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टॉपिक 15 – प्रमुख विकास परियोजनाएँ

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1. भारतमाला परियोजना के प्रथम चरण (जिसके अंतर्गत अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारा व दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे राजस्थान से गुज़रते हैं) को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किस वर्ष स्वीकृति दी?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 2017। 📘 विस्तार से समझें: भारतमाला चरण-I (अक्टूबर 2017) – लगभग 34,800 किमी राजमार्ग (24,800 किमी नए + NHDP शेष 10,000 किमी); घटक – आर्थिक गलियारे, अंतर-गलियारे/फ़ीडर मार्ग, राष्ट्रीय गलियारा दक्षता सुधार, सीमा व अंतरराष्ट्रीय संपर्क सड़कें, तटीय-बंदरगाह संपर्क, ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे। राजस्थान – अमृतसर-जामनगर (हनुमानगढ़-बीकानेर-जोधपुर-बाड़मेर-जालौर), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (सोहना-दौसा खंड 12 फरवरी 2023), सीमा सड़कें (पश्चिमी सीमा)। पूरक – पीएम गति शक्ति (2021), पश्चिमी DFC। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • भारतमाला चरण-I की कुल लंबाई? – ~34,800 किमी • पीएम गति शक्ति? – 2021 • DME का सोहना-दौसा खंड? – 12 फरवरी 2023
2. रामजल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित PKC-ERCP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इससे राज्य के 17 जिलों को पेयजल व सिंचाई लाभ मिलेगा। 2. प्रधानमंत्री ने 17 दिसंबर 2024 को जयपुर में ERCP से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया। 3. 22 जनवरी 2025 को PKC-ERCP लिंक परियोजना का नाम 'रामजल सेतु लिंक परियोजना' किया गया। 4. इसमें कालीसिंध नदी पर नवनेरा बैराज से जल मेज नदी होते हुए बीसलपुर व ईसरदा बाँधों तक पहुँचाया जाएगा। 5. यह राजस्थान व गुजरात के बीच नदी जोड़ो परियोजना है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल चार कथन (1 से 4) सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 5 गलत – यह राजस्थान-मध्य प्रदेश (केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय के साथ) की परियोजना है; MoU जनवरी 2024, त्रिपक्षीय समझौता-ज्ञापन (MoA) 5 दिसंबर 2024। जल-आवंटन: राजस्थान 4,102.60 MCM (पेयजल 1,744; उद्योग 205.75; नई सिंचाई 1,159.38; मौजूदा बाँध भरना 615.43; भू-जल पुनर्भरण 108; कमज़ोर मानसून हेतु 270), मध्य प्रदेश 3,120.09 MCM। 17 जिले: झालावाड़, बाराँ, कोटा, बूंदी, टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, जयपुर, अजमेर, ब्यावर। स्रोत उप-बेसिन – कालीसिंध, पार्वती, मेज, चाकन; घाटे वाले – बनास, गंभीरी, बाणगंगा, पार्वती। चंबल पर 2.3 किमी जलसेतु (कोटा के पिपलदा समेल – बूंदी के गुहाटा; ~₹2,330 करोड़; मई 2025 से, जून 2028 लक्ष्य)। ERCP DPR – नवंबर 2017; दिसंबर 2022 में नदी जोड़ो विशेष समिति ने प्राथमिकता परियोजना माना। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राजस्थान को आवंटित जल? – 4,102.60 MCM • त्रिपक्षीय MoA? – 5 दिसंबर 2024 • चंबल जलसेतु किन गाँवों के बीच? – पिपलदा समेल (कोटा) – गुहाटा (बूंदी)
3. HPCL राजस्थान रिफ़ाइनरी लिमिटेड (HRRL), पचपदरा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह 9 MMTPA क्षमता का ग्रीनफ़ील्ड रिफ़ाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर है, जिसमें 2.4 MMTPA पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता है। 2. इसमें HPCL और राजस्थान सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी 74 : 26 है। 3. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2026 में इसकी संशोधित लागत ₹79,459 करोड़ स्वीकृत की। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: HRRL – पचपदरा (बालोतरा जिला); मूल लागत ₹43,129 करोड़ → संशोधित ₹79,459 करोड़ (CCEA, अप्रैल 2026; HPCL की अतिरिक्त इक्विटी ₹8,962 करोड़)। शिलान्यास – 2013 (UPA-2), पुनः 2018 (प्रधानमंत्री, परियोजना 2017 में पुनर्जीवित)। वाणिज्यिक संचालन 22 जून 2026 से; प्रधानमंत्री द्वारा जुलाई 2026 में राष्ट्र को समर्पित। उत्पाद: पॉलीप्रोपाइलीन 1 MMTPA, LLDPE 0.5, HDPE 0.5, बेंज़ीन-टोल्यूईन-ब्यूटाडाइन ~0.4 MMTPA; पेट्रोल 1 व डीज़ल 4 MMTPA; पेट्रोकेमिकल्स उत्पाद-मिश्रण का 26% से अधिक। नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17 (विश्व औसत 8-10)। कच्चा तेल – बाड़मेर बेसिन (मंगला आदि) व आयातित। संबद्ध – पेट्रोलियम, केमिकल्स एवं पेट्रोकेमिकल्स निवेश क्षेत्र (PCPIR) की संभावना, डाउनस्ट्रीम प्लास्टिक उद्योग। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • HRRL की मूल लागत? – ₹43,129 करोड़ • HRRL का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स? – 17 • पचपदरा किस जिले में? – बालोतरा
