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🏰 महाजनपद काल एवं विदेशी आक्रमण

6ठी शताब्दी ईसा पूर्व का भारत | Mahajanpada & Foreign Invasions | Complete Notes
🗺️
महाजनपद काल — परिचय
600–321 BCE
📅 कालखंड एवं परिचय
काल
6ठी शताब्दी ईसा पूर्व — भारत में 16 महाजनपद अस्तित्व में आए
स्रोत
बौद्ध ग्रंथ — "अंगुत्तर निकाय", "महावस्तु" | जैन ग्रंथ — "भगवती सूत्र" (महावीर की जीवनी मिलती है)
अंगुत्तर निकाय
16 का उल्लेख (बौद्ध)
भगवती सूत्र
16 का उल्लेख (जैन)
जन → जनपद
जन → जनपद → महाजनपद — राजनीतिक विकास का क्रम
प्रमुख केंद्र
मगध, कोशल, वत्स, अवंति — प्रमुख महाजनपद (महावीर व बुद्ध के समकालीन)
⚡ महाजनपद काल की विशेषताएँ
6ठी सदी ई.पू. — उत्तरी काला पॉलिशदार मृदभांड (NBPW) का आरंभ काल
भारत का द्वितीय नगरीकरण काल (प्रथम = सिंधु सभ्यता)
लोहे का व्यापक प्रयोग → बड़े-बड़े प्रादेशिक राज्य बने
नए कृषि उपकरण → अधिक अनाज उत्पन्न → व्यापार विकास
पहली बार धातु के सिक्कों का चलन — आरंभ में चाँदी के — आहत मुद्रा (पञ्चमांकड)
वाराणसी — मुख्य व्यापारिक केंद्र
शिल्पी और वाणिक श्रेणियाँ बनाने लगे — 18 श्रेणियों का उल्लेख
पुकारी → "तृतीय सदी में पकी ईंटें" — 300 BCE से मिलती हैं
📌 RPSC में बार-बार पूछा: 6ठी शताब्दी ई.पू. में NBPW (Northern Black Polished Ware) मृदभांड का आरंभ | "वज्जि तथा मल्ल" = गणतांत्रिक व्यवस्था | शेष = राजतंत्रात्मक | "शतमान" इस काल का प्रसिद्ध ग्रंथ — असत्य है (शतमान और निष्क वस्तुतः आभूषण थे)
📋
16 महाजनपद एवं उनकी राजधानियाँ
16 MAHAJANPADAS
① कुरु
📍 इंद्रप्रस्थ (दिल्ली)
② मगध
📍 राजगृह/पाटलिपुत्र
⭐ सर्वाधिक शक्तिशाली
③ काशी
📍 वाराणसी
④ कोशल
📍 श्रावस्ती (अयोध्या)
राजा: प्रसेनजित
⑤ वज्जि
📍 वैशाली
🏛️ गणतंत्र
⑥ मल्ल
📍 कुशीनारा/पावापुरी
🏛️ गणतंत्र
⑦ चेदि
📍 शक्तिमती
⑧ वत्स
📍 कौशाम्बी (प्रयागराज)
राजा: उदयन
⑨ मत्स्य
📍 विराटनगर
🗺️ राजस्थान (जयपुर क्षेत्र)
⑩ सूरसेन
📍 मथुरा
⑪ पांचाल
📍 अहिच्छत्रपुर/कांपिल्य
⑫ गंधार
📍 तक्षशिला
⑬ कम्बोज
📍 राजपुर/हाटक
⑭ अश्मक
📍 पोतन/पैठन
दक्षिण भारत में
⑮ अवंति
📍 उज्जैन/महिष्मती
⑯ अंग
📍 चंपा
🗺️ पूर्व से पश्चिम क्रम (RPSC में Match करने को पूछा जाता है)
महाजनपदराजधानी महाजनपदराजधानी
अंगचंपामगधराजगीर/पाटलिपुत्र
काशीवाराणसीकोशलश्रावस्ती
वत्सकौशाम्बीलिच्छविवैशाली
मत्स्यविराटनगरअवंतिउज्जैन/महिष्मती
⭐ TRICK — महाजनपद याद करें
"काम अव कुरु — मत्स्य वत्स पांच कोशल चेदि मगध लिच्छव गंधार कंबोज अंग अश्मक"
— 16 में से वज्जि + मल्ल = गणतांत्रिक | अश्मक = एकमात्र दक्षिण भारत में | मत्स्य = राजस्थान (विराटनगर)
🏛️ गणसंघ / गणतंत्र (Republic States)
"गण" = लोगों का समूह | "संघ" = एक सभा
