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भारत की रक्षा परियोजनाएँ पूर्ण ज्ञान एवं संदर्भ पुस्तिका – 2026

MISSILES • FIGHTER JETS • SUBMARINES • DRDO • ARMY • NAVY • AIR FORCE
2026
📘 DRDO · मिसाइलें · युद्धपोत · लड़ाकू विमान · पनडुब्बियाँ · आत्मनिर्भरता

1. मिसाइल प्रौद्योगिकी – प्रकार एवं कार्यप्रणाली

मिसाइल (Missile) एक स्व-चालित, निर्देशित हथियार है जिसे एक लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। इसमें अपना प्रणोदन (Propulsion) और मार्गदर्शन (Guidance) तंत्र होता है।

मिसाइल कैसे काम करती है?

  • प्रक्षेपण (Launch): मिसाइल को जमीन, हवा, जहाज या पनडुब्बी से प्रक्षेपित किया जाता है।
  • प्रणोदन (Propulsion): ठोस, तरल या हाइब्रिड ईंधन से चलने वाला इंजन मिसाइल को गति देता है।
  • मार्गदर्शन (Guidance): GPS, INS (Inertial Navigation System), रडार, लेजर या इन्फ्रारेड सेंसर लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता तय करते हैं।
  • वारहेड (Warhead): मिसाइल के अग्रभाग में विस्फोटक, परमाणु, या अन्य प्रकार का वारहेड होता है।
  • लक्ष्य भेदन (Terminal Phase): अंतिम चरण में मिसाइल लक्ष्य पर निशाना साधती है और विस्फोट करती है।

मिसाइलों के प्रकार

🔹 बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missile)
प्रक्षेपण के बाद बिना इंजन के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में उड़ती है।
उदाहरण: अग्नि, प्रथ्वी
रेंज: 150-5000+ किमी
🔹 क्रूज़ मिसाइल (Cruise Missile)
पूरी उड़ान में इंजन चलता रहता है, निम्न ऊँचाई पर उड़ती है।
उदाहरण: ब्रह्मोस, निर्भय
रेंज: 300-1000+ किमी
🔹 सतह-से-हवा मिसाइल (Surface-to-Air)
जमीन से उड़ान भरती है और हवाई लक्ष्य (विमान, मिसाइल) को नष्ट करती है।
उदाहरण: अकाश, आकाश-NG
🔹 हवा-से-हवा मिसाइल (Air-to-Air)
विमान से प्रक्षेपित, दुश्मन के विमान को नष्ट करती है।
उदाहरण: आस्ट्रा, मेत्रा
🔹 टैंक-रोधी मिसाइल (Anti-Tank)
जमीन से प्रक्षेपित, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करती है।
उदाहरण: नाग, HELINA
🔹 पनडुब्बी-रोधी मिसाइल (Anti-Submarine)
पनडुब्बियों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन की गई।
🔹 हाइपरसोनिक मिसाइल (Hypersonic Missile)
Mach 5 से अधिक गति, वर्तमान में विकासाधीन।
उदाहरण: ब्रह्मोस-II, HSTDV
🔹 ICBM (Intercontinental Ballistic Missile)
5500+ किमी रेंज वाली बैलिस्टिक मिसाइल।
उदाहरण: अग्नि-V, अग्नि-VI
📌 रेंज के आधार पर वर्गीकरण:
  • Short Range: 150-1000 किमी (प्रथ्वी)
  • Medium Range: 1000-3000 किमी (अग्नि-II)
  • Intermediate Range: 3000-5500 किमी (अग्नि-III, IV)
  • Intercontinental (ICBM): 5500+ किमी (अग्नि-V, VI)

2. भारत की मिसाइल परियोजनाएँ

भारत ने DRDO के माध्यम से विभिन्न प्रकार की मिसाइलों का विकास किया है। 2026 में 22 DRDO प्रणालियों के लिए Acceptance of Necessity (AoN) स्वीकृत किया गया है, जिनकी कुल लागत लगभग ₹1.30 लाख करोड़ है [citation:8]।

प्रमुख मिसाइलें

🔹 प्रथ्वी (Prithvi) श्रृंखला

प्रकार: बैलिस्टिक | रेंज: 150-350 किमी | स्थिति: सेवा में

भारत की पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल। परमाणु और पारंपरिक वारहेड दोनों ले जा सकती है।

