शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जन-कल्याण किसी भी राज्य के मानव पूंजी विकास (Human Capital Development) के तीन आधार-स्तंभ हैं। राजस्थान सरकार ने 'विकसित राजस्थान @2047' के विजन के अंतर्गत इन तीनों क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। 2026-27 के बजट में शिक्षा हेतु ₹68,989 करोड़, स्वास्थ्य हेतु ₹32,526 करोड़ तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं हेतु व्यापक आवंटन किया गया है .
शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास की आधारशिला है। राजस्थान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बुनियादी ढाँचे, डिजिटलीकरण, गुणवत्ता सुधार एवं महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया है। राज्य में 1.06 लाख से अधिक स्कूल एवं 1.59 करोड़ विद्यार्थी हैं .
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| अनुच्छेद 246 | शिक्षा — समवर्ती सूची (सूची-III) का विषय |
| अनुच्छेद 21A (86वाँ संशोधन, 2002) | 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार |
| अनुच्छेद 45 (नीति निदेशक तत्व) | 14 वर्ष तक के बच्चों हेतु प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल व शिक्षा का प्रावधान |
| RTE अधिनियम, 2009 | अनुच्छेद 21A के अनुसरण में बनाया गया — शिक्षा का अधिकार अधिनियम |
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1950 | संविधान में अनुच्छेद 45 (नीति निदेशक तत्व) — 14 वर्ष तक के बच्चों हेतु निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का लक्ष्य |
| 2002 | 86वाँ संविधान संशोधन — अनुच्छेद 21A जोड़ा गया, शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया |
| 2005 | राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) का शुभारंभ — बाद में NHM |
| 2009 | शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) पारित |
| 2018 | आयुष्मान भारत योजना (AB-PMJAY) का राष्ट्रीय शुभारंभ |
| 2020 | राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की घोषणा |
| 2021 | मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ |
| 2024-25 | MAAY में रूपांतरण — ₹25 लाख कवर |
| 2026-27 | शिक्षा बजट ₹68,989 करोड़ (35%↑) व स्वास्थ्य बजट ₹32,526 करोड़ (53%↑) |
| स्तर | राजस्थान | राष्ट्रीय औसत |
|---|---|---|
| प्राथमिक (कक्षा 3-5) | 3.6% | 1.8% |
| उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8) | 4.6% | 3.6% |
| माध्यमिक (कक्षा 9-12) | 7.5% | 7.0% |
| माध्यमिक — लड़के | 8.4% | — |
| माध्यमिक — लड़कियाँ | 6.5% | — |
| संकेतक | मूल्य |
|---|---|
| कुल नामांकन | 12,55,809 |
| लड़कियाँ | 7,02,179 |
| लड़के | 5,53,630 |
| लड़कियाँ प्रति 100 लड़के | 129 (सर्वोच्च रिकॉर्ड) |
| ST — लड़कियाँ प्रति 100 लड़के | 134 (सर्वोच्च) |
| महिला महाविद्यालय (2015-16) | 466 |
| महिला महाविद्यालय (2025-26) | 801 (+335) |
| संस्थान | इंजीनियरिंग रैंक |
|---|---|
| BITS पिलानी | 11वीं |
| IIT जोधपुर | 27वीं |
| MNIT जयपुर | 42वीं |
| मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर | 58वीं |
| बनस्थली विद्यापीठ | 71वीं |
| संकेतक | मूल्य |
|---|---|
| कंप्यूटर रहित स्कूल | 40,692 |
| इंटरनेट रहित स्कूल | 24,439 |
| विद्युत रहित स्कूल | 6,866 (~10%) |
| शौचालय रहित (लड़के) | 10,927 |
| शौचालय रहित (लड़कियाँ) | 9,703 |
| एकल-शिक्षक स्कूल | 7,200 |
| शून्य-नामांकन स्कूल | 140 |
उद्देश्य: 400 सरकारी विद्यालयों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं व शिक्षण गुणवत्ता से युक्त उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में उन्नत करना — बजट 2026-27 में विशेष प्रावधान .
