गवर्नर-जनरल और वायसराय
Governor-Generals & Viceroys of India
1757 से 1947 — कंपनी शासन से स्वतंत्रता तक
भारत में ब्रिटिश शासन — संरचना और विकास British Rule in India — Structure and Evolution
📌 भारत में ब्रिटिश शासन — तीन चरण
📜 तीन चरणों का विवरण
- चरण 1 — बंगाल के गवर्नर (1757-1774): प्लासी (1757) के बाद कंपनी ने बंगाल, बिहार, उड़ीसा पर नियंत्रण किया। गवर्नर कलकत्ता से शासन करते थे।
- चरण 2 — गवर्नर-जनरल (1774-1858): रेगुलेटिंग अधिनियम 1773 ने बंगाल के गवर्नर को 'गवर्नर-जनरल' बनाया। 1858 तक यह पद जारी रहा।
- चरण 3 — वायसराय (1858-1947): 1857 के विद्रोह के बाद, 1858 के अधिनियम ने गवर्नर-जनरल को 'वायसराय' में बदल दिया। वायसराय ब्रिटिश सम्राट का प्रतिनिधि था।
⚠️ गवर्नर-जनरल vs वायसराय
- गवर्नर-जनरल (1774-1858): ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधि। उसे कंपनी के निदेशकों द्वारा नियुक्त किया जाता था।
- वायसराय (1858-1947): ब्रिटिश क्राउन का प्रतिनिधि। उसे ब्रिटिश सम्राट द्वारा नियुक्त किया जाता था।
- समान व्यक्ति: लॉर्ड कैनिंग अंतिम गवर्नर-जनरल और प्रथम वायसराय थे।
📌 RAS QUICK REVISION — शासन संरचना
- Governor of Bengal: 1757-1774
- Governor-General: 1774-1858
- Viceroy: 1858-1947
- Lord Canning: Last Governor-General & First Viceroy
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — शासन चरण
- Bengal Governor: 1757-1774
- Governor-General: 1774-1858
- Viceroy: 1858-1947
- Canning: Last GG + First Viceroy
📜 Three Phases
- Phase 1: Governor of Bengal (1757-1774)
- Phase 2: Governor-General (1774-1858)
- Phase 3: Viceroy (1858-1947)
📌 RAS QUICK REVISION
- Governor of Bengal: 1757-1774
- Governor-General: 1774-1858
- Viceroy: 1858-1947
- Canning: Last GG & First Viceroy
बंगाल के गवर्नर (1757-1774) — कंपनी शासन का प्रारंभ Governors of Bengal (1757-1774) — Beginning of Company Rule
📌 बंगाल के गवर्नर — विस्तृत सूची
| गवर्नर | कार्यकाल | प्रमुख घटनाएँ/कार्य |
|---|---|---|
| रॉबर्ट क्लाइव (पहली बार) | 1757-1760 | प्लासी की जीत (1757); मीर जाफर को नवाब बनाया; कंपनी को बंगाल में व्यापारिक अधिकार दिलाए |
| हेनरी वैनसिटार्ट | 1760-1765 | मीर कासिम को नवाब बनाया; मीर कासिम के साथ विवाद |
| रॉबर्ट क्लाइव (दूसरी बार) | 1765-1767 | बक्सर का युद्ध (1764) के बाद; दीवानी (1765) — बंगाल, बिहार, उड़ीसा की राजस्व प्राप्ति; क्लाइव की 'दोहरी व्यवस्था' (Dual System) |
| हैरी वेरलस्ट | 1767-1769 | दोहरी व्यवस्था जारी रखी; बंगाल में अकाल की शुरुआत |
| चार्ल्स कार्टियर | 1769-1772 | 1770 का भीषण अकाल — लगभग 1 करोड़ लोग मारे गए; कंपनी ने कोई राहत नहीं दी |
| वारेन हेस्टिंग्स | 1772-1774 | दोहरी व्यवस्था समाप्त; बंगाल का राजस्व पुनर्गठन; पटना में कोठियाँ बंद; 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम — प्रथम गवर्नर-जनरल बने |
⚠️ रॉबर्ट क्लाइव — 'भारत का विजेता'
- 1757 — प्लासी की जीत
- 1764 — बक्सर की जीत
- 1765 — दीवानी (राजस्व अधिकार) प्राप्त
- दोहरी व्यवस्था (Dual System): 1765-1772 — कंपनी को राजस्व अधिकार, नवाब को प्रशासन — यह व्यवस्था भ्रष्ट और अव्यवस्थित थी
- क्लाइव ने ब्रिटिश संसद में कहा — "मैं स्वयं आश्चर्यचकित हूँ कि मैंने इतना कुछ कैसे किया"
📌 RAS QUICK REVISION — बंगाल गवर्नर
- Clive: 1757-60, 1765-67 — Plassey, Buxar, Diwani
- Vansittart: 1760-65 — Mir Qasim
- Verelst: 1767-69 — Dual System
- Cartier: 1769-72 — 1770 Famine
- Hastings: 1772-74 — Regulating Act 1773
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — बंगाल गवर्नर
- Clive: 1757-60, 1765-67 — Plassey, Buxar
