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पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण कानून पूर्ण संदर्भ पुस्तिका – 2026

ENVIRONMENT • WILDLIFE • POLLUTION • LAWS • INDIA 2026
2026
📘 अधिनियम · संशोधन · प्रावधान · राज्य · राष्ट्रीय

1. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986

📌 परिचय एवं उद्देश्य

बोपाल गैस त्रासदी (1984) के बाद अधिनियमित। यह एक "छत्र कानून" (Umbrella Legislation) है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक शक्तियाँ प्रदान करता है।

🎯 उद्देश्य:
  • पर्यावरण की गुणवत्ता का संरक्षण एवं सुधार
  • प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों का नियंत्रण
  • पर्यावरणीय मानकों का निर्धारण
  • पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) का प्रावधान

📋 प्रमुख प्रावधान

धाराप्रावधान
धारा 3केंद्र सरकार को पर्यावरण संरक्षण हेतु व्यापक शक्तियाँ – अधिसूचनाएँ जारी करना, मानक निर्धारित करना
धारा 6पर्यावरणीय मानकों (वायु, जल, मृदा, शोर) को विनियमित करने हेतु नियम बनाना
धारा 7खतरनाक पदार्थों के निर्वहन/उत्सर्जन पर रोक
धारा 8खतरनाक पदार्थों के संचालन हेतु सरकारी निर्देश
धारा 15उल्लंघन पर दंड – 5 वर्ष तक कारावास एवं जुर्माना
धारा 19कोई भी व्यक्ति अधिनियम के उल्लंघन पर न्यायालय में शिकायत दर्ज करा सकता है

🗓️ महत्वपूर्ण संशोधन एवं नियम

वर्षसंशोधन/नियमविवरण
1991पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना29 श्रेणियों की परियोजनाओं के लिए EIA अनिवार्य
2023जन विश्वास अधिनियमEPA, वायु अधिनियम, जल अधिनियम के प्रावधानों को अपराध-मुक्त (Decriminalized) किया
2024पर्यावरण संरक्षण तृतीय संशोधन नियम30 दिसंबर 2024 को अधिसूचित
2025पर्यावरण संरक्षण (संशोधन) विधेयक5 दिसंबर 2025 को लोकसभा में पेश
2025दूषित स्थल प्रबंधन नियम (MCS Rules)24 जुलाई 2025 को अधिसूचित
2026पर्यावरण संरक्षण निधि नियम15 जनवरी 2026 को MoEFCC द्वारा अधिसूचित – प्रदूषण दंड से एकत्रित धन का उपयोग
2025पर्यावरण संरक्षण छठा संशोधन नियम22 जुलाई 2025 को अधिसूचित

🏛️ अधीनस्थ नियम एवं अधिसूचनाएँ

  • पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना, 2006 – परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंजूरी
  • राष्ट्रीय पर्यावरणीय गुणवत्ता मानक (NEQS)
  • हैजार्डस वेस्ट (प्रबंधन एवं अनुप्रेषण) नियम
  • ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022
  • प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016

2. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972

📌 परिचय एवं उद्देश्य

यह अधिनियम 9 सितंबर 1972 को अधिनियमित हुआ। इससे पहले वन्य पक्षी एवं पशु संरक्षण अधिनियम, 1912 लागू था, जो पूर्णतः अप्रचलित हो गया था।

🎯 उद्देश्य:
  • वन्य जीवों का संरक्षण, सुरक्षा एवं प्रबंधन
  • वन्यजीवों के शिकार का विनियमन
  • अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों, संरक्षण रिजर्व एवं सामुदायिक रिजर्व की घोषणा
  • लुप्तप्राय प्रजातियों का व्यापार विनियमन

