📜 RAS/UPSC — संपूर्ण संदर्भ ग्रंथ

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
एवं संवैधानिक विकास

1885 से 1950 तक — कांग्रेस की स्थापना से गणतंत्र स्थापना तक

संकलन एवं विश्लेषण : RAS A2Z Senior Faculty

RAS A2Z
📖 विषय-सूची  |  📚 अध्याय 24 — संविधान निर्माण (1946-1950) 📚 Chapter 24 — Constitution Making (1946-1950)
अध्याय 24

संविधान निर्माण — 1946 से 1950 तक की संपूर्ण यात्रा Constitution Making — The Complete Journey from 1946 to 1950

"9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई। 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत हुआ। 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू हुआ। 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन — 11 सत्र, 165 बैठक दिवस — ₹64 लाख का व्यय — यह विश्व के सबसे लंबे और विस्तृत संविधानों में से एक है।" "9 December 1946 — the first meeting of the Constituent Assembly. 26 November 1949 — the Constitution was adopted. 26 January 1950 — it was enforced across the country. 2 years, 11 months, 18 days — 11 sessions, 165 sitting days — expenditure of ₹64 lakh — this is one of the longest and most detailed constitutions in the world."
📅 प्रथम बैठक : 9 दिसंबर 1946 📅 अंगीकृत : 26 नवंबर 1949 📅 लागू : 26 जनवरी 1950 👥 कुल सदस्य : 389 (विभाजन के बाद 299) 📏 अवधि : 2 वर्ष 11 माह 18 दिन 🎯 परीक्षा : PRE MAINS IMPORTANT

📌 संविधान सभा का गठन — कैबिनेट मिशन योजना (1946)

📅 1946-1950 — महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • 16 मई 1946: कैबिनेट मिशन योजना घोषित
  • जुलाई 1946: संविधान सभा के चुनाव
  • 9 दिसंबर 1946: संविधान सभा की प्रथम बैठक
  • 11 दिसंबर 1946: राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए
  • 13 दिसंबर 1946: उद्देश्य प्रस्ताव (नेहरू)
  • 22 जनवरी 1947: उद्देश्य प्रस्ताव पारित
  • 29 अगस्त 1947: प्रारूप समिति का गठन
  • 26 नवंबर 1949: संविधान अंगीकृत
  • 26 जनवरी 1950: संविधान लागू

📜 संविधान सभा की रूपरेखा

  • कुल सदस्य: 389 — 292 (प्रांतों से), 93 (रियासतों से), 4 (मुख्य आयुक्त क्षेत्रों से)
  • विभाजन के बाद: 299 सदस्य
  • चुनाव: अप्रत्यक्ष — प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा
  • पहली बैठक: 9 दिसंबर 1946 — संसद भवन के केंद्रीय कक्ष (Central Hall) में
  • मुस्लिम लीग: पहली बैठक का बहिष्कार किया

⚠️ सबसे महत्वपूर्ण तथ्य

9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (सबसे वरिष्ठ सदस्य) ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए ।

13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution) प्रस्तुत किया — जो बाद में संविधान की प्रस्तावना का आधार बना ।