CM-RISE: Chief Minister's Rajasthan Innovative School of Excellence — 2025-26 में 400 विद्यालय चयनित.
उद्देश्य: NEP 2020 के अनुरूप मॉडल विद्यालय विकसित करना, जो 52 प्रकार की गतिविधियों (अवसंरचना, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल संसाधन) के माध्यम से निजी स्कूलों की तर्ज पर उन्नत हों .
उद्देश्य: कक्षा 10वीं व 12वीं में न्यूनतम 75% अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रोत्साहन राशि — बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु; राशि सीधे बैंक खाते (DBT) में हस्तांतरित .
उद्देश्य: कक्षा 10-12 के मेधावी छात्रों को टैबलेट/लैपटॉप खरीद हेतु ₹20,000 का ई-वाउचर — डिजिटल शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करना .
उद्देश्य: चयनित कक्षाओं के मेधावी छात्रों को निःशुल्क टैबलेट प्रदान करना — डिजिटल साक्षरता व ऑनलाइन शिक्षण संसाधनों तक पहुँच बढ़ाना .
उद्देश्य: मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहन .
स्वास्थ्य किसी भी राज्य के मानव संसाधन विकास एवं आर्थिक उत्पादकता का आधार है। राजस्थान सरकार ने "निरोगी एवं स्वस्थ राजस्थान" के संकल्प के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है .
| संकेतक | राजस्थान | भारत | ||
|---|---|---|---|---|
| 2015-16 | 2019-21 | 2015-16 | 2019-21 | |
| नवजात मृत्यु दर | 29.8 | 20.2 | 29.5 | 24.9 |
| शिशु मृत्यु दर (IMR) | 41.3 | 30.3 | 40.7 | 35.2 |
| 5 वर्ष से कम मृत्यु दर | 50.7 | 37.6 | 49.7 | 41.9 |
| संस्थागत जन्म % | 84.0 | 94.9 | 78.9 | 88.6 |
| पूर्ण टीकाकरण % | 54.8 | 80.4 | 62.0 | 76.4 |
| एलोपैथिक संस्थान | संख्या |
|---|---|
| अस्पताल | 267 |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) | 2,589 |
| उप-केंद्र (Sub-centres) | 15,292 |
| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) | 832 |
| मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र | 118 |
| कुल बेड | 76,210 |
| संस्था | संख्या |
|---|---|
| आयुर्वेदिक अस्पताल | 127 |
| आयुर्वेदिक औषधालय | 3,575 |
| योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा औषधालय | 03 |
| योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र | 33 |
| पंचकर्म केंद्र | 82 |
| ब्लॉक आयुष अस्पताल | 86 |
| मोबाइल इकाइयाँ | 14 |
पात्रता: NFSA परिवार, SECC चिन्हित, छोटे व सीमान्त किसान, संविदाकर्मी, EWS, COVID-19 अनुग्रह योजना लाभार्थी, 70+ वर्ष वरिष्ठ नागरिक। अन्य ₹850/वर्ष/परिवार देकर जुड़ सकते हैं.
लाभ: प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख तक कैशलेस उपचार — बीमा मोड में ₹5 लाख + ट्रस्ट मोड में ₹20 लाख. ~1.36 करोड़ परिवार पंजीकृत.
कवरेज: 2,179 पैकेज (2,002 बीमा + 177 ट्रस्ट). अंग प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट, 132 नए पैकेज (सर्जरी, मानसिक स्वास्थ्य, आयुष, जेरियाट्रिक).
प्रीमियम: ₹2,370/परिवार (नए चरण में).
