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#Nutrition2026

पोषण एवं आहार पूर्ण ज्ञान एवं संदर्भ पुस्तिका – 2026

NUTRITION • DIET • HEALTH • INDIA 2026
2026
📘 पोषक तत्त्व · आहार · स्वास्थ्य · नीतियाँ · राजस्थान

1. पोषण क्या है? – मूल अवधारणा

पोषण (Nutrition) वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से शरीर भोजन को ग्रहण करता है, पचाता है, अवशोषित करता है और उसका उपयोग वृद्धि, ऊर्जा, क्षतिपूर्ति एवं स्वास्थ्य के लिए करता है।

आहार (Diet) किसी व्यक्ति द्वारा नियमित रूप से ग्रहण किए जाने वाले भोजन और पेय पदार्थों का समूह है।

📌 महत्व: पोषण शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का आधार है। संतुलित आहार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, विकास को बढ़ावा देता है और गैर-संचारी रोगों (NCDs) से बचाता है।

2. पोषक तत्व – प्रकार एवं कार्य

2.1. स्थूल पोषक तत्व (Macronutrients)

🔹 कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates)

  • कार्य: शरीर को मुख्य ऊर्जा प्रदान करते हैं
  • प्रकार: सरल कार्बोहाइड्रेट (शर्करा) एवं जटिल कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च, फाइबर)
  • स्रोत: चावल, गेहूं, बाजरा, मक्का, फल, सब्जियाँ
  • अनुशंसित मात्रा: कुल कैलोरी का 50-60%

🔹 प्रोटीन (Proteins)

  • कार्य: ऊतकों का निर्माण एवं मरम्मत, एंजाइम, हार्मोन, प्रतिरक्षा
  • स्रोत: दालें, अंडे, मांस, मछली, दूध, सोयाबीन
  • अनुशंसित मात्रा: 0.8-1 ग्राम/किग्रा आदर्श शरीर वजन (वयस्क)

🔹 वसा (Fats)

  • कार्य: ऊर्जा, वसा-घुलनशील विटामिन का अवशोषण, अंगों की सुरक्षा
  • प्रकार: संतृप्त (SFA), असंतृप्त (MUFA, PUFA), ट्रांस वसा
  • स्रोत: तेल, घी, नट्स, बीज, मछली
  • अनुशंसित मात्रा: कुल कैलोरी का 20-30%; SFA <10%, ट्रांस वसा <1%

2.2. सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients)

🔹 विटामिन (Vitamins)
वसा-घुलनशील: A, D, E, K
जल-घुलनशील: B-complex, C
कार्य: उपापचय (Metabolism), प्रतिरक्षा, दृष्टि, हड्डियाँ
🔹 खनिज (Minerals)
मैक्रो: Ca, Mg, Na, K
माइक्रो: Fe, Zn, I, Se
कार्य: हड्डियाँ, रक्त, तंत्रिका तंत्र, एंजाइम
🔹 आयरन (Iron)
कार्य: हीमोग्लोबिन निर्माण
अनुशंसित मात्रा (गर्भवती): 40 मिलीग्राम/दिन
🔹 कैल्शियम (Calcium)
कार्य: हड्डियाँ, दाँत, तंत्रिका संचरण
स्रोत: दूध, दही, हरी सब्जियाँ
🔹 आयोडीन (Iodine)
कार्य: थायराइड हार्मोन
समस्या: आयोडीन की कमी से गलगंड (Goitre)
🔹 फोलिक अम्ल (Folic Acid)
कार्य: DNA संश्लेषण, न्यूरल ट्यूब दोष की रोकथाम
अनुशंसित: गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक

3. संतुलित आहार – ICMR-NIN दिशानिर्देश

ICMR (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद) एवं NIN (राष्ट्रीय पोषण संस्थान) भारतीयों के लिए आहार दिशानिर्देश (Dietary Guidelines for Indians – DGIs) जारी करते हैं।

3.1. ICMR-NIN के 17 आहार-आधारित अनुशंसाएँ

  • आहार में विविधता लाएँ
  • अनाज को दालों के साथ मिलाएँ
  • मौसमी फलों एवं सब्जियों का सेवन बढ़ाएँ
  • दूध, दही, अंडे और मांस (जहाँ स्वीकार्य हो) को मध्यम मात्रा में शामिल करें
  • वसा, चीनी और नमक से भरपूर खाद्य पदार्थों को सीमित करें
  • अतिसंसाधित (Ultra-processed) खाद्य पदार्थों से बचें
  • नियमित शारीरिक गतिविधि एवं वजन प्रबंधन पर ध्यान दें

स्रोत:

3.2. "My Plate for India" – ICMR-NIN

  • आधा थाली: फल एवं सब्जियाँ
  • एक-चौथाई: प्रोटीन (दालें, अंडे, मांस)
  • एक-चौथाई: अनाज (चावल, गेहूं, बाजरा)

ICMR-NIN की सिफारिश: कुल दैनिक ऊर्जा का 50-60% कार्बोहाइड्रेट (मुख्यतः जटिल) से प्राप्त होना चाहिए।

3.3. विशेष समूहों के लिए पोषण संबंधी आवश्यकताएँ

  • गर्भवती महिलाएँ: अतिरिक्त 350 किलोकैलोरी/दिन, आयरन एवं फोलिक अम्ल अनिवार्य
  • स्तनपान कराने वाली माताएँ (0-6 माह): अतिरिक्त 600 किलोकैलोरी/दिन
  • शिशु (0-6 माह): विशेष स्तनपान (Exclusive Breastfeeding) – स्वर्ण मानक
  • शिशु (6 माह से अधिक): स्तनपान जारी रखते हुए पूरक आहार (Complementary Feeding) शुरू करें
  • वृद्धजन: पोषक तत्वों से भरपूर भोजन (कम कैलोरी, अधिक पोषण)

3.4. अन्य महत्वपूर्ण सिफारिशें

  • नमक: 5 ग्राम/दिन से कम
  • चीनी: कुल ऊर्जा का <10% (आदर्शतः <5%)
  • पानी: 2-3 लीटर/दिन [citation:7]
  • व्यायाम: वयस्कों के लिए ≥150 मिनट/सप्ताह मध्यम-तीव्रता वाला व्यायाम
📌 ICMR-NIN 2024 दिशानिर्देश: "कोई एक खाद्य पदार्थ सभी पोषण आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता – संतुलित एवं विविध आहार आवश्यक है।"

4. आहार संबंधी बीमारियाँ

📌 ICMR-NIN 2026 के अनुसार: देश की 56% बीमारी का बोझ अस्वास्थ्यकर आहार से जुड़ा है।

🔴 अतिपोषण (Overnutrition) से संबंधित

  • मोटापा (Obesity)
  • मधुमेह (Diabetes Mellitus)
  • हृदय रोग (CVD)
  • उच्च रक्तचाप (Hypertension)
  • वसा यकृत (Fatty Liver)

कारण: अतिरिक्त कैलोरी, परिष्कृत अनाज, तले हुए खाद्य पदार्थ, शर्करा युक्त पेय, अति-संसाधित भोजन

🟡 कुपोषण (Undernutrition) से संबंधित

  • कम वजन (Underweight)
  • बौनापन (Stunting)
  • क्षीणता (Wasting)
  • सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी (Micronutrient Deficiencies)

कारण: अपर्याप्त भोजन, कम पोषक तत्व घनत्व, खराब अवशोषण

5. कुपोषण – भारत की सबसे बड़ी चुनौती

📌 स्थिति: भारत में 57% महिलाएँ और 67% बच्चे एनीमिक (खून की कमी) हैं।
  • बाल क्षीणता (Wasting): 19% (विश्व में सर्वोच्च)
  • बाल अवरुद्ध वृद्धि (Stunting): 29.3%
  • कुपोषण (Undernourishment): 12% (बढ़ती प्रवृत्ति)

5.1. एनीमिया (Anaemia) – सबसे व्यापक समस्या

  • आयरन, फोलिक अम्ल, विटामिन B12 की कमी
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार व्यापकता
  • गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों में अत्यधिक

5.2. "छिपी हुई भूख" (Hidden Hunger)

  • सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी (विटामिन D, B12, आयरन)
  • शहरी क्षेत्रों में भी व्याप्त – गतिहीन जीवनशैली, आहार में विविधता की कमी

6. भारत की पोषण नीतियाँ एवं कार्यक्रम

6.1. POSHAN Abhiyaan (राष्ट्रीय पोषण मिशन)

  • प्रारंभ: 2018
  • उद्देश्य: कुपोषण मुक्त भारत – बौनापन, क्षीणता, कम वजन, एनीमिया को कम करना
  • लक्ष्य: 2030 तक कुपोषण को समाप्त करना

6.2. POSHAN Abhiyaan 2.0 (मिशन पोषण 2.0)

  • विस्तार: 2023 से, अब आंगनवाड़ी केंद्रों पर ध्यान
  • लाभार्थी: 6 माह-6 वर्ष के बच्चे, गर्भवती महिलाएँ, स्तनपान कराने वाली माताएँ, किशोरियाँ (14-18 वर्ष)
  • पूरक पोषण: घर ले जाने योग्य राशन (THR), सुबह का नाश्ता, गर्म पका भोजन (HCM)
  • गुणवत्ता: नए मानदंड (2023) कैलोरी-विशिष्ट से आहार विविधता एवं गुणवत्तापूर्ण प्रोटीन, स्वस्थ वसा, सूक्ष्म पोषक तत्वों पर केंद्रित
  • गंभीर कुपोषण (SAM): अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जाता है