🏛️ 8 प्रमुख समितियाँ — विस्तार से

📜 1. प्रारूप समिति (Drafting Committee) — 29 अगस्त 1947

गठन: 29 अगस्त 1947

कार्य: संविधान का प्रारूप तैयार करना

कार्यकाल: 29 अगस्त 1947 से 26 नवंबर 1949 तक

सदस्यराज्य/रियासतभूमिका एवं योगदान
डॉ. भीमराव आंबेडकर (अध्यक्ष)बंबई (मूल रूप से बंगाल)संविधान के मुख्य प्रवर्तक, 2.67 लाख शब्द बोले, 395 अनुच्छेदों को अंतिम रूप दिया, संविधान की सबसे लंबी बहस की अगुआई की
अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यरमद्राससंघीय ढाँचे और न्यायिक स्वतंत्रता के प्रमुख समर्थक, लोकसभा और राज्यसभा की अवधारणा को अंतिम रूप देने में योगदान
एन. गोपालस्वामी अय्यंगारमद्रासअनुच्छेद 370 के प्रारूपकार, संसदीय संरचना के विशेषज्ञ, जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के वास्तुकार
के.एम. मुंशीबंबईनिर्देशक सिद्धांतों और सांस्कृतिक अधिकारों के प्रमुख समर्थक, "मौलिक कर्तव्य" की अवधारणा के प्रवर्तक
सैयद मोहम्मद सादुल्लाअसमअल्पसंख्यक अधिकारों और बहिष्कृत क्षेत्रों के विशेषज्ञ, उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए विशेष प्रावधानों के समर्थक
बी.एल. मित्तरबंगालकानूनी विशेषज्ञ (स्वास्थ्य कारणों से 1948 में इस्तीफा दिया), रियासतों के एकीकरण में प्रारंभिक योगदान
देवी प्रसाद खैतानबंगाल1948 में निधन, कानूनी मुद्दों पर सक्रिय सदस्य
टी.टी. कृष्णमाचारीमद्रासजनवरी 1948 में खैतान की जगह शामिल, वित्तीय संघवाद और केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों के विशेषज्ञ
एन. माधव रावमैसूरबाद में जोड़े गए, प्रशासनिक सुधारों के विशेषज्ञ, लोक सेवा आयोगों के ढाँचे को अंतिम रूप देने में योगदान

🔍 प्रारूप समिति के बारे में रोचक तथ्य

  • आंबेडकर ने बंबई विधानसभा से चुनाव हारकर बंगाल से निर्वाचन जीता — विभाजन के बाद सीट पाकिस्तान में चली गई [citation:10]
  • कांग्रेस के समर्थन से बंबई विधानसभा से फिर से चुने गए [citation:10]
  • गांधी जी के सुझाव पर आंबेडकर को प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया
  • राजेंद्र प्रसाद ने कहा — "हमने जब आंबेडकर को प्रारूप समिति पर रखा, तब कोई निर्णय इतना सही नहीं था जितना यह था"

📜 2. संघ शक्ति समिति (Union Power Committee) — 1947

गठन: 1947

अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू

कार्य: केंद्र सरकार की शक्तियों का निर्धारण — संघ सूची तैयार करना

सदस्यराज्य/रियासतभूमिका एवं योगदान
जवाहरलाल नेहरू (अध्यक्ष)संयुक्त प्रांतसंघ सूची का प्रारूप तैयार किया, केंद्र को 59 विषयों पर शक्ति दी
वल्लभभाई पटेलबंबईसंघीय ढाँचे को मजबूत करने में सहायक
डॉ. राजेंद्र प्रसादबिहारकेंद्र की शक्तियों पर बहस में योगदान
मौलाना अबुल कलाम आज़ादबंगालधर्मनिरपेक्षता और केंद्र की तटस्थता के समर्थक

📜 3. संघ संविधान समिति (Union Constitution Committee) — 1947

गठन: 1947

अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू

कार्य: संघीय ढाँचे का प्रारूप — राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल की संरचना

सदस्यराज्य/रियासतभूमिका एवं योगदान
जवाहरलाल नेहरू (अध्यक्ष)संयुक्त प्रांतसंसदीय प्रणाली का प्रारूप तैयार किया, ब्रिटिश मॉडल को भारतीय संदर्भ में ढाला
वल्लभभाई पटेलबंबईराष्ट्रपति की भूमिका को स्पष्ट करने में योगदान
डॉ. राजेंद्र प्रसादबिहारसंसदीय प्रक्रियाओं पर बहस
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जीबंगालराष्ट्रपति की शक्तियों पर वैकल्पिक विचारों को उठाया

📜 4. राज्य समिति (States Committee) — 1947

गठन: 1947

अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू

कार्य: रियासतों और प्रांतों के बीच संबंधों का निर्धारण — रियासतों के एकीकरण का ढाँचा