4. माही-बाँसवाड़ा राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें 700 MW की चार स्वदेशी दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) इकाइयाँ (कुल 2,800 MW) प्रस्तावित हैं। कथन II: इसका विकास NPCIL (51%) और NTPC (49%) के संयुक्त उपक्रम 'अश्विनी' (अणुशक्ति विद्युत निगम) द्वारा किया जा रहा है; प्रधानमंत्री ने 25 सितंबर 2025 को इसका शिलान्यास किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: परियोजना – बाँसवाड़ा जिला; अनुमानित निवेश लगभग ₹42,000 करोड़ (मीडिया; अन्य स्रोत ~₹50,000 करोड़); 'फ़्लीट मोड' में 700 MW IPHWR। अप्रैल 2026 में परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) ने उत्खनन की अनुमति दी। राज्य में वर्तमान परमाणु संयंत्र – रावतभाटा (RAPP, चित्तौड़गढ़) – देश का दूसरा परमाणु बिजलीघर (प्रथम इकाई 1973, कनाडा के सहयोग से); RAPP-7 (700 MW) 2025 में वाणिज्यिक संचालन। केंद्रीय आवंटन में राज्य का परमाणु अंश दिसंबर 2025 तक 806.74 MW (456.74 से वृद्धि)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • रावतभाटा संयंत्र किस जिले में? – चित्तौड़गढ़ • अश्विनी में NPCIL का अंश? – 51% • उत्खनन अनुमति देने वाली संस्था? – AERB
5. यमुना जल से संबंधित राजस्थान-हरियाणा समझौते के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: 17 फरवरी 2024 को दोनों राज्यों ने हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन द्वारा जल लाने हेतु MoU पर हस्ताक्षर किए। कथन II: जून 2026 में हुए अंतिम समझौते के अनुसार राजस्थान का हिस्सा 577 MCM है, जिसे लगभग 295.5 किमी भूमिगत पाइपलाइन से चूरू के हांसियावास जलाशय तक लाया जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: पृष्ठभूमि – 1994 के ऊपरी यमुना जल-बँटवारा समझौते में राजस्थान का हिस्सा तय था, परंतु जल लाने का ढाँचा न होने से लगभग तीन दशक तक विवाद/गतिरोध। परियोजना लागत ~₹34,102 करोड़ (जून 2026); लाभ – शेखावाटी (सीकर, झुंझुनूं, चूरू) – राज्य जल योजना 2047 के अनुसार लगभग 75 लाख लोग; मानसून काल (जुलाई-अक्टूबर) के अतिरिक्त जल का उपयोग। राजस्थान को अन्य अंतर-राज्यीय जल – रावी-ब्यास (इंदिरा गांधी नहर), नर्मदा (जालौर-बाड़मेर), चंबल (मध्य प्रदेश के साथ)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • यमुना जल-बँटवारा समझौता? – 1994 • यमुना जल का स्रोत बैराज? – हथिनीकुंड • हांसियावास जलाशय किस जिले में? – चूरू
6. अभिकथन (A): रामजल सेतु लिंक परियोजना में चंबल नदी पर लगभग 2.3 किमी लंबे जलसेतु (aqueduct) का निर्माण किया जा रहा है। कारण (R): परियोजना में कालीसिंध (नवनेरा बैराज) से आने वाले जल को चंबल के पार बनास बेसिन के बीसलपुर व ईसरदा जलाशयों तक पहुँचाना है।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: जल का मार्ग पूर्व से पश्चिम – कालीसिंध (नवनेरा) → मेज → बीसलपुर/ईसरदा (बनास बेसिन); इस मार्ग में चंबल नदी बीच में पड़ती है, अतः नहर को चंबल के ऊपर से ले जाने हेतु जलसेतु आवश्यक है – R, A का कारण है। जलसेतु: कोटा के पिपलदा समेल से बूंदी के गुहाटा तक, लगभग 2,280 मीटर, तीन-मंज़िला, साथ ही सड़क के रूप में भी उपयोगी; लागत ~₹2,330 करोड़; निर्माण मई 2025 से, लक्ष्य जून 2028। नदी पारिस्थितिकी में बाधा डाले बिना पार करने की डिज़ाइन। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • जलसेतु के निर्माण का लक्ष्य? – जून 2028 • बीसलपुर बाँध किस नदी पर? – बनास • जलसेतु की अन्य उपयोगिता? – सड़क
7. दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) के संबंध में राजस्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: 1,504 किमी लंबे पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (DFC) पर आधारित DMIC का लगभग 39% भाग राजस्थान से होकर गुज़रता है। कथन II: अगस्त 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत 12 औद्योगिक स्मार्ट सिटी में राजस्थान का जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र सम्मिलित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: DMIC – जापान के सहयोग से (2007 MoU); पश्चिमी DFC (दादरी-JNPT) के दोनों ओर 150-150 किमी प्रभाव क्षेत्र; राजस्थान में निवेश क्षेत्र – खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराणा (KBNIR), जोधपुर-पाली-मारवाड़; जापानी निवेश क्षेत्र – नीमराणा (अलवर/कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र) व घिलोठ। अगस्त 2024 की स्वीकृति – 12 परियोजनाएँ, लगभग ₹28,602 करोड़, 10 राज्यों में। पश्चिमी DFC का बड़ा भाग राजस्थान (रेवाड़ी-फुलेरा-मारवाड़-पालनपुर मार्ग) से। लाभ – लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, निर्यात, विनिर्माण क्लस्टर; राज्य की लॉजिस्टिक्स नीति 2025 का पूरक। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • DMIC में किस देश का सहयोग? – जापान • राजस्थान का DMIC निवेश क्षेत्र? – खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराणा • अगस्त 2024 में स्वीकृत औद्योगिक स्मार्ट सिटी? – 12