6.3. अन्य प्रमुख कार्यक्रम

कार्यक्रमप्रारंभविवरण
Integrated Child Development Services (ICDS)1975आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं को पोषण
Mid-Day Meal Scheme (MDMS)1995स्कूली बच्चों को पोषण युक्त भोजन
Anemia Mukt Bharat (AMB)2018एनीमिया मुक्त भारत – IFA सप्लीमेंटेशन, कृमि मुक्ति
National Iodine Deficiency Disorders Control Program (NIDDCP)1962आयोडीन युक्त नमक (Iodized Salt) को बढ़ावा
Weekly Iron Folic Acid Supplementation (WIFS)2013किशोरियों एवं किशोरों को IFA की गोलियाँ
National Food Security Act (NFSA), 2013201380 करोड़+ लोगों को सब्सिडी युक्त खाद्यान्न

6.4. ICMR-NIN दिशानिर्देश 2024

  • 17 आहार-आधारित अनुशंसाएँ
  • अनाज, दालें, फल, सब्जियाँ, दूध, अंडे, मांस का उचित मिश्रण
  • उच्च वसा, चीनी, नमक वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करना
  • अति-संसाधित खाद्य पदार्थों से बचाव

6.5. चावल फोर्टिफिकेशन

  • उद्देश्य: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), मध्याह्न भोजन, आंगनवाड़ी के माध्यम से आयरन, फोलिक अम्ल, विटामिन B12 प्रदान करना
  • POSHAN Abhiyaan एवं Anemia Mukt Bharat के अंतर्गत पायलट परियोजनाएँ
  • चुनौतियाँ: भंडारण, पोषक तत्वों की स्थिरता, बहु-आयामी पोषण चुनौती
  • भविष्य: खाद्य तेल, दूध, गेहूं का आटा जैसे अन्य खाद्य पदार्थों में फोर्टिफिकेशन का विस्तार

7. राजस्थान में पोषण की स्थिति

7.1. NFHS-6 (2023-24) – राजस्थान के प्रमुख निष्कर्ष

⚠️ गिरावट

  • किशोर गर्भधारण (15-19 वर्ष): 3.7% → 4.7% (बढ़ी)
  • आधुनिक गर्भनिरोधक उपयोग: 62.1% → 57.1% (घटा)
  • विशेष स्तनपान (6 माह से कम): 70.4% → 54.3% (बड़ी गिरावट)
  • पूर्ण टीकाकरण (12-23 माह): 85.3% → 75% (घटा)

✅ सुधार

  • बाल दस्त (Diarrhea): 6.1% → 5.8%
  • तीव्र श्वसन संक्रमण (ARI): 2.9% → 1.7%
  • नवजात देखभाल: 86.9% → 89.6% (जन्म के 2 दिन के भीतर)
  • ARI के लिए देखभाल: 71.1% → 74.7%
📌 सारांश: राजस्थान में किशोर गर्भधारण, टीकाकरण, स्तनपान में गिरावट चिंताजनक है, जबकि बाल रोगों एवं नवजात देखभाल में सुधार हुआ है।

7.2. राजस्थान की पोषण संबंधी चुनौतियाँ

  • कुपोषण: अभी भी एक बड़ी चुनौती
  • गंभीर कुपोषण (SAM): प्रभावी हस्तक्षेप की आवश्यकता
  • ग्रामीण-शहरी असमानता: स्वास्थ्य सेवाओं एवं पोषण तक पहुँच में अंतर
  • महिला स्वास्थ्य: एनीमिया, किशोर गर्भधारण, प्रसव पूर्व देखभाल
  • शिशु एवं बाल पोषण: विशेष स्तनपान एवं पूरक आहार में सुधार की आवश्यकता

8. राजस्थान की पोषण पहल

8.1. आंगनवाड़ी एवं पूरक पोषण

  • मिशन पोषण 2.0 के अंतर्गत राजस्थान में सभी लाभार्थियों को पूरक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है
  • स्थानीय स्वाद: राज्य-विशिष्ट व्यंजन विधियाँ तैयार करने के लिए ICMR-NIN, कृषि विश्वविद्यालयों, गृह विज्ञान कॉलेजों से परामर्श
  • पोषण शिक्षा: देखभाल करने वालों के लिए पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा

8.2. नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य

  • HBNC (Home Based Newborn Care) एवं HBYC (Home Based Young Child Care): उच्च-जोखिम वाले नवजातों के लिए घर पर देखभाल
  • SNCU (Special Newborn Care Units): गुणवत्ता सूचकांक एवं स्टाफ प्रशिक्षण [citation:8]
  • पीडियाट्रिक यूनिट्स: 41 समर्पित पीडियाट्रिक यूनिट्स (HDU, PICU) जिला अस्पतालों में

8.3. सरकारी पहलें

  • राजस्थान का NFHS-6 प्रदर्शन: कुछ क्षेत्रों में सुधार (दस्त, ARI, नवजात देखभाल) [citation:8]
  • सरकार की प्रतिक्रिया: उप-स्वास्थ्य केंद्रों में निवेश, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार [citation:3]
  • पोषण पखवाड़ा: पोषण जागरूकता अभियान (8-23 अप्रैल)

9. चुनौतियाँ एवं भविष्य

⚠️ चुनौतियाँ

राष्ट्रीय स्तर:

  • एनीमिया की उच्च व्यापकता (57% महिलाएँ, 67% बच्चे)
  • बाल क्षीणता (Wasting) – विश्व में सर्वोच्च
  • शहरी-ग्रामीण विभाजन – शहरी क्षेत्रों में भी सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी
  • खाद्य फोर्टिफिकेशन की चुनौतियाँ – भंडारण, पोषक तत्व स्थिरता, बहु-आयामी समस्या
  • कुपोषण एवं अतिपोषण का सह-अस्तित्व

राजस्थान:

  • किशोर गर्भधारण में वृद्धि (4.7%)
  • विशेष स्तनपान में गिरावट (70.4% → 54.3%)
  • टीकाकरण कवरेज में गिरावट (85.3% → 75%)

✅ भविष्य की दिशा

राष्ट्रीय:

  • आहार विविधता को बढ़ावा – मोटे अनाज (मिलेट्स), दालें, फल, सब्जियाँ
  • फोर्टिफिकेशन का विस्तार – खाद्य तेल, दूध, गेहूँ का आटा
  • POSHAN Abhiyaan 2.0 का सुदृढ़ कार्यान्वयन
  • ICMR-NIN 2024 दिशानिर्देश – 17 अनुशंसाओं का प्रचार-प्रसार
  • Anemia Mukt Bharat – आयरन-फोलिक अम्ल सप्लीमेंटेशन, कृमि मुक्ति

राजस्थान:

  • किशोर स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान – गर्भधारण रोकथाम, गर्भनिरोधक
  • स्तनपान को बढ़ावा – 6 माह तक विशेष स्तनपान को प्रोत्साहन
  • टीकाकरण कवरेज में सुधार
  • कुपोषण के लिए लक्षित हस्तक्षेप
🔑 मुख्य निष्कर्ष: "जब हम कहते हैं कि 56% बीमारी का बोझ आहार से जुड़ा है, तो हम वास्तव में रसोई और दुकान पर रोजमर्रा की पसंद के बारे में बात कर रहे हैं।" – ICMR-NIN विशेषज्ञ

10. पोषण तकनीकी शब्दावली (ग्लोसरी)

पोषण (Nutrition) – भोजन को ग्रहण करने, पचाने, अवशोषित करने एवं उपयोग करने की प्रक्रिया
आहार (Diet) – किसी व्यक्ति द्वारा नियमित रूप से ग्रहण किया जाने वाला भोजन एवं पेय
MACRONUTRIENTS – स्थूल पोषक तत्व (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा)
MICRONUTRIENTS – सूक्ष्म पोषक तत्व (विटामिन, खनिज)
RDA – Recommended Dietary Allowance – 97-98% स्वस्थ व्यक्तियों की आवश्यकता पूरी करता है [citation:7]
ICMR – भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद
NIN – राष्ट्रीय पोषण संस्थान (National Institute of Nutrition) – हैदराबाद
NFHS – राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (National Family Health Survey)
फोर्टिफिकेशन (Fortification) – खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व मिलाना
कुपोषण (Malnutrition) – अतिपोषण एवं कुपोषण दोनों का समावेश
बौनापन (Stunting) – उम्र के अनुसार कम ऊँचाई (दीर्घकालिक कुपोषण)
क्षीणता (Wasting) – ऊँचाई के अनुसार कम वजन (तीव्र कुपोषण)
एनीमिया (Anaemia) – रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी
NCDs – गैर-संचारी रोग (Non-Communicable Diseases)
SAM – Severe Acute Malnutrition (गंभीर तीव्र कुपोषण)
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