RAS A2Z — Modern India
🇮🇳 RAS / UPSC — Complete Reference

गवर्नर-जनरल और वायसराय
Governor-Generals & Viceroys of India

1757 से 1947 — कंपनी शासन से स्वतंत्रता तक

📅 1757 – 1947 👑 35+ शासक 📜 50+ प्रमुख घटनाएँ 🎯 RAS Prelims + Mains
RAS A2Z
अध्याय 67

भारत में ब्रिटिश शासन — संरचना और विकास British Rule in India — Structure and Evolution

"भारत में ब्रिटिश शासन तीन चरणों में विकसित हुआ — बंगाल के गवर्नर (1757-1774), गवर्नर-जनरल (1774-1858), और वायसराय (1858-1947)। प्रत्येक चरण में शासकों ने भारत के इतिहास को आकार दिया — कुछ सुधारक बने, कुछ दमनकारी, और कुछ विस्तारवादी।" "British rule in India evolved in three phases — Governors of Bengal (1757-1774), Governor-Generals (1774-1858), and Viceroys (1858-1947). In each phase, rulers shaped India's history — some were reformers, some repressive, and some expansionist."
📅 प्रथम चरण : 1757-1774 (बंगाल के गवर्नर) 📅 द्वितीय चरण : 1774-1858 (गवर्नर-जनरल) 📅 तृतीय चरण : 1858-1947 (वायसराय) 🎯 परीक्षा : PRE IMPORTANT

📌 भारत में ब्रिटिश शासन — तीन चरण

📜 तीन चरणों का विवरण

  • चरण 1 — बंगाल के गवर्नर (1757-1774): प्लासी (1757) के बाद कंपनी ने बंगाल, बिहार, उड़ीसा पर नियंत्रण किया। गवर्नर कलकत्ता से शासन करते थे।
  • चरण 2 — गवर्नर-जनरल (1774-1858): रेगुलेटिंग अधिनियम 1773 ने बंगाल के गवर्नर को 'गवर्नर-जनरल' बनाया। 1858 तक यह पद जारी रहा।
  • चरण 3 — वायसराय (1858-1947): 1857 के विद्रोह के बाद, 1858 के अधिनियम ने गवर्नर-जनरल को 'वायसराय' में बदल दिया। वायसराय ब्रिटिश सम्राट का प्रतिनिधि था।

⚠️ गवर्नर-जनरल vs वायसराय

  • गवर्नर-जनरल (1774-1858): ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रतिनिधि। उसे कंपनी के निदेशकों द्वारा नियुक्त किया जाता था।
  • वायसराय (1858-1947): ब्रिटिश क्राउन का प्रतिनिधि। उसे ब्रिटिश सम्राट द्वारा नियुक्त किया जाता था।
  • समान व्यक्ति: लॉर्ड कैनिंग अंतिम गवर्नर-जनरल और प्रथम वायसराय थे।

📌 RAS QUICK REVISION — शासन संरचना

  • Governor of Bengal: 1757-1774
  • Governor-General: 1774-1858
  • Viceroy: 1858-1947
  • Lord Canning: Last Governor-General & First Viceroy

🎯 RAS PRELIMS FOCUS — शासन चरण

  • Bengal Governor: 1757-1774
  • Governor-General: 1774-1858
  • Viceroy: 1858-1947
  • Canning: Last GG + First Viceroy

📜 Three Phases

  • Phase 1: Governor of Bengal (1757-1774)
  • Phase 2: Governor-General (1774-1858)
  • Phase 3: Viceroy (1858-1947)

📌 RAS QUICK REVISION

  • Governor of Bengal: 1757-1774
  • Governor-General: 1774-1858
  • Viceroy: 1858-1947
  • Canning: Last GG & First Viceroy
अध्याय 68

बंगाल के गवर्नर (1757-1774) — कंपनी शासन का प्रारंभ Governors of Bengal (1757-1774) — Beginning of Company Rule

"1757 के प्लासी युद्ध के बाद अंग्रेजों ने बंगाल में अपना शासन स्थापित किया। 1757 से 1774 तक बंगाल के गवर्नरों ने कंपनी की नीतियों को लागू किया। इस अवधि में क्लाइव, वैनसिटार्ट, कार्टियर, और वेरलस्ट जैसे गवर्नर आए।" "After the Battle of Plassey in 1757, the English established their rule in Bengal. From 1757 to 1774, the Governors of Bengal implemented Company policies. Clive, Vansittart, Cartier, and Verelst were among the governors during this period."
📅 क्लाइव : 1757-1760, 1765-1767 📅 वेरलस्ट : 1767-1769 📅 कार्टियर : 1769-1772 🎯 परीक्षा : PRE

📌 बंगाल के गवर्नर — विस्तृत सूची

गवर्नर कार्यकाल प्रमुख घटनाएँ/कार्य
रॉबर्ट क्लाइव (पहली बार) 1757-1760 प्लासी की जीत (1757); मीर जाफर को नवाब बनाया; कंपनी को बंगाल में व्यापारिक अधिकार दिलाए
हेनरी वैनसिटार्ट 1760-1765 मीर कासिम को नवाब बनाया; मीर कासिम के साथ विवाद
रॉबर्ट क्लाइव (दूसरी बार) 1765-1767 बक्सर का युद्ध (1764) के बाद; दीवानी (1765) — बंगाल, बिहार, उड़ीसा की राजस्व प्राप्ति; क्लाइव की 'दोहरी व्यवस्था' (Dual System)
हैरी वेरलस्ट 1767-1769 दोहरी व्यवस्था जारी रखी; बंगाल में अकाल की शुरुआत
चार्ल्स कार्टियर 1769-1772 1770 का भीषण अकाल — लगभग 1 करोड़ लोग मारे गए; कंपनी ने कोई राहत नहीं दी
वारेन हेस्टिंग्स 1772-1774 दोहरी व्यवस्था समाप्त; बंगाल का राजस्व पुनर्गठन; पटना में कोठियाँ बंद; 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम — प्रथम गवर्नर-जनरल बने