8. बहुउद्देश्यीय/अंतर-राज्यीय परियोजनाओं (सूची-I) को उनमें राजस्थान के हिस्से (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
(अ)चंबल घाटी परियोजना (मध्य प्रदेश के साथ)(1)50 : 50
(ब)माही बजाज सागर परियोजना (गुजरात के साथ)(2)45% (गुजरात 55%)
(स)भाखड़ा-नांगल परियोजना(3)0.50 MAF जल
(द)नर्मदा जल (सरदार सरोवर)(4)15.22%
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: चंबल – 50:50; माही – 45%; भाखड़ा – 15.22%; नर्मदा – 0.50 MAF। 📘 विस्तार से समझें: चंबल परियोजना – तीन चरण: गांधी सागर (मध्य प्रदेश, 1960), राणा प्रताप सागर (रावतभाटा, 1970), जवाहर सागर (कोटा-बूंदी, 1972) तथा कोटा बैराज (1960); सिंचाई व जल-विद्युत। माही बजाज सागर (बाँसवाड़ा) – जनजातीय क्षेत्र में सिंचाई व 140 MW विद्युत; जल गुजरात के कडाना बाँध तक भी। भाखड़ा-नांगल (सतलुज, पंजाब-हिमाचल) – राजस्थान को विद्युत व जल में हिस्सा (भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड)। नर्मदा नहर (2008 से जल) – जालौर व बाड़मेर (सांचौर क्षेत्र) में; राज्य की प्रथम परियोजना जहाँ फव्वारा (स्प्रिंकलर) सिंचाई अनिवार्य। राज्य जल योजना 2047 – नर्मदा जल को रानीवाड़ा-भीनमाल तक ले जाने की योजना। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • चंबल परियोजना का प्रथम बाँध? – गांधी सागर (मध्य प्रदेश) • किस परियोजना में स्प्रिंकलर सिंचाई अनिवार्य? – नर्मदा नहर • भाखड़ा परियोजना का प्रबंधक बोर्ड? – BBMB
9. राजस्थान की प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: भड़ला सोलर पार्क (वर्तमान फलौदी जिला) लगभग 2,245 MW क्षमता के साथ विश्व के सबसे बड़े सोलर पार्कों में गिना जाता है। कथन II: बाड़मेर बेसिन का मंगला तेल क्षेत्र देश के प्रमुख स्थलीय (onshore) तेल क्षेत्रों में है और यहाँ से 2009 में उत्पादन आरंभ हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: भड़ला – चार चरणों में RRECL, केंद्र (SECI/MNRE सोलर पार्क योजना) व निजी विकासकर्ता; अत्यधिक सौर विकिरण, बंजर भूमि। अन्य सोलर पार्क – नोख (जैसलमेर), पूगल (बीकानेर), फ़तेहगढ़ (जैसलमेर); बजट 2026-27 – बीकानेर व जैसलमेर में 4,830 MW के सोलर पार्क। मंगला – केयर्न (अब वेदांता) द्वारा 2004 में खोज, अगस्त 2009 में उत्पादन; भाग्यम, ऐश्वर्या अन्य क्षेत्र; बाड़मेर-सांचौर बेसिन का कच्चा तेल पचपदरा रिफ़ाइनरी (HRRL) का आधार। प्राकृतिक गैस – जैसलमेर बेसिन (रामगढ़, तनोट – गैस आधारित रामगढ़ विद्युत गृह)। लिग्नाइट – बाड़मेर (गिरल, कपूरड़ी-जालिपा), बीकानेर (पलाना, बरसिंगसर)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • मंगला तेल क्षेत्र में उत्पादन आरंभ? – 2009 • बीकानेर का लिग्नाइट क्षेत्र? – पलाना/बरसिंगसर • रामगढ़ गैस विद्युत गृह किस जिले में? – जैसलमेर
10. राजस्थान की प्रमुख पेयजल परियोजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आपणी योजना जापान (JICA) की सहायता से पाली जिले में संचालित है। 2. राजीव गांधी लिफ़्ट नहर इंदिरा गांधी नहर से जोधपुर नगर व आसपास के क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराती है। 3. बीसलपुर बाँध (टोंक, बनास नदी) से जयपुर, अजमेर व टोंक को पेयजल आपूर्ति होती है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 2 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 1 गलत – आपणी योजना जर्मनी (KfW) की सहायता से हनुमानगढ़, चूरू व झुंझुनूं जिलों में इंदिरा गांधी नहर के जल से पेयजल हेतु (प्रथम चरण 1994 के आसपास)। राजीव गांधी लिफ़्ट नहर (पूर्व जोधपुर लिफ़्ट नहर) – IGNP के मोहनगढ़ से जल उठाकर जोधपुर। बीसलपुर – टोंक जिले में बनास पर; जयपुर-अजमेर की जीवनरेखा; रामजल सेतु से बीसलपुर में अतिरिक्त जल पहुँचना प्रस्तावित, ब्राह्मणी नदी जल-अपवर्तन भी। अन्य – चंबल-भीलवाड़ा, पोकरण-फलसूंड, जवाई (पाली), देवास III-IV (उदयपुर, ₹1,691 करोड़)। ग्रामीण – जल जीवन मिशन (2028 तक)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • आपणी योजना किस देश की सहायता से? – जर्मनी (KfW) • बीसलपुर बाँध किस नदी पर? – बनास • राजीव गांधी लिफ़्ट नहर का लाभ? – जोधपुर
