1. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के स्थापित क्षमता आँकड़ों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: मार्च 2025 से दिसंबर 2025 के बीच राज्य की पवन ऊर्जा क्षमता (4,416.12 MW) में कोई वृद्धि नहीं हुई।
कथन II: वर्ष 2023-24 में ही राज्य की सौर क्षमता, पवन क्षमता से अधिक हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: पवन (MW): 2021-22 – 3,734.10; 2022-23 – 3,730.35; 2023-24 – 4,359.63; 2024-25 – 4,416.12; दिसंबर 2025 – 4,416.12 (स्थिर)। सौर (KUSUM PPA सहित, MW): 2021-22 – 3,057.60; 2022-23 – 3,362.10; 2023-24 – 4,010.50; 2024-25 – 6,256.92; दिसंबर 2025 – 9,898.00। कथन II गलत – 2023-24 में सौर (4,010.50) पवन (4,359.63) से कम था; सौर 2024-25 में आगे निकला और दिसंबर 2025 तक पवन के दोगुने से अधिक (≈2.2 गुना) हो गया। बायोमास: 101.95 (2021-22) → 196.45 MW (दिसंबर 2025)। ध्यान दें – ये आँकड़े राज्य डिस्कॉम्स से जुड़ी क्षमता के हैं; राज्य में भौगोलिक रूप से स्थापित कुल RE (केंद्रीय/अंतर-राज्यीय पारेषण से जुड़े सौर पार्क सहित) इससे कहीं अधिक है – सौर स्थापना में राजस्थान देश में प्रथम।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• दिसंबर 2025 में सौर क्षमता (आर्थिक समीक्षा)? – 9,898 MW
• सौर क्षमता ने पवन को किस वर्ष पीछे छोड़ा? – 2024-25
• दिसंबर 2025 में बायोमास क्षमता? – 196.45 MW
2. राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसमें 2029-30 तक 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य है।
2. इस लक्ष्य में सौर ऊर्जा का अंश 90 GW है।
3. पवन व हाइब्रिड परियोजनाओं का लक्ष्य 10 GW तथा जल-पंप भंडारण-बैटरी भंडारण का लक्ष्य 25 GW है।
4. 2030 तक 2,000 KTPA (किलो टन प्रति वर्ष) हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य है।
5. इस नीति हेतु नोडल एजेंसी राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL) है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल तीन कथन (1, 2 और 4) सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: लक्ष्य-विभाजन: सौर 90 GW + पवन व हाइब्रिड 25 GW + जल/पंप स्टोरेज/BESS 10 GW = 125 GW; अतः कथन 3 में आँकड़े उलटे हैं (गलत)। कथन 5 गलत – नोडल एजेंसी राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम (RRECL) है, जो पंजीकरण से कमीशनिंग तक सिंगल-विंडो देती है। नीति दिसंबर 2024 (राइज़िंग राजस्थान से पूर्व) जारी; मार्च 2029 तक प्रभावी; पूर्ववर्ती सौर ऊर्जा नीति 2019 व पवन-सौर हाइब्रिड नीति 2019 का स्थान लिया। हरित हाइड्रोजन: कम से कम एक ग्रीन हाइड्रोजन वैली व एक इलेक्ट्रोलाइज़र गीगाफ़ैक्ट्री, गैस पाइपलाइन में 10% तक मिश्रण, पहले 500 KTPA परियोजनाओं को पारेषण/व्हीलिंग शुल्क में 50% छूट; भारत के हरित हाइड्रोजन निर्यात का 20% लक्ष्य। राष्ट्रीय संदर्भ – 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता, 2070 तक नेट-ज़ीरो।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• नीति की नोडल एजेंसी? – RRECL
• नीति की वैधता? – मार्च 2029 तक
• भारत का नेट-ज़ीरो लक्ष्य वर्ष? – 2070
3. पीएम-कुसुम योजना के घटक-A के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: इसके अंतर्गत डिस्कॉम सब-स्टेशन से 5 किमी के भीतर 0.5 MW से 2 MW क्षमता के विकेंद्रीकृत, ग्रिड-संबद्ध सौर संयंत्र लगाए जाते हैं।
कथन II: राजस्थान में घटक-A की कुल स्वीकृत क्षमता 5,250 MW है, परंतु 31 दिसंबर 2025 तक इसका दसवाँ भाग भी स्थापित नहीं हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: पीएम-कुसुम (2019, MNRE): घटक-A – बंजर/कृषि भूमि पर 0.5-2 MW संयंत्र (किसान/FPO/सहकारी); घटक-B – स्टैंडअलोन सौर पंप; घटक-C – ग्रिड-संबद्ध पंपों का सौरीकरण (फ़ीडर-स्तरीय सौरीकरण, केंद्रीय सहायता परियोजना लागत का 30%)। राजस्थान में घटक-A स्वीकृति: चरण-I (संशोधित) 153, चरण-II 397, चरण-II अतिरिक्त 1,000, चरण-III 3,700 = 5,250 MW; स्थापित (31.12.2025): चरण-I 364 संयंत्र 468.75 MW + चरण-II 11 MW + चरण-III 2 MW ≈ 482 MW (<10%)। टैरिफ़ (RERC): चरण-I सीमा ₹3.14/kWh, न्यूनतम खोजी गई ₹2.79; क्रियान्वयन RRECL से डिस्कॉम्स को 23 जुलाई 2024 को स्थानांतरित। मुख्यमंत्री के अनुसार घटक-C की क्षमता 2,329 MW (898 संयंत्र) तक पहुँची।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• कुसुम घटक-B क्या है? – स्टैंडअलोन सौर पंप
• घटक-A का क्रियान्वयन डिस्कॉम्स को कब? – 23 जुलाई 2024
• घटक-C में केंद्रीय सहायता? – 30%
4. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार दिसंबर 2025 तक राज्य के विद्युत पारेषण तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारेषण लाइनों की कुल लंबाई लगभग 45,933 सर्किट किमी थी।
2. 765 kV स्तर के EHV सब-स्टेशनों की संख्या 20 थी।
3. EHV सब-स्टेशनों की कुल संख्या 678 और कुल क्षमता लगभग 1,09,071 MVA थी।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – 765 kV सब-स्टेशन केवल 2 हैं (9,000 MVA); 20 की संख्या 400 kV सब-स्टेशनों की है (20,255 MVA)। अन्य: 220 kV – 133 (36,895 MVA); 132 kV – 523 (42,921 MVA)। लाइनें (सर्किट किमी): 765 kV – 425.498; 400 kV – 8,416.708; 220 kV – 16,428.958; 132 kV – 20,662.151; कुल 45,933.315 (मार्च 2017 में 36,079)। स्मार्ट ग्रिड – 14,320 किमी OPGW, 3 कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर; 132 kV के 245 GSS का निजी क्षेत्र द्वारा रख-रखाव; 400 kV GSS अलवर व डीडवाना PPP मोड पर; VGF से 400 kV बीकानेर-सीकर व सूरतगढ़-बीकानेर लाइनें। पारेषण निगम – RVPN (राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• 400 kV सब-स्टेशन संख्या? – 20
• PPP मोड पर बने 400 kV GSS? – अलवर व डीडवाना
• राज्य का पारेषण निगम? – RVPN
5. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार विद्युत उपभोक्ताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: नवंबर 2025 तक राज्य में कुल विद्युत उपभोक्ता लगभग 2.03 करोड़ थे, जिनमें लगभग चार-पाँचवाँ भाग घरेलू उपभोक्ताओं का था।
कथन II: कृषि उपभोक्ताओं की संख्या औद्योगिक उपभोक्ताओं से कम थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: उपभोक्ता (नवंबर 2025, अनंतिम): घरेलू 1,58,44,700 (≈78%); कृषि 21,08,710; गैर-घरेलू 18,34,251; औद्योगिक 3,37,671; PHED 93,374; स्ट्रीट लाइट 30,151; मिश्रित 28,570; कुल 2,02,78,631 (मार्च 2025 से 2.44% वृद्धि)। अतः कृषि उपभोक्ता (21 लाख) औद्योगिक (3.4 लाख) से कहीं अधिक – कथन II गलत। ग्रामीण विद्युतीकरण (दिसंबर 2025): 43,965 गाँव, 1.14 लाख ढाणियाँ, 111.15 लाख ग्रामीण परिवार; 2025-26 में 70,566 नए कृषि कनेक्शन; किसानों को टैरिफ़ अनुदान ₹14,612.19 करोड़ (नवंबर 2025 तक)। वितरण – तीन डिस्कॉम: जयपुर, अजमेर, जोधपुर विद्युत वितरण निगम।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य के तीन डिस्कॉम? – जयपुर, अजमेर, जोधपुर
• विद्युतीकृत गाँव (दिसंबर 2025)? – 43,965
• 2025-26 में नए कृषि कनेक्शन (दिसंबर तक)? – 70,566
6. अभिकथन (A): राजस्थान ने NTPC के गैस-आधारित संयंत्रों से अपना 221.10 MW का आवंटन समर्पित (surrender) कर दिया।
कारण (R): गैस-आधारित विद्युत की क्रय लागत अधिक थी; विद्युत मंत्रालय के 22 मार्च 2021 के दिशानिर्देश के अंतर्गत ऐसा किया गया।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: आर्थिक समीक्षा: 2021-22 में केंद्रीय गैस आवंटन 221.10 MW था, जिसे ऊँची क्रय लागत के कारण विद्युत मंत्रालय के 22 मार्च 2021 के दिशानिर्देश के अनुसार NTPC से समर्पित किया गया – यही कारण केंद्रीय आवंटन में 2021-22 (3,365.91) से 2022-23 (3,113.77 MW) की गिरावट को भी स्पष्ट करता है। दिसंबर 2025 में केंद्रीय आवंटन 3,856.07 MW (परमाणु 456.74 → 806.74 MW वृद्धि)। राज्य के अपने गैस संयंत्र (600.50 MW) – धौलपुर व रामगढ़ (जैसलमेर)। परमाणु – रावतभाटा (RAPP, चित्तौड़गढ़); प्रस्तावित माही-बाँसवाड़ा परमाणु परियोजना (4×700 MW)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य के गैस-आधारित संयंत्र? – धौलपुर, रामगढ़
• प्रस्तावित परमाणु परियोजना? – माही-बाँसवाड़ा
• दिसंबर 2025 में केंद्रीय आवंटन? – 3,856.07 MW
7. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार मार्च 2025 तक राज्य की सड़कों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राज्य में सड़कों की कुल लंबाई लगभग 3,35,306 किमी थी।
2. राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई (10,790 किमी) राज्य राजमार्गों (17,316 किमी) से कम थी।
3. सड़क घनत्व लगभग 97.97 किमी प्रति 100 वर्ग किमी था।
4. कुल सड़क लंबाई में सर्वाधिक हिस्सा अन्य जिला सड़कों (ODR) का था।