🔹 अग्नि (Agni) श्रृंखला

प्रकार: ICBM / बैलिस्टिक | रेंज: 700-5000+ किमी | स्थिति: सेवा में

अग्नि-V MIRV (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) क्षमता से युक्त है। अग्नि-VI 8000+ किमी रेंज के साथ विकासाधीन है।

🔹 ब्रह्मोस (BrahMos)

प्रकार: सुपरसोनिक क्रूज़ | रेंज: 290-500 किमी | स्थिति: सेवा में

भारत-रूस संयुक्त परियोजना। विश्व की सबसे तेज़ क्रूज़ मिसाइल (Mach 2.8-3) [citation:14]। ब्रह्मोस-II (हाइपरसोनिक) विकासाधीन है [citation:15]।

🔹 अकाश (Akash)

प्रकार: सतह-से-हवा | रेंज: 25-30 किमी | स्थिति: सेवा में

बहु-लक्ष्य प्रतिरोध क्षमता वाली स्वदेशी मिसाइल। DRDO की एक सफल परियोजना [citation:14]।

🔹 नाग (Nag) / HELINA

प्रकार: टैंक-रोधी | रेंज: 4-8 किमी | स्थिति: सेवा में

"Fire & Forget" क्षमता वाली टैंक-रोधी मिसाइल। हेलीकॉप्टर से प्रक्षेपण के लिए HELINA संस्करण उपलब्ध [citation:8]।

🔹 आस्ट्रा (Astra) श्रृंखला

प्रकार: हवा-से-हवा | रेंज: 110-160+ किमी | स्थिति: सेवा में

आस्ट्रा Mk-I सेवा में, Mk-II (Beyond Visual Range) विकासाधीन। AoN स्वीकृत [citation:8]।

🔹 निर्भय (Nirbhay)

प्रकार: सबसोनिक क्रूज़ | रेंज: 1000+ किमी | स्थिति: परीक्षण चरण

भारत की पहली स्वदेशी सबसोनिक क्रूज़ मिसाइल।

🔹 LRLACM (Long Range Land Attack Cruise Missile)

प्रकार: सबसोनिक क्रूज़ | रेंज: 300+ किमी | स्थिति: परीक्षण चरण

DRDO STFE टर्बोफैन इंजन द्वारा संचालित। 2026 में परीक्षण किया गया [citation:15]।

🔹 NASM-MR (Naval Anti-Ship Missile-Medium Range)

प्रकार: जहाज-रोधी | रेंज: 300 किमी | स्थिति: परीक्षण चरण

2026 में पहला परीक्षण सफल। MiG-29K, Tejas Mk1A, और C-295 में एकीकृत किया जाएगा [citation:15]।

🔹 AD-1 और AD-2 (Ballistic Missile Defence)

प्रकार: मिसाइल रोधी | रेंज: वायुमंडलीय और बाह्य-वायुमंडलीय

2026 में सफल परीक्षण। AD-1 वायुमंडलीय (endo-atmospheric), AD-2 बाह्य-वायुमंडलीय (exo-atmospheric) है [citation:15]।

📌 2026 में स्वीकृत नई परियोजनाएँ:
  • IADWS (Integrated Air Defence Weapon System) [citation:8]
  • अनंत शस्त्र (Anant Shastra) – तीव्र प्रतिक्रिया सतह-से-हवा मिसाइल [citation:8]
  • LRASSCM (Long-Range Air-to-Surface Supersonic Cruise Missile) [citation:8]
  • IDDIS Mk-II (Integrated Drone Detection and Interdiction System) [citation:8]

3. लड़ाकू विमान – भारतीय वायुसेना की ताकत

भारतीय वायुसेना (IAF) वर्तमान में 29 स्क्वाड्रन संचालित करती है, जबकि स्वीकृत संख्या 42.5 है [citation:3]। इस कमी को पूरा करने के लिए कई परियोजनाएँ चल रही हैं।

प्रमुख विमान परियोजनाएँ

🔹 तेजस (Tejas) Mk1A

प्रकार: हल्का लड़ाकू विमान (LCA) | स्थिति: सेवा में (2024 से)
  • HAL द्वारा निर्मित स्वदेशी विमान [citation:3]
  • GE F404-IN20 इंजन, EL/M-2052 AESA रडार (आगे उत्तम रडार)
  • 30+ विमान असेंबली में; 2026 में AoN के साथ पूर्ण मिशन सिम्युलेटर स्वीकृत [citation:8]