11. HPCL राजस्थान रिफ़ाइनरी (पचपदरा) ने वाणिज्यिक संचालन किस तिथि से आरंभ किया?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 22 जून 2026। 📘 विस्तार से समझें: निर्धारित वाणिज्यिक संचालन तिथि (SCOD) 1 जुलाई 2026 थी; HPCL ने लक्ष्य से कुछ दिन पूर्व 22 जून 2026 को वाणिज्यिक संचालन घोषित किया। उद्घाटन अप्रैल 2026 में प्रस्तावित था, परंतु 20 अप्रैल को आग की घटना के बाद स्थगित; जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को समर्पित किया – लगभग एक दशक में देश की पहली ग्रीनफ़ील्ड रिफ़ाइनरी। निर्माण के दौरान लगभग 25,000 श्रमिक तैनात। संशोधित लागत ₹79,459 करोड़ (मूल ₹43,129 करोड़); HPCL 74 : राज्य 26। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • HRRL की SCOD? – 1 जुलाई 2026 • HRRL में राज्य सरकार की इक्विटी? – 26% • HRRL की संशोधित लागत? – ₹79,459 करोड़
12. अभिकथन (A): नर्मदा नहर परियोजना के कमांड क्षेत्र (जालौर-बाड़मेर) में फव्वारा (स्प्रिंकलर) पद्धति से सिंचाई अनिवार्य की गई है। कारण (R): राजस्थान को नर्मदा का सीमित जल (0.50 MAF) मिलता है और मरुस्थलीय रेतीली मृदा में बाढ़ सिंचाई से जल की भारी हानि होती है।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: सीमित जल-आवंटन व रेतीली मृदा की उच्च रिसाव दर के कारण ही दक्ष सूक्ष्म सिंचाई अनिवार्य की गई – अतः R, A का कारण है। नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण (1979) ने राजस्थान को 0.50 MAF आवंटित किया; सरदार सरोवर (गुजरात) से नहर; राजस्थान में लगभग 74 किमी मुख्य नहर, सांचौर क्षेत्र (जालौर व बाड़मेर)। सूक्ष्म सिंचाई प्रोत्साहन – PMKSY 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (ड्रिप/स्प्रिंकलर अनुदान)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • नर्मदा न्यायाधिकरण का निर्णय? – 1979 • नर्मदा जल किस बाँध से? – सरदार सरोवर • सूक्ष्म सिंचाई की केंद्रीय योजना? – PMKSY – पर ड्रॉप मोर क्रॉप
13. ऊपरी यमुना जल-बँटवारा समझौते (1994) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: यह समझौता केवल राजस्थान और हरियाणा के बीच द्विपक्षीय समझौता था। कथन II: समझौते में राजस्थान का हिस्सा तय होने के बावजूद जल-परिवहन ढाँचे के अभाव में लगभग तीन दशक तक राजस्थान अपना हिस्सा नहीं ले पाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: केवल कथन II सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – 12 मई 1994 का समझौता पाँच बेसिन राज्यों (हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली) के बीच ओखला तक यमुना के सतही जल के बँटवारे का था; ऊपरी यमुना नदी बोर्ड (UYRB) गठित। राजस्थान का जल ताजेवाला/हथिनीकुंड से हरियाणा होकर ही आ सकता था – इसी हेतु फरवरी 2024 का MoU व जून 2026 का अंतिम समझौता: 577 MCM, 295.5 किमी भूमिगत पाइपलाइन, हांसियावास (चूरू) जलाशय, लागत ~₹34,102 करोड़; लाभ – सीकर, झुंझुनूं, चूरू (शेखावाटी)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 1994 समझौते की तिथि? – 12 मई 1994 • 1994 समझौते से गठित बोर्ड? – ऊपरी यमुना नदी बोर्ड • यमुना पाइपलाइन का गंतव्य जलाशय? – हांसियावास (चूरू)
14. जल संरचनाओं (सूची-I) को उनके जिलों (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
(अ)नवनेरा बैराज (कालीसिंध)(1)टोंक
(ब)ईसरदा बाँध (बनास)(2)सवाई माधोपुर
(स)बीसलपुर बाँध (बनास)(3)पाली
(द)जवाई बाँध (जवाई)(4)कोटा
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: नवनेरा – कोटा; ईसरदा – सवाई माधोपुर; बीसलपुर – टोंक; जवाई – पाली। 📘 विस्तार से समझें: रामजल सेतु लिंक परियोजना में – नवनेरा बैराज (कोटा, कालीसिंध नदी) में जल-भंडारण आरंभ; ईसरदा बाँध (सवाई माधोपुर, बनास; टोंक की सीमा पर) में भी भंडारण आरंभ – दौसा व सवाई माधोपुर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति हेतु; बीसलपुर (टोंक) – जयपुर-अजमेर-टोंक पेयजल; जवाई (पाली) – 'मारवाड़ का अमृत सरोवर', पाली-जोधपुर क्षेत्र। मुख्यमंत्री के अनुसार बंध बरेठा (भरतपुर) व ब्राह्मणी बैराज (चित्तौड़गढ़) हेतु स्वीकृतियाँ जारी। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • 'मारवाड़ का अमृत सरोवर'? – जवाई बाँध • बंध बरेठा किस जिले में? – भरतपुर • ब्राह्मणी बैराज किस जिले में? – चित्तौड़गढ़
15. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसका पहला संचालित खंड जयपुर-अजमेर था, जिसका उद्घाटन 2019 में हुआ। कथन II: यह भारतमाला परियोजना से अलग, पूर्णतः राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित एक्सप्रेसवे है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: न तो I और न ही II सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन I गलत – पहला खंड सोहना (हरियाणा)-दौसा (राजस्थान), जिसका प्रधानमंत्री ने 12 फरवरी 2023 को दौसा से लोकार्पण किया। कथन II गलत – यह भारतमाला परियोजना चरण-I के अंतर्गत NHAI की लगभग 1,350-1,386 किमी लंबी, 8-लेन (12 तक विस्तार योग्य) एक्सप्रेसवे परियोजना है; राजस्थान में अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा आदि पूर्वी जिलों से। लाभ – दिल्ली-मुंबई यात्रा समय ~24 से ~12 घंटे, DMIC/पश्चिमी DFC के साथ औद्योगिक-लॉजिस्टिक्स विकास, कोटा-सवाई माधोपुर पर्यटन। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • DME के पहले खंड का लोकार्पण स्थल? – दौसा • DME किस परियोजना के अंतर्गत? – भारतमाला चरण-I • DME की लेन संख्या? – 8 (12 तक विस्तार योग्य)
16. राज्य बजट 2026-27 में घोषित पर्यटन-विरासत परियोजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खुड़ी (जैसलमेर) को विशेष पर्यटन क्षेत्र (Special Tourism Zone) के रूप में विकसित करने की घोषणा। 2. शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण हेतु ₹2,000 करोड़ का प्रावधान। 3. भरतपुर में ब्रज कन्वेंशन सेंटर तथा 'थार सांस्कृतिक सर्किट' की घोषणा। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – शेखावाटी हवेली संरक्षण हेतु ₹200 करोड़ (660 से अधिक हवेलियाँ चिह्नित)। शेखावाटी (सीकर, झुंझुनूं, चूरू) – 'ओपन एयर आर्ट गैलरी', भित्ति-चित्रित हवेलियाँ (नवलगढ़, मंडावा, फ़तेहपुर, रामगढ़ शेखावाटी)। खुड़ी – रेत के धोरे, डेज़र्ट कैंप। पर्यटन नीति 2025 में विशेष पर्यटन क्षेत्रों की अवधारणा, ब्रज-द्वारका तीर्थ मार्ग, कृष्ण गमन पथ। अन्य बजट घोषणाएँ – RSTA, 14 नए राजस्थान फ़ाउंडेशन चैप्टर, RAJ-SETU नगरीय अवसंरचना कोष। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • शेखावाटी हवेली संरक्षण प्रावधान? – ₹200 करोड़ • शेखावाटी के जिले? – सीकर, झुंझुनूं, चूरू • खुड़ी किस जिले में? – जैसलमेर
17. 17 दिसंबर 2024 को जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर ERCP सहित लगभग ₹46,300 करोड़ की 24 परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण किया। कथन II: इन परियोजनाओं में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल-ERCP लिंक परियोजना के कार्य सम्मिलित थे, जिसे बाद में 'रामजल सेतु लिंक परियोजना' नाम दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कार्यक्रम – 'एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष' (जयपुर); ऊर्जा, सड़क, रेल व जल परियोजनाएँ। नामकरण – 22 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री ने PKC-ERCP को 'रामजल सेतु लिंक परियोजना' नाम दिया। पृष्ठभूमि – ERCP का मूल DPR नवंबर 2017 (राज्य स्तर पर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना); MP-राजस्थान जल-विवाद के बाद संशोधित PKC-ERCP; दिसंबर 2022 – नदी जोड़ो विशेष समिति ने प्राथमिकता परियोजना माना; जनवरी 2024 – MoU; 5 दिसंबर 2024 – त्रिपक्षीय MoA। केंद्र राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के रूप में वित्तीय सहायता देगा। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • ERCP का मूल DPR? – नवंबर 2017 • रामजल सेतु नामकरण? – 22 जनवरी 2025 • त्रिपक्षीय MoA? – 5 दिसंबर 2024
18. अभिकथन (A): रामजल सेतु लिंक परियोजना को केंद्र की वित्तीय सहायता से राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के रूप में क्रियान्वित किया जाना है। कारण (R): यह दो राज्यों (मध्य प्रदेश व राजस्थान) के बीच अंतर-राज्यीय नदी जल के हस्तांतरण की परियोजना है, जिस पर दोनों राज्यों व केंद्र का त्रिपक्षीय समझौता हुआ है।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: अंतर-राज्यीय जल-हस्तांतरण होने और दोनों राज्यों की सहमति (MoA) मिलने से ही यह राष्ट्रीय नदी जोड़ो कार्यक्रम (राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना 1980) के ढाँचे में आई और केंद्रीय सहायता की पात्र बनी – अतः R, A की व्याख्या करता है। वित्त-भागीदारी का निर्धारण PIB/मंत्रिमंडल करेगा; अंतिम लागत केंद्रीय जल आयोग की तकनीकी स्वीकृति के बाद। देश की प्रथम नदी जोड़ो परियोजना – केन-बेतवा (मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश; 90:10 केंद्र-राज्य)। राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) – नदी जोड़ो की नोडल संस्था। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • नदी जोड़ो की नोडल संस्था? – NWDA • देश की प्रथम नदी जोड़ो परियोजना? – केन-बेतवा • राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना? – 1980