- Dual System: 1765 — Clive
- 1770 Famine: Cartier
- Hastings: 1772-74 — Regulating Act 1773
| Governor | Tenure | Key Events |
|---|---|---|
| Robert Clive (1st) | 1757-1760 | Plassey (1757) |
| Henry Vansittart | 1760-1765 | Mir Qasim |
| Robert Clive (2nd) | 1765-1767 | Buxar (1764), Diwani (1765), Dual System |
| Harry Verelst | 1767-1769 | Dual System continued |
| Charles Cartier | 1769-1772 | 1770 Famine |
| Warren Hastings | 1772-1774 | Regulating Act 1773 |
📌 RAS QUICK REVISION — Bengal Governors
- Clive: Plassey (1757), Buxar (1764), Diwani (1765)
- Dual System: 1765 — Clive
- 1770 Famine: Cartier
- Hastings: Regulating Act 1773
गवर्नर-जनरल (1774-1858) — विस्तार, सुधार और संघर्ष Governor-Generals (1774-1858) — Expansion, Reform and Conflict
📌 गवर्नर-जनरल — विस्तृत सूची (1774-1858)
1. वारेन हेस्टिंग्स (Warren Hastings)
कार्यकाल: 1774-1785
- प्रमुख कार्य: 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम लागू किया; दोहरी व्यवस्था समाप्त; बंगाल का राजस्व पुनर्गठन
- घटनाएँ: रोहिल्ला युद्ध (1774), प्रथम मराठा युद्ध (1775-82), चैत सिंह प्रकरण (1778), नंदकुमार मामला (1775)
- महत्व: प्रथम गवर्नर-जनरल; कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट (1774) की स्थापना
- विशेष: 1788 में ब्रिटिश संसद में महाभियोग (Impeachment) — 7 वर्ष का मुकदमा — अंततः बरी
2. लॉर्ड कॉर्नवालिस (Lord Cornwallis)
कार्यकाल: 1786-1793
- प्रमुख कार्य: स्थायी बंदोबस्त (1793) — बंगाल, बिहार, उड़ीसा में; न्यायिक सुधार
- घटनाएँ: तृतीय मैसूर युद्ध (1790-92) — टीपू सुल्तान पर विजय
- महत्व: सिविल सेवा का 'कॉर्नवालिस कोड' — भारतीयों को उच्च पदों से बाहर
3. सर जॉन शोर (Sir John Shore)
कार्यकाल: 1793-1798
- प्रमुख कार्य: तटस्थता की नीति; मराठों और हैदराबाद के बीच हस्तक्षेप से बचा
- घटनाएँ: 1795 में मराठों और निज़ाम के बीच युद्ध; अंग्रेजों ने तटस्थता बनाए रखी
- महत्व: कम विस्तारवादी, शांतिप्रिय गवर्नर-जनरल
4. लॉर्ड वेलेस्ली (Lord Wellesley)
कार्यकाल: 1798-1805
- प्रमुख कार्य: सहायक संधि (Subsidiary Alliance) — 1798; हैदराबाद पहली रियासत
- घटनाएँ: चतुर्थ मैसूर युद्ध (1799) — टीपू की मृत्यु; द्वितीय मराठा युद्ध (1803-05); बेसीन की संधि (1802)
- महत्व: फ्रांसीसी प्रभाव समाप्त; अंग्रेजी साम्राज्य का विस्तार
5. लॉर्ड मिंटो प्रथम (Lord Minto I)
कार्यकाल: 1807-1813
- प्रमुख कार्य: 1813 का चार्टर अधिनियम — कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त (चीन के साथ छोड़कर)
- घटनाएँ: सिखों के साथ संधि (1809) — सतलुज नदी सीमा
- महत्व: शिक्षा में सुधार — ₹1 लाख वार्षिक शिक्षा के लिए
6. लॉर्ड हेस्टिंग्स (Lord Hastings)
कार्यकाल: 1813-1823
- प्रमुख कार्य: तृतीय मराठा युद्ध (1817-18) — पेशवा का पतन; मराठा साम्राज्य का अंत
- घटनाएँ: गोरखा युद्ध (1814-16) — नेपाल के साथ सुगौली संधि (1815); सिंध पर नियंत्रण
- महत्व: ब्रिटिश साम्राज्य का पूर्ण विस्तार
7. लॉर्ड एमहर्स्ट (Lord Amherst)
कार्यकाल: 1823-1828
- प्रमुख कार्य: प्रथम बर्मा युद्ध (1824-26) — यांडाबो संधि (1826)
- घटनाएँ: बर्मा से असम, मणिपुर, अराकान प्राप्त
- महत्व: बर्मा से व्यापार मार्ग खोले
8. लॉर्ड बेंटिक (Lord William Bentinck)
कार्यकाल: 1828-1835
- प्रमुख कार्य: सती प्रथा निषेध (1829); विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856 — बाद में)
- घटनाएँ: थग्गी (ठग) उन्मूलन (1830) — कर्नल स्लीमैन; अंग्रेजी शिक्षा — मैकाले का मिनट (1835)
- महत्व: सबसे सुधारवादी गवर्नर-जनरल; 'भारतीय सुधारों का जनक'
