1. सूची-I (पशु-प्रजाति) को सूची-II (20वीं पशुगणना 2019 में देश की उस प्रजाति में राजस्थान का हिस्सा) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (पशु-प्रजाति)
सूची-II
(अ)ऊँट
(1)लगभग 14.00%
(ब)बकरी
(2)लगभग 12.47%
(स)भैंस
(3)लगभग 84.43%
(द)गोवंश (cattle)
(4)लगभग 7.24%
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: सही सुमेल: ऊँट 84.43%; बकरी 14.00%; भैंस 12.47%; गोवंश 7.24%।
📘 विस्तार से समझें: 20वीं पशुगणना (2019): राज्य में कुल पशुधन 568.01 लाख (देश का 10.60%; देश में दूसरा – प्रथम उत्तर प्रदेश) तथा कुक्कुट 146.23 लाख। भेड़ में राज्य का हिस्सा 10.64%। राज्य के भीतर पशुधन-संरचना में बकरी सर्वाधिक, फिर गोवंश, भैंस, भेड़। 2012 की तुलना में ऊँट, भेड़, गधे घटे; गोवंश, भैंस व कुक्कुट बढ़े। ऊँट संरक्षण हेतु 'राजस्थान ऊँट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रव्रजन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम 2015' और ऊँट 'राज्य पशु' (30 जून 2014)। 21वीं पशुगणना 25 अक्टूबर 2024 से देशभर में आरंभ हुई – पहली बार पूर्णतः डिजिटल (मोबाइल ऐप), नस्लवार आँकड़ों सहित। पशुगणना 1919 से प्रत्येक 5 वर्ष में होती है।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• पशुगणना 2019 में राज्य का कुल पशुधन? – 568.01 लाख
• 21वीं पशुगणना कब आरंभ? – 25 अक्टूबर 2024
• पशुधन संख्या में राज्य का स्थान? – द्वितीय
2. पशुपालकों हेतु राज्य की योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में बीमा-प्रीमियम का 100% भार राज्य सरकार वहन करती है।
2. 24 फरवरी 2024 को 536 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयाँ शुरू की गईं, जिनसे टोल-फ्री नंबर 1962 पर सेवा माँगी जा सकती है।
3. पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना में निःशुल्क दवाइयों की संख्या 138 से बढ़ाकर 200 की गई।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना (बजट 2024-25 में घोषित): जन आधार धारक पशुपालकों के दुधारू गाय-भैंस, ऊँट, भेड़-बकरी का निःशुल्क बीमा; राज्य 100% प्रीमियम देता है; 1 दिसंबर 2025 से देशी नस्लों के पशुओं हेतु निःशुल्क बीमा का नया चरण; आर्थिक समीक्षा के अनुसार लगभग 10.63 लाख पशु बीमित। मोबाइल वेटरनरी यूनिट (केंद्र प्रायोजित 'पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण' कार्यक्रम का घटक): 536 इकाइयाँ, कॉल सेंटर 1962 – घर पर पशु-चिकित्सा। अन्य: 700 नए पशु चिकित्सा उप-केंद्र स्वीकृत, 151 उप-केंद्र अस्पतालों में क्रमोन्नत; गाय-भैंस में खुरपका-मुँहपका (FMD) का निःशुल्क टीकाकरण; ग्रामीण सेवा शिविर 2025 में 21 लाख+ पशुओं का उपचार/टीकाकरण। 'पं. दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़ा' (24 जून – 9 जुलाई 2025) में पशु-शिविर।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• MVU की टोल-फ्री हेल्पलाइन? – 1962
• मंगला पशु बीमा में बीमित पशु (आर्थिक समीक्षा)? – लगभग 10.63 लाख
• नए स्वीकृत पशु चिकित्सा उप-केंद्र? – 700
3. गोवंश संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: 1 अप्रैल 2025 से पंजीकृत गौशालाओं को बड़े गोवंश हेतु ₹50 प्रति दिन तथा छोटे गोवंश हेतु ₹25 प्रति दिन की दर से अनुदान देय है।
कथन II: गौशाला विकास योजना में आधारभूत ढाँचे हेतु सहायता का अनुपात सरकार:जनसहयोग 50:50 है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: गौशाला विकास योजना में अनुपात 90:10 (सरकार:जनसहयोग) है, अधिकतम ₹10 लाख तक – अतः कथन II गलत। अन्य: पंचायत समिति स्तरीय नंदीशाला योजना (90:10), ग्राम गौशाला/पशु आश्रय स्थल योजना (लगभग ₹1 करोड़ प्रति इकाई, 90:10), वध/तस्करी से बचाए गोवंश हेतु एक वर्ष का भरण-पोषण अनुदान, गो-उत्पादों के मूल्य-संवर्धन प्रशिक्षण (जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, पाली)। गोपालन विभाग 2013 में पृथक विभाग बना (राजस्थान ऐसा करने वाला अग्रणी राज्य)। गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन निधि (2016) – इसके लिए स्टाम्प ड्यूटी पर अधिभार/उपकर। राजस्थान गोवंशीय पशु (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रव्रजन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम 1995।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• गोपालन विभाग का गठन? – 2013
• गौशाला विकास योजना में अधिकतम सहायता? – ₹10 लाख (90:10)
• राजस्थान गोवंशीय पशु वध प्रतिषेध अधिनियम? – 1995
4. अभिकथन (A): मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना का लाभ सहकारी डेयरी समितियों को दूध देने वाले पशुपालकों को मिलता है।
कारण (R): इस योजना में अनुदान (वर्तमान में ₹5 प्रति लीटर) RCDF से संबद्ध जिला दुग्ध संघों के माध्यम से दूध की मात्रा के आधार पर दिया जाता है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: दुग्ध उत्पादक संबल योजना: सहकारी दुग्ध समितियों में दूध देने वाले पशुपालकों को प्रति लीटर अनुदान – 2022-23 में ₹2 से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर; चूँकि अनुदान सहकारी तंत्र से मापे गए दूध पर ही मिलता है, इसलिए लाभ केवल सहकारी दुग्ध-आपूर्तिकर्ताओं को (R, A की व्याख्या)। बजट 2026-27 में ₹700 करोड़, लगभग 5 लाख पशुपालक। सहकारी डेयरी ढाँचा (दिसंबर 2025): 19,643 डेयरी सहकारी समितियाँ, 24 जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, शीर्ष – राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF, जयपुर; ब्रांड 'सरस'; 'आणंद पैटर्न'); औसत दुग्ध संकलन लगभग 30.29 लाख किग्रा प्रतिदिन। RCDF की अन्य योजनाएँ: राज सरस सुरक्षा कवच (दुर्घटना बीमा – मृत्यु/पूर्ण स्थायी अपंगता ₹5 लाख, आंशिक ₹2.5 लाख), सरस सामूहिक आरोग्य बीमा। सहकारी डेयरी अवसंरचना विकास कोष ₹2,000 करोड़ (2026-27), अलवर में ₹200 करोड़ का दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य की शीर्ष सहकारी डेयरी संस्था? – RCDF (ब्रांड सरस)
