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टॉपिक 13 – ग्रामीण एवं शहरी विकास

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1. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राज्य में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों की संख्या क्रमशः कितनी है?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समिति, 14,403 ग्राम पंचायत। 📘 विस्तार से समझें: पंचायती राज की त्रि-स्तरीय संरचना (73वाँ संविधान संशोधन 1992; राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994): जिला परिषद 41, पंचायत समिति 457, ग्राम पंचायत 14,403 (हालिया पुनर्गठन के बाद)। ग्राम सभा – ग्राम पंचायत के मतदाताओं की आम सभा, कोई चौथा स्तर नहीं। ऐतिहासिक – 2 अक्टूबर 1959 को नागौर से देश में पंचायती राज का शुभारंभ (पं. नेहरू)। बजट 2026-27: 94 नई पंचायत समितियों के भवन, 3,467 ग्राम पंचायतों में आधारभूत कार्य, 8 नवसृजित जिलों में मिनी सचिवालय (₹3,000 करोड़ के कार्य)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • देश में पंचायती राज का शुभारंभ? – 2 अक्टूबर 1959, नागौर • राजस्थान पंचायती राज अधिनियम? – 1994 • बजट 2026-27 में नई पंचायत समितियों के भवन? – 94
2. छठे राज्य वित्त आयोग (2020-25) के अनुशंसित हस्तांतरण सूत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राज्य के शुद्ध स्वयं के कर राजस्व का 7% स्थानीय निकायों को हस्तांतरित होता है। 2. इसमें पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों का अनुपात 73.2 : 26.8 है। 3. पंचायती राज संस्थाओं के अंश में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद का अनुपात 75 : 20 : 5 है। 4. वितरण में जनगणना 2001 के आँकड़ों का उपयोग होता है। 5. PRI अनुदान का 40% भाग आधारभूत व विकास कार्यों हेतु है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल तीन कथन (1, 2 और 3) सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 4 गलत – जनगणना 2011 (जिलावार भारांक सहित)। कथन 5 गलत – PRI अनुदान का उपयोग: 55% आधारभूत व विकास कार्य, 40% राष्ट्रीय/राज्य प्राथमिकता योजनाएँ, 3% स्वयं की आय बढ़ाने पर प्रोत्साहन, 2% जेंडर-अनुकूल स्थल। 2025-26 बजट प्रावधान ₹7,000 करोड़; दिसंबर 2025 तक ₹4,849.92 करोड़ उपलब्ध में से ₹2,452.21 करोड़ व्यय, 60,799 कार्य पूर्ण। संवैधानिक आधार – अनुच्छेद 243-I (पंचायतें) व 243-Y (नगरपालिकाएँ): राज्यपाल प्रत्येक 5 वर्ष में राज्य वित्त आयोग गठित करता है। 15वें केंद्रीय वित्त आयोग (2021-26) का अनुदान: 40% अनटाइड, 60% टाइड (टाइड का 50% स्वच्छता/ODF, 50% पेयजल-जल संचयन); स्तरीय अनुपात 5:20:75। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य वित्त आयोग का संवैधानिक अनुच्छेद (पंचायतें)? – 243-I • 15वें वित्त आयोग में अनटाइड अनुदान? – 40% • PRI अनुदान में जेंडर-अनुकूल स्थलों हेतु? – 2%
3. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार वर्ष 2024-25 में MGNREGA के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राज्य में लगभग 3,155.57 लाख मानव-दिवस सृजित हुए और लगभग 58.86 लाख परिवारों को रोज़गार मिला। कथन II: रोज़गार पाने वाले परिवारों में से आधे से अधिक ने 100 दिन का रोज़गार पूर्ण किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – 100 दिन पूर्ण करने वाले परिवार केवल 5.11 लाख (≈8.7%, दसवें भाग से भी कम)। 2024-25: व्यय ₹9,441.01 करोड़; 2025-26 (दिसंबर तक): ₹4,819.26 करोड़, 1,554.85 लाख मानव-दिवस, 42.03 लाख परिवार, 46,684 परिवारों ने 100 दिन पूरे किए। राज्य की अतिरिक्त गारंटी – 100 दिन पूर्ण करने पर मुख्यमंत्री ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना के अंतर्गत 25 दिन अतिरिक्त; 47 अनुसूचित जनजाति ब्लॉकों के परिवारों को 50 अतिरिक्त दिन। बजट 2026-27 में MGNREGA ₹7,481 करोड़। नया केंद्रीय कानून – VB-G RAM G अधिनियम 2025 (1 जुलाई 2026 से) – 125 दिन, 60:40। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • ST ब्लॉकों में अतिरिक्त रोज़गार? – 50 दिन (47 ब्लॉक) • 2024-25 में MGNREGA व्यय? – ₹9,441.01 करोड़ • MGNREGA का स्थान लेने वाला अधिनियम? – VB-G RAM G अधिनियम 2025