🔹 तेजस Mk2

प्रकार: मध्यम लड़ाकू विमान | स्थिति: विकासाधीन

Mk1A का उन्नत संस्करण, अधिक पेलोड और रेंज के साथ। AMCA के पूरक के रूप में

🔹 AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft)

प्रकार: पाँचवीं पीढ़ी (5th Gen) | स्थिति: विकासाधीन
  • भारत का स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान [citation:3]
  • 2035 तक सेवा में आने का लक्ष्य [citation:3]
  • उच्च-थ्रस्ट प्रणोदन पर विशेष ध्यान

🔹 Su-30MKI (पुनः उत्पादन)

प्रकार: भारी लड़ाकू विमान | स्थिति: पुनः उत्पादन शुरू
  • 12 नए Su-30MKI विमान 2027-28 तक HAL के नाशिक संयंत्र में निर्मित किए जाएंगे [citation:10]
  • 50%+ स्वदेशी घटक [citation:10]
  • मौजूदा बेड़े का "सुपर सुखोई" मानक में उन्नयन भी होगा

🔹 राफेल (Rafale) – MRFA

प्रकार: 4.5 पीढ़ी | स्थिति: 114 अतिरिक्त की योजना
  • DAC ने फरवरी 2026 में 114 अतिरिक्त राफेल के लिए Acceptance of Necessity (AoN) स्वीकृत किया [citation:3]
  • भारत 2031-32 में प्रदर्शन के साथ 6वीं पीढ़ी के FCAS में भागीदारी पर विचार कर रहा है [citation:3]

🔹 नेत्र (Netra) AEW&C

प्रकार: हवाई प्रारंभिक चेतावनी एवं नियंत्रण | स्थिति: FOC प्राप्त (2026)
  • DRDO द्वारा स्वदेशी विकसित प्रणाली [citation:7]
  • 2026 में IAF को Final Operational Clearance (FOC) प्रदान किया गया [citation:7]
  • ऑपरेशन सिंदूर और बालाकोट स्ट्राइक के दौरान उपयोगी साबित हुई [citation:7]
⚠️ वायुसेना की चुनौतियाँ:
  • MiG-21 का रिटायरमेंट (2025) – स्क्वाड्रन संख्या कम हुई [citation:3]
  • जगुआर और मिराज-2000 का फेज़-आउट होना
  • Tejas Mk1A डिलीवरी में देरी (इंजन आपूर्ति के कारण) [citation:3]

4. नौसेना – युद्धपोत, पनडुब्बियाँ एवं विमानवाहक पोत

भारतीय नौसेना का विस्तार जारी है। DRDO ने 25 प्रयोगशालाओं में 140+ R&D परियोजनाएँ चला रहा है [citation:9]।

प्रमुख नौसैनिक परियोजनाएँ

🔹 INS विक्रांत (Vikrant)

प्रकार: स्वदेशी विमानवाहक पोत | स्थिति: सेवा में (2022)

भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत। कोचीन शिपयार्ड में निर्मित।

🔹 Project-75(I) – पनडुब्बियाँ

प्रकार: 6 अगली पीढ़ी की पारंपरिक पनडुब्बियाँ | स्थिति: अंतिम चरण
  • एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) से सुसज्जित [citation:9]
  • लगभग $10 बिलियन का कार्यक्रम [citation:2]

🔹 MQ-9B Sky/Sea Guardian

प्रकार: हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन | स्थिति: 31 यूनिट्स का अनुबंध

2029 से डिलीवरी शुरू होगी [citation:9]। निगरानी एवं स्ट्राइक मिशन के लिए।

🔹 ट्विन इंजन डेक बेस्ड फाइटर (TEDBF)

प्रकार: विमानवाहक पोत-आधारित लड़ाकू विमान | स्थिति: विकासाधीन

स्वदेशी विमानवाहक पोत-आधारित विमान पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला [citation:9]

🔹 LPD (Landing Platform Dock) जहाज

प्रकार: मिनी-एयरक्राफ्ट कैरियर | स्थिति: स्वीकृत (2025)