⚠️ रॉबर्ट क्लाइव — 'भारत का विजेता'

  • 1757 — प्लासी की जीत
  • 1764 — बक्सर की जीत
  • 1765 — दीवानी (राजस्व अधिकार) प्राप्त
  • दोहरी व्यवस्था (Dual System): 1765-1772 — कंपनी को राजस्व अधिकार, नवाब को प्रशासन — यह व्यवस्था भ्रष्ट और अव्यवस्थित थी
  • क्लाइव ने ब्रिटिश संसद में कहा — "मैं स्वयं आश्चर्यचकित हूँ कि मैंने इतना कुछ कैसे किया"

🔍 1770 का बंगाल अकाल

  • तिथि: 1769-1770
  • मृतक: लगभग 1 करोड़ (बंगाल की 1/3 जनसंख्या)
  • कारण: सूखा + कंपनी की उदासीनता + कर संग्रह
  • प्रभाव: बंगाल की अर्थव्यवस्था चरमराई
  • इस अकाल ने 1773 के रेगुलेटिंग अधिनियम का मार्ग प्रशस्त किया

📌 RAS QUICK REVISION — बंगाल गवर्नर

  • Clive: 1757-60, 1765-67 — Plassey, Buxar, Diwani
  • Vansittart: 1760-65 — Mir Qasim
  • Verelst: 1767-69 — Dual System
  • Cartier: 1769-72 — 1770 Famine
  • Hastings: 1772-74 — Regulating Act 1773

🎯 RAS PRELIMS FOCUS — बंगाल गवर्नर

  • Clive: 1757-60, 1765-67 — Plassey, Buxar
  • Dual System: 1765 — Clive
  • 1770 Famine: Cartier
  • Hastings: 1772-74 — Regulating Act 1773
Governor Tenure Key Events
Robert Clive (1st)1757-1760Plassey (1757)
Henry Vansittart1760-1765Mir Qasim
Robert Clive (2nd)1765-1767Buxar (1764), Diwani (1765), Dual System
Harry Verelst1767-1769Dual System continued
Charles Cartier1769-17721770 Famine
Warren Hastings1772-1774Regulating Act 1773

📌 RAS QUICK REVISION — Bengal Governors

  • Clive: Plassey (1757), Buxar (1764), Diwani (1765)
  • Dual System: 1765 — Clive
  • 1770 Famine: Cartier
  • Hastings: Regulating Act 1773
अध्याय 69

गवर्नर-जनरल (1774-1858) — विस्तार, सुधार और संघर्ष Governor-Generals (1774-1858) — Expansion, Reform and Conflict

"1774 से 1858 तक भारत में 14 गवर्नर-जनरल आए। इस अवधि में अंग्रेजों ने भारत पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया। वारेन हेस्टिंग्स, कॉर्नवालिस, वेलेस्ली, हेस्टिंग्स, बेंटिक, डलहौज़ी — सभी ने अपने कार्यकाल में महत्वपूर्ण योगदान दिया।" "From 1774 to 1858, 14 Governor-Generals came to India. During this period, the English established complete control over India. Warren Hastings, Cornwallis, Wellesley, Hastings, Bentinck, Dalhousie — all made significant contributions during their tenures."
📅 प्रथम GG : 1774 (Warren Hastings) 📅 अंतिम GG : 1858 (Lord Canning) 👥 कुल GG : 14 🎯 परीक्षा : PRE IMPORTANT

📌 गवर्नर-जनरल — विस्तृत सूची (1774-1858)

1. वारेन हेस्टिंग्स (Warren Hastings)

कार्यकाल: 1774-1785

  • प्रमुख कार्य: 1773 का रेगुलेटिंग अधिनियम लागू किया; दोहरी व्यवस्था समाप्त; बंगाल का राजस्व पुनर्गठन
  • घटनाएँ: रोहिल्ला युद्ध (1774), प्रथम मराठा युद्ध (1775-82), चैत सिंह प्रकरण (1778), नंदकुमार मामला (1775)
  • महत्व: प्रथम गवर्नर-जनरल; कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट (1774) की स्थापना
  • विशेष: 1788 में ब्रिटिश संसद में महाभियोग (Impeachment) — 7 वर्ष का मुकदमा — अंततः बरी

2. लॉर्ड कॉर्नवालिस (Lord Cornwallis)

कार्यकाल: 1786-1793

  • प्रमुख कार्य: स्थायी बंदोबस्त (1793) — बंगाल, बिहार, उड़ीसा में; न्यायिक सुधार
  • घटनाएँ: तृतीय मैसूर युद्ध (1790-92) — टीपू सुल्तान पर विजय
  • महत्व: सिविल सेवा का 'कॉर्नवालिस कोड' — भारतीयों को उच्च पदों से बाहर

3. सर जॉन शोर (Sir John Shore)

कार्यकाल: 1793-1798

  • प्रमुख कार्य: तटस्थता की नीति; मराठों और हैदराबाद के बीच हस्तक्षेप से बचा
  • घटनाएँ: 1795 में मराठों और निज़ाम के बीच युद्ध; अंग्रेजों ने तटस्थता बनाए रखी
  • महत्व: कम विस्तारवादी, शांतिप्रिय गवर्नर-जनरल

4. लॉर्ड वेलेस्ली (Lord Wellesley)