• डेयरी सहकारी समितियाँ (दिसंबर 2025)? – 19,643
• राज सरस सुरक्षा कवच में मृत्यु पर बीमा? – ₹5 लाख
5. राजस्थान के पशुधन उत्पादों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: वर्ष 2023-24 में देश के कुल दुग्ध उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा लगभग 14.5% तथा ऊन उत्पादन में लगभग 47.5% रहा।
कथन II: 2025-26 में राज्य के पशुधन उत्पादों के मूल्य में दूध का हिस्सा लगभग 80% है, जबकि अंडों का हिस्सा 1% से भी कम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: आर्थिक समीक्षा 2025-26: राष्ट्रीय हिस्सा (2023-24) – दूध 14.51% (उत्तर प्रदेश के बाद द्वितीय), ऊन 47.53% (प्रथम); पशुधन उत्पाद-संरचना (2025-26) – दूध 79.60%, मांस (कुक्कुट सहित) 7.46%, अंडा 0.67%, अन्य 12.27%। अर्थ: राज्य की पशुपालन अर्थव्यवस्था 'दुग्ध-प्रधान' है; इसी कारण सहकारी डेयरी (RCDF), दुग्ध उत्पादक संबल, गोपाल क्रेडिट कार्ड, डेयरी अवसंरचना कोष प्राथमिकता में हैं। ऊन में अग्रणी होने का कारण – पश्चिमी शुष्क क्षेत्र में भेड़पालन (चोकला, मगरा, मारवाड़ी, नाली नस्लें); प्रमुख संस्थान – केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर (टोंक); बीकानेर – बड़ी ऊन मंडी। विकसित राजस्थान 2047 लक्ष्य – दूध उत्पादन में 2030 तक 25% व 2047 तक 40% वृद्धि।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• दूध उत्पादन में प्रथम राज्य? – उत्तर प्रदेश
• ऊन उत्पादन में राजस्थान का स्थान? – प्रथम (47.53%)
• पशुधन उत्पादों में मांस का हिस्सा? – 7.46%
6. राजस्थान में मत्स्य क्षेत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राज्य का मत्स्य उत्पादन मुख्यतः समुद्री मत्स्यन पर आधारित है।
2. राज्य में लगभग 4.30 लाख हेक्टेयर जल-क्षेत्र (जलाशय, तालाब) मत्स्य-पालन हेतु उपलब्ध है।
3. लवणीय भूजल में झींगा पालकों हेतु चूरू में खारे जल की जलीय-कृषि प्रयोगशाला स्थापित की गई है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: राजस्थान स्थल-रुद्ध राज्य है, अतः मत्स्य-उत्पादन पूर्णतः अंतःस्थलीय है – कथन 1 गलत। आर्थिक समीक्षा 2025-26: लगभग 4.30 लाख हे. जल-क्षेत्र; मत्स्य उत्पादन (दिसंबर 2025 तक) लगभग 78,013 मीट्रिक टन; मत्स्य का कृषि GVA में हिस्सा केवल लगभग 0.54% (उप-क्षेत्रों में न्यूनतम)। योजनाएँ: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) – तालाब निर्माण, झींगा पालन, केज-कल्चर, फीड-मिल हेतु अनुदान; सक्रिय मछुआरों हेतु समूह दुर्घटना बीमा; मत्स्य बीज हैचरियाँ। प्रमुख मछलियाँ – भारतीय मेजर कार्प (कतला, रोहू, मृगल)। प्रमुख जलाशय – जयसमंद, माही बजाज सागर, राणा प्रताप सागर, बीसलपुर। विकसित राजस्थान 2047 लक्ष्य – मत्स्य उत्पादन में 70% वृद्धि। चूरू की प्रयोगशाला झींगा पालकों हेतु खारे पानी की जाँच करती है।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• मत्स्य का कृषि GVA में हिस्सा? – लगभग 0.54%
• मत्स्य क्षेत्र की प्रमुख केंद्रीय योजना? – PMMSY
• दिसंबर 2025 तक मत्स्य उत्पादन? – लगभग 78,013 टन
7. राजस्थान के सहकारी क्षेत्र (आर्थिक समीक्षा 2025-26) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राज्य में कुल पंजीकृत सहकारी समितियों की संख्या 40,000 से अधिक है।
2. राज्य में केंद्रीय सहकारी बैंकों की संख्या 41 है – प्रत्येक जिले में एक।
3. राज्य में प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) की संख्या 9,000 से अधिक है।
4. राज्य में सहकारी संस्थाएँ 'राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001' के अंतर्गत पंजीकृत होती हैं।
5. राज्य की शीर्ष उपभोक्ता सहकारी संस्था 'राजफेड' है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल तीन कथन (1, 3 और 4) सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – केंद्रीय सहकारी बैंक 29 हैं (नए जिलों के अनुरूप सभी जिलों में अलग CCB नहीं)। कथन 5 गलत – शीर्ष उपभोक्ता सहकारी संस्था 'कॉनफ़ेड' (राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ) है; राजफेड (राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ) विपणन/खरीद की शीर्ष संस्था है। आँकड़े: 42,858 सहकारी समितियाँ – 23 संघ (federations), 24 दुग्ध संघ, 38 उपभोक्ता होलसेल भंडार, 9,086 PACS, 285 क्रय-विक्रय/फल-सब्ज़ी समितियाँ; 36 प्राथमिक भूमि विकास बैंक। केंद्र का 'सहकार से समृद्धि' दृष्टिकोण – PACS का कम्प्यूटरीकरण, PACS को बहुउद्देशीय (जन औषधि केंद्र, CSC, पेट्रोल पंप, PM किसान समृद्धि केंद्र), 'विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना' में PACS गोदाम। संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को 'अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष' घोषित किया।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• राज्य में केंद्रीय सहकारी बैंक? – 29
• शीर्ष उपभोक्ता सहकारी संस्था? – कॉनफ़ेड
• अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष? – 2025
8. 20वीं पशुगणना (2019) के अनुसार राजस्थान के स्थान के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: कुल पशुधन संख्या में राजस्थान देश में उत्तर प्रदेश के बाद द्वितीय स्थान पर है।
कथन II: भेड़ों की संख्या में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – भेड़ों में राजस्थान चतुर्थ (लगभग 79 लाख; तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के बाद), यद्यपि ऊन उत्पादन में प्रथम (47.53%)। राजस्थान के अन्य स्थान – बकरी: प्रथम (लगभग 2.08 करोड़, 14%), ऊँट: प्रथम (84.43%), भैंस: द्वितीय (उत्तर प्रदेश के बाद, 12.47%)। कुल पशुधन 568.01 लाख (देश का 10.60%) तथा कुक्कुट 146.23 लाख। 2012 से 2019 में राज्य में गोवंश बढ़ा, जबकि भेड़, ऊँट, गधे घटे। ऊन में प्रथम होते हुए भी भेड़ में चतुर्थ होने का कारण – दक्षिणी राज्यों की भेड़ें मुख्यतः मांस हेतु (बालरहित/कम ऊन वाली नस्लें), जबकि राजस्थान की चोकला, मगरा, मारवाड़ी, जैसलमेरी आदि नस्लें ऊन देती हैं।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• बकरी में राजस्थान? – प्रथम
