🏛️ RAS/UPSC — संपूर्ण संदर्भ ग्रंथ

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
एवं संवैधानिक विकास

1885 से 1950 तक — कांग्रेस की स्थापना से गणतंत्र स्थापना तक

संकलन एवं विश्लेषण : RAS A2Z Senior Faculty

RAS A2Z
📖 विषय-सूची  |  📚 अध्याय 23 — रियासतों का एकीकरण (1947-1950) 📚 Chapter 23 — Integration of Princely States (1947-1950)
अध्याय 23

रियासतों का एकीकरण — सरदार पटेल का अद्वितीय योगदान (1947-1950) Integration of Princely States — Sardar Patel's Unique Contribution (1947-1950)

"15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, परंतु देश का नक्शा अधूरा था — 562 रियासतें थीं, जिन्हें भारत या पाकिस्तान में शामिल होना था। सरदार वल्लभभाई पटेल ने 'गाजर और छड़ी' की नीति से 562 रियासतों का भारत में विलय सुनिश्चित किया — हैदराबाद के लिए ऑपरेशन पोलो, जूनागढ़ में जनमत संग्रह, और कश्मीर का विलय। यह आधुनिक भारत के निर्माण का सबसे बड़ा प्रशासनिक चमत्कार था।" "On 15 August 1947, India became independent, but the map of the country was incomplete — 562 princely states had to choose between India and Pakistan. Sardar Vallabhbhai Patel, with his 'Carrot and Stick' policy, ensured the integration of 562 princely states into India — Operation Polo for Hyderabad, plebiscite for Junagadh, and accession of Kashmir. This was the greatest administrative miracle of modern India."
📅 स्टेट्स डिपार्टमेंट : 5 जुलाई 1947 👤 प्रमुख : Sardar Vallabhbhai Patel, V.P. Menon 📏 कुल रियासतें : 562 🎯 परीक्षा : PRE MAINS IMPORTANT

📌 पृष्ठभूमि — रियासतों की स्थिति (1947)

📅 1947-1950 — महत्वपूर्ण घटनाएँ

  • 3 जून 1947: माउंटबेटन योजना — रियासतों को स्वतंत्र रहने का अधिकार
  • 5 जुलाई 1947: स्टेट्स डिपार्टमेंट का गठन — सरदार पटेल (मंत्री), वी.पी. मेनन (सचिव)
  • 15 अगस्त 1947: 562 रियासतों में से 554 ने भारत में विलय किया
  • सितंबर 1947: जूनागढ़ ने पाकिस्तान में विलय किया — भारत ने इसे स्वीकार नहीं किया
  • 26 अक्टूबर 1947: कश्मीर का विलय — महाराजा हरि सिंह ने भारत में विलय पर हस्ताक्षर किए
  • 13 सितंबर 1948: ऑपरेशन पोलो — हैदराबाद पर सैन्य कार्रवाई
  • 18 सितंबर 1948: निजाम ने आत्मसमर्पण किया — हैदराबाद भारत में विलय
  • 1950: सभी रियासतों का एकीकरण पूर्ण

📜 रियासतों की स्थिति

  • कुल रियासतें: 562 — जो भारत के 48% क्षेत्र (5.6 लाख वर्ग मील) में फैली थीं
  • जनसंख्या: 8.6 करोड़ (भारत की कुल जनसंख्या का 27%)
  • ब्रिटिश 'पैरामाउंटसी' (Paramountcy): ब्रिटिश क्राउन के पास रियासतों पर सर्वोच्च शक्ति थी — वे हस्तक्षेप कर सकते थे, लेकिन आंतरिक मामलों में नहीं
  • स्वतंत्रता के बाद: पैरामाउंटसी समाप्त हो गई — रियासतें तकनीकी रूप से स्वतंत्र हो गईं

⚠️ सबसे महत्वपूर्ण तथ्य

5 जुलाई 1947 को सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्टेट्स डिपार्टमेंट का गठन किया — इसका उद्देश्य 562 रियासतों का भारत में विलय सुनिश्चित करना था ।