9. लॉर्ड मेटकाफ (Lord Metcalfe)
कार्यकाल: 1835-1836
- प्रमुख कार्य: प्रेस की स्वतंत्रता (1835) — प्रेस अधिनियम 1835
- महत्व: अल्पकालिक कार्यकाल (8 महीने)
10. लॉर्ड ऑकलैंड (Lord Auckland)
कार्यकाल: 1836-1842
- प्रमुख कार्य: प्रथम अफगान युद्ध (1838-42) — ब्रिटिश पराजय
- घटनाएँ: अफगानिस्तान में अंग्रेजी सेना का विनाश (1842) — 16,000 मारे गए
- महत्व: अफगानिस्तान में ब्रिटिश विफलता
11. लॉर्ड एलेनबरो (Lord Ellenborough)
कार्यकाल: 1842-1844
- प्रमुख कार्य: सिंध का विलय (1843) — चार्ल्स नेपियर; 'पीसफुल कॉन्क्वेस्ट'
- घटनाएँ: अफगानिस्तान से सेना वापस
- महत्व: सिंध में अंग्रेजी शासन
12. लॉर्ड हार्डिंग I (Lord Hardinge I)
कार्यकाल: 1844-1848
- प्रमुख कार्य: प्रथम सिख युद्ध (1845-46) — लाहौर संधि (1846)
- घटनाएँ: सिखों की पराजय; कश्मीर का विलय (1846) — गुलाब सिंह को बेचा
- महत्व: सिख साम्राज्य का अंत
13. लॉर्ड डलहौज़ी (Lord Dalhousie)
कार्यकाल: 1848-1856
- प्रमुख कार्य: व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) — 1852
- घटनाएँ: द्वितीय सिख युद्ध (1848-49) — पंजाब का विलय; द्वितीय बर्मा युद्ध (1852);
- विलय: सतारा (1848), झाँसी (1853), नागपुर (1854), अवध (1856)
- महत्व: रेलवे, तार, डाक का विकास; आधुनिक भारत की नींव
- 1857 का विद्रोह: डलहौज़ी की नीतियाँ 1857 विद्रोह का प्रमुख कारण
14. लॉर्ड कैनिंग (Lord Canning)
कार्यकाल: 1856-1858 (GG), 1858-1862 (Viceroy)
- प्रमुख कार्य: 1857 के विद्रोह का दमन; 1858 का गवर्नमेंट ऑफ इंडिया अधिनियम
- घटनाएँ: 1857 विद्रोह; ईस्ट इंडिया कंपनी का अंत; वायसराय की स्थापना
- महत्व: अंतिम गवर्नर-जनरल और प्रथम वायसराय
- उपनाम: 'क्लेमेंसी कैनिंग' (विद्रोह के बाद उदार नीति)
📌 RAS QUICK REVISION — गवर्नर-जनरल
- Warren Hastings: 1774-85 — 1st GG
- Cornwallis: 1786-93 — Permanent Settlement (1793)
- Wellesley: 1798-1805 — Subsidiary Alliance
- Hastings: 1813-23 — 3rd Maratha War
- Bentinck: 1828-35 — Sati abolition (1829)
- Dalhousie: 1848-56 — Doctrine of Lapse
- Canning: 1856-62 — Last GG, First Viceroy
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — गवर्नर-जनरल
- Warren Hastings: 1st GG — 1774
- Cornwallis: Permanent Settlement — 1793
- Wellesley: Subsidiary Alliance — 1798
- Bentinck: Sati Abolition — 1829
- Dalhousie: Doctrine of Lapse — 1852
- Canning: Last GG — 1858
| Governor-General | Tenure | Key Events |
|---|---|---|
| Warren Hastings | 1774-1785 | 1st GG, Regulating Act 1773 |
| Lord Cornwallis | 1786-1793 | Permanent Settlement (1793) |
| Sir John Shore | 1793-1798 | Neutral policy |
| Lord Wellesley | 1798-1805 | Subsidiary Alliance (1798) |
| Lord Minto I | 1807-1813 | Charter Act 1813 |
| Lord Hastings | 1813-1823 | 3rd Maratha War (1817-18) |
| Lord Amherst | 1823-1828 | 1st Burma War (1824-26) |
| Lord Bentinck | 1828-1835 | Sati abolished (1829) |
| Lord Metcalfe | 1835-1836 | Press freedom (1835) |
| Lord Auckland | 1836-1842 | 1st Afghan War (1838-42) |
| Lord Ellenborough | 1842-1844 | Sindh annexed (1843) |
| Lord Hardinge I | 1844-1848 | 1st Sikh War (1845-46) |
| Lord Dalhousie | 1848-1856 | Doctrine of Lapse (1852) |
| Lord Canning | 1856-1862 | Last GG, First Viceroy |
📌 RAS QUICK REVISION — Governor-Generals
- Hastings: 1774 — 1st GG
- Cornwallis: 1793 — Permanent Settlement
- Wellesley: 1798 — Subsidiary Alliance
- Bentinck: 1829 — Sati abolished
- Dalhousie: 1852 — Doctrine of Lapse
- Canning: 1858 — Last GG