गणसंघ में शासन लोगों के एक समूह द्वारा — न कि किसी एक सम्राट द्वारा
वज्जि संघ — सबसे शक्तिशाली गणराज्य | लिच्छवि = वज्जि का प्रमुख कबीला
बुद्ध और महावीर दोनों ही गणसंघ राज्यव्यवस्था से संबद्ध थे
गणसंघ मध्य गंगा के मैदानों में नहीं — बल्कि हिमालय की तलहटी में या दक्षिण/उत्तर-पश्चिम में
👑 कुलीन वर्ग (Oligarchy)
कुलीन वर्ग = सरकार के एक रूप को संदर्भित करता है जहाँ एक समूह द्वारा शक्ति का प्रयोग किया जाता है
उदाहरण: वज्जि/लिच्छवि — इसके नाम में गणराज्य होने के बावजूद यहाँ कुलीन वर्ग का शासन था
जनपद, गण या संघ = कुलीन वर्ग थे
महावीर और बुद्ध दोनों ही कुलीन वर्ग से संबंधित थे
👑
मगध का उत्थान — कारण एवं महत्व
MAGADHA RISE
🔑 मगध के उत्थान के कारण
भौगोलिक स्थिति — गंगा + घाघरा + सोन + चंपा नदियों के बीच — जल आघात से सुरक्षित
अनेक नदियाँ → कालपातील सुविधाएँ → सस्ती व सुलभ आवागमन
पाटलिपुत्र — सामरिक रूप से सुरक्षित स्थान (गंगा, गंडक, सोन नदियों के संगम पर)
लोहे की खदानें → हाथ-बाण में उपयोग → प्रभावशाली हथियार बना सके
हाथी — जंगली क्षेत्रों में उपलब्ध — युद्ध में हाथी का पहले बड़े पैमाने पर उपयोग
धार्मिक आलंब → एकतावाद → (बिम्बिसार से अशोक)
आर्य संस्कृति का प्रभाव कम था → रूढ़िवादी हिंचन बाधक नहीं
🏰 मगध की राजधानियाँ
प्रारंभ में
गिरिब्रज (राजगृह) — पाँच पहाड़ियों की श्रृंखला से घिरी — दुभेद्य थी
बिम्बिसार
राजगृह को बनाया (पहले गिरिव्रज)
उदयन
पाटलिपुत्र की स्थापना (Now — Patna) — गंगा और सोन के संगम पर
कालाशोक
राजधानी पुनः पाटलिपुत्र को
दोनों राजधानियाँ
राजगीर और पाटलिपुत्र — दोनों सामरिक दृष्टि से परम महत्वपूर्ण स्थान
⏳ मगध के वंश — कालक्रम
वंशकालप्रमुख शासकविशेषता
हर्यक वंश545–412 BCEबिम्बिसार, अजातशत्रु, उदयनमगध का असली संस्थापक
शिशुनाग वंश412–344 BCEशिशुनाग, कालाशोककोशल + अवंति को जीता
नंद वंश344–322 BCEमहापद्मनंद, धनानंदप्रथम साम्राज्य — जैन धर्म का संरक्षण
[मौर्य वंश]322–185 BCEचंद्रगुप्त, अशोकभारत का सबसे बड़ा साम्राज्य
शुंग वंश185–73 BCEपुष्यमित्र शुंगब्राह्मण धर्म की पुनर्स्थापना
सातवाहन60 BCE–दक्कन का उत्थान
⚔️
हर्यक वंश (545–412 BCE)
HARYANKA
👑 बिम्बिसार — 545–492 BCE
"श्रेणिक" कहलाता था — मगध का वास्तविक संस्थापक
विवाह कूटनीति का उपयोग:
कोशलादेवी से विवाह (प्रसेनजित बनकर भेजा) → काशी को दहेज में मिला
चेलना से विवाह (वैशाली — लिच्छवि राजकुमारी)
③ पंजाब की क्षेत्रिय कुल से तीसरा विवाह
करनाई चिकित्सक — "जीवक" को सुश्रोत (अवाँते) के उपचार हेतु भेजा
राजधानी → "राजगृह" को बनाया (पहले गिरिव्रज)
"अंग" प्रदेश को मगध में मिलाया
"काशी" दहेज में मिला (कोशल से)
हत्या → पुत्र अजातशत्रु द्वारा
⚔️ अजातशत्रु — 492–460 BCE
