🇮🇳 RAS / UPSC — Complete Reference
क्रांतिकारी आंदोलन
Revolutionary Movement
1900 से 1947 — बलिदान, संगठन और सशस्त्र संघर्ष की पूरी कहानी
RAS A2Z
अध्याय 38
क्रांतिकारी आंदोलन — एक समग्र परिचय (1900-1947) Revolutionary Movement — A Comprehensive Introduction (1900-1947)
"1900 से 1947 तक भारतीय क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष किया। यह आंदोलन तीन चरणों में विभाजित है — प्रथम (1897-1915), द्वितीय (1915-1928), तृतीय (1928-1947)। बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश — हर राज्य ने अपने क्रांतिकारी दिए। विदेश में गदर पार्टी, इंडिया हाउस, INA ने भी संघर्ष किया।"
"From 1900 to 1947, Indian revolutionaries waged armed struggle against the British Empire. This movement is divided into three phases — First (1897-1915), Second (1915-1928), Third (1928-1947). Bengal, Punjab, Maharashtra, Uttar Pradesh — every state gave its revolutionaries. Abroad, the Ghadar Party, India House, and INA also fought."
📌 क्रांतिकारी आंदोलन — तीन चरण
📜 तीन चरणों का विवरण
- प्रथम चरण (1897-1915): चापेकर बंधुओं से गदर पार्टी तक — बंगाल, महाराष्ट्र, विदेश में इंडिया हाउस
- द्वितीय चरण (1915-1928): गदर पार्टी की विफलता के बाद — HSRA, काकोरी कांड, साइमन विरोध
- तृतीय चरण (1928-1947): भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सूर्य सेन, INA, उधम सिंह
⚠️ क्रांतिकारी आंदोलन की विशेषताएँ
- सशस्त्र संघर्ष: हिंसक तरीकों का उपयोग — बम, पिस्तौल, डकैतियाँ
- युवा भागीदारी: अधिकांश क्रांतिकारी युवा थे (18-30 वर्ष)
- भौगोलिक विस्तार: बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र, UP, दक्षिण भारत
- विदेशी संबंध: जर्मनी, रूस, जापान, फ्रांस से संपर्क
- वैचारिक आधार: राष्ट्रवाद, समाजवाद, अराजकतावाद
📌 प्रमुख क्रांतिकारी संगठन
| संगठन | स्थापना | स्थान | संस्थापक | मुख्य गतिविधियाँ |
|---|---|---|---|---|
| अनुशीलन समिति | 1902 | बंगाल | Promotha Mitter, Barin Ghosh | बंगाल में क्रांतिकारी गतिविधियाँ |
| युगांतर | 1906 | बंगाल | Jatindranath Mukherjee | बम बनाना, ब्रिटिश अधिकारियों पर हमले |
| अभिनव भारत | 1904 | महाराष्ट्र | V.D. Savarkar | स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र संघर्ष |
| इंडिया हाउस | 1905 | लंदन | Shyamji Krishna Varma | विदेशों में क्रांतिकारी गतिविधियाँ |
| गदर पार्टी | 1913 | सैन फ्रांसिस्को | Lala Hardayal, Sohan Singh | विदेशों में सेना तैयार करना |
| HRA/HSRA | 1924/1928 | UP, पंजाब | Chandrashekhar Azad, Bhagat Singh | काकोरी कांड, साइमन विरोध, असेम्बली बम |
| INA | 1942 | दक्षिण-पूर्व एशिया | Subhas Chandra Bose | ब्रिटिश सेना के खिलाफ सशस्त्र युद्ध |
⚠️ DO NOT CONFUSE
अनुशीलन समिति (1902): बंगाल — प्रमोथ मित्तर
युगांतर (1906): बंगाल — जतिंद्रनाथ मुखर्जी
गदर पार्टी (1913): सैन फ्रांसिस्को — लाला हरदयाल
HSRA (1928): UP, पंजाब — भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद
INA (1942): दक्षिण-पूर्व एशिया — सुभाष बोस
📌 RAS QUICK REVISION — क्रांतिकारी संगठन
- Anushilan Samiti: 1902 — Bengal
- Yugantar: 1906 — Bengal
- Abhinav Bharat: 1904 — Maharashtra
- India House: 1905 — London
- Ghadar Party: 1913 — San Francisco
- HSRA: 1928 — UP, Punjab
- INA: 1942 — Southeast Asia
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — संगठन
- Anushilan Samiti: 1902 — Bengal
- Ghadar Party: 1913 — San Francisco
- HSRA: 1928 — Bhagat Singh, Azad
- INA: 1942 — Subhas Chandra Bose
📜 Three Phases of Revolutionary Movement
- First Phase (1897-1915): Chapekar brothers to Ghadar Party
- Second Phase (1915-1928): Ghadar failure to HSRA formation
- Third Phase (1928-1947): Bhagat Singh, INA, Udham Singh
| Organization | Year | Place | Founder |
|---|---|---|---|
| Anushilan Samiti | 1902 | Bengal | Promotha Mitter |
| Yugantar | 1906 | Bengal | Jatindranath Mukherjee |
| Abhinav Bharat | 1904 | Maharashtra | V.D. Savarkar |
| India House | 1905 | London | Shyamji Krishna Varma |
| Ghadar Party | 1913 | San Francisco | Lala Hardayal |
| HSRA | 1928 | UP, Punjab | Bhagat Singh, Azad |
| INA | 1942 | Southeast Asia | Subhas Chandra Bose |
📌 RAS QUICK REVISION — Organizations
- Anushilan Samiti: 1902 — Bengal
- Ghadar Party: 1913 — San Francisco
- HSRA: 1928 — Bhagat Singh
- INA: 1942 — Subhas Bose
अध्याय 39
प्रथम चरण (1897-1915) — भारत में क्रांतिकारी गतिविधियाँ First Phase (1897-1915) — Revolutionary Activities in India
"1897 में चापेकर बंधुओं ने पुणे में प्लेग कमिश्नर रैंड की हत्या की। यह भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन का प्रारंभिक बिंदु था। इसके बाद बंगाल, महाराष्ट्र और पंजाब में क्रांतिकारी गतिविधियाँ तेज हुईं। 1908 का मुजफ्फरपुर बम कांड, 1909 का मदन लाल धींगरा कांड — ये सभी प्रथम चरण की महत्वपूर्ण घटनाएँ थीं।"
"In 1897, the Chapekar brothers assassinated Plague Commissioner Rand in Pune. This was the starting point of the Indian revolutionary movement. After this, revolutionary activities intensified in Bengal, Maharashtra and Punjab. The Muzaffarpur bomb case (1908), Madan Lal Dhingra's assassination (1909) — all were important events of the first phase."