5. राज्य के लगभग 91.68% गाँव सड़क से जुड़े थे।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: केवल चार कथन (1, 2, 3 और 5) सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 4 गलत – सर्वाधिक हिस्सा ग्रामीण सड़कों (2,16,144 किमी ≈ 64%) का है; ODR 72,822 किमी। वर्गीकरण: NH 10,790; SH 17,316; मुख्य जिला सड़कें (MDR) 18,234; ODR 72,822; ग्रामीण 2,16,144। सतह: डामर 2,72,162; मेटल 8,886; ग्रेवल 42,226; कच्ची (fair weather) 12,031। 91.68% गाँव (39,666) सड़क से जुड़े। 1949 में सड़कें मात्र 13,553 किमी; PWD 1.97 लाख किमी का रख-रखाव करता है। राजस्थान सड़क विकास व रख-रखाव कार्यक्रम – 5 वर्ष में ₹60,000 करोड़ से अधिक; 2025-26 में अटल प्रगति पथ।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य में ग्रामीण सड़कें? – 2,16,144 किमी
• 1949 में सड़क लंबाई? – 13,553 किमी
• मुख्य जिला सड़कें (MDR)? – 18,234 किमी
8. रेल अवसंरचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री ने देशनोक (बीकानेर) से देश के 103 अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन किया।
कथन II: 29 नवंबर 2025 को जैसलमेर से दिल्ली (शकूर बस्ती) के लिए 'स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस' को हरी झंडी दिखाई गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: अमृत भारत स्टेशन योजना – स्टेशनों का दीर्घकालिक मास्टर-प्लान आधारित पुनर्विकास। उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR, मुख्यालय जयपुर) के उद्घाटित स्टेशन: फ़तेहपुर शेखावाटी, राजगढ़, मंडी डबवाली, गोगामेड़ी, देशनोक। NWR की प्रथम अमृत भारत ट्रेन – मदार जंक्शन (अजमेर) से दरभंगा (अक्टूबर 2025)। स्वचालित सिग्नलिंग – NWR में 256 रूट किमी, जिनमें 82 किमी 2025-26 में; 75 स्टेशनों पर डबल डिस्टेंट सिग्नलिंग। NWR के मंडल – जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर; कोटा मंडल पश्चिम-मध्य रेलवे में।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• NWR का मुख्यालय? – जयपुर
• NWR की प्रथम अमृत भारत ट्रेन? – मदार–दरभंगा
• कोटा मंडल किस ज़ोन में? – पश्चिम-मध्य रेलवे
9. बजट 2025-26 में घोषित रिंग रोड परियोजनाओं के संबंध में सूची-I (नगर) को सूची-II (दिसंबर 2025 की स्थिति) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) जोधपुर (ब) कोटपूतली (स) सीकर (द) टोंक
सूची-II: (1) निर्माणाधीन (2) पूर्ण (पैकेज I व II) (3) DPR तैयार की जा रही है (4) भूमि अवाप्ति प्रक्रियाधीन
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: जोधपुर – पूर्ण; कोटपूतली – निर्माणाधीन; सीकर – भूमि अवाप्ति; टोंक – DPR तैयार हो रही।
📘 विस्तार से समझें: बजट 2025-26 में 15 नगरों में रिंग रोड की घोषणा। स्थिति (आर्थिक समीक्षा 2025-26): पूर्ण – जोधपुर (पैकेज I व II, 30 किमी); निर्माणाधीन – कोटपूतली; भूमि अवाप्ति – सीकर; DPR तैयार – डीग, प्रतापगढ़, बालोतरा, करौली; DPR प्रक्रियाधीन – हनुमानगढ़, टोंक; स्वीकृत – झालावाड़, डूंगरपुर, सिरोही, जालौर, बाड़मेर, जैसलमेर, बाँसवाड़ा। उद्देश्य: नगरों में भारी वाहनों का बाईपास, जाम व प्रदूषण में कमी, नगरीय विस्तार की योजना।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• कितने नगरों में रिंग रोड घोषित? – 15
• जोधपुर रिंग रोड की लंबाई (पैकेज I-II)? – 30 किमी
• DPR तैयार वाले नगरों में एक? – डीग/प्रतापगढ़/बालोतरा/करौली
10. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (PMGSY-III) के अंतर्गत राज्य में कितनी सड़क लंबाई चयनित की गई?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 8,662.50 किमी।
📘 विस्तार से समझें: PMGSY (25 दिसंबर 2000) – असंबद्ध बसावटों को बारहमासी सड़क। PMGSY-III (2019) – ग्रामीण कृषि बाज़ार (GrAMs), उच्च/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों व अस्पतालों को जोड़ने वाली 'थ्रू रूट' व प्रमुख ग्रामीण संपर्क सड़कों का उन्नयन; वित्तपोषण 60:40। राज्य (दिसंबर 2025): 8,662.50 किमी चयनित; 8,658.35 किमी ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ₹5,174.06 करोड़ से स्वीकृत; 8,560.07 किमी उन्नत (₹4,064.08 करोड़)। विकल्प: 7,368 किमी – 2025-26 में ग्रामीण सड़क मद में पूर्ण लंबाई; 2,109 किमी – NABARD मद का लक्ष्य।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• PMGSY का आरंभ? – 25 दिसंबर 2000
• PMGSY-III में वित्त-भागीदारी? – 60:40
• PMGSY-III में उन्नत सड़क (दिसंबर 2025)? – 8,560.07 किमी
11. राज्य-स्वामित्व वाले तापीय विद्युत संयंत्रों (सूची-I) को उनके जिलों (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) सूरतगढ़ तापीय विद्युत गृह (ब) छबड़ा तापीय विद्युत गृह (स) कालीसिंध तापीय विद्युत गृह (द) गिरल लिग्नाइट विद्युत गृह
सूची-II: (1) झालावाड़ (2) बाराँ (3) बाड़मेर (4) श्रीगंगानगर
