रोग एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम पूर्ण ज्ञान एवं संदर्भ पुस्तिका – 2026
📑 विषय-सूची
1. सार्वजनिक स्वास्थ्य क्या है? – मूल अवधारणा
सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) समाज के सभी लोगों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, बीमारियों को रोकने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने का विज्ञान और कला है। यह व्यक्तिगत के बजाय समुदाय पर केंद्रित है।
प्रमुख क्षेत्र:
- रोग नियंत्रण एवं रोकथाम
- स्वास्थ्य संवर्धन
- पर्यावरणीय स्वास्थ्य
- स्वास्थ्य नीति एवं प्रबंधन
- महामारी विज्ञान (Epidemiology)
2. संचारी रोग (Communicable Diseases)
संचारी रोग वे रोग हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे संपर्क, हवा, पानी, भोजन, कीड़े आदि के माध्यम से फैलते हैं।
2.1. वायुजनित रोग (Airborne Diseases)
- टी.बी. (Tuberculosis): भारत में सबसे बड़ा टीबी का बोझ (विश्व का 26%)
- COVID-19: महामारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की कमजोरियाँ उजागर कीं
- इन्फ्लूएंजा (Flu), खसरा, कण्ठमाला
2.2. जलजनित रोग (Waterborne Diseases)
- हैजा (Cholera), टाइफाइड, हेपेटाइटिस A & E, डायरिया
- भारत में डायरिया बाल मृत्यु का एक प्रमुख कारण है
- स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता से रोका जा सकता है
2.3. वेक्टर-जनित रोग (Vector-borne Diseases)
- मलेरिया (Malaria): एनोफिलीज़ मच्छर द्वारा फैलता है
- डेंगू (Dengue): एडीज़ मच्छर द्वारा, शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है
- चिकनगुनिया, जापानी इन्सेफेलाइटिस (JE), कालाजार (Kala-azar)
- राजस्थान में डेंगू और मलेरिया प्रमुख चुनौतियाँ हैं
2.4. यौन एवं रक्त-जनित रोग
- एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS): भारत में 23 लाख से अधिक लोग HIV के साथ जी रहे हैं
- हेपेटाइटिस B & C
- सिफिलिस, गोनोरिया
3. गैर-संचारी रोग (Non-Communicable Diseases – NCDs)
NCDs संक्रामक नहीं हैं, आमतौर पर दीर्घकालिक होते हैं, और जीवनशैली, आहार, आनुवंशिकी से जुड़े होते हैं।
3.1. प्रमुख NCDs
- हृदय रोग (CVD): भारत में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण
- मधुमेह (Diabetes): भारत विश्व की राजधानी – 10 करोड़+ मरीज
- कैंसर (Cancer): बढ़ती घटनाएँ – मुख, फेफड़े, स्तन, गर्भाशय
- उच्च रक्तचाप (Hypertension), मोटापा, पुरानी श्वसन बीमारियाँ
3.2. NCDs के जोखिम कारक
- तम्बाकू का उपयोग: भारत में 27 करोड़ से अधिक तम्बाकू उपयोगकर्ता
- अस्वास्थ्यकर आहार: अति-संसाधित भोजन, चीनी, नमक, वसा
- शारीरिक निष्क्रियता: बढ़ती गतिहीन जीवनशैली
- शराब का सेवन, वायु प्रदूषण, तनाव
4. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission – NHM)
NHM भारत सरकार का सबसे बड़ा स्वास्थ्य कार्यक्रम है। यह 2013 में NRHM (राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) और NUHM (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) के विलय से बना।
4.1. NHM के प्रमुख घटक
- ASHA (Accredited Social Health Activist): ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता
- जननी सुरक्षा योजना (JSY): प्रसव हेतु वित्तीय प्रोत्साहन
- जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK): गर्भवती महिलाओं एवं नवजातों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK): 0-18 वर्ष के बच्चों की जाँच
- राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK): किशोर स्वास्थ्य
- मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) सेवाएँ
- नवजात देखभाल (HBNC, SNCU): Home Based Newborn Care, Special Newborn Care Units
- 10 लाख+ ASHA कार्यकर्ता
- प्रसव में 80%+ संस्थागत प्रसव
- शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी
5. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम
| कार्यक्रम | शुरुआत | उद्देश्य |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) | 1962 (RNTCP), 2020 में NTEP | 2025 तक टीबी उन्मूलन |
| राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम | 1953 | मलेरिया उन्मूलन |
| राष्ट्रीय डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम | 1996 | डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण |
| राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) | 1992 | HIV/एड्स की रोकथाम एवं नियंत्रण |
| राष्ट्रीय कैंसर, मधुमेह, CVD एवं स्ट्रोक कार्यक्रम (NPCDCS) | 2010 | NCDs की रोकथाम एवं नियंत्रण |
| राष्ट्रीय आयोडीन कमी विकार नियंत्रण कार्यक्रम (NIDDCP) | 1962 | आयोडीन युक्त नमक को बढ़ावा |
| राष्ट्रीय अन्धता नियंत्रण कार्यक्रम | 1976 | अंधता की रोकथाम |