4. विकसित भारत – रोज़गार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-G RAM G) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने MGNREGA का स्थान लिया और यह 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है। 2. इसमें अकुशल शारीरिक श्रम हेतु इच्छुक ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्त वर्ष 125 दिन के मज़दूरी रोज़गार की गारंटी है। 3. यह केंद्र प्रायोजित योजना है जिसमें केंद्र-राज्य लागत-भागीदारी 60:40 है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: MGNREGA (2005 अधिनियम; 2 फरवरी 2006 से) – 100 दिन, अकुशल मज़दूरी पूर्णतः केंद्र द्वारा। VB-G RAM G – MGNREGA निरस्त; 125 दिन; केंद्र प्रायोजित 60:40 (PRS, अनुदान माँग विश्लेषण 2026-27); संशोधित मज़दूरी दरें 1 जुलाई 2026 से – कोई भी अधिसूचित दर ₹300/दिन से कम नहीं; राष्ट्रीय औसत ₹298.8 → ₹327.4। राज्य संदर्भ – पूर्व में राज्य की अपनी अतिरिक्त 25 दिन की ग्रामीण रोज़गार गारंटी; मुख्यमंत्री के अनुसार कार्य-दिवस 100 से 125। प्रश्न-संकेत: लागत-भागीदारी बदलने से राज्यों पर वित्तीय भार बढ़ता है। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • MGNREGA अधिनियम का वर्ष? – 2005 • VB-G RAM G में न्यूनतम मज़दूरी दर? – ₹300/दिन से कम नहीं • MGNREGA का प्रारंभ? – 2 फरवरी 2006
5. प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें मैदानी क्षेत्र के लाभार्थी को ₹1,20,000 की सहायता के साथ स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय हेतु ₹12,000 तथा MGNREGA से 90 दिन की अकुशल मज़दूरी मिलती है। कथन II: लाभार्थियों का चयन SECC-2011 के आँकड़ों के आधार पर होता है और केंद्र-राज्य वित्त-भागीदारी 60:40 है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: PMAY-G (20 नवंबर 2016, आगरा; पूर्ववर्ती इंदिरा आवास योजना 1985) – न्यूनतम 25 वर्ग मीटर का पक्का आवास; पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1,30,000 (राजस्थान मैदानी)। राज्य प्रगति: 2025-26 का लक्ष्य 2,21,135 आवास, 2,18,050 स्वीकृत, दिसंबर 2025 तक 1,08,073 पूर्ण, व्यय ₹1,045.61 करोड़। नई सर्वे सूची – 'आवास+ 2024' ऐप (स्व-सर्वेक्षण)। PM-JANMAN में सहरिया परिवारों को ₹2 लाख। स्वामित्व योजना (24 अप्रैल 2020) – ग्रामीण आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे, संपत्ति कार्ड; 2025-26 में 4.13 लाख कार्ड। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • PMAY-G का शुभारंभ? – 20 नवंबर 2016, आगरा • PMAY-G की पूर्ववर्ती योजना? – इंदिरा आवास योजना (1985) • PMAY-G में पूर्ण आवास (दिसंबर 2025)? – 1,08,073
6. आर्थिक समीक्षा 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) के अनुसार राजीविका के संबंध में सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) गठित स्वयं सहायता समूह (SHG) (ब) संगठित ग्रामीण परिवार (स) लखपति दीदी बनीं महिलाएँ (द) ग्राम संगठन (VO) सूची-II: (1) 12.98 लाख (2) 32,061 (3) 51.01 लाख (4) 4.29 लाख
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: SHG – 4.29 लाख; परिवार – 51.01 लाख; लखपति दीदी – 12.98 लाख; ग्राम संगठन – 32,061। 📘 विस्तार से समझें: राजीविका (राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद; अक्टूबर 2010; सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1958 के अंतर्गत स्वायत्त सोसायटी; NRLM 60:40): 38,452 गाँवों में 4.29 लाख SHG; 51.01 लाख परिवार; 32,061 ग्राम संगठन; 1,078 क्लस्टर स्तरीय संघ; 3,42,127 SHG के बैंक बचत खाते; बैंक ऋण ₹10,788.96 करोड़; रिवॉल्विंग फ़ंड ₹501.19 करोड़ (3,18,833 SHG); सामुदायिक निवेश कोष ₹1,614.83 करोड़। लखपति दीदी – वार्षिक आय ₹1 लाख+ (19.90 लाख प्रशिक्षित, 12.98 लाख बनीं); बजट 2026-27 में लखपति दीदी ऋण सीमा ₹1 लाख से ₹1.5 लाख। राजस्थान महिला निधि – 1,54,861 महिलाओं को ₹735 करोड़ ऋण, 2.5% ब्याज (8% राज्य ब्याज अनुदान)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राजीविका की स्थापना? – अक्टूबर 2010 • क्लस्टर स्तरीय संघ? – 1,078 • बजट 2026-27 में लखपति दीदी ऋण सीमा? – ₹1.5 लाख
7. स्वच्छ भारत मिशन – ग्रामीण (SBM-G) के संबंध में राजस्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राजस्थान मार्च 2018 तक खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित हो गया था। कथन II: SBM-G के द्वितीय चरण (2020-21 से) में व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय हेतु ₹12,000 तथा सामुदायिक स्वच्छता परिसर हेतु ₹3 लाख प्रति इकाई का प्रावधान है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: SBM-G चरण-II का लक्ष्य – ODF स्थिति बनाए रखना और गाँवों को ODF प्लस (ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन, दृश्य स्वच्छता) बनाना। 2025-26 (दिसंबर तक): 1.05 लाख शौचालय; 2,205 सामुदायिक स्वच्छता परिसर (₹3 लाख प्रति परिसर, 30% 15वें वित्त आयोग अनुदान से); 414 ODF प्लस मॉडल गाँव; 7 गोबर-धन परियोजनाएँ (प्रत्येक जिले में एक मॉडल परियोजना प्रस्तावित); व्यय ₹100.67 करोड़। SBM (2 अक्टूबर 2014); SBM-U अलग – नगरीय निकाय विभाग। 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • SBM का आरंभ? – 2 अक्टूबर 2014 • ODF प्लस मॉडल गाँव (2025-26)? – 414 • सामुदायिक स्वच्छता परिसर में 15वें FC अनुदान का अंश? – 30%