कार्यकाल: 1798-1805

  • प्रमुख कार्य: सहायक संधि (Subsidiary Alliance) — 1798; हैदराबाद पहली रियासत
  • घटनाएँ: चतुर्थ मैसूर युद्ध (1799) — टीपू की मृत्यु; द्वितीय मराठा युद्ध (1803-05); बेसीन की संधि (1802)
  • महत्व: फ्रांसीसी प्रभाव समाप्त; अंग्रेजी साम्राज्य का विस्तार

5. लॉर्ड मिंटो प्रथम (Lord Minto I)

कार्यकाल: 1807-1813

  • प्रमुख कार्य: 1813 का चार्टर अधिनियम — कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त (चीन के साथ छोड़कर)
  • घटनाएँ: सिखों के साथ संधि (1809) — सतलुज नदी सीमा
  • महत्व: शिक्षा में सुधार — ₹1 लाख वार्षिक शिक्षा के लिए

6. लॉर्ड हेस्टिंग्स (Lord Hastings)

कार्यकाल: 1813-1823

  • प्रमुख कार्य: तृतीय मराठा युद्ध (1817-18) — पेशवा का पतन; मराठा साम्राज्य का अंत
  • घटनाएँ: गोरखा युद्ध (1814-16) — नेपाल के साथ सुगौली संधि (1815); सिंध पर नियंत्रण
  • महत्व: ब्रिटिश साम्राज्य का पूर्ण विस्तार

7. लॉर्ड एमहर्स्ट (Lord Amherst)

कार्यकाल: 1823-1828

  • प्रमुख कार्य: प्रथम बर्मा युद्ध (1824-26) — यांडाबो संधि (1826)
  • घटनाएँ: बर्मा से असम, मणिपुर, अराकान प्राप्त
  • महत्व: बर्मा से व्यापार मार्ग खोले

8. लॉर्ड बेंटिक (Lord William Bentinck)

कार्यकाल: 1828-1835

  • प्रमुख कार्य: सती प्रथा निषेध (1829); विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856 — बाद में)
  • घटनाएँ: थग्गी (ठग) उन्मूलन (1830) — कर्नल स्लीमैन; अंग्रेजी शिक्षा — मैकाले का मिनट (1835)
  • महत्व: सबसे सुधारवादी गवर्नर-जनरल; 'भारतीय सुधारों का जनक'

9. लॉर्ड मेटकाफ (Lord Metcalfe)

कार्यकाल: 1835-1836

  • प्रमुख कार्य: प्रेस की स्वतंत्रता (1835) — प्रेस अधिनियम 1835
  • महत्व: अल्पकालिक कार्यकाल (8 महीने)

10. लॉर्ड ऑकलैंड (Lord Auckland)

कार्यकाल: 1836-1842

  • प्रमुख कार्य: प्रथम अफगान युद्ध (1838-42) — ब्रिटिश पराजय
  • घटनाएँ: अफगानिस्तान में अंग्रेजी सेना का विनाश (1842) — 16,000 मारे गए
  • महत्व: अफगानिस्तान में ब्रिटिश विफलता

11. लॉर्ड एलेनबरो (Lord Ellenborough)

कार्यकाल: 1842-1844

  • प्रमुख कार्य: सिंध का विलय (1843) — चार्ल्स नेपियर; 'पीसफुल कॉन्क्वेस्ट'
  • घटनाएँ: अफगानिस्तान से सेना वापस
  • महत्व: सिंध में अंग्रेजी शासन

12. लॉर्ड हार्डिंग I (Lord Hardinge I)

कार्यकाल: 1844-1848

  • प्रमुख कार्य: प्रथम सिख युद्ध (1845-46) — लाहौर संधि (1846)
  • घटनाएँ: सिखों की पराजय; कश्मीर का विलय (1846) — गुलाब सिंह को बेचा
  • महत्व: सिख साम्राज्य का अंत

13. लॉर्ड डलहौज़ी (Lord Dalhousie)

कार्यकाल: 1848-1856

  • प्रमुख कार्य: व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) — 1852
  • घटनाएँ: द्वितीय सिख युद्ध (1848-49) — पंजाब का विलय; द्वितीय बर्मा युद्ध (1852);
  • विलय: सतारा (1848), झाँसी (1853), नागपुर (1854), अवध (1856)
  • महत्व: रेलवे, तार, डाक का विकास; आधुनिक भारत की नींव
  • 1857 का विद्रोह: डलहौज़ी की नीतियाँ 1857 विद्रोह का प्रमुख कारण

14. लॉर्ड कैनिंग (Lord Canning)

कार्यकाल: 1856-1858 (GG), 1858-1862 (Viceroy)

  • प्रमुख कार्य: 1857 के विद्रोह का दमन; 1858 का गवर्नमेंट ऑफ इंडिया अधिनियम
  • घटनाएँ: 1857 विद्रोह; ईस्ट इंडिया कंपनी का अंत; वायसराय की स्थापना
  • महत्व: अंतिम गवर्नर-जनरल और प्रथम वायसराय
  • उपनाम: 'क्लेमेंसी कैनिंग' (विद्रोह के बाद उदार नीति)

📌 RAS QUICK REVISION — गवर्नर-जनरल

  • Warren Hastings: 1774-85 — 1st GG
  • Cornwallis: 1786-93 — Permanent Settlement (1793)
  • Wellesley: 1798-1805 — Subsidiary Alliance
  • Hastings: 1813-23 — 3rd Maratha War
  • Bentinck: 1828-35 — Sati abolition (1829)
  • Dalhousie: 1848-56 — Doctrine of Lapse
  • Canning: 1856-62 — Last GG, First Viceroy

