196.81193.08195.08
अध्याय 2 — स्वास्थ्य एवं कल्याण →