वी.पी. मेनन (V.P. Menon) को इस विभाग का सचिव बनाया गया — पटेल और मेनन की जोड़ी ने यह असंभव कार्य संभव किया ।

📋 विलय का कानूनी आधार — Instrument of Accession

📜 Instrument of Accession — 3 मुख्य विशेषताएँ

  • 1. केवल 3 विषय: रियासतें केवल 3 विषय भारत सरकार को सौंपेंगी — रक्षा (Defence), विदेशी मामले (Foreign Affairs), संचार (Communications)
  • 2. आंतरिक स्वायत्तता: रियासतों को आंतरिक मामलों में पूर्ण स्वायत्तता — वे अपने कानून, राजस्व, न्यायालय बनाए रख सकती थीं
  • 3. वित्तीय और प्रशासनिक सुरक्षा: रियासतों को विशेष वित्तीय और प्रशासनिक रियायतें

🔍 Instrument of Accession — सरल और आकर्षक

इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन (प्रवेश पत्र) सरल और आकर्षक था — इसलिए 15 अगस्त 1947 तक 554 रियासतों ने भारत में विलय पर हस्ताक्षर कर दिए ।

🏛️ सरदार पटेल की रणनीति — "गाजर और छड़ी" (Carrot and Stick)

📜 पटेल की 3 मुख्य रणनीतियाँ

  • 1. गाजर (Carrot): रियासतों को विशेष वित्तीय और राजनीतिक रियायतें — "आपको स्वायत्तता मिलेगी, आपकी संपत्ति सुरक्षित रहेगी"
  • 2. छड़ी (Stick): सैन्य कार्रवाई का खतरा — "यदि आप विलय नहीं करेंगे, तो हम सेना का उपयोग करेंगे"
  • 3. कूटनीति: वी.पी. मेनन के माध्यम से रियासतों के शासकों से व्यक्तिगत बातचीत — उन्हें विश्वास दिलाया कि भारत के साथ विलय उनके हित में है

📜 माउंटबेटन की भूमिका

लॉर्ड माउंटबेटन ने रियासतों को स्वतंत्रता की कल्पना को असंभव बताया — "आप स्वतंत्र नहीं रह सकते — आपको भारत या पाकिस्तान में से किसी एक को चुनना होगा" [citation:10]

🏛️ प्रमुख रियासतों का विलय — केस स्टडी

📍 1. त्रावणकोर (Travancore) — पहला विद्रोह

⚠️ त्रावणकोर — स्वतंत्रता की घोषणा

  • दीवान (प्रधानमंत्री): सर सी.पी. रामास्वामी अय्यर (Sir C.P. Ramaswami Aiyar)
  • घोषणा: 1946 में त्रावणकोर ने स्वतंत्र रहने की घोषणा की — कारण: मोनाज़ाइट (Monazite) नामक खनिज, जो परमाणु ऊर्जा के लिए उपयोगी था
  • ब्रिटिश संबंध: ब्रिटिश सरकार स्वतंत्र त्रावणकोर का समर्थन कर रही थी ताकि उन्हें मोनाज़ाइट तक पहुँच मिल सके [citation:9]
  • हत्या का प्रयास: कनककुमारी (केरल सोशलिस्ट पार्टी) ने एक संगीत कार्यक्रम के बाद अय्यर पर चाकू से हमला किया — वे बच गए, लेकिन डर गए [citation:2]
  • विलय: 30 जुलाई 1947 — त्रावणकोर ने भारत में विलय पर हस्ताक्षर किए [citation:9]