"कुणिक" से परिचय | पिता की हत्या करके सिंहासन पर बैठा
"चेलना" का पुत्र | "काशी" की खातिर विग्रह किया
माँ को मारने के लिए "पितृवध" से प्रेरित किया — (पुत्र का पितृभक्ति से)
युद्ध में "रथमूसल" (रथ पर तलवार) व "महाशिलाकंटक" (पत्थर फेंकने वाली मशीन) का उपयोग किया
483 BCE में — प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन (राजगृह में)
वैशाली को अपने राज्य में मिलाया + काशी + कोशल के साथ संघर्ष
हत्या → पुत्र "उदयन" द्वारा
🏙️ उदयन — 460 BCE
पाटलिपुत्र की स्थापना → राजधानी बनाया (Now — Patna)
गंगा और सोन के संगम पर — दोनों दिशाओं के बीच अनुकूल स्थान
अवंतिराज चंडप्रद्योत के इलाज के लिए उज्जैन भेजा
🎯 RPSC PYQ — बिम्बिसार के बारे में असत्य कथन:
(c) उसकी पहली पत्नी प्रसेनजित की पुत्री थी — यह असत्य है। बिम्बिसार की पहली पत्नी कोशलराज की पुत्री थी (जो प्रसेनजित की बहन थी), पुत्री नहीं। तीनों विवाह: कोशलादेवी (काशी दहेज), चेलना (वैशाली), पंजाब की क्षेत्रिय।
🏛️
शिशुनाग वंश (412–344 BCE)
SHISHUNAGA
🏛️ शिशुनाग — 412 BCE
वंश की स्थापना | राजधानी → पाटलिपुत्र से वैशाली स्थानांतरित
कोशल और अवंति को विजित किया — मगध में मिलाया
+ कोशल, + अवंति दोनों को जीता → मगध की शक्ति बढ़ी
📅 कालाशोक — 383 BCE
राजधानी पुनः — पाटलिपुत्र को
द्वितीय बौद्ध संगीति (383 BCE) — वैशाली में — कालाशोक के शासनकाल में
📌 RPSC TRICK — मगध वंश क्रम:
हर्यक → शिशुनाग → नंद वंश → मौर्य वंश
बिम्बिसार → अजातशत्रु → उदयन | शिशुनाग → कालाशोक | महापद्मनंद → धनानंद | चंद्रगुप्त → अशोक
💰
नंद वंश (344–322 BCE)
NANDA DYNASTY
👑 महापद्मनंद
नंद वंश का संस्थापक | नंदशावकों को "शूद्रवंशी" माना जाता है (पराशराम के कहे)
"सर्वक्षत्रान्तक" कही जाती है (दूसरा अर्जुन भी कहते) — (देशी मासीनों का जैत करने वाला)
"जैन अनुयायी"
अनेक राज्यों को मगध में मिलाया
"कलिंग" को जीता (खारवेल के "हाथी गुफा अभिलेख" — कटक से)
सिंचाई नहर का निर्माण करवाया (पानाहारी ∧ बोर) — कलिंग तक नहर
वहाँ से "जिनसेन" की मूर्ति को ले गया था
💸 धनानंद
"धन का खजांची" — जनता से अत्यधिक कर वसूला
सेनानायक → "अग्रदूत" (क्रूर)
दानशाला समूह → "चाणक्य" (कौटिल्य) को अपमानित किया
जैन धर्म को बंद किया
चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को प्रशिक्षित कर धनानंद को हटाया → मौर्य वंश की स्थापना
नंद वंश की विशाल सेना (2 लाख पैदल, 20 हजार घुड़सवार, 2000 हाथी) को देख सिकंदर की सेना ने व्यास नदी पर वापस जाने की माँग की
📌 "पाणिनी" = महापद्मनंद का समकालीन | "प्राचीनी" = नंद काल की संस्कृत व्याकरण रचना
🌍
प्राचीन भारत पर विदेशी आक्रमण
FOREIGN INVASIONS
📌 क्यों हुए विदेशी आक्रमण?
