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#NFHS6_2026

NFHS-6 : राजस्थान एवं भारत की तुलना पूर्ण संदर्भ पुस्तिका – 2026

NATIONAL FAMILY HEALTH SURVEY • 2023-24 • INDIA • RAJASTHAN
2026
📘 NFHS-5 vs NFHS-6 · Rajasthan · India · Expert Analysis

1. NFHS-6 क्या है? – मूल अवधारणा

National Family Health Survey (NFHS) भारत का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक राष्ट्रीय स्तरीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण है। यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है [citation:4]।

NFHS-6 (2023-24): छठा दौर, जो मई 2026 में जारी किया गया [citation:6]। इसमें 101 प्रमुख संकेतक शामिल हैं [citation:6]।

📌 महत्व: NFHS-6 राजस्थान और भारत के स्वास्थ्य परिदृश्य को समझने का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। यह मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, परिवार नियोजन सहित 100+ संकेतकों पर डेटा प्रदान करता है [citation:6]।

2. राजस्थान : NFHS-5 vs NFHS-6 – तुलना तालिका

संकेतक NFHS-5 (2019-21) NFHS-6 (2023-24) परिवर्तन प्रवृत्ति
किशोर गर्भधारण (15-19 वर्ष) 3.7% 4.7% +1.0% ⬆ खराब
आधुनिक गर्भनिरोधक उपयोग 62.1% 57.1% -5.0% ⬆ खराब
संस्थागत प्रसव (Institutional Births) 94.9% 94.1% -0.8% ⬆ खराब
सरकारी अस्पतालों में प्रसव 77.0% 70.5% -6.5% ⬆ खराब
कुशल प्रसव सहायक 95.6% 94.9% -0.7% ⬆ खराब
सिजेरियन सेक्शन (C-section) दर 10.4% 15.6% +5.2% ⬆ खराब
विशेष स्तनपान (6 माह से कम) 70.4% 54.3% -16.1% ⬆ खराब
क्षीणता (Wasting – 5 वर्ष से कम) 16.8% 19.8% +3.0% ⬆ खराब
कम वजन (Underweight – 5 वर्ष से कम) 27.6% 33.3% +5.7% ⬆ खराब
पूर्ण टीकाकरण (12-23 माह) 85.3% 75.0% -10.3% ⬆ खराब
बौनापन (Stunting – 5 वर्ष से कम) 31.8% 29.6% -2.2% ⬇ सुधार
नवजात देखभाल (2 दिन के भीतर) 86.9% 89.6% +2.7% ⬇ सुधार

स्रोत: NFHS-5 (2019-21) एवं NFHS-6 (2023-24) – स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय [citation:6][citation:2][citation:3]

📌 महत्वपूर्ण निष्कर्ष: राजस्थान में 10 में से 8 प्रमुख संकेतकों में गिरावट आई है। सबसे बड़ी गिरावट विशेष स्तनपान (70.4% → 54.3%), सरकारी अस्पतालों में प्रसव (77% → 70.5%), और पूर्ण टीकाकरण (85.3% → 75.0%) में देखी गई है [citation:6][citation:3][citation:8]।

3. बिगड़ते सूचकांक (Worsening Indicators) – राजस्थान

🔴 किशोर गर्भधारण

  • NFHS-5: 3.7% → NFHS-6: 4.7%
  • वृद्धि: +1.0%
  • 50+ संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप की माँग की है [citation:3]

🔴 विशेष स्तनपान

  • NFHS-5: 70.4% → NFHS-6: 54.3%
  • गिरावट: -16.1%
  • राष्ट्रीय स्तर पर भी गिरावट (63.7% → 55.8%) [citation:7]

🔴 पूर्ण टीकाकरण

  • NFHS-5: 85.3% → NFHS-6: 75.0%
  • गिरावट: -10.3%
  • BCG: 95.6% → 92.9%, Pentavalent: 89.4% → 87.2% [citation:8]

🔴 कुपोषण (5 वर्ष से कम)