🎯 RAS PRELIMS FOCUS — गवर्नर-जनरल

  • Warren Hastings: 1st GG — 1774
  • Cornwallis: Permanent Settlement — 1793
  • Wellesley: Subsidiary Alliance — 1798
  • Bentinck: Sati Abolition — 1829
  • Dalhousie: Doctrine of Lapse — 1852
  • Canning: Last GG — 1858
Governor-General Tenure Key Events
Warren Hastings1774-17851st GG, Regulating Act 1773
Lord Cornwallis1786-1793Permanent Settlement (1793)
Sir John Shore1793-1798Neutral policy
Lord Wellesley1798-1805Subsidiary Alliance (1798)
Lord Minto I1807-1813Charter Act 1813
Lord Hastings1813-18233rd Maratha War (1817-18)
Lord Amherst1823-18281st Burma War (1824-26)
Lord Bentinck1828-1835Sati abolished (1829)
Lord Metcalfe1835-1836Press freedom (1835)
Lord Auckland1836-18421st Afghan War (1838-42)
Lord Ellenborough1842-1844Sindh annexed (1843)
Lord Hardinge I1844-18481st Sikh War (1845-46)
Lord Dalhousie1848-1856Doctrine of Lapse (1852)
Lord Canning1856-1862Last GG, First Viceroy

📌 RAS QUICK REVISION — Governor-Generals

  • Hastings: 1774 — 1st GG
  • Cornwallis: 1793 — Permanent Settlement
  • Wellesley: 1798 — Subsidiary Alliance
  • Bentinck: 1829 — Sati abolished
  • Dalhousie: 1852 — Doctrine of Lapse
  • Canning: 1858 — Last GG
अध्याय 70

वायसराय (1858-1947) — क्राउन शासन से स्वतंत्रता तक Viceroys (1858-1947) — From Crown Rule to Independence

"1858 में 1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश क्राउन ने भारत का शासन अपने हाथों में लिया। 1858 से 1947 तक 20 वायसराय आए। इस अवधि में कैनिंग, मेयो, लिटन, रिपन, कर्जन, मिण्टो, हार्डिंग, रीडिंग, इरविन, विलिंगडन, लिनलिथगो, माउंटबेटन — सभी ने अपनी-अपनी छाप छोड़ी।" "In 1858, after the 1857 revolt, the British Crown took control of India. From 1858 to 1947, 20 Viceroys came. During this period, Canning, Mayo, Lytton, Ripon, Curzon, Minto, Hardinge, Reading, Irwin, Willingdon, Linlithgow, Mountbatten — all left their marks."
📅 प्रथम वायसराय : 1858 (Lord Canning) 📅 अंतिम वायसराय : 1947 (Lord Mountbatten) 👥 कुल वायसराय : 20 🎯 परीक्षा : PRE IMPORTANT

📌 वायसराय — विस्तृत सूची (1858-1947)

1. लॉर्ड कैनिंग (Lord Canning)

कार्यकाल: 1858-1862

  • प्रमुख कार्य: 1858 का गवर्नमेंट ऑफ इंडिया अधिनियम; रानी विक्टोरिया की घोषणा (1858)
  • घटनाएँ: 1857 के विद्रोह के बाद पुनर्निर्माण
  • विशेष: 'क्लेमेंसी कैनिंग' — उदार नीति

2. लॉर्ड एल्गिन I (Lord Elgin I)

कार्यकाल: 1862-1863

  • प्रमुख कार्य: अल्पकालिक कार्यकाल
  • घटनाएँ: उदयपुर की रियासत का विलय

3. लॉर्ड लॉरेंस (Lord Lawrence)

कार्यकाल: 1864-1869

  • प्रमुख कार्य: अफगानिस्तान के साथ शांति; पंजाब में सुधार
  • घटनाएँ: 1865 का अकाल; असम में चाय बागानों का विस्तार

4. लॉर्ड मेयो (Lord Mayo)

कार्यकाल: 1869-1872

  • प्रमुख कार्य: राजकोषीय संघवाद; आर्थिक सुधार
  • घटनाएँ: 1872 में अंडमान में एक कैदी द्वारा हत्या
  • महत्व: भारत में पहले वायसराय की हत्या

5. लॉर्ड नॉर्थब्रुक (Lord Northbrook)

कार्यकाल: 1872-1876

  • प्रमुख कार्य: अकाल राहत नीति
  • घटनाएँ: बिहार में अकाल (1873-74)

6. लॉर्ड लिटन (Lord Lytton)

कार्यकाल: 1876-1880

  • प्रमुख कार्य: वर्नाक्यूलर प्रेस अधिनियम (1878) — दमनकारी
  • घटनाएँ: दिल्ली दरबार (1877) — रानी को 'कैसर-ए-हिंद' घोषित; द्वितीय अफगान युद्ध (1878-80)
  • विशेष: कठोर प्रेस नीति; अकाल के दौरान कर

7. लॉर्ड रिपन (Lord Ripon)

कार्यकाल: 1880-1884

  • प्रमुख कार्य: स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) — 1882
  • घटनाएँ: इल्बर्ट विधेयक (1883) — भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीयन पर मुकदमा चलाने का अधिकार
  • विशेष: सबसे उदार वायसराय; 'रिपन द गुड'
  • महत्व: पहली बार औद्योगिक शिक्षा पर बल

8. लॉर्ड डफरिन (Lord Dufferin)

कार्यकाल: 1884-1888

  • प्रमुख कार्य: तीसरा बर्मा युद्ध (1885-86) — बर्मा का विलय
  • घटनाएँ: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) — डफरिन ने कोई विरोध नहीं किया
  • महत्व: INC की स्थापना के समय वायसराय

9. लॉर्ड लैंसडाउन (Lord Lansdowne)

कार्यकाल: 1888-1894

  • प्रमुख कार्य: फ्रंटियर नीति; अफगानिस्तान के साथ संबंध
  • घटनाएँ: 1890 का अकाल

10. लॉर्ड एल्गिन II (Lord Elgin II)

