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टॉपिक 08 – स्वास्थ्य एवं पोषण

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1. मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख तक कैशलेस उपचार देय है – ₹5 लाख तक बीमा मोड और ₹20 लाख तक ट्रस्ट मोड में। 2. अपात्र (गैर-प्राथमिकता) परिवार ₹850 वार्षिक प्रीमियम देकर स्वैच्छिक रूप से जुड़ सकते हैं। 3. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार इसमें लगभग 1.36 करोड़ परिवार पंजीकृत हैं तथा अप्रैल 2025 से अंतःराज्यीय (इन-बाउंड) पोर्टेबिलिटी लागू हुई। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: MAA योजना (पूर्व 'चिरंजीवी' योजना का पुनर्गठित रूप; आयुष्मान भारत-PMJAY से एकीकृत – 'आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना'): कवरेज ₹25 लाख/परिवार/वर्ष – सामान्य बीमारियाँ ₹5 लाख तक बीमा कंपनी से, गंभीर/महँगी (अंग-प्रत्यारोपण, कॉक्लियर इम्प्लांट आदि) ₹20 लाख तक राज्य ट्रस्ट (राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी) से। 2,179 पैकेज (2,002 बीमा + 177 ट्रस्ट मोड; 132 नए)। पात्र: NFSA परिवार, SECC-2011 सूची, लघु-सीमांत कृषक, संविदा कर्मी, कोविड-अनुग्रह राशि प्राप्त परिवार आदि – इनके लिए निःशुल्क; अन्य ₹850 देकर। सरकार बीमा कंपनी को प्रति परिवार ₹2,370 वार्षिक प्रीमियम देती है। इन-बाउंड पोर्टेबिलिटी अप्रैल 2025, आउट-बाउंड दिसंबर 2025 (अन्य राज्यों के अस्पतालों में भी उपचार)। लगभग 15.33 लाख रोगियों का उपचार; बजट 2026-27 में लगभग ₹3,000 करोड़। पंजीकरण जन आधार से। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • MAA योजना में कुल पैकेज? – 2,179 • सरकार द्वारा बीमा कंपनी को प्रति परिवार प्रीमियम? – ₹2,370 • आउट-बाउंड पोर्टेबिलिटी कब से? – दिसंबर 2025
2. राजस्थान की स्वास्थ्य-अधिकार व निःशुल्क दवा व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम 2023 के द्वारा राजस्थान स्वास्थ्य को कानूनी अधिकार के रूप में मान्यता देने वाला देश का पहला राज्य बना। कथन II: मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना की आवश्यक दवा-सूची में 1,000 से अधिक दवाइयाँ सम्मिलित हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम 2023 (मार्च 2023 में पारित): प्रत्येक निवासी को सरकारी संस्थानों में निःशुल्क OPD/IPD, आपात स्थिति में बिना अग्रिम भुगतान उपचार आदि का अधिकार; शिकायत-निवारण हेतु जिला व राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण। मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (DAWA) योजना (1 अप्रैल 2022 से; मूल निःशुल्क दवा योजना 2 अक्टूबर 2011 से): आवश्यक सूची – 1,238 दवाइयाँ, 428 सर्जिकल, 156 सूचर; मेडिकल कॉलेज से उप-स्वास्थ्य केंद्र तक; निःशुल्क जाँच योजना (2013 से) भी साथ। आपूर्ति – राजस्थान मेडिकल सर्विसेज़ कॉर्पोरेशन (RMSCL)। राज्य स्वास्थ्य अवसंरचना (दिसंबर 2025): 267 अस्पताल, 832 CHC, 2,589 PHC, 15,292 उप-केंद्र; 19,877 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (12 सेवाएँ); 6.52 करोड़ ABHA आईडी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • मूल निःशुल्क दवा योजना कब से? – 2 अक्टूबर 2011 • निःशुल्क दवा की आपूर्ति एजेंसी? – RMSCL • ABHA आईडी (दिसंबर 2025)? – 6.52 करोड़
3. सूची-I (राजस्थान का स्वास्थ्य संकेतक, SRS) को सूची-II (मान) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (राजस्थान का स्वास्थ्य संकेतक, SRS)सूची-II (मान)
(अ)शिशु मृत्यु दर (2023)(1)29 प्रति हज़ार जीवित जन्म
(ब)मातृ मृत्यु अनुपात (2021-23)(2)70.4 वर्ष
(स)जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (2019-23)(3)86 प्रति लाख जीवित जन्म
(द)अशोधित जन्म दर (2023)(4)22.9 प्रति हज़ार
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: IMR 29; MMR 86; जीवन प्रत्याशा 70.4 वर्ष; जन्म दर 22.9। 📘 विस्तार से समझें: राष्ट्रीय तुलना (SRS): IMR 2023 – राजस्थान 29, भारत 25 (राज्य पीछे); MMR 2021-23 – राजस्थान 86, भारत 88 (राज्य बेहतर); जीवन प्रत्याशा 2019-23 – राजस्थान 70.4, भारत 70.3; अशोधित जन्म दर – 22.9 बनाम 18.4; अशोधित मृत्यु दर – 5.9 बनाम 6.4। NFHS-5 (2019-21): संस्थागत प्रसव 94.9% (भारत 88.6%), पूर्ण टीकाकरण 80.4%, TFR 2.0 (प्रतिस्थापन स्तर से नीचे), गर्भवती महिलाओं में एनीमिया 46.3%, बच्चों में बौनापन 31.8%, दुबलापन 16.8%, कम वज़न 27.6%। विकसित राजस्थान 2047 लक्ष्य: जीवन प्रत्याशा 77 वर्ष, MMR 15 से कम, IMR 10 से कम, 2030 तक 100% सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • NFHS-5 में राज्य का TFR? – 2.0 • NFHS-5 में संस्थागत प्रसव? – 94.9% • 2047 तक IMR लक्ष्य? – 10 से कम