• भैंस में राजस्थान? – द्वितीय
• भेड़ों में प्रथम राज्य? – तेलंगाना
9. भारत में पहली पशुगणना कब आयोजित की गई थी?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 1919-20।
📘 विस्तार से समझें: पशुगणना सामान्यतः हर पाँच वर्ष में; स्वतंत्रता के बाद पहली – 1951 (6ठी पशुगणना); 19वीं – 2012; 20वीं – 2019 (पहली बार टैबलेट से ऑनलाइन आँकड़े, नस्लवार गणना); 21वीं – अक्टूबर 2024 से फ़रवरी 2025 (16 प्रजातियाँ, 219 नस्लें; मोबाइल ऐप; पशुपालक/चरवाहा समुदायों का पृथक आँकड़ा)। संचालन – पशुपालन एवं डेयरी विभाग (केंद्र) के निर्देशन में राज्य पशुपालन विभाग; गणना घर-घर जाकर। उपयोग – पशुधन नीति, टीकाकरण लक्ष्य (NADCP), चारा योजना, नस्ल सुधार, GSDP में पशुधन क्षेत्र का अनुमान (राजस्थान में कृषि GVA का 49.35% पशुधन से)। पशुगणना के आँकड़े दिखाते हैं कि राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन 'सूखा-बीमा' की भूमिका निभाता है – वर्षा विफल होने पर भी दूध, ऊन, मांस से आय।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• स्वतंत्र भारत की पहली पशुगणना? – 1951
• पहली डिजिटल (टैबलेट) पशुगणना? – 20वीं (2019)
• 21वीं पशुगणना में नस्लें? – 219
10. मूलभूत पशुपालन सांख्यिकी (BAHS) 2024 के अनुसार वर्ष 2023-24 के दुग्ध उत्पादन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: भारत का कुल दुग्ध उत्पादन लगभग 239.30 मिलियन टन तथा प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता लगभग 471 ग्राम प्रतिदिन रही।
कथन II: दुग्ध उत्पादन में राजस्थान (लगभग 14.51%) उत्तर प्रदेश के बाद देश में द्वितीय स्थान पर रहा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: भारत 1998 से विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक (विश्व उत्पादन का लगभग एक-चौथाई)। शीर्ष राज्य – उत्तर प्रदेश (~16%), राजस्थान (~14.5%), मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र। ICMR की अनुशंसित न्यूनतम उपलब्धता लगभग 300 ग्राम/दिन; राजस्थान की प्रति व्यक्ति उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से काफ़ी अधिक (पंजाब, हरियाणा के साथ अग्रणी राज्यों में)। दूध में भैंस का योगदान अधिक, फिर देशी व संकर गाय, बकरी (राजस्थान में बकरी-दूध का भी उल्लेखनीय हिस्सा) व ऊँटनी। राज्य के पशुधन उत्पादों के मूल्य में दूध का हिस्सा 79.60%। राज्य की प्रमुख योजनाएँ – मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना (₹5 प्रति लीटर; बजट 2026-27 में ₹700 करोड़, ~5 लाख पशुपालक), डेयरी अवसंरचना कोष (₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़), गोपाल क्रेडिट कार्ड।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• भारत कब से सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक? – 1998
• दुग्ध उत्पादन में प्रथम राज्य? – उत्तर प्रदेश
• पशुधन उत्पादों में दूध का हिस्सा (राजस्थान)? – 79.60%
11. 2022 में राजस्थान सहित कई राज्यों में गोवंश को प्रभावित करने वाले लंपी त्वचा रोग (LSD) के विरुद्ध विकसित स्वदेशी टीके का नाम क्या है?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – लंपी-प्रोवैकइंड (Lumpi-ProVacInd)।
📘 विस्तार से समझें: विकास – ICAR-राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (NRCE), हिसार ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज़्ज़तनगर के सहयोग से; अगस्त 2022 में जारी। LSD – कैप्रिपॉक्स वायरस जनित रोग; वाहक – मच्छर, मक्खियाँ, किलनी (ticks); लक्षण – त्वचा पर गाँठें, बुख़ार, दूध उत्पादन में भारी गिरावट; मनुष्यों में नहीं फैलता। 2022 में राजस्थान सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में रहा – पश्चिमी जिलों (बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, जालोर, गंगानगर आदि) में बड़ी संख्या में गोवंश की मृत्यु; तात्कालिक उपाय के रूप में गोट पॉक्स टीका दिया गया। अन्य विकल्प – रक्षा-FMD: खुरपका-मुँहपका रोग का टीका (NADCP में); ब्रुसेला S-19: ब्रुसेलोसिस हेतु बछियों का टीका; कोवैक्सिन: मानव कोविड-19 टीका। सीख – पशु स्वास्थ्य हेतु निगरानी, त्वरित टीकाकरण, पशु बीमा (मंगला पशु बीमा) व मोबाइल वेटरनरी यूनिट (1962) का महत्त्व।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• LSD का कारक? – कैप्रिपॉक्स वायरस
• खुरपका-मुँहपका टीका? – रक्षा-FMD
• LSD मनुष्यों में फैलता है? – नहीं
12. सूची-I (गोवंश नस्ल) को सूची-II (राजस्थान में उसका प्रमुख क्षेत्र) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (गोवंश नस्ल)
सूची-II (राजस्थान में उसका प्रमुख क्षेत्र)
(अ)गिर
(1)अलवर-भरतपुर
(ब)काँकरेज
(2)नागौर
(स)नागौरी
(3)अजमेर-भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़
(द)मेवाती
(4)जालोर-बाड़मेर-सिरोही
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही सुमेलन – गिर: अजमेर-भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़; काँकरेज: जालोर-बाड़मेर-सिरोही; नागौरी: नागौर; मेवाती: अलवर-भरतपुर।
📘 विस्तार से समझें: गिर – मूल स्थान गुजरात का गिर वन; राजस्थान में 'अजमेरा/रेंडा' भी कहलाती है; उत्तम दुधारू। काँकरेज – सांचौर क्षेत्र में 'सांचौरी' भी; द्विप्रयोजनी (दूध व भारवाहक); भारी, तेज़ चलने वाले बैल। नागौरी – फुर्तीले व सहनशील भारवाहक बैलों हेतु प्रसिद्ध (रामदेवजी पशु मेला, मानासर-नागौर)। मेवाती ('कोसी') – सहनशील, कृषि कार्य हेतु; अलवर-भरतपुर (मेवात क्षेत्र)। अन्य – राठी ('राजस्थान की कामधेनु', बीकानेर-श्रीगंगानगर, उत्तम दुधारू), थारपारकर (बाड़मेर-जैसलमेर, 'मालाणी'), हरियाणवी (सीकर-झुंझुनूं), मालवी (झालावाड़)। देशी नस्लों के संरक्षण हेतु राष्ट्रीय गोकुल मिशन (2014), लिंग-वर्गीकृत वीर्य (sex-sorted semen), IVF व भ्रूण प्रत्यारोपण; ए2 दूध की बढ़ती माँग से गिर, राठी, थारपारकर का आर्थिक महत्त्व बढ़ा।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• 'राजस्थान की कामधेनु'? – राठी