कार्यकाल: 1894-1899

  • प्रमुख कार्य: 1896-97 का भीषण अकाल
  • घटनाएँ: प्लेग महामारी (1896) — पुणे में दमनकारी उपाय
  • चापेकर बंधु: 1897 में प्लेग कमिश्नर रैंड की हत्या

11. लॉर्ड कर्जन (Lord Curzon)

कार्यकाल: 1899-1905

  • प्रमुख कार्य: बंगाल विभाजन (1905) — 16 अक्टूबर 1905
  • घटनाएँ: पंजाब में कृषि सुधार; पुरातत्व सर्वेक्षण; कुतुबमीनार, ताजमहल का संरक्षण
  • विशेष: सबसे विवादास्पद वायसराय
  • महत्व: बंगाल विभाजन ने स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया

12. लॉर्ड मिण्टो II (Lord Minto II)

कार्यकाल: 1905-1910

  • प्रमुख कार्य: मॉर्ले-मिण्टो सुधार (1909) — पृथक निर्वाचन
  • घटनाएँ: स्वदेशी आंदोलन (1905-08); मुस्लिम लीग की स्थापना (1906); सूरत विभाजन (1907)
  • विशेष: 'भारत में सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक'

13. लॉर्ड हार्डिंग II (Lord Hardinge II)

कार्यकाल: 1910-1916

  • प्रमुख कार्य: बंगाल विभाजन रद्द (1911); राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित (1911)
  • घटनाएँ: 1912 में हार्डिंग पर बम (रासबिहारी बोस)
  • महत्व: दिल्ली दरबार (1911) — किंग जॉर्ज V

14. लॉर्ड चेम्सफोर्ड (Lord Chelmsford)

कार्यकाल: 1916-1921

  • प्रमुख कार्य: 1919 का अधिनियम (मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार)
  • घटनाएँ: रॉलेट एक्ट (1919); जलियाँवाला बाग नरसंहार (13 अप्रैल 1919); असहयोग आंदोलन (1920-22)
  • महत्व: जलियाँवाला बाग के बाद भारतीयों का अविश्वास

15. लॉर्ड रीडिंग (Lord Reading)

कार्यकाल: 1921-1926

  • प्रमुख कार्य: 1921-22 का असहयोग आंदोलन
  • घटनाएँ: चौरी-चौरा घटना (1922) — गांधी द्वारा आंदोलन वापस
  • महत्व: गांधी की गिरफ्तारी (1922)

16. लॉर्ड इरविन (Lord Irwin)

कार्यकाल: 1926-1931

  • प्रमुख कार्य: गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931)
  • घटनाएँ: साइमन कमीशन (1928); लाला लाजपत राय की मृत्यु (1928); सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930); दांडी मार्च (1930); पूर्ण स्वराज (1929)
  • महत्व: पहली बार वायसराय ने कांग्रेस के साथ समझौता किया

17. लॉर्ड विलिंगडन (Lord Willingdon)

कार्यकाल: 1931-1936

  • प्रमुख कार्य: 1935 का अधिनियम
  • घटनाएँ: दूसरा गोलमेज सम्मेलन (1931); सांप्रदायिक पंचाट (1932); पूना पैक्ट (1932); भगत सिंह की फाँसी (1931)
  • विशेष: कठोर नीति — कांग्रेस का दमन

18. लॉर्ड लिनलिथगो (Lord Linlithgow)

कार्यकाल: 1936-1943

  • प्रमुख कार्य: द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45); अगस्त प्रस्ताव (1940); क्रिप्स मिशन (1942)
  • घटनाएँ: 1937 के चुनाव — कांग्रेस ने 8 प्रांतों में सरकार बनाई; 1942 — भारत छोड़ो आंदोलन
  • विशेष: सबसे लंबा कार्यकाल (7 वर्ष)

19. लॉर्ड वैवेल (Lord Wavell)

कार्यकाल: 1943-1947

  • प्रमुख कार्य: वैवेल योजना (1945); शिमला सम्मेलन (1945); कैबिनेट मिशन (1946)
  • घटनाएँ: INA परीक्षण (1945-46); प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस (1946); अंतरिम सरकार (1946)
  • महत्व: स्वतंत्रता की दिशा में कदम

20. लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten)

कार्यकाल: 1947 (मार्च-अगस्त)

  • प्रमुख कार्य: माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) — भारत का विभाजन
  • घटनाएँ: 15 अगस्त 1947 — भारत स्वतंत्र; 14 अगस्त 1947 — पाकिस्तान का निर्माण
  • विशेष: अंतिम वायसराय और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल

📌 RAS QUICK REVISION — वायसराय

  • Canning: 1858 — First Viceroy
  • Mayo: 1872 — Assassinated
  • Lytton: 1878 — Vernacular Press Act
  • Ripon: 1882 — Local Self-Government
  • Curzon: 1905 — Bengal Partition
  • Minto: 1909 — Morley-Minto Reforms
  • Hardinge: 1911 — Bengal Partition revoked
  • Chelmsford: 1919 — Rowlatt Act, Jallianwala
  • Irwin: 1931 — Gandhi-Irwin Pact
  • Linlithgow: 1942 — Quit India
  • Mountbatten: 1947 — Partition & Independence