8. अभिकथन (A): मिशन अमृत सरोवर के अंतर्गत राजस्थान का राज्य लक्ष्य 2,475 सरोवर निर्धारित है। कारण (R): मिशन में प्रति जिला कम से कम 75 अमृत सरोवर का मानदंड है और लक्ष्य निर्धारण के समय राज्य में 33 जिले थे।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: 75 × 33 = 2,475 – अतः R सीधे A का कारण स्पष्ट करता है (2023 में जिलों के पुनर्गठन के बाद लक्ष्य 41 जिलों हेतु पुनर्निर्धारित नहीं हुआ)। मिशन अमृत सरोवर (24 अप्रैल 2022, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस; आज़ादी का अमृत महोत्सव) – प्रत्येक सरोवर न्यूनतम 1 एकड़ जल-क्षेत्र व लगभग 10,000 घन मीटर भंडारण क्षमता; MGNREGA, 15वें वित्त आयोग, PMKSY आदि के अभिसरण से। राज्य में प्रथम चरण में 3,138 कार्य पूर्ण, द्वितीय चरण में 601 चिह्नित। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • मिशन अमृत सरोवर का आरंभ? – 24 अप्रैल 2022 • एक अमृत सरोवर की न्यूनतम भंडारण क्षमता? – ~10,000 घन मीटर • प्रथम चरण में राज्य में पूर्ण कार्य? – 3,138
9. राजस्थान में नगरीय शासन के पुनर्गठन (2025) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: परिसीमन के बाद राज्य में नगरीय निकायों की संख्या 309 हो गई और कुल वार्ड 7,475 से बढ़कर 10,175 हो गए। कथन II: जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो नगर निगमों के स्थान पर पुनः एकीकृत एक-एक नगर निगम बनाया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: नगरीय निकाय: 2019 में 196 → 2025 में 309 (राज्य में 10 नगर निगम); वार्ड 7,475 → 10,175 (+2,700)। प्रस्तावित वार्ड – जयपुर 150 → 250, जोधपुर 100 → 160, कोटा 80 → 130; अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, अलवर, भरतपुर 80 (अपरिवर्तित)। 2019 में जयपुर (हेरिटेज व ग्रेटर), जोधपुर (उत्तर व दक्षिण) व कोटा (उत्तर व दक्षिण) में दो-दो निगम बनाए गए थे; 2025 में पुनः एकीकरण। नगरीय निकाय: नगर निगम, नगर परिषद, नगरपालिका (74वाँ संविधान संशोधन 1992; राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009)। विकास प्राधिकरण (7) – जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भरतपुर। सितंबर 2026 में 309 नगरीय निकायों के चुनाव। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य में नगर निगम? – 10 • राजस्थान नगरपालिका अधिनियम? – 2009 • नगरीय निकायों से संबंधित संविधान संशोधन? – 74वाँ (1992)
10. नगरीय विकास के केंद्र प्रायोजित मिशनों के संबंध में राजस्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्मार्ट सिटी मिशन में राज्य के जयपुर, जोधपुर, कोटा व बीकानेर चयनित हुए। 2. AMRUT 2.0 (2021) का मुख्य लक्ष्य सभी वैधानिक नगरों में घरेलू नल कनेक्शन द्वारा जल-सुरक्षा ('जल-सुरक्षित शहर') है। 3. राज्य बजट 2026-27 में AMRUT 2.0 हेतु लगभग ₹6,766 करोड़ का प्रावधान है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 2 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 1 गलत – स्मार्ट सिटी मिशन (25 जून 2015) में राजस्थान के 4 नगर – जयपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर। AMRUT (2015) के प्रथम चरण में 29 नगर; AMRUT 2.0 (1 अक्टूबर 2021) – सभी वैधानिक नगरों में जल आपूर्ति का सार्वभौमिक कवरेज, 500 AMRUT नगरों में सीवरेज, जल निकायों का पुनर्जीवन, 'पेय जल सर्वेक्षण'। राज्य: AMRUT 2.0 में 178 नगरीय निकायों हेतु पेयजल अवसंरचना के ₹5,100 करोड़ के कार्य स्वीकृत (राज्य जल योजना 2047 सम्मेलन)। अन्य – SBM-U 2.0 (कचरा-मुक्त शहर), PMAY-U 2.0 (2024; 1 करोड़ शहरी आवास), मुख्यमंत्री स्वनिधि (शहरी असंगठित श्रमिकों/पथ-विक्रेताओं को ऋण), RAJ-SETU नगरीय अवसंरचना कोष (बजट 2026-27)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • स्मार्ट सिटी मिशन का आरंभ? – 25 जून 2015 • AMRUT 2.0 का आरंभ? – 1 अक्टूबर 2021 • बजट 2026-27 में नगरीय विकास क्षेत्र आवंटन? – ₹20,184 करोड़ (+58%)
11. राजीविका से जुड़ी पहलों (सूची-I) को उनके विवरण (सूची-II) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) उजाला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लि. (ब) हाड़ौती महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी लि. (स) वन धन विकास केंद्र (द) नमो ड्रोन दीदी सूची-II: (1) केंद्र द्वारा 1,070 ड्रोन हेतु 3% अतिरिक्त ब्याज अनुदान (2) कोटा व बाराँ, 18,345 परिवार (3) NDDB समर्थित, हाड़ौती-पूर्वी राजस्थान के 6 जिले (4) 8 जिलों में 517 केंद्र, 1.50 लाख महिलाएँ