• 'सांचौरी' किस नस्ल का स्थानीय नाम? – काँकरेज
• 'मालाणी' किस नस्ल का? – थारपारकर
13. 'प्रतापधन' नामक द्विप्रयोजनी (अंडा व मांस) रंगीन कुक्कुट नस्ल किस संस्थान ने विकसित की है?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – MPUAT, उदयपुर।
📘 विस्तार से समझें: प्रतापधन – ग्रामीण/आँगन (backyard) मुर्गीपालन हेतु; देशी मुर्गी की तुलना में अधिक अंडे व तेज़ शरीर-वृद्धि, रंगीन पंख (शिकारी पक्षियों से बचाव) और स्थानीय परिस्थितियों में सहनशीलता। जनजातीय दक्षिणी राजस्थान (उदयपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़) में पोषण व आय बढ़ाने में उपयोगी – कैश प्लस मॉडल जैसे पोषण कार्यक्रमों के पूरक। राजस्थान में कुक्कुट संख्या 146.23 लाख (2019) – राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षाकृत कम; कुक्कुट पालन मुख्यतः अजमेर (पुष्कर-ब्यावर क्षेत्र), जयपुर, अलवर में। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (उद्यमिता घटक) में ग्रामीण कुक्कुट हैचरी व पैरेंट फ़ार्म हेतु पूँजीगत सब्सिडी। अन्य विकल्प – CARI इज़्ज़तनगर: CARI निर्भीक, CARI श्यामा जैसी नस्लें; CSWRI अविकानगर: भेड़-ख़रगोश; RAJUVAS बीकानेर (2010): पशु चिकित्सा शिक्षा।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• प्रतापधन किस प्रकार की नस्ल? – द्विप्रयोजनी रंगीन कुक्कुट
• राजस्थान कुक्कुट संख्या 2019? – 146.23 लाख
• RAJUVAS स्थापना? – 2010
14. पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: इसे 2020 में ₹15,000 करोड़ की राशि के साथ स्वीकृति दी गई तथा इसमें पात्र ऋणों पर 3% ब्याज अनुदान का प्रावधान है।
कथन II: इस निधि से केवल सहकारी समितियाँ ही लाभ ले सकती हैं; निजी कंपनियाँ व व्यक्तिगत उद्यमी पात्र नहीं हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – पात्र – व्यक्तिगत उद्यमी, निजी कंपनियाँ, MSME, किसान उत्पादक संगठन (FPO), धारा-8 कंपनियाँ; बाद में डेयरी सहकारी समितियाँ भी जोड़ी गईं। उद्देश्य – डेयरी प्रसंस्करण व मूल्य-संवर्धन (दूध पाउडर, आइसक्रीम, पनीर), मांस प्रसंस्करण, पशु आहार संयंत्र, नस्ल सुधार प्रौद्योगिकी, पशु अपशिष्ट से धन (बायोगैस/जैविक खाद) हेतु निवेश। ऋण गारंटी – ₹750 करोड़ का क्रेडिट गारंटी कोष (NABSanrakshan)। यह आत्मनिर्भर भारत पैकेज (2020) का भाग था; 2024 में इसे पशुपालन विभाग की अन्य योजनाओं के साथ जारी रखा गया। राजस्थान के लिए प्रासंगिकता – देश में दूध उत्पादन में द्वितीय होने के बावजूद प्रसंस्करण क्षमता कम; राज्य का डेयरी अवसंरचना कोष (बजट 2026-27 में ₹2,000 करोड़) तथा RIPS 2024/खाद्य पार्क नीति 2024 इसके पूरक। कृषि अवसंरचना कोष (AIF, ₹1 लाख करोड़) इसी तर्ज़ पर फ़सल-पश्चात अवसंरचना हेतु।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• AHIDF राशि? – ₹15,000 करोड़
• AHIDF ब्याज अनुदान? – 3%
• किस पैकेज का भाग? – आत्मनिर्भर भारत (2020)
15. सहकारिता क्षेत्र की हालिया पहलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 जुलाई 2025 में जारी की गई, जिसका दृष्टि-काल 2025 से 2045 तक है।
कथन II: त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय अधिनियम 2025 के अंतर्गत आणंद (गुजरात) में देश का पहला राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 – 24 जुलाई 2025 को केंद्रीय सहकारिता मंत्री द्वारा जारी; पूर्व नीति 2002 की थी; मसौदा समिति – सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में। लक्ष्य – सहकारी क्षेत्र का GDP में योगदान तीन गुना, प्रत्येक गाँव में कम से कम एक सहकारी संस्था, 50 करोड़ सक्रिय सदस्य, युवाओं-महिलाओं की भागीदारी, प्रत्येक तहसील में 'मॉडल सहकारी गाँव'। त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय – IRMA (ग्रामीण प्रबंधन संस्थान, आणंद) परिसर में; नाम त्रिभुवनदास पटेल (अमूल के संस्थापक-अध्यक्ष) पर; सहकारी प्रबंधन, वित्त, प्रौद्योगिकी में शिक्षा-प्रशिक्षण। 2025 – संयुक्त राष्ट्र द्वारा 'अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष' (विषय – 'सहकारिताएँ बेहतर विश्व का निर्माण करती हैं')। सहकारिता मंत्रालय – 6 जुलाई 2021; राजस्थान में 42,858 पंजीकृत सहकारी संस्थाएँ, 9,086 PACS।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• पिछली राष्ट्रीय सहकारिता नीति? – 2002
• नीति मसौदा समिति अध्यक्ष? – सुरेश प्रभु
• अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष? – 2025
16. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम (2011) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसने अनुच्छेद 19(1)(c) में 'सहकारी समितियाँ' बनाने के अधिकार को जोड़ा।
2. इसने राज्य के नीति निदेशक तत्वों में अनुच्छेद 43B जोड़कर सहकारी समितियों के संवर्धन का निर्देश दिया।
3. सर्वोच्च न्यायालय ने 2021 में भाग IXB को राज्य सहकारी समितियों सहित पूर्णतः वैध ठहराया।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: कथन 3 गलत – सर्वोच्च न्यायालय (भारत संघ बनाम राजेंद्र एन. शाह, जुलाई 2021) ने भाग IXB के उन प्रावधानों को निरस्त किया जो राज्य सहकारी समितियों से संबंधित थे, क्योंकि 'सहकारी समितियाँ' राज्य सूची (प्रविष्टि 32) का विषय है और संशोधन को अनुच्छेद 368(2) के अंतर्गत आधे राज्यों का अनुसमर्थन नहीं मिला था; बहु-राज्यीय सहकारी समितियों हेतु भाग IXB (अनुच्छेद 243ZH से 243ZT) वैध। भाग IXB के प्रावधान – बोर्ड में अधिकतम 21 निदेशक, SC/ST हेतु एक व महिलाओं हेतु दो सीटें आरक्षित, 5 वर्ष का कार्यकाल, समय पर चुनाव व अंकेक्षण। राजस्थान – सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001 (नियम 2003) के अंतर्गत राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण व अंकेक्षण की व्यवस्था; पहली सहकारी समिति – भिनाय (अजमेर), 1904।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• सहकारी समितियाँ किस सूची में? – राज्य सूची (प्रविष्टि 32)