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: सूरतगढ़ – श्रीगंगानगर; छबड़ा – बाराँ; कालीसिंध – झालावाड़; गिरल – बाड़मेर।
📘 विस्तार से समझें: RVUNL (राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम) की तापीय क्षमता 7,830 MW: कोटा (1,240 MW), सूरतगढ़ (1,500 MW + 2×660 MW सुपरक्रिटिकल = 2,820 MW), छबड़ा (1,000 MW + 2×660 MW सुपरक्रिटिकल = 2,320 MW), कालीसिंध (2×600 = 1,200 MW), गिरल लिग्नाइट (250 MW) – योग 7,830 MW। सुपरक्रिटिकल तकनीक – ऊँचे ताप-दाब पर भाप, अधिक दक्षता, कम कोयला व उत्सर्जन। निजी क्षेत्र – कवाई (बाराँ, अदाणी, 1,320 MW), जालीपा-कपूरड़ी (बाड़मेर, लिग्नाइट, 1,080 MW)। कोयला – छत्तीसगढ़ के परसा पूर्व-कांता बासन (PEKB) आदि आवंटित खदानों से।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• RVUNL की कुल तापीय क्षमता? – 7,830 MW
• सुपरक्रिटिकल इकाइयाँ किन संयंत्रों में? – सूरतगढ़, छबड़ा
• निजी कवाई संयंत्र किस जिले में? – बाराँ
12. पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका उद्देश्य छत पर सौर संयंत्र लगाकर 1 करोड़ परिवारों को प्रतिमाह 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराना है।
2. इसमें अधिकतम केंद्रीय वित्तीय सहायता ₹78,000 है।
3. इसे फरवरी 2024 में केंद्र सरकार ने स्वीकृत किया।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: पीएम सूर्य घर (स्वीकृति 29 फरवरी 2024; परिव्यय ~₹75,021 करोड़): केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) – 2 kW तक ₹30,000/kW, तीसरे kW हेतु ₹18,000, अधिकतम ₹78,000 (3 kW व अधिक); 'आदर्श सौर ग्राम' प्रत्येक जिले में; राष्ट्रीय पोर्टल से आवेदन; बिना गारंटी रियायती ऋण। राजस्थान में डिस्कॉम्स द्वारा क्रियान्वयन; राज्य का घरेलू उपभोक्ता आधार (≈1.58 करोड़) और उच्च सौर विकिरण इसके लिए अनुकूल। पूरक – पीएम-कुसुम (कृषि हेतु), RDSS (वितरण सुधार, स्मार्ट मीटर)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• सूर्य घर में 2 kW तक प्रति kW सहायता? – ₹30,000
• प्रत्येक जिले में कौन-सा मॉडल गाँव? – आदर्श सौर ग्राम
• कृषि हेतु सौर योजना? – पीएम-कुसुम
13. राज्य बजट 2026-27 के ऊर्जा क्षेत्र संबंधी प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: ऊर्जा क्षेत्र हेतु लगभग ₹42,752 करोड़ का प्रावधान किया गया, जो क्षेत्रवार आवंटन में शिक्षा के बाद दूसरा सबसे बड़ा है।
कथन II: बीकानेर व जैसलमेर में 4,830 MW क्षमता के सोलर पार्क विकसित करने की घोषणा की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: बजट 2026-27 (11 फरवरी 2026, उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी) क्षेत्रवार आवंटन (₹ करोड़): शिक्षा-खेल-कला 68,989; ऊर्जा 42,752; ग्रामीण विकास 32,948; स्वास्थ्य 32,526; समाज कल्याण व पोषण 26,495; नगरीय विकास 20,184 (+58%); कृषि व संबद्ध 18,212; परिवहन 16,639। विद्युत टैरिफ़ अनुदान ₹29,432 करोड़ – किसानों/घरेलू उपभोक्ताओं हेतु सब्सिडी का सबसे बड़ा घटक। अन्य: 250 अटल प्रगति पथ (₹500 करोड़)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• बजट 2026-27 में विद्युत टैरिफ़ अनुदान? – ₹29,432 करोड़
• सर्वाधिक क्षेत्रवार आवंटन? – शिक्षा-खेल-कला (₹68,989 करोड़)
• बजट 2026-27 में अटल प्रगति पथ? – 250 (₹500 करोड़)
14. अभिकथन (A): राजस्थान हरित हाइड्रोजन व हरित अमोनिया परियोजनाओं के लिए देश के सर्वाधिक उपयुक्त राज्यों में गिना जाता है।
कारण (R): हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय बिजली से जल के विद्युत-अपघटन द्वारा बनता है, और राजस्थान में उच्च सौर विकिरण तथा विशाल बंजर भूमि उपलब्ध है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: हरित हाइड्रोजन की लागत का सबसे बड़ा घटक बिजली है; सस्ती सौर/पवन बिजली (सौर विकिरण ~5.5-6 kWh/वर्ग मीटर/दिन, 300+ धूप वाले दिन) और भूमि-उपलब्धता राजस्थान को लाभ देती है – अतः R, A को स्पष्ट करता है। नीति: एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 – 2030 तक 2,000 KTPA लक्ष्य, ग्रीन हाइड्रोजन वैली, इलेक्ट्रोलाइज़र गीगाफ़ैक्ट्री, पारेषण-व्हीलिंग शुल्क में 50% छूट (पहले 500 KTPA), RIPS 2024 में 7 वर्ष विद्युत शुल्क छूट। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (जनवरी 2023) – 2030 तक 5 MMT। चुनौती – जल की कमी (विद्युत-अपघटन हेतु जल आवश्यक), अतः उपचारित अपशिष्ट जल/खारे जल का उपयोग।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य? – 2030 तक 5 MMT
