1885 से 1950 तक — कांग्रेस की स्थापना से गणतंत्र स्थापना तक
संकलन एवं विश्लेषण : RAS A2Z Senior Faculty
RAS A2Z
📖 विषय-सूची
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📚 अध्याय 20 — भारत छोड़ो आंदोलन (1942)📚 Chapter 20 — Quit India Movement (1942)
अध्याय 20
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) — "करो या मरो" का अंतिम निर्णायक जन-संग्रामQuit India Movement (1942) — The Final Decisive Mass Struggle of "Do or Die"
"8 अगस्त 1942 — बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान (अब क्रांति मैदान) में महात्मा गांधी ने ऐतिहासिक 'करो या मरो' (Do or Die) का मंत्र दिया। अंग्रेजों ने उसी रात 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' चलाकर गांधी, नेहरू, पटेल, आज़ाद सहित कांग्रेस के पूरे नेतृत्व को गिरफ्तार कर लिया। फिर भी आंदोलन नहीं रुका — यह स्वतःस्फूर्त जनविद्रोह में बदल गया। देश के कोने-कोने में समानांतर सरकारें बनीं, हजारों लोग शहीद हुए, और ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिल गई।""On 8 August 1942, at Gowalia Tank Maidan (now August Kranti Maidan) in Bombay, Mahatma Gandhi gave the historic mantra of 'Do or Die'. The British launched 'Operation Thunderbolt' that very night, arresting Gandhi, Nehru, Patel, Azad and the entire Congress leadership. Yet the movement did not stop — it turned into a spontaneous mass revolt. Parallel governments were formed across the country, thousands were martyred, and the foundations of the British Empire were shaken."
📅 आंदोलन प्रारंभ : 8 अगस्त 1942📍 स्थान : ग्वालिया टैंक मैदान, बंबई👤 नेतृत्व : Mahatma Gandhi📢 नारा : "करो या मरो" (Do or Die)🎯 परीक्षा :PREMAINSIMPORTANT
📌 पृष्ठभूमि — आंदोलन के 5 मुख्य कारण
📅 1939-1942 — महत्वपूर्ण घटनाएँ
3 सितंबर 1939: द्वितीय विश्व युद्ध — भारत को बिना सहमति के युद्ध में शामिल किया गया
अक्टूबर-नवंबर 1939: कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने त्यागपत्र दिया
8 अगस्त 1940: अगस्त प्रस्ताव — डोमिनियन स्टेटस का वादा (अस्वीकार)
अक्टूबर 1940: व्यक्तिगत सत्याग्रह — 30,000 गिरफ्तार
मार्च 1942: क्रिप्स मिशन — "उत्तर-दिनांकित चेक" (अस्वीकार)
8 अगस्त 1942:भारत छोड़ो आंदोलन शुरू
📜 5 मुख्य कारण
क्रिप्स मिशन की विफलता: ब्रिटिश सरकार ने कोई तत्काल स्वतंत्रता नहीं दी — गांधी ने इसे "उत्तर-दिनांकित चेक" कहा [citation:7][citation:11]
जापानी खतरा: जापानी सेना भारत की सीमाओं पर थी — ब्रिटिश उपस्थिति जापानी आक्रमण को आमंत्रित कर रही थी [citation:7]
युद्ध में भारत की भागीदारी: 2.5 मिलियन भारतीयों को बिना सहमति के युद्ध में झोंका गया [citation:7]
बढ़ती आर्थिक पीड़ा: युद्ध के कारण खाद्य संकट, महंगाई, करों में वृद्धि
गांधी का दृढ़ संकल्प: वे अपने जीवनकाल में भारत को स्वतंत्र देखना चाहते थे — "Leave India to God. If that is too much leave her to anarchy." [citation:7]
⚠️ सबसे महत्वपूर्ण तथ्य
8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान (अब अगस्त क्रांति मैदान) में महात्मा गांधी ने "करो या मरो" (Do or Die) का ऐतिहासिक मंत्र दिया [citation:5][citation:7][citation:11]।
यूसुफ मेहरअली ने "भारत छोड़ो" (Quit India) का नारा दिया [citation:7]।
⛓️ ऑपरेशन थंडरबोल्ट — 9 अगस्त 1942
⚠️ ब्रिटिश प्रतिक्रिया
9 अगस्त 1942: ब्रिटिश सरकार ने 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' लागू किया [citation:11]
गांधी, नेहरू, पटेल, आज़ाद सहित कांग्रेस के संपूर्ण नेतृत्व को एक साथ गिरफ्तार किया गया [citation:5][citation:7][citation:13]
अरुणा आसफ अली: नेतृत्व की अनुपस्थिति में 9 अगस्त को झंडा फहराया और आंदोलन को जारी रखा [citation:5]