4 LPD जहाजों की अधिग्रहण प्रक्रिया को मंजूरी दी गई [citation:2]

⚠️ नौसेना की चुनौतियाँ:
  • कई वर्षों में पहली बार कोई विमानवाहक पोत, पनडुब्बी, विध्वंसक या फ्रिगेट निर्माणाधीन नहीं है [citation:2]
  • पी-8आई पोसीडॉन, MH-60R हेलीकॉप्टर – अमेरिकी मूल के हैं, आयात पर निर्भरता [citation:2]
  • चीन की नौसेना (PLAN) हर 5 साल में एक भारतीय नौसेना के बराबर क्षमता जोड़ रही है [citation:2]

5. थल सेना – टैंक, तोपें एवं रॉकेट

थल सेना आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है। ₹31,000+ करोड़ के अधिग्रहण प्रस्ताव DAC के समक्ष हैं [citation:11]।

प्रमुख थल सेना परियोजनाएँ

🔹 K9 वज्र (Vajra) तोपें

प्रकार: 155 मिमी/52 कैलिबर स्व-चालित तोप | स्थिति: 300 नई इकाइयाँ
  • लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा कोरिया की K9 थंडर पर आधारित स्वदेशी निर्मित [citation:11]
  • ₹23,000 करोड़ की लागत [citation:11]
  • मरुस्थल, मैदान और ऊँचाई वाले क्षेत्रों के लिए अनुकूलित

🔹 वेरबा (Verba) MANPADS

प्रकार: कंधे-से-प्रक्षेपित वायु रक्षा प्रणाली | स्थिति: 250 लॉन्चर + 5,000 मिसाइल
  • ₹1,200 करोड़ की लागत [citation:11]
  • निम्न-उड़ान विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों को मार गिराने के लिए

🔹 कामिकेज़ ड्रोन (लोइटरिंग म्यूनिशन)

प्रकार: स्व-विनाशी ड्रोन | स्थिति: 400+ यूनिट्स

400 से अधिक कामिकेज़ ड्रोन की खरीद की योजना [citation:11]

🔹 सक्रिय सुरक्षा प्रणाली (Active Protection Systems)

प्रकार: टैंक सुरक्षा प्रणाली | स्थिति: 2,000 यूनिट्स

टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को टैंक-रोधी हथियारों से बचाने के लिए [citation:1][citation:11]

🔹 अग्नि वर्ष (Agni Varsha) – अभ्यास

प्रकार: संयुक्त सैन्य अभ्यास | स्थिति: 2026, पोखरण
  • 25 देशों के रक्षा पत्रकारों ने देखा [citation:4]
  • T-90 टैंक, K-9 वज्र, पिनाका रॉकेट, ध्रुव WSI हेलीकॉप्टर, AH-64 अपाचे शामिल [citation:4]
📌 DRDO की ARMOURED & COMBAT VEHICLES परियोजनाएँ:
  • AI/ML आधारित स्वचालित लक्ष्य पहचान (CVRDE) [citation:1]
  • मॉड्यूलर एवं स्मार्ट कवच (Explosive Reactive Armour – ERA) [citation:1]
  • स्टील्थ प्रौद्योगिकी और अनुकूली छलावरण [citation:1]
  • हाइब्रिड पावरपैक, हब मोटर व्हील ड्राइव, गैर-वायवीय टायर [citation:1]

6. DRDO का योगदान – एक समग्र दृष्टि

DRDO का मुख्य उद्देश्य आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) को साकार करना है [citation:8][citation:14]।

प्रमुख योगदान (संक्षिप्त)

  • मिसाइल प्रणालियाँ: अग्नि, प्रथ्वी, ब्रह्मोस, अकाश, नाग, आस्ट्रा, निर्भय [citation:14]
  • लड़ाकू विमान: तेजस, एएमसीए (विकासाधीन) [citation:3]
  • टैंक एवं बख्तरबंद वाहन: अर्जुन, के-9 वज्र [citation:1][citation:11]
  • रडार: अकाश, राजेंद्र, स्वाति; नेत्र AEW&C [citation:7]
  • पनडुब्बी एवं नौसैनिक प्रणालियाँ: आईएनएस अरिहंत, टारपीडो, सोनार
  • रॉकेट एवं तोपखाना: पिनाका, एटीएजीएस [citation:4]
  • उभरती तकनीकें: हाइपरसोनिक (HSTDV), लेजर DEW, स्वार्म ड्रोन, क्वांटम संचार, AI [citation:15]
  • मिसाइल रक्षा: AD-1, AD-2; फेज-3 में AD-AH और AD-AM (हाइपरसोनिक और MIRV को निष्क्रिय करने के लिए) [citation:15]