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: उजाला – NDDB समर्थित 6 जिले; हाड़ौती महिला FPC – कोटा व बाराँ; वन धन – 517 केंद्र; नमो ड्रोन दीदी – 1,070 ड्रोन हेतु 3% ब्याज अनुदान। 📘 विस्तार से समझें: उजाला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी (₹41.89 करोड़, NDDB समर्थित) – कोटा, बाराँ, झालावाड़, करौली, सवाई माधोपुर, बूंदी; 30,033 परिवार, ₹500 करोड़ का दूध क्रय। हाड़ौती महिला किसान प्रोड्यूसर कंपनी (₹17.39 करोड़) – कोटा-बाराँ, 18,345 परिवार, टर्नओवर ₹34.20 करोड़। 517 वन धन विकास केंद्र (PM वन धन योजना, TRIFED) – लघु वनोपज का मूल्य-संवर्धन। नमो ड्रोन दीदी – 46 ब्लॉकों (30 जिले) में 50 ड्रोन, लगभग 12,500 एकड़ कवरेज। अन्य: 65 FPO (45,531 परिवार), 3,237 उत्पादक समूह, 54,879 महिला उद्यम, 254 महिला-संचालित कैंटीन, उड़ान योजना में 63 लाख सैनिटरी पैड। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • उजाला कंपनी किस संस्था से समर्थित? – NDDB • राजीविका से जुड़े FPO? – 65 • वन धन योजना की नोडल संस्था? – TRIFED
12. ग्रामीण विकास नियोजन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: ग्राम पंचायत विकास योजनाएँ (GPDP) 2015 से तैयार की जा रही हैं और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। कथन II: जन योजना अभियान (People's Plan Campaign) 2 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक वर्ष 2026-27 की योजनाएँ तैयार करने हेतु चलाया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: विकेंद्रीकृत नियोजन – संविधान का अनुच्छेद 243-G (पंचायतों की शक्तियाँ; 11वीं अनुसूची के 29 विषय)। 2025-26 में अपलोड: 11,173 ग्राम पंचायत, 346 ब्लॉक पंचायत, 31 जिला पंचायत योजनाएँ (सभी स्तरों पर कवरेज अपूर्ण)। ई-ग्राम स्वराज (24 अप्रैल 2020) – पंचायतों का नियोजन, लेखांकन, भुगतान का एकीकृत पोर्टल। स्वामित्व योजना (24 अप्रैल 2020) – सर्वे ऑफ़ इंडिया, पंचायती राज व राजस्व विभाग; राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1996 के अंतर्गत पट्टे; 2025-26 में 4.13 लाख कार्ड। पंचायत विकास सूचकांक (PAI) – LSDG के 9 विषयों पर। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • पंचायतों के विषयों वाली अनुसूची? – 11वीं (29 विषय) • ई-ग्राम स्वराज का शुभारंभ? – 24 अप्रैल 2020 • GPDP 2025-26 में अपलोड ग्राम पंचायत योजनाएँ? – 11,173
13. जयपुर मेट्रो के संचालित चरणों के संबंध में कौन-सा युग्म सही है?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – चरण-1A मानसरोवर से चाँदपोल (9.6 किमी)। 📘 विस्तार से समझें: जयपुर मेट्रो (जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन): चरण-1A – मानसरोवर-चाँदपोल 9.6 किमी (3 जून 2015 से संचालित); चरण-1B – चाँदपोल-बड़ी चौपड़ 2.4 किमी, भूमिगत, परकोटा शहर के विरासत क्षेत्र में (2020)। प्रस्तावित चरण-2 – उत्तर-दक्षिण गलियारा (सीतापुरा-अंबाबाड़ी/टोडी मोड़ आदि; लंबाई योजनानुसार भिन्न)। नगरीय परिवहन – ई-बसें (PM ई-बस सेवा), बजट में जयपुर-जोधपुर-कोटा हेतु सार्वजनिक परिवहन विस्तार। विजन 2047 लक्ष्य – प्रति 1 लाख जनसंख्या 100 बसें, 2047 तक 100% इलेक्ट्रिक/हाइड्रोजन बेड़ा। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • जयपुर मेट्रो चरण-1A कब से संचालित? – 3 जून 2015 • चरण-1B की प्रकृति? – भूमिगत • प्रस्तावित चरण-2? – उत्तर-दक्षिण गलियारा
14. अभिकथन (A): MGNREGA के स्थान पर VB-G RAM G लागू होने से राज्य सरकार के ग्रामीण रोज़गार व्यय-भार में वृद्धि की संभावना है। कारण (R): MGNREGA में अकुशल मज़दूरी का पूरा व्यय केंद्र वहन करता था, जबकि VB-G RAM G केंद्र-राज्य 60:40 लागत-भागीदारी वाली केंद्र प्रायोजित योजना है।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: MGNREGA में केंद्र – अकुशल मज़दूरी 100%, सामग्री का 75%; राज्य – सामग्री का 25%, बेरोज़गारी भत्ता। VB-G RAM G में 60:40 भागीदारी तथा कार्य-दिवस 100 → 125 – दोनों कारणों से राज्य का अंश बढ़ता है; अतः R, A का कारण है। राजस्थान का MGNREGA व्यय 2024-25 में ₹9,441.01 करोड़ था – इसका 40% भार राज्य बजट पर पड़ना महत्त्वपूर्ण राजकोषीय प्रश्न। बजट 2026-27 में ग्रामीण रोज़गार (MGNREGA मद) ₹7,481 करोड़। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • MGNREGA में सामग्री लागत भागीदारी? – केंद्र 75 : राज्य 25 • VB-G RAM G में कार्य-दिवस? – 125 • 2024-25 में राज्य का MGNREGA व्यय? – ₹9,441.01 करोड़
15. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राजीविका के सामुदायिक कैडर के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. डिजिटल सखी – 7,104 2. बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (BC) सखी – 6,053 3. सोलर दीदी – 25,000 चिह्नित 4. पशु सखी – 37,369 5. कृषि सखी – 36,787 उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सभी पाँचों युग्म सही सुमेलित हैं। 📘 विस्तार से समझें: बैंक सखी – 7,104 डिजिटल सखी व 6,053 BC सखी; लेन-देन ₹671.07 करोड़ – ग्रामीण क्षेत्र में 'डोर-स्टेप' बैंकिंग। सोलर दीदी – 25,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 25,000 चिह्नित (पीएम सूर्य घर/कुसुम में सहायता)। पशु सखी 37,369 – पशु स्वास्थ्य/टीकाकरण सहायता; कृषि सखी 36,787 – प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य। लखपति दीदी – 24,907 सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, 796 मास्टर ट्रेनर। ये सभी सामुदायिक कैडर राजीविका (ग्रामीण विकास विभाग) के अंतर्गत कार्यरत हैं। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राजीविका किस विभाग के अंतर्गत? – ग्रामीण विकास • बैंक सखियों के लेन-देन? – ₹671.07 करोड़ • लखपति दीदी हेतु मास्टर ट्रेनर? – 796
16. जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान के नगरीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: राज्य की नगरीय जनसंख्या का अनुपात लगभग 24.87% था, जो राष्ट्रीय औसत (31.16%) से कम है। कथन II: सर्वाधिक नगरीकृत जिला कोटा (लगभग 60.31%) तथा न्यूनतम नगरीकृत जिला डूंगरपुर था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: जनगणना 2011 – नगरीय जनसंख्या लगभग 1.70 करोड़; जयपुर (52.4%) दूसरा सर्वाधिक नगरीकृत जिला; डूंगरपुर लगभग 6.4%। अनुमान – 2031 तक नगरीकरण ~27.7%। नगरीय विकास का संस्थागत ढाँचा – स्वायत्त शासन विभाग (नगरीय निकाय), नगरीय विकास विभाग (7 विकास प्राधिकरण – जयपुर 1982 से, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भरतपुर; नगर विकास न्यास), RUIDP (राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना, 1999, एशियाई विकास बैंक सहायता), RUDSICO। बजट 2026-27 – नगरीय विकास ₹20,184 करोड़ (+58%), RAJ-SETU नगरीय अवसंरचना कोष। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • जयपुर विकास प्राधिकरण की स्थापना? – 1982 • RUIDP को किस संस्था की सहायता? – एशियाई विकास बैंक • राष्ट्रीय नगरीकरण (2011)? – 31.16%
17. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका लक्ष्य 5 वर्षों में 1 करोड़ शहरी ग़रीब व मध्यम वर्ग परिवारों हेतु आवास है। 2. इसके घटक हैं – लाभार्थी-आधारित निर्माण (BLC), भागीदारी में किफ़ायती आवास (AHP), किफ़ायती किराया आवास (ARH) और ब्याज अनुदान योजना (ISS)। 3. इसमें महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर, SC/ST व अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी गई है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: PMAY-U 2.0 (केंद्रीय मंत्रिमंडल स्वीकृति अगस्त 2024; 2024-29) – EWS/LIG/MIG; केंद्रीय सहायता लगभग ₹2.30 लाख करोड़; ISS में ₹35 लाख तक मूल्य के आवास हेतु ₹25 लाख तक ऋण पर ब्याज अनुदान; महिला/वरिष्ठ नागरिक/दिव्यांग/ट्रांसजेंडर/SC-ST/अल्पसंख्यक आदि को प्राथमिकता। PMAY-U (प्रथम चरण, 25 जून 2015) – राज्य में लगभग 3.06 लाख आवास स्वीकृत, 2.13 लाख पूर्ण (फरवरी 2025, स्रोत: नगरीय विकास विज़न दस्तावेज़)। विज़न 2047 – 'स्लम-मुक्त' नगर (वर्तमान स्लम जनसंख्या ~12.13%)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • PMAY-U प्रथम चरण का आरंभ? – 25 जून 2015 • ISS में अधिकतम आवास मूल्य? – ₹35 लाख • PMAY-U 2.0 की अवधि? – 2024-29
18. पथ-विक्रेताओं हेतु ऋण योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: पीएम स्वनिधि (1 जून 2020) पथ-विक्रेताओं को बिना गारंटी कार्यशील पूँजी ऋण, समय पर चुकाने पर ब्याज अनुदान व डिजिटल लेन-देन पर कैशबैक देती है। कथन II: पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण व पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम 2014 में नगर विक्रय समिति (Town Vending Committee) का प्रावधान है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: पीएम स्वनिधि (कोविड-19 के बाद; आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय) – ऋण क्रमिक किस्तों में (प्रारंभ ₹10,000 → ₹20,000 → ₹50,000; अगस्त 2025 के पुनर्गठन में ₹15,000 → ₹25,000 → ₹50,000, UPI-संबद्ध क्रेडिट कार्ड तथा अवधि मार्च 2030 तक); 7% ब्याज अनुदान; 'स्वनिधि से समृद्धि' – विक्रेता परिवारों का कल्याण योजनाओं से जोड़ना। पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण व विनियमन) अधिनियम 2014 – नगर विक्रय समिति, वेंडिंग प्रमाण-पत्र। राज्य – मुख्यमंत्री स्वनिधि (नगरीय असंगठित श्रमिकों को ऋण), दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • पीएम स्वनिधि में ब्याज अनुदान? – 7% • पथ विक्रेता अधिनियम? – 2014 • पीएम स्वनिधि की विस्तारित अवधि? – मार्च 2030