पश्चिमोत्तर भारत में मगध की तरह कोई शक्तिशाली साम्राज्य नहीं था
छोटे-छोटे राज्य आपस में लड़ते रहते थे — केंद्रीय सत्ता का अभाव
यह क्षेत्र समृद्ध था — व्यापार, खनिज, कृषि
🇮🇷
ईरानी (हख़ामनी) आक्रमण — 516 BCE
PERSIAN INVASION
📋 ईरानी आक्रमण — मुख्य तथ्य
काल
516 BCE
आक्रमणकर्ता
दारयबहु (दारा / डेरियस प्रथम) — हख़ामनी वंश का शासक
क्षेत्र
पश्चिमोत्तर भारत — पंजाब + सिंधु नदी के पश्चिम भाग पर आक्रमण
विशेषता
इसे खाघाधाना का 20वाँ प्रांत बनाया (क्षत्रप) → 360 टेलेंट सोना/वर्ष मिलता था → उनके कुल आय का 1/3 भाग
इतिहासकार
वर्णन — "हेरोडोटस" ने किया → इतिहास का पिता | Historiea लिखी
डेरियस के अभिलेख
3 अभिलेख मिलते हैं: ① मकस ए रुस्तम ② पर्सेपोलिश ③ बेहिस्तून
⚡ ईरानी आक्रमण के प्रभाव
खरोष्ठी लिपि का विकास — (ईरानी अरमेइक लिपि से) — दायीं से बायीं ओर लिखी जाती थी
ईरानी शैली की स्थापत्य कला का प्रभाव — अशोककालीन स्तंभ, घंटे की आकार के गुंबज ईरानी प्रतिरूपों पर आधारित
क्षत्रप प्रणाली का विकास — शक-कुषाण युग में पर्याप्त विकास
अभिलेख उत्कीर्ण करने की प्रथा का विकास
मूल में शयन कड़े में आर्य पुनःबालित कर्मा
ईरानी '' को '' बोलते हैं → "हिंदू" शब्द का उत्पत्ति — 6ठी सदी BCE में
सिर मुंडन का रिवाज
महिला डाक रखने की नियुक्त
⚔️
सिकंदर का आक्रमण (326–325 BCE)
ALEXANDER
📋 सिकंदर — मूल परिचय
Real Name
अलेक्जेंडर (सिकंदर)
देश
मकदूनिया (मेसीडोनिया) का शासक
पिता
फिलिप II
गुरु
अरस्तू (Aristotle)
पहला सामना
तक्षशिला के शासक आंभि से — आंभि ने समर्पण किया
शक्तिशाली प्रतिरोध
पोरस (पुरु) — झेलम नदी किनारे युद्ध (तितस्ता नदी = हाइडेस्पीज का युद्ध)
भारत में
19 माह रुका था
व्यास नदी
व्यास नदी तक पहुँचा → सेनिकों ने आगे जाने से मना किया (नंद वंश की विशाल सेना का भय)
वापसी
बेबीलोनिया में — 323 BCE में मृत्यु
⚡ सिकंदर के भारत पर आक्रमण का प्रभाव
व्यापार मार्ग खुले — भारत और यूनान के बीच — Eco. & Cultural Relation
भारत से "सोने के लिखड़े" पाती — पहले जाहत/पंचांकी सोने
पहले थाने — लेरक यूनत लिखड़े