प्रमुख उपलब्धियाँ (2025-26)

  • 22 AoN स्वीकृत – ₹1.30 लाख करोड़ मूल्य की प्रणालियाँ [citation:8]
  • नेत्र AEW&C – Final Operational Clearance (FOC) [citation:7]
  • AD-1, AD-2 और NASM-MR – सफल परीक्षण (जून 2026) [citation:15]
  • 4,000+ परीक्षण – निजी उद्योग और DPSU के लिए (2025 में) [citation:8]
  • DRDL में Advanced Weapon System Complex – रक्षा मंत्री द्वारा उद्घाटन [citation:14]
🇮🇳 DRDO का विज़न: "Mission Sudarshan Chakra" – एक व्यापक बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली, जो सैन्य प्रतिष्ठानों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे और नागरिक संपत्तियों की रक्षा करेगी [citation:14]।

7. विश्व की शीर्ष 7 सेनाएँ (2026)

Global Firepower 2026 रैंकिंग के अनुसार [citation:6][citation:13]:

रैंकदेशPower Indexसक्रिय सैनिकप्रमुख विशेषताएँ
1 🇺🇸 अमेरिका 0.0741 ~1.3 मिलियन पूर्ण परमाणु त्रय, 6,000+ परमाणु हथियार, 6,000+ M1A2 टैंक, वैश्विक सैन्य अड्डे [citation:6][citation:13]
2 🇷🇺 रूस 0.0791 ~1 मिलियन+ सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार (~6,000), 12,000+ टैंक, विश्व की सबसे बड़ी तोपखाना सेना [citation:6][citation:13]
3 🇨🇳 चीन 0.0919 ~2 मिलियन दुनिया की सबसे बड़ी स्थायी सेना, 5,000+ आधुनिक टैंक, विशाल औद्योगिक क्षमता [citation:6][citation:13]
4 🇮🇳 भारत 0.1346 ~1.45 मिलियन 4,500+ टैंक (T-90, अर्जुन), K-9 वज्र, पिनाका, परमाणु शस्त्रागार (~170), विविध भू-भाग में अनुभव [citation:6][citation:13]
5 🇰🇷 दक्षिण कोरिया 0.1642 ~5,00,000+ उच्च तकनीकी सैन्य, उत्तर कोरिया के खतरे के लिए तैनात [citation:6]
6 🇫🇷 फ्रांस 0.1798 ~2,05,000 परमाणु शस्त्रागार (~290), लेक्लर्क टैंक, सीज़र तोप, स्वदेशी रक्षा उद्योग [citation:6][citation:13]
7 🇯🇵 जापान 0.1876 ~2,40,000 बढ़ती रक्षा खर्च, नौसैनिक क्षमताएँ [citation:6]
📌 भारत की स्थिति: भारत चौथे स्थान पर है [citation:6][citation:13]। भारत की सेना विविध भू-भाग (रेगिस्तान, ऊँचाई, जंगल) में अनुभवी है। 'आत्मनिर्भरता' और स्वदेशीकरण पर जोर देने के कारण भारत की रैंकिंग में सुधार हो रहा है।

8. रक्षा प्रौद्योगिकी तकनीकी शब्दावली (ग्लोसरी)

ICBM – Intercontinental Ballistic Missile (5500+ किमी)
MIRV – Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle
AIP – Air Independent Propulsion (पनडुब्बी)
ASAT – Anti-Satellite Weapon
MANPADS – Man-Portable Air Defence System
FOC – Final Operational Clearance
AoN – Acceptance of Necessity
DAC – Defence Acquisition Council
DEW – Directed-Energy Weapon (लेजर/माइक्रोवेव)
Hypersonic – Mach 5 से अधिक गति
LCA – Light Combat Aircraft (तेजस)
AMCA – Advanced Medium Combat Aircraft
FCAS – Future Combat Air System (6th Gen)
AESA – Active Electronically Scanned Array (रडार)
BMD – Ballistic Missile Defence
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