📌 महाराष्ट्र — चापेकर बंधु
💥 चापेकर बंधुओं का विद्रोह (1897)
- घटना: 22 जून 1897 — पुणे में प्लेग कमिश्नर मिस्टर रैंड की हत्या
- क्रांतिकारी: चापेकर बंधु — दामोदर, बालकृष्ण, वासुदेव
- कारण: प्लेग महामारी के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा किसानों पर अत्याचार
- परिणाम: बालकृष्ण और दामोदर को 1899 में फाँसी, वासुदेव को 1898 में कारावास
- महत्व: यह भारत में क्रांतिकारी आंदोलन का प्रारंभिक बिंदु था
💥 सावरकर और अभिनव भारत (1904)
- संगठन: अभिनव भारत (मूल नाम: मित्र मेला) — 1904
- नेता: विनायक दामोदर सावरकर
- उद्देश्य: सशस्त्र क्रांति के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्त करना
- गतिविधियाँ: युवाओं को संगठित करना, शस्त्रों का संग्रह, बम बनाना
- परिणाम: सावरकर को 1910 में गिरफ्तार किया गया और 1911 में अंडमान भेजा गया
💥 नासिक षड्यंत्र (1909)
- घटना: 21 दिसंबर 1909 — नासिक के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट जैक्सन की हत्या
- क्रांतिकारी: अनंत लक्ष्मण कान्हेरे
- कारण: सावरकर के खिलाफ कार्रवाई का विरोध
- परिणाम: कान्हेरे को 1910 में फाँसी दी गई
📌 बंगाल — क्रांतिकारी गतिविधियाँ
💥 अनुशीलन समिति (1902)
- स्थापना: 1902 — कलकत्ता
- संस्थापक: प्रमोथ मित्तर और बारिन घोष
- गतिविधियाँ:
- युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रशिक्षित करना
- ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ सशस्त्र हमले
- बम बनाने की तकनीक विकसित करना
- प्रभाव: बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन का केंद्र
💥 युगांतर (1906)
- स्थापना: 1906 — बंगाल
- नेता: जतिंद्रनाथ मुखर्जी (बाघा जतिन)
- गतिविधियाँ:
- अनुशीलन समिति से अलग होकर अधिक कट्टरपंथी गतिविधियाँ
- विदेशी शस्त्रों की तस्करी
- ब्रिटिश अधिकारियों पर हमले
- जुगंतर पत्रिका: युगांतर नामक पत्रिका प्रकाशित की
💥 खुदीराम बोस — मुजफ्फरपुर बम कांड (1908)
- घटना: 30 अप्रैल 1908 — मुजफ्फरपुर (बिहार)
- लक्ष्य: विंडीक्टिव जज किंग्सफोर्ड
- क्रांतिकारी: खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी [citation:1][citation:5]
- घटना: बम फेंका गया — परंतु किंग्सफोर्ड नहीं, बल्कि दो ब्रिटिश महिलाओं की मृत्यु हो गई
- प्रफुल्ल चाकी: गिरफ्तारी से बचने के लिए आत्महत्या की
- खुदीराम बोस: 11 अगस्त 1908 — 19 वर्ष की आयु में फाँसी [citation:1][citation:8]
- महत्व: खुदीराम बोस भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के सबसे युवा शहीद हैं
💥 अलीपुर बम कांड (1908-1910)
- घटना: 1908 — अलीपुर (कलकत्ता) में बम बनाने का मामला
- मुख्य अभियुक्त: बारिन घोष, अरबिंदो घोष
- परिणाम:
- बारिन घोष को आजीवन कारावास
- अरबिंदो घोष को बरी किया गया (बाद में पांडिचेरी चले गए)
- कई क्रांतिकारियों को अंडमान भेजा गया
- महत्व: इस मामले ने बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन को गहराई से प्रभावित किया
💥 बैरकपुर षड्यंत्र (1912)
- घटना: 1912 — बैरकपुर छावनी में विद्रोह की योजना
- नेता: रासबिहारी बोस
- योजना: सिपाहियों को विद्रोह के लिए प्रेरित करना
- विफलता: योजना विफल हो गई, रासबिहारी बोस भाग गए
💥 लॉर्ड हार्डिंग पर बम (1912)
- घटना: 23 दिसंबर 1912 — दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम
- क्रांतिकारी: रासबिहारी बोस [citation:1][citation:8]
- घटना: वायसराय की सवारी पर बम फेंका — लेकिन वे बच गए
- परिणाम: पूरे देश में खोजबीन हुई — रासबिहारी बोस जापान भाग गए
- महत्व: दिल्ली में पहली बार क्रांतिकारी हमला
📌 RAS QUICK REVISION — प्रथम चरण (भारत)
- Chapekar brothers: 1897 — Pune — Rand killed
- Abhinav Bharat: 1904 — Savarkar
- Anushilan Samiti: 1902 — Bengal
- Yugantar: 1906 — Bagha Jatin
- Khudiram Bose: 1908 — Muzaffarpur — youngest martyr
- Alipore Bomb Case: 1908-10 — Barin Ghosh, Aurobindo
- Madan Lal Dhingra: 1909 — London — Curzon Wyllie
- Lord Hardinge bomb: 1912 — Rashbehari Bose
- Nasik conspiracy: 1909 — Jackson killed
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — प्रथम चरण
- Chapekar brothers: 22 June 1897 — Pune
- Khudiram Bose: 30 April 1908 — Muzaffarpur
- Madan Lal Dhingra: 1 July 1909 — London
- Rashbehari Bose: 23 Dec 1912 — Delhi