उज्योतिष का ज्ञान प्राप्त किया (मंगृह पिरदोत डकी से लिया)
भारत को 4 राज्यों में बाँटा — फिलिप, पिथोन, आम्बी, पोरस
3 नगर स्थापित → निकेया (वितस्तानगर), बूके के फला (घोड़े का नाम था), अलेक्जेंड्रिया
स्थापना की 7 दिनों में विभाजन
"दनबत" का चलन
संस्कार मुक्तियाँ और पर प्रभाव
साथ आने वाले इतिहासकार: ① आनेक्रिटस ② निआर्कस (Navy प्रमुख) ③ टोलेमी कुतेस
📌 RPSC में बार-बार पूछा:
• सिकंदर के आक्रमण के समय मगध पर नंद वंश का शासन था (धनानंद)
• तक्षशिला = आंभि ने समर्पण | सबसे शक्तिशाली प्रतिरोध = पोरस
• सिकंदर = Indian Philosophy का ज्ञान → ग्रीको-बौद्ध कला का आधार
• "इंडियन इतिहास/कालक्रम निर्धारण में यूनान का महत्वपूर्ण योगदान" है
💼
6ठी शताब्दी ई.पू. की अर्थव्यवस्था
ECONOMY
🌾 कृषि एवं भूमि व्यवस्था
किसान अपनी उपज का छठा भाग कर के रूप में चुकाते थे
पाली ग्रंथों में गाँव तीन प्रकार के: ① साधारण गाँव ② शिल्प-गाँव ③ सीमांत गाँव
गाँव का मुखिया = "भोजक" कहलाता था
गहपति = घर का स्वामी — जो दासों और श्रमिकों को नियोजित करता था | कभी-कभी शहरी अभिजात्य में संपन्न पुरुषों की स्थिति के सूचक के रूप में भी
लोहे के फाल वाले हलों का प्रचलन महाद्वीप के कुछ ही हिस्सों में — पंजाब और राजस्थान जैसी भूमि में 20वीं सदी में शुरू
🏪 व्यापार एवं वाणिज्य
व्यापारियों की सुरक्षा के बदले धन वसूला जाता था
धनी व्यापारियों को "मसत्युवन" तथा (सत्यवाह) कहा जाता था
मसाले, कपड़े तथा जड़ी-बूटियाँ अरब सागर के रास्ते भूमध्य सागरीय क्षेत्र तक पहुँचाई जाती थीं
वाराणसी — इस काल का महान व्यापार केंद्र
व्यापार मार्ग: श्रावस्ती से पूर्व और दक्षिण की ओर निकलकर कपिलवस्तु और कुशीनगर होते हुए वाराणसी तक
आहत मुद्रा (पञ्चमांकड) = इस काल की प्रमुख मुद्रा
👮 प्रशासन — अधिकारी वर्ग
महामात्र
उच्च कोटि के अधिकारी — मंत्री, सेनानायक, न्यायाधिकारी आदि
शुल्काध्यक्ष
चुंगी वसूल करने वाले अधिकारी
बलिसाधक
किसानों से फसल का अनिवार्य भाग वसूलते थे
भोजक
गाँव का मुखिया
🎯
PYQ — RAS + UPSC (व्याख्या सहित)
PREVIOUS YEAR Q.