सदस्यराज्य/रियासतभूमिका एवं योगदान
जवाहरलाल नेहरू (अध्यक्ष)संयुक्त प्रांतरियासतों के एकीकरण की नीति का नेतृत्व किया
वल्लभभाई पटेलबंबईरियासतों को भारत में विलय करने की रणनीति बनाई
डॉ. राजेंद्र प्रसादबिहारप्रांतों और रियासतों के संतुलन पर जोर दिया

📜 5. प्रांतीय संविधान समिति — 1947

गठन: 1947

अध्यक्ष: वल्लभभाई पटेल

कार्य: प्रांतीय सरकारों के ढाँचे का निर्धारण — राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभाओं की संरचना

सदस्यराज्य/रियासतभूमिका एवं योगदान
वल्लभभाई पटेल (अध्यक्ष)बंबईप्रांतीय स्वायत्तता को सुनिश्चित किया, राज्यपाल की भूमिका को परिभाषित किया
जवाहरलाल नेहरूसंयुक्त प्रांतप्रांतीय सरकारों की संसदीय प्रणाली का समर्थन किया
डॉ. राजेंद्र प्रसादबिहारप्रांतीय विधानसभाओं की भूमिका पर बहस में योगदान
गोपीनाथ बोरदोलोईअसमउत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए विशेष प्रावधानों का सुझाव दिया

📜 6. मौलिक अधिकार एवं अल्पसंख्यक समिति — 1947

गठन: 1947

अध्यक्ष: वल्लभभाई पटेल

कार्य: मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का प्रारूप

सदस्यराज्य/रियासतभूमिका एवं योगदान
वल्लभभाई पटेल (अध्यक्ष)बंबईमौलिक अधिकारों को अंतिम रूप दिया, अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षा प्रावधानों का नेतृत्व किया
जवाहरलाल नेहरूसंयुक्त प्रांतधर्मनिरपेक्षता और समानता के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया
मौलाना अबुल कलाम आज़ादबंगालअल्पसंख्यकों के अधिकारों पर बल दिया
डॉ. बी.आर. आंबेडकरबंबईअस्पृश्यता उन्मूलन और दलित अधिकारों के लिए प्रावधान सुझाए
हंसा जीवराज मेहताबंबईमहिलाओं के लिए आरक्षण के विरोध में, समानता के पक्ष में
दक्षायानी वेलायुधनमद्रासअस्पृश्यता उन्मूलन की प्रबल समर्थक
राजकुमारी अमृत कौरकपूरथलाधर्मनिरपेक्षता और महिला अधिकारों के पक्ष में

📜 7. प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) — 1946

गठन: 1946

अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद

कार्य: संविधान सभा की कार्यविधि का निर्धारण — बहस, मतदान, प्रस्तावों की प्रक्रिया

सदस्यराज्य/रियासतभूमिका एवं योगदान
डॉ. राजेंद्र प्रसाद (अध्यक्ष)बिहारसंविधान सभा की कार्यविधि को सुनिश्चित किया
जी.वी. मावलंकरबंबईकार्यविधि के विस्तृत नियमों का प्रारूप तैयार किया
एच.सी. मुखर्जीबंगालबहस और मतदान प्रक्रिया में योगदान

📜 8. संचालन समिति (Steering Committee) — 1946

गठन: 1946

अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद

कार्य: संविधान सभा के कार्यों का संचालन — सत्रों की योजना, एजेंडा तय करना

सदस्यराज्य/रियासतभूमिका एवं योगदान
डॉ. राजेंद्र प्रसाद (अध्यक्ष)बिहारसंविधान सभा के सुचारू संचालन का नेतृत्व किया
जवाहरलाल नेहरूसंयुक्त प्रांतमहत्वपूर्ण मुद्दों पर सत्रों का निर्धारण
वल्लभभाई पटेलबंबईआपातकालीन सत्रों के आयोजन में योगदान
जी.वी. मावलंकरबंबईकार्यसूची की योजना बनाना

📋 अन्य 14 महत्वपूर्ण समितियाँ

📜 9. प्रमाण पत्र समिति (Credential Committee)