वायसराय (1858-1947) — क्राउन शासन से स्वतंत्रता तक Viceroys (1858-1947) — From Crown Rule to Independence
📌 वायसराय — विस्तृत सूची (1858-1947)
1. लॉर्ड कैनिंग (Lord Canning)
कार्यकाल: 1858-1862
- प्रमुख कार्य: 1858 का गवर्नमेंट ऑफ इंडिया अधिनियम; रानी विक्टोरिया की घोषणा (1858)
- घटनाएँ: 1857 के विद्रोह के बाद पुनर्निर्माण
- विशेष: 'क्लेमेंसी कैनिंग' — उदार नीति
2. लॉर्ड एल्गिन I (Lord Elgin I)
कार्यकाल: 1862-1863
- प्रमुख कार्य: अल्पकालिक कार्यकाल
- घटनाएँ: उदयपुर की रियासत का विलय
3. लॉर्ड लॉरेंस (Lord Lawrence)
कार्यकाल: 1864-1869
- प्रमुख कार्य: अफगानिस्तान के साथ शांति; पंजाब में सुधार
- घटनाएँ: 1865 का अकाल; असम में चाय बागानों का विस्तार
4. लॉर्ड मेयो (Lord Mayo)
कार्यकाल: 1869-1872
- प्रमुख कार्य: राजकोषीय संघवाद; आर्थिक सुधार
- घटनाएँ: 1872 में अंडमान में एक कैदी द्वारा हत्या
- महत्व: भारत में पहले वायसराय की हत्या
5. लॉर्ड नॉर्थब्रुक (Lord Northbrook)
कार्यकाल: 1872-1876
- प्रमुख कार्य: अकाल राहत नीति
- घटनाएँ: बिहार में अकाल (1873-74)
6. लॉर्ड लिटन (Lord Lytton)
कार्यकाल: 1876-1880
- प्रमुख कार्य: वर्नाक्यूलर प्रेस अधिनियम (1878) — दमनकारी
- घटनाएँ: दिल्ली दरबार (1877) — रानी को 'कैसर-ए-हिंद' घोषित; द्वितीय अफगान युद्ध (1878-80)
- विशेष: कठोर प्रेस नीति; अकाल के दौरान कर
7. लॉर्ड रिपन (Lord Ripon)
कार्यकाल: 1880-1884
- प्रमुख कार्य: स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) — 1882
- घटनाएँ: इल्बर्ट विधेयक (1883) — भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीयन पर मुकदमा चलाने का अधिकार
- विशेष: सबसे उदार वायसराय; 'रिपन द गुड'
- महत्व: पहली बार औद्योगिक शिक्षा पर बल
8. लॉर्ड डफरिन (Lord Dufferin)
कार्यकाल: 1884-1888
- प्रमुख कार्य: तीसरा बर्मा युद्ध (1885-86) — बर्मा का विलय
- घटनाएँ: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) — डफरिन ने कोई विरोध नहीं किया
- महत्व: INC की स्थापना के समय वायसराय
9. लॉर्ड लैंसडाउन (Lord Lansdowne)
कार्यकाल: 1888-1894
- प्रमुख कार्य: फ्रंटियर नीति; अफगानिस्तान के साथ संबंध
- घटनाएँ: 1890 का अकाल
10. लॉर्ड एल्गिन II (Lord Elgin II)
कार्यकाल: 1894-1899
- प्रमुख कार्य: 1896-97 का भीषण अकाल
- घटनाएँ: प्लेग महामारी (1896) — पुणे में दमनकारी उपाय
- चापेकर बंधु: 1897 में प्लेग कमिश्नर रैंड की हत्या
11. लॉर्ड कर्जन (Lord Curzon)
कार्यकाल: 1899-1905
- प्रमुख कार्य: बंगाल विभाजन (1905) — 16 अक्टूबर 1905
- घटनाएँ: पंजाब में कृषि सुधार; पुरातत्व सर्वेक्षण; कुतुबमीनार, ताजमहल का संरक्षण
- विशेष: सबसे विवादास्पद वायसराय
- महत्व: बंगाल विभाजन ने स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया
12. लॉर्ड मिण्टो II (Lord Minto II)
कार्यकाल: 1905-1910
- प्रमुख कार्य: मॉर्ले-मिण्टो सुधार (1909) — पृथक निर्वाचन
- घटनाएँ: स्वदेशी आंदोलन (1905-08); मुस्लिम लीग की स्थापना (1906); सूरत विभाजन (1907)
- विशेष: 'भारत में सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक'
13. लॉर्ड हार्डिंग II (Lord Hardinge II)
कार्यकाल: 1910-1916
- प्रमुख कार्य: बंगाल विभाजन रद्द (1911); राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित (1911)
- घटनाएँ: 1912 में हार्डिंग पर बम (रासबिहारी बोस)
- महत्व: दिल्ली दरबार (1911) — किंग जॉर्ज V
14. लॉर्ड चेम्सफोर्ड (Lord Chelmsford)
कार्यकाल: 1916-1921
- प्रमुख कार्य: 1919 का अधिनियम (मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार)
- घटनाएँ: रॉलेट एक्ट (1919); जलियाँवाला बाग नरसंहार (13 अप्रैल 1919); असहयोग आंदोलन (1920-22)
- महत्व: जलियाँवाला बाग के बाद भारतीयों का अविश्वास