- Savarkar: Abhinav Bharat — 1904
💥 Chapekar Brothers (1897)
- 22 June 1897 — Pune — Plague Commissioner Rand killed
- Damodar, Balkrishna, Vasudev Chapekar
- First revolutionary activity in India
- Balkrishna and Damodar hanged in 1899
💥 Khudiram Bose — Muzaffarpur Bomb Case (1908)
- 30 April 1908 — Muzaffarpur (Bihar)
- Target: Judge Kingsford
- Khudiram Bose and Prafulla Chaki
- Khudiram hanged at age 19 — youngest martyr
📌 RAS QUICK REVISION — First Phase (India)
- Chapekar: 1897 — Pune
- Khudiram Bose: 1908 — Muzaffarpur
- Alipore Bomb Case: 1908-10
- Rashbehari Bose: 1912 — Delhi
अध्याय 40
प्रथम चरण (1897-1915) — विदेशों में क्रांतिकारी गतिविधियाँ First Phase (1897-1915) — Revolutionary Activities Abroad
"भारतीय क्रांतिकारियों ने विदेशों में भी ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष किया। 1905 में श्यामजी कृष्ण वर्मा ने लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना की। 1909 में मदन लाल धींगरा ने लंदन में कर्जन वायली की हत्या की। 1913 में अमेरिका में 'गदर पार्टी' की स्थापना हुई।"
"Indian revolutionaries also fought against the British Empire abroad. In 1905, Shyamji Krishna Varma established 'India House' in London. In 1909, Madan Lal Dhingra assassinated Curzon Wyllie in London. In 1913, the 'Ghadar Party' was established in America."
📌 इंडिया हाउस (लंदन) — 1905
🌍 इंडिया हाउस — स्थापना
- स्थापना: 1905 — लंदन
- संस्थापक: श्यामजी कृष्ण वर्मा [citation:1][citation:15]
- उद्देश्य: विदेशों में भारतीय छात्रों को क्रांतिकारी विचारों से प्रभावित करना
- प्रकाशन: 'इंडियन सोशियोलॉजिस्ट' पत्रिका
- प्रभाव: कई क्रांतिकारियों को प्रेरित किया — वी.डी. सावरकर, मदन लाल धींगरा
💥 मदन लाल धींगरा — कर्जन वायली की हत्या (1909)
- घटना: 1 जुलाई 1909 — लंदन [citation:1][citation:8]
- लक्ष्य: कर्जन वायली (ब्रिटिश एमपी)
- क्रांतिकारी: मदन लाल धींगरा [citation:1]
- कारण: वायली पर भारत में ब्रिटिश नीतियों को लागू करने का आरोप
- परिणाम: 17 अगस्त 1909 — धींगरा को फाँसी
- अंतिम शब्द: "मैं अपनी माँ और मातृभूमि की सेवा में मर रहा हूँ"
🌍 सावरकर — अंडमान निर्वासन (1911)
- गिरफ्तारी: 1910 — लंदन
- सजा: 1911 — अंडमान के सेल्युलर जेल में आजीवन कारावास
- पुस्तक: "द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस" (1857 पर)
- महत्व: सावरकर ने जेल में भी राष्ट्रवादी विचारों को जीवित रखा
📌 RAS QUICK REVISION — प्रथम चरण (विदेश)
- Shyamji Krishna Varma: 1905 — India House, London
- Madan Lal Dhingra: 1 July 1909 — Curzon Wyllie killed
- Savarkar: 1911 — Andaman cellular jail
- Indian Sociologist: Journal published from London
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — विदेश
- India House: 1905 — Shyamji Krishna Varma
- Madan Lal Dhingra: 1 July 1909 — London
- Savarkar: 1911 — Cellular Jail, Andaman
🌍 India House (London) — 1905
- Founded: 1905 — London
- Founder: Shyamji Krishna Varma
- Published 'Indian Sociologist'
- Inspired many revolutionaries — Savarkar, Dhingra
💥 Madan Lal Dhingra — Curzon Wyllie Assassination (1909)
- 1 July 1909 — London
- Killed Curzon Wyllie (British MP)
- Hanged on 17 August 1909
📌 RAS QUICK REVISION — First Phase (Abroad)
- India House: 1905 — London
- Madan Lal Dhingra: 1 July 1909
- Savarkar: 1911 — Andaman
अध्याय 41
गदर पार्टी (1913-1915) — विदेशों से सशस्त्र क्रांति की योजना Ghadar Party (1913-1915) — Armed Revolution Plan from Abroad
"1913 में सैन फ्रांसिस्को में 'गदर पार्टी' की स्थापना हुई। इसका उद्देश्य प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना में विद्रोह करवाना था। 1915 में 21 फरवरी को विद्रोह की योजना बनाई गई — परंतु अंग्रेजों को सूचना मिल गई और योजना विफल हो गई।"
"In 1913, the 'Ghadar Party' was established in San Francisco. Its aim was to incite rebellion in the British army during World War I. A revolt was planned for 21 February 1915 — but the British got information and the plan failed."