• भाग IXB अनुच्छेद? – 243ZH से 243ZT
• सहकारी बोर्ड में अधिकतम निदेशक? – 21
17. सूची-I (संस्था) को सूची-II (स्थापना वर्ष) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (संस्था)
सूची-II (स्थापना वर्ष)
(अ)अमूल (कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ)
(1)1963
(ब)NAFED
(2)1958
(स)राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC)
(3)1946
(द)राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)
(4)1965
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही सुमेलन – अमूल: 1946; NAFED: 1958; NCDC: 1963; NDDB: 1965।
📘 विस्तार से समझें: अमूल – 1946 में त्रिभुवनदास पटेल के नेतृत्व व सरदार पटेल की प्रेरणा से कैरा (खेड़ा) जिले में; डॉ. वर्गीज़ कुरियन ने इसे 'आणंद पैटर्न' (ग्राम समिति – जिला संघ – राज्य महासंघ) बनाया; राजस्थान का RCDF (1977, सरस) इसी पैटर्न पर। NAFED (राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ) – 2 अक्टूबर 1958; MSP पर दलहन-तिलहन ख़रीद (PSS) की केंद्रीय नोडल एजेंसी – राजस्थान में RAJFED के साथ सरसों-चना ख़रीद। NCDC – NCDC अधिनियम 1962 के अंतर्गत 1963; सहकारी समितियों को ऋण-अनुदान (अब सहकारिता मंत्रालय के अधीन)। NDDB – 1965, आणंद; ऑपरेशन फ़्लड (1970-96) का संचालन; अब 'श्वेत क्रांति 2.0'। अन्य – NABARD 1982; IFFCO 1967; KRIBHCO 1980।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• आणंद पैटर्न के वास्तुकार? – डॉ. वर्गीज़ कुरियन
• ऑपरेशन फ़्लड? – 1970-96
• IFFCO स्थापना? – 1967
18. राजस्थान में प्रथम सहकारी समिति कहाँ और कब स्थापित हुई?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – भिनाय (अजमेर), 1904।
📘 विस्तार से समझें: पृष्ठभूमि – सहकारी साख समिति अधिनियम 1904 (लॉर्ड कर्ज़न काल) के बाद अजमेर-मेरवाड़ा (ब्रिटिश प्रशासित क्षेत्र) में भिनाय की कृषि साख समिति राज्य की पहली सहकारी संस्था बनी; सहकारी समिति अधिनियम 1912 से गैर-साख समितियों को भी मान्यता। रियासतों में बाद में अपने सहकारी कानून आए; राजस्थान एकीकरण के बाद राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1965 और अब 2001 का अधिनियम। वर्तमान ढाँचा – अल्पकालीन साख: राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स) – 29 केंद्रीय सहकारी बैंक – 9,086 PACS (त्रिस्तरीय); दीर्घकालीन साख: भूमि विकास बैंक (36 PLDB); विपणन: RAJFED, क्रय-विक्रय सहकारी समितियाँ; उपभोक्ता: CONFED; डेयरी: RCDF – 24 दुग्ध संघ – 19,643 दुग्ध सहकारी समितियाँ।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• सहकारी साख समिति अधिनियम? – 1904
• राजस्थान का वर्तमान सहकारी अधिनियम? – 2001
• PLDB की संख्या? – 36
19. 2023 में गठित तीन राष्ट्रीय बहु-राज्य सहकारी समितियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) जैविक उत्पादों के प्रमाणन व विपणन हेतु बनाई गई है।
कथन II: राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) सहकारी क्षेत्र के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु एक छत्र संगठन है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – BBSSL गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन, प्रसंस्करण व वितरण (बीज प्रतिस्थापन दर बढ़ाना, देशी बीजों का संरक्षण) हेतु है; जैविक उत्पादों हेतु राष्ट्रीय सहकारी जैविक लिमिटेड (NCOL) – 'भारत ऑर्गेनिक्स' ब्रांड। तीनों का पंजीकरण बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2002 (संशोधन 2023) के अंतर्गत; प्रवर्तक – अमूल, IFFCO, KRIBHCO, NAFED, NCDC जैसी संस्थाएँ। उद्देश्य – 'सहकार से समृद्धि'; PACS इनके सदस्य बनकर किसानों को निर्यात, जैविक प्रीमियम व बीज व्यापार का लाभ दिला सकते हैं। राजस्थान हेतु अवसर – जैविक/प्राकृतिक खेती (डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सिरोही, प्रतापगढ़ के जनजातीय क्षेत्र), बीजीय मसाले, सरसों, मोटे अनाज (बाजरा) का सहकारी निर्यात।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• जैविक उत्पादों हेतु बहु-राज्य सहकारी? – NCOL
• NCOL का ब्रांड? – भारत ऑर्गेनिक्स
• बहु-राज्य सहकारी अधिनियम? – 2002 (संशोधन 2023)
20. प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के सुदृढ़ीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केंद्र द्वारा तैयार PACS के मॉडल उपनियम उन्हें डेयरी, मत्स्य, भंडारण, LPG/पेट्रोल पंप, जन औषधि केंद्र, CSC जैसी 25 से अधिक गतिविधियाँ करने की अनुमति देते हैं।
2. लगभग 63,000 क्रियाशील PACS के कंप्यूटरीकरण हेतु लगभग ₹2,516 करोड़ की केंद्र प्रायोजित परियोजना स्वीकृत की गई।
3. राजस्थान में सहकारी समितियाँ राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001 के अंतर्गत पंजीकृत व विनियमित होती हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: मॉडल उपनियम (2022-23) – PACS को बहुउद्देशीय बनाकर आय-स्रोत बढ़ाना; राज्यों ने इन्हें अपनाया (सहकारिता राज्य विषय)। कंप्यूटरीकरण (जून 2022 स्वीकृति) – ERP आधारित साझा राष्ट्रीय सॉफ़्टवेयर, NABARD के माध्यम से, जिला व राज्य सहकारी बैंकों से जोड़ना – पारदर्शिता, ऋण वितरण में गति। अन्य पहलें – अगले 5 वर्षों में 2 लाख नए बहुउद्देशीय PACS/डेयरी/मत्स्य सहकारी (फ़रवरी 2023); 'सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना' (PACS स्तर पर गोदाम); PACS को उचित मूल्य दुकान व प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र बनने की अनुमति। राजस्थान – 9,086 PACS; सहकार किसान कल्याण योजना (₹10 लाख तक ऋण), ब्याज-मुक्त फ़सली ऋण (बजट 2026-27 – ₹25,000 करोड़, 35 लाख से अधिक किसान)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• नए बहुउद्देशीय PACS लक्ष्य? – 2 लाख (5 वर्ष)