19. 25 सितंबर 2025 को बाँसवाड़ा में प्रधानमंत्री ने माही-बाँसवाड़ा परमाणु परियोजना सहित लगभग कितनी राशि की परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण किया?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – लगभग ₹1.22 लाख करोड़। 📘 विस्तार से समझें: बाँसवाड़ा कार्यक्रम – ऊर्जा (माही-बाँसवाड़ा राजस्थान परमाणु विद्युत परियोजना – 4×700 MW, अश्विनी: NPCIL 51% + NTPC 49%; सौर व पारेषण परियोजनाएँ), जल, सड़क, रेल परियोजनाएँ; तीन वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी। अन्य विकल्प: ₹46,300 करोड़ – 17 दिसंबर 2024 (जयपुर, ERCP सहित 24 परियोजनाएँ); ₹35 लाख करोड़ – राइज़िंग राजस्थान के MoU; ₹79,459 करोड़ – HRRL पचपदरा की संशोधित लागत। बाँसवाड़ा – 'सौ द्वीपों का शहर', माही नदी, जनजाति बहुल; परमाणु परियोजना से दक्षिणी राजस्थान में निवेश-रोज़गार। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • बाँसवाड़ा को किस उपनाम से जाना जाता है? – सौ द्वीपों का शहर • अश्विनी में NTPC का अंश? – 49% • 17 दिसंबर 2024 की परियोजनाएँ? – ₹46,300 करोड़ (24)
20. रामजल सेतु लिंक परियोजना में राजस्थान को आवंटित कुल 4,102.60 MCM जल में से पेयजल हेतु कितना जल निर्धारित है?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सही उत्तर – 1,744 MCM। 📘 विस्तार से समझें: राजस्थान का आवंटन (4,102.60 MCM): पेयजल 1,744; नई सिंचाई 1,159.38; मौजूदा बाँधों को भरना 615.43; कमज़ोर मानसून में पेयजल व अन्य कार्य 270; उद्योग 205.75; भू-जल पुनर्भरण 108 (कुल में 522.80 MCM पुनर्चक्रित जल)। मध्य प्रदेश – 3,120.09 MCM। अर्थ – परियोजना का सबसे बड़ा घटक पेयजल; पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों (जयपुर, अजमेर, अलवर, कोटा आदि) की बढ़ती नगरीय-ग्रामीण माँग। MCM = मिलियन घन मीटर (1 MCM = 10 लाख घन मीटर)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • रामजल सेतु में मध्य प्रदेश का जल? – 3,120.09 MCM • उद्योग हेतु आवंटन? – 205.75 MCM • पुनर्चक्रित जल का अंश? – 522.80 MCM
21. पश्चिमी समर्पित माल गलियारे (Western DFC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: 7 जनवरी 2021 को प्रधानमंत्री ने इसके रेवाड़ी-मदार (अजमेर) खंड को राष्ट्र को समर्पित किया। कथन II: इस गलियारे पर डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनों का संचालन संभव है, जिससे माल-ढुलाई क्षमता व गति बढ़ती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: पश्चिमी DFC – दादरी (उत्तर प्रदेश) से JNPT (मुंबई) तक लगभग 1,500 किमी; बड़ा भाग राजस्थान से (रेवाड़ी-अटेली-फुलेरा-मदार-मारवाड़-पालनपुर मार्ग); क्रियान्वयन DFCCIL; जापान (JICA) का ऋण। रेवाड़ी-मदार खंड (~306 किमी) – दुनिया की पहली विद्युतीकृत (हाई-राइज़ पैंटोग्राफ़) डबल-स्टैक लंबी कंटेनर ट्रेन का संचालन। लाभ – यात्री लाइनों पर भीड़ घटना, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, DMIC के औद्योगिक नोड (खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराणा, जोधपुर-पाली-मारवाड़) को बंदरगाह संपर्क; राज्य की लॉजिस्टिक्स नीति 2025 का पूरक। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • DFC क्रियान्वयन एजेंसी? – DFCCIL • पश्चिमी DFC को ऋण देने वाली संस्था? – JICA (जापान) • रेवाड़ी-मदार खंड की लंबाई लगभग? – 306 किमी
22. राजस्थान में राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थानों (सूची-I) को उनके आरंभ वर्ष (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
(अ)IIT जोधपुर(1)2009
(ब)राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय (बांदरसिंदरी, किशनगढ़)(2)2011
(स)IIM उदयपुर(3)2012
(द)AIIMS जोधपुर(4)2008
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: IIT जोधपुर – 2008; केंद्रीय विश्वविद्यालय – 2009; IIM उदयपुर – 2011; AIIMS जोधपुर – 2012। 📘 विस्तार से समझें: IIT जोधपुर (2008, आरंभ में IIT कानपुर के मेंटरशिप में; करवड़ स्थायी परिसर)। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय (2009, केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009; बांदरसिंदरी, अजमेर)। IIM उदयपुर (2011)। AIIMS जोधपुर (2012, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना – PMSSY के अंतर्गत 6 नए AIIMS में)। अन्य – IIIT कोटा, NIFT जोधपुर, MNIT जयपुर (2002 में NIT दर्जा), BITS पिलानी (डीम्ड)। आर्थिक संदर्भ – 'ज्ञान अर्थव्यवस्था', उच्च-कौशल मानव संसाधन, स्टार्टअप-अनुसंधान पारितंत्र। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • AIIMS जोधपुर किस योजना के अंतर्गत? – PMSSY • MNIT को NIT दर्जा? – 2002 • IIT जोधपुर का स्थायी परिसर? – करवड़