📌 गदर पार्टी — स्थापना और उद्देश्य
🏛️ गदर पार्टी (1 नवंबर 1913)
- स्थापना: 1 नवंबर 1913 — सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) [citation:1][citation:15]
- संस्थापक: लाला हरदयाल, सोहन सिंह भकना, तारकनाथ दास [citation:12][citation:15]
- सदस्य: मुख्यतः पंजाबी सिख, जो अमेरिका और कनाडा में बसे थे
- उद्देश्य:
- प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के दौरान ब्रिटिश सेना में विद्रोह
- जर्मनी और तुर्की से मदद लेना
- भारत में सशस्त्र क्रांति लाना
- प्रकाशन: 'गदर' (पत्रिका) — 5 भाषाओं में
- नारा: "क्रांति ही जीवन है, शांति मृत्यु है"
💥 कामागाटा मारू घटना (1914)
- घटना: 29 सितंबर 1914 — कलकत्ता [citation:1][citation:6]
- जहाज: कामागाटा मारू — 376 भारतीय यात्रियों को लेकर कनाडा से वापस
- घटनाक्रम:
- कनाडा ने यात्रियों को उतरने की अनुमति नहीं दी
- जहाज कलकत्ता लौटा — 29 सितंबर 1914
- पुलिस ने यात्रियों पर गोली चलाई — 19 लोग मारे गए
- प्रभाव: इस घटना ने गदर पार्टी को और अधिक क्रांतिकारी बना दिया
⚠️ 1915 की विद्रोह योजना
- तिथि: 21 फरवरी 1915 [citation:15]
- योजना:
- लगभग 8000 गदराइट भारत पहुँचे [citation:15]
- पंजाब की छावनियों में विद्रोह करवाना
- जर्मनी से शस्त्रों की आपूर्ति
- विफलता के कारण:
- जर्मन शस्त्र नहीं पहुँचे
- अंग्रेजों को योजना का पता चल गया
- नेताओं की गिरफ्तारी
- परिणाम:
- कई गदराइटों को फाँसी दी गई
- कई को आजीवन कारावास
- रासबिहारी बोस जापान भाग गए
- बाघा जतिन का बालासोर में युद्ध में निधन
📌 RAS QUICK REVISION — गदर पार्टी
- 1 Nov 1913 — San Francisco — Ghadar Party
- Founders: Lala Hardayal, Sohan Singh Bhakna
- Kamagata Maru: 29 Sep 1914 — Calcutta
- 21 Feb 1915 — Revolt plan failed
- Rashbehari Bose escaped to Japan
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — गदर
- Ghadar Party: 1 Nov 1913 — San Francisco
- Lala Hardayal: Founder
- Kamagata Maru: 29 Sep 1914
- 21 Feb 1915: Revolt plan failed
🏛️ Ghadar Party (1 Nov 1913)
- Founded: 1 November 1913 — San Francisco [citation:1]
- Founders: Lala Hardayal, Sohan Singh Bhakna [citation:15]
- Published 'Ghadar' newspaper in 5 languages
- Aim: Armed revolution in India during WWI
💥 Kamagata Maru Incident (1914)
- 29 September 1914 — Calcutta [citation:1]
- 376 passengers — denied entry in Canada
- Police fired — 19 killed
⚠️ 21 February 1915 — Revolt Plan Failed
- 8000 Ghadarites reached India [citation:15]
- German arms didn't arrive
- British discovered the plan
- Rashbehari Bose escaped to Japan
📌 RAS QUICK REVISION — Ghadar
- 1 Nov 1913 — San Francisco
- Lala Hardayal — Founder
- Kamagata Maru: 29 Sep 1914
- 21 Feb 1915 — Plan failed
अध्याय 42
द्वितीय चरण (1915-1928) — HRA से HSRA तक Second Phase (1915-1928) — From HRA to HSRA
"1915 से 1928 तक क्रांतिकारी आंदोलन में एक शांत अवधि रही। गांधी के असहयोग आंदोलन ने जनता का ध्यान खींचा। 1924 में कानपुर में अखिल भारतीय क्रांतिकारी सम्मेलन हुआ। 1925 का काकोरी कांड और 1928 में HSRA की स्थापना — द्वितीय चरण की महत्वपूर्ण घटनाएँ थीं।"
"From 1915 to 1928, the revolutionary movement saw a quiet period. Gandhi's Non-Cooperation Movement attracted public attention. In 1924, an All-India revolutionary conference was held in Kanpur. The Kakori Conspiracy (1925) and the establishment of HSRA in 1928 — these were important events of the second phase."
📌 काकोरी कांड — 9 अगस्त 1925
💥 काकोरी षड्यंत्र
- घटना: 9 अगस्त 1925 — काकोरी (उत्तर प्रदेश) [citation:1][citation:5]
- क्रांतिकारी: रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्लाह खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, चंद्रशेखर आज़ाद
- घटना: ट्रेन से सरकारी खजाना लूटा गया
- उद्देश्य: क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए धन जुटाना
- परिणाम:
- रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्लाह खान, राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह को फाँसी [citation:5]
- चंद्रशेखर आज़ाद भाग गए
- कई अन्य को आजीवन कारावास
💥 कानपुर क्रांतिकारी सम्मेलन (1924)
- घटना: अक्टूबर 1924 — कानपुर [citation:1]
- उद्देश्य: अखिल भारतीय क्रांतिकारियों का एकत्रीकरण
- परिणाम: क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित करने का प्रयास
📌 HSRA की स्थापना (1928)
🏛️ हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA)
- स्थापना: सितंबर 1928 — दिल्ली
- संस्थापक: चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु
- पूर्व संगठन: हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) — 1924 में स्थापित
- नाम में बदलाव: HRA से HSRA — "सोशलिस्ट" शब्द जोड़ा गया [citation:1]
- उद्देश्य:
- अहिंसक तरीकों को अस्वीकार करना
- प्रत्यक्ष कार्रवाई (Direct Action) का समर्थन
- समाजवादी विचारधारा का प्रसार [citation:1]
- सदस्य: युवा क्रांतिकारी — UP, पंजाब, बिहार, बंगाल
📌 RAS QUICK REVISION — द्वितीय चरण
- Kanpur Conference: Oct 1924
- Kakori Conspiracy: 9 Aug 1925
- Leaders: Bismil, Ashfaqullah, Azad
- HRA: 1924 — HSRA: 1928
- HSRA added 'Socialist' — rejected non-violence
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — द्वितीय चरण
- Kakori: 9 Aug 1925 — UP
- Bismil, Ashfaqullah — hanged
- HSRA: Sep 1928 — Chandrashekhar Azad
- Rejected non-violence
💥 Kakori Conspiracy (9 Aug 1925)
- Kakori (UP) — train robbery for funds [citation:1]
- Leaders: Ramprasad Bismil, Ashfaqullah Khan, Azad
- Bismil, Ashfaqullah, Lahiri, Roshan Singh hanged
🏛️ HSRA (September 1928)
- HRA → HSRA — added 'Socialist' [citation:1]
- Founders: Chandrashekhar Azad, Bhagat Singh
- Rejected non-violence — Direct Action
- Socialist ideology
📌 RAS QUICK REVISION — Second Phase
- Kakori: 9 Aug 1925
- HSRA: Sep 1928
- Bismil, Ashfaqullah — hanged
अध्याय 43
भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और HSRA — बलिदान की गाथा Bhagat Singh, Chandrashekhar Azad and HSRA — The Saga of Sacrifice
"1928-1931 भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन का स्वर्णिम काल था। साइमन कमीशन के विरोध में लाला लाजपत राय की मृत्यु, सॉन्डर्स की हत्या, केंद्रीय विधान सभा में बम, लाहौर षड्यंत्र, और 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की फाँसी — यह सब इसी अवधि में हुआ।"
"1928-1931 was the golden period of the Indian revolutionary movement. Lala Lajpat Rai's death in the Simon Commission protest, Saunders' assassination, the Central Assembly bomb, the Lahore Conspiracy, and the hanging of Bhagat Singh, Sukhdev and Rajguru on 23 March 1931 — all happened during this period."