• राज्य का हरित हाइड्रोजन लक्ष्य? – 2,000 KTPA (2030)
• हरित हाइड्रोजन हेतु राजस्थान की प्रमुख चुनौती? – जल की कमी
15. परिवहन क्षेत्र की राज्य नीतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राजस्थान इलेक्ट्रिक वाहन नीति (REVP) 2022 में ₹200 करोड़ के ई-वाहन प्रोत्साहन कोष का प्रावधान है।
कथन II: राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025 का उद्देश्य पुराने व प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: REVP 2022 – EV ख़रीद पर SGST की प्रतिपूर्ति व एकमुश्त अनुदान, चार्जिंग अवसंरचना को प्रोत्साहन, ₹200 करोड़ का ई-वाहन प्रोत्साहन कोष। वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025 – केंद्र की राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति (2021) के अनुरूप पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएँ (RVSF), स्क्रैपिंग प्रमाण-पत्र पर नए वाहन के पंजीकरण/कर में रियायत, सरकारी 15 वर्ष पुराने वाहनों का निस्तारण। पर्यावरणीय पहल – रणथंभौर व सरिस्का टाइगर रिज़र्व में EV परिवहन; ई-अपशिष्ट प्रबंधन नीति 2023 – सर्कुलर अर्थव्यवस्था।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• केंद्र की वाहन स्क्रैपेज नीति वर्ष? – 2021
• किन टाइगर रिज़र्व में EV परिवहन? – रणथंभौर, सरिस्का
• राज्य ई-अपशिष्ट प्रबंधन नीति? – 2023
16. विद्युत पारेषण में निजी भागीदारी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राज्य में 400 kV स्तर के 245 ग्रिड सब-स्टेशनों का रख-रखाव निजी क्षेत्र द्वारा किया जा रहा है।
कथन II: निजी रख-रखाव से प्रति सब-स्टेशन प्रति वर्ष लगभग ₹45 लाख की बचत होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – निजी रख-रखाव वाले 245 GSS 132 kV स्तर के हैं; राज्य में 400 kV GSS कुल 20 ही हैं। निजी भागीदारी के अन्य रूप: 400 kV GSS अलवर व डीडवाना PPP मोड पर निर्मित; VGF (व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण) से 400 kV डबल सर्किट लाइनें बीकानेर-सीकर व सूरतगढ़-बीकानेर। केंद्रीय स्तर – हरित ऊर्जा गलियारा (Green Energy Corridor) व इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (ISTS) से पश्चिमी राजस्थान के RE क्षेत्रों की निकासी।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• 400 kV GSS की कुल संख्या? – 20
• VGF से निर्मित एक 400 kV लाइन? – बीकानेर-सीकर
• RE निकासी हेतु केंद्रीय परियोजना? – हरित ऊर्जा गलियारा
17. राजस्थान से गुज़रने वाली प्रमुख सड़क परियोजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारा (भारतमाला) पश्चिमी राजस्थान के हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर व जालौर क्षेत्रों से गुज़रता है।
2. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे राजस्थान के अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर व कोटा क्षेत्रों से गुज़रता है।
3. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का राजस्थान खंड जैसलमेर से होकर गुज़रता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूर्वी राजस्थान (अलवर-दौसा-सवाई माधोपुर-बूंदी-कोटा-झालावाड़ की ओर) से गुज़रता है; जैसलमेर पश्चिमी सीमांत जिला है। अमृतसर-जामनगर ग्रीनफ़ील्ड गलियारा – पंजाब-राजस्थान-गुजरात; पश्चिमी राजस्थान के RE, खनिज व रिफ़ाइनरी (पचपदरा, बालोतरा) क्षेत्रों को बंदरगाहों से जोड़ता है। राज्य स्तर – बजट 2024-25 में 9 ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे की घोषणा; राजस्थान सड़क विकास व रख-रखाव कार्यक्रम (5 वर्ष में ₹60,000 करोड़+); 15 नगरों में रिंग रोड।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य में घोषित ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे? – 9
• पचपदरा रिफ़ाइनरी किस जिले में? – बालोतरा
• भारतमाला परियोजना का संबंध? – आर्थिक गलियारे/राजमार्ग
18. विधानसभा (फरवरी 2026) में मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत 'वर्तमान सरकार के 2 वर्ष' की उपलब्धियों (सूची-I) को उनके आँकड़ों (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) सड़क निर्माण (ब) जोड़ी गई विद्युत उत्पादन क्षमता (स) नहरी सिंचाई क्षेत्र (द) खेतों की तारबंदी
सूची-II: (1) 98,753 हेक्टेयर (2) 16,430 किमी (3) 3.44 करोड़ मीटर (4) 7,395 MW
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: सड़क – 16,430 किमी; विद्युत क्षमता – 7,395 MW; नहरी सिंचाई – 98,753 हेक्टेयर; तारबंदी – 3.44 करोड़ मीटर।