15. लॉर्ड रीडिंग (Lord Reading)
कार्यकाल: 1921-1926
- प्रमुख कार्य: 1921-22 का असहयोग आंदोलन
- घटनाएँ: चौरी-चौरा घटना (1922) — गांधी द्वारा आंदोलन वापस
- महत्व: गांधी की गिरफ्तारी (1922)
16. लॉर्ड इरविन (Lord Irwin)
कार्यकाल: 1926-1931
- प्रमुख कार्य: गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931)
- घटनाएँ: साइमन कमीशन (1928); लाला लाजपत राय की मृत्यु (1928); सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930); दांडी मार्च (1930); पूर्ण स्वराज (1929)
- महत्व: पहली बार वायसराय ने कांग्रेस के साथ समझौता किया
17. लॉर्ड विलिंगडन (Lord Willingdon)
कार्यकाल: 1931-1936
- प्रमुख कार्य: 1935 का अधिनियम
- घटनाएँ: दूसरा गोलमेज सम्मेलन (1931); सांप्रदायिक पंचाट (1932); पूना पैक्ट (1932); भगत सिंह की फाँसी (1931)
- विशेष: कठोर नीति — कांग्रेस का दमन
18. लॉर्ड लिनलिथगो (Lord Linlithgow)
कार्यकाल: 1936-1943
- प्रमुख कार्य: द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45); अगस्त प्रस्ताव (1940); क्रिप्स मिशन (1942)
- घटनाएँ: 1937 के चुनाव — कांग्रेस ने 8 प्रांतों में सरकार बनाई; 1942 — भारत छोड़ो आंदोलन
- विशेष: सबसे लंबा कार्यकाल (7 वर्ष)
19. लॉर्ड वैवेल (Lord Wavell)
कार्यकाल: 1943-1947
- प्रमुख कार्य: वैवेल योजना (1945); शिमला सम्मेलन (1945); कैबिनेट मिशन (1946)
- घटनाएँ: INA परीक्षण (1945-46); प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस (1946); अंतरिम सरकार (1946)
- महत्व: स्वतंत्रता की दिशा में कदम
20. लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten)
कार्यकाल: 1947 (मार्च-अगस्त)
- प्रमुख कार्य: माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) — भारत का विभाजन
- घटनाएँ: 15 अगस्त 1947 — भारत स्वतंत्र; 14 अगस्त 1947 — पाकिस्तान का निर्माण
- विशेष: अंतिम वायसराय और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल
📌 RAS QUICK REVISION — वायसराय
- Canning: 1858 — First Viceroy
- Mayo: 1872 — Assassinated
- Lytton: 1878 — Vernacular Press Act
- Ripon: 1882 — Local Self-Government
- Curzon: 1905 — Bengal Partition
- Minto: 1909 — Morley-Minto Reforms
- Hardinge: 1911 — Bengal Partition revoked
- Chelmsford: 1919 — Rowlatt Act, Jallianwala
- Irwin: 1931 — Gandhi-Irwin Pact
- Linlithgow: 1942 — Quit India
- Mountbatten: 1947 — Partition & Independence
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — वायसराय
- Canning: 1858 — First Viceroy
- Lytton: 1876-80 — Vernacular Press Act
- Ripon: 1880-84 — Local Self-Government
- Curzon: 1899-1905 — Bengal Partition
- Minto: 1905-10 — Morley-Minto Reforms
- Irwin: 1926-31 — Gandhi-Irwin Pact
- Mountbatten: 1947 — Partition
| Viceroy | Tenure | Key Events |
|---|---|---|
| Lord Canning | 1858-1862 | First Viceroy |
| Lord Lytton | 1876-1880 | Vernacular Press Act (1878) |
| Lord Ripon | 1880-1884 | Local Self-Government (1882) |
| Lord Curzon | 1899-1905 | Bengal Partition (1905) |
| Lord Minto II | 1905-1910 | Morley-Minto Reforms (1909) |
| Lord Hardinge II | 1910-1916 | Bengal Partition revoked (1911) |
| Lord Chelmsford | 1916-1921 | Jallianwala Bagh (1919) |
| Lord Irwin | 1926-1931 | Gandhi-Irwin Pact (1931) |
| Lord Linlithgow | 1936-1943 | Quit India (1942) |
| Lord Wavell | 1943-1947 | Cabinet Mission (1946) |
| Lord Mountbatten | 1947 | Partition & Independence |
📌 RAS QUICK REVISION — Viceroys
- Canning: 1858 — First Viceroy
- Lytton: 1878 — Vernacular Press Act
- Ripon: 1882 — Local Self-Government