🏆 RAS / RPSC PYQ
RAS Pre 2023
Q1. ईसा-पूर्व छठी सदी में जनपद (बड़े राज्य) निर्माण के सहायक कारकों के संदर्भ में:
1. लोहे का व्यापक प्रयोग होने से जनपदों के निर्माण के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ बनीं।
2. नए कृषि उपकरणों की सहायता से अधिक अनाज उत्पन्न होने लगा।
✅ उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों
ईसा-पूर्व छठी सदी से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में लोहे का व्यापक प्रयोग होने से बड़े-बड़े प्रादेशिक राज्य बने। खेती के नए औजारों और उपकरणों की मदद से किसान अधिक अनाज पैदा करने लगे — दोनों कथन सही हैं।
RAS Pre 2022
Q2. ईसा-पूर्व छठी सदी में जनपद (बड़े राज्य) — पूर्व से पश्चिम की ओर क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
(a) अंग → मगध → काशी → कोसल → मत्स्य
(b) अंग → मगध → कोसल → काशी → मत्स्य
(c) मगध → अंग → काशी → कोसल → मत्स्य
(d) मगध → काशी → अंग → मत्स्य → कोसल
✅ उत्तर: (a) अंग → मगध → काशी → कोसल → मत्स्य
पूर्व से शुरू करने पर सबसे पहले अंग जनपद था जिसमें आधुनिक मुंगेर और भागलपुर जिले पड़ते हैं। उसके बाद मगध जनपद जो आधुनिक पटना और गया जिले में तथा शाहाबाद का कुछ हिस्सा पड़ता था। फिर काशी जनपद, उसके पश्चिम में कोसल, सबसे पश्चिम में मत्स्य जनपद (राजस्थान)।
RAS Pre 2021
Q3. मगध साम्राज्य पर शासन करने वाले राजवंशों को सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
(a) हर्यक वंश → नंद वंश → शिशुनाग वंश → मौर्य वंश
(b) हर्यक वंश → शिशुनाग वंश → नंद वंश → मौर्य वंश
(c) नंद वंश → हर्यक वंश → मौर्य वंश → शिशुनाग वंश
(d) शिशुनाग वंश → नंद वंश → हर्यक वंश → मौर्य वंश
✅ उत्तर: (b) हर्यक वंश → शिशुनाग वंश → नंद वंश → मौर्य वंश
मगध साम्राज्य पर शासन करने वाले राजवंशों का सही क्रम: हर्यक वंश (545–412 BCE) → शिशुनाग वंश (412–344 BCE) → नंद वंश (344–322 BCE) → मौर्य वंश (322–185 BCE)
RAS Pre 2024
Q4. सूची-I (महाजनपद) को सूची-II (राजधानी) से सुमेलित कीजिए:
A. अंग — 1. वाराणसी
B. मगध — 2. चंपा
C. काशी — 3. राजगीर
D. कोसल — 4. श्रावस्ती
✅ उत्तर: (c) A-2, B-3, C-1, D-4
महाजनपद और उनकी राजधानी: अंग = चंपा | मगध = राजगीर/पाटलिपुत्र | काशी = वाराणसी | कोसल = श्रावस्ती | मत्स्य = विराटनगर (राजस्थान) | वत्स = कौशाम्बी | लिच्छवि = वैशाली।
RAS Pre 2019
Q5. बिम्बिसार के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(a) वह मगध का वास्तविक संस्थापक था।
(b) उसने अंग देश पर अधिकार कर लिया था।
(c) उसकी पहली पत्नी प्रसेनजित की पुत्री थी।
(d) उसने राजवैद्य जीवक को अवंतिराज चंडप्रद्योत के इलाज के लिये उज्जैन भेजा था।
✅ उत्तर: (c) असत्य
बिम्बिसार की पहली पत्नी कोशलराज की पुत्री (कोशलादेवी) थी — जो प्रसेनजित की बहन थी, पुत्री नहीं। तीनों विवाह: कोशलादेवी (काशी दहेज में मिला), चेलना (वैशाली राजकुमारी), तीसरी रानी पंजाब के मद्र कुल से। अत: कथन (c) असत्य है जबकि अन्य तीनों सत्य हैं।
🇮🇳 UPSC PYQ
UPSC Pre 2021
Q6. 516 ई.पू. में पश्चिमोत्तर भारत में ईरानी आक्रमण के संदर्भ में:
1. सर्वप्रथम दारयबहु (डेरियस) ने पश्चिमोत्तर भारत पर आक्रमण किया था।
2. यह साम्राज्य का सबसे अधिक उपजाऊ क्षेत्र था।