📍 2. जोधपुर (Jodhpur) — जिन्ना का प्रलोभन

⚠️ जोधपुर — जिन्ना का ब्लैंक पेपर

  • महाराजा: हनवंत सिंह (Hanwant Singh) — युवा (20 वर्ष), अनुभवहीन
  • जिन्ना का प्रलोभन: जिन्ना ने एक खाली कागज़ (Blank Sheet of Paper) पर हस्ताक्षर करके हनवंत सिंह को दिया — "तुम अपनी सभी शर्तें लिख सकते हो" [citation:9]
  • जिन्ना के प्रस्ताव: कराची बंदरगाह तक पहुँच, हथियार आयात, अनाज सहायता [citation:2][citation:10]
  • मेनन की चाल: वी.पी. मेनन ने हनवंत सिंह से मुलाकात की — रेलवे, हथियार, अनाज के वादे किए [citation:2]
  • माउंटबेटन की चेतावनी: "यदि आप पाकिस्तान में शामिल हुए, तो आपके राज्य में सांप्रदायिक दंगे होंगे" [citation:10]
  • विलय: 11 अगस्त 1947 — जोधपुर ने भारत में विलय पर हस्ताक्षर किए [citation:9]

📍 3. जैसलमेर (Jaisalmer) — जिन्ना का प्रस्ताव अस्वीकार

🔍 जैसलमेर — जिन्ना को करारा जवाब

महाराजकुमार ने जिन्ना को कहा — "यदि मेरे राज्य में हिंदू और मुसलमानों के बीच विवाद होता है, तो मैं मुसलमानों के खिलाफ हिंदुओं का साथ नहीं दूँगा" [citation:10]

इससे जिन्ना निरुत्तर हो गए और जैसलमेर ने भारत में विलय कर लिया [citation:13]

📍 4. जूनागढ़ (Junagadh) — जनमत संग्रह

⚠️ जूनागढ़ — पाकिस्तान में विलय

  • नवाब: मुहम्मद महाबत खानजी III (Nawab Muhammad Mahabat Khanji III)
  • जनसंख्या: 80% हिंदू, लेकिन मुस्लिम शासक
  • विलय: 15 सितंबर 1947 — नवाब ने पाकिस्तान में विलय किया — समुद्री मार्ग से पाकिस्तान से जुड़ाव का तर्क [citation:9]
  • भारत की प्रतिक्रिया: स्वीकार नहीं किया — "यदि जूनागढ़ पाकिस्तान में जा सकता है, तो कश्मीर भी भारत में आ सकता है" [citation:4]
  • प्रतिरोध: मांगरोल और बाबरियावाड़ (जूनागढ़ की अधीनस्थ रियासतें) ने भारत में विलय कर दिया [citation:9]
  • नवाब का पलायन: उन्होंने अपने कुत्तों को लेकर पाकिस्तान के लिए उड़ान भरी — अपनी बेगमों को पीछे छोड़कर [citation:2]
  • जनमत संग्रह: फरवरी 19481,90,779 (99.95%) वोट भारत के पक्ष में, केवल 91 वोट पाकिस्तान के पक्ष में [citation:2][citation:10]
  • परिणाम: जूनागढ़ भारत में शामिल हो गया [citation:12]

📍 5. भोपाल (Bhopal) — महाराजाओं का संघ

🔍 भोपाल — 'प्रिंसली स्टेट्स यूनियन' की कोशिश

नवाब हमीदुल्लाह खान (Nawab Hamidullah Khan) — प्रिंसेस चैंबर के अध्यक्ष — वे प्रिंसली स्टेट्स यूनियन बनाना चाहते थे, जो शासकों का एक संघ हो, राजनेताओं का नहीं [citation:2]

लेकिन भोपाल के छात्र सड़कों पर उतर आए — "भोपाल भारत में विलय" के नारे लगाए [citation:2]

अंततः भोपाल ने भी भारत में विलय कर लिया

📍 6. हैदराबाद (Hyderabad) — ऑपरेशन पोलो (1948)