- Curzon: 1905 — Bengal Partition
- Irwin: 1931 — Gandhi-Irwin Pact
- Mountbatten: 1947 — Partition
सुधारवादी (Soft) गवर्नर-जनरल और वायसराय Reformist (Soft) Governor-Generals and Viceroys
📌 SOFT — सुधारवादी शासक
🟢 लॉर्ड विलियम बेंटिक (Lord William Bentinck)
कार्यकाल: 1828-1835
- सुधार: सती प्रथा निषेध (1829); थग्गी उन्मूलन; अंग्रेजी शिक्षा — मैकाले का मिनट (1835)
- विशेषता: सबसे बड़ा समाज सुधारक
- उपनाम: 'भारतीय सुधारों का जनक'
🟢 लॉर्ड रिपन (Lord Ripon)
कार्यकाल: 1880-1884
- सुधार: स्थानीय स्वशासन (1882); इल्बर्ट विधेयक (1883)
- विशेषता: सबसे उदार वायसराय
- उपनाम: 'रिपन द गुड'
🟢 लॉर्ड हार्डिंग II (Lord Hardinge II)
कार्यकाल: 1910-1916
- सुधार: बंगाल विभाजन रद्द (1911); राजधानी दिल्ली स्थानांतरित (1911)
- विशेषता: बंगाल विभाजन को समाप्त किया
🟢 लॉर्ड मिंटो I (Lord Minto I)
कार्यकाल: 1807-1813
- सुधार: 1813 का चार्टर अधिनियम — शिक्षा के लिए ₹1 लाख
- विशेषता: शिक्षा में सुधार
🟢 लॉर्ड मेटकाफ (Lord Metcalfe)
कार्यकाल: 1835-1836
- सुधार: प्रेस स्वतंत्रता (1835)
- विशेषता: प्रेस की स्वतंत्रता बहाल
🟢 लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten)
कार्यकाल: 1947
- सुधार: भारत को स्वतंत्रता दी (15 अगस्त 1947)
- विशेषता: अंतिम वायसराय, स्वतंत्रता का वाहक
📌 RAS QUICK REVISION — SOFT शासक
- Bentinck: 1829 — Sati abolished
- Metcalfe: 1835 — Press freedom
- Ripon: 1882 — Local Self-Government
- Hardinge II: 1911 — Bengal Partition revoked
- Mountbatten: 1947 — Independence
🟢 Lord William Bentinck
Tenure: 1828-1835
- Sati abolished (1829)
- English education — Macaulay's Minute (1835)
- Thuggee abolished
🟢 Lord Ripon
Tenure: 1880-1884
- Local Self-Government (1882)
- Ilbert Bill (1883)
- 'Ripon the Good'
🟢 Lord Hardinge II
Tenure: 1910-1916
- Bengal Partition revoked (1911)
- Capital shifted to Delhi (1911)
📌 RAS QUICK REVISION — SOFT
- Bentinck: Sati abolished (1829)
- Ripon: Local Self-Government (1882)
- Hardinge II: Bengal Partition revoked (1911)
दमनकारी (Hard) गवर्नर-जनरल और वायसराय Repressive (Hard) Governor-Generals and Viceroys
📌 HARD — दमनकारी शासक
🔴 लॉर्ड वेलेस्ली (Lord Wellesley)
कार्यकाल: 1798-1805
- नीति: सहायक संधि (1798) — रियासतों का संरक्षण
- कार्य: टीपू का अंत (1799); मराठों पर विजय
- विशेषता: सबसे विस्तारवादी
- प्रभाव: फ्रांसीसी प्रभाव समाप्त
🔴 लॉर्ड डलहौज़ी (Lord Dalhousie)
कार्यकाल: 1848-1856
- नीति: व्यपगत का सिद्धांत (1852)
- विलय: सतारा (1848), झाँसी (1853), नागपुर (1854), अवध (1856)
- विशेषता: सबसे विवादास्पद
- प्रभाव: 1857 विद्रोह का प्रमुख कारण
🔴 लॉर्ड लिटन (Lord Lytton)
कार्यकाल: 1876-1880
- नीति: वर्नाक्यूलर प्रेस अधिनियम (1878)
- कार्य: दिल्ली दरबार (1877); द्वितीय अफगान युद्ध
- विशेषता: कठोर प्रेस नीति
- प्रभाव: भारतीय प्रेस का दमन
🔴 लॉर्ड कर्जन (Lord Curzon)
कार्यकाल: 1899-1905
- नीति: बंगाल विभाजन (1905)
- कार्य: पुरातत्व सर्वेक्षण; कृषि सुधार
- विशेषता: सबसे विवादास्पद वायसराय
- प्रभाव: स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया
🔴 लॉर्ड लिनलिथगो (Lord Linlithgow)
कार्यकाल: 1936-1943
- नीति: युद्ध में भारत को शामिल करना (1939)
- कार्य: अगस्त प्रस्ताव (1940); क्रिप्स मिशन (1942)
- विशेषता: सबसे लंबा कार्यकाल (7 वर्ष)
- प्रभाव: 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन
🔴 लॉर्ड विलिंगडन (Lord Willingdon)
कार्यकाल: 1931-1936
- नीति: कांग्रेस का दमन; सविनय अवज्ञा का विरोध
- कार्य: 1935 का अधिनियम