📌 साइमन कमीशन और लाला लाजपत राय
💥 साइमन कमीशन का विरोध (1928)
- घटना: फरवरी 1928 — साइमन कमीशन भारत पहुँचा
- नारा: "साइमन गो बैक"
- लाहौर विरोध: 30 अक्टूबर 1928 — लाला लाजपत राय ने विरोध मार्च का नेतृत्व किया
- लाठी चार्ज: लाला लाजपत राय पर लाठी चार्ज हुआ
- मृत्यु: 17 नवंबर 1928 — लाजपत राय की मृत्यु [citation:15]
- अंतिम शब्द: "मेरे सिर पर लगी चोट अंग्रेजी साम्राज्य के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी"
💥 सॉन्डर्स की हत्या (17 दिसंबर 1928)
- घटना: 17 दिसंबर 1928 — लाहौर [citation:1][citation:5]
- लक्ष्य: जे.पी. सॉन्डर्स (पुलिस अधीक्षक) — लाजपत राय पर लाठी चार्ज करने वाला अधिकारी
- क्रांतिकारी: भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव
- घटना: सॉन्डर्स को गोली मार दी गई
- परिणाम: भगत सिंह और उनके साथियों पर मुकदमा चला
💥 केंद्रीय विधान सभा में बम (8 अप्रैल 1929)
- घटना: 8 अप्रैल 1929 — दिल्ली [citation:1][citation:8]
- क्रांतिकारी: भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त [citation:8]
- उद्देश्य: सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक और ट्रेड डिस्प्यूट विधेयक के विरोध में [citation:8]
- घटना: सभा में बम फेंका गया — कोई हताहत नहीं
- नारा: "इंकलाब जिंदाबाद"
- परिणाम: गिरफ्तारी और मुकदमा
💥 लाहौर षड्यंत्र केस (1929-1931)
- मुकदमा: भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और अन्य पर
- आरोप: सॉन्डर्स की हत्या
- विचार: 1930-31 — भगत सिंह ने अदालत में राष्ट्रवादी भाषण दिया
- फैसला: 23 मार्च 1931 — तीनों को फाँसी [citation:1][citation:8]
⚠️ 23 मार्च 1931 — शहीदी दिवस
- स्थान: लाहौर जेल
- शहीद: भगत सिंह (23 वर्ष), सुखदेव (23 वर्ष), राजगुरु (22 वर्ष)
- अंतिम शब्द: "इंकलाब जिंदाबाद"
- प्रभाव: पूरे देश में शोक की लहर
- गांधी की प्रतिक्रिया: "हमारा सिर भगत सिंह की बलिदानी के आगे झुकता है" [citation:1]
👤 चंद्रशेखर आज़ाद (1906-1931)
- जन्म: 1906 — भाबरा (मध्य प्रदेश)
- HSRA के कमांडर-इन-चीफ: क्रांतिकारी संगठन के नेता
- प्रतिज्ञा: कभी गिरफ्तार नहीं होना
- मृत्यु: 27 फरवरी 1931 — इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में
- घटना: पुलिस ने घेर लिया — आज़ाद ने अंतिम गोली खुद को मारी
- अंतिम शब्द: "मैं आज़ाद पैदा हुआ हूँ और आज़ाद मरूँगा"
📌 RAS QUICK REVISION — भगत सिंह
- Lala Lajpat Rai: 17 Nov 1928 — died after lathi charge
- Saunders killed: 17 Dec 1928 — Bhagat Singh
- Central Assembly bomb: 8 Apr 1929 — Singh & Dutt
- Bhagat Singh, Sukhdev, Rajguru: 23 Mar 1931 — hanged
- Chandrashekhar Azad: 27 Feb 1931 — shot himself
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — भगत सिंह
- Lala Lajpat Rai: 17 Nov 1928
- Saunders: 17 Dec 1928 — Bhagat Singh
- Assembly bomb: 8 Apr 1929
- Hanged: 23 Mar 1931
- Azad: 27 Feb 1931 — Alfred Park
💥 Lala Lajpat Rai — 17 Nov 1928
- Died after lathi charge during Simon Commission protest
- Last words: "This blow will be the last nail in the coffin of the British Empire"
💥 Saunders Assassination — 17 Dec 1928
- Bhagat Singh, Rajguru, Sukhdev — killed Saunders
- In revenge for Lala Lajpat Rai's death
⚠️ 23 March 1931 — Martyrdom Day
- Bhagat Singh (23 years), Sukhdev (23), Rajguru (22) — hanged
- Last words: "Inquilab Zindabad"
- Chandrashekhar Azad: 27 Feb 1931 — shot himself
📌 RAS QUICK REVISION — Bhagat Singh
- Saunders: 17 Dec 1928
- Assembly bomb: 8 Apr 1929
- Hanged: 23 Mar 1931
- Azad: 27 Feb 1931
अध्याय 44
तृतीय चरण (1928-1947) — चित्तगाँग से उधम सिंह तक Third Phase (1928-1947) — From Chittagong to Udham Singh
"1928-1947 के बीच क्रांतिकारी गतिविधियाँ पूरे भारत में फैल गईं। सूर्य सेन का चित्तगाँग आर्मरी रेड (1930), बिना दास का बंगाल गवर्नर पर हमला (1932), बेनोय-बादल-दिनेश का राइटर्स बिल्डिंग पर हमला (1930), और 1940 में उधम सिंह का लंदन में माइकल ओ'डायर की हत्या — यह तृतीय चरण की महत्वपूर्ण घटनाएँ थीं।"
"Between 1928-1947, revolutionary activities spread across India. Surya Sen's Chittagong Armoury Raid (1930), Bina Das's attack on Bengal Governor (1932), Benoy-Badal-Dinesh's attack on Writers' Building (1930), and Udham Singh's assassination of Michael O'Dwyer in London (1940) — these were important events of the third phase."