📋 प्रमुख प्रावधान

धाराप्रावधान
धारा 9अनुसूची I में उल्लिखित जानवरों के शिकार पर प्रतिबंध
धारा 11मुख्य वन्यजीव वार्डन द्वारा शिकार परमिट जारी करना
धारा 18-35अभयारण्यों (Sanctuaries) की घोषणा एवं प्रबंधन
धारा 35राष्ट्रीय उद्यानों (National Parks) की घोषणा
धारा 36A-36Cसंरक्षण रिजर्व (Conservation Reserves) एवं सामुदायिक रिजर्व (Community Reserves)
धारा 38केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की स्थापना
धारा 51उल्लंघन पर दंड – 3 से 7 वर्ष कारावास एवं जुर्माना
धारा 61केंद्र सरकार को अनुसूचियों में प्रविष्टियाँ जोड़ने/हटाने की शक्ति

📊 अनुसूचियाँ (Schedules)

अनुसूचीविवरण
अनुसूची Iसर्वोच्च सुरक्षा – बाघ, हाथी, भारतीय गैंडा, हिम तेंदुआ, सांभर, कस्तूरी मृग
अनुसूची IIउच्च सुरक्षा – मकाक, डॉल्फिन, भालू, उड़न गिलहरी
अनुसूची IIIमध्यम सुरक्षा – चिंकारा, हिरण, नीलगाय
अनुसूची IVन्यूनतम सुरक्षा – पक्षी, सरीसृप
⚠️ 2022 संशोधन: अनुसूचियों की संख्या 6 से घटाकर 4 कर दी गई, तथा वर्मिन (हानिकारक) प्रजातियों की श्रेणी को हटा दिया गया।

🗓️ महत्वपूर्ण संशोधन

वर्षसंशोधनविवरण
1982अधिनियम में संशोधनपरिशिष्ट I एवं III में संशोधन
1991अधिनियम 44अनुसूचियों में प्रविष्टियाँ जोड़ने की शक्ति
2002अधिनियम 16वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की स्थापना
2022अधिनियम 18प्रमुख संशोधन – अनुसूचियाँ 6 से 4 हुईं, वर्मिन श्रेणी हटी
2025अनुसूची संशोधन28 मई 2025 – अनुसूची I में "Thamin" के स्थान पर "Sangai"
2026महाराष्ट्र संशोधन विधेयकअनुसूची I से तेंदुए (Leopard) को बाहर करने का प्रस्ताव

🏛️ प्रमुख संस्थान

  • केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority)
  • वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB)
  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) – 2005 में स्थापित

3. वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980

📌 परिचय एवं उद्देश्य

वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 को वनों की कटाई रोकने तथा पारिस्थितिकी असंतुलन को रोकने के लिए अधिनियमित किया गया। इसे वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 भी कहा जाता है।

🎯 उद्देश्य:
  • गैर-वन उपयोगों के लिए वन भूमि के रूपांतरण पर रोक
  • वन भूमि के रूपांतरण के लिए केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य

📋 प्रमुख प्रावधान

धाराप्रावधान
धारा 2गैर-वन उपयोग के लिए वन भूमि के रूपांतरण पर रोक – केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक
धारा 1A"वन" की परिभाषा – सरकारी अभिलेखों में दर्ज वन भूमि
धारा 2Aकिसी भी उद्यम/संस्था को वन भूमि हस्तांतरण हेतु केंद्र सरकार की अनुमति
धारा 3अधिनियम के उल्लंघन पर दंड – कारावास एवं जुर्माना