- विशेषता: कठोर नीति
🔴 लॉर्ड ऑकलैंड (Lord Auckland)
कार्यकाल: 1836-1842
- नीति: प्रथम अफगान युद्ध (1838-42)
- विशेषता: अफगानिस्तान में ब्रिटिश विफलता
- प्रभाव: 16,000 ब्रिटिश सैनिक मारे गए
📌 RAS QUICK REVISION — HARD शासक
- Wellesley: Subsidiary Alliance (1798)
- Dalhousie: Doctrine of Lapse (1852)
- Lytton: Vernacular Press Act (1878)
- Curzon: Bengal Partition (1905)
- Linlithgow: Quit India (1942)
- Willingdon: Congress suppression
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — HARD शासक
- Wellesley: 1798 — Subsidiary Alliance
- Dalhousie: 1852 — Doctrine of Lapse
- Lytton: 1878 — Vernacular Press Act
- Curzon: 1905 — Bengal Partition
- Linlithgow: 1942 — Quit India
🔴 Lord Wellesley
Tenure: 1798-1805
- Subsidiary Alliance (1798)
- Tipu's death (1799)
- Ended French influence
🔴 Lord Dalhousie
Tenure: 1848-1856
- Doctrine of Lapse (1852)
- Jhansi (1853), Awadh (1856) annexed
- Major cause of 1857 Revolt
🔴 Lord Lytton
Tenure: 1876-1880
- Vernacular Press Act (1878)
- Delhi Durbar (1877)
- 2nd Afghan War
🔴 Lord Curzon
Tenure: 1899-1905
- Bengal Partition (1905)
- Most controversial Viceroy
- Started Swadeshi Movement
📌 RAS QUICK REVISION — HARD
- Wellesley: Subsidiary Alliance (1798)
- Dalhousie: Doctrine of Lapse (1852)
- Lytton: Vernacular Press Act (1878)
- Curzon: Bengal Partition (1905)
गवर्नर-जनरल और वायसराय — RAS मास्टर रिवीजन Governor-Generals & Viceroys — RAS Master Revision
📌 गवर्नर-जनरल — मास्टर तालिका (1774-1858)
| गवर्नर-जनरल | कार्यकाल | प्रमुख घटना |
|---|---|---|
| Warren Hastings | 1774-1785 | 1st GG, Regulating Act 1773 |
| Lord Cornwallis | 1786-1793 | Permanent Settlement 1793 |
| Sir John Shore | 1793-1798 | Neutral policy |
| Lord Wellesley | 1798-1805 | Subsidiary Alliance 1798 |
| Lord Minto I | 1807-1813 | Charter Act 1813 |
| Lord Hastings | 1813-1823 | 3rd Maratha War 1817-18 |
| Lord Amherst | 1823-1828 | 1st Burma War 1824-26 |
| Lord Bentinck | 1828-1835 | Sati abolished 1829 |
| Lord Metcalfe | 1835-1836 | Press freedom 1835 |
| Lord Auckland | 1836-1842 | 1st Afghan War 1838-42 |
| Lord Ellenborough | 1842-1844 | Sindh annexed 1843 |
| Lord Hardinge I | 1844-1848 | 1st Sikh War 1845-46 |
| Lord Dalhousie | 1848-1856 | Doctrine of Lapse 1852 |
| Lord Canning | 1856-1862 | Last GG, First Viceroy |
📌 वायसराय — मास्टर तालिका (1858-1947)
| वायसराय | कार्यकाल | प्रमुख घटना |
|---|---|---|
| Lord Canning | 1858-1862 | First Viceroy |
| Lord Elgin I | 1862-1863 | Short tenure |
| Lord Lawrence | 1864-1869 | Afghan peace |
| Lord Mayo | 1869-1872 | Assassinated 1872 |
| Lord Northbrook | 1872-1876 | Famine relief |
| Lord Lytton | 1876-1880 | Vernacular Press Act 1878 |
| Lord Ripon | 1880-1884 | Local Self-Government 1882 |
| Lord Dufferin | 1884-1888 | INC founded 1885 |
| Lord Lansdowne | 1888-1894 | Frontier policy |
| Lord Elgin II | 1894-1899 | Famine 1896-97 |
| Lord Curzon | 1899-1905 | Bengal Partition 1905 |
| Lord Minto II | 1905-1910 | Morley-Minto 1909 |
| Lord Hardinge II | 1910-1916 | Bengal Partition revoked 1911 |
| Lord Chelmsford | 1916-1921 | Jallianwala 1919 |
| Lord Reading | 1921-1926 | Gandhi arrested 1922 |
| Lord Irwin | 1926-1931 | Gandhi-Irwin Pact 1931 |
| Lord Willingdon | 1931-1936 | 1935 Act |