अध्यक्ष: अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर

कार्य: सदस्यों की साख और योग्यता की जाँच

योगदान: सभी 389 सदस्यों के चुनावी प्रमाण-पत्रों की जाँच की गई

📜 10. हाउस समिति (House Committee)

अध्यक्ष: बी. पट्टाभि सीतारमैय्या

कार्य: सदन के आंतरिक प्रबंधन — बैठक कक्षों, सुविधाओं का प्रबंधन

योगदान: संविधान सभा की 165 बैठकों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की

📜 11. कार्यसूची समिति (Order of Business Committee)

अध्यक्ष: के.एम. मुंशी

कार्य: प्रत्येक सत्र की कार्यसूची निर्धारित करना

योगदान: 11 सत्रों के लिए विस्तृत कार्यसूची तैयार की

📜 12. राष्ट्रीय ध्वज समिति (Ad hoc Committee on National Flag)

अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद

कार्य: राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप तय करना

परिणाम: 22 जुलाई 1947 — तिरंगा (केसरिया, सफेद, हरा) अशोक चक्र के साथ स्वीकृत

📜 13. संविधान सभा कार्य समिति (Functions Committee)

अध्यक्ष: जी.वी. मावलंकर

कार्य: संविधान सभा के कार्यों की परिभाषा और विभाजन

योगदान: संविधान सभा को अस्थायी संसद के रूप में कार्य करने की व्यवस्था

📜 14. वित्त एवं स्टाफ समिति (Finance and Staff Committee)

अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद

कार्य: वित्तीय प्रबंधन और स्टाफ की नियुक्ति

योगदान: ₹64 लाख के व्यय का प्रबंधन किया

📜 15. मौलिक अधिकार उप-समिति (Fundamental Rights Sub-Committee)

अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू

कार्य: मौलिक अधिकारों का विस्तृत अध्ययन

योगदान: 6 मौलिक अधिकारों की सूची तैयार की

📜 16. अल्पसंख्यक उप-समिति (Minorities Sub-Committee)

अध्यक्ष: बी. पट्टाभि सीतारमैय्या

कार्य: अल्पसंख्यकों के अधिकारों का अध्ययन

योगदान: धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षा प्रावधानों की सिफारिश

📜 17. उत्तर-पूर्वी सीमा जनजातीय क्षेत्र उप-समिति

अध्यक्ष: गोपीनाथ बोरदोलोई

कार्य: असम के जनजातीय क्षेत्रों का अध्ययन

योगदान: नागालैंड, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश के लिए विशेष प्रावधानों का सुझाव

📜 18. अस्पृश्यता उन्मूलन उप-समिति

अध्यक्ष: जी.वी. मावलंकर

कार्य: अस्पृश्यता उन्मूलन के उपाय

योगदान: अनुच्छेद 17 — अस्पृश्यता का उन्मूलन

📜 19. व्यतिरिक्त क्षेत्र उप-समिति

अध्यक्ष: ए.वी. ठक्कर

कार्य: व्यतिरिक्त क्षेत्रों का अध्ययन

योगदान: अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप जैसे क्षेत्रों के लिए प्रावधान

📜 20. प्रांतीय संविधान उप-समिति

अध्यक्ष: वल्लभभाई पटेल

कार्य: प्रांतीय संविधान का विस्तृत अध्ययन

योगदान: राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अधिकारों को परिभाषित किया

📜 21. बहिष्कृत और अर्ध-बहिष्कृत क्षेत्र उप-समिति

अध्यक्ष: जे.बी. कृपलानी

कार्य: बहिष्कृत और अर्ध-बहिष्कृत क्षेत्रों का अध्ययन

योगदान: अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए प्रावधान

📜 22. संयुक्त समिति (Joint Committee)

अध्यक्ष: एच.सी. मुखर्जी

कार्य: विभिन्न समितियों के कार्यों का समन्वय

योगदान: 22 समितियों के कार्यों को एकीकृत किया

🏛️ राजस्थान से संविधान सभा के सदस्य (1946-1950)