  • क्षीणता (Wasting): 16.8% → 19.8%
  • कम वजन (Underweight): 27.6% → 33.3%
  • हर तीसरा बच्चा कुपोषित [citation:10]

🔴 सिजेरियन सेक्शन दर

  • NFHS-5: 10.4% → NFHS-6: 15.6%
  • शहरी: 19.7% → 32.8%
  • ग्रामीण: 8.1% → 11.4% [citation:1]

🔴 सरकारी अस्पतालों में प्रसव

  • NFHS-5: 77.0% → NFHS-6: 70.5%
  • गिरावट: -6.5%
  • लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से दूर हो रहे हैं [citation:1]
🔑 मुख्य चिंता: Jan Swasthya Abhiyan (JSA) ने चेतावनी दी है कि टीकाकरण में गिरावट से रोके जा सकने वाली बीमारियों (Vaccine-Preventable Diseases) का खतरा बढ़ सकता है [citation:3][citation:5]।

4. सुधार के सूचकांक (Improving Indicators) – राजस्थान

🟢 नवजात देखभाल

  • 2 दिन के भीतर देखभाल: 86.9% → 89.6%
  • सुधार: +2.7%
  • HBNC एवं SNCU कार्यक्रमों का प्रभाव [citation:2]

🟢 बौनापन (Stunting)

  • NFHS-5: 31.8% → NFHS-6: 29.6%
  • सुधार: -2.2%
  • लगातार सुधार जारी [citation:6]

🟢 बाल रोगों में कमी

  • डायरिया: 6.1% → 5.8%
  • ARI (तीव्र श्वसन संक्रमण): 2.9% → 1.7%
  • ARI के लिए देखभाल: 71.1% → 74.7% [citation:2]

🟢 प्रसव पूर्व देखभाल

  • ANC कवरेज में सुधार
  • पहली तिमाही में जाँच बढ़ी
  • आयरन-फोलिक अम्ल का सेवन बढ़ा [citation:6]
📌 सकारात्मक पहलू: राजस्थान ने बच्चों के स्वास्थ्य सूचकांक में सुधार दिखाया है, विशेष रूप से नवजात देखभाल और बाल रोगों में। बौनापन (Stunting) भी लगातार कम हो रहा है [citation:2][citation:6]।

5. भारत vs राजस्थान – तुलनात्मक विश्लेषण

संकेतक राजस्थान (NFHS-6) भारत (NFHS-6) तुलना
विशेष स्तनपान (6 माह से कम) 54.3% 55.8% ≈ समान
संस्थागत प्रसव 94.1% 90.6% ✅ बेहतर
सरकारी अस्पतालों में प्रसव 70.5% 58.6% ✅ बेहतर
पूर्ण टीकाकरण (12-23 माह) 75.0% ~70% ✅ बेहतर
महिला मोटापा (15-49 वर्ष) 27% 30.7% ✅ बेहतर
किशोर गर्भधारण (15-19 वर्ष) 4.7% ~4.0% ⚠ खराब

स्रोत: NFHS-6 (2023-24) – स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय [citation:6][citation:4][citation:7]

📌 मुख्य निष्कर्ष:
  • राजस्थान संस्थागत प्रसव, सरकारी अस्पतालों में प्रसव, पूर्ण टीकाकरण में राष्ट्रीय औसत से बेहतर है [citation:6][citation:4]
  • किशोर गर्भधारण में राजस्थान राष्ट्रीय औसत से खराब है [citation:3][citation:5]
  • विशेष स्तनपान में राजस्थान (54.3%) राष्ट्रीय औसत (55.8%) के लगभग समान है [citation:7]

6. विशेषज्ञों की चिंताएँ (Expert Concerns)

🏛️ जन स्वास्थ्य अभियान (JSA) की चेतावनी

  • 50+ संगठनों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा [citation:3]
  • चिंता: "ये रुझान मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता के बारे में गंभीर चिंताएँ पैदा करते हैं" [citation:3]
  • बिगड़ते संकेतक NHM, POSHAN Abhiyaan, SDGs के प्रमुख संकेतक हैं [citation:3]
  • माँग: राज्य-स्तरीय कार्य योजना, जिला-वार समीक्षा, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को पुनर्जीवित करना [citation:3]