⚠️ हैदराबाद — सबसे बड़ी चुनौती

  • निज़ाम: मीर उस्मान अली खान (Mir Osman Ali Khan, Asaf Jah VII) — विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक [citation:3]
  • जनसंख्या: 87% हिंदू, लेकिन मुस्लिम शासक
  • भौगोलिक स्थिति: स्थल-रुद्ध (Landlocked) — भारत के मध्य में [citation:3]
  • निज़ाम का रुख: स्वतंत्र रहना चाहते थे — "हम भारत या पाकिस्तान में नहीं जाएंगे"
  • स्टैंडस्टिल समझौता (नवंबर 1947): भारत और हैदराबाद के बीच स्थिति-ब-स्थिति (Status Quo) — लेकिन यह अस्थिर था [citation:3]
  • रज़ाकार (Razakars): निज़ाम ने 25,000 की सेना और रज़ाकारों (अर्धसैनिक बल) को बढ़ाया — इन्होंने हिंदू जनसंख्या पर अत्याचार किए [citation:3][citation:9]
  • भारत की चिंता: "हैदराबाद भारत के हृदय में एक अल्सर है" — सरदार पटेल [citation:11]
  • ऑपरेशन पोलो (13 सितंबर 1948):
    • कमांडर: मेजर जनरल जयंत नाथ चौधरी (बाद में सेना प्रमुख) [citation:3]
    • सेना: 1 बख्तरबंद डिवीजन और अन्य बल [citation:3]
    • रणनीति: गति और आश्चर्य — पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, पूर्व से चारों ओर से हमला [citation:3]
    • प्रतिरोध: निज़ाम की सेना (~25,000) ने 2 दिन से अधिक प्रतिरोध नहीं किया — रज़ाकार अप्रशिक्षित थे [citation:3]
    • आत्मसमर्पण: 18 सितंबर 1948 — निज़ाम ने आत्मसमर्पण किया [citation:3][citation:11]
  • परिणाम: हैदराबाद भारत में विलय हो गया

📍 7. कश्मीर (Kashmir) — सबसे जटिल मामला

⚠️ कश्मीर — विलय और भारत-पाक युद्ध

  • महाराजा: हरि सिंह (Hari Singh) — हिंदू शासक, मुस्लिम बहुल राज्य (77% मुस्लिम)
  • रुख: स्वतंत्र रहना चाहते थे — "मैं भारत या पाकिस्तान में नहीं जाऊंगा"
  • स्टैंडस्टिल समझौता: भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ हस्ताक्षर किए — लेकिन कोई निर्णय नहीं [citation:12]
  • पाकिस्तानी आक्रमण (22 अक्टूबर 1947): ऑपरेशन गुलमर्ग — 7,500 आदिवासियों और पाकिस्तानी सैनिकों ने कश्मीर पर हमला किया [citation:12]
  • हरि सिंह की मदद: उन्होंने भारत से सैन्य सहायता माँगी — 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए [citation:5]
  • भारत की स्वीकृति: 27 अक्टूबर 1947 — लॉर्ड माउंटबेटन ने विलय स्वीकार किया [citation:5]
  • पहला भारत-पाक युद्ध (1947-48): 31 दिसंबर 1948 तक युद्धविराम — पाकिस्तान के पास गिलगित-बाल्टिस्तान और मीरपुर-मुज़फ्फराबाद रहा [citation:12]
  • अनुच्छेद 370: कश्मीर को विशेष दर्जा (2019 में निरस्त)

🏛️ अन्य रियासतों का विलय — 1948-1950

📜 रियासतों के संघ (Union of States)

संघ (Union)तिथिशामिल रियासतें
राजस्थान संघ25 मार्च 1948बूंदी, कोटा, झालावाड़, टोंक, किशनगढ़, शाहपुरा [citation:6]
मध्य भारत (Madhya Bharat)मई 194825 रियासतें — ग्वालियर, इंदौर, आदि [citation:6]
विन्ध्य प्रदेश194835 छोटी रियासतें [citation:6]
पेप्सू (PEPSU)अगस्त 19488 रियासतें — पटियाला, नाभा, जींद, कपूरथला, आदि [citation:6]
सौराष्ट्र1948217 रियासतें (बाद में 222) — भावनगर, नवानगर, गोंडल, पोरबंदर [citation:6]
त्रावणकोर-कोचीनजुलाई 1949त्रावणकोर और कोचीन [citation:6]