📜 राजस्थान के सदस्य — 9 सदस्य (रियासतवार)

सदस्यरियासत/क्षेत्रयोगदान
वी.टी. कृष्णमाचारीरियासतों से नामित (मैसूर से थे, राजस्थान का प्रतिनिधित्व)रियासतों के एकीकरण में सहायक, वित्तीय संघवाद के विशेषज्ञ
हीरा लाल शास्त्रीजयपुर रियासतराजस्थान के पहले मुख्यमंत्री (1949-1951), ग्रामीण विकास के समर्थक
राज बहादुरजोधपुर रियासतकानूनी मामलों में योगदान, संविधान की अंतिम प्रति पर हस्ताक्षर
माणिक्य लाल वर्माकोटा रियासतसामाजिक सुधारों में रुचि, हरिजन उत्थान के समर्थक
लौ. कर्नल अपजी दलेल सिंहबीकानेर रियासतसैन्य मामलों में योगदान, रियासतों की सेना के एकीकरण में सहायक
जय नारायण व्यासउदयपुर रियासतबाद में राजस्थान के मुख्यमंत्री (1951-1954), शिक्षा सुधारों के समर्थक
मुकट बिहारी लाल भार्गवअलवर रियासतवित्तीय मामलों में योगदान, राज्य के बजट पर चर्चा
गोकुलभाई भट्टबूंदी रियासतसामाजिक सुधारक, गांधीवादी, खादी और ग्रामोद्योग के समर्थक
बलवंत सिंह मेहताउदयपुर रियासत1948 में संविधान सभा में शामिल, 1 भाषण दिया, स्थानीय स्वशासन के समर्थक

नोट: राजस्थान की रियासतें 'संयुक्त राजस्थान' के रूप में संविधान सभा में प्रतिनिधित्व करती थीं। सभी 9 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान पर हस्ताक्षर किए।

👩 15 महिला सदस्य — संविधान सभा में (1946-1950)

📜 महिला सदस्य — सूची, क्षेत्र एवं योगदान

सदस्यक्षेत्र/राज्ययोगदान
राजकुमारी अमृत कौरकपूरथला (पंजाब)स्वास्थ्य मंत्री (बाद में), AIIMS की संस्थापक, धर्मनिरपेक्षता और महिला अधिकारों की समर्थक, 27 भाषण, 8,258 शब्द बोले
सरोजिनी नायडूसंयुक्त प्रांत (UP)कवयित्री, 'भारत कोकिला', स्वतंत्रता सेनानी, संविधान सभा में 2 भाषण, 1,200 शब्द, महिलाओं के अधिकारों की समर्थक
सुचेता कृपलानीसंयुक्त प्रांत (UP)बाद में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री (1963-67), संविधान सभा में 4 भाषण, 3,400 शब्द, महिला अधिकारों की समर्थक
हंसा जीवराज मेहताबंबईUN महिला आयोग की अध्यक्ष, 1948 में, संविधान सभा में 8 भाषण, 6,700 शब्द, महिलाओं के लिए आरक्षण की विरोधी (समानता के पक्ष में)
दुर्गाबाई देशमुखमद्राससामाजिक सुधारक, संविधान सभा में 8 भाषण, 7,400 शब्द, न्यायपालिका पर बहस में सक्रिय
अम्मू स्वामीनाथनमद्राससामाजिक कार्यकर्ता, जातिवाद विरोधी, संविधान सभा में 14 भाषण, 7,800 शब्द, अस्पृश्यता उन्मूलन की समर्थक
दक्षायानी वेलायुधनमद्रासपुलाया समुदाय से पहली महिला, गांधीवादी, संविधान सभा में 4 भाषण, 5,300 शब्द, अस्पृश्यता उन्मूलन की प्रबल समर्थक
रेनुका रायबंगालमहिला अधिकार कार्यकर्ता, संविधान सभा में 5 भाषण, 4,200 शब्द, न्याय और समानता की समर्थक
बेगम आज़ियाज़ रसूलसंयुक्त प्रांत (UP)मुस्लिम महिला, आरक्षण की विरोधी, संविधान सभा में 3 भाषण, 2,800 शब्द
कमलादेवी चट्टोपाध्यायबंबईसामाजिक सुधारक, संस्कृति मंत्री (बाद में), संविधान सभा में 2 भाषण, 1,900 शब्द
जी. दुर्गाबाईमद्राससबसे अधिक बोलने वाली महिला सदस्य — 23,000 शब्द, 15 भाषण, न्यायपालिका और मौलिक अधिकारों पर गहन बहस
पूर्णिमा बनर्जीबंगालसामाजिक कार्यकर्ता, संविधान सभा में 1 भाषण, 800 शब्द
कमला चौधरीराजस्थानसंविधान सभा में 2 भाषण, 1,200 शब्द
मालती चौधरीउड़ीसासंविधान सभा में 1 भाषण, 900 शब्द
अन्य एक महिला सदस्य