3. इस क्षेत्र में सुगठित शक्तिशाली राज्य का अभाव था।
✅ उत्तर: (d) 1, 2 और 3 — तीनों सही
सर्वप्रथम ईरानी शासक दारयबहु (डेरियस) ने 516 ई.पू. में पश्चिमोत्तर भारत पर आक्रमण किया — सत्य। पंजाब का सिंधु नदी के पश्चिम वाला हिस्सा साम्राज्य का सबसे अधिक आबाद और उपजाऊ क्षेत्र था — सत्य। पश्चिमोत्तर भारत में मगध की तरह कोई शक्तिशाली साम्राज्य नहीं था — सत्य।
UPSC Pre 2020
Q7. भारत और ईरान के मध्य संपर्क के परिणामों के संदर्भ में:
1. खरोष्ठी लिपि का आगमन हुआ।
2. स्थापत्य कला पर ईरानी प्रभाव पड़ा।
3. व्यापार संबंधों की स्थापना हुई।
✅ उत्तर: (d) 1, 2 और 3 — तीनों सही
खरोष्ठी लिपि — ईरानी लिपिकार भारत में लेखन का एक खास रूप लेकर आए जो खरोष्ठी के नाम से प्रसिद्ध हुआ — सत्य। स्थापत्य कला पर ईरानी प्रभाव अशोककालीन स्तंभ और घंटे की आकार के गुंबज में — सत्य। पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत में ईरानी सिक्कें भी मिलते हैं — व्यापार के संकेत — सत्य।
UPSC Pre 2019
Q8. भारत में सिकंदर की सफलता के संदर्भ में:
1. उस समय भारत में कोई केंद्रीय सत्ता नहीं थी।
2. उसके पास प्रशिक्षित सैन्य बल था।
✅ उत्तर: (c) 1 और 2 दोनों
सिकंदर के समय भारत में कोई केंद्रीय सत्ता नहीं थी — पश्चिमोत्तर भारत में छोटे-छोटे राज्य थे जो आपस में लड़ते रहते थे — सत्य। सिकंदर के पास श्रेष्ठ सेना थी जिससे वह हर युद्ध में विजय प्राप्त करता गया — सत्य।
UPSC Pre 2022
Q9. सिकंदर के भारत पर आक्रमण के संदर्भ में:
1. भारत में उसका सामना सबसे पहले तक्षशिला के शासक आंभि से हुआ था।
2. उसका भारत में पहला सबसे शक्तिशाली प्रतिरोध पोरस ने किया था।
3. उसके द्वारा भारत पर आक्रमण के समय मगध पर मौर्य वंश का शासन था।
✅ उत्तर: (a) केवल 1 और 2
326 ई.पूर्व में सिकंदर के भारत पर आक्रमण में पहला सामना तक्षशिला के शासक आंभि से — सत्य। सबसे शक्तिशाली प्रतिरोध पोरस ने किया — सत्य। उसके आक्रमण के समय मगध पर नंद वंश का शासन था (मौर्य वंश नहीं) — कथन 3 असत्य।
UPSC Pre 2018
Q10. भारत पर प्रथम विदेशी आक्रमण ईरान के 'हखमनी वंश' के राजाओं ने किया था। इस आक्रमण का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा? — खरोष्ठी लिपि, अरमेईक लिपि, क्षत्रप प्रणाली, अभिलेख उत्कीर्ण करने की प्रथा
✅ उत्तर: (d) 1, 2, 3 और 4 — सभी सही
भारत पर ईरानी आक्रमण के प्रभाव: ① खरोष्ठी लिपि का प्रसार ② ईरानियों की अरमाईक लिपि का प्रसार ③ अभिलेख उत्कीर्ण करने की प्रथा का विकास ④ ईरानियों की क्षत्रप प्रणाली का शक-कुषाण युग में पर्याप्त विकास।
📋 State PCS PYQ
UPPSC 2022
Q11. मगध राज्य के संदर्भ में: 1. हर्यक कुल के राजा उदायिन ने पटना में एक किला बनवाया था। 2. 'एकराट' उपाधि महापद्म नंद ने धारण की थी। 3. शिशुनाग वंश ने अवंति राज्य को मगध में मिलाया था।
✅ उत्तर: (d) 1, 2 और 3 — तीनों सही
उदायिन ने पटना में किला बनवाया — सत्य। महापद्म नंद ने 'एकराट' उपाधि धारण की (कलिंग को जीतकर) — सत्य। शिशुनाग वंश के शासन के समय अवंति राज्य को मगध में मिला लिया था — सत्य।
MPPSC 2021
Q12. निम्नलिखित में से किस जनपद ने सबसे पहले युद्ध में हाथियों का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया?