🗓️ महत्वपूर्ण संशोधन

वर्षसंशोधनविवरण
1988पहला संशोधन"वन" की परिभाषा का विस्तार
1996सुप्रीम कोर्ट का आदेशवन भूमि के रूपांतरण पर सख्ती
2023वन (संरक्षण) संशोधन अधिनियमप्रमुख संशोधन – 100 मीटर के भीतर की परियोजनाओं को छूट, सहायक प्राकृतिक पुनरुत्पादन को "वानिकी गतिविधि" घोषित
2024लोकसभा में विधेयकरणनीतिक आवश्यकताओं के लिए वन भूमि उपयोग हेतु विधेयक
2026नए दिशानिर्देशनिजी क्षेत्र द्वारा वनीकरण को "वानिकी गतिविधि" माना
🆕 2023 संशोधन की मुख्य विशेषताएँ
  • नई छूटें:
    • सिल्वीकल्चरल संचालन एवं पुनरुत्पादन
    • 100 मीटर के भीतर की परियोजनाएँ (सीमा सुरक्षा, बुनियादी ढाँचा)
  • निजी वनीकरण: निजी संस्थाओं द्वारा वनीकरण को "वानिकी गतिविधि" माना
  • प्रतिपूरक वनीकरण: क्षतिग्रस्त वन भूमि के बदले समान क्षेत्र में वनीकरण अनिवार्य

🏛️ संबंधित कानून

  • भारतीय वन अधिनियम, 1927 – वन प्रबंधन का मूल कानून
  • राज्य वन अधिनियम – प्रत्येक राज्य के अपने वन कानून
  • वृक्ष संरक्षण अधिनियम एवं नियम – विभिन्न राज्यों में

4. जैव विविधता अधिनियम, 2002

📌 परिचय एवं उद्देश्य

जैव विविधता अधिनियम, 2002 जैविक संसाधनों के संरक्षण, सतत उपयोग एवं लाभ-साझाकरण के लिए अधिनियमित किया गया।

🎯 उद्देश्य:
  • जैविक संसाधनों का संरक्षण एवं सतत उपयोग
  • पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण
  • जैविक संसाधनों के उपयोग से होने वाले लाभों का न्यायसंगत साझाकरण

📋 प्रमुख प्रावधान

धाराप्रावधान
धारा 3भारतीय संस्थाओं को जैविक संसाधनों के उपयोग हेतु राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) की अनुमति
धारा 6बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) प्राप्त करने हेतु NBA की पूर्व अनुमति
धारा 7स्थानीय निकायों (State Biodiversity Boards) को सूचना देना
धारा 21लाभ-साझाकरण (Benefit Sharing) का प्रावधान

🗓️ 2023 संशोधन (महत्वपूर्ण)

परिवर्तनविवरण
धारा 3(2)(c)(ii)भारतीय कंपनियों को सरलीकृत अनुपालन
धारा 6(1A)IPR हेतु नई प्रक्रिया
छूटAYUSH चिकित्सकों एवं संहिताबद्ध पारंपरिक ज्ञान उपयोगकर्ताओं को लाभ-साझाकरण से छूट
अनुसंधानअनुसंधान एवं जैव-सर्वेक्षण गतिविधियाँ लाभ-साझाकरण से मुक्त
प्रभावी तिथि1 अप्रैल 2024

🏛️ प्रमुख संस्थान

  • राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) – चेन्नई
  • राज्य जैव विविधता बोर्ड (SBB) – प्रत्येक राज्य में
  • जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ (BMC) – स्थानीय स्तर पर

5. जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974

📌 परिचय एवं उद्देश्य

जल अधिनियम, 1974 भारत का पहला पर्यावरणीय कानून है। यह संविधान की समवर्ती सूची के अंतर्गत आता है।

🎯 उद्देश्य:
  • जल प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण
  • जल की स्वच्छता (Wholesomeness) को बनाए रखना/बहाल करना
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (CPCB & SPCBs) की स्थापना

📋 प्रमुख प्रावधान

धाराप्रावधान
धारा 3-16केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) की स्थापना
धारा 17SPCB को औद्योगिक अपशिष्ट निर्वहन को नियंत्रित करने की शक्ति
धारा 24जल निकायों में प्रदूषक पदार्थों के निर्वहन पर रोक
धारा 25-26उद्योगों के लिए सहमति (Consent) अनिवार्य
धारा 33प्रदूषण रोकने हेतु न्यायालय में आवेदन
धारा 43उल्लंघन पर दंड – 3 महीने से 2 वर्ष कारावास