4. राजस्थान की स्वास्थ्य पहलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मिशन मधुहारी' (29 नवंबर 2024, नागौर से) टाइप-1 मधुमेह रोगी बच्चों को निःशुल्क इंसुलिन, ग्लूकोमीटर व स्ट्रिप देने की पहल है। 2. 'मिशन मधुनेत्र' AI-आधारित डायबिटिक रेटिनोपैथी स्क्रीनिंग से संबंधित है। 3. राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) 1 जुलाई 2021 से लागू है और यह CGHS के मॉडल पर राज्य कर्मचारियों/पेंशनरों हेतु है। 4. 'आयुष्मान वय वंदना' योजना 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों हेतु है। 5. 'शुद्ध आहार – मिलावट पर वार' अभियान 15 फरवरी 2024 से आरंभ हुआ। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल चार कथन (1, 2, 3 और 5) सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 4 गलत – आयुष्मान वय वंदना (29 अक्टूबर 2024 से, केंद्र) 70 वर्ष या अधिक आयु के सभी नागरिकों (आय-सीमा के बिना) को ₹5 लाख/वर्ष का कैशलेस उपचार देती है। अन्य: RGHS – लगभग 13.65 लाख परिवार; मंत्री, विधायक-पूर्व विधायक, अखिल भारतीय सेवा अधिकारी, पेंशनर, स्वायत्त निकाय कर्मी; 741+ निजी अस्पताल, 3,748 फ़ार्मेसी; बजट 2026-27 में ₹3,817 करोड़। सिलिकोसिस नीति 2019 – प्रमाणन पर ₹3 लाख पुनर्वास, ₹1,500 मासिक पेंशन, मृत्यु पर आश्रितों को ₹2 लाख, अंत्येष्टि ₹10,000। मुख्यमंत्री बाल संबल योजना – दुर्लभ रोगों से पीड़ित बच्चे। MAA वाउचर योजना (2024) – ग्रामीण गर्भवती महिलाओं को QR-वाउचर से निजी केंद्रों पर निःशुल्क सोनोग्राफी (1,462 केंद्र)। 61 जिला अस्पतालों में डायलिसिस (PM राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • आयुष्मान वय वंदना की आयु-पात्रता? – 70 वर्ष+ • सिलिकोसिस पीड़ित को मासिक पेंशन? – ₹1,500 • MAA वाउचर योजना का उद्देश्य? – ग्रामीण गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी
5. अभिकथन (A): राजस्थान के 'कैश प्लस मॉडल' में गर्भवती महिलाओं को नकद हस्तांतरण के साथ-साथ पोषण-व्यवहार परिवर्तन हेतु परामर्श व अभियान भी चलाए गए। कारण (R): केवल नकद हस्तांतरण देने पर अनेक लाभार्थी उस राशि को पोषण (भोजन) पर व्यय नहीं कर रहे थे।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: आर्थिक समीक्षा 2025-26 की 'सर्वोत्तम प्रथा': जिले – प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर, बाराँ (आदिवासी/कुपोषण-प्रवण); प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना के नकद लाभों को व्यवहार-परिवर्तन संचार (BCC) से जोड़ा गया। भूमिकाएँ: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता – घर-घर पोषण परामर्श; ANM – गर्भावस्था देखभाल परामर्श; आशा – ग्राम बैठकें। माध्यम – नुक्कड़ नाटक, कठपुतली, भित्ति-चित्र, रेडियो, डिजिटल 'बाहुबली' अभियान (पुरुषों को सहायक पारिवारिक भूमिका में)। परिणाम (2022-25): नकद राशि भोजन पर खर्च करने वाली महिलाएँ 30% से बढ़कर 89%; आहार-विविधता में सुधार। इसी कारण 'कैश प्लस' को केवल 'कैश' से अधिक प्रभावी माना गया (R, A की व्याख्या करता है)। संबंधित: मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री-किट (गर्भावस्था के अंतिम 5 माह; खजूर, घी, भुना चना, मूँगफली, गुड़, मखाना) – 2.35 लाख महिलाएँ। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • कैश प्लस मॉडल के जिले? – प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर, बाराँ • कैश प्लस का डिजिटल अभियान? – 'बाहुबली' • न्यूट्री-किट किस अवधि में? – गर्भावस्था के अंतिम 5 माह
6. राजस्थान की आपात-स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: '108' एंबुलेंस सेवा वर्ष 2015 में आरंभ हुई और यह केवल गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क परिवहन देती है। कथन II: '104 जननी एक्सप्रेस' गर्भवती महिलाओं व नवजातों को निःशुल्क परिवहन प्रदान करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है। 📘 विस्तार से समझें: '108' आपातकालीन एंबुलेंस सेवा सितंबर 2008 से सभी प्रकार के आपात रोगियों (दुर्घटना, हृदयाघात आदि) हेतु है; 1,094 एंबुलेंस (आर्थिक समीक्षा 2025-26) – अतः कथन I गलत। '104 जननी एक्सप्रेस' – जननी सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती/प्रसूता व एक वर्ष तक के शिशु को घर-अस्पताल-घर निःशुल्क परिवहन। अन्य: मोबाइल मेडिकल यूनिट (2008-09), ई-संजीवनी टेली-परामर्श (20.33 लाख परामर्श), ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियाँ (43,440 गाँव), आशा सहयोगिनी (54,022), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK – 0-18 वर्ष के बच्चों में 4D: दोष, रोग, कमियाँ, विकास-विलंब की जाँच), राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम ('उजाला क्लिनिक')। आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना – पहले चरण (2025-26) में 210 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 18 स्वास्थ्य सूचकांक। बजट 2026-27: 'राज-सुरक्षा' आपात चिकित्सा व 'राज-ममता' मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 108 सेवा कब से? – सितंबर 2008 • 108 एंबुलेंस की संख्या? – 1,094 • बजट 2026-27 का मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम? – राज-ममता
7. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार दिसंबर 2025 तक राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की संख्या कितनी थी?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर 2,589 है। 📘 विस्तार से समझें: स्वास्थ्य अवसंरचना (दिसंबर 2025): 267 अस्पताल; 832 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC); 2,589 PHC (2,534 ग्रामीण + 55 शहरी; NUHM में 286 शहरी PHC अलग); 15,292 उप-केंद्र; 118 मातृ-शिशु कल्याण केंद्र; 183 डिस्पेंसरी; 76,210 शैयाएँ; 19,877 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (12 सेवाएँ – मातृ-शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, संचारी व गैर-संचारी रोग, मानसिक स्वास्थ्य, मुख-नेत्र-ENT, वृद्धजन व आपात देखभाल आदि)। मानक (IPHS): मैदानी क्षेत्र में 1 उप-केंद्र/5,000, PHC/30,000, CHC/1,20,000 जनसंख्या; आदिवासी/मरुस्थलीय क्षेत्र में क्रमशः 3,000, 20,000, 80,000। विकल्प 1,462 – MAA वाउचर योजना के निजी सोनोग्राफी केंद्र। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य में CHC (दिसंबर 2025)? – 832 • मैदानी क्षेत्र में एक PHC हेतु मानक जनसंख्या? – 30,000 • मरुस्थलीय/आदिवासी क्षेत्र में CHC मानक? – 80,000
8. NFHS-5 (2019-21) के अनुसार राजस्थान के बच्चों (5 वर्ष से कम) के पोषण संकेतकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौनापन (stunting) राजस्थान में 31.8% है, जो राष्ट्रीय औसत (35.5%) से कम है। 2. दुबलापन (wasting) राजस्थान में 16.8% है, जो राष्ट्रीय औसत (19.3%) से कम है। 3. कम वज़न (underweight) राजस्थान में 27.6% है, जो राष्ट्रीय औसत (32.1%) से कम है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: परिभाषाएँ: बौनापन – आयु के अनुपात में कम लंबाई (दीर्घकालिक कुपोषण); दुबलापन – लंबाई के अनुपात में कम वज़न (तीव्र कुपोषण); कम वज़न – आयु के अनुपात में कम वज़न (समग्र)। NFHS-5 में राजस्थान: नवजात मृत्यु दर 20.2, IMR 30.3, U5MR 37.6; संस्थागत प्रसव 94.9%; पूर्ण टीकाकरण 80.4%; गर्भवती महिलाओं में एनीमिया 46.3% (भारत 52.2%); TFR 2.0। कुपोषण के उपाय: पोषण अभियान (8 मार्च 2018 को प्रधानमंत्री द्वारा झुंझुनूं से राष्ट्रीय शुभारंभ), सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, PM पोषण (मध्याह्न भोजन), 'कैश प्लस मॉडल', न्यूट्री-किट, एनीमिया मुक्त भारत। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • पोषण अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ कहाँ से? – झुंझुनूं (8 मार्च 2018) • दीर्घकालिक कुपोषण का सूचक? – बौनापन • NFHS-5 में गर्भवती महिलाओं में एनीमिया? – 46.3%
9. कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIS) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: यह 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में ₹21,000 मासिक तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर लागू है। कथन II: इसमें कर्मचारी का अंशदान वेतन का 3.25% और नियोक्ता का 0.75% है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: अंशदान उलटा है – नियोक्ता 3.25% और कर्मचारी 0.75% (दैनिक ₹176 तक औसत मज़दूरी वाले कर्मचारी अंशदान से मुक्त); अतः कथन II गलत। ESIS (ESI अधिनियम 1948) – चिकित्सा, बीमारी, प्रसूति, अपंगता, आश्रित, अंत्येष्टि लाभ; चिकित्सा सेवा राज्य ESI निदेशालय चलाता है, जिसमें व्यय-भागीदारी ESIC व राज्य के बीच 7:1 (ESIC 7/8, राज्य 1/8)। राज्य में 2 ESI मेडिकल कॉलेज (आर्थिक समीक्षा)। राज्य कर्मचारियों हेतु अलग योजना – RGHS (CGHS मॉडल)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • ESIS में नियोक्ता अंशदान? – 3.25% • ESI अधिनियम का वर्ष? – 1948 • ESIC व राज्य की व्यय-भागीदारी? – 7:1
10. सूची-I (स्वास्थ्य पहल) को सूची-II (आरंभ तिथि) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (स्वास्थ्य पहल)सूची-II (आरंभ तिथि)
(अ)मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना(1)15 फरवरी 2024
(ब)शुद्ध आहार – मिलावट पर वार अभियान(2)29 अक्टूबर 2024
(स)आयुष्मान वय वंदना योजना(3)29 नवंबर 2024
(द)मिशन मधुहारी(4)1 अप्रैल 2022
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: दवा योजना – 1 अप्रैल 2022; शुद्ध आहार – 15 फरवरी 2024; वय वंदना – 29 अक्टूबर 2024; मधुहारी – 29 नवंबर 2024। 📘 विस्तार से समझें: मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान – मूल निःशुल्क दवा योजना (2 अक्टूबर 2011) का विस्तारित रूप; 1,238 दवाइयाँ, 428 सर्जिकल, 156 सूचर। शुद्ध आहार-मिलावट पर वार – प्रशासन, पुलिस, खाद्य सुरक्षा, विधिक माप-विज्ञान व डेयरी प्रतिनिधियों के संयुक्त दल। आयुष्मान वय वंदना – 70+ आयु के सभी नागरिक, ₹5 लाख/वर्ष (केंद्र; धन्वंतरि जयंती पर)। मिशन मधुहारी – नागौर से; टाइप-1 मधुमेह (बच्चों) हेतु निःशुल्क इंसुलिन; 70 जिला/उप-जिला अस्पतालों के चिकित्सक प्रशिक्षित। मिशन मधुनेत्र – पाली, ब्यावर, करौली, जालौर जिला अस्पताल व देशनोक CHC से AI-आधारित रेटिनोपैथी जाँच। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • मूल निःशुल्क दवा योजना? – 2 अक्टूबर 2011 • मिशन मधुहारी का शुभारंभ स्थान? – नागौर • वय वंदना कब से? – 29 अक्टूबर 2024 (धन्वंतरि जयंती)