📘 विस्तार से समझें: तुलना (2 वर्ष बनाम पिछली सरकार के 5 वर्ष – मुख्यमंत्री के दावे): सड़क 16,430 बनाम 13,160 किमी; विद्युत क्षमता 7,395 बनाम 3,952 MW; नहरी सिंचाई 98,753 बनाम 91,582 हेक्टेयर; तारबंदी 3.44 करोड़ बनाम 1.13 करोड़ मीटर। अन्य दावे – 25 माह में 19,209 MW सौर क्षमता (पिछले 5 वर्ष में 14,878 MW); आवंटित खदानों से प्रतिमाह 700+ कोयला रेक; 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली; 2 लाख+ नए कृषि कनेक्शन; पीएम-कुसुम घटक-C 2,329 MW (898 संयंत्र)। ध्यान दें – ये राजनीतिक/प्रशासनिक दावे हैं; आधिकारिक श्रृंखला हेतु आर्थिक समीक्षा देखें (उदा. स्थापित क्षमता 27,284 → 31,556 MW, मार्च-दिसंबर 2025)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• 2 वर्ष में सौर क्षमता वृद्धि (दावा)? – 19,209 MW (25 माह)
• कितने जिलों में दिन में कृषि बिजली? – 22
• कुसुम घटक-C क्षमता (दावा)? – 2,329 MW
19. पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: RDSS (2021) का लक्ष्य डिस्कॉम्स की AT&C हानियों को अखिल भारतीय स्तर पर 12-15% तक घटाना तथा ACS-ARR अंतर को शून्य करना है।
कथन II: इसके अंतर्गत उपभोक्ताओं के यहाँ स्मार्ट प्रीपेड मीटर तथा फ़ीडर/वितरण ट्रांसफ़ॉर्मर स्तर पर मीटरिंग की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: RDSS – परिव्यय लगभग ₹3.03 लाख करोड़ (केंद्रीय सहायता ~₹97,631 करोड़), 2021-22 से 2025-26 (बाद में विस्तार); परिणाम-आधारित वित्तपोषण; हानि-न्यूनीकरण अवसंरचना, कृषि फ़ीडर पृथक्करण, सौरीकरण (कुसुम-C से तालमेल)। AT&C – कुल तकनीकी व वाणिज्यिक हानि (चोरी, बिलिंग-संग्रह की कमी सहित); ACS-ARR – औसत आपूर्ति लागत व औसत प्राप्त राजस्व का अंतर। राजस्थान – जयपुर, अजमेर, जोधपुर डिस्कॉम्स; किसानों को विद्युत टैरिफ़ अनुदान (2025-26 नवंबर तक ₹14,612.19 करोड़)। पूर्ववर्ती योजनाएँ – UDAY (2015; डिस्कॉम ऋण का राज्य द्वारा अधिग्रहण), DDUGJY, IPDS, सौभाग्य।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• ACS-ARR का अर्थ? – औसत आपूर्ति लागत व औसत प्राप्त राजस्व का अंतर
• UDAY का वर्ष? – 2015
• RDSS में केंद्रीय सहायता लगभग? – ₹97,631 करोड़
20. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग के कुल 47 कार्यों में से कितने पूर्ण हो चुके थे?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 26।
📘 विस्तार से समझें: राष्ट्रीय राजमार्ग कार्य: कुल 47 – 26 पूर्ण, 17 प्रगतिरत (लक्ष्य जून 2026), 4 समाप्त (terminated)। 2025-26 योजनावार प्रगति (दिसंबर 2025 तक): ग्रामीण सड़क – लक्ष्य 9,675 किमी, पूर्ण 7,368 किमी; राज्य सड़क निधि – 1,455 किमी; NABARD – 1,632 किमी; केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) – 735 किमी; नगरीय सड़कें – 168 किमी। कुल आवंटन ₹17,383.81 करोड़ में से नवंबर 2025 तक ₹6,251 करोड़ व्यय। राष्ट्रीय राजमार्ग – 10,790 किमी (मार्च 2025)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• प्रगतिरत NH कार्यों का लक्ष्य? – जून 2026
• 2025-26 सड़क आवंटन? – ₹17,383.81 करोड़
• 2025-26 में ग्रामीण सड़क पूर्ण (दिसंबर तक)? – 7,368 किमी
21. राज्य-स्वामित्व वाले विद्युत संयंत्रों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राज्य की गैस आधारित क्षमता (600.50 MW) धौलपुर व रामगढ़ (जैसलमेर) संयंत्रों से मिलकर बनती है।
2. रामगढ़ गैस संयंत्र को प्राकृतिक गैस मुंबई हाई से पाइपलाइन द्वारा मिलती है।
3. माही (बाँसवाड़ा) जल विद्युत परियोजना की क्षमता लगभग 140 MW है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – रामगढ़ (जैसलमेर) संयंत्र स्थानीय जैसलमेर बेसिन (मणिहारी टिब्बा आदि क्षेत्रों) की गैस पर आधारित है; धौलपुर संयुक्त चक्र संयंत्र (330 MW) को HBJ/GAIL पाइपलाइन से गैस। गैस क्षमता: धौलपुर 330 + रामगढ़ 270.5 = 600.50 MW। राज्य की जल-विद्युत (1,017.29 MW) – माही (140 MW), राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर (चंबल – साझा), भाखड़ा-व्यास में अंश, मिनी-माइक्रो जल विद्युत। केंद्र से गैस आवंटन (221.10 MW, NTPC) ऊँची लागत के कारण 2021 में समर्पित।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• धौलपुर गैस संयंत्र की क्षमता? – 330 MW
• रामगढ़ संयंत्र किस बेसिन की गैस पर? – जैसलमेर बेसिन
• राज्य की कुल जल-विद्युत क्षमता (राज्य-स्वामित्व/साझा)? – 1,017.29 MW
22. अभिकथन (A): पश्चिमी राजस्थान में तेज़ी से बढ़ती सौर क्षमता के बावजूद कई बार उत्पादित बिजली का पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता (curtailment)।