| Lord Linlithgow | 1936-1943 | Quit India 1942 |
| Lord Wavell | 1943-1947 | Cabinet Mission 1946 |
| Lord Mountbatten | 1947 | Partition & Independence |
📌 RAS PRELIMS — TOP 40 FACTS
🎯 RAS PRELIMS FOCUS — 40 अति महत्वपूर्ण तथ्य
- 1757: प्लासी — Clive (Bengal Governor)
- 1764: बक्सर — Clive
- 1765: दीवानी — Clive
- 1774: प्रथम GG — Warren Hastings
- 1773: रेगुलेटिंग अधिनियम
- 1793: स्थायी बंदोबस्त — Cornwallis
- 1798: सहायक संधि — Wellesley
- 1799: टीपू का अंत — Wellesley
- 1802: बेसीन की संधि — Wellesley
- 1813: चार्टर अधिनियम — Minto I
- 1817-18: तृतीय मराठा युद्ध — Hastings
- 1815: सुगौली संधि — Hastings
- 1824-26: प्रथम बर्मा युद्ध — Amherst
- 1829: सती प्रथा निषेध — Bentinck
- 1835: मैकाले का मिनट — Bentinck
- 1835: प्रेस स्वतंत्रता — Metcalfe
- 1838-42: प्रथम अफगान युद्ध — Auckland
- 1843: सिंध का विलय — Ellenborough
- 1845-46: प्रथम सिख युद्ध — Hardinge I
- 1848-49: द्वितीय सिख युद्ध — Dalhousie
- 1852: व्यपगत का सिद्धांत — Dalhousie
- 1853: झाँसी का विलय — Dalhousie
- 1856: अवध का विलय — Dalhousie
- 1857: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम — Canning
- 1858: अंतिम GG + प्रथम वायसराय — Canning
- 1872: मेयो की हत्या — Andaman
- 1877: दिल्ली दरबार — Lytton
- 1878: वर्नाक्यूलर प्रेस अधिनियम — Lytton
- 1882: स्थानीय स्वशासन — Ripon
- 1885: INC की स्थापना — Dufferin
- 1892: भारतीय परिषद अधिनियम — Lansdowne
- 1896: प्लेग महामारी — Elgin II
- 1899: कर्जन का कार्यकाल शुरू
- 1905: बंगाल विभाजन — Curzon
- 1906: मुस्लिम लीग — Minto II
- 1909: मॉर्ले-मिण्टो सुधार — Minto II
- 1911: बंगाल विभाजन रद्द — Hardinge II
- 1911: राजधानी दिल्ली स्थानांतरित — Hardinge II
- 1919: रॉलेट एक्ट — Chelmsford
- 1919: जलियाँवाला बाग — Chelmsford
- 1922: गांधी की गिरफ्तारी — Reading
- 1928: साइमन कमीशन — Irwin
- 1930: दांडी मार्च — Irwin
- 1931: गांधी-इरविन समझौता — Irwin
- 1931: भगत सिंह फाँसी — Willingdon
- 1932: पूना पैक्ट — Willingdon
- 1935: भारत शासन अधिनियम — Willingdon
- 1939: द्वितीय विश्व युद्ध — Linlithgow
- 1942: भारत छोड़ो आंदोलन — Linlithgow
- 1946: कैबिनेट मिशन — Wavell
- 1947: विभाजन और स्वतंत्रता — Mountbatten
📌 RAS QUICK REVISION — सारांश
- 1st GG: Warren Hastings (1774)
- 1st Viceroy: Lord Canning (1858)
- Last GG: Lord Canning (1858)
- Last Viceroy: Lord Mountbatten (1947)
- Soft (Reformist): Bentinck, Ripon, Minto I, Hardinge II
- Hard (Repressive): Wellesley, Dalhousie, Lytton, Curzon, Linlithgow
- Longest tenure: Lord Linlithgow (7 years)
- Shortest tenure: Lord Elgin I (1 year)
| Governor-General/Viceroy | Tenure | Key Event |
|---|---|---|
| Warren Hastings | 1774-1785 | 1st GG |
| Lord Cornwallis | 1786-1793 | Permanent Settlement |
| Lord Wellesley | 1798-1805 | Subsidiary Alliance |
| Lord Bentinck | 1828-1835 | Sati abolished |
| Lord Dalhousie | 1848-1856 | Doctrine of Lapse |
| Lord Canning | 1856-1862 | First Viceroy |
| Lord Lytton | 1876-1880 | Vernacular Press Act |
| Lord Ripon | 1880-1884 | Local Self-Government |
| Lord Curzon | 1899-1905 | Bengal Partition |
| Lord Irwin | 1926-1931 | Gandhi-Irwin Pact |
| Lord Mountbatten | 1947 | Partition |
📌 RAS QUICK REVISION — Summary
- 1st GG: Warren Hastings (1774)
- 1st Viceroy: Lord Canning (1858)
- Last Viceroy: Lord Mountbatten (1947)
- Soft: Bentinck, Ripon, Hardinge II
- Hard: Wellesley, Dalhousie, Lytton, Curzon