• कंप्यूटरीकरण कार्यान्वयन एजेंसी? – NABARD
• राजस्थान में PACS? – 9,086
21. सितंबर 2024 में आरंभ 'श्वेत क्रांति 2.0' का मुख्य लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में डेयरी सहकारी समितियों द्वारा दुग्ध ख़रीद में कितनी वृद्धि करना है?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 50% वृद्धि।
📘 विस्तार से समझें: श्वेत क्रांति 2.0 – सहकारिता मंत्रालय व NDDB की पहल (मानक संचालन प्रक्रिया 19 सितंबर 2024 को जारी)। रणनीति – जिन गाँवों में डेयरी सहकारी नहीं, वहाँ नई बहुउद्देशीय डेयरी सहकारी समितियाँ; मौजूदा समितियों का सुदृढ़ीकरण; दुग्ध संग्रह, शीतलन (बल्क मिल्क कूलर), परीक्षण अवसंरचना; महिला दुग्ध उत्पादकों का सशक्तीकरण; संगठित क्षेत्र में दूध का हिस्सा बढ़ाना (अभी देश के कुल दूध का छोटा भाग ही सहकारी/संगठित क्षेत्र से ख़रीदा जाता है)। वित्तपोषण – राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD 2.0) आदि। राजस्थान – RCDF (सरस) की औसत दैनिक दुग्ध ख़रीद लगभग 30.29 लाख किग्रा (दिसंबर 2025), 24 दुग्ध संघ, 19,643 दुग्ध सहकारी समितियाँ; दुग्ध उत्पादक संबल योजना (₹5/लीटर) सहकारी समितियों को दूध देने वाले पशुपालकों को ही मिलती है – इससे संगठित ख़रीद को प्रोत्साहन।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• श्वेत क्रांति 2.0 की नोडल संस्थाएँ? – सहकारिता मंत्रालय व NDDB
• RCDF औसत दैनिक ख़रीद (दिसंबर 2025)? – लगभग 30.29 लाख किग्रा
• राजस्थान में दुग्ध संघ? – 24
22. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राजस्थान सहकारी डेयरी फ़ेडरेशन (RCDF) की औसत दैनिक दुग्ध ख़रीद (दिसंबर 2025 तक) लगभग कितनी रही?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – लगभग 30.29 लाख किग्रा प्रतिदिन।
📘 विस्तार से समझें: RCDF (1977) – आणंद पैटर्न पर त्रिस्तरीय ढाँचा: ग्राम स्तर पर प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियाँ (19,643) → जिला दुग्ध उत्पादक संघ (24) → राज्य स्तर पर RCDF; ब्रांड 'सरस'। सबसे बड़ा संघ – जयपुर डेयरी। समितियाँ फ़ैट व SNF (वसा-रहित ठोस) के आधार पर भुगतान करती हैं; स्वचालित दुग्ध संग्रह इकाइयाँ व बल्क मिल्क कूलर से गुणवत्ता नियंत्रण। राज्य के कुल दुग्ध उत्पादन का अपेक्षाकृत छोटा भाग ही सहकारी नेटवर्क से आता है – शेष निजी डेयरी व असंगठित व्यापारियों से; इसीलिए श्वेत क्रांति 2.0 व राज्य डेयरी अवसंरचना कोष (₹2,000 करोड़) से संग्रह नेटवर्क विस्तार पर बल। पशुपालकों हेतु – सरस सुरक्षा कवच (₹5 लाख दुर्घटना बीमा), सामूहिक आरोग्य बीमा, गोपाल क्रेडिट कार्ड।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• दूध भुगतान का आधार? – फ़ैट व SNF
• सरस का सबसे बड़ा संघ? – जयपुर डेयरी
• RCDF स्थापना? – 1977
23. राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (RAJUVAS) कहाँ स्थित है?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – बीकानेर (स्थापना 2010)।
📘 विस्तार से समझें: RAJUVAS – 2010 में राज्य अधिनियम से स्थापित; इससे पहले पशु चिकित्सा शिक्षा SKRAU, बीकानेर के अधीन थी (बीकानेर का पशु चिकित्सा महाविद्यालय 1954 से)। कार्य – पशु चिकित्सा स्नातक/स्नातकोत्तर शिक्षा, पशुधन अनुसंधान, विस्तार; संबद्ध महाविद्यालय – जयपुर (PGIVER), नवानियाँ-वल्लभनगर (उदयपुर) आदि। बीकानेर पशुपालन अनुसंधान का बड़ा केंद्र – राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र, केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, अश्व अनुसंधान केंद्र (NRCE हिसार का उप-केंद्र), भेड़ अनुसंधान उप-केंद्र। राज्य में पशु चिकित्सकों व पैरा-वेट (पशुधन सहायक) की आवश्यकता बड़ी है – 536 मोबाइल वेटरनरी यूनिट, 1962 हेल्पलाइन, मंगला पशु बीमा सर्वेक्षण, NADCP टीकाकरण इसी मानव संसाधन पर निर्भर।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• RAJUVAS स्थापना? – 2010
• पहले पशु चिकित्सा शिक्षा किस विश्वविद्यालय के अधीन? – SKRAU बीकानेर
• राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र? – बीकानेर
24. अभिकथन (A): राजस्थान में 1962 हेल्पलाइन से जुड़ी मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) दूरस्थ गाँवों-ढाणियों में पशु चिकित्सा सेवा की पहुँच बढ़ाने का प्रभावी साधन हैं।
कारण (R): राज्य में बसावट विरल और बिखरी (ढाणियाँ) है, जबकि पशुधन संख्या बहुत अधिक है, इसलिए स्थिर पशु चिकित्सालयों तक पशु ले जाना कठिन होता है।
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
📘 विस्तार से समझें: MVU – 24 फ़रवरी 2024 से 536 इकाइयाँ (लगभग प्रत्येक ब्लॉक हेतु); केंद्र की पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण (LHDC) योजना के अंतर्गत केंद्र-राज्य सहयोग से; पशुपालक 1962 पर कॉल कर घर पर उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, शल्य चिकित्सा सुविधा पा सकते हैं। आवश्यकता के कारण – 568 लाख पशुधन (देश का 10.60%), पश्चिमी जिलों में जनसंख्या घनत्व बहुत कम (जैसलमेर 17), गाँवों से दूर ढाणियाँ, पशु को बीमार अवस्था में दूर ले जाना कठिन। पूरक उपाय – मुख्यमंत्री निःशुल्क पशु औषधि योजना (दवाएँ 138 से बढ़ाकर लगभग 200), मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा (1 दिसंबर 2025 से राज्य द्वारा 100% प्रीमियम), गौशालाओं को अनुदान। लाभ – पशु मृत्यु दर घटना, दूध उत्पादन में स्थिरता, रोग-प्रकोप (जैसे लंपी 2022) पर त्वरित कार्रवाई।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• MVU संख्या? – 536
• MVU किस केंद्रीय योजना से? – पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण (LHDC)