11. मातृत्व-लाभ योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: जननी सुरक्षा योजना (JSY) में राजस्थान जैसे 'कम प्रदर्शन वाले राज्यों' में संस्थागत प्रसव पर ग्रामीण माताओं को ₹1,400 और शहरी माताओं को ₹1,000 दिए जाते हैं। कथन II: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) में पहली संतान पर ₹5,000 तथा दूसरी संतान बालिका होने पर ₹6,000 दिए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: JSY (2005, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन) – संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन; LPS राज्यों (राजस्थान सहित) में सभी गर्भवती महिलाएँ पात्र; आशा को भी प्रोत्साहन। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK, 2011) – सरकारी संस्थानों में प्रसव, दवा, जाँच, भोजन, रक्त, परिवहन (104 जननी एक्सप्रेस) निःशुल्क। PMMVY (2017; 'मिशन शक्ति' के 'सामर्थ्य' में; PMMVY 2.0 से दूसरी बालिका पर ₹6,000) – DBT, गर्भावस्था पंजीकरण-प्रसवपूर्व जाँच-टीकाकरण की शर्तों पर; नीति आयोग बैठक (2026) के अनुसार PMMVY में राजस्थान देश में द्वितीय, 10 लाख महिलाएँ लाभान्वित। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना ('कैश प्लस मॉडल' में PMMVY से संयोजित)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • JSY का आरंभ? – 2005 • निःशुल्क प्रसव सेवा कार्यक्रम? – JSSK (2011) • PMMVY में राजस्थान का स्थान? – द्वितीय
12. अभिकथन (A): आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राज्य में कुल 49 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 24 राजमेस (RajMES) सोसाइटी द्वारा संचालित हैं। कारण (R): राज्य में 5 नए मेडिकल कॉलेज – बाराँ, बाँसवाड़ा, नागौर, झुंझुनूं व सवाई माधोपुर – 100-100 MBBS सीटों के साथ आरंभ हुए हैं।
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है। 📘 विस्तार से समझें: मेडिकल कॉलेज (49): 6 राजकीय, 1 RUHS संघटक, 24 RajMES (राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी), 2 ESI, 1 AIIMS जोधपुर, 15 निजी; डेंटल कॉलेज 17। 5 नए कॉलेज कुल संख्या का एक भाग हैं, किंतु वे यह नहीं समझाते कि 24 कॉलेज RajMES द्वारा क्यों संचालित हैं (RajMES मॉडल – जिला अस्पतालों को संबद्ध कर, केंद्र प्रायोजित 'जिला अस्पताल से संबद्ध नए मेडिकल कॉलेज' योजना 60:40 में स्थापित कॉलेजों का स्वायत्त सोसाइटी द्वारा संचालन)। केंद्र द्वारा 15 और कॉलेज प्रस्तावित। चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय – राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS), जयपुर। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य में डेंटल कॉलेज? – 17 • राजस्थान का AIIMS? – जोधपुर • राज्य का स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय? – RUHS, जयपुर
13. राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 1 जुलाई 2021 से लागू है। 2. यह केंद्र सरकार की CGHS के मॉडल पर आधारित है। 3. यह केवल सेवारत कर्मचारियों हेतु है; पेंशनर इसमें सम्मिलित नहीं हैं। 4. इससे लगभग 13.65 लाख परिवार लाभान्वित हैं। 5. राज्य बजट 2026-27 में RGHS हेतु लगभग ₹3,817 करोड़ का प्रावधान है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल चार कथन (1, 2, 4 व 5) सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – RGHS में सेवारत राज्य कर्मचारी, पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर, मंत्री-विधायक व पूर्व विधायक, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी तथा स्वायत्त निकायों/बोर्ड-निगमों के कर्मचारी (अंशदान आधारित) सम्मिलित हैं; यह पुरानी RSHS/मेडिकल रीइम्बर्समेंट व्यवस्था का स्थान लेती है। विशेषताएँ: कैशलेस इनडोर-आउटडोर उपचार, सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पताल तथा फ़ार्मेसी स्टोर, जन आधार आधारित पंजीकरण व ऑनलाइन (ऐप) प्रक्रिया; सामान्य परिवारों हेतु अलग योजना – मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना। बजट 2026-27: RGHS ₹3,817 करोड़, NRHM ₹4,854 करोड़, स्वास्थ्य क्षेत्र कुल ₹32,526 करोड़। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • RGHS किस मॉडल पर? – CGHS • बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र का कुल प्रावधान? – ₹32,526 करोड़ • सामान्य नागरिकों हेतु स्वास्थ्य बीमा योजना? – MAA योजना
14. NFHS-4 (2015-16) से NFHS-5 (2019-21) के बीच राजस्थान के स्वास्थ्य संकेतकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: पूर्ण टीकाकरण (12-23 माह) 54.8% से बढ़कर 80.4% हो गया, जो राष्ट्रीय औसत (76.4%) से अधिक है। कथन II: गर्भवती महिलाओं में एनीमिया में सर्वाधिक सुधार हुआ और यह 46.6% से घटकर 30% से नीचे आ गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – गर्भवती महिलाओं में एनीमिया केवल 46.6% → 46.3% (मात्र 0.3 अंक की कमी); हालाँकि राष्ट्रीय स्तर पर यह बिगड़कर 50.4 → 52.2% हुआ, इसलिए राजस्थान राष्ट्रीय से बेहतर। अन्य परिवर्तन (NFHS-4 → 5): नवजात मृत्यु दर 29.8 → 20.2 (भारत 24.9); IMR 41.3 → 30.3 (भारत 35.2); U5MR 50.7 → 37.6 (भारत 41.9); संस्थागत प्रसव 84.0 → 94.9% (भारत 88.6%); TFR 2.4 → 2.0 (प्रतिस्थापन स्तर 2.1 से कम); बौनापन 39.1 → 31.8; दुबलापन 23.0 → 16.8; कम वज़न 36.7 → 27.6। टीकाकरण में सुधार 25.6 अंक (भारत 14.4) – मिशन इंद्रधनुष, U-WIN। NFHS-4 में राज्य तीनों शिशु मृत्यु संकेतकों में राष्ट्रीय से पीछे था, NFHS-5 में तीनों में आगे। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • NFHS-5 में राजस्थान की TFR? – 2.0 • प्रतिस्थापन स्तर TFR? – 2.1 • NFHS-5 में संस्थागत प्रसव? – 94.9%
15. मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के संबंध में आर्थिक समीक्षा 2025-26 के आधार पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 2025-26 में दिसंबर 2025 तक लगभग 15.33 लाख रोगियों का उपचार हुआ। 2. अप्रैल 2025 से अंतर्मुखी (in-bound) पोर्टेबिलिटी तथा दिसंबर 2025 से बहिर्मुखी (out-bound) पोर्टेबिलिटी लागू की गई। 3. योजना में अपात्र (सामान्य) परिवार ₹850 वार्षिक प्रीमियम देकर सम्मिलित हो सकते हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: MAA (आयुष्मान भारत-PMJAY से संयोजित): लगभग 1.36 करोड़ परिवार; प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख तक (₹5 लाख बीमा मोड + ₹20 लाख ट्रस्ट मोड); 2,179 पैकेज। 2025-26 (दिसंबर तक): 15,32,780 रोगी; 62,75,311 दावे प्रस्तुत (₹2,955.16 करोड़), 40,15,705 दावे भुगतान (₹2,245.53 करोड़)। पोर्टेबिलिटी – अन्य राज्यों के PMJAY लाभार्थी राजस्थान में (in-bound) तथा राजस्थान के लाभार्थी अन्य राज्यों में (out-bound) उपचार। मुख्यमंत्री के अनुसार दो वर्ष में 37.53 लाख रोगियों को ₹7,645 करोड़ का कैशलेस उपचार। पूर्व नाम – चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (2021)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • MAA योजना में ट्रस्ट मोड कवर? – ₹20 लाख • MAA योजना के पैकेज? – 2,179 • MAA का पूर्व नाम? – चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना
16. SRS के अनुसार राजस्थान का मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) 2018-20 से 2021-23 के बीच कितना बदला?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 113 से 86 (प्रति लाख जीवित जन्म)। 📘 विस्तार से समझें: MMR = प्रति 1 लाख जीवित जन्मों पर मातृ मृत्यु। राजस्थान 86 (2021-23) राष्ट्रीय 88 से 2 अंक कम। अन्य SRS संकेतक: IMR 2023 – 29 (भारत 25); जीवन प्रत्याशा 2019-23 – 70.4 वर्ष (भारत 70.3); अशोधित जन्म दर 22.9; अशोधित मृत्यु दर 5.9। SDG लक्ष्य 3.1 – 2030 तक MMR 70 से कम। विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य: MMR 87 → 15, IMR 30 → 10, जीवन प्रत्याशा 69.9 → 77 वर्ष; 2030 तक 100% सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • SDG लक्ष्य 3.1 में MMR? – 70 से कम (2030) • राजस्थान की जीवन प्रत्याशा (2019-23)? – 70.4 वर्ष • 2047 हेतु MMR लक्ष्य? – 15
17. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. ABHA (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) – लगभग 6.52 करोड़ 2. ई-संजीवनी टेली-परामर्श – लगभग 20.33 लाख 3. डायलिसिस सुविधा – 61 जिला अस्पताल 4. मुख्यमंत्री बाल संबल योजना – दुर्लभ रोगों से ग्रस्त 224 प्रमाणित बच्चे 5. 108 एंबुलेंस सेवा – 2018 से आरंभ उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल चार युग्म (1 से 4) सही सुमेलित हैं। 📘 विस्तार से समझें: युग्म 5 गलत – 108 एंबुलेंस सेवा राज्य में सितंबर 2008 से (1,094 एंबुलेंस); 104 जननी एक्सप्रेस – गर्भवती महिलाओं व शिशुओं हेतु। ABHA – 14 अंकों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, 27 सितंबर 2021)। ई-संजीवनी – केंद्र की राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन सेवा (HWC मॉडल व OPD)। बाल संबल – दुर्लभ बीमारियों (राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति 2021 की श्रेणियाँ) वाले बच्चों को सहायता; ₹65 लाख व्यय। आदर्श PHC – प्रतिमाह लगभग 9 लाख रोगी व 4,000 प्रसव। बजट 2026-27 – 'राज-सुरक्षा' (आपात सेवाएँ) व 'राज-ममता' (मानसिक स्वास्थ्य) पहलें। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 108 एंबुलेंस राज्य में कब से? – सितंबर 2008 • ABHA कितने अंकों का? – 14 • बजट 2026-27 की मानसिक स्वास्थ्य पहल? – राज-ममता
18. अभिकथन (A): मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान (दवा) योजना से राज्य में स्वास्थ्य पर परिवारों के जेब-से-व्यय (Out-of-Pocket Expenditure) में कमी आती है। कारण (R): OOPE का सबसे बड़ा घटक दवाइयों पर व्यय होता है, और इस योजना में राजकीय संस्थानों में 1,238 दवाइयाँ, 428 सर्जिकल व 156 सूचर निःशुल्क दिए जाते हैं।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा के अनुसार OOPE में दवाइयों का अंश सर्वाधिक होता है; अतः निःशुल्क दवाएँ सीधे जेब-ख़र्च घटाती हैं – R, A का कारण है। आँकड़े: 2025-26 में (दिसंबर तक) 15.73 करोड़ लाभार्थी, ₹1,312.19 करोड़ व्यय; आपूर्ति – राजस्थान मेडिकल सर्विसेज़ कॉर्पोरेशन (RMSCL, 2011)। मूल निःशुल्क दवा योजना 2 अक्टूबर 2011; निःशुल्क जाँच योजना 2013। साथ में MAA योजना (बीमा) व स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम 2023। आर्थिक समीक्षा में OOPE घटाना स्वास्थ्य अध्याय का प्रमुख लक्ष्य। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • दवा आपूर्ति निगम? – RMSCL • निःशुल्क दवा योजना के लाभार्थी (2025-26)? – 15.73 करोड़ • निःशुल्क जाँच योजना? – 2013
19. आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (पूर्व स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राज्य में 19,877 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। कथन II: इनमें मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोग, मानसिक स्वास्थ्य, वृद्धजन देखभाल सहित 12 प्रकार की व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ दी जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: आयुष्मान भारत (2018) के दो स्तंभ – (1) स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (14 अप्रैल 2018, जांगला, बीजापुर) – दिसंबर 2023 में नाम 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर'; उप-केंद्र व PHC का उन्नयन; उप-केंद्र स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO); (2) PM-JAY (23 सितंबर 2018, रांची)। 12 सेवाएँ – गर्भावस्था व प्रसव, नवजात-शिशु, बाल-किशोर, परिवार नियोजन, संचारी रोग, सामान्य बीमारियाँ, गैर-संचारी रोग (स्क्रीनिंग), मानसिक स्वास्थ्य, नेत्र-ENT, मुख स्वास्थ्य, वृद्धजन व उपशामक देखभाल, आपात व ट्रॉमा। राज्य – 15,292 उप-केंद्र, 2,589 PHC। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • HWC का शुभारंभ? – 14 अप्रैल 2018, बीजापुर • PM-JAY का शुभारंभ? – 23 सितंबर 2018, रांची • उप-केंद्र स्तर पर कौन? – सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO)
20. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राज्य के 49 चिकित्सा महाविद्यालयों के संबंध में सूची-I (श्रेणी) को सूची-II (संख्या) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (श्रेणी)सूची-II (संख्या)
(अ)RajMES सोसाइटी द्वारा संचालित(1)6
(ब)निजी(2)15
(स)राजकीय (सरकारी)(3)24
(द)ESI(4)2
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: RajMES – 24; निजी – 15; राजकीय – 6; ESI – 2। 📘 विस्तार से समझें: कुल 49 = 6 राजकीय + 1 RUHS संघटक + 24 RajMES + 2 ESI + 1 AIIMS जोधपुर + 15 निजी; डेंटल कॉलेज 17। RajMES मॉडल – जिला अस्पतालों से संबद्ध नए मेडिकल कॉलेज (केंद्र प्रायोजित, 60:40) स्वायत्त सोसाइटी द्वारा; केंद्र द्वारा 15 और कॉलेज प्रस्तावित। 2023-24 में बाराँ, बाँसवाड़ा, नागौर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर में 100-100 MBBS सीटों वाले 5 नए कॉलेज। RUHS (राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य में डेंटल कॉलेज? – 17 • RajMES मॉडल की वित्त-भागीदारी? – 60:40 • राजस्थान का AIIMS? – जोधपुर
21. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: PM-ABHIM (अक्टूबर 2021) का परिव्यय लगभग ₹64,180 करोड़ है और इसका लक्ष्य प्राथमिक से तृतीयक स्तर तक स्वास्थ्य अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण है। कथन II: इसके अंतर्गत जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक व एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ तथा ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक जन स्वास्थ्य इकाइयाँ स्थापित की जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: PM-ABHIM (2021-22 से 2025-26; वाराणसी से शुभारंभ) – कोविड-19 के अनुभव से महामारी-तैयारी; घटक: शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ब्लॉक जन स्वास्थ्य इकाइयाँ, 50+ बेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक (5 लाख+ जनसंख्या वाले जिलों में), एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ, राष्ट्रीय/क्षेत्रीय रोग नियंत्रण संस्थान, 'वन हेल्थ' संस्थान। राजस्थान – राज्य बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र ₹32,526 करोड़, 'राज-सुरक्षा' आपात सेवाएँ। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • PM-ABHIM का शुभारंभ स्थल? – वाराणसी • क्रिटिकल केयर ब्लॉक का बेड-आकार? – 50+ बेड • PM-ABHIM की अवधि? – 2021-22 से 2025-26
22. आयुष/स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों (सूची-I) को उनके स्थान (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
(अ)राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय)(1)जोधपुर (AIIMS)
(ब)डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय(2)जोधपुर (आयुर्वेद विश्वविद्यालय)
(स)राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS)(3)जयपुर (NIA)
(द)अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)(4)जयपुर (RUHS)