📌 बंगाल — क्रांतिकारी गतिविधियाँ
💥 चित्तगाँग आर्मरी रेड (18 अप्रैल 1930)
- घटना: 18 अप्रैल 1930 — चित्तगाँग (बंगाल) [citation:1][citation:8]
- नेता: सूर्य सेन (मास्टर दा) [citation:8]
- उद्देश्य: शस्त्रागार पर कब्ज़ा, संचार प्रणाली नष्ट करना
- सदस्य: प्रीतिलता वद्देदार, अनंत सिंह, गणेश घोष
- परिणाम:
- अंग्रेजों ने विद्रोह को कुचल दिया
- सूर्य सेन को 1933 में गिरफ्तार किया गया
- 1934 में उन्हें फाँसी दी गई [citation:8]
- प्रीतिलता वद्देदार ने 1932 में यूरोपीय क्लब पर हमला किया
💥 बेनोय-बादल-दिनेश — राइटर्स बिल्डिंग (8 दिसंबर 1930)
- घटना: 8 दिसंबर 1930 — कलकत्ता [citation:8]
- क्रांतिकारी: बेनोय बसु, बादल गुप्ता, दिनेश गुप्ता
- लक्ष्य: राइटर्स बिल्डिंग (सचिवालय) पर हमला
- घटना: कर्नल एन.एस. सिम्पसन (जेल महानिरीक्षक) की हत्या [citation:8]
- परिणाम:
- बादल गुप्ता ने आत्महत्या की
- बेनोय बसु और दिनेश गुप्ता को फाँसी दी गई
💥 बिना दास — बंगाल गवर्नर पर हमला (1932)
- घटना: 1932 — कलकत्ता विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह
- क्रांतिकारी: बिना दास [citation:8]
- लक्ष्य: बंगाल गवर्नर स्टेनली जैक्सन
- घटना: गवर्नर पर गोलियाँ चलाईं — बच गए
- परिणाम: बिना दास को 9 वर्ष कारावास
📌 पंजाब — क्रांतिकारी गतिविधियाँ
💥 उधम सिंह — माइकल ओ'डायर की हत्या (13 मार्च 1940)
- घटना: 13 मार्च 1940 — लंदन [citation:1][citation:5][citation:8]
- क्रांतिकारी: उधम सिंह
- लक्ष्य: माइकल ओ'डायर (जलियाँवाला बाग नरसंहार के लिए जिम्मेदार)
- घटना: कैक्सटन हॉल में ओ'डायर को गोली मार दी [citation:8]
- कारण: 1919 के जलियाँवाला बाग नरसंहार का बदला
- परिणाम: 31 जुलाई 1940 — उधम सिंह को फाँसी
- महत्व: 21 वर्ष बाद बदला — भारतीय क्रांतिकारी इतिहास की सबसे चर्चित घटना
📌 RAS QUICK REVISION — तृतीय चरण
- Chittagong Armoury Raid: 18 Apr 1930 — Surya Sen
- Writers' Building: 8 Dec 1930 — Benoy-Badal-Dinesh
- Bina Das: 1932 — Bengal Governor attack
- Udham Singh: 13 Mar 1940 — London — O'Dwyer killed
- Udham Singh hanged: 31 July 1940
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — तृतीय चरण
- Surya Sen: 18 Apr 1930 — Chittagong
- Benoy-Badal-Dinesh: 8 Dec 1930
- Bina Das: 1932 — Governor attack
- Udham Singh: 13 Mar 1940 — London
💥 Chittagong Armoury Raid (18 Apr 1930)
- Leader: Surya Sen (Master Da) [citation:8]
- Aim: Capture armoury, destroy communication
- Surya Sen hanged in 1934
💥 Writers' Building Attack (8 Dec 1930)
- Benoy-Badal-Dinesh — killed Col. Simpson [citation:8]
- Badal Gupta committed suicide
- Benoy and Dinesh hanged
💥 Udham Singh — Michael O'Dwyer Assassination (13 Mar 1940)
- London — killed Michael O'Dwyer [citation:1][citation:8]
- Revenge for Jallianwala Bagh massacre (1919)
- Hanged on 31 July 1940
📌 RAS QUICK REVISION — Third Phase
- Chittagong: 18 Apr 1930 — Surya Sen
- Writers' Building: 8 Dec 1930
- Udham Singh: 13 Mar 1940 — London
अध्याय 45
आज़ाद हिन्द फौज (INA) — सुभाष चंद्र बोस का सशस्त्र संघर्ष Azad Hind Fauj (INA) — Subhas Chandra Bose's Armed Struggle
"1941 में सुभाष चंद्र बोस भारत से भागकर जर्मनी पहुँचे। 1942 में उन्होंने सिंगापुर में 'आज़ाद हिन्द फौज' (INA) का पुनर्गठन किया। 'दिल्ली चलो' का नारा देते हुए उन्होंने ब्रिटिश सेना के खिलाफ सशस्त्र युद्ध छेड़ा। 1947 में INA के परीक्षणों ने भारतीय स्वतंत्रता की अंतिम प्रक्रिया को तेज कर दिया।"
"In 1941, Subhas Chandra Bose escaped from India to Germany. In 1942, he reorganized the 'Azad Hind Fauj' (INA) in Singapore. Raising the slogan 'Delhi Chalo', he waged armed struggle against the British army. The INA trials in 1947 accelerated the final process of Indian independence."