सभी राजकीय चिकित्सालयों में IPD/OPD मुफ्त। 1,238 दवाइयाँ, 428 सर्जिकल वस्तुएँ, 156 सूचर्स।
दुर्लभ रोगों से पीड़ित बच्चों को ₹50 लाख तक मुफ्त इलाज + ₹5,000/माह अतिरिक्त सहायता। 224 बच्चे प्रमाणित (दिसम्बर 2025 तक).
CGHS की तर्ज पर राज्य कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा। ~13.65 लाख परिवार कवर। 741+ निजी सूचीबद्ध अस्पताल + 3,748 फार्मा स्टोर.
70 वर्ष व उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख तक कैशलेस कवरेज.
जिन क्षेत्रों में सरकारी सोनोग्राफी सुविधा नहीं, वहाँ QR कोड आधारित e-वाउचर से निःशुल्क जांच। प्रसव काल में 2 बार निःशुल्क सोनोग्राफी.
पीड़ित को ₹3 लाख पुनर्वास सहायता + ₹1,500/माह पेंशन। मृत्यु पर आश्रित परिवार को ₹2 लाख। दिसम्बर 2025 तक ₹614.86 करोड़ व्यय कर 20,478 पीड़ितों/परिवारों को सहायता.
सूचना देने पर ₹51,000 (असुरक्षित) / ₹5,000 (अवमानक) प्रोत्साहन। दिसम्बर 2025 तक 14,998 निरीक्षण, 38,647 नमूने — 653 असुरक्षित पाए गए.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 के अनुसार, सभी उप-स्वास्थ्य केंद्रों व PHC को आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) के रूप में सक्रिय किया जा रहा है — 12 व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ (गर्भावस्था देखभाल, NCD स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य, परिवार नियोजन आदि).
| सुविधा प्रकार | पोर्टल पर सक्रिय AAM | विस्तारित सेवाएँ |
|---|---|---|
| PHC | 2,485 | 2,113 |
| SHC | 14,742 | 6,854 |
| UPHC | 299 | 292 |
| UAAM | 332 | 293 |
| AAAM | 2,019 | 2,019 |
| कुल | 19,877 | 11,571 |
लॉन्च: 2018 (केंद्र प्रायोजित)। राजस्थान में 406 कार्यों की स्वीकृति — 131 ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयाँ (BPHU), 6 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ (IPHL), 3 क्रिटिकल केयर ब्लॉक (CCB), 429 शहरी AAM.
दिसम्बर 2025 तक कुल टेली-परामर्श — 20.33 लाख.
चिकित्सा-स्वास्थ्य व महिला-बाल विकास विभाग के बीच संयुक्त कार्यकर्ता। ग्राम सभा से चयन, ANM व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ समन्वय.
18 वर्ष तक के सभी बच्चों की 4D जांच — जन्म दोष, रोग, कमी/विकास में देरी, विकलांगता (40 चिन्हित बीमारियाँ). मोबाइल स्वास्थ्य टीम द्वारा निःशुल्क रैफरल व शल्य चिकित्सा उपचार.
RMNCH+A रणनीति के तहत; किशोर-अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक (उज़ाला क्लिनिक) — 6 विषयगत क्षेत्रों (पोषण, यौन-प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, NCD, चोट व हिंसा, मादक द्रव्यों का सेवन) में सेवाएँ.
राज्य के लोगों के लिए निःशुल्क समुचित चिकित्सा सेवा.
गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधाओं तक परिवहन.
दूरदराज क्षेत्रों में हर महीने 20 निःशुल्क मेडिकल कैम्प.
आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशानुसार आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के सर्वांगीण विकास हेतु राजस्थान राज्य आयुष सोसायटी व राष्ट्रीय आयुष मिशन कार्यालय स्थापित.
राजस्थान सरकार राज्य के सभी वर्गों — किसान, महिलाएँ, युवा, बुजुर्ग, दिव्यांग, बच्चे एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग — के कल्याण एवं सशक्तिकरण हेतु अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है। 2026-27 के बजट में ₹6.10 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ व्यापक घोषणाएँ की गई हैं .