• निःशुल्क पशु दवाएँ? – लगभग 200
25. राजस्थान सरकार ने वर्ष 2014 में 'पशुधन' श्रेणी में किसे राज्य पशु घोषित किया?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – ऊँट।
📘 विस्तार से समझें: राज्य में दो राज्य पशु – वन्य जीव श्रेणी में चिंकारा (1981 से) और पशुधन श्रेणी में ऊँट (2014)। ऊँट संरक्षण हेतु राजस्थान ऊँट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रव्रजन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम 2015 – राज्य से बाहर ले जाने हेतु अनुमति आवश्यक। फिर भी ऊँटों की संख्या 2012 से 2019 के बीच तेज़ी से घटी – कारण: परिवहन व कृषि में यंत्रीकरण, चरागाह-ओरण का सिकुड़ना, बिक्री पर प्रतिबंध से आर्थिक मूल्य घटना। देश के 84.43% ऊँट राजस्थान में। नस्लें – बीकानेरी (भारवाहक), जैसलमेरी (तेज़ सवारी), मारवाड़ी, मेवाड़ी, कच्छी। उपयोग के नए अवसर – ऊँटनी का दूध (मधुमेह में लाभकारी शोध, पोषक), ऊँट पर्यटन (सफ़ारी, पुष्कर व बीकानेर ऊँट उत्सव), BSF की ऊँट टुकड़ी। राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र – बीकानेर (1984)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• वन्य जीव श्रेणी का राज्य पशु? – चिंकारा
• ऊँट संरक्षण अधिनियम? – 2015
• राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र स्थापना? – 1984
26. पुनर्गठित राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM, 2021-22 से) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: इसके उद्यमिता विकास घटक में ग्रामीण कुक्कुट, भेड़-बकरी व सूअर पालन की इकाइयों हेतु 50% पूँजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।
कथन II: चारा एवं आहार विकास इस मिशन के दायरे से बाहर है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – NLM के तीन उप-मिशन – (1) पशुधन व कुक्कुट का नस्ल विकास (उद्यमिता सहित), (2) चारा एवं आहार विकास (साइलेज, चारा ब्लॉक, चारा बीज उत्पादन – इसमें भी उद्यमिता सब्सिडी), (3) नवाचार एवं विस्तार (पशुधन बीमा सहित)। सब्सिडी की अधिकतम सीमाएँ इकाई-प्रकार के अनुसार अलग (जैसे भेड़-बकरी व चारा इकाइयों हेतु अधिक); सब्सिडी SIDBI के माध्यम से दो किस्तों में। राजस्थान हेतु महत्त्व – बकरी (देश में प्रथम) व भेड़ पालन पश्चिमी व दक्षिणी जिलों में आजीविका का मुख्य साधन; सूखे के वर्षों में चारे की कमी सबसे बड़ा जोखिम – इसलिए चारा बैंक, चारागाह विकास, मनरेगा से गोचर विकास। राज्य की 'पशु सखी' (राजीविका, 37,369) प्रशिक्षित सामुदायिक पशु-सेवा कार्यकर्ता हैं।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• NLM के उप-मिशन? – तीन
• NLM सब्सिडी किसके माध्यम से? – SIDBI
• राजीविका की पशु सखी? – 37,369
27. सूची-I (केंद्रीय योजना) को सूची-II (मुख्य उद्देश्य) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (केंद्रीय योजना)
सूची-II (मुख्य उद्देश्य)
(अ)राष्ट्रीय गोकुल मिशन
(1)खुरपका-मुँहपका व ब्रुसेलोसिस हेतु सार्वभौमिक टीकाकरण
(ब)राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP)
(2)देशी गोवंश नस्लों का विकास व संरक्षण
(स)प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)
(3)डेयरी-मांस प्रसंस्करण व पशु आहार संयंत्रों में निवेश
(द)पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF)
(4)मत्स्य उत्पादन, अवसंरचना व मछुआरा कल्याण
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही सुमेलन – राष्ट्रीय गोकुल मिशन: देशी नस्ल; NADCP: FMD-ब्रुसेलोसिस टीकाकरण; PMMSY: मत्स्य; AHIDF: प्रसंस्करण अवसंरचना।
📘 विस्तार से समझें: राष्ट्रीय गोकुल मिशन (दिसंबर 2014) – गोकुल ग्राम, राष्ट्रीय कामधेनु प्रजनन केंद्र, राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, लिंग-वर्गीकृत वीर्य, IVF; 'गोपाल रत्न' पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (26 नवंबर) पर। NADCP (सितंबर 2019, मथुरा) – 100% केंद्र वित्तपोषित; गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर का FMD टीकाकरण (हर 6 माह) व 4-8 माह की बछियों का ब्रुसेलोसिस टीकाकरण; लक्ष्य – 2025 तक नियंत्रण, 2030 तक उन्मूलन; पशुओं की पहचान हेतु कान टैग (भारत पशुधन/INAPH पोर्टल)। PMMSY (2020) – ₹20,050 करोड़, 'नीली क्रांति' का उत्तराधिकारी; राजस्थान में 4.30 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र, अंतर्देशीय खारा जल मत्स्य (चूरू)। AHIDF (2020) – ₹15,000 करोड़, 3% ब्याज अनुदान।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• NADCP शुभारंभ स्थल? – मथुरा
• PMMSY परिव्यय? – ₹20,050 करोड़
• गोपाल रत्न किस दिन? – 26 नवंबर
28. राजस्थान में गोवंश संरक्षण से संबंधित संस्थागत व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: राज्य में गौशालाओं का पंजीकरण व विनियमन राजस्थान गौशाला अधिनियम 1960 के अंतर्गत होता है।
कथन II: राजस्थान ने 2013 में देश का पहला पृथक गोपालन विभाग गठित किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं।
📘 विस्तार से समझें: गोपालन विभाग – गौशालाओं को अनुदान, नंदीशाला (निराश्रित नर गोवंश हेतु), कामधेनु/गौशाला विकास योजनाएँ, गो-उत्पाद (पंचगव्य, गोबर से जैविक खाद, गोकाष्ठ) संवर्धन। गौशाला अनुदान दरें – 1 अप्रैल 2025 से बड़े गोवंश हेतु ₹50 प्रति दिन तथा छोटे हेतु ₹25 प्रति दिन (पंजीकृत गौशालाओं को निर्धारित अवधि हेतु); गौशाला/नंदीशाला विकास में 90:10 सहायता। कानूनी संरक्षण – राजस्थान गोवंशीय पशु (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रव्रजन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम 1995। निराश्रित गोवंश की समस्या का आर्थिक पक्ष – अनुत्पादक बैलों/बूढ़ी गायों का खुला छोड़ा जाना, फ़सल क्षति, सड़क दुर्घटनाएँ; समाधान – नंदीशालाएँ, लिंग-वर्गीकृत वीर्य (अधिक बछिया जन्म), गोबर-आधारित आय (गोवर्धन/बायोगैस)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• बड़े गोवंश हेतु गौशाला अनुदान (1 अप्रैल 2025 से)? – ₹50 प्रति दिन
• गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम? – 1995
• नंदीशाला किस हेतु? – निराश्रित नर गोवंश
29. पशु कल्याण से संबंधित कानूनी-संस्थागत व्यवस्था के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 के अंतर्गत भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड (AWBI) का गठन हुआ।
कथन II: भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड का मुख्यालय जयपुर में है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A)
📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है।
📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – AWBI (1962) का मुख्यालय पहले चेन्नई में था, अब बल्लभगढ़ (फ़रीदाबाद, हरियाणा) में; यह केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधीन वैधानिक सलाहकारी निकाय है; संस्थापक – रुक्मिणी देवी अरुंडेल। PCA अधिनियम 1960 के अंतर्गत नियम – पशु परिवहन, वधशाला, पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियम 2023 आदि। संविधान – अनुच्छेद 48 (कृषि व पशुपालन का वैज्ञानिक संगठन, गायों-बछड़ों के वध का प्रतिषेध – नीति निदेशक तत्व), 51A(g) (जीवों के प्रति दया – मौलिक कर्तव्य); 'पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण' समवर्ती सूची (प्रविष्टि 17) में। राजस्थान के संदर्भ में – ऊँट व गोवंश के अवैध परिवहन पर राज्य कानून (1995, 2015) PCA अधिनियम के पूरक; पशु मेलों (पुष्कर, नागौर, तिलवाड़ा) में पशु कल्याण मानकों का पालन।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• AWBI का वर्तमान मुख्यालय? – बल्लभगढ़ (फ़रीदाबाद)
• AWBI की संस्थापक? – रुक्मिणी देवी अरुंडेल
• पशु क्रूरता निवारण किस सूची में? – समवर्ती (प्रविष्टि 17)
30. केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (CSWRI), अविकानगर द्वारा विकसित 'अविशान' भेड़ की मुख्य विशेषता क्या है?
✅ सही उत्तर: (B)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – बहुप्रज (prolific) – एक ब्यांत में जुड़वाँ/अधिक मेमने।
📘 विस्तार से समझें: अविशान – गैरोल (पश्चिम बंगाल की बहुप्रज नस्ल, FecB जीन) × मालपुरा × पाटनवाड़ी के संकरण से विकसित; अधिक मेमने व मांस उत्पादन से भेड़ पालकों की आय बढ़ाने हेतु। CSWRI (अविकानगर, टोंक; 1962) – भेड़-ऊन व ख़रगोश पर शोध; अन्य विकसित किस्में – अविकालीन व अविवस्त्र (ऊन हेतु), भारत मेरिनो। राजस्थान की प्रमुख भेड़ नस्लें – चोकला ('भारत की मेरिनो', सर्वश्रेष्ठ कालीन ऊन; शेखावाटी), मगरा (बीकानेर – चमकदार ऊन), मारवाड़ी (जोधपुर – सर्वाधिक संख्या), जैसलमेरी, मालपुरा, सोनाड़ी (उदयपुर), नाली, पूगल। चुनौतियाँ – मोटे/कालीन ग्रेड की ऊन से कम दाम, चरागाह की कमी, लंबी प्रव्रजन यात्राएँ; इसलिए मांस-उन्मुख व बहुप्रज भेड़ें आर्थिक विकल्प बन रही हैं। राष्ट्रीय ऊन उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा 47.53% (प्रथम)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• 'भारत की मेरिनो'? – चोकला
• CSWRI स्थापना? – 1962
• अविशान में बहुप्रजता का स्रोत? – गैरोल नस्ल (FecB जीन)
31. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा को पशुपालन व मत्स्य पालन करने वाले किसानों तक किस वर्ष विस्तारित किया गया?
✅ सही उत्तर: (C)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 2018-19।
📘 विस्तार से समझें: KCC – अगस्त 1998 में (आर.वी. गुप्ता समिति की अनुशंसा पर, NABARD द्वारा तैयार) फ़सल ऋण हेतु आरंभ; केंद्रीय बजट 2018-19 में पशुपालन व मत्स्य पालन तक विस्तार – पशु आहार, चारा, दवा, मछली बीज, जाल आदि की कार्यशील पूँजी हेतु। ब्याज – संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) में 7% पर अल्पकालीन ऋण, समय पर भुगतान पर 3% अतिरिक्त प्रोत्साहन (प्रभावी 4%); पशुपालन/मत्स्य KCC की ऋण सीमा फ़सल KCC से अलग उप-सीमा के रूप में। राजस्थान की पूरक योजना – गोपाल क्रेडिट कार्ड (₹1 लाख तक ब्याज-मुक्त ऋण, लगभग 2.5 लाख परिवारों का लक्ष्य; बजट 2026-27 में ₹150 करोड़)। अन्य विकल्प – 1998-99: फ़सल KCC का आरंभ; 2004-05: कृषि ऋण दोगुना करने की नीति; 2022-23: PACS कंप्यूटरीकरण स्वीकृति (2022)।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• KCC आरंभ? – अगस्त 1998
• KCC की अनुशंसा किस समिति ने? – आर.वी. गुप्ता समिति
• गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण सीमा? – ₹1 लाख ब्याज-मुक्त
32. राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, जिस दिन 'गोपाल रत्न' पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, कब मनाया जाता है?
✅ सही उत्तर: (D)
📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 26 नवंबर (डॉ. वर्गीज़ कुरियन की जयंती)।
📘 विस्तार से समझें: डॉ. वर्गीज़ कुरियन ('भारत में श्वेत क्रांति के जनक', 'मिल्कमैन ऑफ़ इंडिया') – अमूल के विकास, NDDB के प्रथम अध्यक्ष, ऑपरेशन फ़्लड (1970) के सूत्रधार; IRMA आणंद के संस्थापक। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 2014 से। अन्य विकल्प – 1 जून: विश्व दुग्ध दिवस (FAO, 2001 से); 1 अक्टूबर: अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस/विश्व शाकाहार दिवस; 16 जुलाई: ICAR स्थापना दिवस। गोपाल रत्न पुरस्कार (राष्ट्रीय गोकुल मिशन) – श्रेणियाँ: देशी नस्ल का सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन, सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी/दुग्ध उत्पादक कंपनी/FPO। राजस्थान के लिए प्रेरक मॉडल – सहकारी डेयरी से महिलाओं की आय (राजीविका का 'उजाला' दुग्ध उत्पादक संगठन – हाड़ौती), सरस डेयरी नेटवर्क।
🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न:
• विश्व दुग्ध दिवस? – 1 जून
• राष्ट्रीय दुग्ध दिवस कब से? – 2014
• NDDB के प्रथम अध्यक्ष? – डॉ. वर्गीज़ कुरियन