| कृमि मुक्ति कार्यक्रम (National Deworming Day) | 2015 | कृमि संक्रमण की रोकथाम |
6. टीकाकरण कार्यक्रम (Universal Immunization Programme – UIP)
UIP भारत का प्रमुख टीकाकरण कार्यक्रम है, जो 1985 में शुरू हुआ।
6.1. UIP के अंतर्गत टीके
- BCG: टीबी के लिए
- OPV/IPV: पोलियो के लिए
- DPT: डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस के लिए
- Hepatitis B: हेपेटाइटिस B के लिए
- Hib: हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा B के लिए
- Measles-Rubella (MR): खसरा-रूबेला के लिए
- Japanese Encephalitis (JE): जापानी इन्सेफेलाइटिस के लिए (चयनित राज्यों में)
- Pneumococcal Conjugate Vaccine (PCV): निमोनिया के लिए
- Rotavirus Vaccine (RVV): डायरिया के लिए
- HPV Vaccine: गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लिए (किशोरियों को)
6.2. Intensified Mission Indradhanush (IMI)
- 2017 में शुरू – पूर्ण टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के लिए
- अभी तक 3.5 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण
- राजस्थान में IMI के माध्यम से टीकाकरण कवरेज में सुधार हुआ है
6.3. पोलियो मुक्त भारत
- 2014 में भारत को WHO द्वारा पोलियो मुक्त घोषित किया गया
- इंटेंसिफाइड पल्स पोलियो इम्युनाइजेशन के माध्यम से हासिल
7. आयुष्मान भारत – PM-JAY
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) – दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना, 2018 में शुरू हुई।
- लाभार्थी: 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवार (50 करोड़+ व्यक्ति)
- कवरेज: प्रति परिवार ₹5 लाख प्रति वर्ष
- कवर: द्वितीयक एवं तृतीयक देखभाल (Secondary & Tertiary care)
- हॉस्पिटल: 25,000+ पैनल वाले अस्पताल (सरकारी + निजी)
- जिला-स्तरीय: NITI Aayog के स्वास्थ्य सूचकांक में शामिल
- राजस्थान: PM-JAY के तहत 60 लाख+ परिवार लाभान्वित
8. राजस्थान के स्वास्थ्य कार्यक्रम
8.1. राजस्थान स्वास्थ्य सुधार
- राजस्थान चिरंजीवी योजना: मुफ्त स्वास्थ्य सेवा
- मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना: मुफ्त दवाएँ
- जीवन रक्षा योजना: बीमा योजना
- व्यापक गर्भवती महिला पैकेज: प्रसव पूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल
8.2. NFHS-6 (2023-24) – राजस्थान के प्रमुख निष्कर्ष
- किशोर गर्भधारण: 3.7% → 4.7% (बढ़ी)
- आधुनिक गर्भनिरोधक उपयोग: 62.1% → 57.1% (घटा)
- विशेष स्तनपान: 70.4% → 54.3%
- पूर्ण टीकाकरण: 85.3% → 75%
- नवजात देखभाल: 86.9% → 89.6% (सुधार)
8.3. राजस्थान की स्वास्थ्य चुनौतियाँ
- किशोर गर्भधारण में वृद्धि
- टीकाकरण कवरेज में गिरावट
- स्तनपान में गिरावट
- कुपोषण – अभी भी एक बड़ी चुनौती
- ग्रामीण-शहरी असमानता
9. भारत के स्वास्थ्य सूचकांक (NITI Aayog)
NITI Aayog द्वारा जारी स्वास्थ्य सूचकांक (Health Index) राज्यों के स्वास्थ्य प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है।
| राज्य | स्कोर (2025) | स्थिति |
|---|---|---|
| केरल | 82.2 | सर्वोत्तम |
| तमिलनाडु | 75.6 | दूसरा |
| राजस्थान | 55.8 | मध्यम |
| उत्तर प्रदेश | 45.2 | निम्न |
| बिहार | 39.8 | सबसे नीचे |
स्वास्थ्य सूचकांक के मानदंड:
- शिशु मृत्यु दर (IMR)
- मातृ मृत्यु दर (MMR)
- पूर्ण टीकाकरण कवरेज
- संस्थागत प्रसव
- गैर-संचारी रोग (NCD) की रोकथाम
- स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचा
10. चुनौतियाँ एवं भविष्य
⚠️ चुनौतियाँ
- रोगों का दोहरा बोझ: संचारी एवं गैर-संचारी रोगों का सह-अस्तित्व
- स्वास्थ्य असमानताएँ: ग्रामीण-शहरी, अमीर-गरीब अंतर
- बुनियादी ढाँचा: PHC/CHC की कमी, डॉक्टरों की कमी
- जलवायु परिवर्तन: नए वेक्टर-जनित रोगों का उदय
- व्यवहार परिवर्तन: जीवनशैली में बदलाव कठिन
- स्वास्थ्य वित्त: GDP का <1.5% स्वास्थ्य पर खर्च
राजस्थान:
- किशोर गर्भधारण में वृद्धि
- टीकाकरण कवरेज में गिरावट
- ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
✅ भविष्य की दिशा
- डिजिटल स्वास्थ्य: Ayushman Bharat Digital Mission (ABDM), e-Sanjeevani
- स्वास्थ्य बीमा: PM-JAY का विस्तार
- रोग निगरानी: Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP)
- टेलीमेडिसिन: e-Sanjeevani – 2 करोड़+ परामर्श
- स्वास्थ्य स्वयंसेवक: ASHA, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मजबूत करना
- स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम: RBSK का विस्तार
- मानसिक स्वास्थ्य: National Mental Health Programme (NMHP)
राजस्थान:
- किशोर स्वास्थ्य पर फोकस
- टीकाकरण कवरेज में सुधार
- स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे में निवेश
- कुपोषण के लिए लक्षित हस्तक्षेप