उद्देश्य: बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना व लिंगानुपात सुधारना।
लाभ: बालिका जन्म पर ₹50,000 की वित्तीय सहायता (कई किस्तों में — जन्म से शिक्षा तक विभिन्न चरणों में).
उद्देश्य: बालिकाओं के समग्र विकास (जन्म से 21 वर्ष तक) हेतु दीर्घकालिक वित्तीय सहायता.
लाभ: कुल ₹1.5 लाख, 7 किस्तों में (जन्म, स्कूल प्रवेश, विभिन्न कक्षा-स्तर व 21 वर्ष पर वितरित).
लाभ: 5 वर्ष तक के बच्चों को ₹1,500/माह; 6-18 वर्ष के बच्चों को ₹2,500/माह.
उद्देश्य: SHG से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाना।
लाभ: ऋण सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख.
लाभ: ऋण सीमा ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़.
विधवा एवं एकल (परित्यक्ता/तलाकशुदा) महिलाओं को मासिक पेंशन (सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत दरों के अनुसार).
| योजना | आवंटन | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| व्याज-मुक्त फसल ऋण | ₹25,000 करोड़ | 35 लाख+ किसान — अल्पकालिक ऋण पर शून्य व्याज |
| दीर्घकालिक कृषि ऋण सब्सिडी | ₹590 करोड़ | 26,000 किसान — 5% व्याज सब्सिडी |
| मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि | — | ₹9,000 वार्षिक (राज्य अंश) |
| प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि | — | ₹6,000/वर्ष — 76 लाख किसान (केंद्रीय) |
| PMFBY 2026 | ₹335 करोड़ (प्रीमियम) | 41 जिले → 8 क्लस्टर, YES&TECH तकनीक |
| गोपाल क्रेडिट कार्ड | — | पशुपालकों को ₹1 लाख तक व्याज-मुक्त |
| योजना | लाभ | लाभार्थी |
|---|---|---|
| CM युवा स्वरोजगार (MYSY) | ₹10 लाख तक 100% ब्याज अनुदान | 1 लाख युवा (जनवरी 2026 से) |
| CM स्वरोजगार योजना | ₹10 लाख तक ब्याज-मुक्त ऋण | 30,000 युवा |
| विदेशी भाषा प्रशिक्षण | अंग्रेजी, जापानी, कोरियाई | 1,000 युवा |
| DREAM प्रोग्राम | — | 50,000 कॉलेज छात्र |
| तकनीकी हब (Techno Hub) | ₹30 करोड़ | सभी जिलों में युवा |
| योजना | विवरण |
|---|---|
| सामाजिक सुरक्षा पेंशन | ₹16,904 करोड़/वर्ष — 9.1 करोड़+ लाभार्थी — ₹1,000 → ₹1,450/माह |
| भामाशाह योजना | SC/ST/OBC छात्रों को वित्तीय सहायता |
| आशा कार्ड योजना | दिव्यांग व्यक्तियों को पहचान पत्र |
| CM दिव्यांग स्वरोजगार योजना | दिव्यांगों को स्वरोजगार ऋण |
| संकेतक | मूल्य |
|---|---|
| कुल बजट परिव्यय | ₹6,10,956 करोड़ (41% ↑) |
| GSDP (लक्ष्य) | ₹21,52,100 करोड़ |
| Per Capita Income | ₹2,02,349 |
| Fiscal Deficit | 3.69% of GSDP |
| Revenue Deficit | ₹24,313 करोड़ |
| पूँजीगत व्यय | ₹53,978 करोड़ |
| हरित बजट | ₹33,476 करोड़ (20.81% ↑) |
| शिक्षा बजट | ₹68,989 करोड़ (35% ↑) |
| स्वास्थ्य बजट | ₹32,526 करोड़ (53% ↑) |