23. कोटा की प्रमुख शहरी-अवसंरचना परियोजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंबल नदी पर कोटा रिवरफ्रंट का लोकार्पण सितंबर 2023 में हुआ। 2. चंबल नदी पर कोटा का हैंगिंग (केबल-स्टे) ब्रिज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास पर स्थित है। 3. कोटा में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के सहयोग से नया ग्रीनफ़ील्ड हवाई अड्डा प्रस्तावित/विकसित किया जा रहा है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: तीनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: चंबल रिवरफ्रंट – नदी के दोनों किनारों पर घाट, उद्यान, विरासत-थीम संरचनाएँ; पर्यटन व नगरीय पुनरुद्धार। हैंगिंग ब्रिज (2017 में लोकार्पण) – कोटा बाईपास (राष्ट्रीय राजमार्ग) पर चंबल पर केबल-स्टे पुल, शहर से भारी यातायात का विचलन। कोटा ग्रीनफ़ील्ड हवाई अड्डा – राजस्थान नागरिक उड्डयन नीति 2024 के प्रथम चरण की प्रतिबद्धता; AAI के साथ। कोटा – शिक्षा (कोचिंग) केंद्र, 'शिक्षा नगरी'; राज्य का सर्वाधिक नगरीकृत जिला (2011 – 60.31%); चंबल पर कोटा बैराज व रामजल सेतु का जलसेतु (पिपलदा समेल)। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • राज्य का सर्वाधिक नगरीकृत जिला? – कोटा • कोटा हवाई अड्डा किस नीति के अंतर्गत? – नागरिक उड्डयन नीति 2024 • हैंगिंग ब्रिज का लोकार्पण? – 2017
24. अभिकथन (A): नीमराणा (अब कोटपूतली-बहरोड़ जिला) में जापानी कंपनियों हेतु विशेष निवेश क्षेत्र विकसित हुआ है। कारण (R): नीमराणा दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे व राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर दिल्ली-NCR के निकट स्थित है, और राज्य सरकार (RIICO) ने जापान के साथ समझौते के तहत इसे समर्पित क्षेत्र के रूप में विकसित किया।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: NCR-निकटता, DMIC/NH-48 संपर्क व RIICO-JETRO समझौते (2006) से समर्पित 'जापानी ज़ोन' – अतः R, A का कारण है; दूसरा जापानी ज़ोन – घिलोठ। प्रमुख इकाइयाँ – ऑटोमोबाइल/ऑटो-कलपुर्ज़े, इलेक्ट्रॉनिक्स। RIICO (राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम, 1969 में स्थापित) – औद्योगिक क्षेत्रों का विकास। भिवाड़ी – राज्य का प्रमुख औद्योगिक नगर (NCR का भाग)। कोटपूतली-बहरोड़ – 2023 में गठित नए जिलों में। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • दूसरा जापानी निवेश ज़ोन? – घिलोठ • जापानी ज़ोन हेतु समझौता? – RIICO-JETRO • नीमराणा का वर्तमान जिला? – कोटपूतली-बहरोड़
25. प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं (सूची-I) को उनके वर्तमान जिलों (सूची-II) से सुमेलित कीजिए:
सूची-Iसूची-II
(अ)भड़ला सोलर पार्क(1)बाँसवाड़ा
(ब)HPCL राजस्थान रिफ़ाइनरी (पचपदरा)(2)बालोतरा
(स)माही-बाँसवाड़ा परमाणु परियोजना(3)फलौदी
(द)रावतभाटा परमाणु विद्युत गृह (RAPP)(4)चित्तौड़गढ़
✅ सही उत्तर: (B) 📌 विश्लेषण: सही सुमेल: भड़ला – फलौदी; HRRL – बालोतरा; माही परमाणु – बाँसवाड़ा; RAPP – चित्तौड़गढ़। 📘 विस्तार से समझें: 2023 के जिला पुनर्गठन के बाद – भड़ला (पूर्व जोधपुर) अब फलौदी में; पचपदरा (पूर्व बाड़मेर) अब बालोतरा में। भड़ला – ~2,245 MW; HRRL – 9 MMTPA, ₹79,459 करोड़, वाणिज्यिक संचालन 22 जून 2026; माही-बाँसवाड़ा – 4×700 MW PHWR (अश्विनी: NPCIL 51%, NTPC 49%), शिलान्यास 25 सितंबर 2025; RAPP – देश का दूसरा परमाणु बिजलीघर (प्रथम इकाई 1973), RAPP-7 (700 MW) 2025 में वाणिज्यिक। ऊर्जा-मिश्रण – दिसंबर 2025 में स्थापित क्षमता 31,556 MW, पवन-सौर ~45%। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • भड़ला पूर्व में किस जिले में? – जोधपुर • पचपदरा पूर्व में किस जिले में? – बाड़मेर • RAPP की प्रथम इकाई? – 1973
26. गंग नहर के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: गंग नहर का निर्माण बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह ने कराया और इसका उद्घाटन 1927 में हुआ। कथन II: यह नहर पंजाब के फ़िरोज़पुर के निकट हुसैनीवाला (शिवपुर हेड) से सतलुज नदी से निकलती है और श्रीगंगानगर क्षेत्र को सिंचित करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: दोनों कथन सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: गंग नहर (26 अक्टूबर 1927) – देश की प्राचीनतम नहर-सिंचाई परियोजनाओं में; श्रीगंगानगर को 'राजस्थान का अन्न भंडार' बनाने में प्रमुख भूमिका (गेहूँ, कपास, सरसों, किन्नू)। आधुनिकीकरण – मुख्यमंत्री के अनुसार गंगनहर प्रणाली हेतु ₹1,717 करोड़; इंदिरा गांधी नहर विकास ₹4,731 करोड़। अन्य नहरें – भाखड़ा नहर (हनुमानगढ़), इंदिरा गांधी नहर (हरिके बैराज), सिद्धमुख-नोहर (हनुमानगढ़-चूरू)। चुनौतियाँ – जल-भराव, लवणता, नहरों की लाइनिंग की जर्जरता। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • गंग नहर का उद्घाटन? – 26 अक्टूबर 1927 • 'राजस्थान का अन्न भंडार'? – श्रीगंगानगर • गंगनहर आधुनिकीकरण हेतु राशि (दावा)? – ₹1,717 करोड़