👩‍⚕️ डॉ. नरेंद्र गुप्ता (सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ)

  • सिजेरियन सेक्शन: निजी अस्पतालों में लाभ के कारण C-section बढ़ रहा है [citation:1]
  • प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली: मजबूत करने की आवश्यकता – ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सुविधाएँ बंद हो रही हैं [citation:1]
  • पहले 1000 दिन: बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण – पौष्टिक अर्ध-ठोस भोजन की कमी [citation:10]

📋 अन्य विशेषज्ञ चिंताएँ

  • च्छाया पचौली (JSA समन्वयक): "यह सरकार की विफलता है कि इतनी योजनाओं के बावजूद यह चुनौती नहीं सुलझ पा रही है" [citation:10]
  • आंगनवाड़ी कार्यप्रणाली: भोजन वितरण और गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए [citation:10]
  • पोषण ट्रैकर: अंतरालों की पहचान और सुधार की आवश्यकता [citation:10]

7. सरकारी प्रतिक्रिया एवं समाधान

🏛️ राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

  • वासुदेव मालावत (ICDS निदेशक): "हम डेटा का अध्ययन कर रहे हैं और अंतरालों की पहचान करेंगे" [citation:1]
  • पोषण ट्रैकर: अंतरालों की समीक्षा एवं सुधार [citation:10]
  • मंजू बघमार (महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री): राशन में पौष्टिक वस्तुओं को शामिल करने की योजना [citation:10]

✅ सुझाए गए समाधान

  • राज्य-स्तरीय कार्य योजना – बिगड़ते संकेतकों के लिए [citation:3]
  • जिला-वार समीक्षा – नियमित रूप से [citation:3]
  • किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रमों को पुनर्जीवित – बाल विवाह एवं किशोर गर्भधारण रोकने के लिए [citation:3]
  • सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना [citation:1]
  • प्रथम 1000 दिन – पौष्टिक अर्ध-ठोस भोजन को बढ़ावा [citation:10]
  • सामुदायिक भागीदारी – मेनू निर्धारण में [citation:10]
🔑 सरकारी प्रतिबद्धता: राजस्थान सरकार ने NFHS-6 के आँकड़ों की समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है [citation:1][citation:10]।

8. तकनीकी शब्दावली (ग्लोसरी)

NFHS – National Family Health Survey – राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण
IMR – Infant Mortality Rate (शिशु मृत्यु दर)
MMR – Maternal Mortality Rate (मातृ मृत्यु दर)
Wasting – क्षीणता (ऊँचाई के अनुसार कम वजन – तीव्र कुपोषण)
Stunting – बौनापन (उम्र के अनुसार कम ऊँचाई – दीर्घकालिक कुपोषण)
Underweight – कम वजन (उम्र के अनुसार कम वजन)
Exclusive Breastfeeding – विशेष स्तनपान (6 माह तक केवल स्तनपान)
Institutional Birth – संस्थागत प्रसव (स्वास्थ्य सुविधा में प्रसव)
ANC – Antenatal Care (प्रसव पूर्व देखभाल)
SNCU – Special Newborn Care Unit (विशेष नवजात देखभाल इकाई)
HBNC – Home Based Newborn Care (घर-आधारित नवजात देखभाल)
IFA – Iron Folic Acid (आयरन-फोलिक अम्ल)
NHM – National Health Mission (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन)
JSA – Jan Swasthya Abhiyan (जन स्वास्थ्य अभियान)
📌 परीक्षक टिप: NFHS-6 प्रश्नों में राजस्थान की रैंकिंग, NFHS-5 vs NFHS-6 तुलना, बिगड़ते संकेतक (विशेष स्तनपान, टीकाकरण, कुपोषण), सुधार (नवजात देखभाल, बौनापन), एवं राष्ट्रीय औसत से तुलना का उल्लेख करें।
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