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: NIA – जयपुर; राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय – जोधपुर; RUHS – जयपुर; AIIMS – जोधपुर। 📘 विस्तार से समझें: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर (1976; 2020 में डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा – आयुष मंत्रालय)। राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर (2003) – आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग-प्राकृतिक चिकित्सा। RUHS, जयपुर – चिकित्सा, दंत, नर्सिंग, फ़ार्मेसी शिक्षा; संघटक मेडिकल कॉलेज। AIIMS जोधपुर (2012, PMSSY)। संदर्भ – 'हील इन राजस्थान नीति 2025' में आयुर्वेद-योग-यूनानी-सिद्ध को बढ़ावा; RGHS में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्ध उपचार भी सम्मिलित। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • NIA को डीम्ड विश्वविद्यालय दर्जा? – 2020 • राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना? – 2003 • AIIMS जोधपुर किस योजना से? – PMSSY
23. स्वास्थ्य से संबंधित राष्ट्रीय पहलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मिशन इंद्रधनुष (दिसंबर 2014) छूटे हुए बच्चों व गर्भवती महिलाओं के पूर्ण टीकाकरण हेतु है; U-WIN टीकाकरण का डिजिटल पोर्टल है। 2. राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (जुलाई 2023) का लक्ष्य 2047 तक सिकल सेल रोग का उन्मूलन है। 3. टेली-मानस (2022) राष्ट्रीय टेली-मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (14416) है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: सिकल सेल मिशन – शहडोल (मध्य प्रदेश) से शुभारंभ; 0-40 वर्ष के 7 करोड़ लोगों की जाँच; जनजातीय क्षेत्रों पर ध्यान – राजस्थान के दक्षिणी जनजातीय जिले (बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़ आदि) प्रासंगिक। टीकाकरण – NFHS-5 में राज्य का पूर्ण टीकाकरण 80.4% (NFHS-4 में 54.8%)। टेली-मानस (10 अक्टूबर 2022, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस) – 14416/1-800-891-4416। राज्य – बजट 2026-27 में 'राज-ममता' (मानसिक स्वास्थ्य); मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • सिकल सेल मिशन का शुभारंभ स्थल? – शहडोल • टेली-मानस का आरंभ? – 10 अक्टूबर 2022 • मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम? – 2017
24. अभिकथन (A): राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम 2023 बनाने वाला देश का पहला राज्य है। कारण (R): राज्य में MAA योजना के अंतर्गत लगभग 1.36 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध है।
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है। 📘 विस्तार से समझें: A विधिक अधिकार (कानून) की बात करता है और R बीमा-आधारित योजना के कवरेज की; MAA योजना का होना स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम बनने की व्याख्या नहीं करता (दोनों स्वतंत्र नीतिगत साधन)। अधिनियम 2023 – राज्य के निवासियों को सरकारी संस्थानों में निःशुल्क OPD-IPD सेवाओं का अधिकार, आपातकाल में बिना पूर्व-भुगतान उपचार, राज्य/जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण, शिकायत निवारण। MAA – ₹5 लाख बीमा + ₹20 लाख ट्रस्ट मोड, 2,179 पैकेज, पोर्टेबिलिटी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम का वर्ष? – 2023 • MAA में कवर परिवार? – लगभग 1.36 करोड़ • अधिनियम के अंतर्गत प्राधिकरण? – राज्य/जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण
25. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार दिसंबर 2025 तक राज्य के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में कुल शैयाओं (beds) की संख्या लगभग कितनी थी?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – लगभग 76,210। 📘 विस्तार से समझें: स्वास्थ्य अवसंरचना (दिसंबर 2025): 267 अस्पताल, 832 CHC, 2,589 PHC, 15,292 उप-केंद्र (विकल्प 15,292), 118 मातृ-शिशु कल्याण केंद्र, 183 डिस्पेंसरी, 19,877 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (विकल्प 19,877), 76,210 शैयाएँ। अनुपात – ~8.33 करोड़ जनसंख्या पर लगभग 0.9 शैया प्रति 1,000 (प्रायः उद्धृत अंतरराष्ट्रीय संदर्भ ~3 प्रति 1,000 – निजी क्षेत्र सहित)। विकास – जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेज से संबद्धीकरण (RajMES), PM-ABHIM के क्रिटिकल केयर ब्लॉक, आदर्श PHC। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य में मातृ-शिशु कल्याण केंद्र? – 118 • राज्य में डिस्पेंसरी? – 183 • राज्य में अस्पताल? – 267
26. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क, सुनिश्चित प्रसवपूर्व जाँच किस दिन उपलब्ध कराई जाती है?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – प्रत्येक माह की 9 तारीख। 📘 विस्तार से समझें: PMSMA (2016) – गर्भावस्था की दूसरी/तीसरी तिमाही में विशेषज्ञ/चिकित्सक द्वारा न्यूनतम पैकेज जाँच (रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, शुगर, HIV-सिफ़लिस, अल्ट्रासाउंड) व उच्च-जोखिम गर्भावस्था (HRP) की पहचान; निजी चिकित्सक स्वैच्छिक सहभागी। विस्तारित PMSMA (e-PMSMA) – उच्च-जोखिम गर्भवती महिलाओं का अनुवर्तन। राजस्थान – संस्थागत प्रसव 94.9% (NFHS-5), MMR 86 (2021-23), MAA वाउचर योजना से 1,462 निजी केंद्रों पर निःशुल्क सोनोग्राफ़ी। अन्य मातृ योजनाएँ – JSY (2005), JSSK (2011), PMMVY, सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (SUMAN, 2019)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • PMSMA का आरंभ? – 2016 • उच्च-जोखिम गर्भावस्था का संक्षिप्त रूप? – HRP • शून्य-व्यय सुनिश्चित मातृ-शिशु सेवा पहल (2019)? – SUMAN