🎯 RAS PRELIMS FOCUS — वायसराय

  • Canning: 1858 — First Viceroy
  • Lytton: 1876-80 — Vernacular Press Act
  • Ripon: 1880-84 — Local Self-Government
  • Curzon: 1899-1905 — Bengal Partition
  • Minto: 1905-10 — Morley-Minto Reforms
  • Irwin: 1926-31 — Gandhi-Irwin Pact
  • Mountbatten: 1947 — Partition
Viceroy Tenure Key Events
Lord Canning1858-1862First Viceroy
Lord Lytton1876-1880Vernacular Press Act (1878)
Lord Ripon1880-1884Local Self-Government (1882)
Lord Curzon1899-1905Bengal Partition (1905)
Lord Minto II1905-1910Morley-Minto Reforms (1909)
Lord Hardinge II1910-1916Bengal Partition revoked (1911)
Lord Chelmsford1916-1921Jallianwala Bagh (1919)
Lord Irwin1926-1931Gandhi-Irwin Pact (1931)
Lord Linlithgow1936-1943Quit India (1942)
Lord Wavell1943-1947Cabinet Mission (1946)
Lord Mountbatten1947Partition & Independence

📌 RAS QUICK REVISION — Viceroys

  • Canning: 1858 — First Viceroy
  • Lytton: 1878 — Vernacular Press Act
  • Ripon: 1882 — Local Self-Government
  • Curzon: 1905 — Bengal Partition
  • Irwin: 1931 — Gandhi-Irwin Pact
  • Mountbatten: 1947 — Partition
अध्याय 71

सुधारवादी (Soft) गवर्नर-जनरल और वायसराय Reformist (Soft) Governor-Generals and Viceroys

"इन शासकों ने अपने कार्यकाल में सामाजिक सुधार, शिक्षा, स्वशासन, और प्रेस स्वतंत्रता पर बल दिया। इन्होंने भारतीयों के हितों को ध्यान में रखा और उदार नीतियाँ अपनाईं।" "These rulers emphasized social reform, education, self-government, and press freedom during their tenures. They considered Indian interests and adopted liberal policies."
🏷️ श्रेणी : SOFT (सुधारवादी) 👥 मुख्य : Bentinck, Ripon, Hastings, Minto I, Hardinge II 🎯 परीक्षा : PRE IMPORTANT

📌 SOFT — सुधारवादी शासक

🟢 लॉर्ड विलियम बेंटिक (Lord William Bentinck)

कार्यकाल: 1828-1835

  • सुधार: सती प्रथा निषेध (1829); थग्गी उन्मूलन; अंग्रेजी शिक्षा — मैकाले का मिनट (1835)
  • विशेषता: सबसे बड़ा समाज सुधारक
  • उपनाम: 'भारतीय सुधारों का जनक'

🟢 लॉर्ड रिपन (Lord Ripon)

कार्यकाल: 1880-1884

  • सुधार: स्थानीय स्वशासन (1882); इल्बर्ट विधेयक (1883)
  • विशेषता: सबसे उदार वायसराय
  • उपनाम: 'रिपन द गुड'

🟢 लॉर्ड हार्डिंग II (Lord Hardinge II)

कार्यकाल: 1910-1916

  • सुधार: बंगाल विभाजन रद्द (1911); राजधानी दिल्ली स्थानांतरित (1911)
  • विशेषता: बंगाल विभाजन को समाप्त किया

🟢 लॉर्ड मिंटो I (Lord Minto I)

कार्यकाल: 1807-1813

  • सुधार: 1813 का चार्टर अधिनियम — शिक्षा के लिए ₹1 लाख
  • विशेषता: शिक्षा में सुधार

🟢 लॉर्ड मेटकाफ (Lord Metcalfe)

कार्यकाल: 1835-1836

  • सुधार: प्रेस स्वतंत्रता (1835)
  • विशेषता: प्रेस की स्वतंत्रता बहाल

🟢 लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten)

कार्यकाल: 1947

  • सुधार: भारत को स्वतंत्रता दी (15 अगस्त 1947)
  • विशेषता: अंतिम वायसराय, स्वतंत्रता का वाहक

📌 RAS QUICK REVISION — SOFT शासक

  • Bentinck: 1829 — Sati abolished
  • Metcalfe: 1835 — Press freedom
  • Ripon: 1882 — Local Self-Government
  • Hardinge II: 1911 — Bengal Partition revoked
  • Mountbatten: 1947 — Independence

🟢 Lord William Bentinck

Tenure: 1828-1835

  • Sati abolished (1829)
  • English education — Macaulay's Minute (1835)
  • Thuggee abolished

🟢 Lord Ripon

Tenure: 1880-1884

  • Local Self-Government (1882)
  • Ilbert Bill (1883)
  • 'Ripon the Good'

🟢 Lord Hardinge II

Tenure: 1910-1916

  • Bengal Partition revoked (1911)
  • Capital shifted to Delhi (1911)

📌 RAS QUICK REVISION — SOFT

  • Bentinck: Sati abolished (1829)
  • Ripon: Local Self-Government (1882)
  • Hardinge II: Bengal Partition revoked (1911)
अध्याय 72

दमनकारी (Hard) गवर्नर-जनरल और वायसराय Repressive (Hard) Governor-Generals and Viceroys

"इन शासकों ने अपने कार्यकाल में कठोर नीतियाँ अपनाईं, प्रेस को दबाया, रियासतों का विलय किया, और भारतीयों के अधिकारों को सीमित किया। इनकी नीतियाँ अक्सर विद्रोह और असंतोष का कारण बनीं।" "These rulers adopted harsh policies, suppressed the press, annexed princely states, and limited Indian rights. Their policies often led to revolt and discontent."
🏷️ श्रेणी : HARD (दमनकारी) 👥 मुख्य : Wellesley, Dalhousie, Lytton, Curzon, Linlithgow 🎯 परीक्षा : PRE IMPORTANT

📌 HARD — दमनकारी शासक

🔴 लॉर्ड वेलेस्ली (Lord Wellesley)

कार्यकाल: 1798-1805

  • नीति: सहायक संधि (1798) — रियासतों का संरक्षण
  • कार्य: टीपू का अंत (1799); मराठों पर विजय
  • विशेषता: सबसे विस्तारवादी
  • प्रभाव: फ्रांसीसी प्रभाव समाप्त