📌 सुभाष चंद्र बोस — जीवन और संघर्ष
👤 सुभाष चंद्र बोस (1897-1945)
- जन्म: 23 जनवरी 1897 — कटक (उड़ीसा)
- शिक्षा: केंब्रिज विश्वविद्यालय (भारतीय सिविल सेवा — त्याग दी)
- INC अध्यक्ष: 1938 (हरिपुरा) और 1939 (त्रिपुरी)
- उपनाम: 'नेताजी'
- विचारधारा: पूर्ण स्वतंत्रता, सशस्त्र संघर्ष
💥 भारत से पलायन (1941)
- 1941 में घर में नजरबंद रहते हुए भागे
- अफगानिस्तान → रूस → जर्मनी
- जर्मनी में 'आज़ाद हिन्द रेडियो' की स्थापना
⚠️ INA का पुनर्गठन (1942)
- स्थान: सिंगापुर
- पूर्व संगठन: रासबिहारी बोस और मोहन सिंह द्वारा 1942 में INA की स्थापना
- सुभाष बोस: 1942 में INA का कमांडर-इन-चीफ बने
- आज़ाद हिन्द सरकार: 1943 — सिंगापुर में अनंतिम सरकार
- नारा: "दिल्ली चलो", "जय हिंद"
💥 INA का अभियान (1944-45)
- इम्फाल अभियान: 1944 — जापानी सेना के साथ मिलकर
- कोहिमा: अंग्रेजों ने INA को रोक दिया
- विफलता: मानसून, खाद्य आपूर्ति, जापानी विफलता
- बोस की मृत्यु: 18 अगस्त 1945 — ताइवान में विमान दुर्घटना (विवादित)
⚠️ INA परीक्षण (1945-46)
- रेड फोर्ट में मुकदमा: 1945-46
- अभियुक्त: कर्नल प्रेम कुमार सहगल, कर्नल शाह नवाज़ खान, कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लों
- जनता की प्रतिक्रिया: पूरे देश में विरोध प्रदर्शन
- परिणाम: भारतीय स्वतंत्रता की अंतिम प्रक्रिया तेज हुई
📌 RAS QUICK REVISION — INA
- Subhas Bose: Born 23 Jan 1897 — Cuttack
- INA reorganized: 1942 — Singapore
- Jhansi Ki Rani Regiment: 1943 — Lakshmi Sahgal
- Imphal campaign: 1944
- Bose died: 18 Aug 1945 — Taiwan (disputed)
- INA trials: 1945-46 — Red Fort
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — INA
- Subhas Bose: INC President 1938-39
- INA: 1942 — Singapore
- Jhansi Ki Rani Regiment: 1943
- INA trials: 1945-46 — Red Fort
👤 Subhas Chandra Bose (1897-1945)
- Born: 23 Jan 1897 — Cuttack
- INC President: 1938 (Haripura), 1939 (Tripuri)
- Known as 'Netaji'
⚠️ INA Reorganization (1942)
- Singapore — Subhas Bose became Commander-in-Chief
- Azad Hind Government: 1943 — Singapore
- Slogan: "Delhi Chalo", "Jai Hind"
📌 RAS QUICK REVISION — INA
- INA: 1942 — Singapore
- Jhansi Ki Rani Regiment: 1943
- INA trials: 1945-46
अध्याय 46
क्रांतिकारी आंदोलन — RAS मास्टर रिवीजन Revolutionary Movement — RAS Master Revision
"यह अध्याय 1900-1947 के संपूर्ण क्रांतिकारी आंदोलन की समग्र रिवीजन है। सभी महत्वपूर्ण घटनाएँ, संगठन, नेता, तिथियाँ, स्थान और परिणाम एक साथ — RAS Prelims के लिए सबसे महत्वपूर्ण।"
"This chapter is a complete revision of the entire revolutionary movement from 1900-1947. All important events, organizations, leaders, dates, places and results together — most important for RAS Prelims."