19. ग्रामीण विकास कार्यक्रमों (सूची-I) को उनके आरंभ वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) (ब) MGNREGA (कार्यान्वयन) (स) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (आजीविका) (द) स्वच्छ भारत मिशन सूची-II: (1) 2014 (2) 2006 (3) 2011 (4) 2000
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: PMGSY – 2000; MGNREGA – 2006; NRLM – 2011; SBM – 2014। 📘 विस्तार से समझें: PMGSY – 25 दिसंबर 2000 (असंबद्ध बसावटों को बारहमासी सड़क; PMGSY-III 2019)। MGNREGA – अधिनियम 2005, कार्यान्वयन 2 फरवरी 2006 (अनंतपुर, आंध्र प्रदेश से; 200 जिले), 2008 तक सभी जिले; अब VB-G RAM G अधिनियम 2025 (1 जुलाई 2026 से)। NRLM 'आजीविका' – जून 2011 (स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोज़गार योजना का स्थान; 2015 में 'दीनदयाल अंत्योदय योजना-NRLM'); राजस्थान में राजीविका (अक्टूबर 2010)। SBM – 2 अक्टूबर 2014; राजस्थान ODF मार्च 2018। इंदिरा आवास योजना (1985) → PMAY-G (2016)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • MGNREGA का प्रथम कार्यान्वयन स्थल? – अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) • NRLM ने किसका स्थान लिया? – SGSY • NRLM का वर्तमान नाम? – DAY-NRLM
20. अभिकथन (A): 15वें वित्त आयोग के पंचायत अनुदान में 60% भाग 'टाइड' (बद्ध) है, जिसे केवल स्वच्छता/ODF तथा पेयजल-जल संचयन पर ख़र्च किया जा सकता है। कारण (R): आयोग ने राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले बुनियादी सेवा क्षेत्रों – स्वच्छता और पेयजल – में न्यूनतम निवेश सुनिश्चित करने हेतु अनुदान का भाग इन्हीं से बाँधा।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: टाइड अनुदान का औचित्य ही राष्ट्रीय प्राथमिकताओं (ODF स्थिरता – SBM-G चरण II; हर घर जल – JJM) में निवेश सुनिश्चित करना है – अतः R, A का कारण है। संरचना: 40% अनटाइड (स्थानीय आवश्यकतानुसार; वेतन/स्थापना व्यय पर नहीं), 60% टाइड (50% स्वच्छता-ODF, 50% पेयजल-वर्षा जल संचयन-जल पुनर्चक्रण); दो किस्तें (50-50)। राज्य में 2025-26 बजट प्रावधान ₹3,087 करोड़; दिसंबर 2025 तक ₹2,953.33 करोड़ उपलब्ध में से ₹1,997.42 करोड़ व्यय, 50,934 कार्य पूर्ण। सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में 30% अंश 15वें FC अनुदान से। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 15वें FC अनुदान में अनटाइड भाग? – 40% • अनटाइड अनुदान किस पर ख़र्च नहीं? – वेतन/स्थापना • 15वें FC अनुदान से पूर्ण कार्य (दिसंबर 2025)? – 50,934
21. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन (SPMRM) का शुभारंभ कहाँ से किया गया था?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़), 21 फरवरी 2016। 📘 विस्तार से समझें: SPMRM – 300 'रुर्बन क्लस्टर' (ग्रामीण क्षेत्र में शहरी सुविधाएँ – 'आत्मा गाँव की, सुविधा शहर की'); 14 घटक (कौशल, कृषि प्रसंस्करण, डिजिटल साक्षरता, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य-शिक्षा आदि); क्रिटिकल गैप फ़ंडिंग 30% तक। राजस्थान में कई जिलों में क्लस्टर। अन्य विकल्प: नागौर – पंचायती राज का शुभारंभ (2 अक्टूबर 1959); बलिया – PMUY (1 मई 2016); आगरा – PMAY-G (20 नवंबर 2016)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • रुर्बन क्लस्टर कितने? – 300 • रुर्बन मिशन में क्रिटिकल गैप फ़ंडिंग? – 30% तक • PMAY-G का शुभारंभ स्थल? – आगरा
22. स्थानीय शासन से संबंधित संवैधानिक अनुच्छेदों (सूची-I) को उनके विषय (सूची-II) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (अ) अनुच्छेद 243G (ब) अनुच्छेद 243W (स) अनुच्छेद 243ZD (द) अनुच्छेद 243ZE सूची-II: (1) जिला योजना समिति (2) नगरपालिकाओं की शक्तियाँ (12वीं अनुसूची) (3) महानगर योजना समिति (4) पंचायतों की शक्तियाँ (11वीं अनुसूची)
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: 243G – पंचायतों की शक्तियाँ; 243W – नगरपालिकाओं की शक्तियाँ; 243ZD – जिला योजना समिति; 243ZE – महानगर योजना समिति। 📘 विस्तार से समझें: 11वीं अनुसूची – 29 विषय (कृषि, पेयजल, ग्रामीण आवास, ग़रीबी उन्मूलन आदि); 12वीं अनुसूची – 18 विषय (नगर नियोजन, जल आपूर्ति, स्वच्छता, स्लम सुधार आदि)। जिला योजना समिति (243ZD) – पंचायतों व नगरपालिकाओं की योजनाओं का समेकन कर जिला विकास योजना का प्रारूप। अन्य – 243-I/243-Y (राज्य वित्त आयोग), 243K/243ZA (राज्य निर्वाचन आयोग)। राज्य में 6वें SFC का हस्तांतरण – 7% (PRI 73.2 : ULB 26.8)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 11वीं अनुसूची में विषय? – 29 • 12वीं अनुसूची में विषय? – 18 • राज्य निर्वाचन आयोग (नगरपालिका) का अनुच्छेद? – 243ZA
23. पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996 (PESA) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: PESA राजस्थान सहित पाँचवीं अनुसूची वाले 10 राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों पर लागू होता है। कथन II: राजस्थान ने इसके क्रियान्वयन हेतु 2011 में PESA नियम बनाए, जिनमें ग्राम सभा को लघु वनोपज, लघु जल निकायों व भूमि-हस्तांतरण की रोकथाम आदि पर अधिकार दिए गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: PESA – दिलीप सिंह भूरिया समिति की अनुशंसा; ग्राम सभा को सर्वोच्चता – परंपराओं/सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण, विकास योजनाओं की स्वीकृति, लाभार्थी चयन, लघु वनोपज का स्वामित्व, ग्राम बाज़ार, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, साहूकारी पर नियंत्रण। राजस्थान के अनुसूचित क्षेत्र – बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ (पूर्ण), उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली, सिरोही (आंशिक)। पूरक – वन अधिकार अधिनियम 2006, TSP, माँ-बाड़ी केंद्र, PM-JANMAN। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • PESA की सिफ़ारिश करने वाली समिति? – भूरिया समिति • राजस्थान PESA नियम? – 2011 • PESA में सर्वोच्च संस्था? – ग्राम सभा
24. स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. SBM-U 2.0 (1 अक्टूबर 2021) का लक्ष्य सभी शहरों को 'कचरा-मुक्त' (Garbage Free) बनाना है। 2. इसमें केवल शौचालय निर्माण सम्मिलित है; ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण व पुराने कचरे (legacy waste) के निस्तारण का कोई प्रावधान नहीं। 3. शहरों का मूल्यांकन वार्षिक 'स्वच्छ सर्वेक्षण' व 'कचरा-मुक्त शहर स्टार रेटिंग' से होता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – SBM-U 2.0 के घटक: स्रोत पर कचरा पृथक्करण, घर-घर संग्रहण, सामग्री पुनर्प्राप्ति सुविधा (MRF), अपशिष्ट-से-ऊर्जा/कम्पोस्ट, पुराने डंपसाइटों (legacy waste) का बायो-रेमेडिएशन, ODF++/वॉटर+ (प्रयुक्त जल प्रबंधन), निर्माण-विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन। राज्य – विज़न 2047 में 2030 तक 80% व 2047 तक 100% अपशिष्ट प्रसंस्करण तथा 100% पुराने कचरे का निस्तारण लक्ष्य; 98%+ वार्डों में घर-घर संग्रहण (नगरीय विकास विज़न दस्तावेज़)। साथ में AMRUT 2.0 (जल-सुरक्षित शहर)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • SBM-U 2.0 का आरंभ? – 1 अक्टूबर 2021 • पुराने कचरे के निस्तारण की विधि? – बायो-रेमेडिएशन • प्रयुक्त जल प्रबंधन का प्रमाणन? – वॉटर+
25. पीएम ई-बस सेवा योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर देश के शहरों में लगभग 10,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रावधान है। कथन II: इस योजना में केवल 40 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगर पात्र हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – योजना (अगस्त 2023) 3 लाख से 40 लाख जनसंख्या वाले शहरों (प्राथमिकता उन शहरों को जहाँ संगठित बस सेवा नहीं) हेतु; परिव्यय लगभग ₹57,613 करोड़ (केंद्र ~₹20,000 करोड़); बस-डिपो अवसंरचना व 'ग्रीन अर्बन मोबिलिटी' पहलें। राज्य – राजस्थान EV नीति 2022, वाहन स्क्रैपिंग नीति 2025; विज़न 2047 – प्रति 1 लाख जनसंख्या 100 बसें, 2047 तक 100% इलेक्ट्रिक/हाइड्रोजन बेड़ा। नगरीय गतिशीलता – जयपुर मेट्रो (1A व 1B), रिंग रोड (15 शहर)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • पीएम ई-बस सेवा की जनसंख्या सीमा? – 3 लाख से 40 लाख • योजना का आरंभ? – अगस्त 2023 • विज़न 2047 बस लक्ष्य? – प्रति 1 लाख पर 100 बसें
26. भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण के अंतर्गत प्रत्येक भूखंड को दी जाने वाली विशिष्ट पहचान संख्या 'ULPIN' (भू-आधार) कितने अंकों की होती है?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 14 अंक। 📘 विस्तार से समझें: ULPIN (विशिष्ट भूखंड पहचान संख्या) – भूखंड के भू-निर्देशांकों (अक्षांश-देशांतर) पर आधारित 14 अंकों की अल्फ़ा-न्यूमेरिक संख्या; डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) का अंग; केंद्रीय बजट 2024-25 में ग्रामीण भूमि हेतु भू-आधार की घोषणा। लाभ – भूमि विवादों में कमी, ऋण (भूमि बंधक) में सुविधा, योजनाओं से एकीकरण। राजस्थान – भू-अभिलेखों का ऑनलाइन 'अपना खाता', ई-धरती; स्वामित्व योजना से आबादी भूमि के संपत्ति कार्ड (2025-26 में 4.13 लाख); ग्रामीण आबादी के पट्टे – राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994/नियम 1996 के अंतर्गत। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • ULPIN किस कार्यक्रम का अंग? – DILRMP • राजस्थान का ऑनलाइन भू-अभिलेख पोर्टल? – अपना खाता • स्वामित्व कार्ड 2025-26? – 4.13 लाख