कारण (R): सौर क्षमता-वृद्धि की गति के अनुरूप पारेषण (evacuation) अवसंरचना व ऊर्जा-भंडारण का विकास नहीं हो पाया है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: सौर संयंत्र 1-2 वर्ष में बन जाते हैं, जबकि EHV पारेषण लाइनें-सब-स्टेशन बनने में अधिक समय (भूमि, वन/गोडावण संरक्षण संबंधी बाधाएँ) – इसीलिए ग्रिड-कंजेशन और उत्पादन कटौती; अतः R, A का कारण है। गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) संरक्षण हेतु सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश – ओवरहेड लाइनों पर प्रतिबंध/भूमिगत करने का प्रश्न। समाधान – हरित ऊर्जा गलियारा, ISTS विस्तार, बैटरी भंडारण (BESS), पंप भंडारण, हाइब्रिड परियोजनाएँ; एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 में भंडारण हेतु 10 GW लक्ष्य। राज्य में पारेषण – 45,933 सर्किट किमी, 678 EHV सब-स्टेशन (दिसंबर 2025)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• गोडावण का अंग्रेज़ी नाम? – ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
• ICEP 2024 में भंडारण लक्ष्य? – 10 GW (जल/पंप/बैटरी)
• राज्य में EHV सब-स्टेशन (दिसंबर 2025)? – 678
23. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार ग्रामीण विद्युतीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: दिसंबर 2025 तक 43,965 गाँव, लगभग 1.14 लाख ढाणियाँ तथा 111.15 लाख ग्रामीण परिवार विद्युतीकृत थे।
कथन II: 2025-26 में दिसंबर तक 2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन जारी किए गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – आर्थिक समीक्षा के अनुसार 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) में 70,566 कृषि कनेक्शन जारी; '2 लाख+' का आँकड़ा मुख्यमंत्री द्वारा दो वर्ष की उपलब्धि के रूप में बताया गया। ढाणी – पश्चिमी राजस्थान में बिखरी छोटी बस्तियाँ, जहाँ ग्रिड-विस्तार महँगा; ऑफ़-ग्रिड सौर समाधान उपयोगी। सौभाग्य योजना (2017) – सार्वभौमिक घरेलू विद्युतीकरण; DDUGJY (2014) – ग्रामीण फ़ीडर पृथक्करण व सुदृढ़ीकरण। कृषि उपभोक्ता – 21.08 लाख (नवंबर 2025)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• 2025-26 में नए कृषि कनेक्शन (दिसंबर तक)? – 70,566
• सौभाग्य योजना? – 2017
• राज्य में कृषि विद्युत उपभोक्ता? – 21.08 लाख
24. राजस्थान के विद्युत क्षेत्र सुधारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राजस्थान विद्युत क्षेत्र सुधार अधिनियम 1999 के अंतर्गत 19 जुलाई 2000 को राजस्थान राज्य विद्युत मंडल (RSEB) को पाँच कंपनियों में विभाजित किया गया।
कथन II: ये पाँच कंपनियाँ हैं – उत्पादन हेतु RVUNL, पारेषण हेतु RVPN तथा वितरण हेतु जयपुर, अजमेर व जोधपुर डिस्कॉम्स।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: विद्युत सुधार – उत्पादन-पारेषण-वितरण का पृथक्करण (unbundling) ताकि दक्षता, जवाबदेही व निवेश बढ़े। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC, 2000) – टैरिफ़ निर्धारण, लाइसेंसिंग, उपभोक्ता शिकायत निवारण। राजस्थान ऊर्जा विकास निगम (RUVNL) – विद्युत क्रय-व्यापार प्रबंधन; RRECL – नवीकरणीय ऊर्जा नोडल। केंद्रीय विद्युत अधिनियम 2003 – एकीकृत ढाँचा, ओपन एक्सेस, ट्रेडिंग। चुनौतियाँ – डिस्कॉम्स का संचित घाटा/ऋण (UDAY 2015), AT&C हानियाँ, कृषि टैरिफ़ अनुदान।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• RERC का गठन? – 2000
• विद्युत क्रय-व्यापार प्रबंधक निगम? – RUVNL
• केंद्रीय विद्युत अधिनियम? – 2003
25. राजस्थान के हवाई अड्डों (सूची-I) को उनके नगर (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (अ) महाराणा प्रताप हवाई अड्डा (डबोक) (ब) सांगानेर हवाई अड्डा (स) नाल हवाई अड्डा (द) किशनगढ़ हवाई अड्डा
सूची-II: (1) उदयपुर (2) अजमेर (3) जयपुर (4) बीकानेर
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: डबोक – उदयपुर; सांगानेर – जयपुर; नाल – बीकानेर; किशनगढ़ – अजमेर।
📘 विस्तार से समझें: जयपुर (सांगानेर) – राज्य का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (2005 में अंतरराष्ट्रीय दर्जा); अन्य – जोधपुर, उदयपुर (डबोक), जैसलमेर, बीकानेर (नाल), किशनगढ़ (अजमेर; UDAN – 2017)। नागरिक उड्डयन नीति 2024 – उत्तरलाई (बाड़मेर) व उदयपुर का उन्नयन, कोटा में AAI के साथ नया ग्रीनफ़ील्ड हवाई अड्डा, जयपुर में कार्गो कॉम्प्लेक्स, कई हवाई पट्टियों पर नाइट-लैंडिंग। पर्यटन नीति 2025 – हवाई संपर्क हेतु VGF। आर्थिक महत्त्व – पर्यटन, निर्यात (रत्न-आभूषण, हस्तशिल्प, फल-सब्ज़ी) व निवेश।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• जयपुर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा? – 2005