📋 संवैधानिक वर्गीकरण — 1950

📜 भारतीय संविधान के अनुसार 4 श्रेणियाँ

श्रेणीविवरणउदाहरण
भाग A (9 राज्य)पूर्व ब्रिटिश प्रांत — राज्यपालUP, बॉम्बे, मद्रास, पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार, असम, उड़ीसा, मध्य प्रांत [citation:6]
भाग B (8 राज्य)पूर्व रियासतें — राजप्रमुख (शासक)हैदराबाद, मैसूर, त्रावणकोर-कोचीन, मध्य भारत, राजस्थान, सौराष्ट्र, पेप्सू, जम्मू-कश्मीर [citation:6]
भाग C (10 राज्य)मुख्य आयुक्त क्षेत्रदिल्ली, अजमेर, कूर्ग, भोपाल, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश, विन्ध्य प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर, कच्छ [citation:6]
भाग D (1)उपराज्यपाल द्वारा प्रशासितअंडमान और निकोबार द्वीपसमूह [citation:6]

7वाँ संशोधन (1956): इस वर्गीकरण को समाप्त कर दिया गया — राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू किया गया [citation:6]

🏛️ सरदार पटेल — राष्ट्र निर्माता

📜 माउंटबेटन की प्रशंसा

लॉर्ड माउंटबेटन ने 15 अगस्त 1947 को संविधान सभा में कहा — "यह सरदार पटेल की दूरदर्शिता और व्यावहारिकता का एक बड़ा विजय है... एकीकृत राजनीतिक ढांचा स्थापित हो गया है" [citation:7]

🔍 पटेल की सफलता के 4 कारण

  • 1. वी.पी. मेनन की योग्यता: उन्होंने हर शासक से बातचीत की — उन्हें विश्वास दिलाया [citation:2][citation:10]
  • 2. माउंटबेटन का समर्थन: उन्होंने शासकों को स्वतंत्रता की कल्पना को असंभव बताया [citation:7][citation:10]
  • 3. पटेल का "लोहे के बाद" नर्म रवैया: वे शासकों के प्रति विनम्र थे, लेकिन दृढ़ भी [citation:7]
  • 4. रियासतों के शासकों की देशभक्ति: बड़ौदा, ग्वालियर, बीकानेर, पटियाला के शासकों ने देशभक्ति का परिचय दिया [citation:7]

📌 अध्याय निष्कर्ष

रियासतों का एकीकरण (1947-1950) आधुनिक भारत के निर्माण का सबसे बड़ा प्रशासनिक चमत्कार था ।

  • 562 रियासतें: 554 ने 15 अगस्त 1947 तक भारत में विलय किया
  • जूनागढ़: जनमत संग्रह (फरवरी 1948) — 99.95% वोट भारत के पक्ष में
  • हैदराबाद: ऑपरेशन पोलो (सितंबर 1948) — सैन्य कार्रवाई
  • कश्मीर: 26 अक्टूबर 1947 — महाराजा हरि सिंह ने भारत में विलय किया
  • सरदार पटेल: "गाजर और छड़ी" की नीति — यह असंभव कार्य संभव किया

इसी एकीकरण ने अखंड भारत का निर्माण किया — जो 1950 में गणतंत्र के रूप में परिपूर्ण हुआ ।

📌 Background — Situation of Princely States (1947)

📅 1947-1950 — Key Events

  • 3 June 1947: Mountbatten Plan — princely states to remain independent
  • 5 July 1947: States Department formed — Sardar Patel (Minister), V.P. Menon (Secretary)
  • 15 August 1947: 554 out of 562 princely states acceded to India
  • September 1947: Junagadh acceded to Pakistan — India rejected
  • 26 October 1947: Kashmir's Accession — Maharaja Hari Singh signed
  • 13 September 1948: Operation Polo — military action against Hyderabad
  • 18 September 1948: Nizam surrendered — Hyderabad acceded to India
  • 1950: Integration of all princely states completed

⚠️ Most Important Fact

On 5 July 1947, Sardar Vallabhbhai Patel established the States Department — to ensure the integration of 562 princely states into India .