🗓️ महत्वपूर्ण संशोधन

वर्षसंशोधनविवरण
1977जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) उपकर अधिनियमउद्योगों से उपकर संग्रह
1988संशोधनदंड में वृद्धि, CPCB को अधिक शक्तियाँ
2024जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन विधेयकअपराध-मुक्ति (Decriminalization), सहमति नवीनीकरण को सरल
2025मणिपुर द्वारा अधिनियम अपनाना28 दिसंबर 2025

🏛️ अधीनस्थ नियम

  • जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) नियम, 1975
  • जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) उपकर नियम, 1978

6. वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981

📌 परिचय एवं उद्देश्य

वायु अधिनियम, 1981 वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण एवं उपशमन के लिए अधिनियमित किया गया। यह 15 मई 1981 को लागू हुआ।

🎯 उद्देश्य:
  • वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण एवं उपशमन
  • वायु गुणवत्ता मानकों का निर्धारण
  • प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थापना

📋 प्रमुख प्रावधान

धाराप्रावधान
धारा 3-16CPCB एवं SPCB को वायु प्रदूषण से निपटने की शक्तियाँ
धारा 17SPCB को वायु प्रदूषण रोकने हेतु निर्देश जारी करने का अधिकार
धारा 19वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र (Air Pollution Control Areas) की घोषणा
धारा 21उद्योगों के लिए सहमति (Consent) अनिवार्य
धारा 22वायु गुणवत्ता मानकों का अनुपालन
धारा 37उल्लंघन पर दंड – 1 से 5 वर्ष कारावास

🗓️ महत्वपूर्ण संशोधन

वर्षसंशोधनविवरण
1987वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियमदंड में वृद्धि, CPCB को अधिक शक्तियाँ
2023जन विश्वास अधिनियमअपराध-मुक्ति (Decriminalization)
2025उत्तर प्रदेश चौथा संशोधन नियमअनुसूची-I में संशोधन

🏛️ राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानक (NAAQS)

  • 2009 में संशोधित राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक अधिसूचित
  • 12 प्रदूषकों के लिए मानक निर्धारित (PM2.5, PM10, NO₂, SO₂, O₃, CO, Pb, NH₃, आदि)

7. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010

📌 परिचय एवं उद्देश्य

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) पर्यावरणीय विवादों के त्वरित निपटान के लिए एक विशेष न्यायाधिकरण है। इसकी स्थापना अधिनियम संख्या 19, 2010 के तहत हुई।

🎯 उद्देश्य:
  • पर्यावरणीय मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निपटान
  • पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों की सुनवाई

📋 प्रमुख प्रावधान

धाराप्रावधान
धारा 14NGT को पर्यावरणीय मामलों में मूल क्षेत्राधिकार (Original Jurisdiction)
धारा 15क्षतिपूर्ति एवं पुनर्स्थापना – प्रदूषण/क्षति के लिए राहत
धारा 16अपीलीय क्षेत्राधिकार (Appellate Jurisdiction)
धारा 20पूर्व-सावधानी सिद्धांत (Precautionary Principle) एवं "प्रदूषक भुगतान करे" (Polluter Pays) सिद्धांत
धारा 22NGT के निर्णय बाध्यकारी (Binding) हैं
धारा 34केंद्र सरकार को अनुसूची-I में अन्य अधिनियम जोड़ने की शक्ति

📋 NGT की अनुसूची-I (प्रमुख अधिनियम)

  • जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974
  • जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) उपकर अधिनियम, 1977
  • वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
  • वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981
  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
  • जैव विविधता अधिनियम, 2002

🏛️ NGT की संरचना

  • अध्यक्ष: सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
  • न्यायिक सदस्य: 10-20
  • विशेषज्ञ सदस्य: 10-20
  • स्थान: नई दिल्ली (मुख्य पीठ), जयपुर, भोपाल, चेन्नई, कोलकाता, पुणे (परिपथ पीठें)