• किशनगढ़ हवाई अड्डा किस योजना से जुड़ा? – UDAN
• हवाई संपर्क हेतु पर्यटन नीति का प्रावधान? – VGF
26. अभिकथन (A): पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय जिलों में सड़क घनत्व राज्य औसत से कम है।
कारण (R): इन जिलों में जनसंख्या विरल है और बस्तियाँ (ढाणियाँ) बिखरी हुई हैं, जिससे प्रति वर्ग किमी सड़क-निर्माण की लागत-प्रभावशीलता कम होती है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: सड़क घनत्व = सड़क लंबाई ÷ क्षेत्रफल; विशाल क्षेत्रफल व विरल जनसंख्या वाले जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर जैसे जिलों में यह कम रहता है – R, A की व्याख्या है। राज्य औसत – 97.97 किमी प्रति 100 वर्ग किमी (मार्च 2025); 91.68% गाँव सड़क से जुड़े। उपाय – PMGSY, ग्रामीण सड़क योजनाएँ, भारतमाला (अमृतसर-जामनगर गलियारा), सीमा सड़कें (BRO), अटल प्रगति पथ; राज्य सड़क विकास व रख-रखाव कार्यक्रम (5 वर्ष में ₹60,000 करोड़+)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य का सड़क घनत्व (मार्च 2025)? – 97.97 किमी/100 वर्ग किमी
• सीमा क्षेत्रों में सड़क निर्माता? – BRO
• सड़क से जुड़े गाँव? – 91.68%
27. आर्थिक समीक्षा 2025-26 (मार्च 2025) के अनुसार सड़कों की सतह के प्रकार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कुल सड़कों में सर्वाधिक लंबाई डामर (black-top) सड़कों की है।
2. कच्ची (fair weather) सड़कों की लंबाई लगभग 12,031 किमी है।
3. लोक निर्माण विभाग (PWD) लगभग 1.97 लाख किमी सड़कों का रख-रखाव करता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: सतह-वार (कुल 3,35,306 किमी): डामर 2,72,162 (~81%); ग्रेवल 42,226; कच्ची 12,031; मेटल 8,886। श्रेणी-वार: ग्रामीण सड़कें 2,16,144 (~64%), ODR 72,822, MDR 18,234, SH 17,316, NH 10,790। PWD – 1.97 लाख किमी का रख-रखाव (शेष पंचायती राज/नगरीय निकाय/वन आदि)। 1949 में सड़कें 13,553 किमी – 75 वर्ष में लगभग 25 गुना वृद्धि। गुणवत्ता उन्नयन – CRIF, NABARD (RIDF), राज्य सड़क निधि।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• कुल सड़क लंबाई (मार्च 2025)? – 3,35,306 किमी
• डामर सड़कों का अनुमानित हिस्सा? – ~81%
• ग्रेवल सड़कें? – 42,226 किमी
28. RVPN के स्मार्ट पारेषण नेटवर्क एवं परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत पारेषण लाइनों पर लगभग कितनी लंबाई का OPGW (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) बिछाया गया है?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 14,320 किमी।
📘 विस्तार से समझें: स्मार्ट ग्रिड – OPGW 14,320 किमी; 552 सब-स्टेशन स्थलों पर संचार; 3 कमांड-एंड-कंट्रोल केंद्र; 535 सब-स्टेशनों व 20 उत्पादन संयंत्रों का डेटा एकीकृत। उद्देश्य – वास्तविक-समय निगरानी, दोष-पहचान, RE के उतार-चढ़ाव का ग्रिड-संतुलन। अन्य विकल्प: 45,933 – कुल पारेषण लाइन (सर्किट किमी); 1,09,071 – EHV सब-स्टेशनों की कुल क्षमता (MVA); 9,000 – 765 kV सब-स्टेशनों की क्षमता (MVA)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• कमांड-एंड-कंट्रोल केंद्र? – 3
• एकीकृत उत्पादन संयंत्र? – 20
• 765 kV सब-स्टेशनों की क्षमता? – 9,000 MVA
29. संचार अवसंरचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राज्य के लगभग 94.5% डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जिससे डाक नेटवर्क वित्तीय समावेशन (इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, बचत योजनाएँ) का महत्त्वपूर्ण माध्यम है।
कथन II: भारतनेट परियोजना का उद्देश्य केवल नगरीय क्षेत्रों में 5G सेवाएँ उपलब्ध कराना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – भारतनेट (पूर्व NOFN, 2011) का उद्देश्य सभी ग्राम पंचायतों (व आगे गाँवों) को ऑप्टिकल फ़ाइबर से उच्च-गति ब्रॉडबैंड देना; संशोधित भारतनेट (2023) – रख-रखाव व अंतिम छोर कनेक्टिविटी हेतु। राज्य – 11,031 डाकघर (10,419 ग्रामीण); 6.66 करोड़ दूरसंचार उपभोक्ता (6.53 करोड़ वायरलेस)। डिजिटल पहुँच से ई-मित्र, DBT, ई-संजीवनी, डिजिटल भुगतान को बल; बजट 2026-27 – 100 सेवाएँ व्हाट्सऐप पर, ई-मित्र मिनी।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• भारतनेट का पूर्व नाम? – NOFN
• IPPB का पूर्ण रूप? – इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक
• राज्य में ग्रामीण डाकघर? – 10,419