27. राज्य बजट 2026-27 में निम्नलिखित में से कितनी अवसंरचना/विकास घोषणाएँ सम्मिलित हैं? 1. 250 अटल प्रगति पथ (₹500 करोड़) 2. बीकानेर व जैसलमेर में 4,830 MW के सोलर पार्क 3. RAJ-SETU नगरीय अवसंरचना कोष 4. खुड़ी (जैसलमेर) विशेष पर्यटन क्षेत्र 5. भरतपुर में ब्रज कन्वेंशन सेंटर उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (D) 📌 विश्लेषण: सभी पाँचों सम्मिलित हैं। 📘 विस्तार से समझें: बजट 2026-27 (11 फरवरी 2026) – 'दस स्तंभ'; प्रमुख अवसंरचना: ऊर्जा ₹42,752 करोड़; नगरीय विकास ₹20,184 करोड़ (+58%); परिवहन ₹16,639 करोड़; ग्रामीण विकास ₹32,948 करोड़; 8 नवसृजित जिलों में मिनी सचिवालय, 94 नई पंचायत समितियों के भवन, 3,467 ग्राम पंचायतों में आधारभूत कार्य (₹3,000 करोड़)। अटल प्रगति पथ – गाँवों/कस्बों में मुख्य मार्गों का सीमेंट-कंक्रीट उन्नयन। पर्यटन – शेखावाटी हवेलियाँ (₹200 करोड़), थार सांस्कृतिक सर्किट। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • बजट 2026-27 में परिवहन आवंटन? – ₹16,639 करोड़ • नई पंचायत समितियों के भवन? – 94 • अटल प्रगति पथ की संख्या? – 250
28. अभिकथन (A): जयपुर मेट्रो का चरण-1B (चाँदपोल-बड़ी चौपड़) भूमिगत बनाया गया। कारण (R): यह खंड जयपुर के विश्व धरोहर परकोटा शहर से गुज़रता है, जहाँ ऊपरी (elevated) निर्माण से विरासत-संरचनाओं व दृश्य-सौंदर्य को क्षति पहुँचती।
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। 📘 विस्तार से समझें: विरासत-संरक्षण ही भूमिगत विकल्प का कारण – R, A की व्याख्या है। चरण-1B (2.4 किमी, 2020) – छोटी चौपड़ व बड़ी चौपड़ स्टेशन; स्टेशनों पर विरासत-अनुरूप वास्तुकला। जयपुर परकोटा शहर – यूनेस्को विश्व धरोहर (2019, बाकू)। चरण-1A (मानसरोवर-चाँदपोल, 9.6 किमी, 3 जून 2015) – मुख्यतः एलिवेटेड। प्रस्तावित चरण-2 – उत्तर-दक्षिण गलियारा। नगरीय परिवहन से भीड़-प्रदूषण में कमी; विज़न 2047 में सार्वजनिक परिवहन विस्तार। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • चरण-1B की लंबाई? – 2.4 किमी • जयपुर परकोटा विश्व धरोहर? – 2019 • चरण-1B के स्टेशन? – छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़
29. राजस्थान में सोलर पार्कों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केंद्र की 'सोलर पार्क एवं अल्ट्रा मेगा सौर ऊर्जा परियोजना विकास योजना' (दिसंबर 2014) के अंतर्गत राज्य में कई सोलर पार्क विकसित हुए। 2. भड़ला सोलर पार्क एक ही चरण में केवल राज्य सरकार द्वारा विकसित किया गया। 3. नोख व फ़तेहगढ़ (जैसलमेर) तथा पूगल (बीकानेर) राज्य के अन्य प्रमुख सोलर पार्क स्थल हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
✅ सही उत्तर: (C) 📌 विश्लेषण: केवल कथन 1 और 3 सही हैं। 📘 विस्तार से समझें: कथन 2 गलत – भड़ला चार चरणों में विकसित: राज्य (RRECL/RSDCL), राज्य-निजी संयुक्त उपक्रम (IL&FS तथा अदाणी के साथ अलग-अलग) तथा केंद्र की सोलर पार्क योजना के अंतर्गत। सोलर पार्क की अवधारणा – विकासकर्ताओं को भूमि, पारेषण, जल, सड़क की 'प्लग-एंड-प्ले' सुविधा। बजट 2026-27 – बीकानेर व जैसलमेर में 4,830 MW नए सोलर पार्क; एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 – 2030 तक 90 GW सौर लक्ष्य। चुनौती – पारेषण क्षमता, गोडावण आवास। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • सोलर पार्क योजना का वर्ष? – दिसंबर 2014 • भड़ला कितने चरणों में? – 4 • ICEP 2024 का सौर लक्ष्य? – 90 GW (2030)
30. राज्य जल योजना 2047 (जुलाई 2026) की प्रस्तावित परियोजनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन I: इसमें नर्मदा जल को रानीवाड़ा-भीनमाल तक ले जाने और ब्राह्मणी नदी के जल को बीसलपुर बाँध तक मोड़ने के प्रस्ताव सम्मिलित हैं। कथन II: इसमें इंदिरा गांधी नहर को बंद कर उसके स्थान पर केवल भू-जल आधारित आपूर्ति का प्रस्ताव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✅ सही उत्तर: (A) 📌 विश्लेषण: केवल कथन I सही है। 📘 विस्तार से समझें: कथन II गलत – योजना में इंदिरा गांधी नहर के सुदृढ़ीकरण की बात है, बंद करने की नहीं। अन्य घटक – रामजल सेतु (17 जिले), यमुना जल (1,917 क्यूसेक, 295 किमी पाइपलाइन, शेखावाटी), देवास III-IV (₹1,691 करोड़, उदयपुर), AMRUT 2.0 में 178 नगरीय निकायों हेतु ₹5,100 करोड़, JJM में 15 लाख+ ग्रामीण कनेक्शन, अटल भूजल में ₹485 करोड़ के कार्य। रानीवाड़ा-भीनमाल (जालौर/सांचौर क्षेत्र) – फ़्लोराइड व खारे भू-जल की समस्या। 🎯 इस प्रश्न से बनने वाले अन्य प्रश्न: • योजना का अनावरण मंच? – राजस्थान जल सम्मेलन • देवास III-IV की लागत? – ₹1,691 करोड़ • AMRUT 2.0 में शामिल नगरीय निकाय? – 178