🗓️ महत्वपूर्ण संशोधन

वर्षसंशोधनविवरण
2021अधिनियम 33 (ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स अधिनियम)NGT की शक्तियों में संशोधन

8. अन्य महत्वपूर्ण कानून एवं राज्य स्तरीय अधिनियम

📋 राष्ट्रीय स्तर के अन्य कानून

अधिनियमवर्षउद्देश्य
भारतीय वन अधिनियम1927वनों का प्रबंधन एवं वन उपज का नियंत्रण
कारखाना अधिनियम1948औद्योगिक श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु प्रावधान
परमाणु ऊर्जा अधिनियम1962परमाणु ऊर्जा के विकास एवं विनियमन हेतु
खतरनाक पदार्थ अधिनियम2005खतरनाक पदार्थों के परिवहन एवं प्रबंधन हेतु

🏛️ राज्य स्तरीय कानून

राज्यकानूनविवरण
सभी राज्यराज्य वन अधिनियमप्रत्येक राज्य के अपने वन संरक्षण कानून
सभी राज्यवृक्ष संरक्षण अधिनियम एवं नियमवृक्षों की कटाई पर नियंत्रण
महाराष्ट्रवन्यजीव (संरक्षण) (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक, 2026अनुसूची I से तेंदुए को बाहर करने का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेशवायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) (चौथा संशोधन) नियम, 2025राज्य स्तरीय वायु गुणवत्ता नियम
हरियाणाजल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 अपनानाजल प्रदूषण कानून अपनाना

📋 राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB)

प्रत्येक राज्य का अपना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) होता है, जो:

  • जल एवं वायु अधिनियमों के कार्यान्वयन हेतु उत्तरदायी है
  • उद्योगों को सहमति (Consent) प्रदान करता है
  • प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की निगरानी करता है

🏛️ पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearance)

  • राज्य पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) पर्यावरणीय मंजूरी प्रदान करता है
  • EIA अधिसूचना, 2006 के तहत 39 श्रेणियों की परियोजनाओं के लिए EC अनिवार्य

9. सारांश तालिका – प्रमुख कानून

कानूनवर्षउद्देश्यप्रमुख संशोधन
जल अधिनियम 1974 जल प्रदूषण नियंत्रण 2024 (अपराध-मुक्ति)
वायु अधिनियम 1981 वायु प्रदूषण नियंत्रण 2023 (जन विश्वास)
वन्यजीव अधिनियम 1972 वन्यजीव संरक्षण 2022 (अनुसूचियाँ 6→4)
वन संरक्षण अधिनियम 1980 वन संरक्षण 2023 (100 मीटर छूट)
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 पर्यावरण संरक्षण 2023 (जन विश्वास)
जैव विविधता अधिनियम 2002 जैव संसाधन संरक्षण 2023 (व्यावसायिक राहत)
NGT अधिनियम 2010 पर्यावरणीय न्याय 2021 (ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म)

10. महत्वपूर्ण तथ्य – एक नज़र में

  • पहला पर्यावरणीय कानून: जल अधिनियम (1974)
  • छत्र कानून: पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (1986)
  • वन्यजीव संरक्षण का आधार: वन्यजीव अधिनियम (1972)
  • वन संरक्षण का आधार: वन संरक्षण अधिनियम (1980)
  • पर्यावरणीय न्यायालय: NGT (2010)
  • नवीनतम बड़ा संशोधन: जन विश्वास अधिनियम (2023) – 3 प्रमुख कानूनों को अपराध-मुक्त किया
📌 परीक्षक टिप: पर्यावरण एवं वन्यजीव कानूनों के प्रश्नों में अधिनियम का वर्ष, उद्देश्य, प्रमुख प्रावधान, एवं हालिया संशोधनों (जन विश्वास 2023, वन संशोधन 2023, जैव विविधता संशोधन 2023) का उल्लेख करें। राज्य स्तर पर SPCB, SEIAA, राज्य वन अधिनियम का भी उल्लेख करें।
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