⚠️ महिला सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

  • हस्ताक्षर: सभी 15 महिला सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की मूल प्रति पर हस्ताक्षर किए
  • सबसे अधिक योगदान: जी. दुर्गाबाई (23,000 शब्द) — न्यायपालिका पर बहस
  • सबसे कम योगदान: पूर्णिमा बनर्जी (800 शब्द), मालती चौधरी (900 शब्द)
  • सबसे प्रभावशाली: हंसा जीवराज मेहता — UN में भारत का प्रतिनिधित्व किया, महिला आरक्षण की विरोधी थीं
  • सबसे साहसी: दक्षायानी वेलायुधन — पहली दलित महिला सदस्य, अस्पृश्यता उन्मूलन की समर्थक
  • सबसे कम उम्र: रेनुका राय (लगभग 30 वर्ष)

📜 उद्देश्य प्रस्ताव — 13 दिसंबर 1946

📜 नेहरू का ऐतिहासिक भाषण

"भारत एक संप्रभु स्वतंत्र गणराज्य होगा। उसके सभी नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व प्राप्त होगा।"

⚠️ उद्देश्य प्रस्ताव — 6 मुख्य बिंदु

  • संप्रभुता: भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र गणराज्य होगा
  • न्याय: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय
  • स्वतंत्रता: विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, विश्वास और उपासना की स्वतंत्रता
  • समानता: स्थिति और अवसर की समानता
  • बंधुत्व: व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता का आश्वासन
  • धर्मनिरपेक्षता: भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य होगा

📜 संविधान की मूल हस्तलिखित प्रतियाँ

📜 हस्तलिपिकार, कलाकार एवं अन्य योगदानकर्ता

योगदानव्यक्तिविवरण
अंग्रेजी हस्तलिपिप्रेम बिहारी नारायण रायज़ादानि:शुल्क हस्तलिपिकार (calligrapher), 234 पृष्ठ, 1000 वर्षों का जीवनकाल, केवल अनुरोध — "हर पृष्ठ पर मेरा नाम दिखाई दे"
हिंदी हस्तलिपिवसंत कृष्ण वैद्यहिंदी संस्करण के हस्तलिपिकार
चित्रण एवं कला (Illumination)नंदलाल बोस (प्रसिद्ध कलाकार, शांतिनिकेतन)संविधान के प्रत्येक पृष्ठ का कलात्मक चित्रण, भारतीय कला और संस्कृति का अद्वितीय मिश्रण
प्रस्तावना चित्रणबेओहार राममनोहर सिन्हाप्रस्तावना पृष्ठ का विशेष चित्रण
राष्ट्रीय चिन्ह (Emblem)दीनानाथ भार्गवअशोक स्तंभ का चित्रण
अन्य कलाकारकृपाल सिंह शेखावत, ए. पेरुमल, विनायक शिवराम मासोजी, बिस्वरूप बोस, गौरी भांजा, जमुना सेनविभिन्न पृष्ठों का चित्रण, भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब

🔍 संविधान की भौतिक विशेषताएँ

  • आकार: 45.7 सेमी × 58.4 सेमी
  • पृष्ठ: 234 पृष्ठ
  • वजन: ~13 किलोग्राम
  • सामग्री: सूक्ष्म-जीव प्रतिरोधी चर्मपत्र (parchment sheets) — 1000 वर्षों का जीवनकाल
  • सोने की पत्ती और पत्थर के रंगों का उपयोग
  • सुरक्षा: संसद पुस्तकालय में हेलियम-भरे या नाइट्रोजन-भरे कांच के बक्सों में सुरक्षित
  • हस्ताक्षर: 24 जनवरी 1950 को 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए

📜 संविधान की विशेषताएँ

  1. सबसे लंबा संविधान: 395 अनुच्छेद (Articles), 12 अनुसूचियाँ (Schedules) — विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान
  2. संघीय ढाँचा: संघीय (Federal) लेकिन एकात्मक (Unitary) प्रवृत्ति
  3. संसदीय प्रणाली: ब्रिटिश वेस्टमिंस्टर मॉडल — राष्ट्रपति (नाममात्र प्रमुख) और प्रधानमंत्री (वास्तविक प्रमुख)
  4. मौलिक अधिकार: 6 मौलिक अधिकार — समानता, स्वतंत्रता, शोषण के खिलाफ, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक और शैक्षिक, संवैधानिक उपचार
  5. निर्देशक सिद्धांत: 4 सिद्धांत (बाद में बढ़े) — राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांत
  6. अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा (2019 में निरस्त)
  7. मौलिक कर्तव्य: (बाद में 42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए)
  8. धर्मनिरपेक्षता: राज्य का कोई धर्म नहीं — सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान
  9. न्यायिक स्वतंत्रता: न्यायपालिका स्वतंत्र — सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court)
  10. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार: 21 वर्ष (बाद में 18)

📅 संविधान निर्माण की पूरी प्रक्रिया

📅 1946-1950 — चरणबद्ध प्रक्रिया

  • चरण 1 (1946-1947): उद्देश्य प्रस्ताव (13 दिसंबर 1946) → समितियों का गठन → रिपोर्टें प्रस्तुत (अप्रैल-अगस्त 1947)
  • चरण 2 (1947-1948): बी.एन. राव (संवैधानिक सलाहकार) ने प्रारूप तैयार किया (अक्टूबर 1947)
  • चरण 3 (अक्टूबर 1947-फरवरी 1948): प्रारूप समिति ने प्रारूप की जाँच की → 21 फरवरी 1948 को अंतिम प्रारूप प्रस्तुत
  • चरण 4 (1948-1949): सार्वजनिक टिप्पणियाँ → विशेष समिति (Union Constitution Committee + Provincial Constitution Committee + Union Powers Committee + Drafting Committee) द्वारा जाँच
  • चरण 5 (नवंबर 1948-अक्टूबर 1949): प्रत्येक अनुच्छेद पर बहस — 101 दिन, 16 दिन मौलिक अधिकारों पर
  • चरण 6 (17 अक्टूबर 1949): बहस समाप्त → प्रारूप समिति ने संशोधन किया
  • 26 नवंबर 1949: संविधान अंगीकृत
  • 26 जनवरी 1950: संविधान लागू

🔍 बहस के दौरान रोचक तथ्य

  • कुल 36 लाख शब्द बोले गए
  • 6 सदस्यों ने 1 लाख से अधिक शब्द बोले
  • आंबेडकर ने 2.67 लाख शब्द बोले (सबसे अधिक)
  • नेहरू ने 73,804 शब्द बोले
  • मौलिक अधिकारों पर 16 दिन बहस हुई (14% चर्चा)
  • निर्देशक सिद्धांतों पर 6 दिन (4% चर्चा)
  • नागरिकता पर 2% चर्चा

📌 अध्याय निष्कर्ष

संविधान निर्माण (1946-1950) भारतीय इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय था।