27. अभिकथन (A): PESA क्षेत्रों में ग्राम सभा को विकास योजनाओं की स्वीकृति, लाभार्थी-चयन व लघु वनोपज पर स्वामित्व जैसे विशेष अधिकार दिए गए हैं। कारण (R): PESA का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक स्वशासन-व्यवस्था, संस्कृति व प्राकृतिक संसाधनों पर उनके अधिकारों की रक्षा करना है।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: विशेष अधिकार इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु दिए गए हैं – जनजातीय स्वशासन (अनुसूचित क्षेत्रों में 'ग्राम सभा' को केंद्रीय भूमिका) – अतः R, A का कारण है। अनुच्छेद 244 व पाँचवीं अनुसूची – अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन; राज्यपाल की विशेष शक्तियाँ; जनजाति सलाहकार परिषद। राजस्थान – 2018 की अधिसूचना से अनुसूचित क्षेत्र का विस्तार; TAD विभाग; PESA नियम 2011। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • अनुसूचित क्षेत्रों से संबंधित अनुच्छेद? – 244 • जनजाति सलाहकार परिषद किस अनुसूची में? – पाँचवीं • राजस्थान में अनुसूचित क्षेत्र विस्तार? – 2018
28. राजस्थान के नगरीय निकायों में संपत्ति पर लगाए जाने वाले कर का वर्तमान स्वरूप क्या कहलाता है, जिसने गृह कर (house tax) का स्थान लिया?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – नगरीय विकास कर (UD टैक्स)। 📘 विस्तार से समझें: राजस्थान में 2007 में गृह कर समाप्त कर आवासीय (निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक), वाणिज्यिक, औद्योगिक संपत्तियों पर नगरीय विकास कर लगाया गया – नगरीय निकायों के स्वयं के राजस्व का प्रमुख स्रोत। अन्य स्रोत – भवन-निर्माण अनुमति शुल्क, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, विज्ञापन कर, उपयोगकर्ता शुल्क (कचरा संग्रहण)। चुंगी (octroi) राजस्थान में 1998 में समाप्त। चुनौती – कम संग्रहण दक्षता; अतः नगरीय निकाय राज्य हस्तांतरण (6वें SFC में 7% का 26.8% अंश), 15वें वित्त आयोग अनुदान व केंद्रीय मिशनों (AMRUT 2.0, SBM-U 2.0) पर निर्भर। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राजस्थान में गृह कर समाप्त? – 2007 • 6वें SFC में नगरीय निकायों का अंश? – 26.8% • राजस्थान में चुंगी समाप्त? – 1998
29. आगामी जनगणना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि सामान्यतः 1 मार्च 2027 (हिमाच्छादित क्षेत्रों हेतु 1 अक्टूबर 2026) निर्धारित की गई है। कथन II: यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी और इसमें जाति-आधारित गणना भी सम्मिलित की गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: जनगणना 2027 – जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत; दो चरण – मकान सूचीकरण व जनसंख्या गणना; मोबाइल ऐप से डेटा संग्रह, स्व-गणना का विकल्प। नियोजन-महत्त्व – 2011 के बाद पहली जनगणना; नगरीकरण, प्रवासन, आवास, पेयजल-स्वच्छता संकेतकों का अद्यतन; वित्त आयोग व परिसीमन में जनसंख्या आँकड़ों का उपयोग। राजस्थान – वर्तमान में अनुमानित जनसंख्या (1 अक्टूबर 2025) 8.33 करोड़; 2011 में 6.85 करोड़, नगरीकरण 24.87%। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • जनगणना किस अधिनियम के अंतर्गत? – जनगणना अधिनियम 1948 • राजस्थान की अनुमानित जनसंख्या (1 अक्टूबर 2025)? – 8.33 करोड़ • पिछली जनगणना? – 2011
30. अभिकथन (A): राजस्थान के अधिकांश नगरीय निकाय विकास कार्यों हेतु राज्य व केंद्र के हस्तांतरणों पर अत्यधिक निर्भर हैं। कारण (R): नगरीय निकायों का स्वयं का कर-राजस्व (UD टैक्स आदि) संग्रहण दक्षता व आधार की कमी के कारण कम है।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: स्वयं के राजस्व की कमी ही हस्तांतरण-निर्भरता का कारण – R, A की व्याख्या है। समाधान – GIS-आधारित संपत्ति सर्वेक्षण, ऑनलाइन कर-भुगतान, उपयोगकर्ता शुल्क, नगरपालिका बॉन्ड, PPP; 15वें वित्त आयोग अनुदानों में संपत्ति-कर सुधार की शर्त (न्यूनतम दरें अधिसूचित करना)। राज्य – 309 नगरीय निकाय, 10 नगर निगम; बजट 2026-27 में RAJ-SETU नगरीय अवसंरचना कोष व नगरीय विकास ₹20,184 करोड़। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 15वें FC अनुदान की नगरीय शर्त? – संपत्ति-कर सुधार • राज्य में नगर निगम? – 10 • नगरीय अवसंरचना कोष (बजट 2026-27)? – RAJ-SETU