V.P. Menon was appointed as its Secretary — the Patel-Menon duo made this impossible task possible .

📋 Legal Basis — Instrument of Accession

📜 Instrument of Accession — 3 Key Features

  • 1. Only 3 Subjects: States to cede only Defence, Foreign Affairs, Communications
  • 2. Internal Autonomy: States to retain full autonomy in internal matters
  • 3. Financial & Administrative Security: Special concessions to states

🏛️ Major States — Case Studies

📍 1. Travancore — First Rebellion

⚠️ Travancore — Declaration of Independence

  • Dewan: Sir C.P. Ramaswami Aiyar
  • Declaration: 1946 — Travancore declared independence — reason: Monazite (nuclear mineral) [citation:9]
  • Assassination attempt: Aiyar was attacked with a knife — survived, but changed his mind [citation:2]
  • Accession: 30 July 1947 — Travancore acceded to India [citation:9]

📍 2. Jodhpur — Jinnah's Temptation

⚠️ Jodhpur — Jinnah's Blank Paper

  • Maharaja: Hanwant Singh — young (20 years), inexperienced
  • Jinnah's offer: Gave a blank sheet of paper — "You can write your own terms" [citation:9]
  • Offer: Access to Karachi port, arms, grain [citation:2][citation:10]
  • Menon's offer: Railways, arms, grain — 11 August 1947 — Jodhpur acceded to India [citation:9]

📍 3. Junagadh — Plebiscite

⚠️ Junagadh — Pakistan Accession

  • Nawab: Muhammad Mahabat Khanji III
  • Population: 80% Hindu, Muslim ruler
  • Accession: 15 September 1947 — Nawab acceded to Pakistan [citation:9]
  • India's response: Rejected — "If Junagadh can go to Pakistan, Kashmir can come to India" [citation:4]
  • Plebiscite: February 19481,90,779 (99.95%) voted for India, only 91 for Pakistan [citation:2][citation:10]

📍 4. Hyderabad — Operation Polo (1948)

⚠️ Hyderabad — Biggest Challenge

  • Nizam: Mir Osman Ali Khan — one of the richest men in the world [citation:3]
  • Population: 87% Hindu, Muslim ruler
  • Nizam's stance: Wanted to remain independent
  • Razakars: Nizam expanded his army to 25,000 and Razakars — atrocities against Hindus [citation:3][citation:9]
  • Operation Polo (13 September 1948):
    • Commander: Maj Gen Jayanto Nath Chaudhuri [citation:3]
    • Strategy: Speed and surprise — attack from all sides [citation:3]
    • Surrender: 18 September 1948 — Nizam surrendered [citation:3][citation:11]

📍 5. Kashmir — Most Complex Case

⚠️ Kashmir — Accession and India-Pakistan War

  • Maharaja: Hari Singh — Hindu ruler, Muslim-majority state
  • Pakistan invasion (22 October 1947): Operation Gulmarg — 7,500 tribals and Pakistani soldiers attacked [citation:12]
  • Accession: 26 October 1947 — Maharaja signed the Instrument of Accession [citation:5]
  • India's acceptance: 27 October 1947 — Lord Mountbatten accepted [citation:5]
  • First India-Pakistan War (1947-48): Ceasefire on 31 December 1948 — Pakistan retained Gilgit-Baltistan and Mirpur-Muzaffarabad [citation:12]

📌 Chapter Conclusion

The integration of princely states (1947-1950) was the greatest administrative miracle of modern India .

  • 562 states: 554 acceded to India by 15 August 1947
  • Junagadh: Plebiscite (February 1948) — 99.95% voted for India
  • Hyderabad: Operation Polo (September 1948) — military action
  • Kashmir: 26 October 1947 — Maharaja Hari Singh acceded to India
  • Sardar Patel: "Carrot and Stick" policy — made the impossible possible

This integration created United India — which culminated in the Republic in 1950 .

📚 संदर्भ स्रोत 📚 References