📌 प्रमुख क्रांतिकारी घटनाएँ — कालानुक्रम
| तिथि | घटना | स्थान | नेता/क्रांतिकारी | परिणाम |
|---|---|---|---|---|
| 22 जून 1897 | रैंड की हत्या | पुणे | चापेकर बंधु | बालकृष्ण, दामोदर को फाँसी |
| 1902 | अनुशीलन समिति | बंगाल | प्रमोथ मित्तर | बंगाल में क्रांतिकारी केंद्र |
| 1904 | अभिनव भारत | महाराष्ट्र | वी.डी. सावरकर | सावरकर गिरफ्तार |
| 1905 | इंडिया हाउस | लंदन | श्यामजी कृष्ण वर्मा | विदेश में क्रांतिकारी केंद्र |
| 30 अप्रैल 1908 | मुजफ्फरपुर बम | बिहार | खुदीराम बोस, प्रफुल्ल चाकी | खुदीराम को फाँसी |
| 1908-10 | अलीपुर बम कांड | कलकत्ता | बारिन घोष, अरबिंदो | बारिन को आजीवन |
| 1 जुलाई 1909 | कर्जन वायली हत्या | लंदन | मदन लाल धींगरा | धींगरा को फाँसी |
| 21 दिसंबर 1909 | जैक्सन हत्या | नासिक | अनंत कान्हेरे | कान्हेरे को फाँसी |
| 1911 | सावरकर निर्वासन | अंडमान | वी.डी. सावरकर | सेल्युलर जेल |
| 23 दिसंबर 1912 | हार्डिंग पर बम | दिल्ली | रासबिहारी बोस | रासबिहारी जापान भागे |
| 1 नवंबर 1913 | गदर पार्टी | सैन फ्रांसिस्को | लाला हरदयाल | विदेश में क्रांतिकारी संगठन |
| 29 सितंबर 1914 | कामागाटा मारू | कलकत्ता | — | 19 यात्री मारे गए |
| 21 फरवरी 1915 | गदर विद्रोह योजना | भारत | गदराइट | योजना विफल |
| 9 अगस्त 1925 | काकोरी कांड | UP | बिस्मिल, अशफाकुल्लाह | बिस्मिल, अशफाकुल्लाह को फाँसी |
| सितंबर 1928 | HSRA | दिल्ली | आज़ाद, भगत सिंह | क्रांतिकारी संगठन |
| 17 दिसंबर 1928 | सॉन्डर्स हत्या | लाहौर | भगत सिंह, राजगुरु | मुकदमा शुरू |
| 8 अप्रैल 1929 | असेम्बली बम | दिल्ली | भगत सिंह, बटुकेश्वर | गिरफ्तारी |
| 18 अप्रैल 1930 | चित्तगाँग रेड | बंगाल | सूर्य सेन | सेन को 1934 में फाँसी |
| 8 दिसंबर 1930 | राइटर्स बिल्डिंग | कलकत्ता | बेनोय-बादल-दिनेश | बेनोय, दिनेश को फाँसी |
| 27 फरवरी 1931 | आज़ाद की मृत्यु | इलाहाबाद | चंद्रशेखर आज़ाद | आत्महत्या |
| 23 मार्च 1931 | भगत सिंह फाँसी | लाहौर | भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु | तीनों को फाँसी |
| 1932 | बिना दास | कलकत्ता | बिना दास | 9 वर्ष कारावास |
| 13 मार्च 1940 | ओ'डायर हत्या | लंदन | उधम सिंह | उधम सिंह को फाँसी |
| 1942 | INA पुनर्गठन | सिंगापुर | सुभाष बोस | आज़ाद हिन्द फौज |
| 1945-46 | INA परीक्षण | रेड फोर्ट | सहगल, शाह नवाज़ | जनता में आक्रोश |
📌 RAS QUICK REVISION — 30 महत्वपूर्ण तथ्य
- Chapekar: 22 June 1897 — Pune
- Khudiram Bose: 30 Apr 1908 — Muzaffarpur
- Madan Lal Dhingra: 1 July 1909 — London
- Rashbehari Bose: 23 Dec 1912 — Delhi
- Ghadar Party: 1 Nov 1913 — San Francisco
- Kamagata Maru: 29 Sep 1914 — Calcutta
- Kakori: 9 Aug 1925 — UP
- HSRA: Sep 1928 — Delhi
- Saunders: 17 Dec 1928 — Lahore
- Assembly bomb: 8 Apr 1929 — Delhi
- Chittagong: 18 Apr 1930 — Surya Sen
- Writers' Building: 8 Dec 1930 — Calcutta
- Azad: 27 Feb 1931 — Allahabad
- Bhagat Singh: 23 Mar 1931 — hanged
- Udham Singh: 13 Mar 1940 — London
- INA: 1942 — Singapore — Subhas Bose
🎯 RAS PRELIMS — TOP 20 FACTS
- Chapekar: 1897 — First revolutionary act
- Khudiram Bose: Youngest martyr (19 years)
- Ghadar Party: 1913 — San Francisco
- Kakori: 1925 — Bismil, Ashfaqullah
- HSRA: 1928 — Azad, Bhagat Singh
- Bhagat Singh: 23 March 1931 — hanged
- Azad: 27 February 1931 — Alfred Park
- Chittagong: 1930 — Surya Sen
- Udham Singh: 1940 — London
- INA: 1942 — Subhas Bose
| Date | Event | Place | Leader |
|---|---|---|---|
| 22 Jun 1897 | Rand assassination | Pune | Chapekar brothers |
| 30 Apr 1908 | Muzaffarpur bomb | Bihar | Khudiram Bose |
| 1 Jul 1909 | Curzon Wyllie killing | London | Madan Lal Dhingra |
| 23 Dec 1912 | Lord Hardinge bomb | Delhi | Rashbehari Bose |
| 1 Nov 1913 | Ghadar Party | San Francisco | Lala Hardayal |
| 9 Aug 1925 | Kakori Conspiracy | UP | Bismil, Ashfaqullah |
| 17 Dec 1928 | Saunders killing | Lahore | Bhagat Singh |
| 8 Apr 1929 | Assembly Bomb | Delhi | Bhagat Singh, Dutt |
| 18 Apr 1930 | Chittagong Raid | Bengal | Surya Sen |
| 23 Mar 1931 | Bhagat Singh hanged | Lahore | Bhagat Singh, Sukhdev, Rajguru |
| 13 Mar 1940 | O'Dwyer killing | London | Udham Singh |
| 1942 | INA reorganization | Singapore | Subhas Chandra Bose |
📌 RAS QUICK REVISION — Top 20 Facts
- Chapekar: 1897 — Pune
- Khudiram: 1908 — Muzaffarpur
- Dhingra: 1909 — London
- Ghadar: 1913 — San Francisco
- Kakori: 1925 — UP
- HSRA: 1928 — Delhi
- Bhagat Singh: 23 Mar 1931
- Chittagong: 1930 — Surya Sen
- Udham Singh: 1940 — London
- INA: 1942 — Subhas Bose