कांग्रेस पर प्रतिबंध: कांग्रेस को अवैध संगठन घोषित कर दिया गया [citation:13]
गिरफ्तारियाँ: कुल 1,00,000 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए [citation:13]
🔍 वायसराय लिनलिथगो की प्रतिक्रिया
वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो ने इसे "1857 के बाद की सबसे गंभीर विद्रोह" कहा [citation:11]।
🔥 आंदोलन का विस्तार — प्रदेशवार विश्लेषण
📜 प्रदेशवार स्थिति
प्रदेश
मुख्य घटनाएँ
उत्तर प्रदेश (Ballia)
चित्तू पांडे के नेतृत्व में 19 अगस्त 1942 को समानांतर सरकार बनी — 22-23 अगस्त को ब्रिटिश सेना ने कुचला [citation:12]
बंगाल (Midnapore/ Tamluk)
सतीश चंद्र समंत के नेतृत्व में 'ताम्रलिप्त जातीय सरकार' — 17 दिसंबर 1942 से 8 अगस्त 1944 तक [citation:10]
महाराष्ट्र (Satara)
नाना पटेल, वाई.बी. चव्हाण, अच्युत पटवर्धन — 'प्रति सरकार' — 3 वर्षों तक चली [citation:2][citation:4][citation:8]
उड़ीसा (Talcher)
समानांतर सरकार की स्थापना [citation:2][citation:4]
बिहार
गांव-गाँव में आंदोलन — 7 छात्र शहीद (पटना सचिवालय पर झंडा फहराने के प्रयास में) [citation:15]
बंबई
हड़तालें, सरकारी इमारतों पर कब्ज़ा, अरुणा आसफ अली का झंडा फहराना
असम
कनकलता बरुआ, कहुली देवी — पुलिस अत्याचार में शहीद [citation:15]
गुजरात (Saurashtra)
'बहारवतीय' परंपरा — तोड़-फोड़ और विध्वंस [citation:1]
🏛️ समानांतर सरकारें (Parallel Governments)
📜 4 प्रमुख समानांतर सरकारें
स्थान
नेता
अवधि
विशेषताएँ
Ballia (UP)
चित्तू पांडे [citation:12]
19-22 अगस्त 1942
प्रथम समानांतर सरकार — कलेक्टर ने सत्ता सौंपी, 2 दिन में ब्रिटिश सेना ने कुचला [citation:12]
लीग का उदय: आंदोलन ने मुस्लिम लीग को मजबूत किया — जिन्ना ने 'पाकिस्तान' की माँग को और जोर दिया [citation:1][citation:9]
स्वतंत्रता की नींव: इसने 1947 की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया — ब्रिटिश सरकार ने 1945 के बाद स्वतंत्रता देना अपरिहार्य मान लिया [citation:7]
यह आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता की दिशा में सबसे निर्णायक कदमों में से एक था — जिसने 1947 के स्वतंत्रता समझौते का आधार बनाया ।
📌 Background — 5 Main Causes
📅 1939-1942 — Key Events
3 September 1939: World War II — India dragged into war without consent
October-November 1939: Congress ministries resigned
8 August 1940: August Offer — Dominion Status promise (rejected)
October 1940: Individual Satyagraha — 30,000 arrested
March 1942: Cripps Mission — "Post-dated cheque" (rejected)
8 August 1942:Quit India Movement launched
⚠️ Most Important Fact
On 8 August 1942, at Gowalia Tank Maidan (now August Kranti Maidan) in Bombay, Mahatma Gandhi gave the historic mantra of "Do or Die" [citation:5][citation:7][citation:11].
Yusuf Meherally coined the slogan "Quit India" [citation:7].
⛓️ Operation Thunderbolt — 9 August 1942
⚠️ British Response
9 August 1942: British government launched 'Operation Thunderbolt' [citation:11]
Gandhi, Nehru, Patel, Azad and all Congress leaders arrested together [citation:5][citation:7][citation:13]
Aruna Asaf Ali: Hoisted the flag on 9 August in the absence of leadership [citation:5]
Congress banned: Declared an unlawful association [citation:13]
Arrests: Over 1,00,000 people arrested [citation:13]
🔥 Spread of the Movement — Region-wise Analysis
📜 Region-wise Situation
Region
Key Events
UP (Ballia)
Chittu Pandey — parallel government on 19 August 1942 [citation:12]
Bengal (Midnapore/ Tamluk)
Satish Chandra Samanta — 'Tamralipta Jatiya Sarkar' (17 Dec 1942 — 8 Aug 1944) [citation:10]