(a) अवंति (b) मगध (c) कलिंग (d) लिच्छवि
✅ उत्तर: (b) मगध
मगध ही पहला राज्य था जिसने अपने पड़ोसियों के विरुद्ध युद्ध में हाथियों का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया। देश के पूर्वांचल से मगध के शासकों के पास हाथी पहुँचते थे।
BPSC 2023
Q13. छठी शताब्दी ई.पू. की अर्थव्यवस्था के संदर्भ में असत्य कथन: (a) किसान अपनी उपज का छठा भाग कर के रूप में चुकाते थे। (b) पाली ग्रंथों में गाँव तीन प्रकार के बताए गए हैं। (c) "भोजक" गाँव का मुखिया कहलाता था। (d) "शतमान" इस काल का प्रसिद्ध ग्रंथ है।
✅ उत्तर: (d) "शतमान" इस काल का प्रसिद्ध ग्रंथ है — असत्य
वैदिक ग्रंथों में आए 'शतमान' और 'निष्क' जो वस्तुतः एक आभूषण थे, मुद्रा के नाम माने जाते हैं। अत: कथन (d) असत्य है। बाकी तीनों कथन सत्य हैं।
RPSC 2024 (Expected)
Q14. 'गणसंघ' के संदर्भ में: 1. यह एक राजतंत्रीय राज्य प्रणाली थी। 2. बुद्ध और महावीर दोनों ही गणसंघ राज्यव्यवस्था से संबद्ध थे। 3. गणसंघ मध्य गंगा के मैदानों में अवस्थित थे।
✅ उत्तर: (b) केवल 2
'गण' शब्द का अर्थ लोगों का समूह है और 'संघ' का अर्थ एक सभा। गणसंघ ऐसी राज्यव्यवस्था था जहाँ शासन लोगों के एक समूह द्वारा किया जाता था — न कि किसी एक सम्राट द्वारा। अत: कथन (1) सत्य नहीं। बुद्ध और महावीर दोनों ही गणसंघ राजव्यवस्था से संबद्ध थे — सत्य। गणसंघ मध्य गंगा के मैदानों में नहीं — बल्कि हिमालय की तलहटी या उत्तर-पश्चिम/दक्षिण में — कथन (3) गलत।
UPSC/RAS Mains Level
Q15. मगध से चौथी शताब्दी ई.पू. में मगध सर्वाधिक शक्तिशाली राज्य के रूप में उभरा। इतिहासकारों के अनुसार इसके क्या कारण थे? — 1. अच्छी उपज, 2. लोहे की खदानें, 3. गंगा तथा उपनदियों के कारण सुलभ आवागमन, 4. जंगली क्षेत्रों में हाथी की उपलब्धता
✅ उत्तर: (d) 1, 2, 3 और 4 — सभी सही
मगध क्षेत्र में खेती की उपज खास तौर पर अच्छी होती थी। लोहे की खदानें भी आसानी से उपलब्ध थीं — प्रभावशाली हथियार बनाना सरल था। जंगली क्षेत्रों में हाथी उपलब्ध थे — युद्ध के लिए महत्वपूर्ण। गंगा तथा इसकी उपनदियों से आवागमन सस्ता व सुलभ था।
⚡ EXAM One-Liners — सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं
16 महाजनपद का उल्लेख = अंगुत्तर निकाय + भगवती सूत्र
मगध का वास्तविक संस्थापक = बिम्बिसार
पाटलिपुत्र की स्थापना = उदयन
प्रथम बौद्ध संगीति = राजगृह (483 BCE)
द्वितीय बौद्ध संगीति = वैशाली (383 BCE)
ईरानी आक्रमण = दारयबहु (516 BCE)
खरोष्ठी लिपि = ईरानी प्रभाव
सिकंदर का सामना = पहले आंभि, फिर पोरस
सिकंदर के समय मगध = नंद वंश (धनानंद)
हाथी सबसे पहले = मगध
NBPW = 6ठी शताब्दी BCE
गणतांत्रिक राज्य = वज्जि + मल्ल
मत्स्य महाजनपद = राजस्थान (विराटनगर)
आहत मुद्रा = पञ्चमांकड
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