🔴 लॉर्ड डलहौज़ी (Lord Dalhousie)

कार्यकाल: 1848-1856

  • नीति: व्यपगत का सिद्धांत (1852)
  • विलय: सतारा (1848), झाँसी (1853), नागपुर (1854), अवध (1856)
  • विशेषता: सबसे विवादास्पद
  • प्रभाव: 1857 विद्रोह का प्रमुख कारण

🔴 लॉर्ड लिटन (Lord Lytton)

कार्यकाल: 1876-1880

  • नीति: वर्नाक्यूलर प्रेस अधिनियम (1878)
  • कार्य: दिल्ली दरबार (1877); द्वितीय अफगान युद्ध
  • विशेषता: कठोर प्रेस नीति
  • प्रभाव: भारतीय प्रेस का दमन

🔴 लॉर्ड कर्जन (Lord Curzon)

कार्यकाल: 1899-1905

  • नीति: बंगाल विभाजन (1905)
  • कार्य: पुरातत्व सर्वेक्षण; कृषि सुधार
  • विशेषता: सबसे विवादास्पद वायसराय
  • प्रभाव: स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया

🔴 लॉर्ड लिनलिथगो (Lord Linlithgow)

कार्यकाल: 1936-1943

  • नीति: युद्ध में भारत को शामिल करना (1939)
  • कार्य: अगस्त प्रस्ताव (1940); क्रिप्स मिशन (1942)
  • विशेषता: सबसे लंबा कार्यकाल (7 वर्ष)
  • प्रभाव: 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन

🔴 लॉर्ड विलिंगडन (Lord Willingdon)

कार्यकाल: 1931-1936

  • नीति: कांग्रेस का दमन; सविनय अवज्ञा का विरोध
  • कार्य: 1935 का अधिनियम
  • विशेषता: कठोर नीति

🔴 लॉर्ड ऑकलैंड (Lord Auckland)

कार्यकाल: 1836-1842

  • नीति: प्रथम अफगान युद्ध (1838-42)
  • विशेषता: अफगानिस्तान में ब्रिटिश विफलता
  • प्रभाव: 16,000 ब्रिटिश सैनिक मारे गए

📌 RAS QUICK REVISION — HARD शासक

  • Wellesley: Subsidiary Alliance (1798)
  • Dalhousie: Doctrine of Lapse (1852)
  • Lytton: Vernacular Press Act (1878)
  • Curzon: Bengal Partition (1905)
  • Linlithgow: Quit India (1942)
  • Willingdon: Congress suppression

🎯 RAS PRELIMS FOCUS — HARD शासक

  • Wellesley: 1798 — Subsidiary Alliance
  • Dalhousie: 1852 — Doctrine of Lapse
  • Lytton: 1878 — Vernacular Press Act
  • Curzon: 1905 — Bengal Partition
  • Linlithgow: 1942 — Quit India

🔴 Lord Wellesley

Tenure: 1798-1805

  • Subsidiary Alliance (1798)
  • Tipu's death (1799)
  • Ended French influence

🔴 Lord Dalhousie

Tenure: 1848-1856

  • Doctrine of Lapse (1852)
  • Jhansi (1853), Awadh (1856) annexed
  • Major cause of 1857 Revolt

🔴 Lord Lytton

Tenure: 1876-1880

  • Vernacular Press Act (1878)
  • Delhi Durbar (1877)
  • 2nd Afghan War

🔴 Lord Curzon

Tenure: 1899-1905

  • Bengal Partition (1905)
  • Most controversial Viceroy
  • Started Swadeshi Movement

📌 RAS QUICK REVISION — HARD

  • Wellesley: Subsidiary Alliance (1798)
  • Dalhousie: Doctrine of Lapse (1852)
  • Lytton: Vernacular Press Act (1878)
  • Curzon: Bengal Partition (1905)
अध्याय 73

गवर्नर-जनरल और वायसराय — RAS मास्टर रिवीजन Governor-Generals & Viceroys — RAS Master Revision

"यह अध्याय गवर्नर-जनरल और वायसराय की समग्र रिवीजन है। सभी शासक, उनके कार्यकाल, प्रमुख घटनाएँ, नीतियाँ और RAS Prelims के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य एक साथ।" "This chapter is a complete revision of Governor-Generals and Viceroys. All rulers, their tenures, key events, policies and RAS Prelims important facts together."
📅 1757 – 1947 👑 35+ शासक 🎯 परीक्षा : PRE IMPORTANT

📌 गवर्नर-जनरल — मास्टर तालिका (1774-1858)

गवर्नर-जनरल कार्यकाल प्रमुख घटना
Warren Hastings1774-17851st GG, Regulating Act 1773
Lord Cornwallis1786-1793Permanent Settlement 1793
Sir John Shore1793-1798Neutral policy
Lord Wellesley1798-1805Subsidiary Alliance 1798
Lord Minto I1807-1813Charter Act 1813
Lord Hastings1813-18233rd Maratha War 1817-18
Lord Amherst1823-18281st Burma War 1824-26
Lord Bentinck1828-1835Sati abolished 1829
Lord Metcalfe1835-1836Press freedom 1835
Lord Auckland1836-18421st Afghan War 1838-42
Lord Ellenborough1842-1844Sindh annexed 1843
Lord Hardinge I1844-18481st Sikh War 1845-46
Lord Dalhousie1848-1856Doctrine of Lapse 1852
Lord Canning1856-1862Last GG, First Viceroy

📌 वायसराय — मास्टर तालिका (1858-1947)