27. एनीमिया मुक्त भारत (AMB) रणनीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह '6×6×6' रणनीति पर आधारित है – 6 लक्ष्य समूह, 6 हस्तक्षेप और 6 संस्थागत तंत्र। 2. इसके लक्ष्य समूहों में केवल गर्भवती महिलाएँ सम्मिलित हैं। 3. हस्तक्षेपों में आयरन-फ़ोलिक एसिड (IFA) पूरकता, कृमिनाशन, व्यवहार-परिवर्तन संचार व डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से जाँच सम्मिलित हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – 6 लक्ष्य समूह: 6-59 माह के बच्चे, 5-9 वर्ष के बच्चे, 10-19 वर्ष के किशोर-किशोरियाँ, प्रजनन आयु (20-24) की महिलाएँ, गर्भवती महिलाएँ, धात्री महिलाएँ। AMB (2018, पोषण अभियान के अंतर्गत) – साप्ताहिक IFA (WIFS), राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 फरवरी/10 अगस्त), फ़ोर्टिफ़ाइड चावल/आटा, मलेरिया-हीमोग्लोबिनोपैथी पर ध्यान। राजस्थान (NFHS-5) – गर्भवती महिलाओं में एनीमिया 46.3% (NFHS-4 में 46.6%); समाधान – कैश प्लस मॉडल, न्यूट्री-किट, सिकल सेल स्क्रीनिंग (जनजातीय जिले)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • AMB का आरंभ? – 2018 • राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस? – 10 फरवरी व 10 अगस्त • किशोरों हेतु साप्ताहिक IFA कार्यक्रम? – WIFS
28. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM, 2005) व राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM, 2013) को मिलाकर NHM बना; सामान्यतः प्रति 1,000 ग्रामीण जनसंख्या पर एक 'आशा' का मानक है। कथन II: NHM पूर्णतः केंद्र वित्तपोषित है; राज्य का इसमें कोई अंश नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – सामान्य राज्यों में केंद्र-राज्य 60:40 (पूर्वोत्तर/हिमालयी 90:10)। राज्य बजट 2026-27 में NRHM हेतु ₹4,854 करोड़। NHM के घटक – RMNCH+A (प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल व किशोर स्वास्थ्य), संचारी व गैर-संचारी रोग कार्यक्रम, स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण (आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 108/104 एंबुलेंस, निःशुल्क दवा-जाँच)। आशा – मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता; राजस्थान में 'आशा सहयोगिनी' (54,022) – स्वास्थ्य व महिला-बाल विकास का संयुक्त कैडर; राज्य स्तर पर राज्य स्वास्थ्य समिति (SHS)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • बजट 2026-27 में NRHM प्रावधान? – ₹4,854 करोड़ • राज्य में आशा सहयोगिनी? – 54,022 • NUHM का आरंभ? – 2013
29. अभिकथन (A): TB उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत TB रोगियों को उपचार अवधि में निक्षय पोषण योजना से प्रतिमाह नकद पोषण सहायता दी जाती है। कारण (R): कुपोषण TB के विकास व उपचार-विफलता का प्रमुख जोखिम-कारक है; पर्याप्त पोषण से उपचार-परिणाम सुधरते हैं।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: निक्षय पोषण योजना (2018) – DBT से प्रतिमाह ₹500, नवंबर 2024 से बढ़ाकर ₹1,000; पोषण व TB का संबंध ही इसका औचित्य – R, A की व्याख्या। 'प्रधानमंत्री TB मुक्त भारत अभियान' (2022) – 'निक्षय मित्र' (समुदाय/संस्थाओं द्वारा पोषण किट); 100 दिवसीय सघन TB मुक्त भारत अभियान (7 दिसंबर 2024 से) – उच्च-जोखिम समूहों की सक्रिय जाँच (हैंडहेल्ड एक्स-रे, NAAT)। भारत का लक्ष्य – SDG (2030) से पूर्व TB उन्मूलन। राजस्थान – सिलिकोसिस (खनन क्षेत्र) व TB की सह-रुग्णता चुनौती; सिलिकोसिस नीति 2019। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • निक्षय पोषण में वर्तमान मासिक सहायता? – ₹1,000 • समुदाय द्वारा TB रोगी को गोद लेने वाले? – निक्षय मित्र • 100 दिवसीय TB अभियान का आरंभ? – 7 दिसंबर 2024
30. स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुधार पहलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: LaQshya (2017) सरकारी अस्पतालों के प्रसव कक्ष व मैटरनिटी ऑपरेशन थिएटर में देखभाल की गुणवत्ता सुधार हेतु है। कथन II: कायाकल्प पुरस्कार (2015) सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों की स्वच्छता, संक्रमण-नियंत्रण व स्वास्थ्य-अनुकूल वातावरण हेतु दिए जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) – सरकारी अस्पतालों/PHC/आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का प्रमाणन; MusQan – बाल-अनुकूल सेवाओं की गुणवत्ता (2021); 'स्वच्छ स्वस्थ सर्वत्र'। राजस्थान – आदर्श PHC (प्रतिमाह ~9 लाख रोगी, 4,000 प्रसव), RajMES कॉलेजों से संबद्ध जिला अस्पताल, मिशन मधुहारी/मधुनेत्र जैसी विशेष पहलें। गुणवत्ता-सुधार का आर्थिक लाभ – सरकारी अस्पतालों पर भरोसा बढ़ने से निजी OOPE में कमी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • बाल-अनुकूल सेवाओं की गुणवत्ता पहल? – MusQan • सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का गुणवत्ता प्रमाणन मानक? – NQAS • कायाकल्प का आरंभ? – 2015