  • 389 → 299 सदस्य: विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों, विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व
  • 22 समितियाँ: 8 प्रमुख, 14 अन्य — विस्तृत विचार-विमर्श
  • 2 वर्ष 11 माह 18 दिन: 11 सत्र, 165 बैठक दिवस — ₹64 लाख व्यय
  • डॉ. आंबेडकर: "मॉडर्न मनु" — संविधान के मुख्य प्रवर्तक
  • 15 महिला सदस्य: सामाजिक न्याय, समानता, धर्मनिरपेक्षता की समर्थक
  • प्रेम बिहारी रायज़ादा: नि:शुल्क हस्तलिपिकार, 234 पृष्ठ
  • नंदलाल बोस: कला और चित्रण
  • 26 जनवरी 1950: भारत संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना

यह संविधान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अंतिम परिणाम था — जिसने गणतंत्र की नींव रखी ।

📌 Formation of Constituent Assembly

⚠️ Most Important Fact

The first meeting of the Constituent Assembly was held on 9 December 1946. Dr. Sachchidananda Sinha served as the temporary Chairman. On 11 December 1946, Dr. Rajendra Prasad was elected permanent Chairman .

On 13 December 1946, Pandit Jawaharlal Nehru moved the Objective Resolution — which later became the basis of the Preamble .

👥 Members — Province and Princely States

📜 Before Partition (389 Members)

  • Provinces: 292 members
  • Princely States: 93 members
  • Chief Commissioner areas: 4 members

📜 After Partition (299 Members)

  • Provinces: 229 members
  • Princely States: 70 members
  • 284 members signed the Constitution on 24 January 1950

🏛️ Major Committees

📜 8 Major Committees

CommitteeChairman
Drafting CommitteeDr. B.R. Ambedkar
Union Power CommitteeJawaharlal Nehru
Union Constitution CommitteeJawaharlal Nehru
States CommitteeJawaharlal Nehru
Provincial Constitution CommitteeVallabhbhai Patel
Fundamental Rights & Minority CommitteeVallabhbhai Patel
Rules of Procedure CommitteeRajendra Prasad
Steering CommitteeRajendra Prasad

📋 Drafting Committee — 29 August 1947

⚠️ Drafting Committee — Members

  • Chairman: Dr. B.R. Ambedkar
  • Alladi Krishnaswami Ayyar — Madras
  • N. Gopalaswami Ayyangar — Madras
  • K.M. Munshi — Bombay
  • Syed Mohammad Saadulla — Assam
  • B.L. Mitter — Bengal (resigned)
  • D.P. Khaitan — Bengal (died 1948)
  • T.T. Krishnamachari — replaced Khaitan
  • N. Madhava Rao — added later

📌 Chapter Conclusion

Constitution-making (1946-1950) was the most important chapter of Indian history.

  • 389 → 299 members: Representation from diverse regions, communities
  • 22 committees: 8 major, 14 others — extensive deliberations
  • 2 years 11 months 18 days: 11 sessions, 165 sitting days — ₹64 lakh expenditure
  • Dr. Ambedkar: "Modern Manu" — principal pilot
  • 15 women members: Social justice, equality, secularism
  • Prem Behari Narain Raizada: Free calligrapher, 234 pages
  • Nandalal Bose: Art and illumination
  • 26 January 1950: India became a sovereign democratic republic

📚 संदर्भ स्रोत 📚 References

  • Bipan Chandra — India's Struggle for Independence
  • Sumit Sarkar — Modern India 1885–1947
  • R.C. Majumdar — History of the Freedom Movement in India
  • Ramachandra Guha — India After Gandhi
  • Constituent Assembly Debates — Official Records
  • Granville Austin — The Indian Constitution: Cornerstone of a Nation
  • Dr. B.R. Ambedkar — Writings and Speeches
  • Bipan Chandra — India's Struggle for Independence
  • Sumit Sarkar — Modern India 1885–1947
  • R.C. Majumdar — History of the Freedom Movement in India
  • Ramachandra Guha — India After Gandhi
  • Constituent Assembly Debates — Official Records
  • Granville Austin — The Indian Constitution: Cornerstone of a Nation
  • Dr. B.R. Ambedkar — Writings and Speeches