वायसराय कार्यकाल प्रमुख घटना
Lord Canning1858-1862First Viceroy
Lord Elgin I1862-1863Short tenure
Lord Lawrence1864-1869Afghan peace
Lord Mayo1869-1872Assassinated 1872
Lord Northbrook1872-1876Famine relief
Lord Lytton1876-1880Vernacular Press Act 1878
Lord Ripon1880-1884Local Self-Government 1882
Lord Dufferin1884-1888INC founded 1885
Lord Lansdowne1888-1894Frontier policy
Lord Elgin II1894-1899Famine 1896-97
Lord Curzon1899-1905Bengal Partition 1905
Lord Minto II1905-1910Morley-Minto 1909
Lord Hardinge II1910-1916Bengal Partition revoked 1911
Lord Chelmsford1916-1921Jallianwala 1919
Lord Reading1921-1926Gandhi arrested 1922
Lord Irwin1926-1931Gandhi-Irwin Pact 1931
Lord Willingdon1931-19361935 Act
Lord Linlithgow1936-1943Quit India 1942
Lord Wavell1943-1947Cabinet Mission 1946
Lord Mountbatten1947Partition & Independence

📌 RAS PRELIMS — TOP 40 FACTS

🎯 RAS PRELIMS FOCUS — 40 अति महत्वपूर्ण तथ्य

  • 1757: प्लासी — Clive (Bengal Governor)
  • 1764: बक्सर — Clive
  • 1765: दीवानी — Clive
  • 1774: प्रथम GG — Warren Hastings
  • 1773: रेगुलेटिंग अधिनियम
  • 1793: स्थायी बंदोबस्त — Cornwallis
  • 1798: सहायक संधि — Wellesley
  • 1799: टीपू का अंत — Wellesley
  • 1802: बेसीन की संधि — Wellesley
  • 1813: चार्टर अधिनियम — Minto I
  • 1817-18: तृतीय मराठा युद्ध — Hastings
  • 1815: सुगौली संधि — Hastings
  • 1824-26: प्रथम बर्मा युद्ध — Amherst
  • 1829: सती प्रथा निषेध — Bentinck
  • 1835: मैकाले का मिनट — Bentinck
  • 1835: प्रेस स्वतंत्रता — Metcalfe
  • 1838-42: प्रथम अफगान युद्ध — Auckland
  • 1843: सिंध का विलय — Ellenborough
  • 1845-46: प्रथम सिख युद्ध — Hardinge I
  • 1848-49: द्वितीय सिख युद्ध — Dalhousie
  • 1852: व्यपगत का सिद्धांत — Dalhousie
  • 1853: झाँसी का विलय — Dalhousie
  • 1856: अवध का विलय — Dalhousie
  • 1857: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम — Canning
  • 1858: अंतिम GG + प्रथम वायसराय — Canning
  • 1872: मेयो की हत्या — Andaman
  • 1877: दिल्ली दरबार — Lytton
  • 1878: वर्नाक्यूलर प्रेस अधिनियम — Lytton
  • 1882: स्थानीय स्वशासन — Ripon
  • 1885: INC की स्थापना — Dufferin
  • 1892: भारतीय परिषद अधिनियम — Lansdowne
  • 1896: प्लेग महामारी — Elgin II
  • 1899: कर्जन का कार्यकाल शुरू
  • 1905: बंगाल विभाजन — Curzon
  • 1906: मुस्लिम लीग — Minto II
  • 1909: मॉर्ले-मिण्टो सुधार — Minto II
  • 1911: बंगाल विभाजन रद्द — Hardinge II
  • 1911: राजधानी दिल्ली स्थानांतरित — Hardinge II
  • 1919: रॉलेट एक्ट — Chelmsford
  • 1919: जलियाँवाला बाग — Chelmsford
  • 1922: गांधी की गिरफ्तारी — Reading
  • 1928: साइमन कमीशन — Irwin
  • 1930: दांडी मार्च — Irwin
  • 1931: गांधी-इरविन समझौता — Irwin
  • 1931: भगत सिंह फाँसी — Willingdon
  • 1932: पूना पैक्ट — Willingdon
  • 1935: भारत शासन अधिनियम — Willingdon
  • 1939: द्वितीय विश्व युद्ध — Linlithgow
  • 1942: भारत छोड़ो आंदोलन — Linlithgow
  • 1946: कैबिनेट मिशन — Wavell
  • 1947: विभाजन और स्वतंत्रता — Mountbatten

📌 RAS QUICK REVISION — सारांश

  • 1st GG: Warren Hastings (1774)
  • 1st Viceroy: Lord Canning (1858)
  • Last GG: Lord Canning (1858)
  • Last Viceroy: Lord Mountbatten (1947)
  • Soft (Reformist): Bentinck, Ripon, Minto I, Hardinge II
  • Hard (Repressive): Wellesley, Dalhousie, Lytton, Curzon, Linlithgow
  • Longest tenure: Lord Linlithgow (7 years)
  • Shortest tenure: Lord Elgin I (1 year)
Governor-General/Viceroy Tenure Key Event
Warren Hastings1774-17851st GG
Lord Cornwallis1786-1793Permanent Settlement
Lord Wellesley1798-1805Subsidiary Alliance
Lord Bentinck1828-1835Sati abolished
Lord Dalhousie1848-1856Doctrine of Lapse
Lord Canning1856-1862First Viceroy
Lord Lytton1876-1880Vernacular Press Act
Lord Ripon1880-1884Local Self-Government
Lord Curzon1899-1905Bengal Partition
Lord Irwin1926-1931Gandhi-Irwin Pact
Lord Mountbatten1947Partition

📌 RAS QUICK REVISION — Summary

  • 1st GG: Warren Hastings (1774)
  • 1st Viceroy: Lord Canning (1858)
  • Last Viceroy: Lord Mountbatten (1947)
  • Soft: Bentinck, Ripon, Hardinge II
  • Hard: Wellesley, Dalhousie, Lytton, Curzon